झारखंड मंईयां योजना का 'मास्टरस्ट्रोक': अब ₹20,000 का स्वरोजगार ऋण; 8 मार्च को हो सकती है बड़ी घोषणा

झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना के तहत अब राज्य की लगभग 50 लाख महिलाओं को ₹20,000 तक का आसान लोन (ऋण) देने की तैयारी है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय (जैसे सिलाई, मनिहारी, मशरूम उत्पादन आदि) शुरू करने के लिए आर्थिक संबल प्रदान करना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और कार्यप्रणाली:
पहलू विवरण
ऋण की राशि ₹20,000 (शुरुआती स्वरोजगार हेतु)
प्रस्तावित नाम मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना (अपेक्षित)
लॉन्च तिथि 8 मार्च 2026 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर)
repayment (किस्त) सम्मान राशि (₹2,500) से ही सीधे बैंक द्वारा काटी जाएगी।
अवधि 12 से 24 महीने के बीच आसान किस्तें।
दस्तावेज न्यूनतम कागजी कार्रवाई (आधार कार्ड और बैंक विवरण)।
यह योजना कैसे काम करेगी? (मॉडल)
बिना गारंटी लोन: चूंकि महिलाएं पहले से ही मंईयां सम्मान योजना की लाभार्थी हैं, इसलिए बैंक उन्हें बिना किसी अतिरिक्त गारंटी या कठिन दस्तावेजों के ऋण दे सकेंगे।
स्वचालित अदायगी (Auto-Repayment): लाभार्थियों को किस्त जमा करने के लिए बैंक के चक्कर नहीं काटने होंगे। उनके खाते में आने वाली मासिक सम्मान राशि (₹2,500) में से ही किस्त की राशि काट ली जाएगी।
बैंकरों की सहमति: राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) और वित्त विभाग के बीच हुई बैठक में इस मॉडल पर सहमति बन गई है। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इसे आगामी बजट में शामिल करने के संकेत दिए हैं।
क्यों माना जा रहा है इसे 'मास्टरस्ट्रोक'?
आर्थिक स्वावलंबन: ₹2,500 की मासिक मदद घर चलाने में काम आती है, लेकिन ₹20,000 की एकमुश्त राशि से महिलाएं अपना छोटा व्यापार शुरू कर सकती हैं।
बैंकों के लिए कम जोखिम: चूंकि सरकार हर महीने महिलाओं के खाते में पैसा भेज रही है, इसलिए बैंकों के लिए ऋण की वसूली (Recovery) सुनिश्चित है।
सशक्तिकरण: इससे महिलाएं केवल 'लाभार्थी' नहीं, बल्कि 'रोजगार प्रदाता' बन सकेंगी।
1 min ago
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