मैनपुरी में बड़ा हादसा : रात में कच्ची दीवार गिरने से मां और दो बच्चों की मृत्यु, पिता समेत दो बेटियां घायल

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में बीती रात टीन शेड कच्ची दीवार और ऊपर लगी टीन शेड के गिरने से नीचे साे रही मां रूबी और दो बच्चों की मौत हो गई जबकि पिता ब्रजेश व दाे बेटियां गंभीर रूप से घायल हैं। घायलाें काे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मैनपुरी के थानाक्षेत्र कुरावली अंतर्गत ग्राम अठ पुरा में मंगलवार को देर रात्रि करीब 12 बजे ब्रजेश (50) पुत्र लाल सिंह के घर की कच्ची दीवार व टीनशेड अचानक गिर गयी । तीन शेड के नीचे बृजेश, बृजेश की पत्नी और चार छोटे बच्चे सो रहे थे। कच्ची दीवार और तीन शेड अचानक गिरने से गहरी नींद में सो रहे परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला और दीवार व टीनशेड के नीचे दबकर ब्रजेश की पत्नी रूबी (40) , बेटा दिलीप (08) और बेटी देवी (13) की मौके पर मौत हो गई। चीख पुकार से ग्रामीण व पड़ोसी ब्रजेश के घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

हादसे में घायल ब्रजेश , गुडिया (15 ) एवं पल्लवी (05 वर्ष) काे पुलिस द्वारा मौके पर पहुॅचकर घायलों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया । मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही हैं। गाँव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ मृत्यु हो जाने के बाद गांव में माहौल बहुत गमगीन है। पीड़ित परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि बृजेश के घर में पुरानी कच्ची दीवार पर टीन शेड पड़ा हुआ था। इस दीवार को पक्की बनाने के लिए कच्ची दीवार के निकट ही नींव खोदी गई थी,जिसमें पानी भरा था। इस पानी की सीलन के चलते ही दीवार गिरने की बात कही जा रही है।

इंस्पेक्टर कुरावली ललित भाटी ने बताया कि एक ही परिवार में एक महिला व उसके दो बच्चों की दीवार में दबने से मृत्यु हो गई है मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेज दिया गया है।घायलों को अस्पताल में भर्ती कर दिया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी रहस्यमय तरीके से लापता, 29 जनवरी से नहीं मिला सुराग
* पत्नी ने दर्ज कराई गुमशुदगी, विवादों और आरोपों के बीच गायब होने से राजनीतिक हलकों में हलचल

सहारनपुर। जिले की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी के रहस्यमय तरीके से लापता होने की जानकारी सामने आई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह 29 जनवरी 2026 से घर से गायब हैं और अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सदर बाजार थाना पुलिस के सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, GD संख्या 049 दिनांक 01 फरवरी 2026 में पुनीत त्यागी की पत्नी ममता त्यागी ने उनके लापता होने की लिखित सूचना दी थी। तहरीर में बताया गया है कि 29 जनवरी को पुनीत त्यागी बिना किसी को बताए घर से कहीं चले गए और उसके बाद वापस नहीं लौटे। पुलिस ने मामले की जांच थाना प्रभारी के निर्देश पर उपनिरीक्षक विमल कुमार सैनी को सौंप दी है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पुनीत त्यागी के लापता होने के पीछे केवल निजी कारण ही नहीं, बल्कि एक विवाद भी चर्चा में है। जानकारी मिली है कि एक अभिनेत्री ने उन पर अकेलेपन का फायदा उठाकर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि इस मामले में भाजपा के एक प्रदेश स्तर के नेता की मध्यस्थता से समझौते की कोशिशें भी हुई थीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कई विधायकों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से करीबी संबंध होने के बावजूद उनकी गुमशुदगी की खबर लंबे समय तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि पुनीत त्यागी आईटीसी कंपनी में कार्यरत थे और वर्तमान में भी उनका वेतन जारी है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उनके अचानक गायब होने के पीछे क्या वजह है—राजनीतिक दबाव, कानूनी विवाद या कोई व्यक्तिगत संकट।
फिलहाल सहारनपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह देखना बाकी है कि यह मामला केवल गुमशुदगी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा रहस्य छिपा है। जिले में इस समय पुनीत त्यागी का लापता होना चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
437 परिषदीय विद्यालय निपुण विद्यालय घोषित,छात्रों व शिक्षकों में उत्साह

*प्रशिक्षुओं ने शासन को भेजी थी रिपोर्ट

गोंडा।शिक्षा के क्षेत्र में जिले के परिषदीय विद्यालयों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल किया है जहाँ पर जिले के 437 परिषदीय विद्यालयों को निपुण भारत मिशन के अंतर्गत निपुण विद्यालय घोषित किया गया है।यह घोषणा डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई विस्तृत आंकलन रिपोर्ट के आधार पर किया गया है,जिसमें इन स्कूलों के छात्रों ने शैक्षिक मानकों को पूरा किया है।बताते चलें कि फरवरी महीने में डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिले के विभिन्न स्कूलों में भेजा गया था।इन प्रशिक्षुओं ने सीधे बच्चों के साथ संवाद कर उनके पठन पाठन,गणितीय कौशल और बुनियादी साक्षरता का आंकलन किया।प्रशिक्षुओं द्वारा शासन को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर इन विद्यालयों का चयन किया गया है।बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने चयनित स्कूलों की सूची जारी करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विशेष निर्देश दिए हैं,जिसके क्रम में सभी 437 परिषदीय विद्यालयों की दीवारों पर अब निपुण विद्यालय का लोगो पेंट कराया जाएगा।बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन स्कूलों को विभाग की तरफ से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि जिले में यह योजना वर्ष 2023 से संचालित की जा रही है।उन्होंने कहा कि 437 विद्यालयों का निपुण घोषित होना विभाग और शिक्षकों के परिश्रम का परिणाम है।आगामी समय में प्रयास किया जाएगा कि इससे दोगुना विद्यालय निपुण विद्यालय घोषित हों।अमित सिंह ने यह भी बताया कि विभाग का लक्ष्य यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि आने वाले समय में जिले के अन्य स्कूलों को भी इस श्रेणी में लाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे।इस घोषणा से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है,और विभाग का मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।उन्होंने कहा कि सभी को इसी तरीके से काम करना चाहिए ताकि उनके विद्यालय भी निपुण विद्यालय बन सकें और उनका भी नाम जिले में हो  सके।
द्दोप‌इला प्राचीन मंदिर की है महिमा अपरंपार, नि:संतान दंपति को मिलता है संतान का सुख
नितेश श्रीवास्तव

भदोही । कोतवाली क्षेत्र ज्ञानपुर में प्राचीन द्दोप‌इला मंदिर को लोग संतान प्राप्ति के लिए जानते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिसको कोई संतान नहीं होती है, वो यहां पर आकर मन्नतें मांगते हैं हैं‌। इसके बाद मां दुर्गा स्वप्न या फिर कुछ संकेत देती हैं, जिसे पूरा करने के बाद संतान की प्राप्ति होती है। ज्ञानपुर के भुड़की गांव में एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां मां दुर्गा अपने भक्तों को संतान देती हैं। यहां पर सालों से लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं‌। इसे दुर्गा मंदिर को द्दोप‌इला मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर को लोग संतान प्राप्ति सके लिए जानते हैं. क्योंकि दशकों से जिसको कोई संतान नहीं होती है, वो यहां पर आकर मन्नतें मांगते हैं। तो मां दुर्गा स्वप्न में या फिर कुछ संकेत देती हैं। जिसे पूरा करने के बाद संतान की प्राप्ति होती है।
इस मंदिर के पुजारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मेरे दादा द्वारा प्राप्त संतान जो मां दुर्गा मंदिर के स्थापना के बाद प्राप्त हुआ। तो मेरे पिता का नाम दुर्गा प्रसाद रखा गया।यहां हर नवरात्र में भक्तों का तांता लगता है। दूर दराज के लोग यहां पहुंचकर दर्शन पूजन करते हैं। मंदिर पर विभिन्न प्रकार का अनुष्ठान भी पूरे नव दिनों तक चलता है।  मंदिर के सामने एक विशाल सरोवर भी स्थित है।
कल से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्र, डोली पर आएंगी मां दुर्गा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नव संवत्सर की शुरुआत के साथ कल  से चैत्र नवरात्र का महापर्व आरंभ होगा. इस बार नवरात्र कई शुभ योगों के विशेष संयोग के साथ आ रहे हैं. इस वर्ष माता दुर्गा की सवारी डोली/पालकी पर सवार होकर आ रही है, जिसे सामान्यतः जनकल्याणकारी और शांति का प्रतीक माना जाता है. साथ ही नवरात्र के दौरान कई दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो साधना, जप और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसे में इस बार के नवरात्र श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी माने जा रहे हैं। आचार्य शरद पांडे ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र पूरे नौ दिन का होगा।  चैत्र नवरात्र के साथ ही हिंदू नववर्ष का भी आरंभ होता है. यह समय शक्ति साधना, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का विशेष अवसर होता है. नवरात्र के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं और घरों व मंदिरों में घट स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. मंदिरों में इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं और श्रद्धालु भी पूजा सामग्री की तैयारी में जुट गए हैं.
यूपी रेरा ने 13 जिलों की 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी, ₹6,800 करोड़ से अधिक का निवेश
* 7,830 आवासीय- व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी; निवेश और परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर सबसे आगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 13 जिलों की 24 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल ₹6,841.85 करोड़ का अनुमानित निवेश होगा और इनके माध्यम से लगभग 7,830 आवासीय व व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इससे प्रदेश में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलने के साथ आवास और व्यावसायिक अवसंरचना का विस्तार होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं को मंजूरी यूपी रेरा की 198वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई, जो प्राधिकरण मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो नियामकीय मानकों और आवश्यक अनुपालन शर्तों पर खरी उतरीं।
स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें प्लॉट, विला और दुकानों का विकास किया जाएगा, जिससे शहरी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

* गौतमबुद्ध नगर निवेश में अव्वल
स्वीकृत परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर निवेश, परियोजनाओं की संख्या और विकसित होने वाली यूनिट्स के मामले में सबसे आगे रहा। यहां ₹5,218.41 करोड़ के निवेश वाली 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 2,969 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 व्यावसायिक, 1 आवासीय और 1 मिक्स्ड-यूज़ परियोजना शामिल है।

* लखनऊ दूसरे स्थान पर
राजधानी लखनऊ परियोजनाओं की संख्या और यूनिट्स के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। यहां ₹132.65 करोड़ के निवेश वाली 4 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनके तहत 651 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 आवासीय और 1 व्यावसायिक परियोजना शामिल है।

* अन्य जिलों में भी परियोजनाएं
आगरा में ₹162.75 करोड़ के निवेश से 3 आवासीय परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें 312 यूनिट्स विकसित होंगी।
गाजियाबाद में ₹83.85 करोड़ के निवेश से 3 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 468 यूनिट्स विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा:
* मथुरा – ₹9.13 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (136 यूनिट्स)
* सहारनपुर – ₹324.95 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (803 यूनिट्स)
* मेरठ – ₹183.63 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (167 यूनिट्स)
* बागपत – ₹11.25 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (97 यूनिट्स)
* गोरखपुर – ₹30 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (182 यूनिट्स)
* वाराणसी – ₹11.20 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (65 यूनिट्स)
* बांदा – ₹86.84 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (501 यूनिट्स)
* हापुड़ – ₹128.10 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (912 यूनिट्स)
- बाराबंकी – ₹459.09 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (567 यूनिट्स)

* रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इन परियोजनाओं में ₹6,800 करोड़ से अधिक के निवेश से निर्माण कार्यों के दौरान और उसके बाद भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी मांग बढ़ेगी।
* निवेशकों का भरोसा बढ़ा
प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य सरकार की नीतियों और यूपी रेरा की निगरानी का परिणाम माना जा रहा है। पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया और सख्त नियामकीय व्यवस्था से निवेशकों और गृहखरीदारों का भरोसा मजबूत हुआ है।
* अध्यक्ष का बयान
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, नियामकीय अनुपालन और परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सुव्यवस्थित स्वीकृति प्रक्रिया जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देती है और निवेशकों व गृहखरीदारों दोनों का विश्वास मजबूत करती है।
दिल्ली के साध नगर में इमारत में लगी भीषण आग, छह लोगों की मौत

#massivefirehasbrokenoutindelhissadh_nagar

दिल्ली के पालम इलाके की एक बिल्डिंग में भीषण आग लग गई है। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है। आग की सूचना मिलते ही मौके पर करीब 30 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं। आग बुझाने का काम जारी है। पालम इलाके में लगी इस भीषण आग कई लोगों के फंसे होने की भी आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी और कर्मचारी आग पर काबू पाने की कवायद में जुटे हैं।

आग के कारण बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता हुआ बंद

जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत सुबह ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक कॉस्मेटिक दुकान से हुई। देखते ही देखते आग ने ऊपरी मंजिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे भवन में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय इमारत में कुल 18 लोग मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया, जिससे कई लोग अंदर ही फंस गए।

कई लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग लगाई

आग तेजी से फैली और इमारत के अंदर धुएं का गुबार छा गया। इस कारण अंदर रह रहे लोग बाहर नहीं निकल पाए और मदद के लिए पुकारने लगे। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 30 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

ग्राउंड फ्लोर कई दुकानें, ऊपर रहता है परिवार

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग इलाके में पालम कॉलोनी की गली नंबर 2 में है। इसमें राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार रहता है। परिवार के तकरीबन 15 लोग हैं। राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी है और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है, जिसकी बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं। ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं।

मिजोरम में 6 यूक्रेनियों की गिरफ्तारी, कीव ने दर्ज कराया विरोध, जानें क्या है पूरा मामला?

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भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र से राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने यहां छह यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इन पर अवैध रूप से मिजोरम में प्रवेश करने और फिर पड़ोसी देश म्यांमार जाकर उग्रवादियों को लड़ाई की ट्रेनिंग देने का आरोप है।यूक्रेन की सरकार ने विदेश मंत्रालय के समक्ष अपने इन नागरिकों की गिरफ्तारी का विरोध दर्ज कराते हुए उनकी तत्काल रिहाई और आसान कॉन्सुलर पहुंच दिए जाने की मांग की है।

क्रेनी नागरिकों को मिजोरम में अवैध रूप से प्रवेश करने और वहां से म्यांमार की सीमा में दाखिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में यूक्रेनियों के अलावा एक अमेरिकी नागरिक को भी पकड़ा गया है। इन सभी को 16 मार्च को कोर्ट में पेश किया गया, जहां इन्हें 27 मार्च तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

मिजोरम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य

जांच एजेंसियों का दावा है कि ये सभी विदेशी नागरिक मिजोरम पहुंचे थे, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य माना जाता है। यह राज्य म्यांमार के साथ लगभग 510 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। इस क्षेत्र में विदेशी नागरिकों के प्रवेश के लिए ‘रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट’ (RAP) अनिवार्य होता है, लेकिन आरोप है कि इन लोगों ने बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश किया।

मिजोरम में बिना विशेष परमिट के घुसने का आरोप

यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "13 मार्च 2026 को, भारत गणराज्य में यूक्रेन के छह नागरिकों को हिरासत में लिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन पर मिजोरम राज्य में बिना अनुमति के मौजूद होने का आरोप है—जिस राज्य में प्रवेश के लिए एक विशेष परमिट की आवश्यकता होती है—साथ ही उन पर भारत और म्यांमार के बीच की राज्य सीमा को कथित तौर पर अवैध रूप से पार करने का भी आरोप है। फिलहाल, भारत के संबंधित अधिकारी इस मामले में आवश्यक जांच-पड़ताल कर रहे हैं।"

गैर-कानूनी गतिविधियों पुख्ता सबूत नहीं

यूक्रेन ने दावा किया, "अभी तक, ऐसे कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं जो यह साबित करते हों कि इन यूक्रेनी नागरिकों का भारत या म्यांमार की धरती पर किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों में कोई हाथ है। इसके साथ ही, कुछ मीडिया रिपोर्टों में—जिनमें कुछ भारतीय और रूसी मीडिया आउटलेट भी शामिल हैं—उपलब्ध तथ्यों की गलत व्याख्या की गई है; ये रिपोर्टें भ्रामक प्रकृति की हैं और इनमें बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं।"

SheIVF Aims to Simplify the Fertility Journey for Patients Exploring IVF and Surrogacy

For many families, the journey to parenthood can take unexpected turns. While some couples

conceive naturally, others explore medical options to overcome fertility challenges.

Advancements in reproductive medicine have made treatments such as In Vitro Fertilization

(IVF) increasingly accessible. At the same time, growing awareness about reproductive health

has encouraged more people to explore assisted reproductive technologies.

However, access to treatment alone does not always solve the challenges patients face.

Understanding the IVF process, navigating fertility clinics, and learning about legal

considerations related to surrogacy often require significant research.

To help simplify this process, informational platforms are emerging to provide guidance and

educational resources for intended parents.

One such initiative is SheIVF (sheivf.com), a digital platform focused on fertility awareness, IVF

education, and guidance related to surrogacy in India.

The Importance of Reliable Fertility Information

The internet offers a vast amount of health-related information, but not all sources provide

accurate or easy-to-understand insights.

For individuals exploring fertility treatments, conflicting information can create confusion and

anxiety.

Educational platforms dedicated to fertility awareness aim to organize and present information

in a clear and structured way.

By helping individuals understand the basics of IVF and surrogacy, these platforms allow

patients to approach fertility treatment with greater confidence.

IVF: A Medical Breakthrough in Reproductive Science

Since its introduction decades ago, IVF has helped millions of families around the world. The

treatment allows fertilization to occur outside the body in a laboratory setting before transferring

the embryo into the uterus.

While the procedure is medically advanced, understanding the basic steps can help reduce

uncertainty for patients.

Typical stages of IVF include:

● Fertility testing and evaluation

● Hormonal stimulation

● Egg retrieval procedures

● Laboratory fertilization

● Embryo monitoring

● Embryo transfer

Each stage requires medical supervision and careful planning.

Educational guidance can help patients prepare for these steps and understand the overall

treatment timeline.

Surrogacy as an Alternative Path to Parenthood

For individuals unable to carry a pregnancy, surrogacy can provide an alternative route to

parenthood.

However, the process involves legal, medical, and ethical considerations that must be carefully

understood.

India has introduced regulatory measures designed to ensure ethical practices in surrogacy

arrangements. Intended parents must meet specific eligibility criteria and follow legal

procedures before beginning the process.

Access to reliable information about these regulations helps individuals make informed

decisions.

Bridging the Information Gap

One of the biggest challenges faced by intended parents is the lack of structured information

about fertility treatment options.

Research often begins with online searches about IVF success rates, fertility clinics, treatment

costs, and patient experiences.

Platforms like SheIVF aim to bridge this information gap by offering organized insights into

fertility treatments, patient preparation, and reproductive healthcare options.

Supporting Patients Through Knowledge

While medical professionals provide the treatment itself, informational platforms can help

individuals understand the journey before they reach the clinic.

By presenting clear explanations of IVF and surrogacy processes, platforms like SheIVF

contribute to greater fertility awareness.

As conversations about reproductive health continue to expand, access to reliable information

will remain an important part of helping individuals navigate their path toward parenthood.

अदाणी एयरपोर्ट और इंडिगो की साझेदारी से ड्यूटी-फ्री खरीदारी पर मिलेंगे इंडिगो ब्लूचिप्स

भारत  17 मार्च, 2026: भारत की पसंदीदा एयरलाइन इंडिगो और देश की सबसे बड़ी निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत अब इंडिगो ब्लूचिप के सदस्य एएएचएल द्वारा संचालित एयरपोर्ट्स पर ड्यूटी-फ्री खरीदारी करने पर भी रिवॉर्ड कमा सकेंगे।
इस साझेदारी के तहत सदस्य अदाणी प्लेटफॉर्म के जरिए पहले से बुक किए गए ड्यूटी-फ्री प्रोडक्ट्स पर हर 100 रुपए खर्च करने पर पांच इंडिगो ब्लूचिप्स अर्जित कर सकेंगे। यात्री यात्रा से पहले ऑनलाइन प्रोडक्ट्स देख सकते हैं, उन्हें रिज़र्व और भुगतान कर सकते हैं, और फिर एयरपोर्ट पर आसानी से अपनी खरीदारी प्राप्त कर सकते हैं।
नीतन चोपड़ा, चीफ डिजिटल और इंफॉर्मेशन ऑफिसर, इंडिगो, ने कहा, "इंडिगो में हम अपने लॉयल्टी प्रोग्राम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अदाणी ड्यूटी-फ्री के साथ यह साझेदारी उड़ानों से आगे बढ़कर ग्राहकों को उपयोगी रिवॉर्ड देने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, जिससे यात्रा का हर कदम यात्रियों के लिए और फायदेमंद बनता है। इंडिगो के व्यापक नेटवर्क और अदाणी के प्रीमियम ड्यूटी-फ्री अनुभव को साथ लाकर हमें खुशी है कि हम देशभर के लाखों यात्रियों को ज्यादा सुविधा, विकल्प और बेहतर अनुभव दे पा रहे हैं।"
सुचित बंसल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ)- नॉन-एरो, एएएचएल, ने कहा, "हम अदाणी प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल सर्च, प्री-ऑर्डर की सुविधा और आसान कलेक्शन को जोड़कर एयरपोर्ट पर खरीदारी के तरीके को बदल रहे हैं। इंडिगो के साथ हमारी यह साझेदारी भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन

और देश के सबसे बड़े निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर को एक साथ लाती है, जिससे यात्रियों को ज्यादा जुड़ा हुआ और फायदेमंद ट्रैवल रिटेल अनुभव मिलेगा।"
ग्राहक एक खास पोर्टल के जरिए लॉग-इन कर सकते हैं, अपनी इंडिगो ब्लूचिप मेंबरशिप आईडी लिंक कर सकते हैं और खरीदारी पूरी करने के 24-48 घंटे के भीतर अपने खर्च के आधार पर ब्लूचिप्स प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सुविधा, लॉयल्टी लाभ और एयरपोर्ट रिटेल को एक साथ जोड़कर यात्रियों को और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम के तहत ड्यूटी-फ्री स्टोर्स अभी मुंबई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, मंगलुरु और लखनऊ के एयरपोर्ट पर उपलब्ध हैं। जल्द ही इसे गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एलजीबीआईए) और नए शुरू हुए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) पर भी शुरू करने की योजना है।
इंडिगो हर दिन 2,000 से अधिक उड़ानों का संचालन करती है और दुनिया भर के 140 से ज्यादा डेस्टिनेशंस को जोड़ती है, जिनमें 95 से अधिक डोमेस्टिक और 40 से अधिक इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस शामिल हैं। इसी के साथ, फ्लीट के आकार और यात्री संख्या के आधार पर यह भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है।
एएएचएल भारत में आठ एयरपोर्ट संचालित करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं, साथ ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) भी, जो भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में से एक है और जहाँ 25 दिसंबर 2025 से व्यावसायिक संचालन शुरू हो चुका है।
इन सभी एयरपोर्ट्स पर हर साल करोड़ों यात्री आते-जाते हैं, जिससे एएएचएल भारत का सबसे बड़ा निजी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म बन गया है।


यह साझेदारी दोनों कंपनियों के उस व्यापक प्रयास को भी दर्शाती है, जिसके तहत वे डिजिटल ट्रैवल सिस्टम को और मजबूत बनाना चाहती हैं, ताकि यात्रियों को बुकिंग, यात्रा और एयरपोर्ट सेवाओं के दौरान एक ज्यादा जुड़ा हुआ और आसान अनुभव मिल सके।
मैनपुरी में बड़ा हादसा : रात में कच्ची दीवार गिरने से मां और दो बच्चों की मृत्यु, पिता समेत दो बेटियां घायल

लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी में बीती रात टीन शेड कच्ची दीवार और ऊपर लगी टीन शेड के गिरने से नीचे साे रही मां रूबी और दो बच्चों की मौत हो गई जबकि पिता ब्रजेश व दाे बेटियां गंभीर रूप से घायल हैं। घायलाें काे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मैनपुरी के थानाक्षेत्र कुरावली अंतर्गत ग्राम अठ पुरा में मंगलवार को देर रात्रि करीब 12 बजे ब्रजेश (50) पुत्र लाल सिंह के घर की कच्ची दीवार व टीनशेड अचानक गिर गयी । तीन शेड के नीचे बृजेश, बृजेश की पत्नी और चार छोटे बच्चे सो रहे थे। कच्ची दीवार और तीन शेड अचानक गिरने से गहरी नींद में सो रहे परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला और दीवार व टीनशेड के नीचे दबकर ब्रजेश की पत्नी रूबी (40) , बेटा दिलीप (08) और बेटी देवी (13) की मौके पर मौत हो गई। चीख पुकार से ग्रामीण व पड़ोसी ब्रजेश के घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

हादसे में घायल ब्रजेश , गुडिया (15 ) एवं पल्लवी (05 वर्ष) काे पुलिस द्वारा मौके पर पहुॅचकर घायलों को इलाज हेतु जिला चिकित्सालय भेजा गया । मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही हैं। गाँव में एक ही परिवार के तीन लोगों की एक साथ मृत्यु हो जाने के बाद गांव में माहौल बहुत गमगीन है। पीड़ित परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि बृजेश के घर में पुरानी कच्ची दीवार पर टीन शेड पड़ा हुआ था। इस दीवार को पक्की बनाने के लिए कच्ची दीवार के निकट ही नींव खोदी गई थी,जिसमें पानी भरा था। इस पानी की सीलन के चलते ही दीवार गिरने की बात कही जा रही है।

इंस्पेक्टर कुरावली ललित भाटी ने बताया कि एक ही परिवार में एक महिला व उसके दो बच्चों की दीवार में दबने से मृत्यु हो गई है मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेज दिया गया है।घायलों को अस्पताल में भर्ती कर दिया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी रहस्यमय तरीके से लापता, 29 जनवरी से नहीं मिला सुराग
* पत्नी ने दर्ज कराई गुमशुदगी, विवादों और आरोपों के बीच गायब होने से राजनीतिक हलकों में हलचल

सहारनपुर। जिले की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी के रहस्यमय तरीके से लापता होने की जानकारी सामने आई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह 29 जनवरी 2026 से घर से गायब हैं और अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सदर बाजार थाना पुलिस के सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, GD संख्या 049 दिनांक 01 फरवरी 2026 में पुनीत त्यागी की पत्नी ममता त्यागी ने उनके लापता होने की लिखित सूचना दी थी। तहरीर में बताया गया है कि 29 जनवरी को पुनीत त्यागी बिना किसी को बताए घर से कहीं चले गए और उसके बाद वापस नहीं लौटे। पुलिस ने मामले की जांच थाना प्रभारी के निर्देश पर उपनिरीक्षक विमल कुमार सैनी को सौंप दी है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पुनीत त्यागी के लापता होने के पीछे केवल निजी कारण ही नहीं, बल्कि एक विवाद भी चर्चा में है। जानकारी मिली है कि एक अभिनेत्री ने उन पर अकेलेपन का फायदा उठाकर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि इस मामले में भाजपा के एक प्रदेश स्तर के नेता की मध्यस्थता से समझौते की कोशिशें भी हुई थीं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कई विधायकों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से करीबी संबंध होने के बावजूद उनकी गुमशुदगी की खबर लंबे समय तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि पुनीत त्यागी आईटीसी कंपनी में कार्यरत थे और वर्तमान में भी उनका वेतन जारी है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उनके अचानक गायब होने के पीछे क्या वजह है—राजनीतिक दबाव, कानूनी विवाद या कोई व्यक्तिगत संकट।
फिलहाल सहारनपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह देखना बाकी है कि यह मामला केवल गुमशुदगी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा रहस्य छिपा है। जिले में इस समय पुनीत त्यागी का लापता होना चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
437 परिषदीय विद्यालय निपुण विद्यालय घोषित,छात्रों व शिक्षकों में उत्साह

*प्रशिक्षुओं ने शासन को भेजी थी रिपोर्ट

गोंडा।शिक्षा के क्षेत्र में जिले के परिषदीय विद्यालयों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल किया है जहाँ पर जिले के 437 परिषदीय विद्यालयों को निपुण भारत मिशन के अंतर्गत निपुण विद्यालय घोषित किया गया है।यह घोषणा डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई विस्तृत आंकलन रिपोर्ट के आधार पर किया गया है,जिसमें इन स्कूलों के छात्रों ने शैक्षिक मानकों को पूरा किया है।बताते चलें कि फरवरी महीने में डीएलएड प्रशिक्षुओं को जिले के विभिन्न स्कूलों में भेजा गया था।इन प्रशिक्षुओं ने सीधे बच्चों के साथ संवाद कर उनके पठन पाठन,गणितीय कौशल और बुनियादी साक्षरता का आंकलन किया।प्रशिक्षुओं द्वारा शासन को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर इन विद्यालयों का चयन किया गया है।बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने चयनित स्कूलों की सूची जारी करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विशेष निर्देश दिए हैं,जिसके क्रम में सभी 437 परिषदीय विद्यालयों की दीवारों पर अब निपुण विद्यालय का लोगो पेंट कराया जाएगा।बेहतर प्रदर्शन करने वाले इन स्कूलों को विभाग की तरफ से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि जिले में यह योजना वर्ष 2023 से संचालित की जा रही है।उन्होंने कहा कि 437 विद्यालयों का निपुण घोषित होना विभाग और शिक्षकों के परिश्रम का परिणाम है।आगामी समय में प्रयास किया जाएगा कि इससे दोगुना विद्यालय निपुण विद्यालय घोषित हों।अमित सिंह ने यह भी बताया कि विभाग का लक्ष्य यहीं समाप्त नहीं होता बल्कि आने वाले समय में जिले के अन्य स्कूलों को भी इस श्रेणी में लाने के लिए प्रयास तेज किए जाएंगे।इस घोषणा से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों में उत्साह देखा जा रहा है,और विभाग का मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।उन्होंने कहा कि सभी को इसी तरीके से काम करना चाहिए ताकि उनके विद्यालय भी निपुण विद्यालय बन सकें और उनका भी नाम जिले में हो  सके।
द्दोप‌इला प्राचीन मंदिर की है महिमा अपरंपार, नि:संतान दंपति को मिलता है संतान का सुख
नितेश श्रीवास्तव

भदोही । कोतवाली क्षेत्र ज्ञानपुर में प्राचीन द्दोप‌इला मंदिर को लोग संतान प्राप्ति के लिए जानते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिसको कोई संतान नहीं होती है, वो यहां पर आकर मन्नतें मांगते हैं हैं‌। इसके बाद मां दुर्गा स्वप्न या फिर कुछ संकेत देती हैं, जिसे पूरा करने के बाद संतान की प्राप्ति होती है। ज्ञानपुर के भुड़की गांव में एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां मां दुर्गा अपने भक्तों को संतान देती हैं। यहां पर सालों से लोग संतान प्राप्ति की कामना लेकर आते हैं‌। इसे दुर्गा मंदिर को द्दोप‌इला मंदिर कहा जाता है। इस मंदिर को लोग संतान प्राप्ति सके लिए जानते हैं. क्योंकि दशकों से जिसको कोई संतान नहीं होती है, वो यहां पर आकर मन्नतें मांगते हैं। तो मां दुर्गा स्वप्न में या फिर कुछ संकेत देती हैं। जिसे पूरा करने के बाद संतान की प्राप्ति होती है।
इस मंदिर के पुजारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मेरे दादा द्वारा प्राप्त संतान जो मां दुर्गा मंदिर के स्थापना के बाद प्राप्त हुआ। तो मेरे पिता का नाम दुर्गा प्रसाद रखा गया।यहां हर नवरात्र में भक्तों का तांता लगता है। दूर दराज के लोग यहां पहुंचकर दर्शन पूजन करते हैं। मंदिर पर विभिन्न प्रकार का अनुष्ठान भी पूरे नव दिनों तक चलता है।  मंदिर के सामने एक विशाल सरोवर भी स्थित है।
कल से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्र, डोली पर आएंगी मां दुर्गा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नव संवत्सर की शुरुआत के साथ कल  से चैत्र नवरात्र का महापर्व आरंभ होगा. इस बार नवरात्र कई शुभ योगों के विशेष संयोग के साथ आ रहे हैं. इस वर्ष माता दुर्गा की सवारी डोली/पालकी पर सवार होकर आ रही है, जिसे सामान्यतः जनकल्याणकारी और शांति का प्रतीक माना जाता है. साथ ही नवरात्र के दौरान कई दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो साधना, जप और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसे में इस बार के नवरात्र श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी माने जा रहे हैं। आचार्य शरद पांडे ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र पूरे नौ दिन का होगा।  चैत्र नवरात्र के साथ ही हिंदू नववर्ष का भी आरंभ होता है. यह समय शक्ति साधना, आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का विशेष अवसर होता है. नवरात्र के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं और घरों व मंदिरों में घट स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. मंदिरों में इसकी तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं और श्रद्धालु भी पूजा सामग्री की तैयारी में जुट गए हैं.
यूपी रेरा ने 13 जिलों की 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को दी मंजूरी, ₹6,800 करोड़ से अधिक का निवेश
* 7,830 आवासीय- व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी; निवेश और परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर सबसे आगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 13 जिलों की 24 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल ₹6,841.85 करोड़ का अनुमानित निवेश होगा और इनके माध्यम से लगभग 7,830 आवासीय व व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इससे प्रदेश में नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलने के साथ आवास और व्यावसायिक अवसंरचना का विस्तार होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं को मंजूरी यूपी रेरा की 198वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई, जो प्राधिकरण मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो नियामकीय मानकों और आवश्यक अनुपालन शर्तों पर खरी उतरीं।
स्वीकृत परियोजनाओं में आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड-यूज़ प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें प्लॉट, विला और दुकानों का विकास किया जाएगा, जिससे शहरी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

* गौतमबुद्ध नगर निवेश में अव्वल
स्वीकृत परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर निवेश, परियोजनाओं की संख्या और विकसित होने वाली यूनिट्स के मामले में सबसे आगे रहा। यहां ₹5,218.41 करोड़ के निवेश वाली 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 2,969 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 व्यावसायिक, 1 आवासीय और 1 मिक्स्ड-यूज़ परियोजना शामिल है।

* लखनऊ दूसरे स्थान पर
राजधानी लखनऊ परियोजनाओं की संख्या और यूनिट्स के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। यहां ₹132.65 करोड़ के निवेश वाली 4 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनके तहत 651 यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें 3 आवासीय और 1 व्यावसायिक परियोजना शामिल है।

* अन्य जिलों में भी परियोजनाएं
आगरा में ₹162.75 करोड़ के निवेश से 3 आवासीय परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें 312 यूनिट्स विकसित होंगी।
गाजियाबाद में ₹83.85 करोड़ के निवेश से 3 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें 468 यूनिट्स विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा:
* मथुरा – ₹9.13 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (136 यूनिट्स)
* सहारनपुर – ₹324.95 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (803 यूनिट्स)
* मेरठ – ₹183.63 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (167 यूनिट्स)
* बागपत – ₹11.25 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (97 यूनिट्स)
* गोरखपुर – ₹30 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (182 यूनिट्स)
* वाराणसी – ₹11.20 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (65 यूनिट्स)
* बांदा – ₹86.84 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (501 यूनिट्स)
* हापुड़ – ₹128.10 करोड़ की 1 व्यावसायिक परियोजना (912 यूनिट्स)
- बाराबंकी – ₹459.09 करोड़ की 1 आवासीय परियोजना (567 यूनिट्स)

* रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इन परियोजनाओं में ₹6,800 करोड़ से अधिक के निवेश से निर्माण कार्यों के दौरान और उसके बाद भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। साथ ही निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी मांग बढ़ेगी।
* निवेशकों का भरोसा बढ़ा
प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ता निवेश राज्य सरकार की नीतियों और यूपी रेरा की निगरानी का परिणाम माना जा रहा है। पारदर्शी स्वीकृति प्रक्रिया और सख्त नियामकीय व्यवस्था से निवेशकों और गृहखरीदारों का भरोसा मजबूत हुआ है।
* अध्यक्ष का बयान
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, नियामकीय अनुपालन और परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा होने को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सुव्यवस्थित स्वीकृति प्रक्रिया जिम्मेदार विकास को बढ़ावा देती है और निवेशकों व गृहखरीदारों दोनों का विश्वास मजबूत करती है।
दिल्ली के साध नगर में इमारत में लगी भीषण आग, छह लोगों की मौत

#massivefirehasbrokenoutindelhissadh_nagar

दिल्ली के पालम इलाके की एक बिल्डिंग में भीषण आग लग गई है। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई है। आग की सूचना मिलते ही मौके पर करीब 30 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं। आग बुझाने का काम जारी है। पालम इलाके में लगी इस भीषण आग कई लोगों के फंसे होने की भी आशंका है। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी और कर्मचारी आग पर काबू पाने की कवायद में जुटे हैं।

आग के कारण बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता हुआ बंद

जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत सुबह ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक कॉस्मेटिक दुकान से हुई। देखते ही देखते आग ने ऊपरी मंजिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरे भवन में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय इमारत में कुल 18 लोग मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बंद हो गया, जिससे कई लोग अंदर ही फंस गए।

कई लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग लगाई

आग तेजी से फैली और इमारत के अंदर धुएं का गुबार छा गया। इस कारण अंदर रह रहे लोग बाहर नहीं निकल पाए और मदद के लिए पुकारने लगे। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 30 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

ग्राउंड फ्लोर कई दुकानें, ऊपर रहता है परिवार

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग इलाके में पालम कॉलोनी की गली नंबर 2 में है। इसमें राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार रहता है। परिवार के तकरीबन 15 लोग हैं। राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी है और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है, जिसकी बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं। ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं।

मिजोरम में 6 यूक्रेनियों की गिरफ्तारी, कीव ने दर्ज कराया विरोध, जानें क्या है पूरा मामला?

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भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र से राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने यहां छह यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इन पर अवैध रूप से मिजोरम में प्रवेश करने और फिर पड़ोसी देश म्यांमार जाकर उग्रवादियों को लड़ाई की ट्रेनिंग देने का आरोप है।यूक्रेन की सरकार ने विदेश मंत्रालय के समक्ष अपने इन नागरिकों की गिरफ्तारी का विरोध दर्ज कराते हुए उनकी तत्काल रिहाई और आसान कॉन्सुलर पहुंच दिए जाने की मांग की है।

क्रेनी नागरिकों को मिजोरम में अवैध रूप से प्रवेश करने और वहां से म्यांमार की सीमा में दाखिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में यूक्रेनियों के अलावा एक अमेरिकी नागरिक को भी पकड़ा गया है। इन सभी को 16 मार्च को कोर्ट में पेश किया गया, जहां इन्हें 27 मार्च तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

मिजोरम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य

जांच एजेंसियों का दावा है कि ये सभी विदेशी नागरिक मिजोरम पहुंचे थे, जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य माना जाता है। यह राज्य म्यांमार के साथ लगभग 510 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। इस क्षेत्र में विदेशी नागरिकों के प्रवेश के लिए ‘रिस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट’ (RAP) अनिवार्य होता है, लेकिन आरोप है कि इन लोगों ने बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश किया।

मिजोरम में बिना विशेष परमिट के घुसने का आरोप

यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, "13 मार्च 2026 को, भारत गणराज्य में यूक्रेन के छह नागरिकों को हिरासत में लिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन पर मिजोरम राज्य में बिना अनुमति के मौजूद होने का आरोप है—जिस राज्य में प्रवेश के लिए एक विशेष परमिट की आवश्यकता होती है—साथ ही उन पर भारत और म्यांमार के बीच की राज्य सीमा को कथित तौर पर अवैध रूप से पार करने का भी आरोप है। फिलहाल, भारत के संबंधित अधिकारी इस मामले में आवश्यक जांच-पड़ताल कर रहे हैं।"

गैर-कानूनी गतिविधियों पुख्ता सबूत नहीं

यूक्रेन ने दावा किया, "अभी तक, ऐसे कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं जो यह साबित करते हों कि इन यूक्रेनी नागरिकों का भारत या म्यांमार की धरती पर किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों में कोई हाथ है। इसके साथ ही, कुछ मीडिया रिपोर्टों में—जिनमें कुछ भारतीय और रूसी मीडिया आउटलेट भी शामिल हैं—उपलब्ध तथ्यों की गलत व्याख्या की गई है; ये रिपोर्टें भ्रामक प्रकृति की हैं और इनमें बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं।"

SheIVF Aims to Simplify the Fertility Journey for Patients Exploring IVF and Surrogacy

For many families, the journey to parenthood can take unexpected turns. While some couples

conceive naturally, others explore medical options to overcome fertility challenges.

Advancements in reproductive medicine have made treatments such as In Vitro Fertilization

(IVF) increasingly accessible. At the same time, growing awareness about reproductive health

has encouraged more people to explore assisted reproductive technologies.

However, access to treatment alone does not always solve the challenges patients face.

Understanding the IVF process, navigating fertility clinics, and learning about legal

considerations related to surrogacy often require significant research.

To help simplify this process, informational platforms are emerging to provide guidance and

educational resources for intended parents.

One such initiative is SheIVF (sheivf.com), a digital platform focused on fertility awareness, IVF

education, and guidance related to surrogacy in India.

The Importance of Reliable Fertility Information

The internet offers a vast amount of health-related information, but not all sources provide

accurate or easy-to-understand insights.

For individuals exploring fertility treatments, conflicting information can create confusion and

anxiety.

Educational platforms dedicated to fertility awareness aim to organize and present information

in a clear and structured way.

By helping individuals understand the basics of IVF and surrogacy, these platforms allow

patients to approach fertility treatment with greater confidence.

IVF: A Medical Breakthrough in Reproductive Science

Since its introduction decades ago, IVF has helped millions of families around the world. The

treatment allows fertilization to occur outside the body in a laboratory setting before transferring

the embryo into the uterus.

While the procedure is medically advanced, understanding the basic steps can help reduce

uncertainty for patients.

Typical stages of IVF include:

● Fertility testing and evaluation

● Hormonal stimulation

● Egg retrieval procedures

● Laboratory fertilization

● Embryo monitoring

● Embryo transfer

Each stage requires medical supervision and careful planning.

Educational guidance can help patients prepare for these steps and understand the overall

treatment timeline.

Surrogacy as an Alternative Path to Parenthood

For individuals unable to carry a pregnancy, surrogacy can provide an alternative route to

parenthood.

However, the process involves legal, medical, and ethical considerations that must be carefully

understood.

India has introduced regulatory measures designed to ensure ethical practices in surrogacy

arrangements. Intended parents must meet specific eligibility criteria and follow legal

procedures before beginning the process.

Access to reliable information about these regulations helps individuals make informed

decisions.

Bridging the Information Gap

One of the biggest challenges faced by intended parents is the lack of structured information

about fertility treatment options.

Research often begins with online searches about IVF success rates, fertility clinics, treatment

costs, and patient experiences.

Platforms like SheIVF aim to bridge this information gap by offering organized insights into

fertility treatments, patient preparation, and reproductive healthcare options.

Supporting Patients Through Knowledge

While medical professionals provide the treatment itself, informational platforms can help

individuals understand the journey before they reach the clinic.

By presenting clear explanations of IVF and surrogacy processes, platforms like SheIVF

contribute to greater fertility awareness.

As conversations about reproductive health continue to expand, access to reliable information

will remain an important part of helping individuals navigate their path toward parenthood.

अदाणी एयरपोर्ट और इंडिगो की साझेदारी से ड्यूटी-फ्री खरीदारी पर मिलेंगे इंडिगो ब्लूचिप्स

भारत  17 मार्च, 2026: भारत की पसंदीदा एयरलाइन इंडिगो और देश की सबसे बड़ी निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत अब इंडिगो ब्लूचिप के सदस्य एएएचएल द्वारा संचालित एयरपोर्ट्स पर ड्यूटी-फ्री खरीदारी करने पर भी रिवॉर्ड कमा सकेंगे।
इस साझेदारी के तहत सदस्य अदाणी प्लेटफॉर्म के जरिए पहले से बुक किए गए ड्यूटी-फ्री प्रोडक्ट्स पर हर 100 रुपए खर्च करने पर पांच इंडिगो ब्लूचिप्स अर्जित कर सकेंगे। यात्री यात्रा से पहले ऑनलाइन प्रोडक्ट्स देख सकते हैं, उन्हें रिज़र्व और भुगतान कर सकते हैं, और फिर एयरपोर्ट पर आसानी से अपनी खरीदारी प्राप्त कर सकते हैं।
नीतन चोपड़ा, चीफ डिजिटल और इंफॉर्मेशन ऑफिसर, इंडिगो, ने कहा, "इंडिगो में हम अपने लॉयल्टी प्रोग्राम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। अदाणी ड्यूटी-फ्री के साथ यह साझेदारी उड़ानों से आगे बढ़कर ग्राहकों को उपयोगी रिवॉर्ड देने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, जिससे यात्रा का हर कदम यात्रियों के लिए और फायदेमंद बनता है। इंडिगो के व्यापक नेटवर्क और अदाणी के प्रीमियम ड्यूटी-फ्री अनुभव को साथ लाकर हमें खुशी है कि हम देशभर के लाखों यात्रियों को ज्यादा सुविधा, विकल्प और बेहतर अनुभव दे पा रहे हैं।"
सुचित बंसल, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ)- नॉन-एरो, एएएचएल, ने कहा, "हम अदाणी प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल सर्च, प्री-ऑर्डर की सुविधा और आसान कलेक्शन को जोड़कर एयरपोर्ट पर खरीदारी के तरीके को बदल रहे हैं। इंडिगो के साथ हमारी यह साझेदारी भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन

और देश के सबसे बड़े निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर को एक साथ लाती है, जिससे यात्रियों को ज्यादा जुड़ा हुआ और फायदेमंद ट्रैवल रिटेल अनुभव मिलेगा।"
ग्राहक एक खास पोर्टल के जरिए लॉग-इन कर सकते हैं, अपनी इंडिगो ब्लूचिप मेंबरशिप आईडी लिंक कर सकते हैं और खरीदारी पूरी करने के 24-48 घंटे के भीतर अपने खर्च के आधार पर ब्लूचिप्स प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल सुविधा, लॉयल्टी लाभ और एयरपोर्ट रिटेल को एक साथ जोड़कर यात्रियों को और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम के तहत ड्यूटी-फ्री स्टोर्स अभी मुंबई, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, मंगलुरु और लखनऊ के एयरपोर्ट पर उपलब्ध हैं। जल्द ही इसे गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एलजीबीआईए) और नए शुरू हुए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) पर भी शुरू करने की योजना है।
इंडिगो हर दिन 2,000 से अधिक उड़ानों का संचालन करती है और दुनिया भर के 140 से ज्यादा डेस्टिनेशंस को जोड़ती है, जिनमें 95 से अधिक डोमेस्टिक और 40 से अधिक इंटरनेशनल डेस्टिनेशंस शामिल हैं। इसी के साथ, फ्लीट के आकार और यात्री संख्या के आधार पर यह भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है।
एएएचएल भारत में आठ एयरपोर्ट संचालित करता है, जिनमें मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, मंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम शामिल हैं, साथ ही नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) भी, जो भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में से एक है और जहाँ 25 दिसंबर 2025 से व्यावसायिक संचालन शुरू हो चुका है।
इन सभी एयरपोर्ट्स पर हर साल करोड़ों यात्री आते-जाते हैं, जिससे एएएचएल भारत का सबसे बड़ा निजी एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म बन गया है।


यह साझेदारी दोनों कंपनियों के उस व्यापक प्रयास को भी दर्शाती है, जिसके तहत वे डिजिटल ट्रैवल सिस्टम को और मजबूत बनाना चाहती हैं, ताकि यात्रियों को बुकिंग, यात्रा और एयरपोर्ट सेवाओं के दौरान एक ज्यादा जुड़ा हुआ और आसान अनुभव मिल सके।