National Hackathon में जय अरविंद शुक्ला ने जीता विजेता का खिताब
मुंबई। देशभर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के बीच आयोजित IIT Hyderabad के National Hackathon में हमारे बेटे जय अरविंद शुक्ला ने शानदार सफलता हासिल करते हुए विजेता का स्थान प्राप्त किया है। IIIT में Computer Science द्वितीय वर्ष के छात्र जय अरविंद शुक्ला ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और नवाचारपूर्ण सोच के बल पर यह उपलब्धि अपने नाम की। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के 52 IIT, NIT और IIITs से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनके बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जय ने सफलतम स्थान हासिल कर परिवार, संस्थान और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।जय अरविंद शुक्ला की इस उपलब्धि से मलाड में रहने वाले उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। उनकी इस सफलता को युवा प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। National Hackathon जैसे बड़े मंच पर जीत दर्ज करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणा है। जय की इस सफलता पर परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शाहजहांपुर में दर्दनाक घटना: क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ी सोनल चंद्रा को आया हार्ट अटैक, इलाज के दौरान मौत
लखनऊ । शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित ओसीएफ स्पोर्ट्स स्टेडियम में शनिवार दोपहर एक क्रिकेट मैच के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बैटिंग के बाद खिलाड़ी सोनल चंद्रा (34) को अचानक सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद वह स्टेडियम की सीढ़ियों पर बैठकर बेसुध हो गए।साथी खिलाड़ियों ने तुरंत उन्हें ओसीएफ अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, सोनल चंद्रा ने मैच में ओसीएफ टीम के खिलाफ खेलते हुए 33 रन बनाए थे। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे मैदान में ही असहज महसूस करने लगे।साथियों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हार्ट संबंधी समस्या बताते हुए उन्हें बरेली रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

सोनल की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। वे न केवल क्रिकेट खिलाड़ी थे बल्कि उप्र क्रिकेट एसोसिएशन में अंपायर और एक निजी स्कूल में शिक्षक भी थे।परिवारिक जानकारी के अनुसार, उनके पिता बीएसएफ में थे और वे बचपन में ही शहीद हो गए थे। उनकी मां सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं।सोनल चंद्रा झंडा क्लब की ओर से खेलते थे और क्रिकेट के प्रति बेहद समर्पित थे। उनकी असमय मौत से खेल जगत और स्थानीय लोगों में गहरा शोक है।
सुल्तानपुर में अकीदत के साथ मनाई गई, ईद-उल-फितर, अमन-चैन की मांगी गई दुआएं

सुल्तानपुर,जिले में मुसलमानों ने अकीदत और हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया। शनिवार को पूरे जनपद के लगभग 150 ईदगाहों और करीब 2100 मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। हर तरफ अमन और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
ईद की नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। शहर के प्रमुख ईदगाह में मौलाना अब्दुल लतीफ ने सुबह 9:00 बजे नमाज अदा कराई। मरकज मस्जिद में मौलाना मुहम्मद उस्मान कासमी ने 8:30 बजे नमाज पढ़ाई, जबकि जामिया इस्लामिया मदरसा में मौलाना मुहम्मद उसामा कासमी ने सुबह 8:00 बजे नमाज अदा कराई।
इसके अलावा बीवियां मस्जिद में मौलाना कसीम कासमी ने 8:30 बजे, सेनानी बिहार मस्जिद में मौलाना इजहार ने 7:45 बजे तथा झलियावा और करौंदिया यादनगर मस्जिद में सुबह 8:00 बजे नमाज अदा कराई। इस्लाम ईदगाह में मौलाना मकबूल कासमी ने 7:30 बजे और धाराएं ईदगाह में मौलाना तुफैल कासमी ने 8:00 बजे नमाज पढ़ाई।
जिले के इसौली, कुड़वार, अलीगंज, हसनपुर, बंधुआ कला, दोस्तपुर, कादीपुर, लंभुआ और कूरेभार समेत अन्य क्षेत्रों में भी ईद-उल-फितर का त्योहार शांति और उल्लास के साथ मनाया गया।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। इस अवसर पर समाजसेवी मेराज अहमद खान और शिक्षक नेता निजाम खान ने भी लोगों से मिलकर ईद की बधाई दी।
जिलाधिकारी प्रयागराज ने सेमरी घाट पर अवैध बालू खनन की जांच के लिए टास्क फोर्स टीम का किया  गठन

टीम के पहुंचते ही पहुचीं  बालू लदी नाव सेमरी घाट पत्ते धारक की खुली पोल


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। जांच टीम की भनक लगते ही रास्ते में कर दिया गड्डा, रास्ता पाट कर घाट पर पहुची टीम- जिलाधिकारी प्रयागराज ने टास्क फोर्स टीम गठित कर सेमरी घाट भेजी। एसडीएम बारा की टीम ने लालापुर क्षेत्र के सेमरी तरहार गांव के यमुना घाट पर छापेमारी की।
- जांच टीम में वैभव सोनी, टास्क फोर्स अधिकारी महबूब खान और खनन विभाग के अधिकारी शामिल थे।
- जांच में दोनों तरफ से परिवहन की शिकायतें मिलीं, जिस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले आनंद मिश्रा के द्वारा खंड संख्या चार की शिकायत खनन विभाग को की गई थी जिस पर खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी में मौके पर पहुंच करके जांच  किया और खनन को आवैध पाया जिस पर उन्होंने पत्ते धारक के ऊपर 40 लाख का जुर्माना लगाया था इसके बावजूद इस पार जहाँ सूखा रेत नही है नाव द्वारा बालू का कार्य शुरू किया गया l
-  देखना यह है कि क्या खनन विभाग अधिकारी इस पर सही कार्य करते हैं अथवा गोल-गोल किया जाता है
धामपुर का यूट्यूबर इस्राइल में फंसा: शूटिंग के लिए गए सौमिल अग्रवाल युद्ध जैसे हालात में मुश्किलों से घिरे, परिवार ने भारत सरकार से लगाई गुहार

लखनऊ /बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर के धामपुर निवासी और युवा यूट्यूबर सौमिल अग्रवाल (28) इस समय इस्राइल में गंभीर परिस्थितियों में फंसे हुए हैं। वह 24 फरवरी 2026 को एक शूटिंग प्रोजेक्ट के सिलसिले में इस्राइल गए थे, लेकिन वहां हालात अचानक बदल जाने से उनकी वापसी संभव नहीं हो पा रही है।

जानकारी के अनुसार, सौमिल अग्रवाल को एक कंपनी के आमंत्रण पर कुछ दिनों की शूटिंग के लिए इस्राइल भेजा गया था। लेकिन इसी दौरान इस्राइल और ईरान के बीच तनाव और संघर्ष बढ़ने के कारण स्थिति बिगड़ गई, और वह वहीं फंस गए।फिलहाल वह तेल अवीव में एक होटल के बंकर में रह रहे हैं और लगातार संपर्क में हैं।

सौमिल ने परिवार को बताया है कि उनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं और हालात बेहद कठिन हैं। कंपनी की ओर से कुछ सहायता मिल रही है, लेकिन शाकाहारी भोजन की कमी उनके लिए बड़ी समस्या बन गई है।
इसके अलावा, उनके पास सीमित कपड़े हैं, जो लंबे समय से उपयोग के कारण गंदे हो चुके हैं और धुलाई की सुविधा भी पर्याप्त नहीं मिल पा रही है।

बताया जा रहा है कि इस्राइल से यूरोप के रास्ते भारत लौटना एक विकल्प हो सकता है, लेकिन ट्रांजिट वीजा न होने के कारण वह यह रास्ता भी नहीं अपना पा रहे हैं, जिससे उनकी वापसी और जटिल हो गई है। परिवार ने बताया कि सौमिल लगातार उनसे संपर्क में हैं और वहां के हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। उनकी मां पारुल अग्रवाल अपने इकलौते बेटे की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।परिवार के करीबी और रिश्तेदार भी लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।परिजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर सौमिल अग्रवाल को सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।
सीतापुर-तेज रफ्तार डंपर से कुचलकर बाइक सवार दो युवकों की मौत
लखनऊ /सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र स्थित कम्हरिया पुल पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दोनों युवकों को टक्कर मारते हुए कुचल दिया, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान दीपक (19) निवासी चौड़िया कोठार थाना रामपुर कलां और इंद्रराज (20) निवासी तेलाईगांव थाना सिधौली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शनिवार शाम मजदूरों को लाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन सुबह यह हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।थाना प्रभारी इतुल चौधरी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
घटिया सड़क निर्माण पर आयुक्त ने दिए जांच के आदेश,एक हफ्ते में मांगा रिपोर्ट
*सड़क पर बने बड़े बड़े गड्ढे

गोंडा।जिले में घटिया सड़क निर्माण की शिकायत और घटिया निर्माण को लेकर वायरल वीडियो के आधार पर मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने जांच के आदेश दिए हैं।बताते चलें कि परसपुर विकासखण्ड के कुड़ियावां ग्राम पंचायत को जोड़ने वाली इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता की कमी पाई गई है।आयुक्त द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है।जिसमें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और यूपी सिडको के परियोजना प्रबंधक शामिल हैं।यह कमेटी एक सप्ताह के अंदर परियोजना की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।स्थानीय निवासी राधेश्याम उर्फ बब्लू सिंह ने शिकायत किया था कि सड़क का निर्माण 20 दिन पहले पूरा हुआ था परन्तु यह सड़क पूरी तरह तैयार होने से पहले ही इसमें बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं।सड़क से गिट्टियां उखड़ रही हैं और अभी तक इस पर दोबारा डामरीकरण नहीं किया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया निर्माण के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही हैं।बब्लू सिंह ने सड़क के दोबारा निर्माण करने की मांग किया था जिसके बाद आयुक्त ने इस मामले का संज्ञान लिया है।इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।वीडियो में दिख रहा है कि हाल ही में बनी सड़क से लोग लकड़ी की मदद से आसानी से गिट्टियां उखाड़ रहे हैं।गिट्टियां हटाने पर नीचे सिर्फ पुरानी सड़क और मिट्टी दिखाई दे रही है,जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता में ठेकेदार द्वारा की गई लापरवाही साफ नजर आती है।आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र और वायरल वीडियो के आधार पर जांच के आदेश दिए गए हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी,जिसमें सड़क की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।
पुरानी रंजिश को लेकर चली गोली, घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद
*पुलिस जांच में जुटी

गोंडा।जिले के उमरीबेगम गंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानी रंजिश को लेकर शनिवार देर शाम एक व्यक्ति पर फायरिंग का मामला सामने आया है।यह घटना अमदही काजीपुरवा की है।आरोप है कि गांव निवासी आशीष पांडेय पर बांके उर्फ शिव ओंकार यादव ने गोली चलाई।पूरी वारदात पास के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि बांके उर्फ शिव ओंकार यादव ने आशीष पांडेय को ट्रैक्टर से लकड़ी खींचते हुए देखा और इसके बाद उसने अपने मोटरसाइकिल की डिग्गी से असलहा निकाल कर लोड किया।आशीष पांडेय ने फायरिंग से बचने के लिए तेजी से ट्रैक्टर चलाया परन्तु आरोपी ने पीछा कर आशीष पर गोली चला दिया।आशीष पांडेय इस हमले में बाल बाल बच गये।गोली चलाने के बाद जब आशीष पांडेय ट्रैक्टर आगे ले गये तो बांके उर्फ शिव ओंकार यादव ने दोबारा अपनी गाड़ी की डिग्गी से गोली लोड करने का प्रयास किया।हालांकि, आशीष पांडेय तब तक अपने ट्रैक्टर को लेकर वहाँ से फरार हो चुके थे।बताया जा रहा है कि फायरिंग के पीछे पुरानी रंजिश है।पीड़ित आशीष पांडेय के परिवार के सदस्यों ने पहले आरोपी बांके उर्फ शिव ओंकार यादव के पिता राम उजागर यादव की हत्या की थी।उस मामले में आशीष पांडेय के परिवार के कई सदस्यों को सजा भी हुई है।इसी पुरानी रंजिश के चलते आशीष पांडेय पर हमला किया गया।थानाध्यक्ष उमरीबेगम गंज गोविंद कुमार ने बताया कि आशीष पांडेय की तहरीर पर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बहुजनों को हुक्मरान बनाने हेतु आसपा कर रही है कैडर बैठके
महाड चवदार तालाब सत्याग्रह की मनाई गई 99 वीं वर्षगांठ

महाड़ सत्याग्रह सम्मान, समानता और मानवाधिकार की लड़ाई थी



  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड शंकरगढ़ थाना लालापुर स्थित ग्रामसभा कोठरी बगीचा में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में सेक्टर बूथ गठन के साथ बूथ जीतो चुनाव जीतो के तहत जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में कैडर बैठक आयोजित की गई।
            कैडर बैठक में जिला महामंत्री आसपा आईपी रामबृज ने सर्वप्रथम महाड़ सत्याग्रह पर प्रकाश डाला और बताया कि आज से 99 वर्ष पहले डा. बाबासाहेब भीमराव रामजी अम्बेडकर के नेतृत्व में महाड में चवदार तालाब सत्याग्रह हुआ था।
यह सिर्फ पानी पीने का अधिकार नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और मानवाधिकारों की लड़ाई का ऐतिहासिक प्रतीक था।
         आईपी रामबृज ने आगे बताया कि हजारों बहुजन साथियों ने अन्यायपूर्ण भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को यह संदेश दिया कि अधिकार मांगने से नहीं, बल्कि उसे हासिल करने से मिलते हैं। बहुजन समाज पर अन्याय अत्याचार न हो इसके लिए बहुजन समाज को अपनी सत्ता बनानी होगी। सत्ता बनाने से पूर्व बहुजन समाज को अपना इतिहास जानना होगा। जिस दिन बहुजन समाज अपना इतिहास जान जाएगा उसकी प्राप्ति हेतु संघर्ष करेगा तो निश्चित ही आजाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष नगीना सांसद एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में डा. अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना जल्द साकार होगा।
        बैठक में विधानसभा अध्यक्ष बारा मुकेश पासी, मास्टर गंगादीन, दीपक कुमार भारतीय, आकाश, लक्ष्मी, रीता, चंद्रावती, सुषमा, सूरजकली, रेशमा, फोटो देवी, सरिता, शांति, रेखा, संगीता, विमला के साथ पचासों लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज में नदियों के कायाकल्प और बाढ़ मुक्ति हेतु नीदरलैंड्स के साथ रणनीतिक साझेदारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। प्रयागराज अपनी जल निकासी और बाढ़ की पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु 'नदी-केंद्रित' शहरी नियोजन मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय 'जल एक साधन के रूप में' (वॉटर एज़ लीवरेज) कार्यशाला का समापन समारोह आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड्स के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्तर के हितधारकों ने सहभागिता की, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर की जल संबंधी चुनौतियों को सतत विकास के अवसरों में बदलना था। यह कार्यशाला प्रयागराज के लिए तैयार की गई 'शहरी नदी प्रबंधन योजना' (URMP) को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

कार्यशाला के दौरान प्रयागराज की आंतरिक नदियों और जलमार्गों की वर्तमान स्थिति पर गहन मंथन किया गया, जिसमें कालिंदीपुरम नाले को 'हरित और स्वच्छ' गलियारे के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव दिया गया। डच विशेषज्ञों ने 'प्रकृति आधारित समाधानों' के माध्यम से गंदे पानी और वर्षा जल को अलग-अलग प्रवाहित करने वाली 'दोहरी प्रणाली' का सुझाव दिया। इस नवाचार से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर को जल निकासी का एक सुदृढ़ विकल्प भी प्राप्त होगा।

कार्यशाला में आगामी कुंभ मेला 2031 को ध्यान में रखते हुए यमुना तट (रिवरफ्रंट) के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित डिजाइन में एक 'पारिस्थितिक पार्क' और 'प्रदर्शनी घाट' शामिल है, जो जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यह परियोजना इस बात का अनूठा उदाहरण होगी कि कैसे आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा और नदियों का प्राकृतिक स्वरूप एक साथ विकसित हो सकते हैं।

ससुर खदेरी नदी के पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में यह नदी व्यापक अवैध कब्जों, अनियोजित निर्माण और शहरी कचरे के कारण एक संकरे और प्रदूषित नाले में तब्दील हो चुकी है। इसकी जल धारण क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान यह उफान पर आ जाती है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव होता है। विशेषज्ञों ने इन रुकावटों को हटाने, नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और इसे पुनः शहर के मुख्य निकासी तंत्र से जोड़ने के लिए सुझाव दिए।

इस पहल के तहत, डच कार्यक्रम तकनीकी सहायता के अवसर तलाशेगा और प्रयागराज के लिए चिन्हित दो प्रमुख कार्यों के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) तैयार करने में सहयोग करेगा। इस दौरान स्थानीय चुनौतियों, जैसे कि शहरी रूपरेखा, गाद प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन की पहचान की गई है। यमुना तट के लिए प्रस्तावित पार्क न केवल स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देगा, बल्कि मौजूदा घाटों और नौका क्लब (बोट क्लब) को जोड़ते हुए एक नया पारिस्थितिक स्वरूप प्रदान करेगा।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शहर की मुख्य समस्याओं की पहचान की जा चुकी है और अब इन्हें समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में नीदरलैंड्स का वैश्विक अनुभव प्रयागराज के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा का कार्य करेगा। नगर आयुक्त श्री साई तेजा ने इस बात पर जोर दिया कि नदियों का पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना शहर के भविष्य के लिए अनिवार्य है। 'विश्व जल दिवस' (22 मार्च) से पूर्व आयोजित इस बैठक में "जल और महिला नेतृत्व" विषय पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें मण्डलायुक्त ने कहा कि जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह आयोजन राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश और नीदरलैंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नीदरलैंड्स के जल आयुक्त मिस्टर सैंडर कारपाई, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उप महानिदेशक श्री नलिन श्रीवास्तव, संयुक्त राष्ट्र पर्यावास (UN-Habitat) और नीदरलैंड दूतावास के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
National Hackathon में जय अरविंद शुक्ला ने जीता विजेता का खिताब
मुंबई। देशभर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के बीच आयोजित IIT Hyderabad के National Hackathon में हमारे बेटे जय अरविंद शुक्ला ने शानदार सफलता हासिल करते हुए विजेता का स्थान प्राप्त किया है। IIIT में Computer Science द्वितीय वर्ष के छात्र जय अरविंद शुक्ला ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और नवाचारपूर्ण सोच के बल पर यह उपलब्धि अपने नाम की। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के 52 IIT, NIT और IIITs से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनके बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जय ने सफलतम स्थान हासिल कर परिवार, संस्थान और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।जय अरविंद शुक्ला की इस उपलब्धि से मलाड में रहने वाले उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। उनकी इस सफलता को युवा प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। National Hackathon जैसे बड़े मंच पर जीत दर्ज करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणा है। जय की इस सफलता पर परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
शाहजहांपुर में दर्दनाक घटना: क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ी सोनल चंद्रा को आया हार्ट अटैक, इलाज के दौरान मौत
लखनऊ । शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित ओसीएफ स्पोर्ट्स स्टेडियम में शनिवार दोपहर एक क्रिकेट मैच के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बैटिंग के बाद खिलाड़ी सोनल चंद्रा (34) को अचानक सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद वह स्टेडियम की सीढ़ियों पर बैठकर बेसुध हो गए।साथी खिलाड़ियों ने तुरंत उन्हें ओसीएफ अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, सोनल चंद्रा ने मैच में ओसीएफ टीम के खिलाफ खेलते हुए 33 रन बनाए थे। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे मैदान में ही असहज महसूस करने लगे।साथियों ने आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हार्ट संबंधी समस्या बताते हुए उन्हें बरेली रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

सोनल की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। वे न केवल क्रिकेट खिलाड़ी थे बल्कि उप्र क्रिकेट एसोसिएशन में अंपायर और एक निजी स्कूल में शिक्षक भी थे।परिवारिक जानकारी के अनुसार, उनके पिता बीएसएफ में थे और वे बचपन में ही शहीद हो गए थे। उनकी मां सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं।सोनल चंद्रा झंडा क्लब की ओर से खेलते थे और क्रिकेट के प्रति बेहद समर्पित थे। उनकी असमय मौत से खेल जगत और स्थानीय लोगों में गहरा शोक है।
सुल्तानपुर में अकीदत के साथ मनाई गई, ईद-उल-फितर, अमन-चैन की मांगी गई दुआएं

सुल्तानपुर,जिले में मुसलमानों ने अकीदत और हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया। शनिवार को पूरे जनपद के लगभग 150 ईदगाहों और करीब 2100 मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। हर तरफ अमन और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
ईद की नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। शहर के प्रमुख ईदगाह में मौलाना अब्दुल लतीफ ने सुबह 9:00 बजे नमाज अदा कराई। मरकज मस्जिद में मौलाना मुहम्मद उस्मान कासमी ने 8:30 बजे नमाज पढ़ाई, जबकि जामिया इस्लामिया मदरसा में मौलाना मुहम्मद उसामा कासमी ने सुबह 8:00 बजे नमाज अदा कराई।
इसके अलावा बीवियां मस्जिद में मौलाना कसीम कासमी ने 8:30 बजे, सेनानी बिहार मस्जिद में मौलाना इजहार ने 7:45 बजे तथा झलियावा और करौंदिया यादनगर मस्जिद में सुबह 8:00 बजे नमाज अदा कराई। इस्लाम ईदगाह में मौलाना मकबूल कासमी ने 7:30 बजे और धाराएं ईदगाह में मौलाना तुफैल कासमी ने 8:00 बजे नमाज पढ़ाई।
जिले के इसौली, कुड़वार, अलीगंज, हसनपुर, बंधुआ कला, दोस्तपुर, कादीपुर, लंभुआ और कूरेभार समेत अन्य क्षेत्रों में भी ईद-उल-फितर का त्योहार शांति और उल्लास के साथ मनाया गया।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। इस अवसर पर समाजसेवी मेराज अहमद खान और शिक्षक नेता निजाम खान ने भी लोगों से मिलकर ईद की बधाई दी।
जिलाधिकारी प्रयागराज ने सेमरी घाट पर अवैध बालू खनन की जांच के लिए टास्क फोर्स टीम का किया  गठन

टीम के पहुंचते ही पहुचीं  बालू लदी नाव सेमरी घाट पत्ते धारक की खुली पोल


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। जांच टीम की भनक लगते ही रास्ते में कर दिया गड्डा, रास्ता पाट कर घाट पर पहुची टीम- जिलाधिकारी प्रयागराज ने टास्क फोर्स टीम गठित कर सेमरी घाट भेजी। एसडीएम बारा की टीम ने लालापुर क्षेत्र के सेमरी तरहार गांव के यमुना घाट पर छापेमारी की।
- जांच टीम में वैभव सोनी, टास्क फोर्स अधिकारी महबूब खान और खनन विभाग के अधिकारी शामिल थे।
- जांच में दोनों तरफ से परिवहन की शिकायतें मिलीं, जिस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले आनंद मिश्रा के द्वारा खंड संख्या चार की शिकायत खनन विभाग को की गई थी जिस पर खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी में मौके पर पहुंच करके जांच  किया और खनन को आवैध पाया जिस पर उन्होंने पत्ते धारक के ऊपर 40 लाख का जुर्माना लगाया था इसके बावजूद इस पार जहाँ सूखा रेत नही है नाव द्वारा बालू का कार्य शुरू किया गया l
-  देखना यह है कि क्या खनन विभाग अधिकारी इस पर सही कार्य करते हैं अथवा गोल-गोल किया जाता है
धामपुर का यूट्यूबर इस्राइल में फंसा: शूटिंग के लिए गए सौमिल अग्रवाल युद्ध जैसे हालात में मुश्किलों से घिरे, परिवार ने भारत सरकार से लगाई गुहार

लखनऊ /बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर के धामपुर निवासी और युवा यूट्यूबर सौमिल अग्रवाल (28) इस समय इस्राइल में गंभीर परिस्थितियों में फंसे हुए हैं। वह 24 फरवरी 2026 को एक शूटिंग प्रोजेक्ट के सिलसिले में इस्राइल गए थे, लेकिन वहां हालात अचानक बदल जाने से उनकी वापसी संभव नहीं हो पा रही है।

जानकारी के अनुसार, सौमिल अग्रवाल को एक कंपनी के आमंत्रण पर कुछ दिनों की शूटिंग के लिए इस्राइल भेजा गया था। लेकिन इसी दौरान इस्राइल और ईरान के बीच तनाव और संघर्ष बढ़ने के कारण स्थिति बिगड़ गई, और वह वहीं फंस गए।फिलहाल वह तेल अवीव में एक होटल के बंकर में रह रहे हैं और लगातार संपर्क में हैं।

सौमिल ने परिवार को बताया है कि उनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं और हालात बेहद कठिन हैं। कंपनी की ओर से कुछ सहायता मिल रही है, लेकिन शाकाहारी भोजन की कमी उनके लिए बड़ी समस्या बन गई है।
इसके अलावा, उनके पास सीमित कपड़े हैं, जो लंबे समय से उपयोग के कारण गंदे हो चुके हैं और धुलाई की सुविधा भी पर्याप्त नहीं मिल पा रही है।

बताया जा रहा है कि इस्राइल से यूरोप के रास्ते भारत लौटना एक विकल्प हो सकता है, लेकिन ट्रांजिट वीजा न होने के कारण वह यह रास्ता भी नहीं अपना पा रहे हैं, जिससे उनकी वापसी और जटिल हो गई है। परिवार ने बताया कि सौमिल लगातार उनसे संपर्क में हैं और वहां के हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। उनकी मां पारुल अग्रवाल अपने इकलौते बेटे की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।परिवार के करीबी और रिश्तेदार भी लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।परिजनों ने भारत सरकार से अपील की है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर सौमिल अग्रवाल को सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।
सीतापुर-तेज रफ्तार डंपर से कुचलकर बाइक सवार दो युवकों की मौत
लखनऊ /सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र स्थित कम्हरिया पुल पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दोनों युवकों को टक्कर मारते हुए कुचल दिया, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान दीपक (19) निवासी चौड़िया कोठार थाना रामपुर कलां और इंद्रराज (20) निवासी तेलाईगांव थाना सिधौली के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शनिवार शाम मजदूरों को लाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन सुबह यह हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।थाना प्रभारी इतुल चौधरी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
घटिया सड़क निर्माण पर आयुक्त ने दिए जांच के आदेश,एक हफ्ते में मांगा रिपोर्ट
*सड़क पर बने बड़े बड़े गड्ढे

गोंडा।जिले में घटिया सड़क निर्माण की शिकायत और घटिया निर्माण को लेकर वायरल वीडियो के आधार पर मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने जांच के आदेश दिए हैं।बताते चलें कि परसपुर विकासखण्ड के कुड़ियावां ग्राम पंचायत को जोड़ने वाली इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता की कमी पाई गई है।आयुक्त द्वारा दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है।जिसमें ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और यूपी सिडको के परियोजना प्रबंधक शामिल हैं।यह कमेटी एक सप्ताह के अंदर परियोजना की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।स्थानीय निवासी राधेश्याम उर्फ बब्लू सिंह ने शिकायत किया था कि सड़क का निर्माण 20 दिन पहले पूरा हुआ था परन्तु यह सड़क पूरी तरह तैयार होने से पहले ही इसमें बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं।सड़क से गिट्टियां उखड़ रही हैं और अभी तक इस पर दोबारा डामरीकरण नहीं किया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया निर्माण के कारण क्षेत्रवासियों को आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही हैं।बब्लू सिंह ने सड़क के दोबारा निर्माण करने की मांग किया था जिसके बाद आयुक्त ने इस मामले का संज्ञान लिया है।इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।वीडियो में दिख रहा है कि हाल ही में बनी सड़क से लोग लकड़ी की मदद से आसानी से गिट्टियां उखाड़ रहे हैं।गिट्टियां हटाने पर नीचे सिर्फ पुरानी सड़क और मिट्टी दिखाई दे रही है,जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता में ठेकेदार द्वारा की गई लापरवाही साफ नजर आती है।आयुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने बताया कि शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र और वायरल वीडियो के आधार पर जांच के आदेश दिए गए हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी,जिसमें सड़क की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी।
पुरानी रंजिश को लेकर चली गोली, घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद
*पुलिस जांच में जुटी

गोंडा।जिले के उमरीबेगम गंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानी रंजिश को लेकर शनिवार देर शाम एक व्यक्ति पर फायरिंग का मामला सामने आया है।यह घटना अमदही काजीपुरवा की है।आरोप है कि गांव निवासी आशीष पांडेय पर बांके उर्फ शिव ओंकार यादव ने गोली चलाई।पूरी वारदात पास के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि बांके उर्फ शिव ओंकार यादव ने आशीष पांडेय को ट्रैक्टर से लकड़ी खींचते हुए देखा और इसके बाद उसने अपने मोटरसाइकिल की डिग्गी से असलहा निकाल कर लोड किया।आशीष पांडेय ने फायरिंग से बचने के लिए तेजी से ट्रैक्टर चलाया परन्तु आरोपी ने पीछा कर आशीष पर गोली चला दिया।आशीष पांडेय इस हमले में बाल बाल बच गये।गोली चलाने के बाद जब आशीष पांडेय ट्रैक्टर आगे ले गये तो बांके उर्फ शिव ओंकार यादव ने दोबारा अपनी गाड़ी की डिग्गी से गोली लोड करने का प्रयास किया।हालांकि, आशीष पांडेय तब तक अपने ट्रैक्टर को लेकर वहाँ से फरार हो चुके थे।बताया जा रहा है कि फायरिंग के पीछे पुरानी रंजिश है।पीड़ित आशीष पांडेय के परिवार के सदस्यों ने पहले आरोपी बांके उर्फ शिव ओंकार यादव के पिता राम उजागर यादव की हत्या की थी।उस मामले में आशीष पांडेय के परिवार के कई सदस्यों को सजा भी हुई है।इसी पुरानी रंजिश के चलते आशीष पांडेय पर हमला किया गया।थानाध्यक्ष उमरीबेगम गंज गोविंद कुमार ने बताया कि आशीष पांडेय की तहरीर पर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बहुजनों को हुक्मरान बनाने हेतु आसपा कर रही है कैडर बैठके
महाड चवदार तालाब सत्याग्रह की मनाई गई 99 वीं वर्षगांठ

महाड़ सत्याग्रह सम्मान, समानता और मानवाधिकार की लड़ाई थी



  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड शंकरगढ़ थाना लालापुर स्थित ग्रामसभा कोठरी बगीचा में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वावधान में सेक्टर बूथ गठन के साथ बूथ जीतो चुनाव जीतो के तहत जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में कैडर बैठक आयोजित की गई।
            कैडर बैठक में जिला महामंत्री आसपा आईपी रामबृज ने सर्वप्रथम महाड़ सत्याग्रह पर प्रकाश डाला और बताया कि आज से 99 वर्ष पहले डा. बाबासाहेब भीमराव रामजी अम्बेडकर के नेतृत्व में महाड में चवदार तालाब सत्याग्रह हुआ था।
यह सिर्फ पानी पीने का अधिकार नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और मानवाधिकारों की लड़ाई का ऐतिहासिक प्रतीक था।
         आईपी रामबृज ने आगे बताया कि हजारों बहुजन साथियों ने अन्यायपूर्ण भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को यह संदेश दिया कि अधिकार मांगने से नहीं, बल्कि उसे हासिल करने से मिलते हैं। बहुजन समाज पर अन्याय अत्याचार न हो इसके लिए बहुजन समाज को अपनी सत्ता बनानी होगी। सत्ता बनाने से पूर्व बहुजन समाज को अपना इतिहास जानना होगा। जिस दिन बहुजन समाज अपना इतिहास जान जाएगा उसकी प्राप्ति हेतु संघर्ष करेगा तो निश्चित ही आजाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष नगीना सांसद एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व में डा. अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना जल्द साकार होगा।
        बैठक में विधानसभा अध्यक्ष बारा मुकेश पासी, मास्टर गंगादीन, दीपक कुमार भारतीय, आकाश, लक्ष्मी, रीता, चंद्रावती, सुषमा, सूरजकली, रेशमा, फोटो देवी, सरिता, शांति, रेखा, संगीता, विमला के साथ पचासों लोग उपस्थित रहे।
प्रयागराज में नदियों के कायाकल्प और बाढ़ मुक्ति हेतु नीदरलैंड्स के साथ रणनीतिक साझेदारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। प्रयागराज अपनी जल निकासी और बाढ़ की पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु 'नदी-केंद्रित' शहरी नियोजन मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय 'जल एक साधन के रूप में' (वॉटर एज़ लीवरेज) कार्यशाला का समापन समारोह आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड्स के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्तर के हितधारकों ने सहभागिता की, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर की जल संबंधी चुनौतियों को सतत विकास के अवसरों में बदलना था। यह कार्यशाला प्रयागराज के लिए तैयार की गई 'शहरी नदी प्रबंधन योजना' (URMP) को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

कार्यशाला के दौरान प्रयागराज की आंतरिक नदियों और जलमार्गों की वर्तमान स्थिति पर गहन मंथन किया गया, जिसमें कालिंदीपुरम नाले को 'हरित और स्वच्छ' गलियारे के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव दिया गया। डच विशेषज्ञों ने 'प्रकृति आधारित समाधानों' के माध्यम से गंदे पानी और वर्षा जल को अलग-अलग प्रवाहित करने वाली 'दोहरी प्रणाली' का सुझाव दिया। इस नवाचार से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर को जल निकासी का एक सुदृढ़ विकल्प भी प्राप्त होगा।

कार्यशाला में आगामी कुंभ मेला 2031 को ध्यान में रखते हुए यमुना तट (रिवरफ्रंट) के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित डिजाइन में एक 'पारिस्थितिक पार्क' और 'प्रदर्शनी घाट' शामिल है, जो जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यह परियोजना इस बात का अनूठा उदाहरण होगी कि कैसे आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा और नदियों का प्राकृतिक स्वरूप एक साथ विकसित हो सकते हैं।

ससुर खदेरी नदी के पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में यह नदी व्यापक अवैध कब्जों, अनियोजित निर्माण और शहरी कचरे के कारण एक संकरे और प्रदूषित नाले में तब्दील हो चुकी है। इसकी जल धारण क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान यह उफान पर आ जाती है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव होता है। विशेषज्ञों ने इन रुकावटों को हटाने, नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और इसे पुनः शहर के मुख्य निकासी तंत्र से जोड़ने के लिए सुझाव दिए।

इस पहल के तहत, डच कार्यक्रम तकनीकी सहायता के अवसर तलाशेगा और प्रयागराज के लिए चिन्हित दो प्रमुख कार्यों के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) तैयार करने में सहयोग करेगा। इस दौरान स्थानीय चुनौतियों, जैसे कि शहरी रूपरेखा, गाद प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन की पहचान की गई है। यमुना तट के लिए प्रस्तावित पार्क न केवल स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देगा, बल्कि मौजूदा घाटों और नौका क्लब (बोट क्लब) को जोड़ते हुए एक नया पारिस्थितिक स्वरूप प्रदान करेगा।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शहर की मुख्य समस्याओं की पहचान की जा चुकी है और अब इन्हें समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में नीदरलैंड्स का वैश्विक अनुभव प्रयागराज के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा का कार्य करेगा। नगर आयुक्त श्री साई तेजा ने इस बात पर जोर दिया कि नदियों का पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना शहर के भविष्य के लिए अनिवार्य है। 'विश्व जल दिवस' (22 मार्च) से पूर्व आयोजित इस बैठक में "जल और महिला नेतृत्व" विषय पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें मण्डलायुक्त ने कहा कि जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह आयोजन राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश और नीदरलैंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नीदरलैंड्स के जल आयुक्त मिस्टर सैंडर कारपाई, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उप महानिदेशक श्री नलिन श्रीवास्तव, संयुक्त राष्ट्र पर्यावास (UN-Habitat) और नीदरलैंड दूतावास के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।