रांची में ईद और सरहुल का अनूठा संगम: चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, ड्रोन और CCTV से होगी हर हलचल पर नजर।

रांची: आज राजधानी रांची में गंगा-जमुनी तहजीब और प्रकृति पूजा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर जहाँ ईद-उल-फितर की खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर झारखंड का पारंपरिक सरहुल पर्व भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन दोनों बड़े आयोजनों को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा का अभेद्य किला:

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों और जेबकतरों पर लगाम लगाने के लिए भारी संख्या में सादे लिबास में पुलिस बल को भी उतारा गया है।

ड्रोन और CCTV से निगरानी:

प्रशासन इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। प्रमुख मस्जिदों, पूजा स्थलों और जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

अफवाहों पर सख्त संदेश:

उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरना समिति और सर्व धर्म सद्भावना समिति के सदस्यों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।

पति और बच्चों की लंबी उम्र का वरदान मांगने का पर्व गणगौर
– डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

पति प्रेम का प्रतीक है गणगौर, चिर पुरातन और चिर नूतन है गणगौर, फागुन कृष्ण की एकम से क्षेत्र शुक्ला की तृतीय तक होती है गणगौर पूजा,  माता जानकी ने भी मनचाहा वर पाने किया था गौरी पूजन, मां पार्वती ने की घोर तपस्या शिवजी  को वर रूप पाने  की खातिर, शिवजी ने प्रसन्न होकर मां पार्वती से ब्याह रचाया, पत्नी को इतना स्नेह और सम्मान दिया उसे अपना आधा अंग ही बना लिया, राजस्थान की सूखी माटी में वसंत के आते ही उत्साह और उल्लास की धूम मच जाती हैं, कुंवारी कन्याएं 16 दिन तक बड़े मनोयोग से शिवजी को अपना जीजा मानते हुए सुंदर रंग बिरंगे वस्त्र पहनकर होली के दूसरे दिन से ही करने लगती है ईसर और गोरा की पूजा, शीतला सप्तमी या अष्टमी को बड़ी गणगौर बिठाई जाती हैं, चिकनी मिट्टी से शिव (ईसरजी) पार्वती (गणगौर) कानीराम (कृष्णा) रोआं (सुभद्रा) और मालिन की मूर्तियां बनाई जाती हैं उनका श्रृंगार  किया जाता हैं। सुबह दोपहर रात को गीत गाए जाते हैं। वंश के फैलाव के प्रतीक दूब और फूल लाये जाते हैं, पूजा  की जाती हैं, पूजा के गीत गाए जाते हैं, (गोर  ये गणगौर माता, खोल किंवाड़ी, बायर उभी  बायां पूजण वाली), इसी तरह गणगौर के हर विधा के अनेकों गीत गाए जाते हैं जो हमारी समृद्ध लोक भाषा के प्रतीक हैं, बीकानेर और जयपुर में बड़ी धूमधाम से गणगौर का बिंदोरा निकाला जाता हैं, गणगौर तथा ईसर जी की मूर्तियां की पूजा कुंकू और काजल की 9- 9 टीकी द्वारा किया जाता हैं, दूब से पानी का छींटा दिया जाता हैं, प्रसाद चढ़ाया जाता हैं, अंत में बधावा गाया जाता हैं। महिलाएं सोलह सिंगार करती हैं, बहुत धूमधाम गणगौर पर्व मनाया जाता हैं, पति और बच्चों के लंबी उम्र का वरदान मांगा जाता हैं।
न्यूट्रिका बाय बीएन एग्रीटेक ने शहद सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया फंक्शन-फर्स्ट 'न्यूट्रिका बी हनी'

Chandigarh , मार्च, 2026: बीएन एग्रीटेक के लाइफस्टाइल और वेलनेस ब्रांड और भारत के तेजी से बढ़ती वेलनेस-फर्स्ट एफएमसीजी ब्रांड, न्यूट्रिका ने शहद सेगमेंट में कदम रखते हुए 'न्यूट्रिका बी हनी' लॉन्च किया है। यह खास तरह के वैरिएंट्स की रेंज है, जो एनर्जी, फिटनेस और इम्युनिटी पर ध्यान देती है और अब दिल्ली एनसीआर व मुंबई के जनरल ट्रेड स्टोर्स में उपलब्ध है।
आज के समय में हेल्थ कॉन्शियस लाइफस्टाइल तेजी से लोगों की प्राथमिकता बनती जा रही है। ऐसे समय में न्यूट्रिका का शहद सेगमेंट में आना काफी अहम् माना जा रहा है। फंक्शन-फर्स्ट कुकिंग ऑइल्स के लिए पहचान रखने वाला यह ब्रांड अब अपने वेलनेस वादे को शहद जैसे सुपरफूड के जरिए आगे बढ़ा रहा है, जो सदियों से भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है। न्यूट्रिका बी हनी इस पारंपरिक पसंद को नए अंदाज में पेश करता है, जिसमें तीन खास वैरिएंट्स शामिल हैं, जो आज के हेल्थ-फोकस्ड और एक्टिव परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
न्यूट्रिका बी हनी के तीन अलग-अलग वैरिएंट्स इस प्रकार हैं। प्रो-एनर्जी मल्टीफ्लोरा हनी, जो अलग-अलग फूलों के रस से तैयार होता है और एंटीऑक्सीडेंट्स व पोषक तत्वों से भरपूर होता है, पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है। प्रो-फिटनेस लेमन इन्फ्यूज्ड हनी, शहद की मिठास के साथ नींबू का स्वाद जोड़ता है, जो पाचन, मेटाबॉलिज्म और वजन नियंत्रण में सहायक होता है। वहीं, प्रो-इम्युनिटी तुलसी इन्फ्यूज्ड हनी, तुलसी के औषधीय गुणों के साथ इम्युनिटी मजबूत करने और सर्दी-खाँसी में राहत देने में मदद करता है।
सभी वैरिएंट्स में न तो आर्टिफिशियल प्रिज़र्वेटिव्स हैं और न ही अतिरिक्त चीनी मिलाई गई है। इन्हें ऐसे क्षेत्रों से लिया गया है, जहाँ प्राकृतिक रूप से भरपूर वनस्पति पाई जाती है और हर स्तर पर इनकी शुद्धता और गुणवत्ता की सख्त जाँच की गई है। 'बिल्डिंग नेशन' के विचार के साथ न्यूट्रिका यह सुनिश्चित करता है कि हर जार स्वच्छ, भरोसेमंद और काम आने वाला पोषण दे, साथ ही ब्रांड के उद्देश्यपूर्ण हेल्थ सॉल्यूशंस के वादे को आगे बढ़ाए।
न्यूट्रिका के डायरेक्टर और बिजनेस हेड (एफएमसीजी) स्पर्श सचर ने कहा, "न्यूट्रिका बी हनी सिर्फ एक नया प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान और सोच का हिस्सा है। हमने न्यूट्रिका को इस तरह तैयार किया है कि यह आज की एक्टिव लाइफस्टाइल को सपोर्ट करे, जहाँ परंपरा और नई सोच दोनों का संतुलन हो। हमारी हनी रेंज के साथ हम एक स्वच्छ और प्राकृतिक विकल्प दे रहे हैं, जो बदलती वेलनेस जरूरतों के साथ मेल खाता है। यही सोच बीएन एग्रीटेक की उस बड़ी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसमें रोजमर्रा के ऐसे प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं, जो लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करें।"
यह लॉन्च न्यूट्रिका के फंक्शन-फर्स्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करता है, जिसमें पहले से ही विटामिन-सी युक्त कुकिंग ऑइल्स शामिल हैं, और यह कंपनी के रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहतर वेलनेस सॉल्यूशंस देने के संकल्प को भी दर्शाता है। अनुभव अग्रवाल द्वारा स्थापित बीएन एग्रीटेक लंबे समय से ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर देता रहा है, जो बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं। प्रीमियम लेकिन किफायती कीमत के साथ न्यूट्रिका का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा भारतीय घरों को अच्छी गुणवत्ता वाला शहद उपलब्ध कराना है। यह लॉन्च ब्रांड के उस विज़न की दिशा में भी एक अहम् कदम है, जिसमें वह नेचुरल और फंक्शनल फूड सेगमेंट में अपनी उपस्थिति को और बढ़ाने तथा लोगों को हर दिन बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
पति और बच्चों की लंबी उम्र का वरदान मांगने का पर्व गणगौर
– डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

पति प्रेम का प्रतीक है गणगौर, चिर पुरातन और चिर नूतन है गणगौर, फागुन कृष्ण की एकम से क्षेत्र शुक्ला की तृतीय तक होती है गणगौर पूजा,  माता जानकी ने भी मनचाहा वर पाने किया था गौरी पूजन, मां पार्वती ने की घोर तपस्या शिवजी  को वर रूप पाने  की खातिर, शिवजी ने प्रसन्न होकर मां पार्वती से ब्याह रचाया, पत्नी को इतना स्नेह और सम्मान दिया उसे अपना आधा अंग ही बना लिया, राजस्थान की सूखी माटी में वसंत के आते ही उत्साह और उल्लास की धूम मच जाती हैं, कुंवारी कन्याएं 16 दिन तक बड़े मनोयोग से शिवजी को अपना जीजा मानते हुए सुंदर रंग बिरंगे वस्त्र पहनकर होली के दूसरे दिन से ही करने लगती है ईसर और गोरा की पूजा, शीतला सप्तमी या अष्टमी को बड़ी गणगौर बिठाई जाती हैं, चिकनी मिट्टी से शिव (ईसरजी) पार्वती (गणगौर) कानीराम (कृष्णा) रोआं (सुभद्रा) और मालिन की मूर्तियां बनाई जाती हैं उनका श्रृंगार  किया जाता हैं। सुबह दोपहर रात को गीत गाए जाते हैं। वंश के फैलाव के प्रतीक दूब और फूल लाये जाते हैं, पूजा  की जाती हैं, पूजा के गीत गाए जाते हैं, (गोर  ये गणगौर माता, खोल किंवाड़ी, बायर उभी  बायां पूजण वाली), इसी तरह गणगौर के हर विधा के अनेकों गीत गाए जाते हैं जो हमारी समृद्ध लोक भाषा के प्रतीक हैं, बीकानेर और जयपुर में बड़ी धूमधाम से गणगौर का बिंदोरा निकाला जाता हैं, गणगौर तथा ईसर जी की मूर्तियां की पूजा कुंकू और काजल की 9- 9 टीकी द्वारा किया जाता हैं, दूब से पानी का छींटा दिया जाता हैं, प्रसाद चढ़ाया जाता हैं, अंत में बधावा गाया जाता हैं। महिलाएं सोलह सिंगार करती हैं, बहुत धूमधाम गणगौर पर्व मनाया जाता हैं, पति और बच्चों के लंबी उम्र का वरदान मांगा जाता हैं।
अकीदत के साथ अदा की गई ईद की नमाज, एक-दूसरे के गले मिलकर दी मुबारकबाद

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद भदोही में ईद उल फितर का त्योहार पूरे अकीदत के साथ मनाया गया। नमाजियों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ की।  जबकि एसपी अभिनव त्यागी ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिएअधिकारियों और धर्गुरुओं से वार्ता की। ईद की नमाज् मुकद्दस रमजान की इबादतों के बाद ईद उल फितर का त्योंहार जिले भर में पूरी अकीदत के साथ मनाया गया।

बूंदाबादी के बीच सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाजियों ने देश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। एक-दूसरे के गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दी। इसके बाद घर-घर जाकर सेंवई और लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बूंदाबांदी और कहीं कहीं बरसात के बाद भी जिले में हल्की बूंदाबारी हुई। इसके बाद भी ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिम इलाकों में खासा उत्साह देखा गया। तय समय से पहले ही नमाजी ईदगाहों व मस्जिदों में पहुंच गए थे।

जिले के पटेल नगर में कब्रिस्तान में स्थित ईदगाह पर कई हजार मुसलमानों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाइयां देने का दौर शुरू हो गया। बच्चों में ईद को लेकर बहुत खुशी थी। ईदगाह में एसपी अभिनव त्यागी एडीएम सहित अन्य अफसर मुस्तैद रहे। नमाज के दौरान ईदगाह पहुंचे एसपी ने तमाम लोगों को गले लगाकर मुबारकबाद दी।चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद रही । ईद-उल-फितर पर्व के अवसर पर संदिग्ध स्थानों पर पुलिस ने जमकर निगरानी की। नमाज को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए एसपी लगातार गश्त करते रहे। एसपी ने भदोही शहर के प्रमुख ईदगाहों एवं विभिन्न नमाज स्थलों का निरीक्षण करते हुए वहां मौजूद पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित धर्मगुरुओं, मस्जिद कमेटी के सदस्यों एवं संभ्रांत नागरिकों से वार्ता कर आपसी समन्वय एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इसी प्रकार जनपद के आप गोपीगंज, ज्ञानपुर,मोढ़, सुरियावां,ऊंज, जंगीगंज, माधोसिंह,घोसियान,दुर्गगंज, औराई आदि मुस्लिम बन्धुओं ने हिन्दू मुसलमानों आपस में गले मिलकर ईद की नमाज सकुशल संपन्न कराई।
27 लैब टेक्नीशियन के सापेक्ष सात की तैनाती, मरीजों को बाहर करवानी पड़ रही जांच
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के नौ स्वास्थ्य केंद्रों पर रेगलुर लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। 27 के सापेक्ष सिर्फ सात लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। सौ शैय्या अस्पताल संचालन के करीब चार साल बाद भी लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। दिसंबर से जिला अस्पताल का लैब बिना टेक्नीशियन के संचालित हो रहा है। लैब में संविदा पर तैनात सहायक लैब टेक्नीशियन मरीजों की जांच कर रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही और सरपतहा स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित जिले की छह सीएचसी क्रमश: भदोही, सुरियावां, भानीपुर, डीघ, गोपीगंज, औराई है। यहां रोजाना 5000 से 5500 जांचे होती हैं।

करीब 6000 से 6500 जांच लैब पर होती है। अप्रैल, मई, जून में यह जांच 10000 से अधिक जांच होती है। लैब में सीवीसी, सुगर, बीपी, डेंगू, मलेरिया, टायफायड, एलएफटी सहित 50 से 60 प्रकार की जांच होती है। 100 बेड में किडनी, लीवर, ईसीजी, हार्ट की भी जांच होने लगी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात रेगुलर टेक्नीशियन के आने जाने का समय निश्चित नहीं है। किसी भी बीमारी का सटीक पता लगाने के लिए चिकित्सक जांच लिखते हैं। इसकी के आधार पर मरीज को दवा भी देते हैं। लैब की कमान सहायकों के हाथों में होती है। वहीं, सुरियावां, गोपीगंज, औराई, भदोही, चोरी आदि बाजारों में निजी लैब की कमान अप्रशिक्षितों के हाथों में है।जहां व्यवस्था ऐसे तैसे चल रही है। डिप्लोमा करने के बाद संविदा पर तैनाती कर दी जाती है।




कहां कितने एलटी की जरुरत
अस्पताल - तैनाती - जरुरत
एमसीएच - 00 - 04
एमबीएस - 01 - 02
100 बेड़ - 00 - 04
भदोही - 01- 03
सुरियावां - 01 - 03
भानीपुर - 01 - 04
गोपीगंज - 01 - 02
डीघ - 01 - 03
औराई - 01 - 02
नोट: यह रेगुलर एलटी का चार्ट है।


संविदा और रेगुलर एलटी की तैनाती स्वास्थ्य केद्रों पर है। जहां पद रिक्त हैं, इसकी सूचना शासन को दी गई। डीघ सीएचस से जिला अस्पताल में एक एलटी को अटैच किया गया है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।
सपा की पहल:दिव्यांग को दिया खोखा, रखवाई परचून की दुकान

अमृतपुर फर्रुखाबाद l  समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव की अनोखी पहल से दिव्यांग को रोज़गार का अवसर देकर एक सराहनीय कार्य किया है l यही नहीं दिव्यांग के खोखा में परचून का सामान रखबा कर दो वक्त की रोटी का अवसर दिया है l अमृतपुर निवासी दिव्यांग बुधपाल  सक्सेना उर्फ बाबा को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परचून का खोखा रखवा दिया। बुधपाल  शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। 7 वर्ष पहले बीमारी के चलते उसकी पत्नी का निधन हो गया था। गरीबी और लाचारी की जिंदगी जीने वाले दिव्यांग पर दो मासूम बच्चों का भी भार आ पड़ा, ना खेती न रोजगार और ना ही आय का कोई अन्य साधन। फिर भी वह किसी तरह अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहा है। उसकी स्थिति को देखने पर अजीत यादव ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया। इसके तहत उन्होंने न सिर्फ खोखा ही नहीं रखवाया बल्कि उसमें परचून का पूरा सामान भी भरवाकर उन्हें सौंप दिया जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष चंद्रपाल यादव की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें चंद्रपाल यादव एवं अजीत यादव ने फीता काटकर खोखे का उद्घाटन किया।इस पहल के साथ अजीत ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि वह लगातार गरीब असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए अपनी पहचान बनाए हुए हैं। ऐसे लोग जिनके पास कोई सहारा नहीं है और जिनका जीवन यापन कठिन है, उनके लिए वह फरिश्ता बनकर कार्य करते रहेंगे।

दिव्यांग ने इस सहयोग के लिए अजीत यादव एवं समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
गौ सेवकों ने की,नवरात्रि पर बंद हो चिकन मटन की दुकाने

अमृतपुर फर्रुखाबाद l नवरात्रि  पर अवैध रूप से संचालित मीट एवं अंडे की दुकानों को बंद कराने की मांग की है l क्षेत्र के कुछ लोगों ने थाना अध्यक्ष को पत्र देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पत्र में कहा है कि नवरात्रि के दौरान अधिकांश लोग धार्मिक आस्था के चलते मांसाहार से परहेज करते हैं। फ़िर भी क्षेत्र में मीट एवं अंडे की दुकानें खुलेआम चल रही हैं, जिससे लोगों की इन दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़कों पर फैल जाता है जिससे गंदगी व दुर्गन्ध बढ़ रही है। आवारा कुत्ते हड्डियां व अन्य अवशेष लेकर सड़कों पर घूमते हैं जिससे आम जनमानस को परेशानी और भय का सामना करना पड़ रहा है।प्रार्थना पत्र में थाना पुलिस से मांग की गई है कि नवरात्रि के दौरान ऐसी अवैध दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराई जाए ताकि क्षेत्र में स्वच्छता और शांति बनी रहे, साथ ही लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो सके।प्रार्थना पत्र दलबीर सिंह गौ रक्षक अक्षय प्रताप व अभय चौहान द्वारा दिया गया है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र लेने के बाद जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
रांची में ईद और सरहुल का अनूठा संगम: चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, ड्रोन और CCTV से होगी हर हलचल पर नजर।

रांची: आज राजधानी रांची में गंगा-जमुनी तहजीब और प्रकृति पूजा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर जहाँ ईद-उल-फितर की खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर झारखंड का पारंपरिक सरहुल पर्व भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन दोनों बड़े आयोजनों को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा का अभेद्य किला:

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों और जेबकतरों पर लगाम लगाने के लिए भारी संख्या में सादे लिबास में पुलिस बल को भी उतारा गया है।

ड्रोन और CCTV से निगरानी:

प्रशासन इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। प्रमुख मस्जिदों, पूजा स्थलों और जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

अफवाहों पर सख्त संदेश:

उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरना समिति और सर्व धर्म सद्भावना समिति के सदस्यों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।

पति और बच्चों की लंबी उम्र का वरदान मांगने का पर्व गणगौर
– डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

पति प्रेम का प्रतीक है गणगौर, चिर पुरातन और चिर नूतन है गणगौर, फागुन कृष्ण की एकम से क्षेत्र शुक्ला की तृतीय तक होती है गणगौर पूजा,  माता जानकी ने भी मनचाहा वर पाने किया था गौरी पूजन, मां पार्वती ने की घोर तपस्या शिवजी  को वर रूप पाने  की खातिर, शिवजी ने प्रसन्न होकर मां पार्वती से ब्याह रचाया, पत्नी को इतना स्नेह और सम्मान दिया उसे अपना आधा अंग ही बना लिया, राजस्थान की सूखी माटी में वसंत के आते ही उत्साह और उल्लास की धूम मच जाती हैं, कुंवारी कन्याएं 16 दिन तक बड़े मनोयोग से शिवजी को अपना जीजा मानते हुए सुंदर रंग बिरंगे वस्त्र पहनकर होली के दूसरे दिन से ही करने लगती है ईसर और गोरा की पूजा, शीतला सप्तमी या अष्टमी को बड़ी गणगौर बिठाई जाती हैं, चिकनी मिट्टी से शिव (ईसरजी) पार्वती (गणगौर) कानीराम (कृष्णा) रोआं (सुभद्रा) और मालिन की मूर्तियां बनाई जाती हैं उनका श्रृंगार  किया जाता हैं। सुबह दोपहर रात को गीत गाए जाते हैं। वंश के फैलाव के प्रतीक दूब और फूल लाये जाते हैं, पूजा  की जाती हैं, पूजा के गीत गाए जाते हैं, (गोर  ये गणगौर माता, खोल किंवाड़ी, बायर उभी  बायां पूजण वाली), इसी तरह गणगौर के हर विधा के अनेकों गीत गाए जाते हैं जो हमारी समृद्ध लोक भाषा के प्रतीक हैं, बीकानेर और जयपुर में बड़ी धूमधाम से गणगौर का बिंदोरा निकाला जाता हैं, गणगौर तथा ईसर जी की मूर्तियां की पूजा कुंकू और काजल की 9- 9 टीकी द्वारा किया जाता हैं, दूब से पानी का छींटा दिया जाता हैं, प्रसाद चढ़ाया जाता हैं, अंत में बधावा गाया जाता हैं। महिलाएं सोलह सिंगार करती हैं, बहुत धूमधाम गणगौर पर्व मनाया जाता हैं, पति और बच्चों के लंबी उम्र का वरदान मांगा जाता हैं।
न्यूट्रिका बाय बीएन एग्रीटेक ने शहद सेगमेंट में रखा कदम, लॉन्च किया फंक्शन-फर्स्ट 'न्यूट्रिका बी हनी'

Chandigarh , मार्च, 2026: बीएन एग्रीटेक के लाइफस्टाइल और वेलनेस ब्रांड और भारत के तेजी से बढ़ती वेलनेस-फर्स्ट एफएमसीजी ब्रांड, न्यूट्रिका ने शहद सेगमेंट में कदम रखते हुए 'न्यूट्रिका बी हनी' लॉन्च किया है। यह खास तरह के वैरिएंट्स की रेंज है, जो एनर्जी, फिटनेस और इम्युनिटी पर ध्यान देती है और अब दिल्ली एनसीआर व मुंबई के जनरल ट्रेड स्टोर्स में उपलब्ध है।
आज के समय में हेल्थ कॉन्शियस लाइफस्टाइल तेजी से लोगों की प्राथमिकता बनती जा रही है। ऐसे समय में न्यूट्रिका का शहद सेगमेंट में आना काफी अहम् माना जा रहा है। फंक्शन-फर्स्ट कुकिंग ऑइल्स के लिए पहचान रखने वाला यह ब्रांड अब अपने वेलनेस वादे को शहद जैसे सुपरफूड के जरिए आगे बढ़ा रहा है, जो सदियों से भारतीय खानपान का हिस्सा रहा है। न्यूट्रिका बी हनी इस पारंपरिक पसंद को नए अंदाज में पेश करता है, जिसमें तीन खास वैरिएंट्स शामिल हैं, जो आज के हेल्थ-फोकस्ड और एक्टिव परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
न्यूट्रिका बी हनी के तीन अलग-अलग वैरिएंट्स इस प्रकार हैं। प्रो-एनर्जी मल्टीफ्लोरा हनी, जो अलग-अलग फूलों के रस से तैयार होता है और एंटीऑक्सीडेंट्स व पोषक तत्वों से भरपूर होता है, पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है। प्रो-फिटनेस लेमन इन्फ्यूज्ड हनी, शहद की मिठास के साथ नींबू का स्वाद जोड़ता है, जो पाचन, मेटाबॉलिज्म और वजन नियंत्रण में सहायक होता है। वहीं, प्रो-इम्युनिटी तुलसी इन्फ्यूज्ड हनी, तुलसी के औषधीय गुणों के साथ इम्युनिटी मजबूत करने और सर्दी-खाँसी में राहत देने में मदद करता है।
सभी वैरिएंट्स में न तो आर्टिफिशियल प्रिज़र्वेटिव्स हैं और न ही अतिरिक्त चीनी मिलाई गई है। इन्हें ऐसे क्षेत्रों से लिया गया है, जहाँ प्राकृतिक रूप से भरपूर वनस्पति पाई जाती है और हर स्तर पर इनकी शुद्धता और गुणवत्ता की सख्त जाँच की गई है। 'बिल्डिंग नेशन' के विचार के साथ न्यूट्रिका यह सुनिश्चित करता है कि हर जार स्वच्छ, भरोसेमंद और काम आने वाला पोषण दे, साथ ही ब्रांड के उद्देश्यपूर्ण हेल्थ सॉल्यूशंस के वादे को आगे बढ़ाए।
न्यूट्रिका के डायरेक्टर और बिजनेस हेड (एफएमसीजी) स्पर्श सचर ने कहा, "न्यूट्रिका बी हनी सिर्फ एक नया प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान और सोच का हिस्सा है। हमने न्यूट्रिका को इस तरह तैयार किया है कि यह आज की एक्टिव लाइफस्टाइल को सपोर्ट करे, जहाँ परंपरा और नई सोच दोनों का संतुलन हो। हमारी हनी रेंज के साथ हम एक स्वच्छ और प्राकृतिक विकल्प दे रहे हैं, जो बदलती वेलनेस जरूरतों के साथ मेल खाता है। यही सोच बीएन एग्रीटेक की उस बड़ी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसमें रोजमर्रा के ऐसे प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं, जो लोगों को बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करें।"
यह लॉन्च न्यूट्रिका के फंक्शन-फर्स्ट पोर्टफोलियो को और मजबूत करता है, जिसमें पहले से ही विटामिन-सी युक्त कुकिंग ऑइल्स शामिल हैं, और यह कंपनी के रोजमर्रा के उपयोग के लिए बेहतर वेलनेस सॉल्यूशंस देने के संकल्प को भी दर्शाता है। अनुभव अग्रवाल द्वारा स्थापित बीएन एग्रीटेक लंबे समय से ऐसे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट बनाने पर जोर देता रहा है, जो बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं। प्रीमियम लेकिन किफायती कीमत के साथ न्यूट्रिका का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा भारतीय घरों को अच्छी गुणवत्ता वाला शहद उपलब्ध कराना है। यह लॉन्च ब्रांड के उस विज़न की दिशा में भी एक अहम् कदम है, जिसमें वह नेचुरल और फंक्शनल फूड सेगमेंट में अपनी उपस्थिति को और बढ़ाने तथा लोगों को हर दिन बेहतर और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
स्कोडा ऑटो इंडिया ने “ईज़ी टू लव” नई कुशाक के लॉन्च के साथ वैल्यू, परफॉर्मेंस और सेफ्टी को नए सिरे से परिभाषित किया
ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में लीडर, अपने कस्टमर्स के लिए रेंज को सच में सुविधाजनक बनाकर इंडियन मार्केट में नए बेंचमार्क सेट करता है

वैल्यू और प्राइड ऑफ ओनरशिप: बिल्कुल नए फ्रंट और रियर डिज़ाइन, पूरी रेंज में असली, टर्बो-चार्ज्ड ऑटोमैटिक्स, स्टैंडर्ड के तौर पर एलईडी हेडलैंप और टेललैंप, सीक्वेंशियल रियर टर्न इंडिकेटर्स, एलॉय व्हील्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ, क्लाइमेट्रॉनिक ऑटो एसी, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट और स्कोडा सुपर केयर जैसे कई फीचर्स के साथ।
बिना किसी समझौते के सेफ्टी: ग्लोबल एनसीएपी 5-स्टार रेटेड सेफ्टी जिसमें 40+ सेफ्टी फीचर्स हैं, अब रेन-सेंसिंग वाइपर, रियर वाइपर और डिफॉगर, स्टैंडर्ड के तौर पर ऑटो आईआरवीएम के साथ और बेहतर हो गए हैं।
नई कुशाक क्लासिक+ एक लोडेड एंट्री-लेवल वैरिएंट के तौर पर रोमांच को और बढ़ाती है।
क्लास-लीडिंग ड्राइविंग डायनामिक्स को बेस वैरिएंट से उपलब्ध सेगमेंट-फर्स्ट आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ कुछ पायदान ऊपर ले जाया गया है।
सेगमेंट में पहली बार रियर सीट मसाजर के साथ शानदार आराम
नई कुशाक 1.0 टीएसआई रेंज की शुरुआती कीमत 10,69,000 रुपए है
टॉपिंग 1.5 टीएसआई प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो रेंज अब ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, पैनोरमिक सनरूफ, 26.03 सीएम वर्चुअल कॉकपिट, और भी बहुत कुछ के साथ और भी आकर्षक हो गई है
परफॉर्मेंस के शौकीनों को ध्यान में रखकर, नई कुशाक 1.5 टीएसआई, जिसमें मशहूर सेवेन-स्पीड डीएसजी है, 18,79,000 रुपए से उपलब्ध है
'यू नेवर ड्राइव अलोन' का वादा 183+ शहरों में 325 टचपॉइंट पर पूरा किया गया

जबलपुर, मार्च, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने रिफ्रेश्ड और अपग्रेडेड नई कुशाक की कीमतों और कस्टमर डिलीवरी शुरू होने की घोषणा कर दी है। इस साल जनवरी में लॉन्च हुई नई कुशाक, वैल्यू, सेफ्टी, ड्राइविंग डायनामिक्स के मामले में सबसे आगे है और पूरी रेंज में यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए लाने की ब्रांड की स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाती है। सेगमेंट-फर्स्ट टेक्नोलॉजी जैसे बिल्कुल नया एट-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, रियर सीट मसाजर, और कई नए फीचर्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड इक्विपमेंट के साथ, नई कुशाक 1.0 टीएसआई और नई कुशाक 1.5 टीएसआई दोनों ही स्कोडा ऑटो इंडिया की यूरोपियन इंजीनियरिंग और 5-स्टार सेफ्टी को भारतीय सड़कों पर ज़्यादा आसानी से चलने वाली बनाने की स्ट्रैटेजी को फॉलो करती हैं। नई कुशाक पाँच ट्रिम्स में उपलब्ध है: क्लासिक+, सिग्नेचर, स्पोर्टलाइन, प्रेस्टीज और मोंटे कार्लो, जो मैनुअल और रियल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन देती है। कस्टमर्स के पास आठ रंगों- कैंडी व्हाइट, कार्बन स्टील, ब्रिलियंट सिल्वर, लावा ब्लू, और डीप ब्लैक में से चुनने का ऑप्शन है, जिसमें तीन बिल्कुल नए रंग शामिल हैं: शिमला ग्रीन, स्टील ग्रे, और चेरी रेड।

स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “स्कोडा में हमारा मिशन यूरोपियन टेक्नोलॉजी को सबके लिए उपलब्ध कराना और इसे ज़्यादा कस्टमर्स के लिए आसान बनाना है। नई कुशाक के साथ, हम सच में पूरी रेंज में वैल्यू को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। नई कुशाक सभी वैरिएंट्स में कॉम्पिटिटिव वैल्यू प्राइसिंग, बेहतर स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के ज़रिए सबसे आगे है। सेगमेंट में पहली बार दिए गए फीचर्स जैसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, रियर सीट मसाजर और ज़रूरी फीचर्स का स्टैंडर्डाइजेशन, एंट्री वैरिएंट से ही शानदार वैल्यू देते हैं। क्लास-लीडिंग सेफ्टी, बेजोड़ ड्राइविंग डायनामिक्स और ओनरशिप का गर्व नई कुशाक के साथ स्टैंडर्ड आता है, जैसा कि हर स्कोडा के साथ होता है।”
नई कुशाक 1.0 टीएसआई
नई कुशाक अपने आजमाए हुए और खास तौर पर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन लाइन-अप के साथ जारी है। कुशाक 1.0 टीएसआई में छह-स्पीड मैनुअल और सेगमेंट में पहली बार आठ-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर के साथ सबसे अच्छी कीमत, एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजी मिलती है, जो इस नई स्कोडा के ड्राइविंग एक्सपीरियंस को पूरी तरह से बदल देता है। यह एसयूवी अपने टर्बोचार्ज्ड इंजन से 85 किलोवाट की पॉवर और 178 एनएम का टॉर्क पैदा करती है। 1.0 टीएसआई मैनुअल 19.66 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देता है, जबकि 8-स्पीड ऑटोमैटिक 19.09 किमी/लीटर – एआरएआई देता है।
नई कुशाक 1.5 टीएसआई
जो कस्टमर्स ज़्यादा परफॉर्मेंस चाहते हैं, उनके लिए 1.5 टीएसआई, 110 किलोवाट और 250 एनएम का टॉर्क देता है और यह खास तौर पर सेवेन-स्पीड डीएसजी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ आता है। नई कुशाक के साथ, 1.5 टीएसआई चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ आती है, जबकि मोंटे कार्लो में चमकदार दिखने वाले लाल ब्रेक कैलिपर्स मिलते हैं। 1.5 टीएसआई डीएसजी 18.72 किमी/लीटर – एआरएआई की फ्यूल एफिशिएंसी देती है। इसकी एक्टिव सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ, जो क्रूज़िंग मोड पर दो सिलेंडर बंद कर देती है, 1.5 टीएसआई एक टेक्नोलॉजिकल टूर डे फोर्स है। यह पक्का करता है कि नई कुशाक 1.5 टीएसआई एफिशिएंसी से समझौता किए बिना शौकीनों को संतुष्ट करने वाली परफॉर्मेंस, पॉवर और टॉर्क देने की अपनी लिगेसी को जारी रखे।
स्टैंडर्ड के तौर पर आसान ओनरशिप: स्कोडा सुपर केयर
नई कुशाक, स्कोडा ऑटो इंडिया के आसान ओनरशिप एक्सपीरियंस देने के तरीके को जारी रखती है। अब यह स्कोडा सुपर केयर 4-साल या 100,000-किलोमीटर वॉरंटी, साथ ही 4 साल की रोडसाइड असिस्टेंस के साथ आती है, जो लंबे समय तक मन की शांति देती है। इसके अलावा, कस्टमर्स को दो साल या 30,000 किलोमीटर तक के लिए चार लेबर-फ्री सर्विस का फायदा मिलता है। वॉरंटी को पेड बेसिस पर आठवें साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ छह साल की ज़ंग न लगने की वॉरंटी और तीन साल की पेंट वॉरंटी भी मिलती है।
पति और बच्चों की लंबी उम्र का वरदान मांगने का पर्व गणगौर
– डॉ मंजू लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

पति प्रेम का प्रतीक है गणगौर, चिर पुरातन और चिर नूतन है गणगौर, फागुन कृष्ण की एकम से क्षेत्र शुक्ला की तृतीय तक होती है गणगौर पूजा,  माता जानकी ने भी मनचाहा वर पाने किया था गौरी पूजन, मां पार्वती ने की घोर तपस्या शिवजी  को वर रूप पाने  की खातिर, शिवजी ने प्रसन्न होकर मां पार्वती से ब्याह रचाया, पत्नी को इतना स्नेह और सम्मान दिया उसे अपना आधा अंग ही बना लिया, राजस्थान की सूखी माटी में वसंत के आते ही उत्साह और उल्लास की धूम मच जाती हैं, कुंवारी कन्याएं 16 दिन तक बड़े मनोयोग से शिवजी को अपना जीजा मानते हुए सुंदर रंग बिरंगे वस्त्र पहनकर होली के दूसरे दिन से ही करने लगती है ईसर और गोरा की पूजा, शीतला सप्तमी या अष्टमी को बड़ी गणगौर बिठाई जाती हैं, चिकनी मिट्टी से शिव (ईसरजी) पार्वती (गणगौर) कानीराम (कृष्णा) रोआं (सुभद्रा) और मालिन की मूर्तियां बनाई जाती हैं उनका श्रृंगार  किया जाता हैं। सुबह दोपहर रात को गीत गाए जाते हैं। वंश के फैलाव के प्रतीक दूब और फूल लाये जाते हैं, पूजा  की जाती हैं, पूजा के गीत गाए जाते हैं, (गोर  ये गणगौर माता, खोल किंवाड़ी, बायर उभी  बायां पूजण वाली), इसी तरह गणगौर के हर विधा के अनेकों गीत गाए जाते हैं जो हमारी समृद्ध लोक भाषा के प्रतीक हैं, बीकानेर और जयपुर में बड़ी धूमधाम से गणगौर का बिंदोरा निकाला जाता हैं, गणगौर तथा ईसर जी की मूर्तियां की पूजा कुंकू और काजल की 9- 9 टीकी द्वारा किया जाता हैं, दूब से पानी का छींटा दिया जाता हैं, प्रसाद चढ़ाया जाता हैं, अंत में बधावा गाया जाता हैं। महिलाएं सोलह सिंगार करती हैं, बहुत धूमधाम गणगौर पर्व मनाया जाता हैं, पति और बच्चों के लंबी उम्र का वरदान मांगा जाता हैं।
अकीदत के साथ अदा की गई ईद की नमाज, एक-दूसरे के गले मिलकर दी मुबारकबाद

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद भदोही में ईद उल फितर का त्योहार पूरे अकीदत के साथ मनाया गया। नमाजियों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ की।  जबकि एसपी अभिनव त्यागी ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिएअधिकारियों और धर्गुरुओं से वार्ता की। ईद की नमाज् मुकद्दस रमजान की इबादतों के बाद ईद उल फितर का त्योंहार जिले भर में पूरी अकीदत के साथ मनाया गया।

बूंदाबादी के बीच सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाजियों ने देश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। एक-दूसरे के गले मिलकर त्योहार की मुबारकबाद दी। इसके बाद घर-घर जाकर सेंवई और लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बूंदाबांदी और कहीं कहीं बरसात के बाद भी जिले में हल्की बूंदाबारी हुई। इसके बाद भी ईद की नमाज को लेकर सुबह से ही मुस्लिम इलाकों में खासा उत्साह देखा गया। तय समय से पहले ही नमाजी ईदगाहों व मस्जिदों में पहुंच गए थे।

जिले के पटेल नगर में कब्रिस्तान में स्थित ईदगाह पर कई हजार मुसलमानों ने नमाज अदा की। नमाज के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाइयां देने का दौर शुरू हो गया। बच्चों में ईद को लेकर बहुत खुशी थी। ईदगाह में एसपी अभिनव त्यागी एडीएम सहित अन्य अफसर मुस्तैद रहे। नमाज के दौरान ईदगाह पहुंचे एसपी ने तमाम लोगों को गले लगाकर मुबारकबाद दी।चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद रही । ईद-उल-फितर पर्व के अवसर पर संदिग्ध स्थानों पर पुलिस ने जमकर निगरानी की। नमाज को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए एसपी लगातार गश्त करते रहे। एसपी ने भदोही शहर के प्रमुख ईदगाहों एवं विभिन्न नमाज स्थलों का निरीक्षण करते हुए वहां मौजूद पुलिस बल को सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित धर्मगुरुओं, मस्जिद कमेटी के सदस्यों एवं संभ्रांत नागरिकों से वार्ता कर आपसी समन्वय एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। इसी प्रकार जनपद के आप गोपीगंज, ज्ञानपुर,मोढ़, सुरियावां,ऊंज, जंगीगंज, माधोसिंह,घोसियान,दुर्गगंज, औराई आदि मुस्लिम बन्धुओं ने हिन्दू मुसलमानों आपस में गले मिलकर ईद की नमाज सकुशल संपन्न कराई।
27 लैब टेक्नीशियन के सापेक्ष सात की तैनाती, मरीजों को बाहर करवानी पड़ रही जांच
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के नौ स्वास्थ्य केंद्रों पर रेगलुर लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। 27 के सापेक्ष सिर्फ सात लैब टेक्नीशियन की तैनाती है। सौ शैय्या अस्पताल संचालन के करीब चार साल बाद भी लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी है। दिसंबर से जिला अस्पताल का लैब बिना टेक्नीशियन के संचालित हो रहा है। लैब में संविदा पर तैनात सहायक लैब टेक्नीशियन मरीजों की जांच कर रहे हैं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही और सरपतहा स्थित सौ शय्या अस्पताल सहित जिले की छह सीएचसी क्रमश: भदोही, सुरियावां, भानीपुर, डीघ, गोपीगंज, औराई है। यहां रोजाना 5000 से 5500 जांचे होती हैं।

करीब 6000 से 6500 जांच लैब पर होती है। अप्रैल, मई, जून में यह जांच 10000 से अधिक जांच होती है। लैब में सीवीसी, सुगर, बीपी, डेंगू, मलेरिया, टायफायड, एलएफटी सहित 50 से 60 प्रकार की जांच होती है। 100 बेड में किडनी, लीवर, ईसीजी, हार्ट की भी जांच होने लगी है। स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात रेगुलर टेक्नीशियन के आने जाने का समय निश्चित नहीं है। किसी भी बीमारी का सटीक पता लगाने के लिए चिकित्सक जांच लिखते हैं। इसकी के आधार पर मरीज को दवा भी देते हैं। लैब की कमान सहायकों के हाथों में होती है। वहीं, सुरियावां, गोपीगंज, औराई, भदोही, चोरी आदि बाजारों में निजी लैब की कमान अप्रशिक्षितों के हाथों में है।जहां व्यवस्था ऐसे तैसे चल रही है। डिप्लोमा करने के बाद संविदा पर तैनाती कर दी जाती है।




कहां कितने एलटी की जरुरत
अस्पताल - तैनाती - जरुरत
एमसीएच - 00 - 04
एमबीएस - 01 - 02
100 बेड़ - 00 - 04
भदोही - 01- 03
सुरियावां - 01 - 03
भानीपुर - 01 - 04
गोपीगंज - 01 - 02
डीघ - 01 - 03
औराई - 01 - 02
नोट: यह रेगुलर एलटी का चार्ट है।


संविदा और रेगुलर एलटी की तैनाती स्वास्थ्य केद्रों पर है। जहां पद रिक्त हैं, इसकी सूचना शासन को दी गई। डीघ सीएचस से जिला अस्पताल में एक एलटी को अटैच किया गया है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही।
सपा की पहल:दिव्यांग को दिया खोखा, रखवाई परचून की दुकान

अमृतपुर फर्रुखाबाद l  समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव की अनोखी पहल से दिव्यांग को रोज़गार का अवसर देकर एक सराहनीय कार्य किया है l यही नहीं दिव्यांग के खोखा में परचून का सामान रखबा कर दो वक्त की रोटी का अवसर दिया है l अमृतपुर निवासी दिव्यांग बुधपाल  सक्सेना उर्फ बाबा को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परचून का खोखा रखवा दिया। बुधपाल  शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। 7 वर्ष पहले बीमारी के चलते उसकी पत्नी का निधन हो गया था। गरीबी और लाचारी की जिंदगी जीने वाले दिव्यांग पर दो मासूम बच्चों का भी भार आ पड़ा, ना खेती न रोजगार और ना ही आय का कोई अन्य साधन। फिर भी वह किसी तरह अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहा है। उसकी स्थिति को देखने पर अजीत यादव ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया। इसके तहत उन्होंने न सिर्फ खोखा ही नहीं रखवाया बल्कि उसमें परचून का पूरा सामान भी भरवाकर उन्हें सौंप दिया जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष चंद्रपाल यादव की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें चंद्रपाल यादव एवं अजीत यादव ने फीता काटकर खोखे का उद्घाटन किया।इस पहल के साथ अजीत ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि वह लगातार गरीब असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए अपनी पहचान बनाए हुए हैं। ऐसे लोग जिनके पास कोई सहारा नहीं है और जिनका जीवन यापन कठिन है, उनके लिए वह फरिश्ता बनकर कार्य करते रहेंगे।

दिव्यांग ने इस सहयोग के लिए अजीत यादव एवं समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
गौ सेवकों ने की,नवरात्रि पर बंद हो चिकन मटन की दुकाने

अमृतपुर फर्रुखाबाद l नवरात्रि  पर अवैध रूप से संचालित मीट एवं अंडे की दुकानों को बंद कराने की मांग की है l क्षेत्र के कुछ लोगों ने थाना अध्यक्ष को पत्र देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पत्र में कहा है कि नवरात्रि के दौरान अधिकांश लोग धार्मिक आस्था के चलते मांसाहार से परहेज करते हैं। फ़िर भी क्षेत्र में मीट एवं अंडे की दुकानें खुलेआम चल रही हैं, जिससे लोगों की इन दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़कों पर फैल जाता है जिससे गंदगी व दुर्गन्ध बढ़ रही है। आवारा कुत्ते हड्डियां व अन्य अवशेष लेकर सड़कों पर घूमते हैं जिससे आम जनमानस को परेशानी और भय का सामना करना पड़ रहा है।प्रार्थना पत्र में थाना पुलिस से मांग की गई है कि नवरात्रि के दौरान ऐसी अवैध दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराई जाए ताकि क्षेत्र में स्वच्छता और शांति बनी रहे, साथ ही लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो सके।प्रार्थना पत्र दलबीर सिंह गौ रक्षक अक्षय प्रताप व अभय चौहान द्वारा दिया गया है। पुलिस ने प्रार्थना पत्र लेने के बाद जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।