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Nov 24 2021, 15:18

पश्चिम यूपी को विकास के पंख देंगे पीएम मोदी, कल करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन
पश्चिम यूपी को विकास के पंख देंगे पीएम मोदी, कल करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन लखनऊ- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद मिशन 2022 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पक्ष में माहौल बनाने के लिए उतर चुके हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले पीएम मोदी उत्तर प्रदेश में कई मेगा परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं तो वहीं कई प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रख रहे हैं। पूर्वी यूपी में कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण और बुंदेलखंड को विभिन्न उपहार देने के बाद अब पीएम मोदी पश्चिम उत्तर प्रदेश को विकास के पंख देने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 नवंबर को गौतमबुद्ध नगर में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमि पूजन करेंगे। इसे पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है और विकास के लिहाज से भी निर्णायक कहा जा रहा है। यूपी सरकार ने जेवर एयरपोर्ट के भूमि पूजन को भव्य बनाने की तैयारी की है। बड़े स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी एक विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे। योगी सरकार ने दी कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी सहित कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात योगी सरकार ने दी हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बैठक में आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि 30 से 35 वर्ष पूर्व से यहां के लोग एक एयरपोर्ट की मांग कर रहे थे। चीजों को वास्तविक धरातल पर उतारने के लिए जिस इच्छा शक्ति की आवश्यकता थी, उसके अभाव में कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017 में ही तत्काल यह निर्णय लिया कि जेवर क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़े एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक एवं ईमानदार सोच के साथ जब सरकार कार्य करती है तो दमदार परिणाम देखने को मिलते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हापुड़ और एनसीआर में व्यावसायिक एवं औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह एयरपोर्ट विकास के साथ-साथ रोजगार की विभिन्न सम्भावनाओं को लेकर आगे बढ़ रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण में 35 हजार करोड़ की लागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम फेज में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश सम्भावित है। एयरपोर्ट के निर्माण में लगभग 34 से 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और एक लाख से अधिक लोगों को नौकरी एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही, अन्य ढेर सारी संभावनाएं भी यहां पर विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट एक ज्वाइंट वेंचर है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना प्राधिकरण के साथ राज्य सरकार एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सीएम योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह एयरपोर्ट वर्ष 2024 तक शुरू हो जाएगा। यह एयरपोर्ट भारत का पहला प्रदूषण मुक्त एयरपोर्ट होगा। साथ ही, यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी होगा। इसके नजदीक ही प्रदेश सरकार ने फिल्म सिटी के निर्माण को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो अपने अंतिम चरणों में है। उन्होंने कहा कि यहां पर निवेश की बहुत संभावनाएं हैं। इससे सटे हुए क्षेत्र में ही यहां पर एक मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। एक इलेक्ट्रानिक सिटी स्थापित करने का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस क्षेत्र के निकट अलीगढ़ में डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर का महत्वपूर्ण नोड है। लखनऊ और वाराणसी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के काम पहले से जारी सीए योगी ने बताया कि यूपी में लखनऊ और वाराणसी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहले से ही क्रियाशील हैं। पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ किया है। अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण प्रगति पर है। प्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी के कार्यों को बहुत तेजी से आगे बढ़ाया है। अब तक उत्तर प्रदेश में नौ एयरपोर्ट क्रियाशील हो चुके हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश के एयरपोर्ट केवल 25 स्थलों से जुड़े हुए थे, जिनकी संख्या आज 80 स्थलों से अधिक हो चुकी है। प्रदेश सरकार 11 नए एयरपोर्ट को विकसित करने का कार्य कर रही है। सोनभद्र, चित्रकूट, ललितपुर, आजमगढ़, श्रावस्ती, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ एवं मुरादाबाद में नए एयरपोर्ट के निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है।

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Nov 23 2021, 19:03

ADR ने पेश किया यूपी के विधायकों का रिपोर्ट कार्ड, 35 प्रतिशत पर आपराधिक मामले
ADR ने पेश किया यूपी के विधायकों का रिपोर्ट कार्ड, 35 प्रतिशत पर आपराधिक मामले लखनऊ - उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट में कई राजफाश किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के 396 विधायकों में से 140 यानी 35 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और 106 यानी 27 प्रतिशत विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है। अगर पार्टीवार बात करे तो बीजेपी के 304 में से 106 विधायक, एसपी के 49 में से 18 विधायक, बीएसपी के 18 में दो विधायक और कांग्रेस के और विधायक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह विश्लेषण वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों और उसके बाद हुए उपचुनावों में उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत शपथपत्रों पर आधारित है। उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के 403 में से 396 वर्तमान विधायकों के वित्तीय, आपराधिक एवं अन्य विवरणों का विश्लेषण किया है। वर्तमान विधानसभा में सात सीटें रिक्त हैं। बीएसपी के विधायक लालजी वर्मा और राम अचल राजभर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया। उत्तर प्रदेश विधानसभा में 396 में से 313 यानि 79 प्रतिशत विधायक करोड़पति है। इनमें सबसे ज्यादा करोड़पति विधायक बीजेपी के 77 प्रतिशत हैं। भारतीय जनता पार्टी के 235 विधायक करोड़पति हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के 49 में से 42 विधायक करोड़पति हैं। तीसरे स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के 16 में से 15 विधायक करोड़पति हैं। कांग्रेस के सात में से पांच विधायक करोड़पति हैं। विधायकों की औसतन सम्पत्ति 5.85 करोड़ है। मुख्य दलों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी की 304 विधायकों की 5.04 करोड़, समाजवादी पार्टी के 49 विधायकों की औसतन संपत्ति 6.07 करोड़, बहुजन समाज पार्टी के 16 विधायकों की औसतन संपत्ति 19.27 करोड़ और कांग्रेस के सात विधायकों की औसतन संपत्ति 10.06 करोड़ है। सबसे ज्यादा संपत्ति वाले विधायकों में पहले स्थान पर बहुजन समाज पार्टी के शाह आलम उर्फ गुडडू जामाली मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र से हैं, जिनके पास कुल 118 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। दूसरे स्थान पर भी बहुजन समाज पार्टी के विनयशंकर चिलुपर विधानसभा सीट से 67 करोड़ से ज्यादा। तीसरे स्थान पर भाजपा की रानी पक्षालिका सिंह बाह विधानसभा से हैं, जिनके पास 58 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। अगर विधायकों की देनदारियों की बात की जाए तो 49 विधायकों ने अपनी देनदारी एक करोड़ या उससे अधिक घोषित की है। इनमें प्रथम स्थान पर नंदगोपाल गुप्ता, इलाहाबाद साउथ सीट से 26 करोड़, दूसरे स्थान पर ओम कुमार जो नेहतुर 11 करोड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। तीसरे स्थान पर सिद्धार्थनाथ सिंह इलाहाबाद वेस्ट विधानसभा से नौ करोड़ की देनदारी घोषित की है।

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Nov 23 2021, 18:43

घर में लगी आग से हजारों का सामान जलकर हुआ खाक कन्नौज- क्षेत्र के ग्राम मधवापुर म
घर में लगी आग से हजारों का सामान जलकर हुआ खाक कन्नौज- क्षेत्र के ग्राम मधवापुर में अचानक लगी आग से एक घर में रखा हजारों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल अमित मिश्रा ने कुल हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी है। मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र के ग्राम मधवापुर निवासी संदीप दुबे के घर फूस बंगला में मंगलवार को लगभग 12:00 बजे अचानक आग लग गई।देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। इससे पहले आग आसपास के घरों को भी अपनी चपेट में ले लेती। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अथक प्रयास के बाद आग की लपटों पर काबू पाया, लेकिन तब तक बंगले में रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। संदीप दुबे ने जानकारी देते हुए बताया की अभी दिनों पूर्व ही उसके पिता स्वर्गीय भोला दुबे की मौत हो गई थी उनकी तेरहवीं संस्कार के लिए बाजार से लगभग ₹50000 का सामान लाकर रखा था इसके साथ ही बंगले में ही गेहूं की बोरिया अनाज बर्तन एवं अन्य कीमती सामान रखा था लगभग एक लाख से अधिक का नुकसान हुआ है उधर सूचना पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल अमित मिश्रा ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है वहीं ग्रामीणों प्रमोद तिवारी बबलू नेता रिंकू तिवारी दयानंद द्विवेदी अजय दुबे अनुराग दुबे लक्ष्मी शर्मा सत्यनारायण तिवारी आदि ने जिलाधिकारी एवं क्षेत्रीय विधायक से नुकसान का मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की है।

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Nov 23 2021, 18:27

कांग्रेस ने निकाली महंगाई हटाओ प्रतिज्ञा यात्रा मथुरा - बलदेव विधानसभा के ब्लॉक
कांग्रेस ने निकाली महंगाई हटाओ प्रतिज्ञा यात्रा मथुरा - बलदेव विधानसभा के ब्लॉक फरह में कमल सागर जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग मथुरा के नेतृत्व में नगला सोनपाल,नगला हरिया,कवायला, बरोदा,घड़ी तिरखा ओर झुडावई मे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई, भ्रष्टाचार तथा भाजपा की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ तिरंगा प्रतिज्ञा पदयात्रा निकाली। जिसमें प्रियंका गांधी द्वारा ली गई 14 प्रतिज्ञाओं को जनता को समझाया। युवा नेता कमल सागर ने कांग्रेस की नीतियों के बारे में ग्राम वासियों को अवगत कराया और कमल सागर द्वारा सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और ग्राम वासियों का पुष्प माला एवं साफा बांधकर स्वागत किया गया युवा नेता कमल सागर ने कहा उत्तर प्रदेश में 2022 में कांग्रेस की सरकार बनते ही किसानों का पूरा कर्जा माफ किया जाएगा। जिसमें मथुरा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा मुख्य अतिथि रहे एवं ठा. नरेशपाल सिंह महासचिव,अजय कुमार महासचिव,ब्लॉक अध्यक्ष साहब सिंह प्रधान,रविन्द्र जादौन,जयप्रकाश, विष्नू भाष्कर, शिवकुमार,प्रवीन ओमप्रकाश,विक्रम सागर, वीरी सिंह प्रधान,बच्चू नंबरदार,संजय बनिया,विष्णु,दिनेश चौटाला, बहोरी लाल मुखिया,नारायण सिंह फौजी,प्रथम सिंह,कुल्लू चौकीदार,भरत सिंह,बलवीर सिंह, भोलाराम, हरिशंकर, दिनेश कुमार ,बने सिंह, सनी देओल, राकेश,टेलर मोहर सिंह,फूल सिंह एवं अन्य कार्यकर्ता और ग्रामवासी उपस्थित थे।

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Nov 23 2021, 18:26

*बिजली चोरी पर बजेगा अलार्म...बत्ती होगी गुल, ●मंटोला में लगाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक मीटर● आगरा-बि
*बिजली चोरी पर बजेगा अलार्म...बत्ती होगी गुल, ●मंटोला में लगाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक मीटर● आगरा-बिजली चोरी की निगरानी इलेक्ट्रॉनिक मीटर से होगी। इससे चोरी पर लगाम कसेगी। शहर की घनी बस्तियों व सकरी गलियों में ई-मीटर लगाए जाएंगे। जिनसे बिजली चोरी पर बिजली कंपनी के कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा। इससे तत्काल चोरी का पता लग जाएगा। साथ ही मीटर से छेड़छाड़ करने पर उपभोक्ता की स्वत: आपूर्ति बंद हो जाएगी। बिजली चोरी के मामले में मंटोला रेड जोन है। मंटोला की 100 गलियों में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने का काम शुरू हो गया है। टोरंट पहली बार घनी आबादी वाले क्षेत्रों में लाइन लॉस व बिजली चोरी रोकने के लिए ई मीटर का प्रयोग कर रही है। भूमिगत केबिल बिछाकर इन मीटर को टॉपअप बॉक्स से जोड़ा जाएगा। एक बॉक्स से 12 कनेक्शन होते हैं। प्रत्येक कनेक्शन के लिए छोटे आकार के अलग-अलग ई मीटर फिट किए जा रहे हैं। एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि मंटोला में 100 गलियां हैं जिनमें ई-मीटर लगाए जा रहे हैं। 40 गलियों में काम हो चुका है। बाकी गलियों में काम हो रहा है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासनिक टीम उपलब्ध कराई है।

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Nov 23 2021, 18:25

युवती को बाइक पर उठा ले गए युवक, बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म लखनऊ - खेत से स्वजन
युवती को बाइक पर उठा ले गए युवक, बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म लखनऊ - खेत से स्वजन के साथ घर जा रही युवती को बाइक सवार दो युवक उठा ले गए। आरोप है कि युवकों ने उसे रातभर रजवाहा में बंधक बनाकर रखा और दुष्कर्म किया। सुबह घर लौटने पर युवती ने स्वजन को जानकारी दी। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला बरहन थाना क्षेत्र के एक गांव का है। गांव की रहने वाली एक युवती सोमवार शाम साढ़े छह बजे खेत से स्वजन के साथ घर लौट रही थी। वह परिवार के अन्य सदस्यों से थोड़ी पीछे रह गई थी। आरोप है कि तभी एक बाइक पर सवार दो गांव के ही युवक वहां पहुंचे। उन्होंने युवती का मुंह दबाकर उसे बाइक पर बैठा लिया और उसे वहां से अगवा कर ले गए। स्वजन ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार सुबह छह बजे युवती बदहवास हालत में घर पहुंची। उसने बताया कि गांव के दो युवक उसे बाइक पर अगवा कर ले गए थे। उसको नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद उसे होश नहीं रहा। होश आने पर वह गांव के पास स्थित रजवाह में थी। इसके बाद आरोपित मंगलवार सुबह उसे गांव के बाहर ही छोड़ गए। एक का नाम वह जानती है, दूसरे को सामने आने पर पहचान लेगी। स्वजन पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ तहरीर दे दी। इसके बाद सीओ एत्मादपुर रवि कुमार मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। सीओ रवि कुमार का कहना है कि पीड़िता ने दुष्कर्म की सूचना दी है। जांच की जा रही है। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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Nov 23 2021, 16:17

हजारों ग्राम वासियों की खुशहाली के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने प्रदेश के पर
हजारों ग्राम वासियों की खुशहाली के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने प्रदेश के पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री को लिखा पत्र आगरा- पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता राजा अरिदमन सिंह ने हजारों स्थानीय ग्राम वासियों के खुशहाल जीवन के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी चंबल अभ्यारण सेंचुरी की सीमा 7-8 किलोमीटर से घटाकर एक किलोमीटर तक करने की माँग की है। उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि चंबल सेंचुरी में जलचर गहरे पानी में ही सुविधा पूर्वक रहते हैं ना कि बीहड़ क्षेत्र में जलचर निवास करते हैं। ये जीव जंतु चंबल में ही विचरण और प्रजनन करते हैं। इसलिए चंबल सेंचुरी को 8 किलोमीटर बीहड़ तक निर्धारित किया जाना किसी प्रकार भी तर्कसंगत नहीं है। अरिदमन सिंह ने पत्र में लिखा है कि चंबल सेंचुरी के 8 किलोमीटर बीहड़ तक निर्धारित क्षेत्र में नदगवाँ, उमरैठा, रेहा, बरेंडा, तासौड़ एवं बासौनी सहित कई गाँवों के हजारों ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। यहाँ जीवन के लिए उपयोगी मूलभूत सुविधाएँ भी गाँव वासियों को उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ना ही कोई विकास कार्य हो पा रहे हैं। ये ग्राम वासी बिजली, पानी एवं सड़क आदि की जरूरी सुविधाओं से वंचित रह कर नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की चंबल अभ्यारण सेंचुरी की सीमा को एक किलोमीटर तक किए जाने से ग्राम वासियों को मूलभूत सुविधाएँ मिल सकेंगी। क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा। क्षेत्र के लोगों को विकास कार्यों का लाभ मिल सकेगा। बिजली, पानी, सड़क आदि की समस्याओं का समाधान हो सकेगा और क्षेत्र की जनता खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकेगी।

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Nov 23 2021, 16:16

कृषि कानून वापस लेने के मुद्दे पर कांग्रेस में गहन मंथन नयी दिल्ली- पांच राज्यों
कृषि कानून वापस लेने के मुद्दे पर कांग्रेस में गहन मंथन नयी दिल्ली- पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद कांग्रेस का चुनावी मुद्दा हाथ से निकलने के कारण उसने नयी रणनीति पर गहन मंथन के लिए अपने ‘वार रूम’ का रुख कर दिया। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि यह बैठक पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर बुलाई गई है और संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल को बैठक की अध्यक्षता करने का कहा गया। बैठक में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा पंजाब के नेताओं को बुलाया गया। कांग्रेस जब भी किसी मुद्दे पर खुद को घिरा पाती है तो वह इस पर रणनीति बनाने के लिए यहां रकाबगंज रोड स्थित अपने ‘वार रूम’ का रुख करती है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कांग्रेस के महासचिव संगठन के सी वेणुगोपाल के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार, दिल्ली के प्रभारी महासचिव शक्तिसिंह गोहिल, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा, राजस्थान के प्रभारी महासचिव अजय माकन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेता मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी कि संसद में किन मुद्दों को ज्यादा प्रभावी ढंग से उठाना है ताकि उनका चुनावी लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक में महंगाई को महत्वपूर्ण रूप से उठाया गया और इस बारे में दिसम्बर में एक रैली आयोजित करने की बात की गई। समझा जाता है कि कृषि कानून वापस लेने और किसानों से आंदोलन खत्म करने की श्री मोदी की अपील के बाद कांग्रेस विधानसभाओं के चुनाव के मद्देनजर नयी रणनीति पर विचार करने के लिए इस ‘वार रूम’ में पहुंची है

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Nov 23 2021, 16:14

मायावती ने कहा, यूपी चुनाव में 2007 की तरह ही आएंगे नतीजे, जारी किया उपलब्धियों का फोल्डर मायावती ने कहा, यूपी चुनाव में 2007 की तरह ही आएंगे नतीजे, जारी किया उपलब्धियों का फोल्डर लखनऊ- बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता के बीच वादों का पिटारा लेकर नहीं जाएगी, बल्कि उपलब्धियों के खजाने से लोगों को लुभाएगी। चार बार के शासन में हुए कार्यों का पत्रक (फोर्डर) तैयार कराया गया है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती सोमवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि ये पत्रक आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लोग जान सकें कि इसी तर्ज पर बसपा विकास कार्य कराएगी। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में इस बार वर्ष 2007 की तरह ही नतीजे आएंगे। उन्होंने कहा बसपा शासनकाल की तरह किसी भी सरकार ने कार्य नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमने 2007 से 2012 के दौरान सत्ता में रहते हुए जो विकास के कार्य किए। उनका प्रचार करके ही जनता से समर्थन मांगेंगे। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि चुनाव की तैयारी में जुटें। उन्होंने कहा कि पार्टी घोषणापत्र जारी नहीं करती, बल्कि करके दिखाने में विश्वास करती है। बसपा ने देश की आजादी के बाद सबसे अधिक विकास कराया है। उत्तर प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि सूबे की 86 सुरक्षित विधानसभा सीटों के अध्यक्षों को बुलाया है उनके साथ मंथन करेंगे कि 2007 की तरह सभी सीटों को कैसे जीता जाए। सभी 75 जिलों के पदाधिकारियों से वार्ता कर रही हूं, लगातार रिव्यू जारी है। उन्होंने कहा कि वह इन सभी सीटों पर तैयारियों की खुद समीक्षा करेंगी साथ ही पार्टी के महासचिव सतीश मिश्रा को भी यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह इन सभी सीटों पर ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए समीक्षा करें और एक नया समीकरण तैयार करें। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक फोल्डर तैयार किया गया है। जिसे कार्यकर्ता गांव-गांव तक पहुंचाएंगे। एक नई रणनीति तैयार करने को भी कहा गया है। मायावती ने कहा कि उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों को सपा और भाजपा अपना बताती रही हैं । ऐसे में लोगों तक यह जानकारी पहुंचाना बहुत जरूरी है। बीएसपी चीफ मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून तो वापस ले लिए हैं, लेकिन सरकार को किसान संगठनों के साथ बैठ कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए ताकि किसान लोग खुशी-खुशी अपने घर वापस जाकर अपने काम में लग जाएं। केंद्र सरकार को इस मामले को ज्यादा नहीं लटकाना चाहिए।

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Nov 23 2021, 16:13

विकास की दशा और दिशा, जनसंख्या नियंत्रण पर अवलंबित लखनऊ- आशा और आशंका दोनों है क
विकास की दशा और दिशा, जनसंख्या नियंत्रण पर अवलंबित लखनऊ- आशा और आशंका दोनों है कि वर्ष 2050 में भारत सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला विशाल राष्ट्र बन जाएगा। तब इस विशाल जनसंख्या का सीमित संसाधन पर कितना दबाव होगा, आप ये कल्पना कर सकते हैं। बहुत अधिक जनसंख्या देश में अनेक सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक समस्याओं को जन्म देती है। वर्तमान में भारत 135 करोड़ जनसंख्या (अनुमानित) के साथ विश्व में दूसरे नंबर पर है पहले नंबर पर चाइना 145( अनुमानित)करोड़ की आबादी वाला देश है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1989 से 11 जुलाई को हर वर्ष जनसंख्या दिवस के रूप में मनाता है पर जनसंख्या नियंत्रण या जनसंख्या नियोजन पर भारत जैसे देश में कोई भी योजना नहीं बनती है। व्यापारिक दृष्टिकोण से भारत की जनसंख्या बाजार की ताकत है पर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से जनसंख्या विकास के लिए बड़ी बाधक भी है। अधिक जनसंख्या के दबाव में सीमित संसाधन छिन्न-भिन्न हो जाते हैं। आम जनता को उनकी मूल जरूरतों की आवश्यक वस्तुएं नहीं मिल पाती और यदि मिलती भी है तो बहुत ऊंची दरों में या बहुत महंगाई के बाद। ऐसे में देश में अनेक समस्याएं पैदा होती है। सबसे ज्यादा जनसंख्या के दबाव से विकास के लिए संकट खड़ा हो जाता है। विकास धीरे-धीरे अवरुद्ध हो जाता है। देश का आर्थिक नियोजन चरमराने लगता है। वर्ष 1951 से 81 के दशक को भारत की जनसंख्या की विस्फोटक अवधि के रूप में जाना जाता है। यह देश में मृत्यु दर के तीव्र स्खलन और जनसंख्या की उच्च प्रजनन दर के कारण हुआ है। वर्ष 1921 तक की अवधि में भारत की जनसंख्या की वृद्धि स्थिर अवस्था में रही क्योंकि इस अवधि में जनसंख्या वृद्धि की दर काफी निम्न थी। बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न समस्याओं के प्रति लोगों को होना होगा जागरूक 1981 से लगातार अभी तक जनसंख्या की दर बढ़ती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा बढ़ती जनसंख्या के मुद्दों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस स्लोगन 'परिवार नियोजन मानव का अधिकार' रखा गया है, ताकि बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न समस्याओं के प्रति जागरूक होकर लोगों द्वारा परिवार नियोजन पर उत्साहजनक जोर दिया जाए। यह स्लोगन यह संकेत करता है कि सुरक्षित एवं शैक्षिक परिवार नियोजन एक जिम्मेदार नागरिक का अधिकार है और यह सभी लोगों को सशक्त बनाएगा और देश में विकास की गति को तेज करने में सहायक भी होगा। भारत की जनसंख्या बढ़ने का प्रमुख कारण बढ़ती जन्म दर और कम मृत्यु दर भी है। जनसंख्या वृद्धि के कारण देश में बेरोजगारी, गरीबी, पर्यावरण, प्रदूषण जैसी समस्याएं चुनौती बनकर सामने आई। जो समाज व्यक्ति और राष्ट्र सभी के विकास को अवरुद्ध करती है। हमारे पास उपलब्ध संसाधन इतनी बड़ी आबादी के लिए कतई पर्याप्त नहीं है। विकास और देश की समृद्धि के लिए जनसंख्या नियंत्रण एक आवश्यक अंग हो सकता है। कई यूरोपीय देशों ने अपनी बढ़ती जनसंख्या एवं संसाधनों में उचित तालमेल हेतु परिवार नियंत्रण प्रणाली को का निर्णय लिया किंतु एक समय बाद वहां कार्यशील जनसंख्या की अपेक्षा वृद्धों की संख्या में वृद्धि हुई जिससे मानव संसाधन की समस्याएं उनके सामने आने लगी हैं। विकास के लिए विशाल जनसंख्या के साथ सामंजस्य बिठाने की जरूरत चीन में पहले जनसंख्या नियंत्रण किया गया था। सरकार ने वैधानिक रूप से एक या दो बच्चे पैदा करने की शर्तें लागू की थी, पर वहां बुजुर्गों, वृद्धों की संख्या में भारी वृद्धि होने के पश्चात चीन की सरकार ने ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपनी जनता से अपील की है। जापान एक छोटा सा देश होने के बावजूद अपने सीमित संसाधनों के चलते अपने नवाचार तथा तकनीकी शक्ति के बल पर विकासशील देशों के समकक्ष खड़ा है। भारत जैसे विशाल देश में जहां बहुत बड़ी जनसंख्या भी है और विकास के लिए आवश्यक संसाधन भी हैं, विकास करने के लिए केवल विशाल जनसंख्या के साथ सामंजस्य बिठाने की आवश्यकता होगी। भारत में जनसंख्या नियंत्रण के साथ-साथ उसके अनुपात में संसाधनों का संतुलन बना कर विकास की नई दिशा दी जा सकती है। संसाधनों की उचित दोहन हेतु सही और सटीक नीति तथा उसके क्रियान्वयन की आवश्यकता होगी। इसके अलावा नवाचार एवं उचित तकनीक प्रौद्योगिकी को भी अमल में लाना होगा। भारत विश्व का पहला देश जहां परिवार नियोजन कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर चला भारत विश्व का प्रथम देश है जिसने 1952 में परिवार नियोजन कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया। इसका परिणाम भी अच्छा हुआ कि पिछले कुछ दशकों में जनसंख्या की वृद्धि में संतोषजनक गिरावट आई है। यह तो विदित है कि किसी भी राष्ट्र की संतुलित विकास की धारा तभी संभव है जब वहां के विकास में सहायक संसाधनों का संतुलन बना रहे। किसी एक घटक का संतुलन यदि गड़बड़ होता है तो विकास के लिए गंभीर समस्याएं जन्म लेना शुरू करती हैं। भारत की जनसंख्या इसी रफ्तार से बढ़ती रही तो दिन दूर नहीं जब संसाधनों की कमी से भारत को जूझना होगा फिर विकास की बात बेमानी हो जाएगी। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य है कि व्यक्ति समाज सरकार और योजना कानों के मन में इस विषय से संबंधित समस्याओं के प्रति चेतना संवेदना जगाना ही है ताकि लोगों में बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी समस्याएं एवं अवरोधों के बारे में जागरूकता ज्यादा से ज्यादा विस्तारित हो। आम लोगों को भी ललेनी होगी जिम्मेदार भारत के पास विकास के सभी मापदंड होते हुए भी देश पिछड़ा हुआ है, भारत में तकनीकी का कम विकास, कमजोर शिक्षा ,परंपरागत स्रोत, कृषि का निम्न स्तर, आर्थिक असमानता जैसी अनेक समस्याएं हैं जो विकास मैं बाधक बनती रही है। वर्तमान में देश के पास प्राकृतिक एवं मानव संसाधन इतना है कि बढ़ती जनसंख्या की समस्याओं से आसानी से निपटा जा सके पर इस बात की अत्यंत आवश्यकता है कि संसाधनों का उचित दोहन तथा उसका सही उपयोग विकास की दिशा में भ्रष्टाचार से बचाकर किया जाए। यह अत्यंत उल्लेखनीय है कि जनसंख्या की समस्या से निपटने तथा विकास की दर को बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल शासन प्रशासन की ही नहीं है इसके लिए आम नागरिक भी जिम्मेदार है क्योंकि समस्याएं खड़ी करने में आमजन का एक बड़ा वर्ग भी है, इसीलिए हम सबको जनसंख्या नियंत्रण और विकास की धारा को सही दिशा प्रदान करने के लिए सक्रिय सहयोग देना होगा तब ही देश एक सशक्त राष्ट्र बन पाएगा।