राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

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आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

अयोध्या में भीषण गर्मी से राहत के लिए खास इंतजाम, सड़कों पर पानी का छिड़काव

अयोध्या। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच अयोध्या में श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है।

शहर के प्रमुख मार्गों, खासकर राम पथ पर फॉगिंग मशीनों और एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से सरयू नदी के पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इस पहल से जहां तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है, वहीं धूल भी कम हो रही है।

प्रशासन के अनुसार, लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे इंतजाम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।

प्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री

  • “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा: डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य का समृद्ध किसान विकसित भारत 2047 के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प “सच्चा वादा और पक्का काम” है और किसानों से किए गए वादों को पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है और सरकार उनकी आय बढ़ाने तथा जीवन स्तर सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जब खेतों से लेकर कारखानों तक समृद्धि आएगी, तभी राज्य और देश दोनों मजबूत होंगे। उन्होंने नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के तेज विकास का उल्लेख करते हुए किसानों को इस प्रगति की आधारशिला बताया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

  • गेहूं उपार्जन में बड़ा फैसला

रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से खरीदी सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह वृद्धि किसानों की आय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • स्लॉट बुकिंग 9 मई तक, अब सप्ताह में 6 दिन खरीदी

मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह खोल दी गई है। अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा और शनिवार को भी केंद्र खुले रहेंगे। साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।

  • भूमि के बदले 4 गुना मुआवजा

सरकार ने भू-अर्जन को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए किसानों को उनकी जमीन के बदले 4 गुना तक मुआवजा देने की घोषणा की है, जिससे उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • फसल विविधीकरण और बोनस योजना

सरकार दलहन, उड़द और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है। उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी और किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। सरसों पर भावांतर योजना लागू होने से किसानों को एमएसपी से अधिक कीमत मिलने लगी है।

  • “किसान कल्याण वर्ष” की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें किसानों को मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अंत में भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उनकी समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

“घोषणाओं की सरकार, जवाबों से भागते मुख्यमंत्री, किसानों के साथ खुला अन्याय”

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया किसान संबोधन पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह भाषण केवल घोषणाओं का पुलिंदा था, जिसमें किसानों के ज्वलंत सवालों से सुनियोजित तरीके से बचने की कोशिश की गई।

श्री पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिजली, स्लॉट बुकिंग, खरीदी लक्ष्य, दुग्ध, सोलर पंप, भावांतर, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे कई विषयों पर लंबी-चौड़ी बातें कीं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। उन्होंने सवाल उठाया कि स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई करना क्या सरकार की नाकाम व्यवस्था का प्रमाण नहीं है? छोटे, मझोले और बड़े किसानों पर लगी पाबंदियों को हटाना भी सरकार की मजबूरी को दर्शाता है, न कि कोई संवेदनशील निर्णय।

सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। 14 दिनों में केवल 9.5 लाख मैट्रिक टन खरीदी से साफ है कि इस रफ्तार पर 100 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य पूरा करने में करीब 140 दिन लगेंगे। अब जब छोटे, मझोले और बड़े सभी किसान एक साथ तुलाई के लिए आएंगे, तो यह अव्यवस्था और बढ़ेगी तथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

बिजली आपूर्ति पर हमला करते हुए श्री पटवारी ने कहा कि 23 वर्षों तक किसानों को रात में बिजली देकर परेशान करने वाली सरकार आज दिन में बिजली देने की बात कर रही है। यह नीतिगत विफलता की स्वीकारोक्ति है, न कि कोई उपलब्धि। कृषक मित्र योजना को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार 90% सब्सिडी का दावा कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि किसानों से 10% राशि जमा कराकर उनके नाम पर 90% कर्ज डाला जा रहा है। दस्तावेजों में मात्र 30% सब्सिडी का उल्लेख है—ऐसे में शेष 60% की सच्चाई क्या है? और जब कर्ज किसान के नाम पर होगा, तो उसकी किस्त कौन भरेगा—सरकार या किसान?

सोयाबीन किसानों के मुद्दे पर श्री पटवारी ने कहा कि “मोदी गारंटी” के तहत ₹6000 प्रति क्विंटल पर खरीद का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत में किसान को ₹2750 प्रति क्विंटल के भाव पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब मंडी मॉडल रेट ₹4000 था, तब भी किसानों को उसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि इस भारी अंतर का जवाब कौन देगा और क्या सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी?

इसी क्रम में उन्होंने गेहूं खरीदी में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 50% किसानों ने खरीदी में देरी और कुप्रबंधन के चलते अपना गेहूं ओपन मार्केट में बेचा, जहां मंडियों में खुली लूट के कारण उन्हें ₹1800 से ₹2000 प्रति क्विंटल के भाव मिले। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इन किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी या उन्हें यूं ही बाजार के हवाले छोड़ दिया गया है?

दुग्ध उत्पादकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा प्रदेश के अपने दूध संघ को NDDB को सौंपने के बाद बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस निर्णय से मध्यप्रदेश के दूध उत्पादक किसानों को वास्तविक लाभ क्या मिला। हाल ही में NDDB के साथ हुई बैठक के परिणामों पर भी मुख्यमंत्री ने कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई।

श्री पटवारी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की बात करते हैं, उन्होंने अपने पूरे भाषण में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह दर्शाता है कि सरकार के पास मूंग उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले खरीफ सीजन में किसान धान की बुवाई करेगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने “मोदी गारंटी” के तहत ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद के वादे पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह स्पष्ट करता है कि सरकार के पास धान उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस नीति या भरोसेमंद रोडमैप नहीं है।

अंत में श्री पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अब झूठे वादों और खोखली घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगा। उसे स्पष्ट नीति, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए। यदि सरकार शीघ्र ही इन सवालों का ठोस जवाब नहीं देती और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करती, तो कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी।

ভোটের আগে বাইক চালানো নিয়ে হাইকোর্টের নির্দেশ
নিজস্ব প্রতিনিধি: ভোটের তিন দিন আগে থেকে বাইক চালানো নিয়ে নির্বাচন কমিশনের বিজ্ঞপ্তি আংশিক সংশোধন করার নির্দেশ দিল কলকাতা হাইকোর্ট। আদালত জানিয়েছে, ৭২ ঘণ্টা আগে থেকে নয়, ভোটের মাত্র ১২ ঘণ্টা আগে জরুরী প্রয়োজন ছাড়া বাইকে কাউকে চাপিয়ে রাস্তায় যাওয়া চলবে না। তবে ভোটের দিনে ভোর ৬ টা থেকে সন্ধ্যা ৬ টা পর্যন্ত পরিবারের সদস্যদের ভোট দিয়ে নিয়ে যাওয়ার ক্ষেত্রে বাইকে চাপানো যাবে। তবে ওলা, উবের, সুইগির মতো যাতায়াত বা খাবার পৌঁছিয়ে দেওয়ার ক্ষেত্রে যারা কাজ করেন তারা এর আওতায় আসবে না। অফিসেও যাতায়াতের ক্ষেত্রে সঠিক পরিচয়পত্র সঙ্গে নিয়ে যাতায়াত করা যাবে। তবে রালী করার ক্ষেত্রে কিছুটা কড়া মনোভাব রেখেছে আদালত। সেক্ষেত্রে কমিশনার নির্দেশ মেনে ৪৮ ঘণ্টা আগে থেকে রেলি করা যাবে না।
बेटी की शादी से लौटते वक्त भीषण हादसा, एक ही परिवार के तीन समेत पांच की मौत

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर पार कर ट्रेलर से भिड़ी, चालक को आई थी झपकी

लखनऊ । मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गई।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र निवासी विनय श्रीवास्तव (60) अपनी बेटी की शादी के लिए रांची गए थे। शादी संपन्न होने के बाद वह पत्नी अर्चना (58) और बेटे कृतार्थ (27) के साथ घर लौट रहे थे। वाहन में चालक पुरुषोत्तम और एक अन्य चालक नितीश भी सवार थे।

रात करीब 2:30 बजे कुसुम्हा बशारतपुर के पास चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी लोग उसमें फंस गए।

ढाई घंटे बाद निकाले गए शव
सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को काटकर सभी पांचों शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गांव में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
गुंडा_टैक्स वसूली का आरोप, सपा नेता रामज्ञान गुप्ता ने उठाई आवाज़
रितेश मिश्रा
हरदोई सदर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नेता रामज्ञान गुप्ता ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न चौराहों, खासकर बिलग्राम चुंगी क्षेत्र में मैजिक, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों से कथित रूप से जबरन ‘गुंडा टैक्स’ वसूला जा रहा है।
रामज्ञान गुप्ता के अनुसार, जो गरीब चालक पैसे देने से मना करते हैं, उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हरदोई पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब रामज्ञान गुप्ता ने खुद पीड़ितों से बातचीत की। साथ ही, जिस अड्डा मैनेजर पर वसूली के आरोप हैं, उससे भी उनकी बातचीत हुई है। दोनों बातचीत का ऑडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
सपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टीसी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह पीड़ितों के साथ खड़े हैं और किसी भी कीमत पर इस तरह की वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगीI
राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

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आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

अयोध्या में भीषण गर्मी से राहत के लिए खास इंतजाम, सड़कों पर पानी का छिड़काव

अयोध्या। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच अयोध्या में श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है।

शहर के प्रमुख मार्गों, खासकर राम पथ पर फॉगिंग मशीनों और एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से सरयू नदी के पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इस पहल से जहां तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है, वहीं धूल भी कम हो रही है।

प्रशासन के अनुसार, लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऐसे इंतजाम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिल सके।

प्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री

  • “किसान कल्याण वर्ष” में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा: डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य का समृद्ध किसान विकसित भारत 2047 के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प “सच्चा वादा और पक्का काम” है और किसानों से किए गए वादों को पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि ही मध्यप्रदेश की असली ताकत है और सरकार उनकी आय बढ़ाने तथा जीवन स्तर सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जब खेतों से लेकर कारखानों तक समृद्धि आएगी, तभी राज्य और देश दोनों मजबूत होंगे। उन्होंने नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के तेज विकास का उल्लेख करते हुए किसानों को इस प्रगति की आधारशिला बताया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

  • गेहूं उपार्जन में बड़ा फैसला

रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से खरीदी सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह वृद्धि किसानों की आय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • स्लॉट बुकिंग 9 मई तक, अब सप्ताह में 6 दिन खरीदी

मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह खोल दी गई है। अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा और शनिवार को भी केंद्र खुले रहेंगे। साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है।

  • भूमि के बदले 4 गुना मुआवजा

सरकार ने भू-अर्जन को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए किसानों को उनकी जमीन के बदले 4 गुना तक मुआवजा देने की घोषणा की है, जिससे उनके अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • फसल विविधीकरण और बोनस योजना

सरकार दलहन, उड़द और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है। उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी और किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। सरसों पर भावांतर योजना लागू होने से किसानों को एमएसपी से अधिक कीमत मिलने लगी है।

  • “किसान कल्याण वर्ष” की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें किसानों को मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अंत में भरोसा दिलाया कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उनकी समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

“घोषणाओं की सरकार, जवाबों से भागते मुख्यमंत्री, किसानों के साथ खुला अन्याय”

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया किसान संबोधन पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह भाषण केवल घोषणाओं का पुलिंदा था, जिसमें किसानों के ज्वलंत सवालों से सुनियोजित तरीके से बचने की कोशिश की गई।

श्री पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिजली, स्लॉट बुकिंग, खरीदी लक्ष्य, दुग्ध, सोलर पंप, भावांतर, दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे कई विषयों पर लंबी-चौड़ी बातें कीं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। उन्होंने सवाल उठाया कि स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई करना क्या सरकार की नाकाम व्यवस्था का प्रमाण नहीं है? छोटे, मझोले और बड़े किसानों पर लगी पाबंदियों को हटाना भी सरकार की मजबूरी को दर्शाता है, न कि कोई संवेदनशील निर्णय।

सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। 14 दिनों में केवल 9.5 लाख मैट्रिक टन खरीदी से साफ है कि इस रफ्तार पर 100 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य पूरा करने में करीब 140 दिन लगेंगे। अब जब छोटे, मझोले और बड़े सभी किसान एक साथ तुलाई के लिए आएंगे, तो यह अव्यवस्था और बढ़ेगी तथा किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

बिजली आपूर्ति पर हमला करते हुए श्री पटवारी ने कहा कि 23 वर्षों तक किसानों को रात में बिजली देकर परेशान करने वाली सरकार आज दिन में बिजली देने की बात कर रही है। यह नीतिगत विफलता की स्वीकारोक्ति है, न कि कोई उपलब्धि। कृषक मित्र योजना को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार 90% सब्सिडी का दावा कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि किसानों से 10% राशि जमा कराकर उनके नाम पर 90% कर्ज डाला जा रहा है। दस्तावेजों में मात्र 30% सब्सिडी का उल्लेख है—ऐसे में शेष 60% की सच्चाई क्या है? और जब कर्ज किसान के नाम पर होगा, तो उसकी किस्त कौन भरेगा—सरकार या किसान?

सोयाबीन किसानों के मुद्दे पर श्री पटवारी ने कहा कि “मोदी गारंटी” के तहत ₹6000 प्रति क्विंटल पर खरीद का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत में किसान को ₹2750 प्रति क्विंटल के भाव पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब मंडी मॉडल रेट ₹4000 था, तब भी किसानों को उसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने सवाल किया कि इस भारी अंतर का जवाब कौन देगा और क्या सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी?

इसी क्रम में उन्होंने गेहूं खरीदी में भारी अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 50% किसानों ने खरीदी में देरी और कुप्रबंधन के चलते अपना गेहूं ओपन मार्केट में बेचा, जहां मंडियों में खुली लूट के कारण उन्हें ₹1800 से ₹2000 प्रति क्विंटल के भाव मिले। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इन किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी या उन्हें यूं ही बाजार के हवाले छोड़ दिया गया है?

दुग्ध उत्पादकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा प्रदेश के अपने दूध संघ को NDDB को सौंपने के बाद बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस निर्णय से मध्यप्रदेश के दूध उत्पादक किसानों को वास्तविक लाभ क्या मिला। हाल ही में NDDB के साथ हुई बैठक के परिणामों पर भी मुख्यमंत्री ने कोई पारदर्शिता नहीं दिखाई।

श्री पटवारी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने की बात करते हैं, उन्होंने अपने पूरे भाषण में ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह दर्शाता है कि सरकार के पास मूंग उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले खरीफ सीजन में किसान धान की बुवाई करेगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने “मोदी गारंटी” के तहत ₹3100 प्रति क्विंटल धान खरीद के वादे पर एक शब्द तक नहीं कहा। यह स्पष्ट करता है कि सरकार के पास धान उत्पादक किसानों के लिए कोई ठोस नीति या भरोसेमंद रोडमैप नहीं है।

अंत में श्री पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान अब झूठे वादों और खोखली घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होगा। उसे स्पष्ट नीति, पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए। यदि सरकार शीघ्र ही इन सवालों का ठोस जवाब नहीं देती और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करती, तो कांग्रेस प्रदेशभर में किसानों के हक की लड़ाई को और तेज करेगी।

ভোটের আগে বাইক চালানো নিয়ে হাইকোর্টের নির্দেশ
নিজস্ব প্রতিনিধি: ভোটের তিন দিন আগে থেকে বাইক চালানো নিয়ে নির্বাচন কমিশনের বিজ্ঞপ্তি আংশিক সংশোধন করার নির্দেশ দিল কলকাতা হাইকোর্ট। আদালত জানিয়েছে, ৭২ ঘণ্টা আগে থেকে নয়, ভোটের মাত্র ১২ ঘণ্টা আগে জরুরী প্রয়োজন ছাড়া বাইকে কাউকে চাপিয়ে রাস্তায় যাওয়া চলবে না। তবে ভোটের দিনে ভোর ৬ টা থেকে সন্ধ্যা ৬ টা পর্যন্ত পরিবারের সদস্যদের ভোট দিয়ে নিয়ে যাওয়ার ক্ষেত্রে বাইকে চাপানো যাবে। তবে ওলা, উবের, সুইগির মতো যাতায়াত বা খাবার পৌঁছিয়ে দেওয়ার ক্ষেত্রে যারা কাজ করেন তারা এর আওতায় আসবে না। অফিসেও যাতায়াতের ক্ষেত্রে সঠিক পরিচয়পত্র সঙ্গে নিয়ে যাতায়াত করা যাবে। তবে রালী করার ক্ষেত্রে কিছুটা কড়া মনোভাব রেখেছে আদালত। সেক্ষেত্রে কমিশনার নির্দেশ মেনে ৪৮ ঘণ্টা আগে থেকে রেলি করা যাবে না।
बेटी की शादी से लौटते वक्त भीषण हादसा, एक ही परिवार के तीन समेत पांच की मौत

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर पार कर ट्रेलर से भिड़ी, चालक को आई थी झपकी

लखनऊ । मऊ के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसा गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर कुसुम्हा बशारतपुर के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गई।

जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र निवासी विनय श्रीवास्तव (60) अपनी बेटी की शादी के लिए रांची गए थे। शादी संपन्न होने के बाद वह पत्नी अर्चना (58) और बेटे कृतार्थ (27) के साथ घर लौट रहे थे। वाहन में चालक पुरुषोत्तम और एक अन्य चालक नितीश भी सवार थे।

रात करीब 2:30 बजे कुसुम्हा बशारतपुर के पास चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराया और फिर दूसरी लेन में जाकर ट्रेलर से भिड़ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और सभी लोग उसमें फंस गए।

ढाई घंटे बाद निकाले गए शव
सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को काटकर सभी पांचों शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

गांव में पसरा मातम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कर दिया है।
अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
लंदन में बिखरी हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध, छाई रही डॉ.मंजू लोढ़ा की कविताएं
मुंबई। लंदन में एक बार फिर हिंदी साहित्य और संस्कृति की सुगंध बिखरी, जब British Hindu Sewa Samiti Hertsmere द्वारा “काव्य मंच – एक हिंदी काव्य संध्या” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शब्दों की सरिता और भावों की अभिव्यक्ति का सुंदर संगम बना, जहाँ हिंदी प्रेमियों ने कविता के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को साझा किया। इस गरिमामयी आयोजन की मुख्य अतिथि रहीं डॉ.मंजु मंगल प्रभात लोढ़ा, जिनकी उपस्थिति ने पूरे कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की। एक बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी डॉ. मंजु लोढ़ा न केवल एक प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका हैं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी, प्रेरक वक्ता और परोपकारी भी हैं।
लोढ़ा फाउंडेशन की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिससे अनगिनत लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ है। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी पहचान अत्यंत सशक्त है—14 पुस्तकों की लेखिका होने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।अपने संबोधन में डॉ. मंजू लोढ़ा ने शब्दों की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रेरित किया। लंदन में आयोजित इस काव्य संध्या में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें Pravin Ranji, Mia Handley, Jeremy Newmark, Linda Smith तथा Ramesh Klair विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में, British Hindu Sewa Samiti Hertsmere के प्रति हार्दिक आभार, जिन्होंने सभी को एक साथ लाकर ऐसा सार्थक और प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। डॉ. मंजू लोढ़ा का यह प्रेरणादायक सफर निरंतर आगे बढ़ रहा है,सीमाओं से परे, समाज और साहित्य दोनों को समृद्ध करते हुए।
गुंडा_टैक्स वसूली का आरोप, सपा नेता रामज्ञान गुप्ता ने उठाई आवाज़
रितेश मिश्रा
हरदोई सदर विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के नेता रामज्ञान गुप्ता ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न चौराहों, खासकर बिलग्राम चुंगी क्षेत्र में मैजिक, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों से कथित रूप से जबरन ‘गुंडा टैक्स’ वसूला जा रहा है।
रामज्ञान गुप्ता के अनुसार, जो गरीब चालक पैसे देने से मना करते हैं, उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया जाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हरदोई पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब रामज्ञान गुप्ता ने खुद पीड़ितों से बातचीत की। साथ ही, जिस अड्डा मैनेजर पर वसूली के आरोप हैं, उससे भी उनकी बातचीत हुई है। दोनों बातचीत का ऑडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है, जिससे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
सपा नेता ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो समाजवादी पार्टीसी के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह पीड़ितों के साथ खड़े हैं और किसी भी कीमत पर इस तरह की वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगीI