तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक, उमंग सिंघार तय करेंगे सरकार घेरने की रणनीति

भोपाल। 27 अप्रैल को आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक 27 अप्रैल को सुबह 9 बजे भोपाल स्थित उनके आवास पर आयोजित होगी।

बैठक में कांग्रेस विधायक दल महिला आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेगा। विशेष रूप से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को संशोधन के बहाने लंबित रखने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र महिला सशक्तीकरण के विषय पर केंद्रित है, लेकिन भाजपा सरकार संविधान-विरोधी कदम उठाकर महिला आरक्षण को रोकने का प्रयास कर रही है, जिसका कांग्रेस मजबूती से विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार मौजूदा 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू करती है, तो कांग्रेस उसका समर्थन करने के लिए तैयार है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस महिलाओं का उपयोग केवल सत्ता प्राप्ति के साधन के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल और पूरी पार्टी सदन में भाजपा के दावों को बेनकाब करेगी। 

विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर लखनऊ में भव्य अधिवेशन व सम्मान समारोह का आयोजन

  • मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- पशु चिकित्सक खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक

लखनऊ। “विश्व पशुचिकित्सा दिवस” के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ द्वारा भव्य अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुधन विकास, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशु चिकित्सक केवल पशुओं के उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि पशुधन, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पशुचिकित्सा दिवस पूरी दुनिया में पशु चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और योगदान के सम्मान में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “Veterinarians: Guardians of Food and Health” बेहद प्रासंगिक है। यह बताती है कि पशु चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षित दुग्ध उत्पादन, पोषण, खाद्य श्रृंखला की मजबूती और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ी है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि यदि पशुधन स्वस्थ और उत्पादक रहेगा तो किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों, पैरावेट कर्मियों और विभागीय अधिकारियों से सेवा भावना, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि गौसंरक्षण, पशुधन संवर्धन और ग्रामीण समृद्धि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पशु चिकित्सा अधिकारियों का अमूल्य योगदान है। वहीं, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने आयोजन की सराहना करते हुए विभाग और संघ के बीच बेहतर समन्वय से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेंद्र, बड़ी संख्या में पशु चिकित्सक, विभागीय अधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने किया।

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं की जान से किया जा रहा खिलवाड़, प्रशासन बना मूकदर्शक

  • कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च शिक्षा मंत्री और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेगी एनएसयूआई
  • 300 से ज्यादा छात्र छात्राएं दूषित पानी और खाने की वजह से हुई बीमार जिसका जिम्मेदारी वीआईटी प्रशासन- एनएसयूआई

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं ने एक बार फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में दूषित पानी एवं भोजन के कारण लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, वहीं दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय में दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो चुकी है तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार पड़े थे। उस घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। लेकिन इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से वीआईटी विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, लापरवाही और छात्रों की जान से खिलवाड़ जैसे मामलों को लेकर शासन-प्रशासन को लगातार अवगत कराता रहा है। एनएसयूआई द्वारा इस संबंध में मानव अधिकार आयोग को भी विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिस पर आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एवं यूजीसी चेयरमैन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

रवि परमार ने बताया कि मानव अधिकार आयोग ने दो सप्ताह में जवाब मांगा था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक उदासीनता और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह भी संदेह उत्पन्न होता है कि शिक्षा माफियाओं के दबाव में मामले को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही वीआईटी विश्वविद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, दोषियों पर सख्त दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार एवं निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और किसी भी स्थिति में छात्रों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

भोपाल में 28 अप्रैल को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा, सीएम मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

भोपाल। राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर भव्य शौर्य यात्रा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोग शामिल होंगे।

पूर्व विधायक जालम सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन के माध्यम से सरकार के सामने यह मांग रखी जाएगी कि नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी की जीवनगाथा को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। साथ ही वर्ष 1842 की क्रांति में उनके योगदान पर शोध कार्य कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके शौर्य, पराक्रम और बलिदान से परिचित हो सके।

उन्होंने कहा कि हिरदेशाह लोधी का इतिहास समाज और प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की मांग है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
हजारीबाग में IG स्तर की बड़ी बैठक, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था पर सख्त निर्देश

पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग में उत्तरी छोटा नागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक श्री शैलेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बोकारो जोन के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए, जहां जिले में अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था की समीक्षा की गई।

बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में पुलिस उप-महानिरीक्षक ऊ0छो0 क्षेत्र हजारीबाग श्री अंजनी कुमार झा, पुलिस अधीक्षक हजारीबाग श्री अमन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद श्री प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक बोकारो श्री नाथू सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक गिरिडीह डॉक्टर विमल कुमार, पुलिस अधीक्षक रामगढ़ श्री मुकेश लुनायत, पुलिस अधीक्षक चतरा श्री अनिमेष नैथानी, पुलिस अधीक्षक कोडरमा श्री कुमार शिवाशीष, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय हजारीबाग श्री अमित कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर हजारीबाग श्री अमित आनंद शामिल रहे।

बैठक में अपराध नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए। विगत 6 माह में घटित सभी महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। विशेष रूप से महिला अपराध से जुड़े लंबित मामलों को 60 दिनों के भीतर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।

नक्सल से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन करने, जमानती और गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को तेज करने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही, जिले में प्रतिदिन एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

स्कूल और कॉलेज के आसपास संचालित दुकानों में ड्रग्स के खिलाफ छापेमारी करने तथा नशे के कारोबार में शामिल गिरोहों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। ऐसे गिरोहों पर CCA के तहत कार्रवाई करने की बात कही गई।

सोशल मीडिया की सतत मॉनिटरिंग करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा संगठित अपराध, अवैध खनन और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ CCA एवं NSA के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया, ताकि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

*साइबर ठगी के ₹74,997 वापस: भदोही पुलिस ने पीड़ित के खाते में लौटाई धनराशि*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते से धोखाधड़ी से निकाली गई ₹74,997 की धनराशि वापस कराई है। पीड़ित कुलदीप कुमार राजभर को उनकी रकम वापस मिलने पर उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर हेल्प डेस्क थाना चौरी और थाना प्रभारी चौरी को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यह निर्देश धोखाधड़ी या सोशल साइट के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर लागू होते हैं। इसी क्रम में, चौरी थाना क्षेत्र के आहोपुर निवासी कुलदीप कुमार राजभर के साथ ₹74,997 की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई थी। उन्होंने इस संबंध में एक ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर हेल्प डेस्क थाना चौरी ने शिकायत और NCRP पोर्टल का अवलोकन कर तत्काल कार्रवाई की। साइबर हेल्प डेस्क ने माननीय न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित के खाते में ₹74,997 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी।

अपनी खोई हुई धनराशि वापस पाकर पीड़ित ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर हेल्प डेस्क थाना चौरी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रामसरीख गौतम, व0उ0नि0 रामनयन यादव और म0आ0 सलमा सिंह शामिल थे।

हजारीबाग में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 53 ठिकानों पर छापेमारी, हजारों लीटर जावा महुआ नष्ट

हजारीबाग पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए जिलेभर में सख्त कार्रवाई की है। दिनांक 24/25-04-26 की रात सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 53 स्थानों पर कार्रवाई की गई।

इस अभियान के तहत जिले के सभी थाना प्रभारियों की मौजूदगी में कुल 36 टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में 166 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर अवैध शराब के ठिकानों को निशाना बनाया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 8435 लीटर जावा महुआ को नष्ट किया, वहीं 80 लीटर देशी शराब बरामद की गई। इस कार्रवाई के बाद जिले के विभिन्न थानों में 14 सन्हा दर्ज किए गए हैं, जबकि 01 मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके इलाके में कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या कारोबार हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
विशेष सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक, उमंग सिंघार तय करेंगे सरकार घेरने की रणनीति

भोपाल। 27 अप्रैल को आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक 27 अप्रैल को सुबह 9 बजे भोपाल स्थित उनके आवास पर आयोजित होगी।

बैठक में कांग्रेस विधायक दल महिला आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेगा। विशेष रूप से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को संशोधन के बहाने लंबित रखने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र महिला सशक्तीकरण के विषय पर केंद्रित है, लेकिन भाजपा सरकार संविधान-विरोधी कदम उठाकर महिला आरक्षण को रोकने का प्रयास कर रही है, जिसका कांग्रेस मजबूती से विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार मौजूदा 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू करती है, तो कांग्रेस उसका समर्थन करने के लिए तैयार है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस महिलाओं का उपयोग केवल सत्ता प्राप्ति के साधन के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल और पूरी पार्टी सदन में भाजपा के दावों को बेनकाब करेगी। 

विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर लखनऊ में भव्य अधिवेशन व सम्मान समारोह का आयोजन

  • मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- पशु चिकित्सक खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक

लखनऊ। “विश्व पशुचिकित्सा दिवस” के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ द्वारा भव्य अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुधन विकास, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशु चिकित्सक केवल पशुओं के उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि पशुधन, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पशुचिकित्सा दिवस पूरी दुनिया में पशु चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और योगदान के सम्मान में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “Veterinarians: Guardians of Food and Health” बेहद प्रासंगिक है। यह बताती है कि पशु चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षित दुग्ध उत्पादन, पोषण, खाद्य श्रृंखला की मजबूती और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ी है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि यदि पशुधन स्वस्थ और उत्पादक रहेगा तो किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों, पैरावेट कर्मियों और विभागीय अधिकारियों से सेवा भावना, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि गौसंरक्षण, पशुधन संवर्धन और ग्रामीण समृद्धि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पशु चिकित्सा अधिकारियों का अमूल्य योगदान है। वहीं, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने आयोजन की सराहना करते हुए विभाग और संघ के बीच बेहतर समन्वय से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेंद्र, बड़ी संख्या में पशु चिकित्सक, विभागीय अधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने किया।

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं की जान से किया जा रहा खिलवाड़, प्रशासन बना मूकदर्शक

  • कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च शिक्षा मंत्री और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेगी एनएसयूआई
  • 300 से ज्यादा छात्र छात्राएं दूषित पानी और खाने की वजह से हुई बीमार जिसका जिम्मेदारी वीआईटी प्रशासन- एनएसयूआई

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं ने एक बार फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में दूषित पानी एवं भोजन के कारण लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, वहीं दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय में दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो चुकी है तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार पड़े थे। उस घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। लेकिन इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से वीआईटी विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, लापरवाही और छात्रों की जान से खिलवाड़ जैसे मामलों को लेकर शासन-प्रशासन को लगातार अवगत कराता रहा है। एनएसयूआई द्वारा इस संबंध में मानव अधिकार आयोग को भी विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिस पर आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एवं यूजीसी चेयरमैन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

रवि परमार ने बताया कि मानव अधिकार आयोग ने दो सप्ताह में जवाब मांगा था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक उदासीनता और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह भी संदेह उत्पन्न होता है कि शिक्षा माफियाओं के दबाव में मामले को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही वीआईटी विश्वविद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, दोषियों पर सख्त दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार एवं निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और किसी भी स्थिति में छात्रों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

भोपाल में 28 अप्रैल को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा, सीएम मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

भोपाल। राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर भव्य शौर्य यात्रा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोग शामिल होंगे।

पूर्व विधायक जालम सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन के माध्यम से सरकार के सामने यह मांग रखी जाएगी कि नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी की जीवनगाथा को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। साथ ही वर्ष 1842 की क्रांति में उनके योगदान पर शोध कार्य कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके शौर्य, पराक्रम और बलिदान से परिचित हो सके।

उन्होंने कहा कि हिरदेशाह लोधी का इतिहास समाज और प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की मांग है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
हजारीबाग में IG स्तर की बड़ी बैठक, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था पर सख्त निर्देश

पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग में उत्तरी छोटा नागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक श्री शैलेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बोकारो जोन के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए, जहां जिले में अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था की समीक्षा की गई।

बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में पुलिस उप-महानिरीक्षक ऊ0छो0 क्षेत्र हजारीबाग श्री अंजनी कुमार झा, पुलिस अधीक्षक हजारीबाग श्री अमन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक धनबाद श्री प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक बोकारो श्री नाथू सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक गिरिडीह डॉक्टर विमल कुमार, पुलिस अधीक्षक रामगढ़ श्री मुकेश लुनायत, पुलिस अधीक्षक चतरा श्री अनिमेष नैथानी, पुलिस अधीक्षक कोडरमा श्री कुमार शिवाशीष, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय हजारीबाग श्री अमित कुमार एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर हजारीबाग श्री अमित आनंद शामिल रहे।

बैठक में अपराध नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए। विगत 6 माह में घटित सभी महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। विशेष रूप से महिला अपराध से जुड़े लंबित मामलों को 60 दिनों के भीतर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।

नक्सल से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन करने, जमानती और गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को तेज करने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही, जिले में प्रतिदिन एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

स्कूल और कॉलेज के आसपास संचालित दुकानों में ड्रग्स के खिलाफ छापेमारी करने तथा नशे के कारोबार में शामिल गिरोहों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। ऐसे गिरोहों पर CCA के तहत कार्रवाई करने की बात कही गई।

सोशल मीडिया की सतत मॉनिटरिंग करने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा संगठित अपराध, अवैध खनन और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ CCA एवं NSA के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया, ताकि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।

*साइबर ठगी के ₹74,997 वापस: भदोही पुलिस ने पीड़ित के खाते में लौटाई धनराशि*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते से धोखाधड़ी से निकाली गई ₹74,997 की धनराशि वापस कराई है। पीड़ित कुलदीप कुमार राजभर को उनकी रकम वापस मिलने पर उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर हेल्प डेस्क थाना चौरी और थाना प्रभारी चौरी को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यह निर्देश धोखाधड़ी या सोशल साइट के दुरुपयोग से संबंधित मामलों पर लागू होते हैं। इसी क्रम में, चौरी थाना क्षेत्र के आहोपुर निवासी कुलदीप कुमार राजभर के साथ ₹74,997 की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई थी। उन्होंने इस संबंध में एक ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर हेल्प डेस्क थाना चौरी ने शिकायत और NCRP पोर्टल का अवलोकन कर तत्काल कार्रवाई की। साइबर हेल्प डेस्क ने माननीय न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित के खाते में ₹74,997 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी।

अपनी खोई हुई धनराशि वापस पाकर पीड़ित ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर हेल्प डेस्क थाना चौरी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रामसरीख गौतम, व0उ0नि0 रामनयन यादव और म0आ0 सलमा सिंह शामिल थे।

हजारीबाग में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 53 ठिकानों पर छापेमारी, हजारों लीटर जावा महुआ नष्ट

हजारीबाग पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए जिलेभर में सख्त कार्रवाई की है। दिनांक 24/25-04-26 की रात सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 53 स्थानों पर कार्रवाई की गई।

इस अभियान के तहत जिले के सभी थाना प्रभारियों की मौजूदगी में कुल 36 टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में 166 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर अवैध शराब के ठिकानों को निशाना बनाया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 8435 लीटर जावा महुआ को नष्ट किया, वहीं 80 लीटर देशी शराब बरामद की गई। इस कार्रवाई के बाद जिले के विभिन्न थानों में 14 सन्हा दर्ज किए गए हैं, जबकि 01 मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके इलाके में कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या कारोबार हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।