235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
सीता हरण की कथा को सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर

फर्रुखाबाद।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में चल रही सुधाकर मिश्र और सुशील मिश्र के तत्वाधान में चल रही नौ दिवसीय श्री रामकथा में अंतर्राष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी ने बताया रामचंद्रजी के बनवास काल के समय लंका नरेश रावण रामचंद्रजी की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले जाता है। भगवान श्री राम अपनी पत्नी सीता को रावण के बंधन से मुक्त कराने हेतु भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान एवं वानरों की सेना के साथ मिलकर रावण वध किया।

आचार्य ने  आगे का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रावण ने मेघनाद को युद्ध भूमि में भेजा। मेघनाथ के शक्तिबाण से लक्ष्मण बेहोश हो गए। उनका उपचार करने के लिए हनुमान विभीषण के कहने पर सुषेण वैद्य को भवन सहित उठा लाए। उन्होंने सूर्योदय से पहले हनुमान से संजीवनी लाने को कहा। इस पर हनुमान पूरा का पूरा पहाड़ ही उठा लाए।

संजीवनी के उपचार से लक्ष्मण को होश आया। इसके बाद उन्होंने मेघनाद का वध कर दिया। आखिर में स्वयं रावण युद्ध भूमि में आया। राम का प्रताप देख वह आकाशमार्ग में पहुंच गया जहां पहुंचकर प्रभु श्री राम ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उसकी नाभि का अमृत सोख लिया और उसका वध कर दिया। रावण वध का प्रसंग सुनते ही भक्तजन भाव-विभोर हो उठे और पूरा आयोजन स्थल प्रभु श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

लंका विजय के बाद जब प्रभु श्रीराम 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके भाई भरत अपने प्राण त्यागने जा रहे थे। तब भगवान राम ने हनुमान जी को भेजकर उनके प्राणों की रक्षा की।

इस दौरान आयोजक सुधाकर मिश्र, सुशील मिश्र और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धांलुओं के साथ साथ पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ रविंद्र शुक्ल, अंजनी कुमार सिंह जिला अधिकारी मैनपुरी, अनुपम राहुल राजपूत चेयरमैन संकिसा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रोटरी प्रीमियर लीग एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग आरपीएल का एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी रविवार को डीएसए ग्राउंड प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर 12 12 ओवरों के रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।

एलिमिनेटर राउंड में रोटरी ईस्ट एकेडेमिया रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी संगम की टीमें आपस में मुकाबला करेंगी। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।

रोटरी के सभी अध्यक्षों सचिवो पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें तथा रोटरी भावना को सशक्त बनाएं।

पूर्व सैनिकों की सहभागिता से रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने की ऐतिहासिक पहल।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रयागराज मंडल एवं आर्मी वेलफेयर प्लेसमेन्ट ऑर्गनाइजेशन लखनऊ (AWPO)के मध्य पूर्व सैनिको की रेलवे में पॉइंट्समैन के रूप में तैनाती हेतु महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।इस समझौते के अंतर्गत पूर्व सैनिको को प्रयागराज रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनो स्थलो पर पॉइंट्समैन के रूप में तैनात किया जाएगा।यह तैनाती पूर्णतःप्रयागराज रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में ही की जाएगी।इस एमओयू के माध्यम से कुल 271पदों पर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति प्रस्तावित है जिससे रेल परिचालन की संरक्षा एवं सुचारु संचालन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।समझौता ज्ञापन पर प्रयागराज रेल मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक(समन्वय) आकांशु गोविल एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव कुमार गुप्ता ने हस्ताक्षर किए जबकि आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से कर्नल अनुराग कुमार (सेवानिवृत्त)ने हस्ताक्षर किए।यह समझौता दोनो संस्थाओ के मध्य दीर्घकालिक सहयोगात्मक एवं फलदायी सम्बन्धो की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।पूर्व सैनिको का अनुशासन अनुभव एवं कर्तव्यनिष्ठा रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने में अत्यन्त सहायक सिद्ध होगा।

उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
* 03 करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और 01 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदी अभियान की कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 03 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 01 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने हेतु तैयार विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लखपति दीदी’ बनाने की कार्ययोजना को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत धनराशि का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री मौर्य ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों को लेकर प्रयागराज जंक्शन पर समीक्षा बैठक।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा सुरक्षा तथा प्रभावी भीड़ प्रबन्धन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी जंक्शन एवं प्रयागराज छिवकी सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्री आवागमन एवं भीड़ नियंत्रण से सम्बंधित व्यवस्थाओ की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन मो. मुबश्शिर वारिस वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक समन्वय आकांशु गोविल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के. द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने मौनी अमावस्या पर्व पर संगम स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।कलर कोडिंग व्यवस्था एकतरफा यात्री आवागमन (यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट) तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

स्टेशन परिसर,प्लेटफॉर्म,प्रवेश एवं निकास द्वार,टिकट काउंटर,प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय प्लेटफॉर्म ड्यूटी,महिला यात्रियो की सुरक्षा यात्रियो के सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने आरपीएफ एवं जीआरपी को सिविल प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। बैठक में मौनी अमावस्या पर्व के दौरान प्रभावी भीड़ नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

मेला कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष से प्रयागराज क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं सिविल क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग के माध्यम से त्वरित नियंत्रण एवं निर्देश प्रणाली को प्रभावी रूप से स्थापित किया गया है,जिससे किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

কুপনে মিলছে বই, নব প্রজন্মকে বইমুখী করতে হাড়োয়ার বইমেলায় অভিনব উদ্যোগ
নিজস্ব সংবাদদাতা, বসিরহাট: বর্তমান মোবাইল ইন্টারনেটের যুগে বই ছেড়ে মোবাইল স্ক্রিনে বুঁদ ছাত্র-ছাত্রীরা। এর ফলেই অজান্তেই বই পড়ার মতো একটি সভ্যতার বিনাশ হতে চলেছে।সেই সমস্যার সমাধানে হাড়োয়া পঞ্চায়েত সমিতির সহ-সভাপতি আব্দুল খালেক মোল্লার সভাপতিত্বে ও হাড়োয়ার বিশিষ্ট সমাজসেবী ফরিদ জমাদারের সম্পাদনায় এক অভিনব উদ্যোগ দেখা গেল হাড়োয়া বইমেলা' ২০২৬ এ। ছাত্র-ছাত্রী থেকে শুরু করে সকল শ্রেণীর মানুষের কাছে বইয়ের প্রতি আগ্রহ বাড়াতে অভিনব উদ্যোগ দেখা গেল বসিরহাটের সুন্দরবনের বিদ্যাধরী নদীর তীরে হাড়োয়া বইমেলায়। ৪র্থ হাড়োয়া বইমেলা শুরু হওয়ার আগেই উদ্যোক্তারা বাড়িতে বাড়িতে গিয়ে কুপন বিক্রি করা হয়েছে। আর সেই কুপন দিয়েই বইমেলায় বই সংগ্রহ করতে পারবেন সংশ্লিষ্ট ব্যক্তিরা। মেলা কমিটির সূত্রে জানা গিয়েছে লক্ষ লক্ষ টাকা মূল্যের কুপন বিক্রি হয়েছে। এর মাধ্যমে একদিকে যেমন বই বিক্রি বাড়বে ঠিক তেমনি বই বিক্রেতাদের বই বিক্রি নিয়ে অনেকটা নিশ্চয়তা বাড়বে। বাংলার বিশিষ্ট সঙ্গীত শিল্পী কেশব দের উপস্থিতিতে এই বইমেলার আনুষ্ঠানিক উদ্বোধন করা হয়। এবারের হাড়োয়া বইমেলায় ৪৫টি স্টল রয়েছে। যার মধ্যে ২৪টি বইয়ের স্টল।
মাটি মাফিয়াদের দৌরাত্ম্য রুখতে ফের সোচ্চার সন্দেশখালির বিজেপি নেতৃত্ব

বসিরহাট: উত্তর ২৪ পরগনার বসিরহাটের মিনাখাঁ জুড়ে ক্রমশ মাথাচাড়া দিয়ে উঠছে মাটি মাফিয়াদের দৌরাত্ম্য। দিনের পর দিন প্রশাসনের চোখের সামনেই চলছে অবৈধ মাটি কাটা, জলাশয় ভরাট ও চাষযোগ্য জমি ধ্বংসের অভিযোগ। এই পরিস্থিতির বিরুদ্ধে সরব হয়ে সরাসরি মিনাখাঁ থানায় হাজির হলেন সন্দেশখালীর আন্দোলনের প্রতিবাদী মুখ এবং ২০২৪ সালের লোকসভা নির্বাচনে বসিরহাট কেন্দ্রের প্রার্থী রেখা পাত্র।
সম্প্রতি মিনাখাঁ ব্লকের একাধিক এলাকায় রাতের অন্ধকারে চলছে মাটি কাটার কাজ। অভিযোগ, চাষযোগ্য জমি থেকে মাটি কেটে তা ইটভাটায় চড়া দামে বিক্রি করা হচ্ছে। ফলে একদিকে যেমন কৃষিজমি নষ্ট হচ্ছে, অন্যদিকে এলাকার পরিবেশ ও বাস্তুতন্ত্র মারাত্মকভাবে ক্ষতিগ্রস্ত হচ্ছে। স্থানীয় বাসিন্দাদের দাবি, বহু জলাশয় রাতারাতি ভরাট করে ফেলা হচ্ছে, যার ফলে জলনিকাশির স্বাভাবিক ব্যবস্থা ভেঙে পড়ছে এবং বর্ষার সময় জল জমে যাওয়ার আশঙ্কা বাড়ছে।
মাটি মাফিয়াদের এই দৌরাত্ম্যের সরাসরি প্রভাব পড়ছে কলকাতা-বাসন্তী হাইওয়ের (রাজ‍্য সড়ক ৩এ) উপরেও। হাইওয়ের বিভিন্ন অংশে যত্রতত্র মাটি পড়ে থাকায় প্রায়শই দুর্ঘটনা ঘটছে।মিনাখাঁয় মাটি মাফিয়াদের দাপটের বিরুদ্ধে রেখা পাত্রের থানায় যাওয়াকে অনেকেই প্রতিবাদের প্রতীক হিসেবে দেখছেন।
235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
सीता हरण की कथा को सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर

फर्रुखाबाद।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में चल रही सुधाकर मिश्र और सुशील मिश्र के तत्वाधान में चल रही नौ दिवसीय श्री रामकथा में अंतर्राष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी ने बताया रामचंद्रजी के बनवास काल के समय लंका नरेश रावण रामचंद्रजी की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले जाता है। भगवान श्री राम अपनी पत्नी सीता को रावण के बंधन से मुक्त कराने हेतु भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान एवं वानरों की सेना के साथ मिलकर रावण वध किया।

आचार्य ने  आगे का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रावण ने मेघनाद को युद्ध भूमि में भेजा। मेघनाथ के शक्तिबाण से लक्ष्मण बेहोश हो गए। उनका उपचार करने के लिए हनुमान विभीषण के कहने पर सुषेण वैद्य को भवन सहित उठा लाए। उन्होंने सूर्योदय से पहले हनुमान से संजीवनी लाने को कहा। इस पर हनुमान पूरा का पूरा पहाड़ ही उठा लाए।

संजीवनी के उपचार से लक्ष्मण को होश आया। इसके बाद उन्होंने मेघनाद का वध कर दिया। आखिर में स्वयं रावण युद्ध भूमि में आया। राम का प्रताप देख वह आकाशमार्ग में पहुंच गया जहां पहुंचकर प्रभु श्री राम ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उसकी नाभि का अमृत सोख लिया और उसका वध कर दिया। रावण वध का प्रसंग सुनते ही भक्तजन भाव-विभोर हो उठे और पूरा आयोजन स्थल प्रभु श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

लंका विजय के बाद जब प्रभु श्रीराम 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके भाई भरत अपने प्राण त्यागने जा रहे थे। तब भगवान राम ने हनुमान जी को भेजकर उनके प्राणों की रक्षा की।

इस दौरान आयोजक सुधाकर मिश्र, सुशील मिश्र और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धांलुओं के साथ साथ पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ रविंद्र शुक्ल, अंजनी कुमार सिंह जिला अधिकारी मैनपुरी, अनुपम राहुल राजपूत चेयरमैन संकिसा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रोटरी प्रीमियर लीग एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग आरपीएल का एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी रविवार को डीएसए ग्राउंड प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर 12 12 ओवरों के रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।

एलिमिनेटर राउंड में रोटरी ईस्ट एकेडेमिया रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी संगम की टीमें आपस में मुकाबला करेंगी। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।

रोटरी के सभी अध्यक्षों सचिवो पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें तथा रोटरी भावना को सशक्त बनाएं।

पूर्व सैनिकों की सहभागिता से रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने की ऐतिहासिक पहल।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रेल प्रबंधक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रयागराज मंडल एवं आर्मी वेलफेयर प्लेसमेन्ट ऑर्गनाइजेशन लखनऊ (AWPO)के मध्य पूर्व सैनिको की रेलवे में पॉइंट्समैन के रूप में तैनाती हेतु महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।इस समझौते के अंतर्गत पूर्व सैनिको को प्रयागराज रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनो स्थलो पर पॉइंट्समैन के रूप में तैनात किया जाएगा।यह तैनाती पूर्णतःप्रयागराज रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में ही की जाएगी।इस एमओयू के माध्यम से कुल 271पदों पर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति प्रस्तावित है जिससे रेल परिचालन की संरक्षा एवं सुचारु संचालन को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।समझौता ज्ञापन पर प्रयागराज रेल मंडल की ओर से वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबन्धक(समन्वय) आकांशु गोविल एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वैभव कुमार गुप्ता ने हस्ताक्षर किए जबकि आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से कर्नल अनुराग कुमार (सेवानिवृत्त)ने हस्ताक्षर किए।यह समझौता दोनो संस्थाओ के मध्य दीर्घकालिक सहयोगात्मक एवं फलदायी सम्बन्धो की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।पूर्व सैनिको का अनुशासन अनुभव एवं कर्तव्यनिष्ठा रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने में अत्यन्त सहायक सिद्ध होगा।

उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
* 03 करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और 01 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदी अभियान की कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 03 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 01 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने हेतु तैयार विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लखपति दीदी’ बनाने की कार्ययोजना को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत धनराशि का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री मौर्य ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

मौनी अमावस्या स्नान पर्व की तैयारियों को लेकर प्रयागराज जंक्शन पर समीक्षा बैठक।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं यात्रियों की सुविधा सुरक्षा तथा प्रभावी भीड़ प्रबन्धन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में प्रयागराज जंक्शन स्थित मेला कंट्रोल रूम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, नैनी जंक्शन एवं प्रयागराज छिवकी सहित प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्री आवागमन एवं भीड़ नियंत्रण से सम्बंधित व्यवस्थाओ की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक सामान्य दीपक कुमार अपर मंडल रेल प्रबंधक परिचालन मो. मुबश्शिर वारिस वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक समन्वय आकांशु गोविल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक कोचिंग हरिमोहन स्टेशन निदेशक प्रयागराज जंक्शन वी.के. द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंडल रेल प्रबंधक ने मौनी अमावस्या पर्व पर संगम स्नान हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।कलर कोडिंग व्यवस्था एकतरफा यात्री आवागमन (यूनिडायरेक्शनल मूवमेंट) तथा आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

स्टेशन परिसर,प्लेटफॉर्म,प्रवेश एवं निकास द्वार,टिकट काउंटर,प्रतीक्षालय तथा सर्कुलेटिंग एरिया में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता,पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय प्लेटफॉर्म ड्यूटी,महिला यात्रियो की सुरक्षा यात्रियो के सामान की निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

मंडल रेल प्रबंधक ने आरपीएफ एवं जीआरपी को सिविल प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्बाध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। बैठक में मौनी अमावस्या पर्व के दौरान प्रभावी भीड़ नियंत्रण एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।

मेला कंट्रोल रूम के सीसीटीवी कक्ष से प्रयागराज क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों एवं सिविल क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग के माध्यम से त्वरित नियंत्रण एवं निर्देश प्रणाली को प्रभावी रूप से स्थापित किया गया है,जिससे किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

কুপনে মিলছে বই, নব প্রজন্মকে বইমুখী করতে হাড়োয়ার বইমেলায় অভিনব উদ্যোগ
নিজস্ব সংবাদদাতা, বসিরহাট: বর্তমান মোবাইল ইন্টারনেটের যুগে বই ছেড়ে মোবাইল স্ক্রিনে বুঁদ ছাত্র-ছাত্রীরা। এর ফলেই অজান্তেই বই পড়ার মতো একটি সভ্যতার বিনাশ হতে চলেছে।সেই সমস্যার সমাধানে হাড়োয়া পঞ্চায়েত সমিতির সহ-সভাপতি আব্দুল খালেক মোল্লার সভাপতিত্বে ও হাড়োয়ার বিশিষ্ট সমাজসেবী ফরিদ জমাদারের সম্পাদনায় এক অভিনব উদ্যোগ দেখা গেল হাড়োয়া বইমেলা' ২০২৬ এ। ছাত্র-ছাত্রী থেকে শুরু করে সকল শ্রেণীর মানুষের কাছে বইয়ের প্রতি আগ্রহ বাড়াতে অভিনব উদ্যোগ দেখা গেল বসিরহাটের সুন্দরবনের বিদ্যাধরী নদীর তীরে হাড়োয়া বইমেলায়। ৪র্থ হাড়োয়া বইমেলা শুরু হওয়ার আগেই উদ্যোক্তারা বাড়িতে বাড়িতে গিয়ে কুপন বিক্রি করা হয়েছে। আর সেই কুপন দিয়েই বইমেলায় বই সংগ্রহ করতে পারবেন সংশ্লিষ্ট ব্যক্তিরা। মেলা কমিটির সূত্রে জানা গিয়েছে লক্ষ লক্ষ টাকা মূল্যের কুপন বিক্রি হয়েছে। এর মাধ্যমে একদিকে যেমন বই বিক্রি বাড়বে ঠিক তেমনি বই বিক্রেতাদের বই বিক্রি নিয়ে অনেকটা নিশ্চয়তা বাড়বে। বাংলার বিশিষ্ট সঙ্গীত শিল্পী কেশব দের উপস্থিতিতে এই বইমেলার আনুষ্ঠানিক উদ্বোধন করা হয়। এবারের হাড়োয়া বইমেলায় ৪৫টি স্টল রয়েছে। যার মধ্যে ২৪টি বইয়ের স্টল।
মাটি মাফিয়াদের দৌরাত্ম্য রুখতে ফের সোচ্চার সন্দেশখালির বিজেপি নেতৃত্ব

বসিরহাট: উত্তর ২৪ পরগনার বসিরহাটের মিনাখাঁ জুড়ে ক্রমশ মাথাচাড়া দিয়ে উঠছে মাটি মাফিয়াদের দৌরাত্ম্য। দিনের পর দিন প্রশাসনের চোখের সামনেই চলছে অবৈধ মাটি কাটা, জলাশয় ভরাট ও চাষযোগ্য জমি ধ্বংসের অভিযোগ। এই পরিস্থিতির বিরুদ্ধে সরব হয়ে সরাসরি মিনাখাঁ থানায় হাজির হলেন সন্দেশখালীর আন্দোলনের প্রতিবাদী মুখ এবং ২০২৪ সালের লোকসভা নির্বাচনে বসিরহাট কেন্দ্রের প্রার্থী রেখা পাত্র।
সম্প্রতি মিনাখাঁ ব্লকের একাধিক এলাকায় রাতের অন্ধকারে চলছে মাটি কাটার কাজ। অভিযোগ, চাষযোগ্য জমি থেকে মাটি কেটে তা ইটভাটায় চড়া দামে বিক্রি করা হচ্ছে। ফলে একদিকে যেমন কৃষিজমি নষ্ট হচ্ছে, অন্যদিকে এলাকার পরিবেশ ও বাস্তুতন্ত্র মারাত্মকভাবে ক্ষতিগ্রস্ত হচ্ছে। স্থানীয় বাসিন্দাদের দাবি, বহু জলাশয় রাতারাতি ভরাট করে ফেলা হচ্ছে, যার ফলে জলনিকাশির স্বাভাবিক ব্যবস্থা ভেঙে পড়ছে এবং বর্ষার সময় জল জমে যাওয়ার আশঙ্কা বাড়ছে।
মাটি মাফিয়াদের এই দৌরাত্ম্যের সরাসরি প্রভাব পড়ছে কলকাতা-বাসন্তী হাইওয়ের (রাজ‍্য সড়ক ৩এ) উপরেও। হাইওয়ের বিভিন্ন অংশে যত্রতত্র মাটি পড়ে থাকায় প্রায়শই দুর্ঘটনা ঘটছে।মিনাখাঁয় মাটি মাফিয়াদের দাপটের বিরুদ্ধে রেখা পাত্রের থানায় যাওয়াকে অনেকেই প্রতিবাদের প্রতীক হিসেবে দেখছেন।