गया के प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मगध का पहला लैप्रोस्कोपिक डुओडेनल परफोरेशन ऑपरेशन सफल

गया: मगध क्षेत्र में आधुनिक एवं उन्नत सर्जरी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डुओडेनल परफोरेशन (आंत में छेद) का सफल ऑपरेशन लैप्रोस्कोपी विधि द्वारा किया गया। पूरे मगध क्षेत्र में यह पहली बार है जब इस जटिल एवं गंभीर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक मिनिमली इनवेसिव तकनीक (Minimal Invasive Surgery) से संपन्न किया गया।

सामान्यतः इस प्रकार के ऑपरेशन में मरीज का पेट पूरी तरह खोलकर (लैपरोटॉमी) सर्जरी करनी पड़ती है, जिससे दर्द अधिक होता है तथा रिकवरी में भी लंबा समय लगता है। लेकिन प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह ने अपनी कुशलता, अनुभव एवं आधुनिक सर्जिकल तकनीक के बल पर इस जटिल ऑपरेशन को लैप्रोस्कोपिक विधि से सफलतापूर्वक पूरा किया।

ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही तथा आश्चर्यजनक रूप से बहुत कम समय में मरीज की रिकवरी हो गई। इस आधुनिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा एवं शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिला।

प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल आज पूरे मगध क्षेत्र में मिनिमली इनवेसिव एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए अपनी विशेष पहचान बना चुका है। जटिल से जटिल ऑपरेशन को अत्याधुनिक तकनीक एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा।

इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार एवं अस्पताल के ओटी स्टाफ की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। पूरी टीम के समर्पण, तालमेल एवं दक्षता के कारण यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल हो सका। प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य मगध क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

खुर्जा जिम हत्याकांड: मुख्य आरोपी जीतू सैनी मुठभेड़ में मारा गया, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
लखनऊ । बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में जिम पर हुए तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी जीतू सैनी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। यह मुठभेड़ गुरुवार सुबह सिकंदरपुर गांव के पास हुई, जिसमें आरोपी को गोली लगने के बाद घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी मोहम्मद असलम और सिपाही मोहित मलिक भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है।
यह मामला 25 अप्रैल की रात का है, जब सुभाष मार्ग स्थित एक जिम में जन्मदिन पार्टी के दौरान फायरिंग हुई थी। इस घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
इससे पहले पुलिस ने दो अन्य आरोपियों रिंकू सैनी और भारत सैनी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार और घटना से संबंधित सीसीटीवी डीवीआर बरामद की थी।
पुलिस का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी जीतू सैनी के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
कोहिनूर हीरा भारत को लौटाएं” किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क दौरे पर मेयर जोहरान ममदानी का बड़ा बयान

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न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भारतीय मूल के ममदानी ने ब्रिटिश किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला के न्यूयॉर्क दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क दौरे पर उनका क्या संदेश होगा तो ममदानी ने ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में भारत से ब्रिटेन ले जाए गए बेशकीमती कोहिनूर हीरे पर बात की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वह किंग चार्ल्स से अपील करेंगे कि वे भारत का कोहिनूर हीरा वापस करें।

यूएस दौरे पर ब्रिटिश किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला

ममदानी का बयान ऐसे समय में आया है जब चार्ल्स अपनी अमेरिका यात्रा पर हैं और 9/11 हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। ब्रिटिश किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला चार दिवसीय के दौरे के तहत न्यूयॉर्क में हैं। इस दौरान उन्होंने 9/11 मेमोरियल और म्यूजियम का दौरा भी किया। इस दौरान किंग चार्ल्स ने 2001 के आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। मंगलवार को कांग्रेस की संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में राजा चार्ल्स ने 11 सितंबर 2001 को हुए हमले का जिक्र किया। इन हमलों में लगभग 3000 लोग मारे गए थे, जिसनें 67 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे।

ब्रिटेन के शाही ताज में जड़ा है भारत का कोहिनूर हीरा

कोहिनूर, 100 कैरेट से ज्यादा का एक नायाब हीरा है। सदियों पहले भारत से ले जाया गया यह हीरा औपनिवेशिक काल में ब्रिटेन की लूट को लेकर विवादों के केंद्र में रहा है। कोहिनूर वही हीरा है जो ब्रिटेन के शाही ताज में जड़ा है और टावर ऑफ लंदन में रखा गया है। यह 177 साल से ब्रिटेन के पास है। भारत ने ब्रिटेन के सामने कई बार कोहिनूर हीरे पर अपना कानूनी हक होने का दावा किया है

1849 से ब्रिटेन के पास कोहिनूर हीरा

कोहिनूर हीरा 1849 से ब्रिटेन के पास है। द्वितीय एंग्लो-सिख युद्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से सिख साम्राज्य के हारने के बाद अंग्रेजों ने पूरे पंजाब पर कब्जा कर लिया। उस समय सिख साम्राज्य के शासक दलीप सिंह थे, जिनकी उम्र सिर्फ 10 साल थी। युद्ध हारने के बाद अंग्रेजों ने उनसे लाहौर की संधि पर हस्ताक्षर करवाए। इस संधि की शर्तें बहुत सख्त थीं। इसके तहत पंजाब को ब्रिटिश शासन के अधीन कर दिया गया और साथ ही कोहिनूर हीरा भी अंग्रेजों को सौंपना पड़ा। इसके बाद यह हीरा ब्रिटेन पहुंचा और क्वीन विक्टोरिया को दे दिया गया।

09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

* परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी आयोजित, 06 मई से प्रवेश पत्र होंगे डाउनलोड 

प्रयागराज / लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।

 परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी।

विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

गर्मी में सेहत रहे दुरुस्त: डॉ दीक्षिता पांडे ने बताए आसान और असरदार बचाव उपाय
लखनऊ ।  मैं हूं डॉ दीक्षिता पांडे आज मैं आपको बताऊंगी कि कैसे हम बचाव कर सकते हैं इस भीषण गर्मी में होने वाले रोगों से होम्योपैथी दवाइयां की सहायता से तो आईए जानते हैं सबसे पहले जो इसमें प्रमुख बीमारी है वह है हीट स्ट्रोक  या लू लगना _जी हां तेज धूप के संपर्क में आने से होने वाले दर्द बुखार और चक्कर आने जैसी स्थितियां जब आपके सामने हो तब आप होम्योपैथी की यह दवा ले सकते हैं जैसे की  बेलाडोना चेहरे की लालिमा तेज बुखार सूखी त्वचा और अचानक होने वाले दर्द के लिए उपयोगी है दूसरा गर्मी में सबसे ज्यादा शिकायत होती है देखने में आती है वह है थकावट डिहाइड्रेशन जिसको कहते हैं इसमें सबसे खास बात होती कि शरीर में पानी कमी हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जिसके लिए होम्योपैथिक में हम अगर दवा दें तो सबसे पहले दवा आती है "नेटराम मयूर "_धूप के लंबे समय तक प्रभाव के कारण होने वाले पुराने सर दर्द और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन के लिए उपयोग की जाती है इसमें दूसरी दवा आती है "चायना"_इसमें अत्यधिक पसीना आने के साथ दस्त के साथ होने वाली कमजोरी शरीर में पानी की कमी की भरपाई के लिए दी जाती है ।

इसमें तीसरी दवा आती है "आर्सेनिक एल्बम"_जलन बेचैनी और निर्जलीकरण के कारण होने वाले कमजोरी में राहत देती है ठीक है और अब बात करते हैं त्वचा संबंधी समस्याओं पर जो हमें गर्मियों के मौसम में देखने को मिलती है वह गर्मी में होने वाले त्वचा में रशेस और सनबर्न हो जाता है इसके कारण होने वाली जलन इसमें सल्फर दवा दी जा सकती है और घमौरी भी अगर निकल आए तो सल्फर दवा बड़े अच्छे से काम करती है जो की  त्वचा संवेदनशीलता को दूर करने में सल्फर की मेडिसिन बहुत ही अच्छी मानी जाती है अब हम बात करेंगे कि गर्मियों के मौसम में अगर  बच्चों को  बार-बार उल्टी दस्त हो रहे हैं तो उसके लिए सबसे अच्छी दवा होती है होम्योपैथिक में आर्सेनिक एल्बम, वैरेटम एल्बम, कैंपर दवा खांसी उपयोगी होती है ।

यह बहुत अच्छी मानी जाती हैं जी हां लेकिन दोस्तों कौन सी दवा किस मरीज को कितनी मात्रा में देना है यह आप होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह से ही दीजिएगा बिल्कुल क्योंकि रोग की अवधि और दवा की खुराक यह सही निर्णय एक होम्योपैथी डॉक्टर ही आपको सही-सही बता पाएगा ठीक है और अब हम बताते हैं कि आप कैसे इन गर्मियों में आप अपना ख्याल सबसे ज्यादा इस प्रकार से रखें कि ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं और मौसमी फलों का सेवन करें, लस्सी खीरा ककड़ी छाछ है ना जितना हो सके खाएं और पिए और गर्मियों से बचने के लिए आरामदायक सूती कपड़े पहने धूप में जब भी निकले तो छतरी या टोपी का इस्तेमाल जरूर करें और आंखों का भी ख्याल रखें आंखों के लिए भी आप चाहे तो आरामदायक चश्मा का प्रयोग कर सकते हैं सनग्लासेस के तौर पर और सबसे बड़ी बात आपको नाश्ते या खाने में गाजर एप्पल का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करिए तो आपको ब्लू नहीं लगेगी और गर्मी नहीं लगेगी हाजमा भीआपका बहुत अच्छा रहेगा तो दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई ।
मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय डांस दिवस पर डी मोनफोर्ट एकेडमी में इंटर-हाउस डांस प्रतियोगिता का शानदार आयोजन

मेरठ। बहसूमा क्षेत्र। डी मोनफोर्ट एकेडमी में अंतर्राष्ट्रीय डांस दिवस के उपलक्ष्य में इंटर-हाउस डांस प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा, ऊर्जा और समर्पण देखने लायक रहा।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विवेकानंद हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टैगोर हाउस द्वितीय स्थान पर रहा, जबकि कृष्णामूर्ति हाउस ने तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा मंच पर प्रदर्शन से उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।

विद्यालय की निदेशक डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए ऐसे मंच प्रदान करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और लगन की प्रशंसा की।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ भी अत्यंत आवश्यक हैं और यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं।

वहीं उप प्रधानाचार्या रितु चिकारा ने सभी प्रतिभागियों की मेहनत की सराहना करते हुए विजेताओं को बधाई दी और अन्य विद्यार्थियों को भी निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन उत्साह और आनंद के वातावरण में हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अचानक आये तेज़ आंधी पानी तूफान से जनपद में भारी नुकसान,7 लोगों की मौत*
सुल्तानपुर में कल अचानक आये तेज़ आंधी पानी तूफान से जनपद में भारी नुकसान व जनहानि हो गई है। जिससे जनपद के विभिन्न इलाकों में अबतक कुल 7 लोगों की मौत हो गयीं वहीं 21 लोग घायल हो गए हैं। मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने तत्काल पूरी टीम लगा कर हुए नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया है। वहीं बिजली विभाग को भी आंधी तूफान के चलते नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। दरअशल कल सुल्तानपुर जनपद में अचानक लगभग 3:00 बजे के बहुत ही तेज आंधी तूफान आया, जिसके बाद तुरंत जिलाधिकारी ने मामले में संज्ञान लेते हुए जनहानि देखते हुए बताया कि इसको दैवीय आपदा की कैटेगरी में आता है। वहीं जिलाधिकारी ने बताया कि इसके कारण सात कैजुअलिटी रिपोर्ट हुई हैं। तीन बल्दीराय में हैं, तीन सदर में हैं और एक कादीपुर में है। इसके अलावा 21 लोग घायल भी हुए हैं और इस आंधी तूफान के कारण बिजली व्यवस्था पर भी असर आया है। इसमें 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर नष्ट हुए हैं और बहुत सारे खंभे भी नष्ट हुए हैं। 6 बिजली विभाग इस पर काम कर रहा है। आपदा में लोगों को जो हानि हुई है, इसकी कंपनसेशन के लिए हम लोग 24 घंटे में इसको करेंगे और इसमें पूरी टीम लगी हुई है,हम लोग टच में हैं और सारी टीम एक्टिव हैं ।
जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

रेल सुरक्षा को लेकर हाई लेवल बैठक, डीजीपी कैलाश मकवाणा ने दिए कड़े निर्देश

  • सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर विशेष फोकस, यात्रियों की सुरक्षा और समन्वय बढ़ाने पर जोर

भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय भोपाल में राज्य रेल सुरक्षा उच्चस्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मध्यप्रदेश से होकर गुजरने वाले विस्तृत रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा आगामी बड़े आयोजनों के मद्देनजर रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करना था।

बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर पूर्व तैयारी, सतत निगरानी और त्वरित समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

  • इन मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में रेलवे के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए विभिन्न अहम विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। इनमें रेलवे परिक्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, ट्रैक को अवरोधमुक्त रखना, भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा, महिला एवं वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा संवेदनशील स्टेशनों पर सुरक्षा प्रबंधन शामिल रहे।

  • सिंहस्थ-2028 को लेकर बनी प्रारंभिक रूपरेखा

आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए रेल यातायात, यात्री दबाव, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, स्टेशन प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था तथा बहु-एजेंसी समन्वय की प्रारंभिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

  • कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक रेलवे रवि कुमार गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता ए. सांई मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक पंकज श्रीवास्तव, श्रीमती सिमाला प्रसाद, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रेलवे अरविन्द कुमार दुबे सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, भारत सरकार की ओर से इंटेलिजेंस ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टर सहित पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, पश्चिम रेलवे मुंबई, मध्य रेलवे मुंबई, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

  • सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना की दिशा में बड़ा कदम

यह बैठक राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख रेल कॉरिडोर का केंद्र है, ऐसे में विभिन्न राज्यों और रेलवे जोन के साथ समन्वय से अपराध नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और मजबूत होगी।

गया के प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मगध का पहला लैप्रोस्कोपिक डुओडेनल परफोरेशन ऑपरेशन सफल

गया: मगध क्षेत्र में आधुनिक एवं उन्नत सर्जरी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डुओडेनल परफोरेशन (आंत में छेद) का सफल ऑपरेशन लैप्रोस्कोपी विधि द्वारा किया गया। पूरे मगध क्षेत्र में यह पहली बार है जब इस जटिल एवं गंभीर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक मिनिमली इनवेसिव तकनीक (Minimal Invasive Surgery) से संपन्न किया गया।

सामान्यतः इस प्रकार के ऑपरेशन में मरीज का पेट पूरी तरह खोलकर (लैपरोटॉमी) सर्जरी करनी पड़ती है, जिससे दर्द अधिक होता है तथा रिकवरी में भी लंबा समय लगता है। लेकिन प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह ने अपनी कुशलता, अनुभव एवं आधुनिक सर्जिकल तकनीक के बल पर इस जटिल ऑपरेशन को लैप्रोस्कोपिक विधि से सफलतापूर्वक पूरा किया।

ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही तथा आश्चर्यजनक रूप से बहुत कम समय में मरीज की रिकवरी हो गई। इस आधुनिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा एवं शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिला।

प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल आज पूरे मगध क्षेत्र में मिनिमली इनवेसिव एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए अपनी विशेष पहचान बना चुका है। जटिल से जटिल ऑपरेशन को अत्याधुनिक तकनीक एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा।

इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार एवं अस्पताल के ओटी स्टाफ की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। पूरी टीम के समर्पण, तालमेल एवं दक्षता के कारण यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल हो सका। प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य मगध क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

खुर्जा जिम हत्याकांड: मुख्य आरोपी जीतू सैनी मुठभेड़ में मारा गया, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
लखनऊ । बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में जिम पर हुए तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी जीतू सैनी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। यह मुठभेड़ गुरुवार सुबह सिकंदरपुर गांव के पास हुई, जिसमें आरोपी को गोली लगने के बाद घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी मोहम्मद असलम और सिपाही मोहित मलिक भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है।
यह मामला 25 अप्रैल की रात का है, जब सुभाष मार्ग स्थित एक जिम में जन्मदिन पार्टी के दौरान फायरिंग हुई थी। इस घटना में तीन युवकों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
इससे पहले पुलिस ने दो अन्य आरोपियों रिंकू सैनी और भारत सैनी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार और घटना से संबंधित सीसीटीवी डीवीआर बरामद की थी।
पुलिस का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी जीतू सैनी के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
कोहिनूर हीरा भारत को लौटाएं” किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क दौरे पर मेयर जोहरान ममदानी का बड़ा बयान

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न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भारतीय मूल के ममदानी ने ब्रिटिश किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला के न्यूयॉर्क दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब उनसे पूछा गया कि किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क दौरे पर उनका क्या संदेश होगा तो ममदानी ने ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में भारत से ब्रिटेन ले जाए गए बेशकीमती कोहिनूर हीरे पर बात की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वह किंग चार्ल्स से अपील करेंगे कि वे भारत का कोहिनूर हीरा वापस करें।

यूएस दौरे पर ब्रिटिश किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला

ममदानी का बयान ऐसे समय में आया है जब चार्ल्स अपनी अमेरिका यात्रा पर हैं और 9/11 हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। ब्रिटिश किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला चार दिवसीय के दौरे के तहत न्यूयॉर्क में हैं। इस दौरान उन्होंने 9/11 मेमोरियल और म्यूजियम का दौरा भी किया। इस दौरान किंग चार्ल्स ने 2001 के आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। मंगलवार को कांग्रेस की संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में राजा चार्ल्स ने 11 सितंबर 2001 को हुए हमले का जिक्र किया। इन हमलों में लगभग 3000 लोग मारे गए थे, जिसनें 67 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे।

ब्रिटेन के शाही ताज में जड़ा है भारत का कोहिनूर हीरा

कोहिनूर, 100 कैरेट से ज्यादा का एक नायाब हीरा है। सदियों पहले भारत से ले जाया गया यह हीरा औपनिवेशिक काल में ब्रिटेन की लूट को लेकर विवादों के केंद्र में रहा है। कोहिनूर वही हीरा है जो ब्रिटेन के शाही ताज में जड़ा है और टावर ऑफ लंदन में रखा गया है। यह 177 साल से ब्रिटेन के पास है। भारत ने ब्रिटेन के सामने कई बार कोहिनूर हीरे पर अपना कानूनी हक होने का दावा किया है

1849 से ब्रिटेन के पास कोहिनूर हीरा

कोहिनूर हीरा 1849 से ब्रिटेन के पास है। द्वितीय एंग्लो-सिख युद्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से सिख साम्राज्य के हारने के बाद अंग्रेजों ने पूरे पंजाब पर कब्जा कर लिया। उस समय सिख साम्राज्य के शासक दलीप सिंह थे, जिनकी उम्र सिर्फ 10 साल थी। युद्ध हारने के बाद अंग्रेजों ने उनसे लाहौर की संधि पर हस्ताक्षर करवाए। इस संधि की शर्तें बहुत सख्त थीं। इसके तहत पंजाब को ब्रिटिश शासन के अधीन कर दिया गया और साथ ही कोहिनूर हीरा भी अंग्रेजों को सौंपना पड़ा। इसके बाद यह हीरा ब्रिटेन पहुंचा और क्वीन विक्टोरिया को दे दिया गया।

09-10 मई को होगी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल

* परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी आयोजित, 06 मई से प्रवेश पत्र होंगे डाउनलोड 

प्रयागराज / लखनऊ। प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा प्रवक्ता (विज्ञापन संख्या-02/2022) के अंतर्गत 624 पदों के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 4,64,605 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे, जिसके लिए प्रदेश के 17 जनपदों में 319 परीक्षा केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं।

 परीक्षा दोनों दिनों में प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, बांदा, अयोध्या, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं वाराणसी जनपदों में आयोजित होगी।

विषयवार परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 09 एवं 10 मई को भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, जीवविज्ञान, रसायन, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, हिन्दी, संस्कृत, कला, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, वाणिज्य, कृषि, गृह विज्ञान, शिक्षा एवं नागरिक शास्त्र सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं निर्धारित पालियों में कराई जाएंगी।

आयोग के अध्यक्ष डॉ प्रशांत कुमार ने बताया है कि परीक्षा जनपद की अग्रिम सूचना 30 अप्रैल 2026 से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। अभ्यर्थी वेबसाइट पर जाकर आवश्यक विवरण दर्ज कर अपने परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। जारी की जाने वाली अग्रिम सूचना प्रवेश पत्र नहीं होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 06 मई 2026 से आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। वैध प्रवेश पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सभी अभ्यर्थियों से समय रहते परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त करने तथा निर्धारित तिथि से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा की तैयारी सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

गर्मी में सेहत रहे दुरुस्त: डॉ दीक्षिता पांडे ने बताए आसान और असरदार बचाव उपाय
लखनऊ ।  मैं हूं डॉ दीक्षिता पांडे आज मैं आपको बताऊंगी कि कैसे हम बचाव कर सकते हैं इस भीषण गर्मी में होने वाले रोगों से होम्योपैथी दवाइयां की सहायता से तो आईए जानते हैं सबसे पहले जो इसमें प्रमुख बीमारी है वह है हीट स्ट्रोक  या लू लगना _जी हां तेज धूप के संपर्क में आने से होने वाले दर्द बुखार और चक्कर आने जैसी स्थितियां जब आपके सामने हो तब आप होम्योपैथी की यह दवा ले सकते हैं जैसे की  बेलाडोना चेहरे की लालिमा तेज बुखार सूखी त्वचा और अचानक होने वाले दर्द के लिए उपयोगी है दूसरा गर्मी में सबसे ज्यादा शिकायत होती है देखने में आती है वह है थकावट डिहाइड्रेशन जिसको कहते हैं इसमें सबसे खास बात होती कि शरीर में पानी कमी हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जिसके लिए होम्योपैथिक में हम अगर दवा दें तो सबसे पहले दवा आती है "नेटराम मयूर "_धूप के लंबे समय तक प्रभाव के कारण होने वाले पुराने सर दर्द और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन के लिए उपयोग की जाती है इसमें दूसरी दवा आती है "चायना"_इसमें अत्यधिक पसीना आने के साथ दस्त के साथ होने वाली कमजोरी शरीर में पानी की कमी की भरपाई के लिए दी जाती है ।

इसमें तीसरी दवा आती है "आर्सेनिक एल्बम"_जलन बेचैनी और निर्जलीकरण के कारण होने वाले कमजोरी में राहत देती है ठीक है और अब बात करते हैं त्वचा संबंधी समस्याओं पर जो हमें गर्मियों के मौसम में देखने को मिलती है वह गर्मी में होने वाले त्वचा में रशेस और सनबर्न हो जाता है इसके कारण होने वाली जलन इसमें सल्फर दवा दी जा सकती है और घमौरी भी अगर निकल आए तो सल्फर दवा बड़े अच्छे से काम करती है जो की  त्वचा संवेदनशीलता को दूर करने में सल्फर की मेडिसिन बहुत ही अच्छी मानी जाती है अब हम बात करेंगे कि गर्मियों के मौसम में अगर  बच्चों को  बार-बार उल्टी दस्त हो रहे हैं तो उसके लिए सबसे अच्छी दवा होती है होम्योपैथिक में आर्सेनिक एल्बम, वैरेटम एल्बम, कैंपर दवा खांसी उपयोगी होती है ।

यह बहुत अच्छी मानी जाती हैं जी हां लेकिन दोस्तों कौन सी दवा किस मरीज को कितनी मात्रा में देना है यह आप होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह से ही दीजिएगा बिल्कुल क्योंकि रोग की अवधि और दवा की खुराक यह सही निर्णय एक होम्योपैथी डॉक्टर ही आपको सही-सही बता पाएगा ठीक है और अब हम बताते हैं कि आप कैसे इन गर्मियों में आप अपना ख्याल सबसे ज्यादा इस प्रकार से रखें कि ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं और मौसमी फलों का सेवन करें, लस्सी खीरा ककड़ी छाछ है ना जितना हो सके खाएं और पिए और गर्मियों से बचने के लिए आरामदायक सूती कपड़े पहने धूप में जब भी निकले तो छतरी या टोपी का इस्तेमाल जरूर करें और आंखों का भी ख्याल रखें आंखों के लिए भी आप चाहे तो आरामदायक चश्मा का प्रयोग कर सकते हैं सनग्लासेस के तौर पर और सबसे बड़ी बात आपको नाश्ते या खाने में गाजर एप्पल का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करिए तो आपको ब्लू नहीं लगेगी और गर्मी नहीं लगेगी हाजमा भीआपका बहुत अच्छा रहेगा तो दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई ।
मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

अंतर्राष्ट्रीय डांस दिवस पर डी मोनफोर्ट एकेडमी में इंटर-हाउस डांस प्रतियोगिता का शानदार आयोजन

मेरठ। बहसूमा क्षेत्र। डी मोनफोर्ट एकेडमी में अंतर्राष्ट्रीय डांस दिवस के उपलक्ष्य में इंटर-हाउस डांस प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा, ऊर्जा और समर्पण देखने लायक रहा।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विवेकानंद हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टैगोर हाउस द्वितीय स्थान पर रहा, जबकि कृष्णामूर्ति हाउस ने तृतीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा मंच पर प्रदर्शन से उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।

विद्यालय की निदेशक डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए ऐसे मंच प्रदान करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्साह और लगन की प्रशंसा की।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ भी अत्यंत आवश्यक हैं और यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं।

वहीं उप प्रधानाचार्या रितु चिकारा ने सभी प्रतिभागियों की मेहनत की सराहना करते हुए विजेताओं को बधाई दी और अन्य विद्यार्थियों को भी निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन उत्साह और आनंद के वातावरण में हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अचानक आये तेज़ आंधी पानी तूफान से जनपद में भारी नुकसान,7 लोगों की मौत*
सुल्तानपुर में कल अचानक आये तेज़ आंधी पानी तूफान से जनपद में भारी नुकसान व जनहानि हो गई है। जिससे जनपद के विभिन्न इलाकों में अबतक कुल 7 लोगों की मौत हो गयीं वहीं 21 लोग घायल हो गए हैं। मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने तत्काल पूरी टीम लगा कर हुए नुकसान का जायजा लेना शुरू कर दिया है। वहीं बिजली विभाग को भी आंधी तूफान के चलते नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। दरअशल कल सुल्तानपुर जनपद में अचानक लगभग 3:00 बजे के बहुत ही तेज आंधी तूफान आया, जिसके बाद तुरंत जिलाधिकारी ने मामले में संज्ञान लेते हुए जनहानि देखते हुए बताया कि इसको दैवीय आपदा की कैटेगरी में आता है। वहीं जिलाधिकारी ने बताया कि इसके कारण सात कैजुअलिटी रिपोर्ट हुई हैं। तीन बल्दीराय में हैं, तीन सदर में हैं और एक कादीपुर में है। इसके अलावा 21 लोग घायल भी हुए हैं और इस आंधी तूफान के कारण बिजली व्यवस्था पर भी असर आया है। इसमें 50 से ज्यादा ट्रांसफार्मर नष्ट हुए हैं और बहुत सारे खंभे भी नष्ट हुए हैं। 6 बिजली विभाग इस पर काम कर रहा है। आपदा में लोगों को जो हानि हुई है, इसकी कंपनसेशन के लिए हम लोग 24 घंटे में इसको करेंगे और इसमें पूरी टीम लगी हुई है,हम लोग टच में हैं और सारी टीम एक्टिव हैं ।
जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

रेल सुरक्षा को लेकर हाई लेवल बैठक, डीजीपी कैलाश मकवाणा ने दिए कड़े निर्देश

  • सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर विशेष फोकस, यात्रियों की सुरक्षा और समन्वय बढ़ाने पर जोर

भोपाल। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय भोपाल में राज्य रेल सुरक्षा उच्चस्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य मध्यप्रदेश से होकर गुजरने वाले विस्तृत रेल नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा आगामी बड़े आयोजनों के मद्देनजर रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करना था।

बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर पूर्व तैयारी, सतत निगरानी और त्वरित समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुविधा मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

  • इन मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में रेलवे के सुरक्षित और सुचारु संचालन के लिए विभिन्न अहम विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। इनमें रेलवे परिक्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, ट्रैक को अवरोधमुक्त रखना, भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षा, महिला एवं वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी तथा संवेदनशील स्टेशनों पर सुरक्षा प्रबंधन शामिल रहे।

  • सिंहस्थ-2028 को लेकर बनी प्रारंभिक रूपरेखा

आगामी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए रेल यातायात, यात्री दबाव, अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, स्टेशन प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था तथा बहु-एजेंसी समन्वय की प्रारंभिक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

  • कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक रेलवे रवि कुमार गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता ए. सांई मनोहर, उप पुलिस महानिरीक्षक पंकज श्रीवास्तव, श्रीमती सिमाला प्रसाद, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रेलवे अरविन्द कुमार दुबे सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, भारत सरकार की ओर से इंटेलिजेंस ब्यूरो के ज्वाइंट डायरेक्टर सहित पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, पश्चिम रेलवे मुंबई, मध्य रेलवे मुंबई, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज तथा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए।

  • सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना की दिशा में बड़ा कदम

यह बैठक राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के बीच संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख रेल कॉरिडोर का केंद्र है, ऐसे में विभिन्न राज्यों और रेलवे जोन के साथ समन्वय से अपराध नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और मजबूत होगी।