जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

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"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

Homeopathy Clinic in Hyderabad for Endometriosis – Gentle, Natural Women’s Care

Visit a trusted homeopathy clinic in Hyderabad for endometriosis care. Natural and holistic treatment helps manage pain and improve women’s health.

Endometriosis and Women’s Health

Endometriosis is a chronic gynecological condition in which tissue similar to the uterine lining grows outside the uterus. This condition can cause inflammation, scarring, and persistent pain, significantly affecting a woman’s daily life. Many women experience severe menstrual cramps, pelvic pain, heavy or irregular periods, digestive discomfort, fatigue, and difficulty in conceiving. Emotional stress and reduced quality of life are also common among women living with endometriosis.

Although the exact cause is not fully known, hormonal imbalance, immune system dysfunction, genetic factors, and inflammation are believed to contribute to the condition. Due to its long-term nature, women often seek ongoing care from a reliable homeopathy clinic in Hyderabad for safe and sustainable management.

Symptoms and Possible Causes

Symptoms of endometriosis vary from woman to woman. Common symptoms include painful periods, lower abdominal or pelvic pain, back pain, pain during or after intimacy, bloating, constipation, and irregular menstrual cycles. Emotional symptoms such as anxiety, mood swings, and irritability may also be present.

Possible causes include estrogen dominance, hereditary factors, stress-related hormonal changes, and immune imbalance. Because every case is unique, personalized care at an experienced homeopathy clinic in Hyderabad is essential for effective symptom management.

How Homeopathy Supports Endometriosis Care

Homeopathy follows a holistic approach that focuses on treating the individual rather than suppressing symptoms. At a specialized homeopathy clinic in Hyderabad, treatment plans are created after a detailed assessment of menstrual health, pain patterns, emotional well-being, lifestyle habits, and overall constitution.

Homeopathic care aims to support hormonal balance, reduce inflammation, regulate menstrual cycles, ease pelvic pain, and strengthen the body’s natural healing response. This gentle and non-invasive approach makes homeopathy suitable for long-term care in chronic conditions like endometriosis.

Spiritual Homeopathy – Trusted Women’s Care in Hyderabad

Spiritual Homeopathy is a well-established homeopathy clinic in Hyderabad, known for providing personalized and compassionate care for women with endometriosis and other gynecological conditions. The clinic focuses on holistic healing, addressing physical, emotional, and hormonal health.

With experienced practitioners and patient-centered care, Spiritual Homeopathy supports women in achieving improved comfort, better symptom control, and long-term wellness.

Consult Today for Natural Relief

Endometriosis can be challenging, but holistic care can make a meaningful difference. Choosing a trusted homeopathy clinic in Hyderabad helps women manage symptoms naturally and improve quality of life.

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
सीमा सिंह ने अनोखे ढंग से मनाया वैलेंटाइन डे, उपहार देकर जीता कारीगरों का दिल
मुंबई । फरवरी प्रेम का महीना है। वैलेंटाइन डे मनाने और प्रेम को याद करने का समय, जो हमारे जीवन में प्रेम के महत्व को दर्शाता है। अक्सर हम प्रेम और दुःख के बीच के गहरे संबंध को नहीं समझ पाते। देश की प्रख्यात समाजसेवी सीमा सिंह ने खार पश्चिम के 14वां रोड स्थित अपनी शॉप सीमा सिंह कलेक्शन में वैलेंटाइन डे को बहुत अनोखे ढंग से मनाया। फैशन की दुनिया में उन्होंने डेनिम कलेक्शन को लांच किया , जिसका नाम उन्होंने डेनिम अफेयर रखा।

इस कलेक्शन के अंतर्गत उन्होंने आधुनिक कपड़ों को भी नए तरीके से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने जो साड़ी पहन रखी थी, उसमें भी एक अलग तरीके की झलक साफ नजर आ रही थी। सबसे खास बात यह रही कि सीमा सिंह ने कपड़ा सिलनेवाले कारीगरों और डिजाइनिंग करने वाली टीम को न सिर्फ उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई अपितु उनके साथ इस त्यौहार को भी सेलिब्रेट किया।

सीमा सिंह ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके समर्पित कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अथक परिश्रम कर नित नवीन कपड़ों को प्रस्तुत करने वाले कारीगरों को सम्मान और प्यार दिया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर उपस्थित फिल्म अभिनेता अर्जुन कपूर ने उनके ड्रेस कलेक्शन की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सिंह नई सोच और नए सपनों के साथ फैशन कपड़ों को प्रस्तुत करती हैं। सीमा सिंह ने उन्हें अपने फैशन डिजाइन शोरूम में बनाए जा रहे कलेक्शन कपड़ों का एक डिजाइन बुक भेंट किया। ज्ञातव्य है कि सीमा सिंह अपनी आय का एक बड़ा भाग समाज सेवा के क्षेत्र में खर्च करती हैं। खासकर बच्चों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यक्रमों की हमेशा सराहना की जाती रही है।
परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

नगरपालिका चुनाव 2026: राँची और बुण्डू के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति; राजकीय अतिथिशाला में शिकायतों के लिए मिल सकेंगे उम्मीदवार

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राँची, 06 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 के निष्पक्ष संचालन हेतु राज्य निर्वाचन आयोग ने राँची जिला के लिए सामान्य और व्यय प्रेक्षकों की तैनाती कर दी है। ये प्रेक्षक चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी के साथ-साथ उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे।

प्रेक्षकों का विवरण और संपर्क सूत्र

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारियों का विवरण उनके मोबाइल नंबर और मिलने के समय के साथ नीचे दिया गया है:

क्षेत्र प्रेक्षक का प्रकार नाम मोबाइल नंबर कार्यालय/आवासन (राजकीय अतिथिशाला)

राँची नगर निगम सामान्य प्रेक्षक श्री संदीप कुमार दोराईबुरु 9431114834 कमरा संख्या - 210

राँची नगर निगम व्यय प्रेक्षक श्री धु्रव कुमार 7004490210 कमरा संख्या - 207

बुण्डू नगर पंचायत सामान्य प्रेक्षक श्री सत्यवीर रजक 7762824750 कमरा संख्या - 211

बुण्डू नगर पंचायत व्यय प्रेक्षक श्री अजय कुमार कच्छप - कमरा संख्या - 209

बैठक का समय: सभी प्रेक्षक राजकीय अतिथिशाला (सर्कुलर रोड) में अपराह्न 03:30 से 04:30 बजे तक आम जनता और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

पारदर्शिता के लिए 'आंख और कान' की भूमिका

ये प्रेक्षक आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। सामान्य प्रेक्षक जहाँ मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आचार संहिता के पालन की निगरानी करेंगे, वहीं व्यय प्रेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक धन खर्च न करे।

राँची मेयर पद की रेस: स्क्रुटनी में सभी 19 नामांकन पत्र वैध; रमा खलखो और सुनील फकीरा कच्छप समेत कई दिग्गज मैदान में

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राँची, 05 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 को लेकर आज समाहरणालय में महत्वपूर्ण प्रक्रिया संपन्न हुई। मेयर पद के लिए दाखिल किए गए सभी 19 नामांकन पत्रों की स्क्रुटनी (जांच) की गई, जिसमें सभी अभ्यर्थी योग्य पाए गए हैं। निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत दस्तावेजों की गहन जांच के बाद किसी भी उम्मीदवार का पर्चा खारिज नहीं हुआ।

मैदान में डटे हैं ये 19 चेहरे

जांच के बाद अब चुनावी रण में भाग्य आजमाने के लिए जो नाम फाइनल हुए हैं, उनमें प्रमुख रूप से रमा खलखो, सुनील फकीरा कच्छप, देवी दयाल मुण्डा, और रौशनी खलखो जैसे नाम शामिल हैं। 19 अभ्यर्थियों की सूची में अजीत लकड़ा, किरण कुमारी, और संजय कुमार टोप्पो जैसे उम्मीदवार भी मजबूती से डटे हुए हैं।

प्रशासन की पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्क्रुटनी के दौरान शपथ पत्र, प्रस्तावक और समर्थकों के विवरणों की बारीकी से जांच की गई है। अब आगामी प्रक्रिया के तहत नाम वापसी और उसके बाद प्रतीक आवंटन (सिंबल अलॉटमेंट) की कार्रवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी।

आचार संहिता का पालन अनिवार्य

प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें। निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मतदाताओं की सुविधा और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

गयाजी में गांधी शिल्प बाजार का मेयर ने किया शुभारंभ, स्टॉलों पर सजी हस्तकला की पहचान

गया: बिहार के गयाजी शहर के हृदय स्थल आज़ाद पार्क मैदान में गांधी शिल्प बाजार का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन नगर निगम के मेयर विरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर नृत्य और संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मेयर विरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हस्तशिल्प मेला न केवल कारीगरों को स्वरोजगार का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उनकी पारंपरिक कला को राष्ट्रीय पहचान भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से आयोजित यह शिल्प बाजार हस्तशिल्पियों के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

यह मेला भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त कार्यालय (हस्तशिल्प) के सहयोग से आसरा सेवा केंद्र द्वारा आयोजित किया गया है। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आए हस्तशिल्पियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार सुनिश्चित करना है।

मेले में कुल 50 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां मधुबनी और जादोपटिया पेंटिंग, बांस व जूट से बने उत्पाद, माटी कला सहित कई आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं उपलब्ध हैं। यह मेला आज से 11 फरवरी तक चलेगा।

इस मौके पर समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता रजनीश कुमार झुना ने कहा कि गयाजी में इस तरह का हस्तशिल्प मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जहां बिना किसी बिचौलिये के कारीगर सीधे अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। खुशी है कि इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आमदनी में वृद्धि होगी।

जनरल नरवणे की किताब में क्या लिखा? छपने से पहले ही गरमा गई सियासत

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क्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद (एमएम) नरवणे की किताब को सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है? एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। 

जनरल नरवणे की ऑटोबायोग्राफी 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' भले अभी रिलीज नहीं हुई, लेकिन इसने सरकार, विपक्ष, पब्लिक, लेखक-प्रकाशक जैसे फोर स्टार्स ऑफ पॉलिटिक्स को जन्म दे दिया है। भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी के हवाले से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी बात रखना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की दलील है कि किसी किताब के हवाले से कुछ नहीं कहा जाना चाहिए। 

रक्षा मंत्रालय ने एक साल से अधिक समय से रिव्यू के लिए रखा

दरअसल, बीते दिनों सरकार ने संसद में दावा किया कि राहुल गांधी लोकसभा में नरवणे की अप्रकाशित किताब से अंश नहीं पढ़ सकते हैं, क्योंकि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। लेकिन सरकार ने यह नहीं बताया कि रक्षा मंत्रालय की अपनी प्रशासनिक शाखा ने किताब को एक साल से अधिक समय से रिव्यू के तहत रखा हुआ है, जिससे प्रकाशन रुका हुआ है।

क्या सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही किताब?

राहुल गांधी ने लोकसभा में सोमवार को कहा था, "इस पत्रिका में नरवणे जी ने कहा है कि यह उनका संस्मरण है। जो सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। मैं इसमें से सिर्फ़ पांच लाइन पढ़ना चाहता हूं।"

राहुल ने पूछा- क्या लिखा जिससे घबरा रहे?

राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, "यह कहते हैं कि आतंकवाद से लड़ते हैं, लेकिन ये एक उद्धरण से डरते हैं। इसमें क्या लिखा है जिससे वो घबरा रहे हैं और मैं बोल नहीं पा रहा हूं। अगर ये डर नहीं रहे हैं तो मुझे पढ़ने की इजाज़त दें।"

जनवरी 2024 में ही आनी थी किताब

बता दें कि दिसंबर 2023 में ही पेंगुइन ने जनरल नरवणे की 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का ऐलान किया था। तब इसका प्री-ऑर्डर भी लिया जा रहा था। किताब जनवरी 2024 में ही आनी थी, लेकिन इसकी रिलीज रोक दी गई। कहा गया कि रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय भी नहीं बता रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब को क्लियरेंस कब मिलेगी और मिलेगी या नहीं।

किताब में क्या?

इंडियन एक्सप्रेस की एक में दावा किया गया है, यह किताब 2020 में चीन के साथ पूर्वी लद्दाख़ में हुए सैन्य विवाद के बारे में बताती है। इसमें गलवान घाटी की झड़प और अग्निपथ योजना का भी ज़िक्र है। इस किताब में 31 अगस्त 2020 की रात को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई बातचीत का ज़िक्र है। एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि दिसंबर 2023 में, न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने जनरल नरवणे की किताब से कुछ हिस्से छापे थे। इसमें भी 31 अगस्त की शाम की घटना का विस्तार से जिक्र था। इस घटना के बारे में अब कारवां मैगज़ीन में भी एक आर्टिकल छपा है।

राँची नगर निगम: 'आधी आबादी' का पूरा दम; 33% से 50% आरक्षण और फर्श से अर्श तक का सफर

राँची नगर निगम के गठन के बाद से अब तक हुए तीन चुनावों (2008, 2013, और 2018) के आंकड़े गवाही देते हैं कि राजधानी की शहरी राजनीति में महिलाओं का कद लगातार बढ़ा है। महिलाओं ने न केवल आरक्षित सीटों पर जीत दर्ज की, बल्कि अनारक्षित सीटों पर भी पुरुष प्रत्याशियों को 'धूल चटाकर' अपनी जगह बनाई।

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चुनावी दर चुनावी: बढ़ता महिलाओं का कुनबा

नगर निगम के चुनावों में महिला पार्षदों की संख्या में हुई वृद्धि को नीचे दिए गए टेबल से समझा जा सकता है:

चुनाव वर्ष विजयी महिला पार्षदों की संख्या आरक्षण का प्रतिशत मुख्य उपलब्धि

2008 15 33% राज्य का पहला निगम चुनाव, पहली महिला मेयर (रमा खलखो)

2013 27 33% पार्षदों की संख्या लगभग दोगुनी हुई

2018 32 50% अब तक की सर्वाधिक भागीदारी, आशा लकड़ा दूसरी बार मेयर

मेयर पद: 15 वर्षों से महिलाओं का 'अभेद्य किला'

राँची नगर निगम में मेयर का पद शुरुआत से ही महिला शक्ति का केंद्र रहा है।

2008: रमा खलखो राँची की पहली महिला मेयर बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुईं।

2013 और 2018: आशा लकड़ा ने लगातार दो बार जीत हासिल की। विशेषकर 2018 में, जब उन्होंने कड़े मुकाबले में कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों को शिकस्त दी, जो यह साबित करता है कि मतदाता अब जेंडर से ऊपर उठकर 'काम और विकास' के नाम पर महिला नेतृत्व को चुन रहे हैं।

आरक्षण का बदलता स्वरूप: 33% से 50% की छलांग

शहरी लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए झारखंड सरकार ने 2018 के चुनावों में ऐतिहासिक बदलाव किया।

शुरुआती दौर: 2008 और 2013 में संविधान के 74वें संशोधन के तहत एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थीं।

ऐतिहासिक मोड़: 2018 में आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अनारक्षित सीटों पर कब्जा: महिलाओं की बढ़ती ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने न केवल अपनी आरक्षित 50% सीटों को जीता, बल्कि अनारक्षित (General) सीटों पर भी पुरुषों को हराकर अपनी पैठ बनाई।

विशेषज्ञों की राय: चुनौती और संकेत

विशेषज्ञ मानते हैं कि संख्या बढ़ना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है, लेकिन असली चुनौती 'निर्णय प्रक्रिया' (Decision Making) में है।

"संख्यात्मक बढ़त के बाद अब गुणात्मक सुधार की जरूरत है। महिलाओं को बोर्ड की बैठकों और नीति निर्धारण में अपनी स्वतंत्र भूमिका और मुखर करनी होगी।"

निष्कर्ष

राँची नगर निगम के ये आंकड़े बताते हैं कि यहाँ का शहरी मतदाता अब अधिक जागरूक है। महिलाओं की यह बढ़ती मौजूदगी स्थानीय मुद्दों जैसे— पानी, सफाई, और स्ट्रीट लाइट— पर उनकी पकड़ को मजबूत कर रही है।

पतरातू: स्पर्श ई-वॉइस ने बढ़ाया मदद का हाथ; SSC GD के जरूरतमंद छात्रों के बीच बांटी गई निःशुल्क पाठ्य सामग्री

पतरातू: स्थानीय वंचित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके सपनों को पंख देने के उद्देश्य से 'स्पर्श ई-वॉइस' द्वारा संचालित निःशुल्क SSC GD कोचिंग सेंटर में अध्ययन सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पीवीयूएनएल (PVUNL) कर्मियों एवं उनके परिजनों की इस पंजीकृत संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा ने दिया सफलता का मूल मंत्र

गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वर्णरेखा समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेनू सहगल उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने हाथों से छात्रों के बीच किताबों और अन्य पठन-सामग्री का वितरण किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

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"लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकाग्रता सबसे जरूरी है। अपने उद्देश्य को केंद्र बिंदु मानकर कड़ी मेहनत करें, सफलता अवश्य कदम चूमेगी।"

संसाधनों के अभाव को दूर कर रही 'स्पर्श' की पहल

कार्यक्रम के दौरान संस्थान की सचिव नम्रता रघुवंशी और कार्यकारी सदस्य दिव्या गंगवार भी उपस्थित रहीं। अध्ययन सामग्री पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी के कारण जो पढ़ाई अधूरी लग रही थी, वह अब पीवीयूएनएल के कर्मचारियों और एक्सटर्नल फैकल्टी के सहयोग से पूरी हो रही है। छात्रों ने इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए ‘पीवीयूऐनएल और स्पर्श ई-वॉइस' का आभार जताया।

स्पर्श ई-वॉइस: एक परिचय

यह संस्था पीवीयूएनएल कर्मियों और उनके परिवारों द्वारा संचालित है, जो सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत स्थानीय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC GD) के लिए तैयार करने हेतु निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन प्रदान करती है।

Homeopathy Clinic in Hyderabad for Endometriosis – Gentle, Natural Women’s Care

Visit a trusted homeopathy clinic in Hyderabad for endometriosis care. Natural and holistic treatment helps manage pain and improve women’s health.

Endometriosis and Women’s Health

Endometriosis is a chronic gynecological condition in which tissue similar to the uterine lining grows outside the uterus. This condition can cause inflammation, scarring, and persistent pain, significantly affecting a woman’s daily life. Many women experience severe menstrual cramps, pelvic pain, heavy or irregular periods, digestive discomfort, fatigue, and difficulty in conceiving. Emotional stress and reduced quality of life are also common among women living with endometriosis.

Although the exact cause is not fully known, hormonal imbalance, immune system dysfunction, genetic factors, and inflammation are believed to contribute to the condition. Due to its long-term nature, women often seek ongoing care from a reliable homeopathy clinic in Hyderabad for safe and sustainable management.

Symptoms and Possible Causes

Symptoms of endometriosis vary from woman to woman. Common symptoms include painful periods, lower abdominal or pelvic pain, back pain, pain during or after intimacy, bloating, constipation, and irregular menstrual cycles. Emotional symptoms such as anxiety, mood swings, and irritability may also be present.

Possible causes include estrogen dominance, hereditary factors, stress-related hormonal changes, and immune imbalance. Because every case is unique, personalized care at an experienced homeopathy clinic in Hyderabad is essential for effective symptom management.

How Homeopathy Supports Endometriosis Care

Homeopathy follows a holistic approach that focuses on treating the individual rather than suppressing symptoms. At a specialized homeopathy clinic in Hyderabad, treatment plans are created after a detailed assessment of menstrual health, pain patterns, emotional well-being, lifestyle habits, and overall constitution.

Homeopathic care aims to support hormonal balance, reduce inflammation, regulate menstrual cycles, ease pelvic pain, and strengthen the body’s natural healing response. This gentle and non-invasive approach makes homeopathy suitable for long-term care in chronic conditions like endometriosis.

Spiritual Homeopathy – Trusted Women’s Care in Hyderabad

Spiritual Homeopathy is a well-established homeopathy clinic in Hyderabad, known for providing personalized and compassionate care for women with endometriosis and other gynecological conditions. The clinic focuses on holistic healing, addressing physical, emotional, and hormonal health.

With experienced practitioners and patient-centered care, Spiritual Homeopathy supports women in achieving improved comfort, better symptom control, and long-term wellness.

Consult Today for Natural Relief

Endometriosis can be challenging, but holistic care can make a meaningful difference. Choosing a trusted homeopathy clinic in Hyderabad helps women manage symptoms naturally and improve quality of life.

महिला से मारपीट कर दहेज की मांग, महिला मेरठ अस्पताल में भर्ती
आशीष कुमार मुजफ्फरनगर:  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के मौहल्ला कुंगर पटटी सुजडू थाना खालापार जिला मुजफ्फरनगर की रहने वाली है। प्रार्थीया के पिता की मृत्यु हो चुकी है। प्रार्थीया की शादी दिनांक 05.12.2023 को साहिल पुत्र रियाज निवासी जहाँगीर पटटी सुजडू, शेख वाला तालाब के पास थाना खालांपार जिला मुजफ्फरनगर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी। शादी में प्रार्थीया की माता व भाईयो व अन्य परिजनो द्वारा करीब 90 लाख रूपये खर्च करते हुए ग्रहस्थी का सभी सामान दिया था जिसमें नगद 50 लाख रूपये दिये थे। जिसमें से 23 लाख रूपये एक बार व 27 लाख, रूपये एक बार नगद दिये थे लेकिन शादी के बाद से ही प्रार्थीया के ससुराल वाले पति साहिल पुत्र रियाज, ससुर रियाज पुत्र सईद हसन उर्फ सीदा, सास शहजान पत्नी रियाज, जेठ शोएब व देवर अरसलान पुत्रगण रियाज, जेठानी अफसा पत्नी शोएब, ननद अफसा पुत्री रियाज, दादस कुबरा बेगम पत्नी सईद हसन उर्फ सीदा निवासीगण जहाँगीर पटटी सुजडू थाना खालापार व ननदोई राहुल पुत्र गौरा निवासी अम्बा विहार थाना खालापार मुजफ्फरनगर व फुफ सास महमूना पत्नी फरमान व फुफ ससुर फरमान पुत्र नामालूम निवासीगण सुजडू थाना खालापार मुजफ्फरनगर दिये गये सामान से खुश नहीं थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में प्रार्थीया से 50 लाख रूपये व एक हजार गज प्लाट की मांग करते थे ना देने पर प्रार्थीया का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करते थे। अब से करीब 6 माह पहले दहेज न मिलने के कारण प्रार्थीया की हत्या करने के उददेश्य से प्रार्थीया की सास शहनाज व ननद अफसा व दादस कुबरा बेगम ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से दूध में जहर मिलाकर पिला दिया जिससे प्रार्थीया बेहोश हो गयी और गाँव में डाक्टर को दिखाकर बामुश्किल बची। लेकिन अपने सुखी जीवन की खातिर इन लोगो के जुल्मो सितम सहती रही। लेकिन इन लोगो की दहेज की मांग व अत्याचार बढ़ते रहे। प्रार्थीया ने अपने परिवार वालो से 16 लाख रूपये लेकर अतिरिक्त दहेज के रूप में अपने पति व ससुर को दिये लेकिन कुछ दिन ठीक रखने के बाद पुनः इन लोगो की 50 लाख रूपये व प्लांट की मांग दोहराने लगे। अब से करीब साढे चार माह पहले प्रार्थीया अपनी ससुराल अपने कमरे में अकेली थी प्रार्थीया के ससुर रियाज ने प्रार्थीया के अकेलीपन का नाजायज फायदा उठाते हुए प्रार्थीया के साथ प्रार्थीया की इच्छा के विरूद्ध बलात्कार / बुरा काम किया। प्रार्थीया ने ये बात अपने पति व सास को बतायी तो ये कहने लगे कि अगर तूने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो तूझे ये सहना पडेगा और अगर तूने शिकायत की तो हम तेरी हत्या कमशः
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कर देगे। प्रार्थीया का जेठ शोएब व देवर अरसलान इस कृत्य के बाद प्रार्थीया पर बी नजर रखते थे और प्रार्थीया के साथ जब भी प्रार्थीया अकेली रहती अश्लील हरकते व करीब चार माह पहले एक अपराधिक षडयन्त्र के तहत उपरोक्त सभी लोगो ने प्रार्थीया छेडछाड करते थे। प्रार्थीया उपरोक्त लोगो के कृत्य से और जुल्मों सितम से अब से को अपनी छोटी पुत्री के साथ मारपीट कर सिर्फ पहने कपडो में घर से निकाल दिया और कहा कि अगर दहेज की मांग 50 लाख रूपये व एक हजार गज का प्लाट तुम्हारे परिवार वालो ने नहीं दिया तो हम तुझे तेरे मायके में ही सडा देगे और हम साहिल की दूसरी शादी कर लेंगे। उपरोक्त लोगो के मानसिक टार्चर से प्रार्थीया मानसिक रूप से परेशान है और अपने मायके में रह रही है। प्रार्थीया के भाई व परिजनो द्वारा कई बार मेरी ससुराल वालो से खुशामंद की गयी और मौजिज लोगो से कहलवाया तो प्रार्थीया की ससुराली वाले अपने किये की माफी मांगने लगे और कहने लगे कि हम तुम्हे 56: दिन में ले आये।

आज अपने घर मायके में थी तभी प्रार्थीया का पति साहिल, ससुर रियाज, जेठ शोएब, देवर असलान व फुफ ससुर फरमान अपराधिक षडयन्त के तहत प्रार्थीया के मायके में आये और प्रार्थीया व प्रार्थीया के परिजनो द्वारा उपरोक्त लोगो की आव भगत की लेकिन इन लोगो ने पुनः अपनी दहेज की मांग शुरू कर दी और मॉ बहन की गंदी गंदी गालियां देने लगे और तभी जान से मारने की नियत से फरमान ने हाथ में लिये धारदार हथियार से वार किया व साहिल व रियाज ने प्रार्थीया को जान से मारने की नियत से रस्सी से प्रार्थीया का गला घोट दिया व अन्य ने लाठी डण्डो व धारदार हथियारों व बेल्ट तथा लोहे की रोड व लात घूसो से प्रार्थीया के साथ मारपीट की। शोरगुल की आवाज सुनकर आलिम पुत्र वहीद व प्रार्थीया का भाई आमिर रजा आदि काफी लोग आ गये जिन्होने घटना देखी ये लोग मौका मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर गये। प्रार्थीया की हालत गम्भीर बनी हुई है प्रार्थीया का मेडिकल कराया जाकर प्रार्थीयां की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करें ।
सीमा सिंह ने अनोखे ढंग से मनाया वैलेंटाइन डे, उपहार देकर जीता कारीगरों का दिल
मुंबई । फरवरी प्रेम का महीना है। वैलेंटाइन डे मनाने और प्रेम को याद करने का समय, जो हमारे जीवन में प्रेम के महत्व को दर्शाता है। अक्सर हम प्रेम और दुःख के बीच के गहरे संबंध को नहीं समझ पाते। देश की प्रख्यात समाजसेवी सीमा सिंह ने खार पश्चिम के 14वां रोड स्थित अपनी शॉप सीमा सिंह कलेक्शन में वैलेंटाइन डे को बहुत अनोखे ढंग से मनाया। फैशन की दुनिया में उन्होंने डेनिम कलेक्शन को लांच किया , जिसका नाम उन्होंने डेनिम अफेयर रखा।

इस कलेक्शन के अंतर्गत उन्होंने आधुनिक कपड़ों को भी नए तरीके से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने जो साड़ी पहन रखी थी, उसमें भी एक अलग तरीके की झलक साफ नजर आ रही थी। सबसे खास बात यह रही कि सीमा सिंह ने कपड़ा सिलनेवाले कारीगरों और डिजाइनिंग करने वाली टीम को न सिर्फ उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई अपितु उनके साथ इस त्यौहार को भी सेलिब्रेट किया।

सीमा सिंह ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके समर्पित कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अथक परिश्रम कर नित नवीन कपड़ों को प्रस्तुत करने वाले कारीगरों को सम्मान और प्यार दिया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर उपस्थित फिल्म अभिनेता अर्जुन कपूर ने उनके ड्रेस कलेक्शन की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सिंह नई सोच और नए सपनों के साथ फैशन कपड़ों को प्रस्तुत करती हैं। सीमा सिंह ने उन्हें अपने फैशन डिजाइन शोरूम में बनाए जा रहे कलेक्शन कपड़ों का एक डिजाइन बुक भेंट किया। ज्ञातव्य है कि सीमा सिंह अपनी आय का एक बड़ा भाग समाज सेवा के क्षेत्र में खर्च करती हैं। खासकर बच्चों के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यक्रमों की हमेशा सराहना की जाती रही है।
परीक्षा पे चर्चा आज, पीएम मोदी छात्रों से करेंगे संवाद, देख सकेंगे लाइव

#pariksha_pe_charcha_pm_modi_interact_with_students_teachers_parents

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विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से बाहर निकालने और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का आयोजन आज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को परीक्षा पे चर्चा करेंगे।

कार्यक्रम कहां और कितने बजे होगा?

‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का आयोजन आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे से होगा। इसकी स्क्रीनिंग संसद के बालयोगी ऑडिटोरियम में होगी, जहां करीब 250 छात्र मौजूद रहेंगे।

परीक्षा पे चर्चा को लाइव कहां देख सकते हैं?

इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल, दूरदर्शन (डीडी) और शिक्षा मंत्रालय के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. आप अपनी सुविधानुसार इसे कहीं भी देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन का बना नया रिकॉर्ड

इस साल कार्यक्रम ने अपनी लोकप्रियता के पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बार 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल के 3.53 करोड़ के ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ से कहीं ज्यादा है।

'एग्जाम वॉरियर्स' अभियान का हिस्सा

परीक्षा पे चर्चा केंद्र सरकार की एग्जाम वॉरियर्स पहल से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और दबाव से बाहर निकालना है। फरवरी के मध्य से सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और अप्रैल में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं भी आयोजित होंगी। ऐसे समय में यह संवाद छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार माना जाता है।

नगरपालिका चुनाव 2026: राँची और बुण्डू के लिए प्रेक्षकों की नियुक्ति; राजकीय अतिथिशाला में शिकायतों के लिए मिल सकेंगे उम्मीदवार

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राँची, 06 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 के निष्पक्ष संचालन हेतु राज्य निर्वाचन आयोग ने राँची जिला के लिए सामान्य और व्यय प्रेक्षकों की तैनाती कर दी है। ये प्रेक्षक चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी के साथ-साथ उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे।

प्रेक्षकों का विवरण और संपर्क सूत्र

निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त अधिकारियों का विवरण उनके मोबाइल नंबर और मिलने के समय के साथ नीचे दिया गया है:

क्षेत्र प्रेक्षक का प्रकार नाम मोबाइल नंबर कार्यालय/आवासन (राजकीय अतिथिशाला)

राँची नगर निगम सामान्य प्रेक्षक श्री संदीप कुमार दोराईबुरु 9431114834 कमरा संख्या - 210

राँची नगर निगम व्यय प्रेक्षक श्री धु्रव कुमार 7004490210 कमरा संख्या - 207

बुण्डू नगर पंचायत सामान्य प्रेक्षक श्री सत्यवीर रजक 7762824750 कमरा संख्या - 211

बुण्डू नगर पंचायत व्यय प्रेक्षक श्री अजय कुमार कच्छप - कमरा संख्या - 209

बैठक का समय: सभी प्रेक्षक राजकीय अतिथिशाला (सर्कुलर रोड) में अपराह्न 03:30 से 04:30 बजे तक आम जनता और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

पारदर्शिता के लिए 'आंख और कान' की भूमिका

ये प्रेक्षक आयोग के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। सामान्य प्रेक्षक जहाँ मतदान केंद्रों की व्यवस्था और आचार संहिता के पालन की निगरानी करेंगे, वहीं व्यय प्रेक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से अधिक धन खर्च न करे।

राँची मेयर पद की रेस: स्क्रुटनी में सभी 19 नामांकन पत्र वैध; रमा खलखो और सुनील फकीरा कच्छप समेत कई दिग्गज मैदान में

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राँची, 05 फरवरी 2026: नगरपालिका (आम) निर्वाचन-2026 को लेकर आज समाहरणालय में महत्वपूर्ण प्रक्रिया संपन्न हुई। मेयर पद के लिए दाखिल किए गए सभी 19 नामांकन पत्रों की स्क्रुटनी (जांच) की गई, जिसमें सभी अभ्यर्थी योग्य पाए गए हैं। निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत दस्तावेजों की गहन जांच के बाद किसी भी उम्मीदवार का पर्चा खारिज नहीं हुआ।

मैदान में डटे हैं ये 19 चेहरे

जांच के बाद अब चुनावी रण में भाग्य आजमाने के लिए जो नाम फाइनल हुए हैं, उनमें प्रमुख रूप से रमा खलखो, सुनील फकीरा कच्छप, देवी दयाल मुण्डा, और रौशनी खलखो जैसे नाम शामिल हैं। 19 अभ्यर्थियों की सूची में अजीत लकड़ा, किरण कुमारी, और संजय कुमार टोप्पो जैसे उम्मीदवार भी मजबूती से डटे हुए हैं।

प्रशासन की पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्क्रुटनी के दौरान शपथ पत्र, प्रस्तावक और समर्थकों के विवरणों की बारीकी से जांच की गई है। अब आगामी प्रक्रिया के तहत नाम वापसी और उसके बाद प्रतीक आवंटन (सिंबल अलॉटमेंट) की कार्रवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी।

आचार संहिता का पालन अनिवार्य

प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करें। निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मतदाताओं की सुविधा और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

गयाजी में गांधी शिल्प बाजार का मेयर ने किया शुभारंभ, स्टॉलों पर सजी हस्तकला की पहचान

गया: बिहार के गयाजी शहर के हृदय स्थल आज़ाद पार्क मैदान में गांधी शिल्प बाजार का भव्य शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन नगर निगम के मेयर विरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर नृत्य और संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मेयर विरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हस्तशिल्प मेला न केवल कारीगरों को स्वरोजगार का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उनकी पारंपरिक कला को राष्ट्रीय पहचान भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से आयोजित यह शिल्प बाजार हस्तशिल्पियों के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

यह मेला भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त कार्यालय (हस्तशिल्प) के सहयोग से आसरा सेवा केंद्र द्वारा आयोजित किया गया है। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

बिहार म्यूजियम के डायरेक्टर अशोक कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आए हस्तशिल्पियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार सुनिश्चित करना है।

मेले में कुल 50 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां मधुबनी और जादोपटिया पेंटिंग, बांस व जूट से बने उत्पाद, माटी कला सहित कई आकर्षक हस्तनिर्मित वस्तुएं उपलब्ध हैं। यह मेला आज से 11 फरवरी तक चलेगा।

इस मौके पर समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता रजनीश कुमार झुना ने कहा कि गयाजी में इस तरह का हस्तशिल्प मेला पहली बार आयोजित किया गया है, जहां बिना किसी बिचौलिये के कारीगर सीधे अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। खुशी है कि इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और कारीगरों की आमदनी में वृद्धि होगी।