पिछले 2018 से एक विकास योजना वाधित,गैंग्स ऑफ वासेपुर की दहशत से नही खड़े हो रहे कोई संवेदक,

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दबंग और खून खराबा से विकास कार्य किस तरह प्रभावित होता है इसका उदाहरण है- मटकुरिया-आरा मोड़ वाया वासेपुर अंडरपास एवं फ्लाईओवर ब्रिज जिसकी कई वर्षों से टेंडर निकली,राशि भी स्वीकृत हुए लेकिन वासेपुर के गैंग्स की टकराहट और भय से यह योजना शुरू नही हो पाई।इस बार फिर टेंडर निकली और कुछ उम्मीदें बढ़ी है।

विदित हो कि 2018 में रघुवर सरकार ने मटकुरिया फ्लाईओवर की मंजूरी दी थी। उस समय इसका बजट 200 करोड़ रुपये था। बाद में हेमंत सरकार ने बजट में कटौती कर दी। 127 करोड़ रुपये में फ्लाईओवर बनाने की लागत स्वीकृत हुई।

विदित हो कि इस योजना में डीएमएफटी फंड की राशि खर्च होनी है। 2019 से लेकर अभी तक छह बार टेंडर निकाला जा चुका है। कभी एक एजेंसी ने भाग लिया तो कभी एक ने निविदा नहीं डाली। पांच वर्षों से टेंडर-टेंडर के इस खेल में फ्लाईओवर निर्माण की राशि 27 करोड़ रुपये बढ़ गई है। स्टेट हाइवे अथारिटी आफ झारखंड (साज) ने गुरुवार को एक वर्ष के अंदर तीसरी बार टेंडर निकाला।

154.51 करोड़ की लागत से 3.25 किमी फ्लाईओवर एवं अंडरपास का निर्माण होना है। 15 मार्च तक आनलाइन निविदा जमा होगी। इससे पहले पिछले वर्ष जुलाई और अक्टूबर में टेंडर निकला था। एक भी एजेंसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस वर्ष जनवरी माह में टेंडर निकला तो सिर्फ एक एजेंसी शामिल हुई। एक ही एजेंसी के टेंडर स्वीकृत होने की तकनीकी अड़चन का जिक्र करते हुए तीसरी बार टेंडर निकला। इस बार भी यदि एक ही एजेंसी निविदा में शामिल हुई तो सरकार अपने नियम के मुताबिक चाहे तो सिंगल एजेंसी को काम दे सकती है।

1.16 किमी लंबा होगा आरओबी

मटकुरिया जैन मंदिर के पास से नई सड़क बनेगी। सड़क में धनबाद-गया रेलखंड पर 1.16 किमी लंबा आरओबी यानी रेल ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। धनबाद चंद्रपुरा रेल लाइन के नीचे एक आरयूबी यानि अंडरपास बनेगा और इससे सड़क आरा मोड़ तक जाएगी। आरा मोड़ से बिनोद बिहारी चौक तक आठ लेन सड़क में इसे मिलाया जाएगा।

2019 में तीन बार टेंडर निकाला गया, लेकिन इसमें एक भी एजेंसी शामिल नहीं हुई। वासेपुर का नाम आने के कारण किसी एजेंसी या कंपनी ने भाग नहीं लिया। दरअसल, गैंग्स आफ वासेपुर का खौफ ऐसा है कि काम की इच्छुक एजेंसियों की हिम्मत नहीं हो रही है। उनको डर है कि इस काम को हाथ में लेने पर रंगदारी तो देनी ही होगी, यहां रह रहे लोगों को हटवाने में भी लोहे के चने चबाने होंगे इसलिए समय पर काम पूरा कराना भी चुनौती होगी। 220 परिवारों का पुनर्वास भी किया जाना है।

 फ्लाईओवर के बन जाने से बैंक मोड़ और आसपास के ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

 मटकुरिया फ्लाईओवर बनने से शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी।

 कोलियरी क्षेत्र से निकलने वाले वाहन इसी रास्ते से होकर सीधे जीटी रोड पर जाएंगे।

 शहर में ट्रकों का प्रवेश नहीं होगा, जाम, दुर्घटना एवं प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।

 मटकुरिया फ्लाईओवर बनने से बैंक मोड़ फ्लाईओवर पर बोझ घटेगा।

 बाेकारो-चंदनकियारी-कुसुंडा से निकलने वाले मालवाहक ट्रक मटकुरिया फ्लाईओवर होते हुए सीधे आठ लेन सड़क पर मिल जाएंगे।

 रांची बोकारो से आने वाले लोग जिन्हें धनबाद शहर नहीं जाना, वो सीधे फ्लाईओवर के रास्ते शहर से बाहर आठ लेन पर निकल सकेंगे।

रामगढ के बरकाकाना क्षेत्र में नक्सली संघटन द्वारा आजसू नेता को गोली मारकर कर दी गयी हत्या


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रामगढ़: बुधवार देर शाम बरकाकाना क्षेत्र के लोवाडीह में

आजसू नेता मनोज मुंडा की गोली मार कर हत्या कर दी गई। तीन अज्ञात लोगों ने आजसू नेता मनोज मुंडा के सिर पर तीन गोली मार दी जिससे उनकी तत्काल मौत हो गई।उस हत्याकांड के पीछे नक्सली हाथ होने और लिवु वसूलने के मामला सामने आ रहा है।

जानकारी के अनुसार मनोज मुंडा झांझीटाड़ में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में मुर्गा लड़ाई देखने गए थे। वहां से जब वे अपने गांव के लोगों के साथ बैठक कर पकौड़ी खा रहे थे। तभी तीन युवक वहां आए और मनोज मुंडा के बारे में पूछ ताछ करने लगे।

वहां मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि वे नहीं आए है। तभी एक युवक ने मनोज मुंडा को पहचान लिया और कॉलर पकड़ कर किनारे ले गया।इस दौरान ग्रामीणों द्वारा विरोध करने पर एक युवक ने पिस्टल दिखा कर ग्रामीण को धमकाया जिसके कारण वे डर गए।

कुछ देर के बाद तीन गोली चलने की आवाज आई। कोई डर से कोई सामने नहीं जा रहा था। हमलावर जिंदाबाद का नारा लगाकर जंगल की ओर निकल गए। इसके बाद ग्रामीण लहुलुहान मनोज मुंडा को उठा कर रिम्स ले गए। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पतरातू एसडीपीओ डॉ वीरेंद्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में पुलिस दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

नक्सली दे रहा था धमकी

बताया जा रहा है कि आजसू नेता मनोज मुंडा चिट्टो गांव में अभिषेक पोद्दार के स्टोन माइंस का सारा काम देखते थे। उग्रवादी संगठन लगातार लेवी के लिए मनोज मुंडा को धमकी दे रहा था। उनकी पत्नी मालती देवी ने बताया कि 29 दिसंबर को चाची के अंतिम संस्कार के दिन चार लोगों ने पति मनोज मुंडा को स्टोन माइंस से लेवी दिलवाने का दबाव बनाते हुए धमकी दी। वहीं आनाकानी करने पर जान से मारने की बात भी कही।

मालती देवी ने कहा कि धमकी दे रहे लोगों ने उन्हें जाने को कहा, मगर मैं पति के साथ ही खड़ी कि रही। वो लोग लोवाडीह जंगल में मिटिंग में आने की बात कह कर चले गए। इसकी सूचना हमलोगों ने भदानीनगर थाना को दी।

पुलिस ने कहा कि जंगल में मिटिंग का दिन फाइनल होने पर सूचना देना। मगर मीटिंग के लिए बुलावा नहीं आया। बता दें कि मृतक मनोज मुंडा उग्रवादी संगठन जेपीसी से संबंध रखने के मामले में 2017 में जेल गया था। 2016 की घटना में अनुसंधान के क्रम में मनोज मुंडा का नाम आया था। वहीं जानकारी के अनुसार बासल थाना क्षेत्र में भी एक मामले में नामजद था।

इस क्षेत्र में नक्सली गतिविधिनसे है दहशत

भदानीनगर और बरकाकाना क्षेत्र में उग्रवादी संगठन से जुड़े लोगों की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। इधर अक्सर अनजान लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ग्रामीण पिछले 6 महीने से ऐसा महसूस कर रहे हैं। मगर इस घटना ने सारी अटकलों को सही साबित कर दिया है।

झारखंड में 22 CDPO की हुई ट्रांसफर-पोस्टिंग, एक ही जगह भेजे गए दो-दो पदाधिकारी

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रांची : झारखंड सरकार के 22 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की गई है। इसके तहत धनबाद सदर के cdpo आराधना को रांची सदर cdpo बनाया गया है। वही पाकुड़ जिले में दो-दो पदाधिकारियों की पोस्टिंग की गई है।

इस ट्रांसफर पोस्टिंग के संबंध में समाज कल्याण महिला एवं बाल विकास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

जारी अधिसूचना के मुताबिक जामताड़ा जिले के नाला की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सविता कुमारी का ट्रांसफर पाकुड़ जिला किया गया है। वही देवघर के पालाजोरी की सीडीपीओ कुमारी ऋतु का भी ट्रांसफर पाकुड़ जिला में किया गया है। हालांकि, इन लोगों को यह नहीं बताया गया है कि पाकुड़ के किस प्रखंड में इनका ट्रांसफर किया गया है।

इसके अलावा अनुपमा मिंज को घाघरा से गुमला ट्रांसफर किया गया है। वहीं, सविता कुमारी को किस्को से लोहरदगा, नंदी रानी को बंदगांव और लोहरदगा, शीला कुमारी को खूंटपानी से पलामू, सुशाना केरकेट्टा को पालकोट से गिरिडीह ट्रांसफर किया गया है।

इसके साथ ही लक्ष्मी भारती को चैनपुर से गढ़वा सदर, रीना साहू को नगरउंटारी से चतरा, अर्चना एक्का को कटकमसांडी हजारीबाग से गोडा ग्रामीण और राजकिशोरी खलखो को चास शहरी,बोकारो से डुमरी, गिरिडीह ट्रांसफर किया गया है।

जबकि , माया रानी को राजधनवार, गिरिडीह धालभूमगढ़ से पूर्वी सिंहभूम, भारती को गोड्डा ग्रामीण से जामताड़ा सदर, सोनिया मंजूल को देवीपुर, देवघर से लोहरदगा, कुमारी प्रभावती को देवधर सह जसीडीह को तमाङ रांची में ट्रांसफर किया गया है।

इसके अलावा चित्रा यादव को पाकुड चाईबासा सदर से पश्चिमी सिंहभूम, सविता कुमारी को नाला जामताड़ा से पाकुड़, सुप्रिया शर्मा को हरिहरगंज, पलामू से रागनगर-गोविंदपुर, सरायकेला-खरसावा 2 , पूनम टोप्पो को दुमका ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा विमला देवी को लोहरदगा सदर से बाघमारा धनबाद , आराधना को धनबाद सदर से रांची सदर अर्चना सिन्हा को जामताड़ा सदर से मणिका लातेहार, अर्चना सिंह को सिमडेगा सदर और कुमारी ऋतु को पालाजोरी से ट्रांसफर किया गया है।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सांसद अभय कांत राज्यपाल से मिले

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रांची : आज भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद अभय कांत प्रसाद, राकेश भास्कर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ,रिजवान खान पूर्व चेयरमैन झारखंड राज्य हज समिति ने राज्यपाल श्री रमेश से मुलाकात किया.

झारखंड में राज्यपाल के रूप में उनके द्वारा किए गए कार्य के लिए धन्यवाद दिया एवं महाराष्ट्र राज्य के राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर शुभकामना दिया गया.

भारत निर्वाचन आयोग ने किया एक्जिट पोल से संबंधित अधिसूचना का प्रकाशन

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अधिसूचना का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष तक कारावास और जुर्माना का प्रावधान

रांची: भारत निर्वाचन आयोग ने एक्जिट पोल से संबंधित अधिसूचना का प्रकाशन 6 फरवरी 2023 को कर दिया है। इसके तहत मेघालय, नागालैंड एवं त्रिपुरा विधानसभाओं के साधारण निर्वाचनों एवं घोषित उपचुनाव 2023 के लिये झारखण्ड के 23-रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, अरूणाचल प्रदेश के 01- लुम्ला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, तमिलनाडु के 98-इरोड(पूर्व) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, पश्चिम बंगाल के 60- सागरदीघी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और महाराष्ट्र के 215- कसबा पेठ एवं 205-चिंचवड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हेतु कार्यक्रम की घोषणा की गई है।

अधिसूचना के तहत मतदान के दिन 16 फरवरी सुबह 7 बजे से 27 फरवरी की शाम 7 बजे तक एग्जिट पोल पर प्रतिबंध

अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126क की उप धारा (1)के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए निर्वाचन आयोग उक्त धारा की उप-धारा 2 के उपबंधों के दृष्टिगत मतदान के दिन 16 फरवरी(गुरुवार) सुबह 7 बजे से 27 फरवरी (सोमवार) की शाम 7 बजे के बीच की अवधि में किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल के आयोजन करने तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके परिणाम के प्रकाशन में या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रचार-प्रसार करने पर प्रतिबंध होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित मतदान क्षेत्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय के समाप्त होने वाले 48 घंटों के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा।

इस अधिसूचना में यह निर्दिष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा और किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम का ऐसी अवधि के दौरान जो निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचित किया जाए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति से प्रसार नहीं करेगा।

एक्जिट पोल के लिये तारीख और समय को भी किया गया अधिसूचित

इस अधिसूचना में एक्जिट पोल के लिये तारीख और समय को भी अधिसूचित किया गया है। जिसमें साधारण निर्वाचन की दशा में वह अवधि मतदान के मतदान के लिए नियत समय के आरंभ होने से प्रारंभ हो सकेगी और सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में मतदान समाप्त होने के आधे घंटे तक जारी रह सकेगी, परंतु भिन्न-भिन्न दिनों पर एक साथ कराए जाने वाले अनेक उप निर्वाचनों की दशा में वह अवधि मतदान के पहले दिन को मतदान के लिए नियत समय के आरंभ होने से प्रारंभ हो सकेगी और अंतिम मतदान समाप्त होने के पश्चात आधे घंटे तक जारी रह सकगी

अधिसूचना में इसके उल्लघंन के मामले में सजा के प्रावधानों का उल्लेख

अधिसूचना में इसके उल्लघंन के मामले में सजा के प्रावधानों का उल्लेख करते हुये कहा गया है कि ऐसा कोई व्यक्ति जो इस धारा के उपबंधों का उल्लंघन करेगा, उसे 2 वर्ष तक की सजा होगी या जुर्माना लगेगा या दोनों से दंडनीय होगा।

रांची:हेमंत सरकार राज्य के विधि व्यवस्था के सवालों को भी वोट बैंक,तुष्टिकरण के चश्मे से देखती है:- बाबूलाल मरांडी

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रांची: राज्य सरकार वोट बैंक की खातिर जानबूझकर राज्य को सांप्रदायिक दंगे की तरफ धकेलने का काम कर रही है। विधि व्यवस्था के सवालों को भी वोट बैंक तथा तुष्टिकरण के चश्मे से देखती है हेमन्त सरकार।ये बातें आज भाजपा विधायक दल के नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने प्रदेश कार्यालय में प्रेस को सम्बोधित करते हुए कही।

मरांडी ने पलामू में दो समुदाय के बीच घटित हिंसात्मक घटना पर बोलते हुए कहा कि पलामू की पांकी में जो घटना घटी है वह बहुत ही शर्मनाक और दर्दनाक है।

उन्होंने हेमन्त सोरेन पर उन्माद को बढ़ावा देने तुष्टिकरण नीति को अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पलामू का मामला सामान्य था। शिवरात्रि के मौके पर हमेशा हिन्दू समाज के श्रद्धालु शिव बारात निकालते है ,उसी निमित रास्ते मे तोरण द्वार लगाया जाता है शिव बारातियों की स्वागत करने के लिए।

पांकी में भी श्रद्धालु तोरण द्वार लगाने का काम कर रहे थे। लेकिन अचानक एक समुदाय के लोगों ने उसका विरोध किया और तोरण द्वार लगाने नही दिया। यह घटना अचानक घटित नही हुई है बल्कि सिलसिलेवार और सुनियोजित तरीके से इस तरह की साम्प्रदायिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

सरकार साम्प्रदायिक घटनाओं में शामिल असामाजिक तत्वों को संरक्षण देती है। जो इस राज्य की विकास के लिए उचित नही है यह अनुचित है।राज्य ऐसे में अंधेरे गली में भटक जाएगा।

उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि कोरोना काल के समय तुष्टिकरण नीति के कारण संप्रदाय विशेष के लोगों को जिसमे अधिकांश बंगलादेशी देशी थे,प्रशासन पर दबाव बनाकर राज्य सरकार के मंत्री ने बसों में भरकर संथाल परगना के विभिन्न जिलों में भेजा।

कोरोना काल में राजधानी के खास मुहल्ले में कोरोना वोलेंटियर्स ,वारियर्स पर हमले हुए। लोहरदगा में सीएए समर्थन की रैली में पथराव,तोड़फोड़,आगजनी,हिंसा, दुकानों में लूट की घटना को अंजाम दिया गया।

यह सरकार एक विशेष धर्म के लोगों को खुश करने हेतु दुर्गा पूजा में देवी दुर्गा की प्रतिमा को छोटा करने का आदेश तक जारी कर दी थी।विधानसभा में नमाज कक्ष का आवंटन किया जाना। उर्दू विद्यालय घोषित करना तथा विद्यालय प्रार्थना की पद्धति को बदलना। ये सारी घटनाएं एक सुनियोजित तरीके से की जा रही है। उन्होंने देवघर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि देवघर में अनावश्यक तनाव पैदा किया जा रहा है। जानबूझकर सरकार सांप्रदायिक तनाव पैदा करने में लगी है। महाशिवरात्रि पर धारा 144 की बात बेतुकी है। सरकार पूरे राज्य को साम्प्रदायिक दंगे में धकेलने का काम कर रही है।

मरांडी ने कहा कि आज एक समुदाय के लोगों के द्वारा दलितों और आदिवासियों की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। जामताड़ा में दलित की जमीन पर कब्जा किया गया। पलामू में मदरसा की जमीन के नाम पर दलित परिवारों को उजाड़ा गया आज भी वे दलित परिवार थाना परिसर में रहने को बाध्य है।

उन्होंने कहा कि जब से हेमन्त सोरेन की सरकार राज्य में बनी है तब से अपराधियों के मनोबल में वृद्धि हुई है। संथाल के अमर शहीद सिदो कान्हो के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्या,सिमडेगा में संजू प्रधान की हत्या, हजारीबाग के युवक रूपेश पांडे की हत्या।दुमका में अंकिता की पेट्रोल से जलाकर हत्या। रुबिका पहाड़िया की टुकड़ों टुकड़ों में काटकर चमड़ी उधेड़ दी गई। लेकिन सरकार मौन है । दोषियों के खिलाफ कोई संतोषजनक करवाई नही की जा रही है। ऐसा लगता है जैसे सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।रांची के मेन रोड हिंसा की जांच पर टालमटोल,न्यायालय के आदेश की भी अवमानना किया जा रहा है इस राज्य में।

मरांडी ने अपने कार्यकाल की चर्चा करते हुए कहा कि मेरे समय मे साम्प्रदायिक सौहार्द बनाने की हर सम्भव कोशिश की गई थी।किसी भी समुदाय को विधि विरुद्ध कार्य की अनुमति नही थी।

आज की प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक एवं सह प्रभारी तारिक इमरान मौजूद रहे।

'हेमंत सोरेन बहुत अच्छे नेता लेकिन, राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं'

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रांची: झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल रहेगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बहुत अच्छे नेता हैं लेकिन राज्य में बड़े स्तर पर विकास कार्य नहीं हुए तथा वह राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति में आवश्यक सुधार नहीं करवा सके.

बैस ने महाराष्ट्र में राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने से पूर्व यहां संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही.

रामगढ़ उपचुनाव:यूपीए गठबंधन के नेताओ के साथ सीएम हेमंत सोरेन ने की बैठक,गठबंधन के प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने को लेकर आला नेता लगाएंगे जोर

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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने को लेकर यूपीए के आला नेताओं की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी बजरंग महतो की की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक बेहतर रणनीति बनाई गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यूपीए के आला नेताओं से रामगढ़ उपचुनाव के सियासी समीकरण के मद्देनजर बिंदुवार चर्चा की तथा पूरी ऊर्जा के साथ चुनावी मैदान में उतरने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गठबंधन के सभी नेताओं को एकजुटता दिखाते हुए एक बार फिर रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में जीत का परचम लहराने का मंत्र दिया।

मौके पर गठबंधन के प्रत्याशी बजरंग महतो ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रचार-प्रसार से लेकर अन्य मुख्य बिंदुओं चर्चा की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में उपस्थित यूपीए के सभी आला नेताओं तथा रामगढ़ विधानसभा के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे कार्यकर्ताओं से कहा कि वे रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव में विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहें। सभी कार्यकर्ता एकजुट रहे तथा बूथ स्तर तक गठबंधन के प्रत्याशी की जीत के लिए अपना दमखम लगाएं।

इस अवसर पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री बादल पत्रलेख, झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सह राज्य समन्वय समिति के सदस्य विनोद पांडेय, फागु बेसरा, पूर्व विधायक योगेंद्र महतो, सुप्रियो भट्टाचार्य, अभिषेक प्रसाद "पिंटू", संजीव बेदिया, कांग्रेस नेता शहजादा अनवर, केशव महतो कमलेश, राजद के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, झा.मु.मो. के रामगढ़ जिलाध्यक्ष विनोद किस्कू, जिला सचिव विनोद महतो सहित पार्टी के अन्य नेता तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राँची:ट्यूशन फीस कम कराने के नाम पर 5.47 लाख रुपए की ठगी का मामला आया सामने ।


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राँची:- ट्यूशन फीस कम कराने के नाम पर 5.47 लाख रुपए की ठगी का मामला आया सामने। इस संबंध में कडरू निवासी गजेंद्र कुमार सिंह ने अरगोड़ा थाने में ठगी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। 

दर्ज प्राथमिकी में बताया है कि जमशेदपुर निवासी राहुल कुमार सिंह ने उन्हें कहा कि वह उनके बेटे का ट्यूशन फीस बंगलुरू के कॉलेज में कम करा देगा। इसके नाम पर उनसे 5.47 लाख रुपए लिए। 

कॉलेज का फीस सालाना छह लाख रुपए था। जिसे उसने कहा था कि उसे कम करवा सालाना 2.80 लाख रुपए करवा देगा। लेकिन उसने पैसे लेकर फीस कम नहीं करवाए। 

बाद में उन्हें पता चला की ना ही उनके बेटे की फीस उसने कम कराई व ना ही उसने फीस जमा किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह केस करने जा रहे है। तब राहुल ने कहा कि वह पैसे वापस कर देगा। लेकिन आज तक उसने पैसे वापस नहीं किए। अब उसने उनका फोन भी उठाना बंद कर दिया है।

सीएम हेमंत सोरेन से मिले नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह,पुलिस हाउसिंग के एमडी और एसीबी डीजी के रूप में थे कार्यरत

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रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)अजय कुमार सिंह ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी।

आइपीएस नीरज सिन्हा के डीजीपी पद से रिटायर होने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि झारखंड का नया डीजीपी कौन होगा?यूपीएससी ने तीन नाम झारखंड सरकार को भेजे नीरज सिन्हा के बाद डीजीपी बनाने के लिए भेजे थे।

इन तीन नाम में सीबीआई में प्रतिनियुक्त 1989 बैच के ही आईपीएस अजय भटनागर, पुलिस हाउसिंग के एमडी सह डीजी एसीबी अजय कुमार सिंह और 1990 बैच के आईपीएस रेल एडीजी अनिल पालटा थे। वरीयता के आधार पर भेजे गए इन तीनों नामों में से किसी एक को डीजीपी बनाया जाना था। अजय कुमार राज्य में एडीजी रैंक में सीआईडी, स्पेशल ब्रांच, रेल में सेवाएं दे चुके हैं। आज गृह विभाग ने इनके नाम पर मुहर लगा दी है।