India

May 17 2021, 09:28

-modi-and-shah
  

“मौन” क्यों हैं मोदी और कहां लापता हैं देश के गृहमंत्री ?

देश के प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार में ‘दूसरा जिम्मेदार व्यक्ति’ ‘लापता’ हैं। ये लोग तब लापता है, जब इनकी जिम्मेदारी बनती है आगे आने की, जनता की परेशानियों को खत्म करने की। देश में पिछले एक महीने से हाहाकार मचा है, आम जनता त्राही त्राही कर रही है, लेकिन जनता की सरकार गायब है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को लेकर कई तरह के रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हो रहे हैं, जिसमें उनसे महामारी के बीच ऑक्सीजन, बेड, वैक्सीन इत्यादि की उपलब्धता  न होने पर सवाल उठाया गया है। लेकिन जिम्मेदार लोग जबावदेही से बचकर कहीं छुपे पड़े हैं।
सबको याद है देश के ये जिम्मेदार लोग अंतिम बार करीब 20 दिन पहले पश्चिम बंगाल में देखे गए थे। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन 27 अप्रैल को लोगों ने इन्हें सार्वजनिक रूप से अंतिम बार देखा है। पांच राज्यों में खत्म हुए विधानसभा चुनाव के दौरान बंगाल में दहाड़ने वाले अमित शाह को अचानक क्या हो गया है। पार्टी के मुख्य रणनीतिकार मौन की मुद्रा में क्यों है। कोरोना की दूसरी लहर के बीच सरकार के विरोधी हो या सरकार का काम कर रही गैर सरकारी संस्थान, समाजसेवी संस्थाए यही पूछ रहे हैं। क्यों शाह सभी सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से गायब हैं। सार्वजनिक तौर पर हर बात ट्वीट करने वाले व्यक्ति ने राष्ट्र के साथ समर्थन दिखाते हुए अपनी एक तस्वीर तक क्यों नहीं पोस्ट की। 
गंगा किनारे के गांवों में उतराती लाशें बता रही हैं की महामारी की लहर गांवों तक पहुंच गई है। उन गांवों तक जहां तक जहां डॉक्टर नहीं दिखते,कोई नर्स नजर नहीं आती। मेडिकल सुविधा के नाम पर कई-कई किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। आज जब शहरों में लोग ऑक्सीजन की कमी और बेड ना मिलने पर अस्पताल के बाहर दम तोड़ रहे हैं, तो जानना जरूरी हो जाता है कि देश में चिकित्सा व्यवस्था कैसी है।
रूरल हेल्थ सिस्टम के सर्वे के मुताबिक
-देश में गांवों की कुल संख्या 6 लाख 74 हजार 369 है।
-देश में स्वास्थ्य केन्दों की कुल संख्या(सब- हेल्थ सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्ववास्थ्य केन्द्र को मिलाकर) 1 लाख 88 हजार 597। 
-यानी देश के 4 लाख 75 हजार 772 गांवों में कोई मेडिकल सुविधा नहीं है। यहां लोग भगवान भरोसे बीमार पड़ते हैं।
- देश के 1 लाख 88 हजार 597 चिकित्सा केन्द्रों में सब-सेंटर की संख्या 1 लाख 56 हजार 231 है।
-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या 26,901 है, और 
-सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या 5,465 है।

खोखले वादों का क्या करेगी जनता ?
ये कमी तो सालों से चली आ रही है। इसे तत्काल पूरा भी नहीं किया जा सकता है। ऐसा भी कहा जा सकता है, तो देखते हैं मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में चिकित्सा सुविधाओं का कितना विकास हुआ है। 
-तो आप जान लें कि जब मोदी सरकार सत्ता में आई उ

India

May 17 2021, 08:12

दूसरे लहर के दौरान पिछले एक सप्ताह में कोरोना संक्रमण में कमी आयी, लेक़िन नही घटे मौत के आंकड़े
  


दूसरी लहर के दौरान पिछले एक सप्ताह में देश के कई हिस्सों में संक्रमण के नये मामले कम आये हैं. हालांकि कोरोना से हो रही मौत के मामले में फिलहाल कमी नहीं आयी है. 

पिछले एक सप्ताह में संक्रमण से 28000 लोगों की मौत हुई है जो पूरी दुनिया में दूसरी लहर के दौरान एक सप्ताह में हुए मौत  का सर्वाधिक आंकड़ा है. 

पिछले एक सप्ताह में देश में 24 लाख नये मामले सामने आये हैं. जबकि इससे पहले के सप्ताह में 27.4 लाख नये मामले सामने आये थे. 

इसके मुताबिक नये मामलों में 16 फीसदी कमी आयी है. 10 से 16 मई के दौरान पिछले तीन हफ्तों की तुलना में सबसे कम मामले सामने आए हैं. 

मौत के आंकड़ों को देखें तो पिछले एक सप्ताह में औसतन 4048 मौत रोजाना के हिसाब से  28,334 मौतें दर्ज की गयी हैं. यह इससे पहले सप्ताह की तुलना में 4 फीसदी अधिक है. क्योंकि इस दौरान 27,243 मौत हुई थी. वर्ल्डोमीटर के मुताबिक इससे पहले यूएस में 11 से 17 जनवरी के बीच कोरोना संक्रमण से 24,222 लोगों की मौत हुई थी. जो एक सप्ताह में हुई मौत का सर्वाधिक आंकड़ा था.

India

May 16 2021, 17:56

पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से कोरोना संक्रमण पर रोकथाम के उपायों पर की चर्चा
  




देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। बावजूद कुछ राज्यों में स्थिति गम्भीर बनी हुई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से बात की और उनके साथ कोविड स्थिति पर चर्चा की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश में कोविड की स्थिति के साथ कोविड प्रबंधन तथा वैक्सीनेशन के बारे में बातचीत की। प्रदेश में कोरोना प्रबंधन प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की आपूर्ति, हर एक व्यक्ति को नि:शुल्क वैक्सीनेशन तथा जरूरतमंद को बेहतर उपचार प्राप्त हुआ है। वहीं पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के साथ कोविड पर चर्चा की। सीएम ने पीएम से कहा कि राज्य में टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। कहा कि पॉजिटिविटी रेट में लगातार गिरावट आ रही है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी पीएम मोदी को बताया कि जिन इलाकों में अब भी मामले बढ़ रहे हैं, वहां अतिरिक्त टीमें तैनात कर दी गई हैं। उन्होंने पीएम से राज्य को पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया। वहीं पिछले 24 घंटे में देशभर में संक्रमण के तीन लाख 11 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं वहीं, चार हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। यह पिछले 25 दिनों में संक्रमण के सबसे कम मामले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों में संक्रमण के तीन लाख 11 हजार 170 नए मामले सामने आए हैं और चार हजार 77 लोगों की मौत हुई है। नए मामले कम हो रहे हैं और मौतें भी नहीं बढ़ रही हैं, उनमें लगभग स्थिरता आ गई है। महाराष्ट्र में लगातार दूसरे 40 हजार से कम (34,848) मामले मिले, लेकिन मरने वालों का आंकड़ा 960 पर पहुंच गया। राज्य में अब तक 80 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। केरल में एक हफ्ते के लाकडाउन के बाद भी 32 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले हैं और 96 लोगों की जान गई है।
कर्नाटक (41,664 मामले), तमिलनाडु (33,658 मामले) और आंध्र प्रदेश (22,517 केस) में भी लाकडाउन और सख्त पाबंदियों का असर नजर नहीं आ रहा। दिल्ली में मामले तो 6,430 मिले हैं, परंतु 337 लोगों की जान गई है। उत्तर प्रदेश में नए मरीजों (12,513) और मृतकों (281) में कमी आई है।

India

May 16 2021, 15:15

's failed Corona  managment
  

कोरोना को मात देने के लिए जरूरी था सही टेस्टिंग,और बीमारी की पहचान,लेकिन सरकार की तैयारी रहा विफल

किसी भी संभावित संक्रामक बीमारी में संक्रमित व्यक्तियों का शीघ्र पता लगाना और उसे अलग-थलग करना एक वायरल महामारी की सफलतापूर्वक लड़ने की कुंजी है।

  इसे सुविधाजनक बनाने के लिए उस संक्रमण का  ​परीक्षण करना और उसे  अधिक महत्व देना और कुशल परीक्षण रणनीति बनाना एक सफल मैनेजमेंट है।ताकि उसकी पहचान और आम लोंगों के बीच से दूरी कर उसका इलाज हो सके।

भारत में COVID-19 परीक्षण के मम्मले में इसके  लिए विशेष परीक्षण किट की आवश्यकता थी जो जनवरी 2020 में भारत में महामारी की शुरुआत में आसानी से उपलब्ध नहीं थी। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 30 जनवरी, 2020 को कोरोनावायरस के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था और भारत ने भी उसी दिन COVID-19 के अपने पहले मामले की सूचना दी थी।

मार्च 2020 की दूसरी छमाही तक, भारत का COVID-19 परीक्षण काफी हद तक रोगसूचक हवाई अड्डे के यात्रियों और ज्ञात स्रोतों के संपर्क तक ही सीमित था।

 पकड़ने का खेल

 25 मार्च, 2020 से भारत पूरी तरह से राष्ट्रव्यापी और चौंका देने वाला लॉकडाउन में चला गया। हालाँकि, SARS CoV ‑ 2 के लिए हमारी परीक्षण रणनीति अभी भी विकसित की जा रही थी।  महामारी की अवधि के दौरान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के विभिन्न संशोधित परीक्षण दिशानिर्देशों पर एक करीब से नज़र डालने से पता चलता है कि परीक्षण का दायरा धीरे-धीरे अलग-अलग जनसंख्या उपसमूहों को शामिल करने के लिए विस्तारित हो गया, क्योंकि केवल  कोरोनवायरस संक्रमण की नई घटनाओं की सूचना दी गई थी। समूह।  इसे पूर्व-खाली रणनीति के रूप में उपयोग करने के बजाय, हमारी परीक्षण रणनीति वायरस के प्रसार के साथ पकड़ने का खेल प्रतीत होती है।  स्वाभाविक रूप से, वायरस ने हमेशा इस परीक्षण रणनीति को मात दी।

 एक पूर्ण लॉकडाउन को व्यापक रूप से संसाधनों का विस्तार करने के लिए एक उपकरण के रूप में माना जाता है, जिसमें अपने आप में एक समाधान होने के बजाय अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ परीक्षण बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना शामिल है।

  हालाँकि, भारत के COVID-19 मामलों और परीक्षण की प्रगति के विश्लेषण से पता चलता है कि परीक्षण की वृद्धि पहली और दूसरी लहर के पूर्व-पीक चरण के दौरान मामलों की तुलना में पिछड़ गई।  दूसरी लहर में दैनिक नए मामलों में परीक्षणों की वृद्धि की तुलना में तीन से चार गुना अधिक वृद्धि देखी गई।

 बहुत कम तैयारी

 यद्यपि दूसरी लहर पहली लहर की शुरुआत से एक वर्ष से अधिक समय तक आई, ऐसा प्रतीत होता है कि भारत का परीक्षण बुनियादी ढांचा अत्यधिक अपर्याप्त और बहुत कम तैयार है।  यह तब स्पष्ट होता है जब हम देखते हैं कि दूसरी लहर के दौरान दर्ज किए गए औसत

  • India
     @India   जबकि उसी समय के दौरान दैनिक औसत परीक्षण में केवल 60% की वृद्धि हुई।
    
     COVID-19 की पहली लहर के अंत में, फरवरी 2021 की शुरुआत में, भारत प्रति पता लगाए गए मामले में लगभग 63 परीक्षण कर रहा था, जबकि हाल के दिनों में दैनिक परीक्षण घटकर प्रत्येक मामले में 4.5 परीक्षण हो गया है।  पहली लहर के चरम पर भी, भारत प्रति पता लगाए गए मामले में लगभग 11.4 परीक्षण कर रहा था।  पहली लहर के चरम पर औसत दैनिक परीक्षण सकारात्मकता दर केवल 8.5% थी, जबकि कुछ दिनों पहले औसत सकारात्मकता दर 22.8% तक पहुंच गई थी, जब भारत 400,000 दैनिक नए मामलों के करीब रिपोर्ट कर रहा था।  दूसरी ओर, डब्ल्यूएचओ परीक्षण सकारात्मकता दर को 5% के स्तर से नीचे लाने के लिए दैनिक परीक्षण को पर्याप्त बढ़ाने की सिफारिश करता है।
    
     आंकड़े
    
     फिर भी एक और स्पष्ट आंकड़ा इस महामारी की वर्तमान लहर के दौरान परीक्षण की गंभीर कमी की ओर इशारा करता है। 
India

May 16 2021, 14:53

आरएसएस के सरसंचालक मोहन भागवत ने भी माना कि कोरोना को लेकर नरेंद्र मोदी की सरकार से भी लापरवाही हुई ,लेकिन अभी बक्त है एकजुट होकर इससे निपटने की
  


दिल्ली : आरएसएस के सरसंचालक मोहन भागवत ने भी कोरोना को लेकर लापरवाही का ठीकरा सरकार पर ही फोड़ा है.

उन्होनो कहा कि कोरोना को लेकर लापरवाही हुई,इसके लिए सरकार भी  जिम्मेदार है. कोरोना की दूसरी लहर को जो हालात बने हुए है उसको लेकर नरेंद्र मोदी वाली केंद्र सरकार को सभी लोग भी जिम्मेदार मान रहे है.लेकिन यह बक्त शिकवे शिकायत की नही है ,इसे गंभीरता से लेकर इस में सुधार की जरूरत है। 

आरएसएस की लेक्चर सीरीज ‘पॉजिटिविटी अनलिमिटेड’ में उन्होंने ये बातें कहीं. उन्होंने लोगों से ऐसे माहौल में पॉजिटिव रहकर महामारी से लड़ने की अपील की.

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि ये वक्त एक-दूसरे पर उंगली उठाने का नहीं है, बल्कि एकजुट रहने का है. उन्होंने कहा, “हम ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, क्योंकि हम सब गफलत में आ गए और सरकार, प्रशासन और लोगों ने डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद पहली लहर के बाद लापरवाही बरती.”

भागवत ने आगे कहा – अभी सकारात्मकता पर बात करना बहुत कठिन है, क्योंकि समय बहुत कठिन चल रहा है. अनेक परिवारों में कोई अपने, कोई आत्मीय बिछड़ गए हैं. अनेक परिवारों में तो भरण-पोषण करने वाला ही चला गया. 10 दिन में जो था, वह नहीं था हो गया. 

अपनों के जाने का दुख और भविष्य में खड़ी होने वाली समस्याओं की चिंता, ऐसी दुविधा में तो परामर्श देने के बजाए पहले सांत्वना देना चाहिए.यह सांत्वना के परे दुख है. इसमें तो अपने आपको ही संभालना पड़ता है.

India

May 16 2021, 14:33

कोरोना के बाद लोगों को दहशत में डाल दिया है ''ब्लैक फंगस'',यह क्या है..?कैसे इसे पहचाने और करें बचाव जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर को..!
  


 देश में कोरोनावायरस संक्रमण के साथ-साथ अब एक बीमारी ब्लैक फंगस भी लोगों की जान की दुश्मन बन गई है. ब्लैक फंगस के अनेकों मामले सामने आए हैं. जिसकी वजह से कई लोगों की जान चली गई है. 

लेकिन कई लोगों को अभी तक ब्लैक फंगस बीमारी के बारे में सही से पता नहीं है. आज हम आपको ब्लैक फंगस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी देंगे.

आखिर क्या है म्यूकोरमाइसिस यानी ब्लैक फंगस

ब्लैक फंगस इंफेक्शन से संबंधित एक बीमारी है. यह बीमारी एक प्रकार के फंगस की वजह से फैलती है. इस ब्लैक फंगस के बीजाणु या स्पोर्स प्राकृतिक रूप से ही वातावरण में उपस्थित होते हैं. सामान्य तौर पर देखा जाए तो इनसे हमें कोई खतरा नहीं है. परंतु यदि शरीर की इम्युनिटी पावर कमजोर हो तो यह बीमारी व्यक्ति के लिए जानलेवा सिद्ध हो सकती है. शुगर के मरीज बहुत ही आसानी से और ज्यादा संख्या में इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं.

आमतौर पर इस रोग में आंखों की नसों के नजदीक फंगस इन्फेक्शन जमा हो जाता है जिसकी वजह से सेंट्रल रेटिनल आर्टरी में खून का प्रभाव बंद हो जाता है. इसके कारण आंखों की रोशनी भी चली जाती है. 

कोरोना से ठीक हुए कुछ मरीजों में और जो कोरोना मरीज फिलहाल भी संक्रमित है, उनमें ब्लैक फंगस का इन्फेक्शन देखने को मिला है, क्योंकि ऐसे मरीजों की इम्युनिटी पावर बहुत कमजोर होती है.

ब्लैक फंगस का शरीर पर प्रभाव
यह वायरस नाक, आंख के द्वारा दिमाग तक पहुंचाता है और अपने रास्ते में आने वाली त्वचा और हड्डी को नष्ट करने लगता है. इसमें मृत्यु दर बहुत अधिक है. लखनऊ के सीवीओ अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर एम बी सिंह के अनुसार यह ब्लैक फंगस बहुत ही घातक है. परंतु इससे डरने की आवश्यकता नहीं है. डॉक्टर के अनुसार जो मरीज बहुत अधिक दिनों तक वेंटिलेटर या ऑक्सीजन के सहारे रहते हैं और जिनका शुगर लेवल बहुत अनियंत्रित है ऐसे ही मरीजों को यह फंगस अपना शिकार बना रहा है.

ब्लैक फंगस के लक्षण

यदि ब्लैक फंगस के लक्षणों को देखा जाए तो इस रोग में आंखों में हलचल बंद हो जाना, आंखों से पानी आना, आंखों में लाली आ जाना, सिर में बहुत अधिक दर्द होना जैसी परेशानियां देखने को मिली है. इसके साथ ही इस बीमारी में पूरा चेहरा फूल जाना, गालों पर सूजन आना, आंखों में सूजन आना और नाक का जाम हो जाना भी देखने को मिला है.


कई बार ऐसा होता है कि नाक पर काली पपड़ी जमनी शुरू हो जाती है, सिर में दर्द और आंखों के नीचे दर्द होता है और बुखार भी आ जाता है. कुछ विशेषज्ञों के अनुसार यह इंफेक्शन नाक से आरंभ होता है और ऊपरी जबड़े से होते हुए दिमाग तक पहुंचता है.

बीमारी के बढ़ने के कारण
कुछ मीडिया रिपोर्ट को देखा जाए तो इस रोग के बढ़ने के तीन कारण मुख्य हैं.

पहला कोरोना, दूसरा डायबिटीज और तीसरा

  • India
     @India   पहला कोरोना, दूसरा डायबिटीज और तीसरा स्टेरॉइड का हद से ज्यादा प्रयोग. कोविड-19 मरीजों में पहले से ही अन्य रोगों से लड़ने की क्षमता बहुत कम हो जाती है. ऐसे मरीजों का शरीर ब्लैक फंगस का सामना नहीं कर पाता.
    
    इसके अतिरिक्त डायबिटीज के मरीजों पर भी इसका दोगुना खतरा पैदा हो जाता है. ज्यादा स्टेरॉइड खाने से भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है. जिससे ब्लैक फंगस जल्दी आक्रमण कर देता है.
    
    ब्लैक फंगस बीमारी का इलाज
    
    डॉक्टरों के अनुसार ब्लैक फंगस यानी म्यूकोरमाइसिस एक तरह का फंगल इंफेक्शन है, जो आंख और नाक से होता हुआ दिमाग तक पहुंच जाता है. जिससे मरीज की मृत्यु हो जाती है. लेकिन यदि ब्लैक फंगस बीमारी का वक्त रहते पता चल जाए तो इसका उपचार किया जाना संभव है. इसका सबसे अच्छा इलाज यह है कि इसके लक्षणों को शीघ्र अति शीघ्र पहचान लें और अपने डॉक्टर से संपर्क करें. 
    
    कोविड-19 कोरोनावायरस महामारी से जंग जीत कर आए लोगों को इस बीमारी से काफी सावधान रहना चाहिए. कुछ डॉक्टरों के अनुसार एक बार यदि यह इन्फेक्शन दिमाग तक पहुंच गया तो इसका कोई इलाज नहीं है. 
India

May 16 2021, 13:47

शक्तिशाली चक्रवाती तूफान 'तौकते' ने केरल कर्नाटक में दस्तक दी, डिटेल में पढ़िए कहां और कैसे पड़ेगा असर
  



लक्षद्वीप द्वीप समूह अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद आए शक्तिशाली चक्रवाती तूफान 'तौकते' ने केरल कर्नाटक में दस्तक दे दी है।

 केरल में तटीय क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है। जबकि कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में भारी बारिश हुई है, जहां लगभग 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। लेकिन चक्रवाती तूफान 'तौकते' भयंकर रूप लेने वाला है। चक्रवात के अगले तीन दिनों में गुजरात, महाराष्ट्र केरल के तटों से टकराने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'तौकते' के अगले 6 घंटों में तीव्र होकर गंभीर तूफान में बदलने उसके बाद अगले 12 घंटों में अति गंभीर होने की संभावना है। जबकि 18 मई की दोपहर/ शाम में इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने पोरबंदर तथा नालिया के बीच गुजरात तट पार करने की संभावना है। इसको लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी भी जारी की है.

किन क्षेत्रों में क्या रहेगा असर
 
लक्षद्वीप द्वीपसमूह: आज कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।

केरल: आज कुछ स्थानों पर भारी वर्षा 17 मई को कुछ जगहों पर भारी वर्षा को सकती है।

कर्नाटक (तटीय निकटवर्ती घाट जिले): आज कुछ स्थानों पर भारी से काफी भारी वर्षा की संभावना।

 
कोंकण गोवा: आज कोंकण तथा गोवा पड़ोसी घाट क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना, 17 मई को उत्तर कोंकण के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा।

गुजरात: सौराष्ट्र के तटीय जिलों में आज दोपहर से अनेक स्थानों पर हल्की से सामान्य वर्षा, 17 मई को सौराष्ट्र कच्छ के अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों (जूनागढ़ तथा गिर सोमनाथ जिलों में) कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा, 18 मई को सौराष्ट्र तथा कच्छ के कुछ स्थानों पर तथा कुछ स्थानों (पोरबंदर, देवभूमि द्वारका,जामनगर कच्छ जिलों में) अत्यधिक भारी (20 सेंटीमीटर) वर्षा।

पश्चिम राजस्थान: 18 तथा 19 मई को अनेक स्थानों पर हल्की से सामान्य वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है मालदीव क्षेत्र भूमध्यरेखीय हिंद महासागर में हवा की रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटे से तेज होकर 65 किमी प्रति घंटे होने की संभावना है.


आज सुबह से पूर्व मध्य अरब सागर में हवा की रफ्तार 120-130 किलो मीटर प्रति घंटे से तेज होकर 145 किलो मीटर प्रति घंटे हो सकती है। 15 मई को केरल तट के आसपास उससे दूर हवा की गति 50-60 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज होकर 70 किलो मीटर प्रति घंटे हो गई है. आज महाराष्ट्र- गोवा तटों के पास उससे दूर हवा की रफ्तार 60-70 किलो मीटर प्रति घंटे से तेज होकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे होने की संभावना है।

  17 मई की सुबह उत्तर पूर्व अरब सागर तथा दक्षिण गुजरात तथा दमन दीव तटों के पास उससे दूर हवा की रफ्तार 40-50 किलो मीटर से तेज 

  • India
     @India   दक्षिण गुजरात तथा दमन दीव तटों के पास उससे दूर हवा की रफ्तार 40-50 किलो मीटर से तेज होकर 60 किलो मीटर प्रति घंटे हो सकती है. 18 मई की सुबह से उत्तर पूर्व अरब सागर तथा सौराष्ट्र तथा कच्छ तटों (देवभूमि द्वारका तथा पोरबंदर) में हवा की गति धीरे-धीरे 150-160 से 175 किलो मीटर प्रति घंटे गुजरात के कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, जामनगर जिलों में 18 मई की दोपहर/शाम से अगले 6 घंटों के लिए हवा की रफ्तार 120-150 से तेज होकर 165 किलो मीटर प्रति घंटे हो सकती है।
    
     दक्षिण-पूर्वी अरब सागर निकटवर्ती लक्षद्वीप-मालदीव क्षेत्र तथा एवं भूमध्यरेखीय हिन्द महासागर में समुद्र की स्थिति अशांत से बहुत अशांत रही। कल पूर्व मध्य अरब सागर में समुद्र में ऊंची से बहुत ऊंची लहर उठीं। आज ऊंची से असाधारण लहर उठेगी, 17 18 मई को उत्तरपूर्व अरब सागर में समुद्र की स्थिति असाधारण होगी। 15 मई को कोमोरिन क्षेत्र तथा निकटवर्ती केरल तट उससे दूर समुद्र की स्थिति विषम से अधिक विषम रही। 15 मई को पूर्व मध्य अरब सागर तथा कर्नाटक तट उससे दूर समुद्र की स्थिति अशांत से अधिक अशांत 15-16 मई को महाराष्ट्र गोवा तटों पर स्थिति विषम से बहुत विषम होगी. समुद्र की स्थिति 17 मई को सुबह से उत्तरपूर्व अरब सागर तथा दक्षिण गुजरात तट के पास उससे दूर अशांत से बहुत अशांत होगी 18 मई की सुबह से समुद्र की स्थिति असाधारण होगी। 
India

May 16 2021, 13:42

आज फिर बढ़ी पेट्रोल-डीजल के दाम , कई शहरों में 100 के पार हुआ पेट्रोल
  



 तेजी से बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के रेट में एक दिन के ब्रेक के बाद आज फिर से सरकारी तेल कंपनियों ने दोनों ईंधन के दाम में बढ़ोतरी की है। पेट्रोल-डीजल के दाम आज रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं।

 राजस्थान के श्रीगंगानगर (103.52) , मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, रीवा, अनूपपुर और महाराष्ट्र के परभणी में पेट्रोल 100 के पार चला गया है।

वहीं दिल्ली में पेट्रोल 24 पैसे प्रति लीटर बढ़ कर 92.58 रुपये प्रति लीटर पर चला गया। डीजल भी 27 पैसे प्रति लीटर की छलांग लगा कर 83.22 रुपये प्रति लीटर पर चला गया। पांच राज्यों के चुनाव के बाद रुक-रुक कर 10 दिनों में ही दिन में पेट्रोल 2.21 पैसे व डीजल  2.49 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

देखें देश के प्रमुख शहरों में आज किस भाव पर बिक रहा पेट्रोल और डीजल

शहर का नाम- पेट्रोल रुपये,  डीजल रुपये/लीटर
श्रीगंगानगर।         103.52              95.99

अनूपपुर      103.21,     93.98

रीवा       102.85      , 93.65

परभणी   100.01,      90.12

इंदौर        100.7       ,91.69

भोपाल      100.63,      91.59

जयपुर      99.02      , 91.86

पुणे।        98.51       ,88.66

पटना।       94.89        ,88.46

दिल्ली।         92.58,    83.22

मुंबई।          98.88,      90.40

चेन्नई।        94.34,      88.07

कोलकाता।   92.67,      86.06

रांची।         89.57,      87.90

बेंगलुरु।       95.66     , 88.22

पटना।   94.89,        88.46

चंडीगढ़।   89.05,       82.89

लखनऊ।   90.37,    83.60

 ऐसे बढ़ जाता है पेट्रोल-डीजल का रेट

पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

अगर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट हटा दें तो डीजल और पेट्रोल का रेट लगभग 27 रुपये लीटर रहता, लेकिन चाहे केंद्र हो या राज्य सरकार, दोनों किसी भी कीमत पर टैक्स नहीं हटा सकती। क्योंकि राजस्व का एक बड़ा हिस्सा यहीं से आता है। इस पैसे से विकास होता है।
 
हर सुबह होती तय होती हैं कीमतें

दरअसल विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत के आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों की समीक्षा के बाद रोज़ाना पेट्रोल और डीजल के रेट तय करती हैं। इंडियन ऑयल , भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोज़ाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन कर जारी करती हैं।

आप अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना SMS के जरिए भी चेक कर सकते है। 

इंडियन ऑयल (IOC) के उपभोक्ता RSP<डीलर कोड> लिखकर 9224992249 नंबर पर व एचपीसीएल (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE <डीलर कोड> लिखकर 9222201122 नंबर पर भेज सकते हैं।

बीपीसीएल (BPCL) उपभोक्ता

India

May 16 2021, 13:13

देश में कम हो रहा कोरोना संक्रमण का रफ्तार : 24 घंटे में 03.10 लाख नए केस दर्ज, 4075 संक्रमितों ने गंवाई जान, तो 3.62 लाख मरीज स्वस्थ हुए
  


Desk : देश में 03 लाख 10 हजार 580 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। यह आंकड़ा बीते 25 दिनों में सबसे कम है। इससे पहले 20 अप्रैल को दो लाख 94 हजार 378 नए संक्रमितों की पहचान की गई थी। हालांकि लगातार बढ़ती मौत अभी भी चिंता का सबब बना हुआ है। 

देश में शनिवार को कोरोना की वजह से 4075 लोगों की जान चली गई। यह मई में छठी बार है जब एक दिन में चार हजार से ज्यादा संक्रमितों ने इस महामारी की चपेट में आकर मौत को गले लगा लिया। 

राहत की बात है कि कोरोना से रिकवर होने वाले लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। बीते दिन कुल 03 लाख 62 हजार 367 लोगों ने कोरोना को मात दी जो पिछले 25 दिनों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस तरह एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 55931 की कमी आई है। यह इस साल एक्टिव केस में होने वाली सबसे बड़ी गिरावट है।

India

May 16 2021, 12:57

चक्रवाती तूफान " टाउते " को लेकर आईएमडी का हाई एलर्ट,
  


175 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और भारी बारिश की संभावना



भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि अरब सागर में कम दबाव के कारण 17 मई को भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। एक दिन बाद यानी 18 मई को यह तूफान गुजरात के तट से टकरा सकता है। मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिमी तटीय राज्यों को चेतावनी दी है। केंद्र सरकार ने एनडीआरएफ टीम को एलर्ट किया है। 

आईएमडी ने कहा की अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 16 से 19 मई के बीच में आने की संभावना है। म्यांमार ने इस तूफान का नाम " टाउते " दिया है , जिसका अर्थ "छिपकली " होता है। टाउते नामक चक्रवाती तूफान के दरम्यान भीषण बारिश के साथ 160 से 175 किलोमीटर की रफ्तार से हवा के चलने की संभावना है। केंद्र सरकार ने नामित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीम को तैनात करते हुए कहा कि इस साल भारत के तट से टकराने वाला यह पहला तूफान है। सरकार इससे निपटने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।


    आईएमडी ने बताया कि अरब सागर से यह तूफान नौ घंटे प्रति किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तट से टकराते समय इसकी रफ्तार 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। गुजरात के तट से यह तूफान इस वक्त 160 किलोमीटर दूर है , जबकि गोवा के पणजी से इसकी दूरी 350 किलोमीटर है। 

टाउते 18 मई को पोरबंदर और नालिया तट से टकरा सकता है। इस तूफान के तहत लक्षद्वीप , कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र आदि क्षेत्रों में हल्की से भारी बारिश हो सकती है।
 
कई उड़ानों को किया गया रदद्

संभावित तूफान के मद्देनजर कई उड़ानों को एहतियात के तौर पर रद्द कर दिया गया है। 

सरकार ने मुंबई में अगले दो दिनों के लिए कोरोना टीकाकरण को भी रोक देने का ऐलान किया है। केरल में भी भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर वहां अभी से ही रेड एलर्ट जारी कर दिया गया है।

गुजरात और मुंबई में तैयारी

उधर गुजरात के साथ मुंबई में लाइफगार्ड और बोटों को तैयार रहने को कहा गया है ताकि लहर अगर ऊपर उठे तो उससे निपटा जा सके।

 सरकार ने अवांछित घटना से बचने के लिए समुद्री बीच से सभी को दूर रहने की हिदायत दी है। सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है।