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पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आजमगढ़: टेट अनिवार्यता को खत्म करने को लेकर शिक्षकों ने फूका बिगुल, 4 अप्रैल को दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन , सरकार के समक्ष रखेंगे अपनी बात
आजमगढ़। टेट अनिवार्यता खत्म करने को लेकर शिक्षक लामबंद है।अब वे आर पार की लड़ाई का मन बना लिया है। और संघर्ष की तैयारी में जुट गये है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने 4 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कूंच करने का एलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान के बाद शिक्षक धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की कवायद तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिमन्यु यादव ने जनपद के सभी ब्लॉकों के अध्यक्ष मंत्री एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंत्री व उनके कार्य समिति के सदस्यों शिक्षक शिक्षिकाओं से आह्वान किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है कि 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर भारत सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे । उन्होंने कहा कि वे कमर कस कर तैयार हो जाएं। कहा कि प्रदेश में जनपद का प्रतिनिधित्व प्रदेश में सबसे अधिक होना चाहिए । श्री यादव ने कहा कि शिक्षक भर्ती के समय सारी आहर्ता पूरा किया है। अब टेट की अनिवार्यता थोपा जाना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर अपनी बात सरकार के समक्ष रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि टेट अनिवार्यता खत्म होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, दिए अधिकारियों को निर्देश

  • जनसुनवाई में 117 आवेदन प्राप्त हुए

भोपाल। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 117 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम अंकुर मेश्राम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर सिंह ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी उ0प्र0 में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियो का सम्मान समारोह।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रकाश डी0 पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों व महिला अनुसेवको का सम्मान समारोह जीआरपी मुख्यालय लखनऊ में आयोजित किया गया।इस अवसर पर जीआरपी में ड्यूटी के दौरान सराहनीय कार्य करने वाली चयनित महिला पुलिसकर्मियों 1. म0हे0का0 निर्दोष कुमारी जीआरपी थाना सीतापुर 2. म0हे0का0 रीता सिंह जीआरपी थाना उन्नाव 3. म0हे0का0 रजनी कुमारी जीआरपी थाना बड़ौत 4. म0हे0का0 गोदावरी ओझा जीआरपी थाना गोरखपुर 5. म0हे0का0 कविता राय जीआरपी थाना देवरिया 6. म0हे0का0 दिप्ती जीआरपी थाना टुण्डला 7. म0हे0का0 राजरानी जीआरपी थाना मथुरा 8.म0हे0का0 प्रयिंका देवी जीआरपी थाना प्रयागराज 9.म0का0 सुमन यादव जीआरपी थाना प्रयागराज 10. म0का0 अनुराधा देवी जी आर पी थाना कर्वी 11. म0का0 प्रकांक्षा जीआरपी थाना झांसी एव महिला अनुसेवक 1.सीता रानी यादव 2.बबिता जीआरपी मुख्यालय लखनऊ को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित कार्यों की सराहना की गई।महिला पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सहायता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी दक्षता संवेदनशीलता एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।महिला सुरक्षा हेतु चलाये जा रहे अभियान “मिशन-शक्ति” के अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियो को जागरुक करने में महिला पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहता है।द्वारा पुलिसकर्मियों को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर रोहित मिश्रा पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ व अनिल कुमार अपर पुलिस अधीक्षक (स्टाफ_ ऑफिसर) भी उपस्थित रहे।

मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न उद्यमियो की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों की उपस्थिति में संपन्न हुई।बैठक में क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमियों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर चर्चा की गई।मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओ का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए जिससे उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए। बैठक में रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है इसलिए संबंधित विभाग इनके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समयसीमा के बाद लंबित सभी मामलों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल पारदर्शी और समयबद्ध बनाना औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है तथा निवेशको का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणो की स्थिति की जानकारी दी गई।मंडल में कुल 16,663 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें से 15,027 का निस्तारण किया जा चुका है। जनपदवार आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 8,837, फतेहपुर में 3,868, प्रतापगढ़ में 2,305 तथा कौशांबी में 1,653 प्रकरण दर्ज किए गए।बैठक के दौरान मंडलायुक्त द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों (सुनील यादव, एच.आर प्रमुख-जय भारत एसोसिएट सुशील कुमार पाण्डेय एच.आर प्रमुख-हबीली सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड उमेश चन्द्र द्विवेदी असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-सोनाटा फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सूबेदार मेजर राम लखन पाल पार्टनर-गरुड़ा सेक्युर्टी सर्विसेस इलाहाबाद) को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने इन इकाइयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं।उद्यमियों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए जिस पर मंडलायुक्त ने उनसे कहा कि वे अपने सुझावों को लिखित प्रस्ताव के रूप में उपलब्ध कराएं ताकि उसे शासन को भेजकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी चर्चा की गई।इस दौरान आर.एम. यूपीएसआईडीए को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि औद्योगिक इकाइयो की गतिविधियां प्रभावित न हो।बैठक में समस्त एलडीएम संबंधित विभागो के अधिकारी तथा उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया द्वारा किया गया।

उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम
लखनऊ। उप्र राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) आज जनपद लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार  उपाध्यक्ष सुबह 10:30 बजे विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ से प्रस्थान कर 11 बजे उप्र राज्य महिला आयोग के सभागार, तृतीय तल, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ पहुँचेंगी। वहाँ उपाध्यक्ष महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा अन्य जनपदीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के समाधान के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करेंगी। बैठक के बाद उपाध्यक्ष द्वारा महिला जनसुनवाई भी की जाएगी, जिसमें पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इसके अलावा उपाध्यक्ष 12:45 बजे राज्य महिला आयोग सभागार, गोमतीनगर से प्रस्थान कर 1 बजे वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह केन्द्र का निरीक्षण करेंगी तथा वहीं आयोजित महिलाओं की गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। इसके बाद उपाध्यक्ष 1:30 बजे वन वन स्टॉप सेन्टर  से होकर 1:45 बजे लोक बन्धु चिकित्सालय, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी तथा आयोजित किट वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी। उक्त कार्यक्रमों के माध्यम से उपाध्यक्ष की ओर से महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।
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पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आजमगढ़: टेट अनिवार्यता को खत्म करने को लेकर शिक्षकों ने फूका बिगुल, 4 अप्रैल को दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन , सरकार के समक्ष रखेंगे अपनी बात
आजमगढ़। टेट अनिवार्यता खत्म करने को लेकर शिक्षक लामबंद है।अब वे आर पार की लड़ाई का मन बना लिया है। और संघर्ष की तैयारी में जुट गये है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने 4 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कूंच करने का एलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान के बाद शिक्षक धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की कवायद तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिमन्यु यादव ने जनपद के सभी ब्लॉकों के अध्यक्ष मंत्री एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंत्री व उनके कार्य समिति के सदस्यों शिक्षक शिक्षिकाओं से आह्वान किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है कि 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर भारत सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे । उन्होंने कहा कि वे कमर कस कर तैयार हो जाएं। कहा कि प्रदेश में जनपद का प्रतिनिधित्व प्रदेश में सबसे अधिक होना चाहिए । श्री यादव ने कहा कि शिक्षक भर्ती के समय सारी आहर्ता पूरा किया है। अब टेट की अनिवार्यता थोपा जाना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर अपनी बात सरकार के समक्ष रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि टेट अनिवार्यता खत्म होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

जनसुनवाई में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं, दिए अधिकारियों को निर्देश

  • जनसुनवाई में 117 आवेदन प्राप्त हुए

भोपाल। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 117 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम अंकुर मेश्राम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर सिंह ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर

  • 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत

खान आशु 

भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।

कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।

  • सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें

रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।

इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।

इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।

  • 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र

इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।

इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।

  • ऐसे बढ़ा कुनबा

वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी उ0प्र0 में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियो का सम्मान समारोह।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रकाश डी0 पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दृष्टिगत जीआरपी में सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों व महिला अनुसेवको का सम्मान समारोह जीआरपी मुख्यालय लखनऊ में आयोजित किया गया।इस अवसर पर जीआरपी में ड्यूटी के दौरान सराहनीय कार्य करने वाली चयनित महिला पुलिसकर्मियों 1. म0हे0का0 निर्दोष कुमारी जीआरपी थाना सीतापुर 2. म0हे0का0 रीता सिंह जीआरपी थाना उन्नाव 3. म0हे0का0 रजनी कुमारी जीआरपी थाना बड़ौत 4. म0हे0का0 गोदावरी ओझा जीआरपी थाना गोरखपुर 5. म0हे0का0 कविता राय जीआरपी थाना देवरिया 6. म0हे0का0 दिप्ती जीआरपी थाना टुण्डला 7. म0हे0का0 राजरानी जीआरपी थाना मथुरा 8.म0हे0का0 प्रयिंका देवी जीआरपी थाना प्रयागराज 9.म0का0 सुमन यादव जीआरपी थाना प्रयागराज 10. म0का0 अनुराधा देवी जी आर पी थाना कर्वी 11. म0का0 प्रकांक्षा जीआरपी थाना झांसी एव महिला अनुसेवक 1.सीता रानी यादव 2.बबिता जीआरपी मुख्यालय लखनऊ को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित कार्यों की सराहना की गई।महिला पुलिसकर्मी रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सहायता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी दक्षता संवेदनशीलता एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।महिला सुरक्षा हेतु चलाये जा रहे अभियान “मिशन-शक्ति” के अन्तर्गत रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों में यात्रा करने वाली महिला यात्रियो को जागरुक करने में महिला पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहता है।द्वारा पुलिसकर्मियों को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर रोहित मिश्रा पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ व अनिल कुमार अपर पुलिस अधीक्षक (स्टाफ_ ऑफिसर) भी उपस्थित रहे।

मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्पन्न उद्यमियो की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंडलीय उद्योग बंधु समिति की बैठक सम्बंधित विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों की उपस्थिति में संपन्न हुई।बैठक में क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमियों से जुड़ी समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर चर्चा की गई।मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उद्यमियों की समस्याओ का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए जिससे उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न आए। बैठक में रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है इसलिए संबंधित विभाग इनके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि समयसीमा के बाद लंबित सभी मामलों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल पारदर्शी और समयबद्ध बनाना औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है तथा निवेशको का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणो की स्थिति की जानकारी दी गई।मंडल में कुल 16,663 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें से 15,027 का निस्तारण किया जा चुका है। जनपदवार आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में 8,837, फतेहपुर में 3,868, प्रतापगढ़ में 2,305 तथा कौशांबी में 1,653 प्रकरण दर्ज किए गए।बैठक के दौरान मंडलायुक्त द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 4 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों (सुनील यादव, एच.आर प्रमुख-जय भारत एसोसिएट सुशील कुमार पाण्डेय एच.आर प्रमुख-हबीली सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड उमेश चन्द्र द्विवेदी असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट-सोनाटा फ़ाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सूबेदार मेजर राम लखन पाल पार्टनर-गरुड़ा सेक्युर्टी सर्विसेस इलाहाबाद) को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।उन्होंने इन इकाइयों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास क्षेत्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक वातावरण को सुदृढ़ बनाने में सहायक हैं।उद्यमियों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए जिस पर मंडलायुक्त ने उनसे कहा कि वे अपने सुझावों को लिखित प्रस्ताव के रूप में उपलब्ध कराएं ताकि उसे शासन को भेजकर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर भी चर्चा की गई।इस दौरान आर.एम. यूपीएसआईडीए को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि औद्योगिक इकाइयो की गतिविधियां प्रभावित न हो।बैठक में समस्त एलडीएम संबंधित विभागो के अधिकारी तथा उद्यमी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया द्वारा किया गया।

उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम
लखनऊ। उप्र राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) आज जनपद लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार  उपाध्यक्ष सुबह 10:30 बजे विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ से प्रस्थान कर 11 बजे उप्र राज्य महिला आयोग के सभागार, तृतीय तल, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ पहुँचेंगी। वहाँ उपाध्यक्ष महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा अन्य जनपदीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के समाधान के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करेंगी। बैठक के बाद उपाध्यक्ष द्वारा महिला जनसुनवाई भी की जाएगी, जिसमें पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इसके अलावा उपाध्यक्ष 12:45 बजे राज्य महिला आयोग सभागार, गोमतीनगर से प्रस्थान कर 1 बजे वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह केन्द्र का निरीक्षण करेंगी तथा वहीं आयोजित महिलाओं की गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। इसके बाद उपाध्यक्ष 1:30 बजे वन वन स्टॉप सेन्टर  से होकर 1:45 बजे लोक बन्धु चिकित्सालय, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी तथा आयोजित किट वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी। उक्त कार्यक्रमों के माध्यम से उपाध्यक्ष की ओर से महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।