गया नगर निगम का अजब-गजब कारनामा, अतिक्रमण नहीं हटा तो अपना ही डिवाइडर तोड़ लाखों रुपये किए बर्बाद

जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जनता के लाखों रुपए की पैसे पानी में बह गए

गयाजी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम प्रशासन का एक अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी में बह गई।

शहर के केपी रोड में वर्षों व वर्षों का अतिक्रमण को जहां निगम प्रशासन हटाने में विफल रही। वहीं मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया के कारनामे से चर्चा का विषय रहा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने के बजाय, उन्होंने जेसीबी मशीन से लाखों रुपए से सड़क के बीच बने ग्रिल लगे पक्के डिवाइडर को ही ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस अतिक्रमण को नगर प्रशासन ने हटाने के लिए वर्षों से यह कार्रवाई की जा रही थी, जब अतिक्रमण नहीं हटा तो, अपना ही डिवाइडर को हटा दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से लापरवाही और बिना योजना के की गई है। आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए निर्माण को ही तोड़ देना समझ से परे है।

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्यशैली जारी रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

इधर इस संबंध मेयर गणेश पासवान से दूरभाष से बात के दौरान बताया कि इस तरह की मुझे कोई जानकारी नहीं है, न बोर्ड न स्टैंडिंग की बैठक में पास नहीं किया गया। नगर प्रशासक की खुद की कार्रवाई है।

रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तेज रफ्तार दो पहिया वाहन ने पैदल जा रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग से जोरदार टक्कर आई काफी चोट

विश्वनाथ प्रताप सिंह



प्रयागराज।मामला जनपद प्रयाग राज   लालापुर   थाना अंतर्गत सुपारी बाग   के पास  दुर्घटना हो गई जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग को  मस्तक पर  कभी चोट आई जिससे वह अपना परिचय बताने में समर्थ था
मौके पर वहां पर मौजूद लोगों के द्वारा उनकी मदद की जा रही थी जिसमें तत्काल में 112 को  पत्रकार  सोनू शुक्ला के द्वारा बुलाया गया और एंबुलेंस 108 को भी बुलाया गया

फोन  करते ही डायल हंड्रेड में हेड कांस्टेबल जय प्रजापति 2 मिनट के अंदर वहाँ मौके पर पहुंचे
जिससे उनका इलाज के लिए तत्काल सही स्थान पर पहुंचाया गया पुलिस विभाग मे p r b 112 जो काम कर जाती है आज वह काम थाना नहीं कर पाता है क्योंकि आज हेड कांस्टेबल जय प्रजापति तत्काल वहां पहुंचकर के यह साबित किया कि जनता की सेवा ही उनका पहला धर्म
स्थापत्य समिति अध्यक्षा श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा से मिले समाजसेवी
मुंबई । भारतीय जनता पार्टी द्वारा महानगर पालिका मुख्यालय मुंबई स्थापत्य समिति उपनगर अध्यक्ष श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा को बनाए जाने पर समाजसेवियों ने शिष्टाचार  मुलाकात किया तत्पश्चात उन्हें पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उक्त मुलाकात बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय के इमारत कार्यालय में मंगलवार 24 मार्च 2026 सायंकाल हुआ। समाजसेवियों में वरिष्ठ समाजसेवी बी डी शर्मा कलवा,राष्ट्रीय कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप - अध्यक्ष सामाजिक संस्था सर्व सहयोग सेवा ट्रस्ट मुंबई,समाजसेवी सैन हरिकेश शर्मा नंदवंशी भांडुप,महिला मोर्चा उपाध्यक्ष ठाणे जिला श्रीमती राधा संतोष शर्मा,पत्रकार अनिल वर्मा ठाणे एवं विलास आम्ब्रे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ट्रस्ट मस्जिद बंदर मुंबई उपस्थित थे।उपस्थित सभी लोगों ने श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा अध्यक्षा स्थापत्य समिति उपनगर मुंबई को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं तथा परिचय के साथ सामाजिक परिचर्चा भी हुई।
सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
।। নির্বাচনী প্রক্রিয়াকে সুষ্ঠ রূপ দিতে তৎপর জেলা প্রশাসন ।।
বসিরহাট : আসন্ন ২০২৬ সালের বিধানসভা নির্বাচনকে সামনে রেখে বসিরহাট পুলিশ জেলার পক্ষ থেকে প্রশাসনিক প্রস্তুতি জোরদার করতে এক গুরুত্বপূর্ণ পরিদর্শন কর্মসূচি সম্পন্ন হল। নির্বাচনী প্রক্রিয়াকে সুষ্ঠু, অবাধ ও শান্তিপূর্ণ রাখতে স্ট্রং রুম এবং ডিস্ট্রিবিউশন-রিসিভিং সেন্টার গুলির পরিকাঠামো ও নিরাপত্তা খতিয়ে দেখা হয়। ভ্যাবলা লেডি মুখার্জী গার্লস’ হাই স্কুল, ভ্যাবলা গভর্নমেন্ট পলিটেকনিক, বসিরহাট হাই স্কুল এবং বসিরহাট কলেজে পরিদর্শন করা হয়। প্রতিটি কেন্দ্রেই নিরাপত্তা ব্যবস্থা, প্রবেশ ও প্রস্থান পথ, সিসিটিভি নজরদারি, ইভিএম সংরক্ষণের উপযুক্ত পরিবেশ এবং নির্বাচন কর্মীদের জন্য প্রয়োজনীয় সুযোগ-সুবিধা খতিয়ে দেখা হয়। পরিদর্শনে উপস্থিত ছিলেন উত্তর ২৪ পরগণার জেলা শাসক শিল্পা গৌরিসারিয়া, বসিরহাট পুলিশ জেলার পুলিশ সুপার অলকনন্দা ভওয়াল, অতিরিক্ত পুলিশ সুপার (জোনাল) শেখ মোহাম্মদ আজিম, অতিরিক্ত পুলিশ সুপার পার্থ ঘোষ এবং বসিরহাটের মহকুমা শাসক জসলিন কৌর। উচ্চপদস্থ এই প্রশাসনিক আধিকারিকরা প্রতিটি কেন্দ্র ঘুরে দেখেন এবং সংশ্লিষ্ট দায়িত্বপ্রাপ্ত আধিকারিকদের প্রয়োজনীয় নির্দেশ দেন।
প্রশাসনের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, নির্বাচনকে সম্পূর্ণভাবে সুষ্ঠু ও নিরপেক্ষ রাখতে সমস্ত রকম প্রস্তুতি নেওয়া হয়েছে। আইনশৃঙ্খলা রক্ষা, ভোটারদের নিরাপত্তা নিশ্চিত করা এবং নির্বাচন প্রক্রিয়াকে নির্বিঘ্ন রাখতে বসিরহাট পুলিশ জেলা সর্বদা তৎপর থাকবে।
এই পরিদর্শন কর্মসূচি থেকে স্পষ্ট, প্রশাসন আগাম প্রস্তুতির মাধ্যমে সম্ভাব্য সব চ্যালেঞ্জ মোকাবিলায় প্রস্তুত রয়েছে এবং ভোটারদের জন্য একটি নিরাপদ ও স্বচ্ছ পরিবেশ নিশ্চিত করাই তাদের প্রধান লক্ষ্য।
गया नगर निगम का अजब-गजब कारनामा, अतिक्रमण नहीं हटा तो अपना ही डिवाइडर तोड़ लाखों रुपये किए बर्बाद

जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जनता के लाखों रुपए की पैसे पानी में बह गए

गयाजी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम प्रशासन का एक अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी में बह गई।

शहर के केपी रोड में वर्षों व वर्षों का अतिक्रमण को जहां निगम प्रशासन हटाने में विफल रही। वहीं मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया के कारनामे से चर्चा का विषय रहा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने के बजाय, उन्होंने जेसीबी मशीन से लाखों रुपए से सड़क के बीच बने ग्रिल लगे पक्के डिवाइडर को ही ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस अतिक्रमण को नगर प्रशासन ने हटाने के लिए वर्षों से यह कार्रवाई की जा रही थी, जब अतिक्रमण नहीं हटा तो, अपना ही डिवाइडर को हटा दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से लापरवाही और बिना योजना के की गई है। आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए निर्माण को ही तोड़ देना समझ से परे है।

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्यशैली जारी रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

इधर इस संबंध मेयर गणेश पासवान से दूरभाष से बात के दौरान बताया कि इस तरह की मुझे कोई जानकारी नहीं है, न बोर्ड न स्टैंडिंग की बैठक में पास नहीं किया गया। नगर प्रशासक की खुद की कार्रवाई है।

रांची जिला प्रशासन की बड़ी पहल: सभी अंचलों में लगा 'जनता दरबार', सैकड़ों शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा

रांची | 24 मार्च 2026: रांची जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर मंगलवार को जिले के सभी अंचल कार्यालयों में 'जनता दरबार' का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारना और सरकारी सेवाओं को जनता के लिए और अधिक सुलभ व पारदर्शी बनाना है।

ऑन-स्पॉट समाधान पर रहा जोर

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), आय, जाति व आवासीय प्रमाण-पत्र, पेंशन योजना और बिजली-पानी जैसी समस्याओं पर आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त के सख्त निर्देशानुसार, अंचलाधिकारियों ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही (On-Spot) निष्पादन किया, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया।

विभिन्न अंचलों की रिपोर्ट: एक नजर में

जिले के विभिन्न अंचलों में प्राप्त और निष्पादित आवेदनों का विवरण इस प्रकार है:

नगड़ी अंचल: यहाँ सबसे अधिक 113 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें 48 जाति और 42 आवासीय प्रमाण-पत्र शामिल थे।

बेड़ो प्रखंड: कुल 115 मामले सुलझाए गए, जिसमें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सत्यापन और दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए।

चान्हो अंचल: कुल 96 आवेदनों का निपटारा हुआ, जिनमें 56 आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किए गए।

अनगड़ा: यहाँ 85 मामलों का निष्पादन हुआ, जिसमें आय प्रमाण-पत्र (28) की संख्या सर्वाधिक रही।

मांडर एवं अरगोड़ा: मांडर में 68 और अरगोड़ा अंचल में प्राप्त 74 आवेदनों में से 68 का तत्काल समाधान किया गया।

सिल्ली एवं बुढमू: सिल्ली में 45 और बुढमू में 57 आवेदनों को निष्पादित कर राहत दी गई।

प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि: उपायुक्त

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की एक नियमित कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को 'फॉलो-अप' सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तेज रफ्तार दो पहिया वाहन ने पैदल जा रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग से जोरदार टक्कर आई काफी चोट

विश्वनाथ प्रताप सिंह



प्रयागराज।मामला जनपद प्रयाग राज   लालापुर   थाना अंतर्गत सुपारी बाग   के पास  दुर्घटना हो गई जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग को  मस्तक पर  कभी चोट आई जिससे वह अपना परिचय बताने में समर्थ था
मौके पर वहां पर मौजूद लोगों के द्वारा उनकी मदद की जा रही थी जिसमें तत्काल में 112 को  पत्रकार  सोनू शुक्ला के द्वारा बुलाया गया और एंबुलेंस 108 को भी बुलाया गया

फोन  करते ही डायल हंड्रेड में हेड कांस्टेबल जय प्रजापति 2 मिनट के अंदर वहाँ मौके पर पहुंचे
जिससे उनका इलाज के लिए तत्काल सही स्थान पर पहुंचाया गया पुलिस विभाग मे p r b 112 जो काम कर जाती है आज वह काम थाना नहीं कर पाता है क्योंकि आज हेड कांस्टेबल जय प्रजापति तत्काल वहां पहुंचकर के यह साबित किया कि जनता की सेवा ही उनका पहला धर्म
स्थापत्य समिति अध्यक्षा श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा से मिले समाजसेवी
मुंबई । भारतीय जनता पार्टी द्वारा महानगर पालिका मुख्यालय मुंबई स्थापत्य समिति उपनगर अध्यक्ष श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा को बनाए जाने पर समाजसेवियों ने शिष्टाचार  मुलाकात किया तत्पश्चात उन्हें पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उक्त मुलाकात बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय के इमारत कार्यालय में मंगलवार 24 मार्च 2026 सायंकाल हुआ। समाजसेवियों में वरिष्ठ समाजसेवी बी डी शर्मा कलवा,राष्ट्रीय कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप - अध्यक्ष सामाजिक संस्था सर्व सहयोग सेवा ट्रस्ट मुंबई,समाजसेवी सैन हरिकेश शर्मा नंदवंशी भांडुप,महिला मोर्चा उपाध्यक्ष ठाणे जिला श्रीमती राधा संतोष शर्मा,पत्रकार अनिल वर्मा ठाणे एवं विलास आम्ब्रे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ट्रस्ट मस्जिद बंदर मुंबई उपस्थित थे।उपस्थित सभी लोगों ने श्रीमती संगीता ज्ञानमूर्ति शर्मा अध्यक्षा स्थापत्य समिति उपनगर मुंबई को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं तथा परिचय के साथ सामाजिक परिचर्चा भी हुई।
सूदखोर की दबंगई: दुकान में घुसकर मारपीट और लूट का वीडियो वायरल

मड़िहान, मीरजापुर। गरीबी और मजबूरी में लिया गया कर्ज़ कब किसकी ज़िंदगी को नर्क बना देता है, इसका जीता जागता उदाहरण रजौहा कस्बे में देखने को मिला, जहां एक सूदखोर की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। दुकान में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट और जबरन वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित दुकानदार सतीश मोदनवाल की आंखों में डर और बेबसी साफ झलक रही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मजबूरी में उन्होंने सुगापाख गांव निवासी रामू पंडा से 50 हजार रुपये कर्ज लिया था। लेकिन यह कर्ज धीरे-धीरे एक ऐसे जाल में बदल गया, जिससे निकलना नामुमकिन हो गया। पैसे चुका दिए, फिर भी नहीं छूटा पीछा। सतीश का कहना है कि उन्होंने मूल रकम चुका दी थी, लेकिन सूदखोर ने चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर रकम को कई गुना बढ़ा दिया। हर दिन नई मांग, हर दिन नया दबाव यह सिलसिला लगातार चलता रहा। वो रोज आता था और दिन भर की बिक्री जबरन उठा ले जाता। हम चुप रहते। सोमवार की शाम सूदखोर फिर दुकान पर पहुंचा और संदूक से दिन भर की कमाई निकालकर चला गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब मंगलवार को वह अपने साथियों के साथ फिर दुकान पर आ धमका। दुकान में घुसकर जबरन पैसे निकालने लगा, विरोध करने पर सतीश के साथ बेरहमी से मारपीट की साथ ही दुकान का काउंटर तोड़ डाला, जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।

यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि सूदखोरी का यह धंधा लंबे समय से गरीबों का शोषण कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
।। নির্বাচনী প্রক্রিয়াকে সুষ্ঠ রূপ দিতে তৎপর জেলা প্রশাসন ।।
বসিরহাট : আসন্ন ২০২৬ সালের বিধানসভা নির্বাচনকে সামনে রেখে বসিরহাট পুলিশ জেলার পক্ষ থেকে প্রশাসনিক প্রস্তুতি জোরদার করতে এক গুরুত্বপূর্ণ পরিদর্শন কর্মসূচি সম্পন্ন হল। নির্বাচনী প্রক্রিয়াকে সুষ্ঠু, অবাধ ও শান্তিপূর্ণ রাখতে স্ট্রং রুম এবং ডিস্ট্রিবিউশন-রিসিভিং সেন্টার গুলির পরিকাঠামো ও নিরাপত্তা খতিয়ে দেখা হয়। ভ্যাবলা লেডি মুখার্জী গার্লস’ হাই স্কুল, ভ্যাবলা গভর্নমেন্ট পলিটেকনিক, বসিরহাট হাই স্কুল এবং বসিরহাট কলেজে পরিদর্শন করা হয়। প্রতিটি কেন্দ্রেই নিরাপত্তা ব্যবস্থা, প্রবেশ ও প্রস্থান পথ, সিসিটিভি নজরদারি, ইভিএম সংরক্ষণের উপযুক্ত পরিবেশ এবং নির্বাচন কর্মীদের জন্য প্রয়োজনীয় সুযোগ-সুবিধা খতিয়ে দেখা হয়। পরিদর্শনে উপস্থিত ছিলেন উত্তর ২৪ পরগণার জেলা শাসক শিল্পা গৌরিসারিয়া, বসিরহাট পুলিশ জেলার পুলিশ সুপার অলকনন্দা ভওয়াল, অতিরিক্ত পুলিশ সুপার (জোনাল) শেখ মোহাম্মদ আজিম, অতিরিক্ত পুলিশ সুপার পার্থ ঘোষ এবং বসিরহাটের মহকুমা শাসক জসলিন কৌর। উচ্চপদস্থ এই প্রশাসনিক আধিকারিকরা প্রতিটি কেন্দ্র ঘুরে দেখেন এবং সংশ্লিষ্ট দায়িত্বপ্রাপ্ত আধিকারিকদের প্রয়োজনীয় নির্দেশ দেন।
প্রশাসনের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, নির্বাচনকে সম্পূর্ণভাবে সুষ্ঠু ও নিরপেক্ষ রাখতে সমস্ত রকম প্রস্তুতি নেওয়া হয়েছে। আইনশৃঙ্খলা রক্ষা, ভোটারদের নিরাপত্তা নিশ্চিত করা এবং নির্বাচন প্রক্রিয়াকে নির্বিঘ্ন রাখতে বসিরহাট পুলিশ জেলা সর্বদা তৎপর থাকবে।
এই পরিদর্শন কর্মসূচি থেকে স্পষ্ট, প্রশাসন আগাম প্রস্তুতির মাধ্যমে সম্ভাব্য সব চ্যালেঞ্জ মোকাবিলায় প্রস্তুত রয়েছে এবং ভোটারদের জন্য একটি নিরাপদ ও স্বচ্ছ পরিবেশ নিশ্চিত করাই তাদের প্রধান লক্ষ্য।