महाराणा प्रताप जयंती व बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव का भव्य आयोजन

वसई। राजपूताना परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में चैत्र महोत्सव, संवत 2083 का भव्य स्वागत श्रद्धा, शौर्य एवं संस्कार के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति एवं क्षत्रिय धर्म का जीवंत उत्सव था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा महापुरुषों को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप की लौ ने जैसे ही सभा को आलोकित किया, पूरा प्रांगणजय भवानी  के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण कारगिल के वीर योद्धा नायक दीपचंद पंचग्रामी रहे, जिनका वीरता के लिए भव्य सम्मान किया गया। जनता ने खड़े होकर अपने नायक का अभिनंदन किया।
विश्वामित्र की भूमिका में "महर्षि" टाइटल से अलंकृत नालासोपारा के अघोर पीठाधीश्वर महंत बाबा अलख राम ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सनातन  का आध्यात्मिक महत्व बताया एवं क्षत्रिय धर्म पर जोर देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा ही क्षत्रिय का प्रथम कर्तव्य है। मुख्य वक्ता डॉ. ओमप्रकाश दुबे ने मार्गदर्शन देते हुए कहा, _"आज से 200 साल पहले जब अंग्रेज नहीं आए थे तब एक जनवरी को नववर्ष नही मनाया जाता था, तब हमारे यहां केवल विक्रम संवत ही चलता था तथा वसंत पंचमी से होली तक पिछले वर्ष की विदाई की जाती थी एवं संपूर्ण चैत्र माह में चैत्र महोत्सव मनाकर नववर्ष का स्वागत किया जाता था । हमारे देश का हर वर्ग पूरे उत्साह से चैत्र महोत्सव मनाता था. आजके आधुनिक काल मे हर वर्ष चैत्र महोत्सव मनाकर ददन सिंह अपनी खोई हुई संस्कृती की पुनर्स्थापना कर रहे है. अपनी जड़ों से जुड़ना ही सच्चा राष्ट्रवाद है। मंच संचालन की बागडोर श्रीप्रकाश सिंह ने कुशलता से संभाली। पधारे हुए सभी अतिथियों का सत्कार राजपूताना परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष दद्दन सिंह चौहान ने शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया। कार्यक्रम में सम्मानमूर्ति के रूप में पधारीं क्षत्राणी नगरसेविका का विशेष सम्मान किया गया एवं  समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु श्रीमती बबीता देवराज सिंह, एकता सिंह, पिंकी राठौर, प्रदीपिका सिंह, जेपी सिंह, अभय कक्कड़, अशोक शेलके आदि को सम्मानित किया गया। 
नासिक से पधारे राजेंद्र सिंह चौहान, रामदुलार सिंह, लाल साहब सिंह, वीरेंद्र सिंह तोमर, कुमार शैलेंद्र सिंह, जय प्रकाश सिंह एवं श्रीमती रीता सिंह सहित अनेक आर्मी एवं नेवी के जवानों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। सभी वीरों ने महाराणा प्रताप जयंती एवं बाबू वीर कुंवर सिंह जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गायक दामोदर राव, नंदिनी तिवारी, पूनम सिंह एवं सूरज सिंह 'तूफानी ने अपनी सुमधुर गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति और वीर रस के गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। राजपूताना परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह सूर्यवंशी, बबन सिंह, ललन सिंह, अरबिंद सिंह मनोज सिंह राकेश सिंह नाहर सिंह केदार सिंह रूपेश सिंह अजय सिंह सरवन सिंह सिसोदिया नरेंद्र सिंह राणावत वीरभद्र सिंह जडेजा अश्विन सिंह जाडेजा स्वरूप सिंह जडेजा जयेंद्र सिंह जडेजा जगदीश सिंह जडेजा सत्येंद्र रावत सुनील सिंह, मोहित सिंह, विजय सिंह, विनोद सिंह, राधा रमन सिंह, अमित सिंह, नाहर सिंह, भावेश सिंह, रोहित सिंह, राम सिंह, केदारनाथ सिंह, राज चौरसिया, जयकुमार यादव एवं संस्था के सभी सदस्यो पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। श्रीमती अंजू सिंह, खुशबू सिंह, आशा सिंह, गरिमा सिंह, सुषमा सिंह, संध्या सिंह, किरण सिंह, बबीता सिंह सहित तमाम बहनों एवं माताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम के पश्चात सभी ने *सुरुचिपूर्ण भोज* का आनंद लिया एवं प्रसाद ग्रहण किया।
सुनील सिंघवी को सर्वसम्मति से सौंपी गई जयपुर प्रवासी संघ की कमान
मुंबई। राजस्थानी समाज की प्रमुख संस्था जयपुर प्रवासी संघ (जेपीएस) की नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा समारोहपूर्वक की गई। पार्ले इंटरनेशनल होटल में आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पद के लिए सुनील सिंघवी का सर्वसम्मति से चयन किया गया। समारोह के दौरान जेपीएस की निवर्तमान कार्यकारिणी के कार्यों की सराहना के साथ उनको भावभीनी विदाई दी गई।जयपुर प्रवासी संघ के गवर्निंग संरक्षक कृष्ण कुमार राठी, संरक्षक कुसुम काबरा, चुनाव अधिकारी मनमोहन बागड़ी, वर्तमान अध्यक्ष धर्मचंद कोठारी, सचिव अरुण कुमार निगोतिया, कोषाध्यक्ष अनिल हीरावत सहित संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में जेपीएस नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा समाजहित के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। जेपीएस की नई कार्यकारिणी में अनिल कुमार हीरावत, अनिल अग्रवाल, अनिल कर्णावट, अनीता माहेश्वरी, धर्मचंद कोठारी, दीपेंद्र बैराठी, गिरीश अग्रवाल, मधु कुमार राठी, निलीन सोखिया, राज कुमार बैद, मनीष शाह, मनीष कचोलिया एवं विजय सेठ को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि सुनील सिंघवी इससे पूर्व भी संघ में सचिव एवं अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। सभी सदस्यों ने सुनील सिंघवी को संस्था के प्रत्येक कार्य में पूर्ण योगदान का विश्वास दिलाते हुए गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सहमति जताई। जेपीएस के संरक्षक कृष्ण कुमार राठी ने निवर्तमान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए उनका सम्मान किया तथा नई कार्यकारिणी के सफल कार्यकाल की कामना की। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी ने नई कार्यकारिणी के सदस्यों की घोषणा की।
होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण का मामले में नया मोड़, कुशवाहा समाज आया आगे

बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी के साथ गठित तौर पर यौन शोषण और गर्भवती मामले में मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कुशवाहा समाज आया आगे। जेल प्रकरण मामले में विजय कुशवाहा ने कहा कि बाबूलाल मराठी कुशवाहा समाज को ही टारगेट कर गलत आरोप लगा रहे है।

जिस तरह से जेल कारा अधीक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। मेडिकल रिपोर्ट में पूरी तरह से निराधार और नेगेटिव आया। कुशवाहा समाज की ओर से कहा गया कि बिना साक्षी के किसी व्यक्ति विशेष पर गंभीर आरोप लगाना गलत है। अगले 24 घंटा में बाबूलाल मरांडी साझे दे नहीं तो माफी मांगे अन्यथा पूरे जिले में कुशवाहा समाज आंदोलन करेगा।

जेल प्रकरण मामले में झालसा ने स्वतः संज्ञान लिया, डालसा तो टीम पहुंची जेल

रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल मैं महिला कैदी के यौन शोषण मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) ने गंभीर रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।

वीडियो में खबरें प्रकाशित होने के बाद झालसा ने डालसा, रांची को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके बाद टीम कथित की गई जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डालसा सचिव, महिला एलएडीसी चीफ समेत अन्य महिला सदस्य शामिल थीं। जांच टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। जेल चिकित्सक का भी बयान दर्ज किया गया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि जेल के किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं लगाई गई थी। इस पर जांच टीम ने नाराजगी जताई और जेल अधीक्षक को दो दिनों के भीतर सभी वार्डों में शिकायत पेटियां लगाने का निर्देश दिया।

पीवीयूएनएल ने हासिल की 1600 मेगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि; एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार

पीवीयूएनएल, जो कि एनटीपीसी एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उपक्रम है, ने 11 मई 2026 को पतरातु सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही पीवीयूएनएल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1600 मेगावाट हो गई है। इसी उपलब्धि के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता भी 90 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ashok Kumar Sehgal ने कहा कि यूनिट-2 के चालू होने के साथ पीवीयूएनएल झारखंड के ऊर्जा परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभरा है। परियोजना से उत्पादित 85 प्रतिशत बिजली झारखंड राज्य को आवंटित की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यूनिट-1 का वाणिज्यिक संचालन (COD) 05 नवंबर 2025 को घोषित किया गया था तथा यूनिट-2 ने मार्च 2026 में पूर्ण भार क्षमता हासिल कर ली थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीवीयूएनएल द्वारा 2,062.90 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन किया गया। वहीं परियोजना की यूनिट-3 का कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (USC) तकनीक, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) तथा 100 प्रतिशत ड्राई ऐश सिस्टम पर आधारित यह परियोजना सतत एवं पर्यावरण अनुकूल तापीय ऊर्जा उत्पादन का भविष्य प्रस्तुत करती है। पीवीयूएनएल कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री ए.के. सहगल ने आगे कहा कि पीवीयूएनएल एवं एनटीपीसी राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए विश्वसनीय एवं सतत विद्युत आपूर्ति हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए एनटीपीसी, जेबीवीएनएल, झारखंड सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), विद्युत मंत्रालय (MoP), भेल (BHEL), सहयोगी संस्थाओं, श्रमिकों एवं सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत पीवीयूएनएल द्वारा कटिया मार्केट में स्वच्छता अभियान आयोजित

पतरातु, 19 मई 2026: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited द्वारा कटिया मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Shri A.K. Sehgal ने किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), तथा श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान कटिया मार्केट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों के उपयोग हेतु विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन वितरित एवं स्थापित किए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन को कचरा प्रबंधन, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान Shri A.K. Sehgal ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
खराब प्रगति पर डीएम ने लिया एक्शन,आंगनबाड़ी कार्यकत्री,मुख्य सेविका और बाल विकास परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
फर्रुखाबाद l बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन तथा अनुश्रवण हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में बाल विकास विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (मनरेगा), उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (एन०आर०एल०एम०), अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी एन०आर०सी०, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, समस्त मुख्य सेविका सहित संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का सही ढंग से वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित कर सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन करते हुए उनके स्वास्थ्य प्रबंधन एवं पोषण सुधार के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाया जा सके।
माह जून 2026 में आयोजित होने वाले “संभव अभियान” की सफलता हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर बच्चों की ड्यू-लिस्ट तैयार कर वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित करने तथा ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस की उपलब्धता एवं कार्यशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पोषण ट्रैकर एप पर सैम एवं मैम बच्चों का वजन एवं लंबाई सही-सही अंकित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी निरीक्षण के दौरान गलत आंकड़े पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मुख्य सेविका एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
बैठक में समस्त मुख्य सेविकाओं को उनकी दैनिक एवं पाक्षिक डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं एवं कार्यकत्रियों का नियमित अभिमुखीकरण प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों में गतिशीलता लाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी अपने विगत माह की निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं जिन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो, उनका सर्वे कर तत्काल आख्या जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित किए जाने तथा केवल नियमानुसार पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिए जाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं मुख्य सेविकाएं सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के घर-घर भ्रमण कर उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करते हुए जनजागरूकता का प्रसार सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले क्षेत्रों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जिन मुख्य सेविकाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी मोहम्मदाबाद एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविका को खराब प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए गए।
नसबंदी को पकड़े गए कुत्ते मोहल्ले में नहीं छोड़े गए, डीएम को दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद l नगर पालिका परिषद द्वारा डीएम के निर्देश पर आवारा घूमने वाले तीन हज़ार कुत्तों को नसबंदी कराने के लिए कैद किया गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया l कुत्तों की समस्या को लेकर एडवोकेट आयुष सक्सेना मंगलवार को जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर को इस संबंध में ज्ञापन दिया है जिन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अवगत कराया कि डॉग स्ट्रीट जो की नसबंदी के लिए पकड़े गए थे नसबंदी होने के बाद उन मोहल्ले में नहीं पहुंचाएं गए ऐसे गली मोहल्ले के कुत्तों की  संख्या लगभग 3000 है , लेकिन इन कुत्तों की नसबंदी   हुई है कि नहीं बल्कि जहा से पकड़ा गया वहां पर नहीं छोड़ा गया है जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है l जिलाधिकारी ने नगर पालिका ईओ से कहा है कि तत्काल प्रभाव से कारवाई करने के निर्देश दिए हैं l
सर्राफा व्यापारियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक, व्यापारियो ने प्रशासन को दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन

फर्रुखाबाद l मंगलवार को जनपद के सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई l इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के समर्थन एवं सहयोग प्रदान करने हेतु व्यापारियों से अनुरोध किया गया। बैठक में जनहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपस्थित सर्राफा व्यापारियों से आह्वान किया गया कि वे समाज एवं राष्ट्र के व्यापक हित में संचालित प्रयासों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करें। अधिकारियों द्वारा कहा गया कि व्यापारिक समुदाय समाज की आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और उनकी सहभागिता से जनकल्याणकारी प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
बैठक में व्यापारियों ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा कहा कि वे राष्ट्रहित एवं जनहित से जुड़े प्रत्येक अभियान एवं अपील में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा प्रशासन एवं व्यापारियों के मध्य बेहतर समन्वय एवं सहयोग बनाए रखने पर बल दिया गया।
फिर महकेगी बुंदेलखंड की रसोई, 'बुंदेली शेफ सीज़न- 4' जल्द लेकर आ रहा है स्वाद, सपनों और पहचान का सबसे बड़ा मंच

इंदौर,  मई, 2026: कुछ स्वाद सिर्फ ज़ुबान पर नहीं ठहरते, वे हर दिन महकती यादों में बस जाते हैं। कुछ रसोइयाँ सिर्फ भोजन ही नहीं पकातीं, वे अपने घर, अपनी मिट्टी और अपनी परंपरा की कहानियाँ परोसती हैं। बुंदेलखंड की वही सौंधी खुशबू, वही देसी तड़का और वही आत्मीयता अब एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्साह से भरने लौट रही है। 'बुंदेली शेफ' अब अपने चौथे सीज़न के साथ फिर तैयार है, जहाँ रसोई से निकलने वाली हर खुशबू सिर्फ व्यंजन ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बनकर सामने आएगी।

बुंदेली पाक और महिलाओं के हुनर को देखते हुए, अब सीज़न 4 पहले से कहीं ज्यादा भव्य और रोमांचक होने जा रहा है। इस बार प्रतिभागियों के हुनर को परखने के लिए तीन बड़े ऑडिशन राउंड्स आयोजित किए जाएँगे। इन राउंड्स में चयनित पाककला की होनहार प्रतिभागियों को क्रमशः क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फिर भव्य ग्रैंड फिनाले में अपने हुनर की करछी चलाने का मौका मिलेगें और इस प्रकार बुंदेलखंड की सर्वश्रेष्ठ रसोई की नई पहचान सामने आएगी।

बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जब हमने 'बुंदेली शेफ' की शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य सिर्फ एक कुकिंग शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की उन प्रतिभाशाली महिलाओं को एक ऐसा मंच देना था, जिनका हुनर अक्सर घर की चारदीवारी तक ही सीमित रह जाता है। पिछले तीन सीज़न्स में हमने देखा कि कैसे इस मंच ने कई महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाया, उन्हें नई पहचान दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। आज 'बुंदेली शेफ' सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और स्वाद का उत्सव बन चुका है। यही हमारी सफलता है और आगे इसे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी है। सीज़न 4 में हम और भी नए चेहरे, पाककला की नई कहानियों और ऐसे अनोखे स्वादों से परिचित होने जा रहे हैं, जो एक बार फिर पूरे बुंदेलखंड को अपनी मिट्टी पर गर्व करने का मौका देंगे।"

पिछले तीन सीज़न्स में इस मंच ने न सिर्फ कई प्रतिभाओं को पहचान दी, बल्कि यह हजारों महिलाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देने का माध्यम रहा है। सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह ने अपने सहज और पारंपरिक स्वाद से लोगों का दिल जीता। इसके बाद सीज़न 2 में ज़हीदा परवीन ने यह साबित किया कि बुंदेली रसोई में हुनर और प्रयोग दोनों साथ-साथ बखूबी चल सकते हैं। वहीं, कुछ माह पूर्व ही सम्पन्न हुए सीज़न 3 में शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब व्यंजनों से ऐसा जादू चलाया कि उनकी जीत पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का क्षण बन गई।

'बुंदेली शेफ' अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रह गया है, बल्कि यह उस भावना का उत्सव बन चुका है, जहाँ महिलाएँ अपनी थाली में अपने अपना हुनर, अपने सपने और अपने संस्कार लेकर आती हैं। हर बढ़ते सीज़न के साथ यह मंच इस बात को साबित कर रहा है कि बुंदेलखंड की रसोई में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ लेने वाली आत्मीयता भी बसती है।

सीज़न 4 की चर्चा अभी से लोगों के बीच उत्साह पैदा करने लगी है। क्योंकि यह मंच केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि उस मिट्टी की खुशबू को दुनिया तक पहुँचाने के लिए है, जो हर बुंदेली रसोई में आज भी प्रेम, अपनापन और परंपरा के साथ पकती है।
महाराणा प्रताप जयंती व बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव का भव्य आयोजन

वसई। राजपूताना परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में चैत्र महोत्सव, संवत 2083 का भव्य स्वागत श्रद्धा, शौर्य एवं संस्कार के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति एवं क्षत्रिय धर्म का जीवंत उत्सव था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा महापुरुषों को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप की लौ ने जैसे ही सभा को आलोकित किया, पूरा प्रांगणजय भवानी  के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण कारगिल के वीर योद्धा नायक दीपचंद पंचग्रामी रहे, जिनका वीरता के लिए भव्य सम्मान किया गया। जनता ने खड़े होकर अपने नायक का अभिनंदन किया।
विश्वामित्र की भूमिका में "महर्षि" टाइटल से अलंकृत नालासोपारा के अघोर पीठाधीश्वर महंत बाबा अलख राम ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सनातन  का आध्यात्मिक महत्व बताया एवं क्षत्रिय धर्म पर जोर देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा ही क्षत्रिय का प्रथम कर्तव्य है। मुख्य वक्ता डॉ. ओमप्रकाश दुबे ने मार्गदर्शन देते हुए कहा, _"आज से 200 साल पहले जब अंग्रेज नहीं आए थे तब एक जनवरी को नववर्ष नही मनाया जाता था, तब हमारे यहां केवल विक्रम संवत ही चलता था तथा वसंत पंचमी से होली तक पिछले वर्ष की विदाई की जाती थी एवं संपूर्ण चैत्र माह में चैत्र महोत्सव मनाकर नववर्ष का स्वागत किया जाता था । हमारे देश का हर वर्ग पूरे उत्साह से चैत्र महोत्सव मनाता था. आजके आधुनिक काल मे हर वर्ष चैत्र महोत्सव मनाकर ददन सिंह अपनी खोई हुई संस्कृती की पुनर्स्थापना कर रहे है. अपनी जड़ों से जुड़ना ही सच्चा राष्ट्रवाद है। मंच संचालन की बागडोर श्रीप्रकाश सिंह ने कुशलता से संभाली। पधारे हुए सभी अतिथियों का सत्कार राजपूताना परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष दद्दन सिंह चौहान ने शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया। कार्यक्रम में सम्मानमूर्ति के रूप में पधारीं क्षत्राणी नगरसेविका का विशेष सम्मान किया गया एवं  समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु श्रीमती बबीता देवराज सिंह, एकता सिंह, पिंकी राठौर, प्रदीपिका सिंह, जेपी सिंह, अभय कक्कड़, अशोक शेलके आदि को सम्मानित किया गया। 
नासिक से पधारे राजेंद्र सिंह चौहान, रामदुलार सिंह, लाल साहब सिंह, वीरेंद्र सिंह तोमर, कुमार शैलेंद्र सिंह, जय प्रकाश सिंह एवं श्रीमती रीता सिंह सहित अनेक आर्मी एवं नेवी के जवानों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। सभी वीरों ने महाराणा प्रताप जयंती एवं बाबू वीर कुंवर सिंह जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गायक दामोदर राव, नंदिनी तिवारी, पूनम सिंह एवं सूरज सिंह 'तूफानी ने अपनी सुमधुर गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति और वीर रस के गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। राजपूताना परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह सूर्यवंशी, बबन सिंह, ललन सिंह, अरबिंद सिंह मनोज सिंह राकेश सिंह नाहर सिंह केदार सिंह रूपेश सिंह अजय सिंह सरवन सिंह सिसोदिया नरेंद्र सिंह राणावत वीरभद्र सिंह जडेजा अश्विन सिंह जाडेजा स्वरूप सिंह जडेजा जयेंद्र सिंह जडेजा जगदीश सिंह जडेजा सत्येंद्र रावत सुनील सिंह, मोहित सिंह, विजय सिंह, विनोद सिंह, राधा रमन सिंह, अमित सिंह, नाहर सिंह, भावेश सिंह, रोहित सिंह, राम सिंह, केदारनाथ सिंह, राज चौरसिया, जयकुमार यादव एवं संस्था के सभी सदस्यो पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। श्रीमती अंजू सिंह, खुशबू सिंह, आशा सिंह, गरिमा सिंह, सुषमा सिंह, संध्या सिंह, किरण सिंह, बबीता सिंह सहित तमाम बहनों एवं माताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम के पश्चात सभी ने *सुरुचिपूर्ण भोज* का आनंद लिया एवं प्रसाद ग्रहण किया।
सुनील सिंघवी को सर्वसम्मति से सौंपी गई जयपुर प्रवासी संघ की कमान
मुंबई। राजस्थानी समाज की प्रमुख संस्था जयपुर प्रवासी संघ (जेपीएस) की नई कार्यकारिणी के गठन की घोषणा समारोहपूर्वक की गई। पार्ले इंटरनेशनल होटल में आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पद के लिए सुनील सिंघवी का सर्वसम्मति से चयन किया गया। समारोह के दौरान जेपीएस की निवर्तमान कार्यकारिणी के कार्यों की सराहना के साथ उनको भावभीनी विदाई दी गई।जयपुर प्रवासी संघ के गवर्निंग संरक्षक कृष्ण कुमार राठी, संरक्षक कुसुम काबरा, चुनाव अधिकारी मनमोहन बागड़ी, वर्तमान अध्यक्ष धर्मचंद कोठारी, सचिव अरुण कुमार निगोतिया, कोषाध्यक्ष अनिल हीरावत सहित संघ के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित सदस्यों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में जेपीएस नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा समाजहित के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। जेपीएस की नई कार्यकारिणी में अनिल कुमार हीरावत, अनिल अग्रवाल, अनिल कर्णावट, अनीता माहेश्वरी, धर्मचंद कोठारी, दीपेंद्र बैराठी, गिरीश अग्रवाल, मधु कुमार राठी, निलीन सोखिया, राज कुमार बैद, मनीष शाह, मनीष कचोलिया एवं विजय सेठ को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि सुनील सिंघवी इससे पूर्व भी संघ में सचिव एवं अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। सभी सदस्यों ने सुनील सिंघवी को संस्था के प्रत्येक कार्य में पूर्ण योगदान का विश्वास दिलाते हुए गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सहमति जताई। जेपीएस के संरक्षक कृष्ण कुमार राठी ने निवर्तमान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए उनका सम्मान किया तथा नई कार्यकारिणी के सफल कार्यकाल की कामना की। नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुनील सिंघवी ने नई कार्यकारिणी के सदस्यों की घोषणा की।
होटवार जेल में महिला कैदी के यौन शोषण का मामले में नया मोड़, कुशवाहा समाज आया आगे

बिरसा मुंडा जेल में महिला कैदी के साथ गठित तौर पर यौन शोषण और गर्भवती मामले में मेडिकल रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद कुशवाहा समाज आया आगे। जेल प्रकरण मामले में विजय कुशवाहा ने कहा कि बाबूलाल मराठी कुशवाहा समाज को ही टारगेट कर गलत आरोप लगा रहे है।

जिस तरह से जेल कारा अधीक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। मेडिकल रिपोर्ट में पूरी तरह से निराधार और नेगेटिव आया। कुशवाहा समाज की ओर से कहा गया कि बिना साक्षी के किसी व्यक्ति विशेष पर गंभीर आरोप लगाना गलत है। अगले 24 घंटा में बाबूलाल मरांडी साझे दे नहीं तो माफी मांगे अन्यथा पूरे जिले में कुशवाहा समाज आंदोलन करेगा।

जेल प्रकरण मामले में झालसा ने स्वतः संज्ञान लिया, डालसा तो टीम पहुंची जेल

रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल मैं महिला कैदी के यौन शोषण मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) ने गंभीर रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।

वीडियो में खबरें प्रकाशित होने के बाद झालसा ने डालसा, रांची को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके बाद टीम कथित की गई जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, डालसा सचिव, महिला एलएडीसी चीफ समेत अन्य महिला सदस्य शामिल थीं। जांच टीम ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंचकर पूरे मामले की पड़ताल की। जेल चिकित्सक का भी बयान दर्ज किया गया।

निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि जेल के किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं लगाई गई थी। इस पर जांच टीम ने नाराजगी जताई और जेल अधीक्षक को दो दिनों के भीतर सभी वार्डों में शिकायत पेटियां लगाने का निर्देश दिया।

पीवीयूएनएल ने हासिल की 1600 मेगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि; एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार

पीवीयूएनएल, जो कि एनटीपीसी एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) का संयुक्त उपक्रम है, ने 11 मई 2026 को पतरातु सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही पीवीयूएनएल की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1600 मेगावाट हो गई है। इसी उपलब्धि के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता भी 90 गीगावाट के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Ashok Kumar Sehgal ने कहा कि यूनिट-2 के चालू होने के साथ पीवीयूएनएल झारखंड के ऊर्जा परिदृश्य में एक परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में उभरा है। परियोजना से उत्पादित 85 प्रतिशत बिजली झारखंड राज्य को आवंटित की गई है, जिससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा वर्तमान एवं भविष्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व यूनिट-1 का वाणिज्यिक संचालन (COD) 05 नवंबर 2025 को घोषित किया गया था तथा यूनिट-2 ने मार्च 2026 में पूर्ण भार क्षमता हासिल कर ली थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पीवीयूएनएल द्वारा 2,062.90 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन किया गया। वहीं परियोजना की यूनिट-3 का कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है और इसे वित्तीय वर्ष 2026-27 में चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल (USC) तकनीक, एयर कूल्ड कंडेंसर (ACC) तथा 100 प्रतिशत ड्राई ऐश सिस्टम पर आधारित यह परियोजना सतत एवं पर्यावरण अनुकूल तापीय ऊर्जा उत्पादन का भविष्य प्रस्तुत करती है। पीवीयूएनएल कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रहा है।

श्री ए.के. सहगल ने आगे कहा कि पीवीयूएनएल एवं एनटीपीसी राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए विश्वसनीय एवं सतत विद्युत आपूर्ति हेतु प्रतिबद्ध हैं तथा वर्तमान एवं भावी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए एनटीपीसी, जेबीवीएनएल, झारखंड सरकार, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA), विद्युत मंत्रालय (MoP), भेल (BHEL), सहयोगी संस्थाओं, श्रमिकों एवं सभी हितधारकों के निरंतर सहयोग एवं समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत पीवीयूएनएल द्वारा कटिया मार्केट में स्वच्छता अभियान आयोजित

पतरातु, 19 मई 2026: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited द्वारा कटिया मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Shri A.K. Sehgal ने किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), तथा श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान कटिया मार्केट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों के उपयोग हेतु विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन वितरित एवं स्थापित किए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन को कचरा प्रबंधन, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान Shri A.K. Sehgal ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
खराब प्रगति पर डीएम ने लिया एक्शन,आंगनबाड़ी कार्यकत्री,मुख्य सेविका और बाल विकास परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
फर्रुखाबाद l बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन तथा अनुश्रवण हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। बैठक में बाल विकास विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (मनरेगा), उपायुक्त श्रम एवं रोजगार (एन०आर०एल०एम०), अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी एन०आर०सी०, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, समस्त मुख्य सेविका सहित संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का सही ढंग से वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित कर सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन करते हुए उनके स्वास्थ्य प्रबंधन एवं पोषण सुधार के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाया जा सके।
माह जून 2026 में आयोजित होने वाले “संभव अभियान” की सफलता हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर बच्चों की ड्यू-लिस्ट तैयार कर वजन एवं लंबाई मापन सुनिश्चित करने तथा ग्रोथ मॉनीटरिंग डिवाइस की उपलब्धता एवं कार्यशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि समस्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पोषण ट्रैकर एप पर सैम एवं मैम बच्चों का वजन एवं लंबाई सही-सही अंकित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी निरीक्षण के दौरान गलत आंकड़े पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मुख्य सेविका एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
बैठक में समस्त मुख्य सेविकाओं को उनकी दैनिक एवं पाक्षिक डायरी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं एवं कार्यकत्रियों का नियमित अभिमुखीकरण प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों में गतिशीलता लाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी अपने विगत माह की निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं जिन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो, उनका सर्वे कर तत्काल आख्या जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित किए जाने तथा केवल नियमानुसार पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिए जाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं मुख्य सेविकाएं सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के घर-घर भ्रमण कर उन्हें स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करते हुए जनजागरूकता का प्रसार सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले क्षेत्रों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जिन मुख्य सेविकाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी मोहम्मदाबाद एवं संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविका को खराब प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए गए।
नसबंदी को पकड़े गए कुत्ते मोहल्ले में नहीं छोड़े गए, डीएम को दिया ज्ञापन

फर्रुखाबाद l नगर पालिका परिषद द्वारा डीएम के निर्देश पर आवारा घूमने वाले तीन हज़ार कुत्तों को नसबंदी कराने के लिए कैद किया गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया l कुत्तों की समस्या को लेकर एडवोकेट आयुष सक्सेना मंगलवार को जिला अधिकारी डॉ अंकुर लाठर को इस संबंध में ज्ञापन दिया है जिन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें अवगत कराया कि डॉग स्ट्रीट जो की नसबंदी के लिए पकड़े गए थे नसबंदी होने के बाद उन मोहल्ले में नहीं पहुंचाएं गए ऐसे गली मोहल्ले के कुत्तों की  संख्या लगभग 3000 है , लेकिन इन कुत्तों की नसबंदी   हुई है कि नहीं बल्कि जहा से पकड़ा गया वहां पर नहीं छोड़ा गया है जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है l जिलाधिकारी ने नगर पालिका ईओ से कहा है कि तत्काल प्रभाव से कारवाई करने के निर्देश दिए हैं l
सर्राफा व्यापारियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक, व्यापारियो ने प्रशासन को दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन

फर्रुखाबाद l मंगलवार को जनपद के सर्राफा व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई l इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के समर्थन एवं सहयोग प्रदान करने हेतु व्यापारियों से अनुरोध किया गया। बैठक में जनहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपस्थित सर्राफा व्यापारियों से आह्वान किया गया कि वे समाज एवं राष्ट्र के व्यापक हित में संचालित प्रयासों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सहयोग करें। अधिकारियों द्वारा कहा गया कि व्यापारिक समुदाय समाज की आर्थिक एवं सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और उनकी सहभागिता से जनकल्याणकारी प्रयासों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
बैठक में व्यापारियों ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा कहा कि वे राष्ट्रहित एवं जनहित से जुड़े प्रत्येक अभियान एवं अपील में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा प्रशासन एवं व्यापारियों के मध्य बेहतर समन्वय एवं सहयोग बनाए रखने पर बल दिया गया।
फिर महकेगी बुंदेलखंड की रसोई, 'बुंदेली शेफ सीज़न- 4' जल्द लेकर आ रहा है स्वाद, सपनों और पहचान का सबसे बड़ा मंच

इंदौर,  मई, 2026: कुछ स्वाद सिर्फ ज़ुबान पर नहीं ठहरते, वे हर दिन महकती यादों में बस जाते हैं। कुछ रसोइयाँ सिर्फ भोजन ही नहीं पकातीं, वे अपने घर, अपनी मिट्टी और अपनी परंपरा की कहानियाँ परोसती हैं। बुंदेलखंड की वही सौंधी खुशबू, वही देसी तड़का और वही आत्मीयता अब एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्साह से भरने लौट रही है। 'बुंदेली शेफ' अब अपने चौथे सीज़न के साथ फिर तैयार है, जहाँ रसोई से निकलने वाली हर खुशबू सिर्फ व्यंजन ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बनकर सामने आएगी।

बुंदेली पाक और महिलाओं के हुनर को देखते हुए, अब सीज़न 4 पहले से कहीं ज्यादा भव्य और रोमांचक होने जा रहा है। इस बार प्रतिभागियों के हुनर को परखने के लिए तीन बड़े ऑडिशन राउंड्स आयोजित किए जाएँगे। इन राउंड्स में चयनित पाककला की होनहार प्रतिभागियों को क्रमशः क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फिर भव्य ग्रैंड फिनाले में अपने हुनर की करछी चलाने का मौका मिलेगें और इस प्रकार बुंदेलखंड की सर्वश्रेष्ठ रसोई की नई पहचान सामने आएगी।

बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जब हमने 'बुंदेली शेफ' की शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य सिर्फ एक कुकिंग शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की उन प्रतिभाशाली महिलाओं को एक ऐसा मंच देना था, जिनका हुनर अक्सर घर की चारदीवारी तक ही सीमित रह जाता है। पिछले तीन सीज़न्स में हमने देखा कि कैसे इस मंच ने कई महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाया, उन्हें नई पहचान दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। आज 'बुंदेली शेफ' सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और स्वाद का उत्सव बन चुका है। यही हमारी सफलता है और आगे इसे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी है। सीज़न 4 में हम और भी नए चेहरे, पाककला की नई कहानियों और ऐसे अनोखे स्वादों से परिचित होने जा रहे हैं, जो एक बार फिर पूरे बुंदेलखंड को अपनी मिट्टी पर गर्व करने का मौका देंगे।"

पिछले तीन सीज़न्स में इस मंच ने न सिर्फ कई प्रतिभाओं को पहचान दी, बल्कि यह हजारों महिलाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देने का माध्यम रहा है। सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह ने अपने सहज और पारंपरिक स्वाद से लोगों का दिल जीता। इसके बाद सीज़न 2 में ज़हीदा परवीन ने यह साबित किया कि बुंदेली रसोई में हुनर और प्रयोग दोनों साथ-साथ बखूबी चल सकते हैं। वहीं, कुछ माह पूर्व ही सम्पन्न हुए सीज़न 3 में शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब व्यंजनों से ऐसा जादू चलाया कि उनकी जीत पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का क्षण बन गई।

'बुंदेली शेफ' अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रह गया है, बल्कि यह उस भावना का उत्सव बन चुका है, जहाँ महिलाएँ अपनी थाली में अपने अपना हुनर, अपने सपने और अपने संस्कार लेकर आती हैं। हर बढ़ते सीज़न के साथ यह मंच इस बात को साबित कर रहा है कि बुंदेलखंड की रसोई में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ लेने वाली आत्मीयता भी बसती है।

सीज़न 4 की चर्चा अभी से लोगों के बीच उत्साह पैदा करने लगी है। क्योंकि यह मंच केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि उस मिट्टी की खुशबू को दुनिया तक पहुँचाने के लिए है, जो हर बुंदेली रसोई में आज भी प्रेम, अपनापन और परंपरा के साथ पकती है।