उनुरखा में आवारा कुत्तों के हमले से राष्ट्रीय पक्षी मोर की हुई मौत*
सुल्तानपुर/अखण्ड नगर जनपद सुल्तानपुर के कादीपुर तहसील के अखण्ड नगर विकास खण्ड के उनुरखा गांव में आवारा कुत्तों के हमले से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दुख का माहौल रहा।
प्रथम दर्शी कृषि विशेषज्ञ ज्ञानचन्द्र तिवारी मोर के बचाव के लिए कुत्तों को भगाए,तब तक मोर की मृत्यु हो गई थी,फिर उन्होंने 112 पुलिस को फोन कर मौके की स्थिति की सूचना दी और ग्राम प्रधान और कोटेदार को भी इसकी सूचना दी,मौके पर पहुंचे उनुरखा गांव के कोटेदार श्याम नारायण तिवारी व ग्राम प्रधान अजय कुमार साथ ही कई और ग्रामीण एकत्रित हो गए मौजूद सभी ने आवारा कुत्तों के हमले पर चिंता जताई। ग्रामीणों के अनुसार,गांव के एक खेत में राष्ट्रीय पक्षी मोर घूम रहा था इसी दौरान वहां मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया,कुत्तों ने मोर को बुरी तरह से नोच डाला जिससे उसकी मौत हो गई।मौके पर बीवीगंज पुलिस चौकी UP 112 की टीम जितेंद्र कुमार व दीपक सिंह ने जांच पड़ताल कर थाना अखण्डनगर प्रभारी को सूचना दी,प्रभारी द्वारा हल्का इंचार्ज देवेन्द्र सिंह को तुरंत भेजा गया,जांच पड़ताल के बाद कृषि विशेषज्ञ ज्ञानचन्द्र तिवारी द्वारा राष्ट्रीय पक्षी मोर को कफ़न में प्रशासन की मौजूदगी में मिट्टी दी गई और इस प्रकार अंतिम संस्कार किया गया।
इस मौके पर कोटेदार उनुरखा श्याम नारायण तिवारी,ग्राम प्रधान उनुरखा अजय कुमार,वीरेंद्र प्रसाद तिवारी,संतोष तिवारी, प्रेमचंद तिवारी,अर्पित तिवारी,रामचेत मौर्या, रोहित शर्मा,रामप्रकाश समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे,सूत्रों के अनुसार यह घटना बीते मंगलवार की सुबह की बताई जा रही है।
सचिवालय कर्मियों की जीत: CUG नंबर बदलने का फैसला वापस

अब पुराने नंबर ही BSNL में होंगे पोर्ट, अवकाश के दिन कार्यालय खोलने का आदेश भी रद्द


लखनऊ। सचिवालय कर्मचारियों के विरोध के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग ने सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबर बदलने का फैसला वापस ले लिया है। अब कर्मचारियों के पिछले करीब 15 वर्षों से उपयोग में रहे मोबाइल नंबरों को बदलने के बजाय नई सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल में ही पोर्ट कराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया को लेकर सोमवार को मौजूदा सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन/आइडिया के अधिकारियों से सचिवालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वार्ता करेंगे।
गौरतलब है कि सचिवालय प्रशासन विभाग ने सभी शाखा अधिष्ठानों को शनिवार, अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर कर्मचारियों को नए सीयूजी नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि कर्मचारियों की आपत्तियों और विरोध के बीच विभाग ने शुक्रवार देर रात यह आदेश भी निरस्त कर दिया।
फैसला वापस होने के बाद सचिवालय कर्मियों में राहत की भावना देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना था कि वर्षों से उपयोग किए जा रहे नंबर बदलने से सरकारी कार्य, संपर्क व्यवस्था और व्यक्तिगत संचार प्रभावित हो सकता था।
लखनऊ कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 3 एसीपी, 3 इंस्पेक्टर और एक एसआई के तबादले

लखनऊ। राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश में तीन एसीपी, तीन इंस्पेक्टर और एक उपनिरीक्षक के तबादले किए गए हैं। हालिया घटनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तबादला सूची के अनुसार सौम्या पांडेय को एसीपी विभूतिखंड नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें पुलिस कमिश्नरेट की सोशल मीडिया सेल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

विनय द्विवेदी को एसीपी ट्रैफिक बनाया गया

वहीं विनय द्विवेदी को एसीपी ट्रैफिक बनाया गया है। इसी क्रम में सुशील यादव को एसीपी क्राइम के साथ-साथ साइबर क्राइम की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। थाना स्तर पर भी हुए बदलाव कमिश्नरेट प्रशासन ने थाना स्तर पर भी बदलाव किए हैं। विभूतिखंड के प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह उपेंद्र सिंह को नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा सुधीर कुमार अवस्थी को भी पुलिस लाइन संबद्ध किया गया है, जबकि गौरव बाजपेयी को गोमतीनगर विस्तार थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।

पुलिस प्रशासन लगातार कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहा

कानून-व्यवस्था को लेकर सक्रिय हुआ प्रशासन हाल के दिनों में राजधानी में हुई कुछ आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन लगातार कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। माना जा रहा है कि बेहतर पुलिसिंग, जवाबदेही तय करने और अपराध नियंत्रण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नई तैनातियों से पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा जनता की शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी।
31 मई 2026 की रात्रि में होगा माइक्रो ब्लू मून/ पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) का दीदार

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि रविवार, 31 मई 2026 की रात्रि को माइक्रो ब्लू मून का दीदार होगा,

क्या होता है माइक्रो ब्लू मून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद, तारों के शौकीन खगोल प्रेमियों के लिए अलविदा होती हुई मई 2026 एक और शानदार खगोलीय नज़ारे को देकर जा रही है तो आपको भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए क्योंकि इस बार दिखाई देगा शानदार खगोलीय ब्लू मून।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ब्लू मून (Blue Moon) किसी कैलेंडर माह में दिखाई देने वाली दूसरी पूर्णिमा (Full Moon) को कहा जाता है। क्योंकि इस वर्ष, मई महीने में पहली पूर्णिमा 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा के रूप में दिखाई दी थी और दूसरी पूर्णिमा जोकि ब्लू मून भी होगी वह 31 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा है यह 31 मई 2026 की दूसरी पूर्णिमा भी इसी मई माह में दिखाई दे रही है इसीली इसको ब्लू मून कहा जायेगा लेकिन इसका चंद्रमा के वास्तविक नीले रंग से कोई लेना-देना नहीं होता है, यह एक सामान्य पूर्णिमा की तरह ही दिखाई देती है, और शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद पूर्वी क्षितिज पर इसका दीदार सबसे खूबसूरत होगा, लेकिन 31 मई की शाम को जब चंद्रमा उदय होगा, तब तक तकनीकी रूप से पूर्णिमा की तिथि समाप्त हो चुकी होगी, (यह पंचांगीय तिथि के समाप्त होने की बात है, परंतु खगोलीय और दृश्यात्मक रूप से यह रात भर पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) के रूप में ही चमकेगा।) या कुछ यूं कहें कि मानवीय आँखों को यह तब भी पूरी तरह गोल और भव्य ही दिखाई देगा,इस बार के ब्लू मून की खास विशेषताएँ बताते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलविज्ञान के नजरिए से यह केवल एक साधारण "कैलेंडर ब्लू मून" (एक ही महीने में दो पूर्णिमा) नहीं है, बल्कि इसमें कुछ और भी दिलचस्प बिंदु शामिल हैं जैसे कि यह माइक्रो ब्लू मून (Micro Blue Moon) का चंद्रमा अपने अपोजी (Apogee पृथ्वी से सबसे दूर का बिंदु) के बेहद करीब होगा (लगभग 2,52,360 मील दूर)। इस वजह से यह आकार में आम पूर्णिमा के मुक़ाबले करीब 6 से 7% प्रतिशत छोटा और थोड़ा कम चमकदार भी दिखेगा, या कुछ यूं कहें कि यह किसी भी औसत पूर्णिमा से लगभग 5–7% छोटा और सुपरमून की तुलना में लगभग 12–14% छोटा होगा जिसे हम माइक्रो मून भी कहते हैं। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि साथ ही 31 मई 2026 की रात अंटारेस (Antares)  जोकि एक चमकीला तारा है उसके साथ चंद्रमा की युति 31 मई की रात को ही घटित होगी जब आप इसे देखेंगे, तो यह वृश्चिक राशि (Scorpius) के सबसे चमकीले लाल तारे अंटारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र) के बेहद करीब से गुजरता हुआ दिखाई देगा, एंटारेस (Antares), जिसे भारतीय खगोल विज्ञान में ज्येष्ठा तारा भी कहा जाता है, वृश्चिक तारामंडल (Scorpius constellation) का सबसे चमकीला तारा है ,यह रात्रि आकाश का 15वां सबसे चमकीला तारा है, नंगी आँखों से देखने पर यह लाल रंग का दिखाई देता है,जो दृश्यात्मक रूप से काफी सुंदर संयोजन बनाएगा।

कैसे बनता है ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि एक कैलेंडर माह में आमतौर पर केवल एक ही पूर्णिमा होती है। लेकिन, एक चंद्र चक्र का समय लगभग
29.5 दिन होता है। इस अंतर के कारण लगभग हर 2.5 से 3 साल में किसी एक महीने में दो पूर्णिमाएँ आ जाती हैं। ऐसी स्थिति में महीने की दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहते हैं। एवं पारंपरिक खगोलीय मौसम (ऋतु) में जब सामान्य से अधिक यानी 4 पूर्णिमाएँ होती हैं, तो उस मौसम की तीसरी पूर्णिमा को भी ब्लू मून माना जाता है।

क्या चांद सच में नीला होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद अपने सामान्य सुनहरे, पीले या सफेद रंग में ही दिखता है। हालाँकि, बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में (जैसे भीषण जंगलों की आग या ज्वालामुखी के विस्फोट के समय) आसमान में मौजूद धूल और धुएँ के कणों के कारण चाँद का रंग हल्का नीला जरूर दिखाई दे सकता है। साथ ही ब्लू मून की घटना कोई बहुत ही दुर्लभ खगोलीय घटना नहीं है। लेकिन इसका अंग्रेजी मुहावरा "once in a blue moon" अक्सर बहुत कम या कभी-कभार होने वाली घटनाओं को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्या होगा इसका चरम समय समय?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 में ब्लू मून की सबसे सटीक चरम अवस्था भारतीय समयानुसार 31 मई 2026 को दोपहर 2:15 (IST) बजे होगी। उस दौरान भारत में दिन का समय होगा जोकि एक समय विशेष पर ही घटित होती है,लेकिन साधारण आंखों से पूर्णिमा को देखने पर आप लगभग एक दिन पहले और एक दिन बाद में भी अपने गोल स्वरूप में ही देख सकते हैं, इसीलिए ब्लू मून को देखने के लिए आपको भारत के हिसाब से 31 मई 2026 की रात्रि का समय ही सबसे उपयुक्त होगा।

कैसे और किस दिशा में देखें?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसे देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं है इसे आप अपनी नग्न आंखों( साधारण आँखों) से देख सकते हैं शाम होते ही यह दिखाई देना शुरू हो जायेगा और पूरी रात खूबसूरत दिखाई देगा और खूबसूरत देखने और पूर्ण चंद्रोदय (Moonrise) का अद्भुत नज़ारा लेने का सबसे उत्तम समय 31 मई की शाम को सूर्यास्त के बाद का होगा। और भी अधिक सर्वोत्तम समय, शाम 06:30 बजे से रात 08:45 बजे के बीच होगा अगर दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि यह पूरे भारत में दिखाई देगा। आसमान साफ होने पर इसे बिना किसी दूरबीन के आसानी से देखा जा सकता है और माइक्रो मून (Micromoon)/ ब्लू मून होने के साथ-साथ इस साल का  छोटा और सबसे दूर स्थित पूर्ण चंद्रमा भी है, जो सामान्य से थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देगा और इस घटना का नाम तो 'ब्लू मून' है, लेकिन इसका रंग सामान्य सफेद या हल्का नारंगी (चंद्रोदय के समय) ही रहेगा।

किस तारामण्डल में दिखाई देगा माइक्रो ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उस सटीक समय पर चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 406,135.2 किलोमीटर (252,361.3 मील) दूर होगा तथा भारत से देखने पर यह वृश्चिक (Scorpius) तारामंडल में दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा की चमक का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.52 के क़रीब होगा। जोकि पूरब और दक्षिणी आकाश में नज़र आयेगा।

क्या होता है माइक्रोमून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 की रात्रि की यह पूर्णिमा “माइक्रोमून” होगी। और यह घटना तब होती है जब पूर्ण चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी वाले बिंदु, अर्थात “अपोजी” (Apogee), के निकट होता है। इसके परिणामस्वरूप चंद्रमा आकाश में सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई देता है। उस समय इसका प्रत्यक्ष आकार लगभग 0.49° होगा।

क्या होता है पूर्णिमा का खगोलविज्ञान ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्ण चंद्रमा तब होता है जब पृथ्वी की ओर वाला चंद्रमा का भाग सूर्य के प्रकाश से लगभग 100% प्रकाशित दिखाई देता है। और यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी लगभग सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। अर्थात, चंद्रमा पृथ्वी के उस पार होता है जो सूर्य के विपरीत दिशा में होता है। एवं आकाश में चंद्रमा की गति सूर्य के सापेक्ष इस ज्यामितीय स्थिति (जिसे “Opposition” भी कहा जाता है) के कारण पूर्ण चंद्रमा सामान्यतः सूर्यास्त के समय उदित होता है, और आधी रात के आसपास आकाश में अपनी सबसे अधिक ऊँचाई पर पहुँचता है और सूर्योदय के समय अस्त होता है।
साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि पूर्णिमा की एक और रोचक विशेषता यह है कि 24 घंटों के दौरान आकाश में उसकी गति लगभग सूर्य के विपरीत ऋतु वाले मार्ग का अनुसरण करती है। अर्थात:
सर्दियों में पूर्णिमा आकाश में अधिक ऊँचाई तक पहुँचती है, जैसे गर्मियों में सूर्य पहुँचता है।
वहीं गर्मियों में पूर्णिमा अपेक्षाकृत नीचे दिखाई देती है।
इसी कारण सर्दियों की पूर्णिमाएँ आकाश में अधिक ऊँची और चमकीली प्रतीत होती हैं।

दो पूर्णिमाओं के बीच का अंतराल कितना होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दो पूर्ण चंद्रमाओं के बीच का औसत अंतराल लगभग 29.53 दिन होता है, अर्थात 29 दिन, 12 घंटे और 43 मिनट। इस समय अवधि को खगोलविज्ञान की भाषा में “सिनोडिक महीना” (Synodic Month) या “ल्यूनेशन” (Lunation) कहा जाता है। हालाँकि यह एक औसत मान है; वास्तविक अंतराल कुछ घंटों तक कम या अधिक हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि चंद्रमा की पृथ्वी के चारों ओर की कक्षा पूर्णतः वृत्ताकार नहीं होती, बल्कि यह अंडाकार या ओवल या दीर्घवृत्ताकार होती है,तथा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा भी दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) होती है।

प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण क्यों नहीं होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं होता है क्योंकि चन्द्रमा की कक्षा,पृथ्वी के सापेक्ष 5 डिग्री झुकी हुई होती है या कुछ यूं कहें कि चंद्रमा की कक्षा, पृथ्वी की कक्षा के तल से लगभग 5° झुकी हुई है, इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर ग्रहण नहीं बनता।यह कभी-कभी पूर्णिमा के समय ही चंद्रमा ,पृथ्वी की अंतरिक्ष में पड़ने वाली छाया से होकर गुजरता है। ऐसी स्थिति में “चंद्र ग्रहण” (Lunar Eclipse) घटित होता है,लेकिन हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं होता, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा की तुलना में थोड़ी झुकी हुई होती है। इसी कारण अधिकांश समय पूर्ण चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है और ग्रहण नहीं बनता।
             
माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
गढ़वा मे अवैध बालू खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 50 से 60 ट्रैक्टर बालू जब्त - जिला खनन पदाधिकारी।

गढ़वा :- गढ़वा जिले के बंशीधर नगर अनुमंडल के धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन और डंपिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा एवं जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।वहीं इस कार्रवाई में अंबाखोरेया इलाके में अवैध रूप से डंप कर रखे गए भारी मात्रा में बालू को जब्त किया गया। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

वहीं जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि धुरकी क्षेत्र में कनहर नदी से अवैध रूप से बालू का खनन कर बड़े पैमाने पर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ प्रभाकर मिर्धा एवं डीएमओ राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर गुप्त रूप से अंबाखोरेया क्षेत्र में छापेमारी किया ।

वहीं छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप किया गया बालू क़ो पाया गया । प्रशासन के अनुसार लगभग 50 से 60 ट्रैक्टर बालू को जब्त किया गया है। अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन एवं खनिज संसाधनों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अवैध खनन से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनहर नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं और प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2026: ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान से जुड़ा अयोध्या व्यापार मंडल
* स्वच्छ अयोध्या–सुंदर अयोध्या बनाने का लिया संकल्प, व्यापारियों ने निभाई सक्रिय भागीदारी
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अयोध्या। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान में आज अयोध्या व्यापार मंडल ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभियान का मुख्य उद्देश्य अयोध्या को स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों की श्रेणी में शामिल करना है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने आमजन से “स्वच्छ अयोध्या, सुंदर अयोध्या” के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही अयोध्या को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान दिलाया जा सकता है।
अभियान में व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज गुप्ता, महामंत्री एवं पूर्व पार्षद नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, सोनू अग्रहरी, सुरेंद्र सिंह, राहुल, गुड्डू सोनी सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।

उनुरखा में आवारा कुत्तों के हमले से राष्ट्रीय पक्षी मोर की हुई मौत*
सुल्तानपुर/अखण्ड नगर जनपद सुल्तानपुर के कादीपुर तहसील के अखण्ड नगर विकास खण्ड के उनुरखा गांव में आवारा कुत्तों के हमले से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दुख का माहौल रहा।
प्रथम दर्शी कृषि विशेषज्ञ ज्ञानचन्द्र तिवारी मोर के बचाव के लिए कुत्तों को भगाए,तब तक मोर की मृत्यु हो गई थी,फिर उन्होंने 112 पुलिस को फोन कर मौके की स्थिति की सूचना दी और ग्राम प्रधान और कोटेदार को भी इसकी सूचना दी,मौके पर पहुंचे उनुरखा गांव के कोटेदार श्याम नारायण तिवारी व ग्राम प्रधान अजय कुमार साथ ही कई और ग्रामीण एकत्रित हो गए मौजूद सभी ने आवारा कुत्तों के हमले पर चिंता जताई। ग्रामीणों के अनुसार,गांव के एक खेत में राष्ट्रीय पक्षी मोर घूम रहा था इसी दौरान वहां मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया,कुत्तों ने मोर को बुरी तरह से नोच डाला जिससे उसकी मौत हो गई।मौके पर बीवीगंज पुलिस चौकी UP 112 की टीम जितेंद्र कुमार व दीपक सिंह ने जांच पड़ताल कर थाना अखण्डनगर प्रभारी को सूचना दी,प्रभारी द्वारा हल्का इंचार्ज देवेन्द्र सिंह को तुरंत भेजा गया,जांच पड़ताल के बाद कृषि विशेषज्ञ ज्ञानचन्द्र तिवारी द्वारा राष्ट्रीय पक्षी मोर को कफ़न में प्रशासन की मौजूदगी में मिट्टी दी गई और इस प्रकार अंतिम संस्कार किया गया।
इस मौके पर कोटेदार उनुरखा श्याम नारायण तिवारी,ग्राम प्रधान उनुरखा अजय कुमार,वीरेंद्र प्रसाद तिवारी,संतोष तिवारी, प्रेमचंद तिवारी,अर्पित तिवारी,रामचेत मौर्या, रोहित शर्मा,रामप्रकाश समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे,सूत्रों के अनुसार यह घटना बीते मंगलवार की सुबह की बताई जा रही है।
सचिवालय कर्मियों की जीत: CUG नंबर बदलने का फैसला वापस

अब पुराने नंबर ही BSNL में होंगे पोर्ट, अवकाश के दिन कार्यालय खोलने का आदेश भी रद्द


लखनऊ। सचिवालय कर्मचारियों के विरोध के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग ने सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबर बदलने का फैसला वापस ले लिया है। अब कर्मचारियों के पिछले करीब 15 वर्षों से उपयोग में रहे मोबाइल नंबरों को बदलने के बजाय नई सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल में ही पोर्ट कराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया को लेकर सोमवार को मौजूदा सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन/आइडिया के अधिकारियों से सचिवालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वार्ता करेंगे।
गौरतलब है कि सचिवालय प्रशासन विभाग ने सभी शाखा अधिष्ठानों को शनिवार, अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर कर्मचारियों को नए सीयूजी नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि कर्मचारियों की आपत्तियों और विरोध के बीच विभाग ने शुक्रवार देर रात यह आदेश भी निरस्त कर दिया।
फैसला वापस होने के बाद सचिवालय कर्मियों में राहत की भावना देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना था कि वर्षों से उपयोग किए जा रहे नंबर बदलने से सरकारी कार्य, संपर्क व्यवस्था और व्यक्तिगत संचार प्रभावित हो सकता था।
लखनऊ कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 3 एसीपी, 3 इंस्पेक्टर और एक एसआई के तबादले

लखनऊ। राजधानी में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश में तीन एसीपी, तीन इंस्पेक्टर और एक उपनिरीक्षक के तबादले किए गए हैं। हालिया घटनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तबादला सूची के अनुसार सौम्या पांडेय को एसीपी विभूतिखंड नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें पुलिस कमिश्नरेट की सोशल मीडिया सेल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

विनय द्विवेदी को एसीपी ट्रैफिक बनाया गया

वहीं विनय द्विवेदी को एसीपी ट्रैफिक बनाया गया है। इसी क्रम में सुशील यादव को एसीपी क्राइम के साथ-साथ साइबर क्राइम की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। थाना स्तर पर भी हुए बदलाव कमिश्नरेट प्रशासन ने थाना स्तर पर भी बदलाव किए हैं। विभूतिखंड के प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह को हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह उपेंद्र सिंह को नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा सुधीर कुमार अवस्थी को भी पुलिस लाइन संबद्ध किया गया है, जबकि गौरव बाजपेयी को गोमतीनगर विस्तार थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।

पुलिस प्रशासन लगातार कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहा

कानून-व्यवस्था को लेकर सक्रिय हुआ प्रशासन हाल के दिनों में राजधानी में हुई कुछ आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन लगातार कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। माना जा रहा है कि बेहतर पुलिसिंग, जवाबदेही तय करने और अपराध नियंत्रण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नई तैनातियों से पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा जनता की शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी।
31 मई 2026 की रात्रि में होगा माइक्रो ब्लू मून/ पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) का दीदार

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि रविवार, 31 मई 2026 की रात्रि को माइक्रो ब्लू मून का दीदार होगा,

क्या होता है माइक्रो ब्लू मून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद, तारों के शौकीन खगोल प्रेमियों के लिए अलविदा होती हुई मई 2026 एक और शानदार खगोलीय नज़ारे को देकर जा रही है तो आपको भरपूर लुत्फ़ उठाने के लिए तैयार हो जाना चाहिए क्योंकि इस बार दिखाई देगा शानदार खगोलीय ब्लू मून।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ब्लू मून (Blue Moon) किसी कैलेंडर माह में दिखाई देने वाली दूसरी पूर्णिमा (Full Moon) को कहा जाता है। क्योंकि इस वर्ष, मई महीने में पहली पूर्णिमा 1 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा के रूप में दिखाई दी थी और दूसरी पूर्णिमा जोकि ब्लू मून भी होगी वह 31 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पूर्णिमा है यह 31 मई 2026 की दूसरी पूर्णिमा भी इसी मई माह में दिखाई दे रही है इसीली इसको ब्लू मून कहा जायेगा लेकिन इसका चंद्रमा के वास्तविक नीले रंग से कोई लेना-देना नहीं होता है, यह एक सामान्य पूर्णिमा की तरह ही दिखाई देती है, और शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद पूर्वी क्षितिज पर इसका दीदार सबसे खूबसूरत होगा, लेकिन 31 मई की शाम को जब चंद्रमा उदय होगा, तब तक तकनीकी रूप से पूर्णिमा की तिथि समाप्त हो चुकी होगी, (यह पंचांगीय तिथि के समाप्त होने की बात है, परंतु खगोलीय और दृश्यात्मक रूप से यह रात भर पूर्ण चंद्रमा (Full Moon) के रूप में ही चमकेगा।) या कुछ यूं कहें कि मानवीय आँखों को यह तब भी पूरी तरह गोल और भव्य ही दिखाई देगा,इस बार के ब्लू मून की खास विशेषताएँ बताते हुए खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलविज्ञान के नजरिए से यह केवल एक साधारण "कैलेंडर ब्लू मून" (एक ही महीने में दो पूर्णिमा) नहीं है, बल्कि इसमें कुछ और भी दिलचस्प बिंदु शामिल हैं जैसे कि यह माइक्रो ब्लू मून (Micro Blue Moon) का चंद्रमा अपने अपोजी (Apogee पृथ्वी से सबसे दूर का बिंदु) के बेहद करीब होगा (लगभग 2,52,360 मील दूर)। इस वजह से यह आकार में आम पूर्णिमा के मुक़ाबले करीब 6 से 7% प्रतिशत छोटा और थोड़ा कम चमकदार भी दिखेगा, या कुछ यूं कहें कि यह किसी भी औसत पूर्णिमा से लगभग 5–7% छोटा और सुपरमून की तुलना में लगभग 12–14% छोटा होगा जिसे हम माइक्रो मून भी कहते हैं। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि साथ ही 31 मई 2026 की रात अंटारेस (Antares)  जोकि एक चमकीला तारा है उसके साथ चंद्रमा की युति 31 मई की रात को ही घटित होगी जब आप इसे देखेंगे, तो यह वृश्चिक राशि (Scorpius) के सबसे चमकीले लाल तारे अंटारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र) के बेहद करीब से गुजरता हुआ दिखाई देगा, एंटारेस (Antares), जिसे भारतीय खगोल विज्ञान में ज्येष्ठा तारा भी कहा जाता है, वृश्चिक तारामंडल (Scorpius constellation) का सबसे चमकीला तारा है ,यह रात्रि आकाश का 15वां सबसे चमकीला तारा है, नंगी आँखों से देखने पर यह लाल रंग का दिखाई देता है,जो दृश्यात्मक रूप से काफी सुंदर संयोजन बनाएगा।

कैसे बनता है ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि एक कैलेंडर माह में आमतौर पर केवल एक ही पूर्णिमा होती है। लेकिन, एक चंद्र चक्र का समय लगभग
29.5 दिन होता है। इस अंतर के कारण लगभग हर 2.5 से 3 साल में किसी एक महीने में दो पूर्णिमाएँ आ जाती हैं। ऐसी स्थिति में महीने की दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहते हैं। एवं पारंपरिक खगोलीय मौसम (ऋतु) में जब सामान्य से अधिक यानी 4 पूर्णिमाएँ होती हैं, तो उस मौसम की तीसरी पूर्णिमा को भी ब्लू मून माना जाता है।

क्या चांद सच में नीला होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चांद अपने सामान्य सुनहरे, पीले या सफेद रंग में ही दिखता है। हालाँकि, बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में (जैसे भीषण जंगलों की आग या ज्वालामुखी के विस्फोट के समय) आसमान में मौजूद धूल और धुएँ के कणों के कारण चाँद का रंग हल्का नीला जरूर दिखाई दे सकता है। साथ ही ब्लू मून की घटना कोई बहुत ही दुर्लभ खगोलीय घटना नहीं है। लेकिन इसका अंग्रेजी मुहावरा "once in a blue moon" अक्सर बहुत कम या कभी-कभार होने वाली घटनाओं को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्या होगा इसका चरम समय समय?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 में ब्लू मून की सबसे सटीक चरम अवस्था भारतीय समयानुसार 31 मई 2026 को दोपहर 2:15 (IST) बजे होगी। उस दौरान भारत में दिन का समय होगा जोकि एक समय विशेष पर ही घटित होती है,लेकिन साधारण आंखों से पूर्णिमा को देखने पर आप लगभग एक दिन पहले और एक दिन बाद में भी अपने गोल स्वरूप में ही देख सकते हैं, इसीलिए ब्लू मून को देखने के लिए आपको भारत के हिसाब से 31 मई 2026 की रात्रि का समय ही सबसे उपयुक्त होगा।

कैसे और किस दिशा में देखें?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसे देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं है इसे आप अपनी नग्न आंखों( साधारण आँखों) से देख सकते हैं शाम होते ही यह दिखाई देना शुरू हो जायेगा और पूरी रात खूबसूरत दिखाई देगा और खूबसूरत देखने और पूर्ण चंद्रोदय (Moonrise) का अद्भुत नज़ारा लेने का सबसे उत्तम समय 31 मई की शाम को सूर्यास्त के बाद का होगा। और भी अधिक सर्वोत्तम समय, शाम 06:30 बजे से रात 08:45 बजे के बीच होगा अगर दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि यह पूरे भारत में दिखाई देगा। आसमान साफ होने पर इसे बिना किसी दूरबीन के आसानी से देखा जा सकता है और माइक्रो मून (Micromoon)/ ब्लू मून होने के साथ-साथ इस साल का  छोटा और सबसे दूर स्थित पूर्ण चंद्रमा भी है, जो सामान्य से थोड़ा छोटा और कम चमकीला दिखाई देगा और इस घटना का नाम तो 'ब्लू मून' है, लेकिन इसका रंग सामान्य सफेद या हल्का नारंगी (चंद्रोदय के समय) ही रहेगा।

किस तारामण्डल में दिखाई देगा माइक्रो ब्लू मून ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उस सटीक समय पर चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 406,135.2 किलोमीटर (252,361.3 मील) दूर होगा तथा भारत से देखने पर यह वृश्चिक (Scorpius) तारामंडल में दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा की चमक का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.52 के क़रीब होगा। जोकि पूरब और दक्षिणी आकाश में नज़र आयेगा।

क्या होता है माइक्रोमून?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 31 मई 2026 की रात्रि की यह पूर्णिमा “माइक्रोमून” होगी। और यह घटना तब होती है जब पूर्ण चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी वाले बिंदु, अर्थात “अपोजी” (Apogee), के निकट होता है। इसके परिणामस्वरूप चंद्रमा आकाश में सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई देता है। उस समय इसका प्रत्यक्ष आकार लगभग 0.49° होगा।

क्या होता है पूर्णिमा का खगोलविज्ञान ?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्ण चंद्रमा तब होता है जब पृथ्वी की ओर वाला चंद्रमा का भाग सूर्य के प्रकाश से लगभग 100% प्रकाशित दिखाई देता है। और यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी लगभग सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। अर्थात, चंद्रमा पृथ्वी के उस पार होता है जो सूर्य के विपरीत दिशा में होता है। एवं आकाश में चंद्रमा की गति सूर्य के सापेक्ष इस ज्यामितीय स्थिति (जिसे “Opposition” भी कहा जाता है) के कारण पूर्ण चंद्रमा सामान्यतः सूर्यास्त के समय उदित होता है, और आधी रात के आसपास आकाश में अपनी सबसे अधिक ऊँचाई पर पहुँचता है और सूर्योदय के समय अस्त होता है।
साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि पूर्णिमा की एक और रोचक विशेषता यह है कि 24 घंटों के दौरान आकाश में उसकी गति लगभग सूर्य के विपरीत ऋतु वाले मार्ग का अनुसरण करती है। अर्थात:
सर्दियों में पूर्णिमा आकाश में अधिक ऊँचाई तक पहुँचती है, जैसे गर्मियों में सूर्य पहुँचता है।
वहीं गर्मियों में पूर्णिमा अपेक्षाकृत नीचे दिखाई देती है।
इसी कारण सर्दियों की पूर्णिमाएँ आकाश में अधिक ऊँची और चमकीली प्रतीत होती हैं।

दो पूर्णिमाओं के बीच का अंतराल कितना होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि दो पूर्ण चंद्रमाओं के बीच का औसत अंतराल लगभग 29.53 दिन होता है, अर्थात 29 दिन, 12 घंटे और 43 मिनट। इस समय अवधि को खगोलविज्ञान की भाषा में “सिनोडिक महीना” (Synodic Month) या “ल्यूनेशन” (Lunation) कहा जाता है। हालाँकि यह एक औसत मान है; वास्तविक अंतराल कुछ घंटों तक कम या अधिक हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि चंद्रमा की पृथ्वी के चारों ओर की कक्षा पूर्णतः वृत्ताकार नहीं होती, बल्कि यह अंडाकार या ओवल या दीर्घवृत्ताकार होती है,तथा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा भी दीर्घवृत्ताकार (Elliptical) होती है।

प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण क्यों नहीं होता है?।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण नहीं होता है क्योंकि चन्द्रमा की कक्षा,पृथ्वी के सापेक्ष 5 डिग्री झुकी हुई होती है या कुछ यूं कहें कि चंद्रमा की कक्षा, पृथ्वी की कक्षा के तल से लगभग 5° झुकी हुई है, इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर ग्रहण नहीं बनता।यह कभी-कभी पूर्णिमा के समय ही चंद्रमा ,पृथ्वी की अंतरिक्ष में पड़ने वाली छाया से होकर गुजरता है। ऐसी स्थिति में “चंद्र ग्रहण” (Lunar Eclipse) घटित होता है,लेकिन हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं होता, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा की तुलना में थोड़ी झुकी हुई होती है। इसी कारण अधिकांश समय पूर्ण चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है और ग्रहण नहीं बनता।
             
माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
गढ़वा मे अवैध बालू खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 50 से 60 ट्रैक्टर बालू जब्त - जिला खनन पदाधिकारी।

गढ़वा :- गढ़वा जिले के बंशीधर नगर अनुमंडल के धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन और डंपिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा एवं जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।वहीं इस कार्रवाई में अंबाखोरेया इलाके में अवैध रूप से डंप कर रखे गए भारी मात्रा में बालू को जब्त किया गया। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

वहीं जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि धुरकी क्षेत्र में कनहर नदी से अवैध रूप से बालू का खनन कर बड़े पैमाने पर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ प्रभाकर मिर्धा एवं डीएमओ राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर गुप्त रूप से अंबाखोरेया क्षेत्र में छापेमारी किया ।

वहीं छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप किया गया बालू क़ो पाया गया । प्रशासन के अनुसार लगभग 50 से 60 ट्रैक्टर बालू को जब्त किया गया है। अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन एवं खनिज संसाधनों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अवैध खनन से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनहर नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं और प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2026: ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान से जुड़ा अयोध्या व्यापार मंडल
* स्वच्छ अयोध्या–सुंदर अयोध्या बनाने का लिया संकल्प, व्यापारियों ने निभाई सक्रिय भागीदारी
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अयोध्या। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘गंदगी पर प्रहार’ अभियान में आज अयोध्या व्यापार मंडल ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभियान का मुख्य उद्देश्य अयोध्या को स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों की श्रेणी में शामिल करना है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने आमजन से “स्वच्छ अयोध्या, सुंदर अयोध्या” के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सभी के सामूहिक प्रयासों से ही अयोध्या को देश के सबसे स्वच्छ शहरों में स्थान दिलाया जा सकता है।
अभियान में व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज गुप्ता, महामंत्री एवं पूर्व पार्षद नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, सोनू अग्रहरी, सुरेंद्र सिंह, राहुल, गुड्डू सोनी सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
रिटायर्ड IAS ने अस्पताल पर लगाया बंधक बनाने का आरोप, पुलिस जांच शुरू

पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा का दावा— डिस्चार्ज में देरी, बाहर निकलने की कोशिश पर फिर भर्ती किया गया; 112 पर कॉल के बाद मामला खुला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश IAS एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और 1978 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी किशोर कुमार सिन्हा ने राजधानी के एक निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व अधिकारी का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें तय समय पर डिस्चार्ज नहीं किया गया और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध रोके रखा।

जानकारी के अनुसार, पूर्व IAS किशोर कुमार सिन्हा हाल ही में इलाज के लिए नोवा हॉस्पिटल में भर्ती हुए थे। उनका आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश करने पर डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दोबारा पकड़कर अस्पताल में भर्ती कर दिया।बताया जा रहा है कि स्थिति से परेशान होकर उन्होंने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल किया, जिसके बाद उन्हें राहत मिली।

किशोर कुमार सिन्हा प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। वह स्टेट विजिलेंस कमीशन एवं ट्रिब्यूनल के अध्यक्षरेवेन्यू बोर्ड के सदस्य और प्रमुख सचिव राजस्व जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।