भारत–यूरोप कनेक्टिविटी के लिए अदाणी पोर्ट्स और मार्सेईल फॉस पोर्ट की रणनीतिक साझेदारी*
*अहमदाबाद, 18 फरवरी 2026* : दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस का प्रमुख पोर्ट एवं भूमध्यसागर का प्रमुख प्रवेश द्वार, पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस ने व्यापार सुगमता, पोर्ट इनोवेशन और एनर्जी ट्रांजीशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी आईएमईसी पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव रखती है, जिसका उद्देश्य इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) मार्ग पर मुख्य पोर्ट्स के बीच समन्वय को मजबूत करना है, और भारत तथा यूरोपीय यूनियन के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है। यह भारत-ईयू ट्रेड के लिए आईएमईसी मार्ग को पूरा करता है, जिसे भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए ने और बढ़ावा दिया है, जिसे भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'द मदर ऑफ़ ऑल डील' कहा है।
यह एमओयू फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के दौरे के दौरान किया गया, जो भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार को दर्शाता है और इसे व्यापक आईएमईसी व भारत–ईयू ट्रेड दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। 2023 के जी20 शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली में लॉन्च किया गया इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) 6,000 किलोमीटर लंबा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जो भारत और यूरोप को एकीकृत समुद्री मार्गों, रेल नेटवर्क, डिजिटल सिस्टम और क्लीन एनर्जी मार्गों के माध्यम से जोड़ता है।
आईएमईसी के पूर्वी प्रवेश द्वार पर, एपीएसईजेड के मुंद्रा और हाजीरा पोर्ट एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का निर्माण करते हैं, जो दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ता है। इस एमओयू के माध्यम से, मार्सेईल फॉस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय प्रवेश द्वार को मजबूत करता है, लगभग 70 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ता है और आईएमईसी की पहुँच को यूरोप के अंदर और गहराई तक बढ़ाता है। मार्सेईल फॉस यूरोप के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल पोर्ट सिस्टम में से एक है। यह साझेदारी भारत–ईयू ट्रेड को सुगम बनाने के लिए एक अधिक व्यवस्थित और समन्वित मार्ग स्थापित करती है।
एपीएसईजेड के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्व की भूमिका निभाई है, और भारत–ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। एपीएसईजेड में, भारत के पश्चिमी तट पर हमारे हाजीरा और मुंद्रा पोर्ट्स ने कॉरिडोर के पहले और मध्य हिस्सों में एक निर्बाध मार्ग स्थापित कर लिया है। फ्रांस के पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के साथ इस एमओयू के जरिये, हमने अब यूरोप तक अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। यह साझेदारी सभी भाग लेने वाले देशों के बीच सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान को तेजी से बढ़ाएगी, और आर्थिक सहयोग तथा सप्लाई-चेन की मजबूती को और सशक्त करेगी।"
पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के सीईओ हर्वे मार्टल ने कहा, "हमें खुशी है कि हम एपीएसईजेड के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं, ऐसे समय में जब आईएमईसी कॉरिडोर निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। भारत और मार्सेईल इस भविष्य के व्यापार मार्ग के दोनों छोर पर स्थित हैं, जिससे दोनों पोर्ट्स पर इस नए मार्ग को संरचित और सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी है। हम साथ मिलकर शामिल पोर्ट्स को सक्रिय करने और एकजुट करने का इरादा रखते हैं, और अपने क्षेत्रों के बीच एक अधिक कुशल,  टिकाऊ कनेक्शन के लिए मजबूत समर्थन करेंगे।"
यह साझेदारी निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित होगी:
• आईएमईसी मार्ग को यूरेशियन ट्रेड के लिए एक टिकाऊ, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में बढ़ावा देना, जिसमें संयुक्त अभियान, इंटरनेशनल ट्रेड फेयर्स और रोडशो में भागीदारी, तथा लक्षित बी2बी जुड़ाव शामिल हैं।
• पोर्ट डिजिटलाइजेशन, स्मार्ट पोर्ट प्लेटफ़ॉर्म, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सिक्योरिटी, वैकल्पिक ईंधन, शोर पावर सप्लाई और कम कार्बन बंकरिंग में तकनीकी आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण शामिल हैं।
• मुंद्रा–मार्सेईल फॉस ग्रीन मेरिटाइम कॉरिडोर का विकास।
• आईएमईसी पोर्ट्स क्लब की सह-स्थापना, ताकि कॉरिडोर के पोर्ट्स के बीच संवाद संस्थागत हो और आईएमईसी इंफ्रास्ट्रक्चर का समर्थन करने वाली नीति चर्चाओं और इन्वेस्टमेंट फ्रेमवर्क के लिए समन्वय सुनिश्चित हो।
मीडिया संपर्क -
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
*योगी आदित्यनाथ ने ‘शतक’ की सराहना करते हुए कहा, “आरएसएस की 100 वर्षों की यात्रा पर बनी यह फिल्म एक प्रेरणादायी पहल है”*

यूपी,फरवरी, 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर फिल्म निर्माता वीर कपूर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक-संघ के 100 वर्ष’ को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीर भी उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा कीं।

मुख्यमंत्री ने फिल्म की सराहना करते हुए ‘शतक’ की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, “ऐसी फिल्में समाज को संगठन के इतिहास, उसके मूल विचारों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान से परिचित कराती हैं।“

फिल्म निर्माता वीर कपूर ने मुख्यमंत्री को फिल्म के निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फिल्म संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके वैचारिक आधार और समाज सेवा के विभिन्न कार्यों को दर्शाती है। भेंट के दौरान फिल्म का पोस्टर भी प्रस्तुत किया गया। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
कन्नौज में जनजागरण रैली, संत आगमन और श्रीमद्भागवत कथा की भव्य रूपरेखा घोषित

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। आनंदेश्वर धाम आश्रम में सनातन धर्म सेवा फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। फाउंडेशन निदेशक प्रभात त्रिपाठी ने बताया कि 16 मार्च को जनजागरण हेतु विशाल रैली का आयोजन महाराज कौशल जी महाराज के सानिध्य में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समाज में धर्म, सेवा एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


पीठाधीश्वर महाराज कौशल जी महाराज ने बताया कि रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजूदास महंतगिरी जी द्वारा ध्वज पूजन के पश्चात किया जाएगा। यह जनजागरण रैली कार्यक्रम स्थल मानीमऊ ऋषिनगर से प्रारंभ होकर ठठिया, तिर्वा, इंदरगढ़, नादेमऊ, सौरिख, छिबरामऊ और गुरसहायगंज होते हुए पुनः मानीमऊ में सम्पन्न होगी।उन्होंने आगे बताया कि 22 मार्च से 29 मार्च तक गुजरात से पधार रहे कंबल वाले बाबा का सात दिवसीय प्रवास रहेगा।

इस दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें असमर्थ एवं जरूरतमंद लोगों का उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह शिविर जनहित को समर्पित रहेगा।इसी क्रम में त्रिकालदर्शी संत पण्डोखर सरकार का तीन दिवसीय दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही 22 मार्च से प्रारंभ होकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है।प्रेस वार्ता में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 27 अप्रैल को आनंद जनजागरण विशाल महासभा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता अपेक्षित है। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं क्षेत्रवासियों से कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म एवं समाजसेवा के इस महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उप्र : वाराणसी में महिला दरोगा 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
वाराणसी, उत्तर प्रदेश। दहेज उत्पीड़न मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाली महिला चौकी प्रभारी अनोषा तिवारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा महिला थाना की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में तैनात थीं।
जानकारी के अनुसार, दहेज प्रताड़ना से पीड़ित बेटी के पिता से केस में आरोप पत्र दाखिल करने के नाम पर रुपये की मांग की गई थी। लगातार दबाव बनाए जाने पर पीड़ित पक्ष ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित पुलिस अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया। टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है। आरोपी दरोगा को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फोन के झांसे में ना आए,बैंक से संपर्क करें-सुशील कुमार त्रिपाठी
एनएसएस शिविर में सड़क सुरक्षा, योगाभ्यास और साइबर जागरूकता पर कार्यक्रम हुए।

सुलतानपुर,राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विशेष शिविर के चौथे दिन का शिविर का प्रारंभ लक्ष्य गीत के साथ प्रारंभ हुआ। प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं ने सड़क जागरूकता अभियान रैली बघराजपुर से निकलकर राहुल चौराहे से होते हुए नगर भ्रमण किया। जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा ,बिना हेलमेट यात्रा न करें ,परिवार प्रतीक्षा में है ,कृपया सुरक्षित चले आदि स्लोगन का नारा स्वयंसेवको ने लगाए । द्वितीय सत्र रामकृष्ण मिशन के द्वारा हार्ट फूलनेस के अंतर्गत योग और ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया ,जिसमें डॉ आर सी सिंह एवं नीलिमा सिंह उपस्थित रहे। बैंक साइबर क्राइम पर एक व्याख्यान इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार त्रिपाठी द्वारा दिया गया। श्री त्रिपाठी जी ने बताया कि आज का युग तकनीकी युग है यदि आप सुरक्षित मोबाइल का प्रयोग करते हैं तो सारी दुनिया आपकी मुट्ठी में होगी। खाता जारी रखने के लिए कभी भी कोई बैंक आपसे ओटीपी नहीं मांगेगा, आपकी सेवाओं के निस्तारण के लिए वह आपको बैंक में ही बुलाएगा । एटीएम से पैसा निकालते समय या फिर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पर जहां अपने मोबाइल फोन को चार्ज करते हैं वहां जिस कंपनी का चार्जर लगा होता है वह भी साइबर क्राइम करता है। किसी के झांसे में ना आए ,किसी का पैसा अपने खाते में ना लें ,सुरक्षित रहें और छोटी-छोटी बचत से अपने जीवन को सुरक्षित रखें।आभार ज्ञापन कार्यक्रम कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने किया। संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र गुप्ता, एनएसएस के स्वयंसेवक और स्वंयमसेविका उपस्थित रहे।
भाजपा के पास न विजन है, न विकास का खाका": झामुमो महासचिव विनोद पांडेय का आदित्य साहू पर करारा प्रहार

राँची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा राज्य के बजट पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक हताशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस बजट को 'दिशाहीन' बता रही है, वास्तव में वह झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है।

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बजट की उपलब्धियों को गिनाया:

भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए श्री पांडेय ने बजट के प्रमुख आंकड़ों को साझा किया:

महिला एवं बाल कल्याण: महिला सशक्तिकरण के लिए ₹34,211 करोड़ का जेंडर बजट और बच्चों के लिए ₹10,793 करोड़ का बाल बजट।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण सड़कों के लिए ₹1,000 करोड़ और ग्राम सेतु योजना के लिए ₹730 करोड़ का प्रावधान।

निवेश और रोजगार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के जरिए ₹1.24 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव, जिससे 45 हजार नए रोजगार सृजित होंगे।

पर्यटन: दशम, जोन्हा और हुण्डरू जैसे जलप्रपातों के विकास की विस्तृत योजना।

भाजपा पर तीखा हमला:

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को जनहितकारी योजनाएं 'लूट' इसलिए नजर आ रही हैं, क्योंकि यह बजट बिचौलियों को खत्म कर सीधे आम जनता को लाभ पहुँचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास गांवों के विकास या महिलाओं के सशक्तिकरण का कोई ठोस वैकल्पिक खाका नहीं है, इसलिए वह केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

ऐतिहासिक कदम:

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकायों को ₹1172 करोड़ 66 लाख का अनुदान देकर सरकार ने विकेंद्रीकृत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड में समतामूलक विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा।

लखनऊ में हैवानियत की हद: बेटे ने पिता के शव के किए चार टुकड़े, रीढ़ नहीं काट सका
लखनऊ। राजधानी  के आशियाना सेक्टर-एल में पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने शव के चार टुकड़े किए थे। उसने पेट और पीठ को भी काटकर अलग करने की कोशिश की, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका। रिपोर्ट में पेट और पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट के निशान मिले हैं।

क्राइम सीन रीक्रिएट, आरोपी ने दोहराई पूरी वारदात

मंगलवार को पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया। आरोपी अक्षत को भी मौके पर ले जाया गया। उसने बताया कि 20 फरवरी की सुबह तीसरी मंजिल पर लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मारी। इसके बाद शव को घसीटकर भूतल पर लाया और शाम को बाथरूम में आरी और चाकू से टुकड़े किए। दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करता रहा।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल बेड के नीचे से बरामद कर ली है। उसने दो चाकू और आरी भी खरीदी थी, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।

धड़ ठिकाने लगाने से पहले खुला राज

पकड़े जाने के डर से अक्षत ड्रम में भरे धड़ को कार से ठिकाने लगाने जा रहा था, लेकिन शराब ठेके के मुनीम के घर पहुंचने से उसकी योजना विफल हो गई। दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए गए थे, जबकि सिर सहित धड़ घर के अंदर नीले ड्रम में मिला।

‘लापता’ का नाटक और पेंट से सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद अक्षत ने पिता की गुमशुदगी की अफवाह फैलाई। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दोस्तों को जोड़ता रहा और मैसेज करता रहा—“पापा, आप कहां हो…” ताकि शक न हो। कमरे में बिखरे खून के छींटों को छिपाने के लिए वह पेंट खरीदकर दीवारें रंगता रहा।

जांच कई एंगल से

डीसीपी मध्य Vikrant Veer के मुताबिक मामले की जांच कई पहलुओं पर की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि हत्या के पीछे सिर्फ नीट परीक्षा का दबाव था या कोई और कारण।

मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, जालौन से लखनऊ पहुंच चुके हैं। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने और हैवानियत की पराकाष्ठा की कहानी बन गया है, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मैं दखल न देता तो खतरे में थी शहबाज शरीफ की जान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूकवाने का दावा करते रहे हैं। ट्रंप ने एक बार फिर दोनों देशों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। कांग्रेस के जॉइंट सेशन में भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर ट्रंप ने फिर कहा कि भारत और पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया है। यह न्यूक्लियर वॉर हो सकती थी, करीब साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जाते। अगर मैं इसमें शामिल नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मारे जाते।

10 महीनों में आठ युद्ध रोकने का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में संबोधन देते हुए फिर भारत और पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए।

‘35 मिलियन लोग मारे गए होते’

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इतने गंभीर हो गए थे कि स्थिति परमाणु संघर्ष तक पहुंच सकती थी। उन्होंने देश की संसद में दावा किया कि शहबाज़ शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वह दखल नहीं देते तो पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में 35 मिलियन लोग मारे गए होते।

बार-बार भारत-पाक जंग रूकवाने का दावा

ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को लेकर इस तरह का दावा किया है। हां, शहबाज शरीफ को लेकर ये दावा बिल्कुल नया है। हाल के महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने ही भारत-पाकिस्तान टकराव को रोका है। उन्होंने लगातार कहा है कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों देशों को तनाव बढ़ाने से रोकने के लिए ट्रेड एग्रीमेंट और टैरिफ़ उपायों का इस्तेमाल किया।

भारत ने हमेशा ट्रंप के दावों को नकारा

हालांकि, भारत ने हमेशा से डोनाल्ड ट्रंप के दावों को नकारा है। जबकि पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाने के लिए क्रेडिट दिया है। पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया है। शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों बोर्ड ऑफ गाजा पीस के दौरान भी ट्रंप की तारिफ की थी और कहा था कि ट्रंप की वजह से 35 मिलियन लोगों की जान बच गई।

भारत–यूरोप कनेक्टिविटी के लिए अदाणी पोर्ट्स और मार्सेईल फॉस पोर्ट की रणनीतिक साझेदारी*
*अहमदाबाद, 18 फरवरी 2026* : दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस का प्रमुख पोर्ट एवं भूमध्यसागर का प्रमुख प्रवेश द्वार, पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस ने व्यापार सुगमता, पोर्ट इनोवेशन और एनर्जी ट्रांजीशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी आईएमईसी पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रस्ताव रखती है, जिसका उद्देश्य इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) मार्ग पर मुख्य पोर्ट्स के बीच समन्वय को मजबूत करना है, और भारत तथा यूरोपीय यूनियन के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है। यह भारत-ईयू ट्रेड के लिए आईएमईसी मार्ग को पूरा करता है, जिसे भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए ने और बढ़ावा दिया है, जिसे भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 'द मदर ऑफ़ ऑल डील' कहा है।
यह एमओयू फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के दौरे के दौरान किया गया, जो भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार को दर्शाता है और इसे व्यापक आईएमईसी व भारत–ईयू ट्रेड दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है। 2023 के जी20 शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली में लॉन्च किया गया इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) 6,000 किलोमीटर लंबा मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट है, जो भारत और यूरोप को एकीकृत समुद्री मार्गों, रेल नेटवर्क, डिजिटल सिस्टम और क्लीन एनर्जी मार्गों के माध्यम से जोड़ता है।
आईएमईसी के पूर्वी प्रवेश द्वार पर, एपीएसईजेड के मुंद्रा और हाजीरा पोर्ट एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब का निर्माण करते हैं, जो दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ता है। इस एमओयू के माध्यम से, मार्सेईल फॉस कॉरिडोर के पश्चिमी यूरोपीय प्रवेश द्वार को मजबूत करता है, लगभग 70 मिलियन टन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ता है और आईएमईसी की पहुँच को यूरोप के अंदर और गहराई तक बढ़ाता है। मार्सेईल फॉस यूरोप के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल पोर्ट सिस्टम में से एक है। यह साझेदारी भारत–ईयू ट्रेड को सुगम बनाने के लिए एक अधिक व्यवस्थित और समन्वित मार्ग स्थापित करती है।
एपीएसईजेड के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्व की भूमिका निभाई है, और भारत–ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरा होने के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। एपीएसईजेड में, भारत के पश्चिमी तट पर हमारे हाजीरा और मुंद्रा पोर्ट्स ने कॉरिडोर के पहले और मध्य हिस्सों में एक निर्बाध मार्ग स्थापित कर लिया है। फ्रांस के पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के साथ इस एमओयू के जरिये, हमने अब यूरोप तक अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ दिया है। यह साझेदारी सभी भाग लेने वाले देशों के बीच सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान को तेजी से बढ़ाएगी, और आर्थिक सहयोग तथा सप्लाई-चेन की मजबूती को और सशक्त करेगी।"
पोर्ट ऑफ़ मार्सेईल फॉस के सीईओ हर्वे मार्टल ने कहा, "हमें खुशी है कि हम एपीएसईजेड के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं, ऐसे समय में जब आईएमईसी कॉरिडोर निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है। भारत और मार्सेईल इस भविष्य के व्यापार मार्ग के दोनों छोर पर स्थित हैं, जिससे दोनों पोर्ट्स पर इस नए मार्ग को संरचित और सक्रिय करने की बड़ी जिम्मेदारी है। हम साथ मिलकर शामिल पोर्ट्स को सक्रिय करने और एकजुट करने का इरादा रखते हैं, और अपने क्षेत्रों के बीच एक अधिक कुशल,  टिकाऊ कनेक्शन के लिए मजबूत समर्थन करेंगे।"
यह साझेदारी निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित होगी:
• आईएमईसी मार्ग को यूरेशियन ट्रेड के लिए एक टिकाऊ, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी विकल्प के रूप में बढ़ावा देना, जिसमें संयुक्त अभियान, इंटरनेशनल ट्रेड फेयर्स और रोडशो में भागीदारी, तथा लक्षित बी2बी जुड़ाव शामिल हैं।
• पोर्ट डिजिटलाइजेशन, स्मार्ट पोर्ट प्लेटफ़ॉर्म, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सिक्योरिटी, वैकल्पिक ईंधन, शोर पावर सप्लाई और कम कार्बन बंकरिंग में तकनीकी आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण शामिल हैं।
• मुंद्रा–मार्सेईल फॉस ग्रीन मेरिटाइम कॉरिडोर का विकास।
• आईएमईसी पोर्ट्स क्लब की सह-स्थापना, ताकि कॉरिडोर के पोर्ट्स के बीच संवाद संस्थागत हो और आईएमईसी इंफ्रास्ट्रक्चर का समर्थन करने वाली नीति चर्चाओं और इन्वेस्टमेंट फ्रेमवर्क के लिए समन्वय सुनिश्चित हो।
मीडिया संपर्क -
एआई युग में प्लेटफॉर्म गवर्नेंस की चुनौतियों पर चर्चा के लिए ग्लोबल साउथ विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया एसएफएलसी.इन (SFLC.in)

दिल्ली एनसीआर, फरवरी 2026: एसएफएलसी.इन (SFLC.in) ने मानवाधिकार, प्रौद्योगिकी नीति और इंटरनेट शासन के क्षेत्र में कार्यरत ब्रिटेन की संस्था ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल के साथ मिलकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित किया। विशेषज्ञों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जेनरेटिव एआई की तीव्र वृद्धि से उत्पन्न विनियमन, जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक बहस के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित इस बैठक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें कानून निर्माता, नीति-निर्माता, नागरिक समाज के नेता, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता तथा प्रौद्योगिकी शासन विशेषज्ञ शामिल थे। वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्लेटफॉर्म शासन से संबंधित नई चुनौतियों पर चर्चा के लिए एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों से एकत्र हुए थे।
प्रारंभिक चर्चाओं में यह सामने आया कि कई प्लेटफ़ॉर्म शासन नियम ग्लोबल साउथ की परिस्थितियों से अलग बनाए गए हैं और वे स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों, भाषाई विविधता तथा सीमित संस्थागत क्षमता के अनुरूप पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। जैसे-जैसे जेनरेटिव और एजेंट-आधारित एआई प्रणालियाँ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा बन रही हैं, नए प्रश्न उभर रहे हैं। इनमें स्वचालित सामग्री संयमन की जिम्मेदारी किसकी होगी, दायित्व का निर्धारण कैसे किया जाएगा, चुनावों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी और उपयोगकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, जैसे प्रश्न शामिल हैं।
ग्लोबल पार्टनर्स डिजिटल की पॉलिसी और एडवोकेसी प्रमुख मारिया पाज़ ने कहा, "नियामक अब भी उन प्लेटफॉर्म के लिए पुराने मध्यस्थ दायित्व नियमों का उपयोग करने का प्रयास कर रहे हैं, जो अब जेनरेटिव एआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करते हैं। ग्लोबल साउथ के अनुभव दर्शाते हैं कि अस्पष्ट मॉडरेशन (संयमन) प्रणालियाँ और स्वचालित निर्णय कमजोर समुदायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अलग-अलग और असंगठित राष्ट्रीय नीतियों के बजाय अधिकार-आधारित तथा सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।”
राज्यसभा सांसद श्री साकेत गोखले ने एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी राय साझा की। उन्होंने मतदाता डेटा, अनुवाद प्रणालियों और चुनावी मानचित्रण में एआई उपकरणों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने चेतावनी दी कि पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के बिना स्वचालित प्रणालियों का उपयोग लोकतंत्र में विश्वास को कमज़ोर कर सकता है। उन्होंने कहा, “हमें एआई विनियमन को उसी गंभीरता से देखने की आवश्यकता है, जैसे हम जलवायु परिवर्तन को देखते हैं।” उन्होंने बड़े वैश्विक चुनावों से पूर्व लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के बी-टेक परियोजना की सलाहकार इसाबेल एबर्ट द्वारा व्यवसाय और मानवाधिकार पर एक प्रस्तुति दी गई। संयुक्त राष्ट्र के व्यवसाय और मानवाधिकार संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं पर बल दिया—पहला, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की जिम्मेदारी है; दूसरा, मानवाधिकारों का सम्मान करना कंपनियों का दायित्व है; और तीसरा, अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना आवश्यक है।
क्षेत्रीय गोलमेज चर्चाओं में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट शासन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। दक्षिण-पूर्व एशिया में काज़िया के एक प्रतिनिधि ने बताया कि इंडोनेशिया में कुछ संगठनों को महिलाओं से संबंधित डीपफेक सामग्री के कारण अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ा। इससे स्पष्ट होता है कि एआई किस प्रकार लैंगिक आधार पर होने वाले नुकसान को बढ़ा सकता है। यद्यपि इंडोनेशिया में ऑनलाइन सामग्री को विनियमित करने के नियम मौजूद हैं, परंतु एआई से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ढांचा नहीं है, जिससे दोषियों को दंडित करना कठिन हो जाता है।
लैटिन अमेरिका से ब्राज़ील स्थित इंटरनेटलैब में शोध प्रमुख कैमिला अकेमी ने जेनरेटिव एआई उपकरणों की तीव्र वृद्धि और चुनावी निष्पक्षता पर उनके प्रभावों पर चर्चा की। वहीं अफ्रीका से पैराडाइम इनिशिएटिव के सानी सुलेमान ने नीतिगत कमियों, सीमित आधारभूत संरचना, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी तथा सरकारों और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच शक्ति असंतुलन जैसी प्रमुख चुनौतियों को दर्शाया।
एसएफएलसी.इन ने कहा कि जैसे-जैसे जेनरेटिव एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म का अभिन्न अंग बनता जा रहा है, शासन प्रणालियों को पारंपरिक इंटरनेट कानूनों से आगे बढ़ना होगा। ग्लोबल साउथ के दृष्टिकोण को शामिल करना और तीव्र गति से विकसित हो रही प्रौद्योगिकी के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में प्रतिभागियों ने सहमति व्यक्त की कि समावेशी और अधिकार-आधारित एआई शासन प्रणाली के निर्माण हेतु विभिन्न देशों के बीच निरंतर सहयोग और सशक्त वैश्विक साझेदारी की सख्त आवश्यकता है।
एसएफएलसी.इन ने डिजिटल अधिकारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ग्लोबल साउथ के सुझावों को प्रमुखता देने और यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि एआई तथा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी विनियमन मानवता और जवाबदेही पर आधारित रहें।
*योगी आदित्यनाथ ने ‘शतक’ की सराहना करते हुए कहा, “आरएसएस की 100 वर्षों की यात्रा पर बनी यह फिल्म एक प्रेरणादायी पहल है”*

यूपी,फरवरी, 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर फिल्म निर्माता वीर कपूर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक-संघ के 100 वर्ष’ को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीर भी उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा कीं।

मुख्यमंत्री ने फिल्म की सराहना करते हुए ‘शतक’ की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, “ऐसी फिल्में समाज को संगठन के इतिहास, उसके मूल विचारों और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान से परिचित कराती हैं।“

फिल्म निर्माता वीर कपूर ने मुख्यमंत्री को फिल्म के निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फिल्म संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके वैचारिक आधार और समाज सेवा के विभिन्न कार्यों को दर्शाती है। भेंट के दौरान फिल्म का पोस्टर भी प्रस्तुत किया गया। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
कन्नौज में जनजागरण रैली, संत आगमन और श्रीमद्भागवत कथा की भव्य रूपरेखा घोषित

पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज। आनंदेश्वर धाम आश्रम में सनातन धर्म सेवा फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। फाउंडेशन निदेशक प्रभात त्रिपाठी ने बताया कि 16 मार्च को जनजागरण हेतु विशाल रैली का आयोजन महाराज कौशल जी महाराज के सानिध्य में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समाज में धर्म, सेवा एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


पीठाधीश्वर महाराज कौशल जी महाराज ने बताया कि रैली का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजूदास महंतगिरी जी द्वारा ध्वज पूजन के पश्चात किया जाएगा। यह जनजागरण रैली कार्यक्रम स्थल मानीमऊ ऋषिनगर से प्रारंभ होकर ठठिया, तिर्वा, इंदरगढ़, नादेमऊ, सौरिख, छिबरामऊ और गुरसहायगंज होते हुए पुनः मानीमऊ में सम्पन्न होगी।उन्होंने आगे बताया कि 22 मार्च से 29 मार्च तक गुजरात से पधार रहे कंबल वाले बाबा का सात दिवसीय प्रवास रहेगा।

इस दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें असमर्थ एवं जरूरतमंद लोगों का उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह शिविर जनहित को समर्पित रहेगा।इसी क्रम में त्रिकालदर्शी संत पण्डोखर सरकार का तीन दिवसीय दिव्य दरबार भी आयोजित होगा, जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही 22 मार्च से प्रारंभ होकर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन भी सुनिश्चित किया गया है।प्रेस वार्ता में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 27 अप्रैल को आनंद जनजागरण विशाल महासभा का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय एवं बाहरी श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता अपेक्षित है। आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं क्षेत्रवासियों से कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म एवं समाजसेवा के इस महाअभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
उप्र : वाराणसी में महिला दरोगा 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
वाराणसी, उत्तर प्रदेश। दहेज उत्पीड़न मामले में आरोप पत्र दाखिल करने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाली महिला चौकी प्रभारी अनोषा तिवारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा महिला थाना की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी में तैनात थीं।
जानकारी के अनुसार, दहेज प्रताड़ना से पीड़ित बेटी के पिता से केस में आरोप पत्र दाखिल करने के नाम पर रुपये की मांग की गई थी। लगातार दबाव बनाए जाने पर पीड़ित पक्ष ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए महिला दरोगा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित पुलिस अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया। टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है। आरोपी दरोगा को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फोन के झांसे में ना आए,बैंक से संपर्क करें-सुशील कुमार त्रिपाठी
एनएसएस शिविर में सड़क सुरक्षा, योगाभ्यास और साइबर जागरूकता पर कार्यक्रम हुए।

सुलतानपुर,राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विशेष शिविर के चौथे दिन का शिविर का प्रारंभ लक्ष्य गीत के साथ प्रारंभ हुआ। प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं ने सड़क जागरूकता अभियान रैली बघराजपुर से निकलकर राहुल चौराहे से होते हुए नगर भ्रमण किया। जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा ,बिना हेलमेट यात्रा न करें ,परिवार प्रतीक्षा में है ,कृपया सुरक्षित चले आदि स्लोगन का नारा स्वयंसेवको ने लगाए । द्वितीय सत्र रामकृष्ण मिशन के द्वारा हार्ट फूलनेस के अंतर्गत योग और ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया ,जिसमें डॉ आर सी सिंह एवं नीलिमा सिंह उपस्थित रहे। बैंक साइबर क्राइम पर एक व्याख्यान इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार त्रिपाठी द्वारा दिया गया। श्री त्रिपाठी जी ने बताया कि आज का युग तकनीकी युग है यदि आप सुरक्षित मोबाइल का प्रयोग करते हैं तो सारी दुनिया आपकी मुट्ठी में होगी। खाता जारी रखने के लिए कभी भी कोई बैंक आपसे ओटीपी नहीं मांगेगा, आपकी सेवाओं के निस्तारण के लिए वह आपको बैंक में ही बुलाएगा । एटीएम से पैसा निकालते समय या फिर एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पर जहां अपने मोबाइल फोन को चार्ज करते हैं वहां जिस कंपनी का चार्जर लगा होता है वह भी साइबर क्राइम करता है। किसी के झांसे में ना आए ,किसी का पैसा अपने खाते में ना लें ,सुरक्षित रहें और छोटी-छोटी बचत से अपने जीवन को सुरक्षित रखें।आभार ज्ञापन कार्यक्रम कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने किया। संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र गुप्ता, एनएसएस के स्वयंसेवक और स्वंयमसेविका उपस्थित रहे।
भाजपा के पास न विजन है, न विकास का खाका": झामुमो महासचिव विनोद पांडेय का आदित्य साहू पर करारा प्रहार

राँची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा राज्य के बजट पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक हताशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस बजट को 'दिशाहीन' बता रही है, वास्तव में वह झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है।

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बजट की उपलब्धियों को गिनाया:

भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए श्री पांडेय ने बजट के प्रमुख आंकड़ों को साझा किया:

महिला एवं बाल कल्याण: महिला सशक्तिकरण के लिए ₹34,211 करोड़ का जेंडर बजट और बच्चों के लिए ₹10,793 करोड़ का बाल बजट।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण सड़कों के लिए ₹1,000 करोड़ और ग्राम सेतु योजना के लिए ₹730 करोड़ का प्रावधान।

निवेश और रोजगार: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के जरिए ₹1.24 लाख करोड़ का निवेश प्रस्ताव, जिससे 45 हजार नए रोजगार सृजित होंगे।

पर्यटन: दशम, जोन्हा और हुण्डरू जैसे जलप्रपातों के विकास की विस्तृत योजना।

भाजपा पर तीखा हमला:

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को जनहितकारी योजनाएं 'लूट' इसलिए नजर आ रही हैं, क्योंकि यह बजट बिचौलियों को खत्म कर सीधे आम जनता को लाभ पहुँचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास गांवों के विकास या महिलाओं के सशक्तिकरण का कोई ठोस वैकल्पिक खाका नहीं है, इसलिए वह केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है।

ऐतिहासिक कदम:

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकायों को ₹1172 करोड़ 66 लाख का अनुदान देकर सरकार ने विकेंद्रीकृत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड में समतामूलक विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा।

लखनऊ में हैवानियत की हद: बेटे ने पिता के शव के किए चार टुकड़े, रीढ़ नहीं काट सका
लखनऊ। राजधानी  के आशियाना सेक्टर-एल में पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने शव के चार टुकड़े किए थे। उसने पेट और पीठ को भी काटकर अलग करने की कोशिश की, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका। रिपोर्ट में पेट और पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट के निशान मिले हैं।

क्राइम सीन रीक्रिएट, आरोपी ने दोहराई पूरी वारदात

मंगलवार को पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया। आरोपी अक्षत को भी मौके पर ले जाया गया। उसने बताया कि 20 फरवरी की सुबह तीसरी मंजिल पर लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मारी। इसके बाद शव को घसीटकर भूतल पर लाया और शाम को बाथरूम में आरी और चाकू से टुकड़े किए। दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करता रहा।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी राइफल बेड के नीचे से बरामद कर ली है। उसने दो चाकू और आरी भी खरीदी थी, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।

धड़ ठिकाने लगाने से पहले खुला राज

पकड़े जाने के डर से अक्षत ड्रम में भरे धड़ को कार से ठिकाने लगाने जा रहा था, लेकिन शराब ठेके के मुनीम के घर पहुंचने से उसकी योजना विफल हो गई। दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए गए थे, जबकि सिर सहित धड़ घर के अंदर नीले ड्रम में मिला।

‘लापता’ का नाटक और पेंट से सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद अक्षत ने पिता की गुमशुदगी की अफवाह फैलाई। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर दोस्तों को जोड़ता रहा और मैसेज करता रहा—“पापा, आप कहां हो…” ताकि शक न हो। कमरे में बिखरे खून के छींटों को छिपाने के लिए वह पेंट खरीदकर दीवारें रंगता रहा।

जांच कई एंगल से

डीसीपी मध्य Vikrant Veer के मुताबिक मामले की जांच कई पहलुओं पर की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि हत्या के पीछे सिर्फ नीट परीक्षा का दबाव था या कोई और कारण।

मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह, जो सेवानिवृत्त दरोगा हैं, जालौन से लखनऊ पहुंच चुके हैं। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी हुई।

यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने और हैवानियत की पराकाष्ठा की कहानी बन गया है, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मैं दखल न देता तो खतरे में थी शहबाज शरीफ की जान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूकवाने का दावा करते रहे हैं। ट्रंप ने एक बार फिर दोनों देशों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। कांग्रेस के जॉइंट सेशन में भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर ट्रंप ने फिर कहा कि भारत और पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया है। यह न्यूक्लियर वॉर हो सकती थी, करीब साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जाते। अगर मैं इसमें शामिल नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मारे जाते।

10 महीनों में आठ युद्ध रोकने का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में संबोधन देते हुए फिर भारत और पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए।

‘35 मिलियन लोग मारे गए होते’

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इतने गंभीर हो गए थे कि स्थिति परमाणु संघर्ष तक पहुंच सकती थी। उन्होंने देश की संसद में दावा किया कि शहबाज़ शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वह दखल नहीं देते तो पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में 35 मिलियन लोग मारे गए होते।

बार-बार भारत-पाक जंग रूकवाने का दावा

ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को लेकर इस तरह का दावा किया है। हां, शहबाज शरीफ को लेकर ये दावा बिल्कुल नया है। हाल के महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने ही भारत-पाकिस्तान टकराव को रोका है। उन्होंने लगातार कहा है कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों देशों को तनाव बढ़ाने से रोकने के लिए ट्रेड एग्रीमेंट और टैरिफ़ उपायों का इस्तेमाल किया।

भारत ने हमेशा ट्रंप के दावों को नकारा

हालांकि, भारत ने हमेशा से डोनाल्ड ट्रंप के दावों को नकारा है। जबकि पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाने के लिए क्रेडिट दिया है। पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया है। शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों बोर्ड ऑफ गाजा पीस के दौरान भी ट्रंप की तारिफ की थी और कहा था कि ट्रंप की वजह से 35 मिलियन लोगों की जान बच गई।