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Jun 14 2022, 15:29

सीबीआई ने कोयला घोटाले में अभिषेक की पत्नी से पूछताछ की

कोलकाता: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित कोयले के अवैध खनन घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजीरा नरूला बनर्जी से दक्षिण कोलकाता स्थित उनके आवास पर मंगलवार की सुबह पूछताछ की. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी . एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक महिला समेत सीबीआई के आठ सदस्यों की टीम सुबह करीब साढ़े 11 बजे बनर्जी के हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास ‘शांतिनिकेतन' पहुंची. यह दूसरा मौका है जब केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में रूजीरा से पूछताछ की है.

सीबीआई ने राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले पिछले साल फरवरी में उनसे पूछताछ की थी. उस दिन सीबीआई की टीम के पहुंचने से कुछ क्षण पहले ही, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक के आवास पर गई थी. सीबीआई के अधिकारी ने कहा, “हम श्रीमती (रूजीरा) बनर्जी के जवाबों से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए हम उनसे दोबारा पूछताछ कर रहे हैं.” सीबीआई ने रुजीरा नरूला बनर्जी की बहन मोनिका गंभीर, उनके पति और ससुर से भी पूछताछ की थी.

आरोप है कि आसनसोल के निकट कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाके में ईस्टर्न कोलफील्ड्स की पट्टों पर दी गई खदानों में कोयले का अवैध खनन किया गया. सीबीआई के अनुसार, जांच में 1,300 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का संकेत मिला है, जिनमें से अधिकांश पैसा कई प्रभावशाली लोगों के पास गया. जांच में पता चला कि हवाला के जरिए इन प्रभावशाली लोगों के विदेशी बैंक खातों में पैसा जमा कराया गया था.


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Jun 14 2022, 15:27

राज्यों को जीएसटी मुआवजा अगले 3-5 वर्षों के लिए बढ़ाया जाए: अमित मित्रा

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अमित मित्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर उनसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के साथ राज्यों को मिलने वाले मुआवजे को इस महीने के बाद अगले 3-5 साल के लिए जारी रखने का आग्रह किया है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के वित्त विभाग के प्रमुख मुख्य सलाहकार मित्रा ने कहा कि क्षतिपूर्ति व्यवस्था के विस्तार से राज्यों को बड़ी राहत मिलेगी. मित्रा ने सोमवार को दो पन्नों के पत्र में लिखा, ‘‘यह निराशाजनक और अशुभ संकेतों वाला है कि केंद्र ने जुलाई 2022 से राज्यों के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे को वापस लेने का फैसला किया है.

यदि ऐसा फैसला किया जाता है, तो यह जीएसटी को अपनाने की भावना के विपरीत है.'' उन्होंने कहा कि सभी राज्यों, सभी राजनीतिक दलों ने जीएसटी को इस शर्त पर अपनाने का फैसला किया था, कि केंद्र उन्हें पांच साल के लिए राजस्व नुकसान की भरपाई करेगा.

मित्रा ने आगे कहा कि लेकिन 2016 में जब उक्त निर्णय लिया गया था, तो किसी ने नहीं सोचा था कि दुनिया कोविड महामारी की चपेट में आ जाएगी और अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व तनाव में होगी.


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Jun 14 2022, 15:25

विधेयक पास कराने की वोटिंग में हुई त्रूटि,विधानसभा अध्यक्ष ने किया स्वीकार, दिये विभागीय जांच के आदेश

– मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने के लिए सोमवार को विधानसभा में पारित हुआ था विधेयक

कोलकाता. राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने के लिए सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में बिल पारित हुआ था, लेकिन उसके समर्थन व विरोध में पड़े वोट में त्रुटि पाई गई है. स्पीकर बिमान बनर्जी ने इसकी जांच का आदेश दिया है. पहले कहा गया था कि इस बिल के समर्थन में 182 व विरोध में 40 वोट पड़े हैं जबकि बाद में देखा गया कि इसके समर्थन में 167 जबकि विरोध में 55 वोट पड़े हैं.

भाजपा की तरफ से दावा किया गया था कि विधानसभा में मौजूद उसके सभी 55 सदस्यों ने बिल के खिलाफ वोट दिया है, फिर विरोध में 40 वोट कैसे पड़े? दूसरी तरफ तृणमूल की ओर से कहा गया था कि सदन में उसके 182 सदस्य मौजूद थे और सभी ने बिल के समर्थन में वोट किया. रात को जब फिर से इसकी जांच की गई तो पाया गया कि बिल के समर्थन में 167 जबकि विरोध में 55 वोट पड़े. अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सदन में तृणमूल के 182 सदस्य मौजूद थे तो उसके 15 विधायकों के वोट कहां गए? स्पीकर ने इस मामले की जांच का आदेश दिया है.

गौरतलब है कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ को हटाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य संचालित 31 विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति बनाने का बिल भाजपा के भारी विरोध के बावजूद सोमवार को पारित हुआ था. राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) बिल-2022 को सदन में पेश करने के बाद कहा था कि मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाने में ‘कुछ भी गलत नहीं’है.

उन्होंने सवाल किया था कि यदि केंद्रीय विश्वविद्यालय विश्वभारती के कुलाधिपति प्रधानमंत्री हैं तो मुख्यमंत्री राज्य के विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति क्यों नहीं हो सकती? उन्होंने गुजरात का भी उदाहरण पेश किया था कि वहां भी जब नरेन्द्र मोदी सीएम थे तो उन्होंने भी राज्यपाल को कुलाधिपति के पद से हटाने की तैयारी की थी. बसु ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यपाल, मौजूदा कुलाधिपति हैं, जिन्होंने कई मौकों पर प्रोटोकाल का उल्लंघन किया है.


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Jun 13 2022, 17:34

'भीषण गर्मी' के कारण 26 जून तक बढ़ी सरकारी स्कूलों की छुट्टियां

कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य द्वारा संचालित और राज्य द्वारा सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां और 10 दिन के लिए बढ़ा दी है. ‘‘भीषण गर्मी'' के कारण अब सरकारी स्कूलों में छुट्टियां 26 जून तक रहेगी. राज्य के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मनीष जैन ने सोमवार को एक अधिसूचना में कहा कि छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. राज्य सरकार ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भीषण गर्मी के कारण स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों की घोषणा करने के संबंध में सक्षम प्राधिकार ने गर्मियों की छुट्टियों की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है क्योंकि गर्मी और उमस के कारण कुछ लोंगों की मौत होने के मामले सामने आए हैं.''

यह नोटिस पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड को जारी किया गया है. स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां गर्मी और उमस के कारण अप्रैल मध्य से शुरू है. गौरतलब है कि इसके पहले 15 जून को ही स्कूलों को खोल दिया जाना था. लेकिन रविवार को उत्तर 24 परगना के पानीहाटी में आयोजित दही चूड़ा मेले में भीषण गर्मी की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्कूलों के खुलने पर छात्रों की सेहत को लेकर चिंता जाहिर करते हुए शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु से बात की थी. उन्होंने इस पर आवश्यक कदम उठाने की बात कही थी. जिसके बाद सोमवार को गर्मी की छुट्टियां बढ़ाये जाने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है.

वहीं, सरकार के इस फैसले का शिक्षण संगठनों ने विरोध किया है. इस संबंध में बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि राज्य सरकार ने 26 जून तक छुट्टियां बढ़ा कर सही नहीं किया है. राज्य सरकार को कुछ दिन रूकना चाहिए था. वहीं, 10 दिनों की छुट्टी देने की बजाय इस सप्ताह के अंत तक छुट्टी देनी चाहिए थी. राज्य सरकार के बार-बार इस प्रकार के कदम से लोगों का राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था से विश्वास खत्म होता जा रहा है.


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Jun 13 2022, 17:32

विधानसभा जा रहे शुभेंदु ने हावड़ा में रुक कर कार्यकर्ताओं से की मुलाकात

कोलकाता. सोमवार को राज्य विधानसभा जा रहे नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बीच रास्ते हावड़ा में रुक कर पार्टी कार्यकर्ताओं और जिलाध्यक्षों से मुलाकात की है. सोमवार को राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन के कार्यकाल के दौरान भाजपा विधायकों ने सदन के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया है. इसमें शामिल होने के लिए पूर्व मेदिनीपुर स्थित अपने आवास से शुभेंदु अधिकारी रवाना हुए थे. बीच रास्ते हावड़ा में फ्लाईओवर पर उन्होंने अपनी गाड़ी धीमी की क्योंकि उनकी गाड़ी को देखकर दोनों ओर से भाजपा के कार्यकर्ता झंडा लेकर आ गए थे. गाड़ी रोक कर उन्होंने जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण पाल चौधरी से मुलाकात की और बाकी कार्यकर्ताओं का भी आभार जताया.

उनकी गाड़ी हावड़ा के मानसातला से गुजर रही थी जहां के भाजपा ऑफिस को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आग के हवाले कर दिया है. शुभेंदु ने कहा कि धारा 144 लागू होने का जिक्र कर पुलिस ने भाजपा दफ्तर तक जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं इसलिए विधानसभा जाने के क्रम में फ्लाईओवर पर गाड़ी रोककर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात किया हूं. मैंने उन्हें आश्वस्त किया है कि बहुत जल्द पार्टी ऑफिस में आऊंगा और गंगाजल से ऑफिस का शुद्धिकरण किया जाएगा.

इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी शुभेंदु अधिकारी ने अपने ट्विटर पर डाला है. इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि हम अपने दफ्तरों को मंदिर के समान पवित्र समझते हैं. इसमें मलेच्छों ने प्रवेश कर तोड़फोड़ की है. जल्द ही इसका शुद्धिकरण करने के साथ इसे नए सिरे से बनाया जाएगा.


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Jun 13 2022, 17:31

उत्तरपाड़ा व बादुरिया दुष्कर्म कांड : आवेदनकारी को नये सिरे से हलफनामा जमा देने की अनुमति

कोलकाता. हुगली जिले के उत्तरपाड़ा व उत्तर 24 परगना जिलेे के बादुरिया में हुए दुष्कर्म कांड के मामले के बारे में सोमवार को राज्य के महाधिवक्ता सौमेंद्र नाथ मुखर्जी ने कलकत्ता हाइकोर्ट में बताया कि दोनों ही मामलों की चार्जशीट पुलिस ने जमा कर दी है. वहीं, याचिकाकर्ता की वकील सुष्मिता साहा दत्त व वकील पल्लवी चट्टोपाध्याय ने इसका विरोध किया. उन्होंने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि घटना की पर्याप्त जांच किये बिना ही पुलिस ने चार्जशीट पेश कर दी है.

वहीं, महाधिवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, चार्जशीट जमा होने के बाद या समाचार पत्र के खबर को आधार मान कर नये सिरे से हलफनामा जमा नहीं किया जा सकता. इस पर प्रधान न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव व न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि लेकिन आवेदनकारी को बोलने का अधिकार है.

इसके बाद ही हाइकोर्ट ने आवेदनकारी को अगले सोमवार तक अतिरिक्त हलफनामा जमा करने का निर्देश दिया और 28 जून तक आवेदनकारी के हलफनामा पर बाकी अन्य पक्षों को हलफनामा जमा करने के लिए कहा है. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि सभी पक्षों का हलफनामा मिलने के बाद ही हाइकोर्ट में मामले की सुनवाई होगी.


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Jun 13 2022, 17:29

अलीपुर चिड़ियाघर में पिंजड़े से अचानक बाहर आया चिंपैंजी, नींद की गोली मार उसे काबू में लाया गया

कोलकाता. अलीपुर चिड़ियाघर में एक चिंपैंजी पिंजड़े से अचानक बाहर आ गया. इस घटना से अलीपुर चिड़ियाघर में सोमवार सुबह के समय हड़कंप मच गया. चिंपैंजी के बाहर आते ही तुरंत मेन गेट बंद कर दिया गया. हालांकि कुछ देर नींद की गोली मारकर उसे काबू में लाया गया. अलीपुर चिड़ियाघर के सूत्रों के मुताबिक घटना सुबह 10:23 बजे की है. चिंपैंजी को बूड़ी के नाम से जाना जाता है.

बताया गया है कि सुबह चिड़ियाघर के कर्मचारी उसे खाना देने आए थे. तभी किसी तरह पिंजड़े का गेट खुला रह गया और वह बाहर निकल आया. चिंपैंजी के बाहर आते ही अफरा-तफरी मच गई. फिर वह चिड़ियाघर में घूमने लगा. जिसके बाद मुख्य द्वार को तत्काल बंद कर दिया गया. उसे काबू में लाने के लिए चिड़ियाघर के कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. नींद की गोली मार कर उसे काबू में लाने का प्रयास किया गया. पिंजड़े से निकलने के बाद चिंपैंजी को घूमते हुए, पानी-पीते हुए देखा गया. कुछ देर कोशिश करने के बाद चिंपैंजी को काबू में लाने के बाद उसे पिंजड़े में वापस कर दिया गया.


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Jun 13 2022, 17:26

हिंसा मामले में कलकत्ता अदालत में दो याचिकाएं, एनआईए जांच और सेना की तैनाती की मांग

कोलकाता. पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पश्चिम बंगाल में हिंसक विरोध-प्रदर्शन की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा जांच कराने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना की तैनाती का अनुरोध करने वाली दो याचिकाएं सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में दायर की गईं. मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष दोनों में से एक याचिका पेश की गई, जिसमें हिंसा के राष्ट्रीय अखंडता को प्रभावित करने का दावा करते हुए मामले की एनआईए द्वारा जांच कराने का अनुरोध किया गया है.

दूसरे याचिकाकर्ता ने हिंसा के मद्देनजर सेना की तैनाती का अनुरोध किया है. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी ने याचिका का विरोध किया और दावा किया कि नदिया जिले के बेथुंदाहरी में एक यात्री ट्रेन के क्षतिग्रस्त होने की एक घटना के अलावा, पिछले 36 घंटों में कोई हिंसा नहीं हुई है.

उन्होंने अदालत से कहा कि मामले में 214 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पीठ में न्यायमूर्ति आर. भारद्वाज भी शामिल थे. अदालत ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. इसके बाद उन्होंने सुनवाई को दोपहर ढाई बजे बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.


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Jun 11 2022, 19:52

हावड़ा के बाद मुर्शिदाबाद के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं बंद

कोलकाता. राज्य सरकार ने शनिवार को हावड़ा में हिंसा के बाद भ्रामक सूचना के प्रसार को रोकने के लिए मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को 14 जून तक के लिए निलंबित कर दिया है, जहां पहले से ही इस तरह की पाबंदी लागू है. एक आदेश में कहा गया है कि बेलडांगा पुलिस थाना क्षेत्र के बेलडांगा 1 ब्लॉक व रेजीनगर और शक्तिपुर पुलिस थाना क्षेत्रों को कवर करने वाले बेलडांगा 2 ब्लॉक में इंटरनेट सेवाएं 14 जून को सुबह छह बजे तक निलंबित कर दी गयी हैं.

पूरे हावड़ा जिले में 13 जून तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है और 15 जून तक उलबेड़िया, डोमजूर और पांचला जैसे कई क्षेत्रों में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी गयी है. शनिवार को मुख्य सचिव के नेतृत्व में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया.


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Jun 11 2022, 17:14

हावड़ा हिंसा के पीछे कुछ राजनीतिक दल, सख्त कार्रवाई होगी: ममता बनर्जी

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को दावा किया कि हावड़ा जिले में हुई हिंसक घटनाओं के पीछे कुछ राजनीतिक दलों का हाथ है. उन्होंने राज्य में दंगे भड़काने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया. उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादास्पद टिप्पणी के संदर्भ में भाजपा के दो नेताओं पर कार्रवाई और इस मामले में शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि पार्टी द्वारा किए गए ‘पाप' का खामियाज़ा आम लोगों को क्यों भुगतना चाहिए.

ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘जैसा कि मैंने पहले कहा है पिछले दो दिनों में हावड़ा में हिंसक घटनाओं से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है. इसके पीछे कुछ राजनीतिक दल शामिल हैं जो कि दंगा भड़काना चाहते हैं, लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. भाजपा द्वारा किए गए पाप का खामियाजा आम लोगों को क्यों भुगतना चाहिए.'' गौरतलब है कि भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा और निष्कासित नेता नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को हावड़ा जिले के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.

जिले में हिंसक विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, कई पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. जिले में 13 जून तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है. 15 जून तक उलुबेरिया, डोमजूर और पंचला जैसे कई क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क मार्ग और रेलवे मार्ग को अवरुद्ध करने से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हिंसा के कारण कई स्थानीय और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गईं.