जहानाबाद में पहली बार आयोजित हुआ ‘रंगोत्सव होली फेस्ट 2026’, शहरवासियों ने जमकर मनाया रंगों का पर्व
जहानाबाद। शहर में पहली बार आयोजित ‘रंगोत्सव होली फेस्ट 2026’ ने लोगों को रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन का संचालन जहानाबाद हाइलाइट्स टीम द्वारा बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ किया गया, जिसमें शहर के बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ शामिल हुए और होली के रंगों का आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मोनू साहू (साहू हार्डवेयर) ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम शहर में आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करते हैं। इस विशेष आयोजन में केवल ड्राई होली खेली गई, जिसमें अबीर-गुलाल, म्यूजिक और डांस के साथ लोगों ने जमकर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम स्थल पर बच्चे, युवा और महिलाएं सभी रंगों की मस्ती में झूमते और नाचते नजर आए। होली के पारंपरिक गीतों और आधुनिक संगीत की धुनों पर लोग देर तक उत्साह के साथ थिरकते रहे, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का रंगीन माहौल देखने को मिला।
भारत में होली का पर्व प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार समाज में मौजूद भेदभाव को मिटाकर लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का संदेश देता है। होली रंगों के माध्यम से खुशियों की सौगात लेकर आती है और लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और सकारात्मकता का संचार करती है। यही कारण है कि होली को केवल रंगों का नहीं बल्कि मिलन, आनंद और सामाजिक समरसता का पर्व भी कहा जाता है। इस आयोजन का नेतृत्व जहानाबाद हाइलाइट्स टीम के एडमिन अमर कुमार ने किया। उनके द्वारा किए गए इस नए प्रयास की शहरवासियों ने जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम शहर में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहेंगे।
कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इनमें सुदय यादव, चंदन कुमार और बारुण कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे, जिनकी मौजूदगी से कार्यक्रम की रौनक और भी बढ़ गई। रंग, संगीत और उल्लास से भरे इस आयोजन ने शहरवासियों को होली से पहले ही उत्सव का खास अनुभव दिया और पूरे माहौल को खुशियों से भर दिया। यह आयोजन जहानाबाद शहर में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक उत्साह और त्योहार की परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
महिला सुरक्षा व साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
बहसुमा।राहवती। मेरठ जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राहवती में महिला सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती प्रतिभा सिंह, थाना अध्यक्ष बहसूमा, तथा अति विशिष्ट अतिथि श्रीमती खुशबू उपाध्याय, फॉरेस्ट ऑफिसर हस्तिनापुर रेंज, द्वारा फीता काटकर किया गया।

मुख्य अतिथि ने उपस्थित महिलाओं व छात्राओं को आपातकालीन सेवाओं के हेल्पलाइन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 1091 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देते हुए सुरक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। अति विशिष्ट अतिथि ने संयुक्त परिवार की महत्ता और संस्कारों से समृद्ध समाज निर्माण पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सलाह दी गई कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे एटीएम नंबर, ओटीपी और बैंक पासवर्ड किसी से साझा न करें। सोशल मीडिया पर अनजान मित्रता प्रस्ताव स्वीकार न करने और बिना सोचे-समझे कोई भी ऐप डाउनलोड न करने की भी हिदायत दी गई।

पुलिस टीम ने साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन 1930, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 तथा आपातकालीन नंबर 112 की उपयोगिता बताते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की। टीम ने रोड सेफ्टी, नशा उन्मूलन तथा महिला सुरक्षा अधिकारों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उप निरीक्षक राखी सहित पुलिस टीम मौजूद रही।

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन ने बहसूमा पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साइबर अपराध से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय सीखे।
सारंडा में भीषण मुठभेड़: नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो घायल।

चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट और उसके बाद हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के दो जांबाज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

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कैसे हुई घटना?

रविवार सुबह कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के घने जंगलों में नक्सली ठिकानों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए शक्तिशाली आईईडी में विस्फोट हो गया। इस धमाके की चपेट में आने से असिस्टेंट कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

विस्फोट के तुरंत बाद नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के हवलदार विक्रम यादव के पेट में गोली लग गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत रांची से हेलीकॉप्टर भेजा। दोनों घायल जांबाजों को जंगल से सुरक्षित निकालकर एयरलिफ्ट किया गया और बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।

जंगल में बिछाया 'मौत का जाल'

पिछले 15 दिनों के भीतर सारंडा में यह तीसरी बड़ी घटना है। बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद बौखलाए नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को रोकने के लिए जंगल के रास्तों में भारी मात्रा में विस्फोटक (IED) लगा दिए हैं। इन विस्फोटकों की चपेट में न केवल जवान, बल्कि निर्दोष ग्रामीण भी आ रहे हैं। पिछले 15 दिनों में एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है।

प्रशासन का रुख

पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नक्सलियों की यह कायराना हरकत उनकी हताशा को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा है और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए नक्सलियों के खिलाफ अभियान और भी अधिक तीव्रता से जारी रहेगा।

৪৮ ঘণ্টা ধরে যোগাযোগহীন, উৎকণ্ঠায় ইরানে আটকে থাকা বসিরহাটের যুবকের পরিবার


বসিরহাট : বসিরহাটের মাঠপাড়া এলাকায় টানটান উৎকণ্ঠার মধ্যে দিন কাটছে গাজি পরিবারের। আট বছর আগে উচ্চশিক্ষার উদ্দেশ্যে ইরানে পাড়ি দিয়েছিলেন আমির হোসেন গাজি। পড়াশোনা শেষ করে সেখানেই শিক্ষকতার সঙ্গে যুক্ত হন তিনি। বর্তমানে স্ত্রী ঊষা পারভীন, দুই পুত্র ও এক কন্যাকে নিয়ে ইরানেই বসবাস করছিলেন আমির। সংসার গুছিয়ে স্বাভাবিক ছন্দে চলছিল তাদের জীবন। হঠাৎ করেই যেন সব থমকে গেল। শুক্রবার সকালের পর থেকে আমিরের সঙ্গে পরিবারের কোনও যোগাযোগ নেই। শেষবার দুই দিন আগে ফোনে কথা হয়েছিল বৃদ্ধা মায়ের সঙ্গে। সেই কথোপকথনেই আমির জানিয়েছিলেন, ইরানের পরিস্থিতি ক্রমশ উদ্বেগজনক হয়ে উঠছে। তারপর থেকেই ফোনে আর যোগাযোগ সম্ভব হয়নি। পরিবারের অভিযোগ, ইন্টারনেট পরিষেবা বন্ধ থাকায় কোনও খবর পাওয়া যাচ্ছে না। না ফোনে, না অনলাইনে।
এই অনিশ্চয়তাই বাড়িয়ে তুলছে আতঙ্ক। ইরানের বিভিন্ন প্রান্ত থেকে অস্থির পরিস্থিতির খবর ছড়িয়ে পড়লেও, আমির ও তার পরিবারের বর্তমান অবস্থান বা নিরাপত্তা নিয়ে নিশ্চিত কোনও তথ্য নেই। ফলে প্রতিটি মুহূর্ত যেন ভারী হয়ে উঠছে গাজি পরিবারের কাছে। বাড়ির প্রবীণ সদস্য থেকে শিশু, সবাই উৎকণ্ঠায় দিন কাটাচ্ছেন।
বসিরহাটে থাকা আমিরের পরিবার জানাচ্ছে, বাড়িতে এখন প্রায় ১৫ জন সদস্য একসঙ্গে রয়েছেন। বৃদ্ধা মা বারবার ছেলের নম্বরে ফোন করছেন। প্রতিবারই উত্তরহীন সেই কল আরও গভীর করছে উদ্বেগ। আত্মীয়স্বজন ও প্রতিবেশীরাও খোঁজখবর নিচ্ছেন, সান্ত্বনা দেওয়ার চেষ্টা করছেন। কিন্তু প্রিয়জনদের নিরাপত্তা নিশ্চিত না হওয়া পর্যন্ত উদ্বেগ কাটছে না।
পরিবারের দাবি, দ্রুত সরকারি স্তরে হস্তক্ষেপ প্রয়োজন। বিদেশে থাকা ভারতীয় নাগরিকদের সঙ্গে যোগাযোগ ও তাদের নিরাপত্তা নিশ্চিত করতে সংশ্লিষ্ট দপ্তরের উদ্যোগের দিকে তাকিয়ে রয়েছে গাজি পরিবার। তাদের একটাই প্রত্যাশা, যেন দ্রুত কোনও খবর আসে, আর নিরাপদে ফিরে পান আমির ও তার পরিবারকে। অনিশ্চয়তার এই দীর্ঘ অপেক্ষায় এখন একমাত্র ভরসা আশাই।
इजराइल में कार्यरत 6,004 यूपी श्रमिक सुरक्षित, सरकार सतत निगरानी में
लखनऊ। मध्य एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बीच इजराइल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के 6,004 निर्माण श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। राज्य सरकार ने उनके कुशलक्षेम पर सतत निगरानी बनाए रखी है और भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में है।
वर्ष 2024 के दौरान राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (National Skill Development Corporation) एवं इजराइल की सरकारी संस्था Population, Immigration and Border Authority (पीबा) के माध्यम से चयनित ये श्रमिक इजराइल की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में कार्यरत हैं और नियमित रूप से अपने कार्यस्थलों पर सेवाएं दे रहे हैं।

* भारतीय दूतावास ने जारी की सुरक्षा सलाह
Embassy of India, Tel Aviv द्वारा इजराइल में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया है। दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक 24×7 हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं—
दूरभाष: +972-54-7520711; +972-54-2428378
ई-मेल:
इसके अतिरिक्त, पीबा द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1-700-707-889 जारी किया गया है, जिसका संचालन सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन (CIMI) द्वारा किया जा रहा है।
सरकार का आश्वासन
प्रदेश के श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री Anil Rajbhar ने इजराइल में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभाग भारतीय दूतावास और एनएसडीसी के साथ सतत संपर्क में है।
प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् ने इजराइल में भारत के राजदूत J. P. Singh से दूरभाष पर वार्ता की। राजदूत ने अवगत कराया कि स्थिति नियंत्रण में है और दूतावास सभी भारतीय नागरिकों, विशेषकर श्रमिकों, के संपर्क में है।
इसी क्रम में भारतीय दूतावास में तैनात प्रथम सचिव डॉ. गारिका तेजेश्वर ने भी बताया कि हालात तनावपूर्ण अवश्य हैं, किन्तु नियंत्रण में हैं। अधिकांश भवनों में सुरक्षा शेल्टर उपलब्ध हैं और श्रमिकों को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार शेल्टर क्षेत्रों में रहें तथा संबंधित प्राधिकरणों के निर्देशों का पालन करें।
42 हजार भारतीय नागरिक इजराइल में
वर्तमान में इजराइल में लगभग 42,000 भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं, जिनमें से 6,004 निर्माण श्रमिक उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं।
सेवायोजन निदेशालय द्वारा भी एनएसडीसी के साथ नियमित समन्वय स्थापित किया गया है। निदेशक सेवायोजन श्रीमती नेहा प्रकाश एवं अपर निदेशक पी.के. पुंडीर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे दूतावास के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें, जिससे प्रदेश के श्रमिकों की सुरक्षा एवं कुशलक्षेम सुनिश्चित किया जा सके।
उत्तर प्रदेश शासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग है और किसी भी परिस्थिति में आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।
जहानाबाद: ‘गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल’ का भव्य उद्घाटन, शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
जहानाबाद। जिले के मखदूमपुर प्रखंड अंतर्गत केसमारा शिव मंदिर के समीप स्थित गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल का भव्य उद्घाटन रविवार, 1 मार्च 2026 को समारोहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, अभिभावक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जहानाबाद के सांसद सुरेन्द्र प्रसाद यादव शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया तथा विद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के आधुनिक विद्यालय की स्थापना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अभिवेक कुमार ने बताया कि इस विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जाएगी, ताकि वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकें। समारोह में स्वागतकर्ता के रूप में सांसद प्रतिनिधि ललन बुनियादिया तथा आर.के. सिंह (डायरेक्टर, कैटेलिस्ट मखदूमपुर) उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम की व्यवस्था अविनाश कुमार (संस्थापक, आर.एल. लाइब्रेरी) के नेतृत्व में की गई। उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान की स्थापना से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा और नई संभावनाओं का मार्ग मिलेगा। वहीं अभिभावकों ने भी उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही विश्वास जताया गया कि गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल आने वाले समय में क्षेत्र में शिक्षा की एक नई पहचान बनेगा।
राजस्थानी महिला मंडल के जागृति सम्मेलन में टूटे परिवार, बिखरते रिश्ते पर हुआ संवाद
मुंबई। राजस्थानी महिला मंडल की ओर से 28 फरवरी को ‘जागृति सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इसका विषय था “टूटते परिवार, बिखरते रिश्ते”। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पूनम महाजन, पूर्व सांसद मौजूद थीं। उन्होंने देश व समाज को सशक्त बनाने के लिये परिवार के संगठन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विषय की प्रस्तुति मंडल की ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रुंगटा द्वारा की गई। उन्होंने समझाया कि भारत में प्राचीन काल से चली आ रही वसुदेव कुटुंबकम की सभ्यता जो संपूर्ण जगत को परिवार के रूप में माना जाता थी, आज इसे पुनः जीवित करने की  गहन आवश्यकता है। संयुक्त परिवार को पुनः सुदृढ़ बनाने के लिये हम महिलाएं समाज के विभिन्न संगठनों के माध्यम से भरपूर प्रयास कर रही हैं, वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शेखर सेन  ने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित नवपीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कार अपने जीवन में उतारने की विशेष सलाह दी। घर में बड़े बुजुर्गों का अनुशासन, धैर्यवान चरित्र, छोटे बच्चों के प्रति ममता भाव, कर्तव्यनिष्ठा, सहनशीलता परिवार को संयुक्त रखने में सहायक होते हैं। हर सदस्य एक कड़ी होता है, इस श्रृंखला को पूर्ण आकार देने मे। एसएनडीटी यूनिवर्सिटी की कुलपति सुश्री उज्जवला चक्र देव ने परिवार व समाज में मातृत्व की प्रमुखता पर जोर देते हुए विभिन क्षेत्रों में नारीत्व की अहम भूमिका के  पर प्रकाश डाला । मनोवैज्ञानिक सुश्री अंबरीन प्रधान ने आज के वातावरण में व्याप्त उद्दंडता और आत्मकेन्द्रितता के परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में प्रकाश डाला।
मंडल की वरिष्ठ ट्रस्टी श्रीमती राजश्री बिड़ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर "महिला प्रतिभा सम्मान" श्रीमती दमयंती पित्ती जी का  प्रदान किया गया।
रूढ़िवादी राजस्थानी परिवार में जन्म लेने के बावजूद इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में सहभागिता की और विश्व की विभिन्न संस्थाओं के उच्च पद पर आसीन रही ।यह एक मारवाड़ी महिला प्रख्यात डाक टिकट संग्राहक है जिस पर इन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय ग्रैंड प्रिक्स अवार्ड प्राप्त हुआ है । मंडल की अध्यक्षा श्रीमती लंता रूंगटा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध समाज सेविका, लेखिका , कवियत्री श्रीमती मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा किया गया । इस अवसर पर सेंड आर्टिस्ट राहुल आर्य द्वारा अद्भुत तरीके से विस्तृत रूप में सेंड से कलाकृति बनाकर इस विषय को उजागर किया। अंत में मंडल की अध्यक्ष लता रूंगटा ने समस्त लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
सद्गति' के मंचन ने उठाया मानवीय गरिमा का सवाल

भोपाल। आसरा वृद्धाश्रम का शांत माहौल मानो किसी मौन पीड़ा का साक्षी बन गया था। भूख से तपता श्रमजीवी पिता जब मंच पर प्रवेश करता है, तो दर्शक सिर्फ एक पात्र को नहीं, बल्कि उस समाज को देखते हैं, जिसमें असमानता और संवेदनहीनता आज भी जीवित है। 

सेवन कलर्स कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी की प्रस्तुति मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानी 'सद्गति' उसी मौन को आवाज देती नजर आई। युवा रंगकर्मी अदनान खान के निर्देशन में मंचित यह नाटक एक ऐसे समाज का दर्पण था, जिसमें एक गरीब पिता अपनी बेटी के भविष्य के लिए सब कुछ सहता है। कहानी का नायक एक गरीब, श्रमजीवी और कई दिनों से भूखा व्यक्ति अपनी बेटी की सगाई के शुभमुहूर्त की आशा में पंडित के घर पहुंचता है। मगर मुहूर्त निकालने के बदले उससे कठोर श्रम कराया जाता है। 

भूख, थकान और शारीरिक दुर्बलता उसे धीरे-धीरे तोड़ देती है। अंततः वह वहीं गिरकर प्राण त्याग देता है, उसी आंगन में जिसमें वह अपनी बेटी के कल्याण की उम्मीद लेकर आया था। अंतिम दृश्य दर्शकों को यह सोचने पर विवश करता है कि क्या मनुष्य की पहचान अमीरी-गरीबी से तय होगी।

राजधानी लखनऊ में मीरजापुर के योग गुरु को योगकुलम ने किया सम्मानित

लखनऊ , कैसरबाग स्थित भारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रांगड़ में योग शक्ति समारोह 2026 का आयोजन योगकुलम संस्थान द्वारा किया गया , जिसमें विभिन्न राज्यों से पहुंचे योग विद्यार्थी अभिभावक व विशेष गणमान्य व्यक्तियों के साथ योग गुरुओं का आगमन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक डॉ मनीष प्रताप सिंह ने आए हुए अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलन कर मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से योग में डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन योग कर रहे योग के विद्यार्थियों को प्रणाम प ्र देकर ,एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों में योग के क्षेत्र में उत्तम कार्य कर रहे योग गुरुओं को माल्यार्पण कर मोमेंटो प्रदान कर उन्हें संस्था की ओर से सम्मानित किया गया।

*इस अवसर पर* जनपद के साथ विभिन्न राज्यों देश विदेश एवं वैश्विक स्तर पर योग से अपनी अलग पहचान बनाने वाले तथा आज के युवाओं के रोल मॉडल योग गुरु राष्ट्रीय योग योगासन जज योगी ज्वाला का सम्मान का सम्मान प्राप्त करना जनपद के लिए गौरव का विषय है। सम्मानित होने पर योग गुरु योगी ज्वाला सिंह ने कहा कि जीवन के योग सेवा का अठारह वर्ष बड़ा ही सुंदर और सुनियोजित रूप से लोगों को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करते हुए उनकी तमाम प्रकार की बीमारियां और व्याधियों को दूर करते हुए हुए व्यतीत हो रहा है , जहां योग सेवा का मुख्य उद्देश्य ही है कि हर रोते हुए चेहरे पर मुस्कान लाना , समाज में रह रहे हर व्यक्ति को नशा व्यसन एवं दुर्व्यसन से मुक्त बनाना एवं हर परिवार को जीरो बैलेंस से स्वस्थ समृद्ध एवं नशामुक्त बनाना , उसके बाद ही जीवन का असली योग पूर्ण रूप से सिद्ध होगा।

जिसके लिए योगकुलम परिवार चालीस हजार योग शिक्षकों के माध्यम से इस अवसर पर डॉ मनीष प्रताप सिंह ने कहा कि योग आज भारत की दशा और दिशा को परिवर्तित करने का सबसे बड़ा साधन व माध्यम बन चुका है। भारत की दशा एवं दिशा को एक नया आयाम देने के लिए तथा स्वस्थ भारत एवं समृद्ध भारत का निर्माण करने के लिए योग के माध्यम से देश के विभिन्न कोने में अपनी सेवाओं से लोगों को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान कर रहे योग गुरुओं के सम्मान के साथ साथ मीरजापुर के योग गुरु राष्ट्रीय योगासन जज योगी ज्वाला सिंह जी को सम्मानित कर योकुलम परिवार आज गौरव की अनुभूति कर रहा है। इस अवसर पर मुख्य निर्देशिका चीफ रिसर्च एवं डेवलपमेंट ऑफिसर सेजल कक्कड़ ने कहा कि योग सेवा मानव की सबसे बड़ी सेवा है , योग धर्म ही मानव का सबसे बड़ा धर्म है , क्यूंकि योग को जीवन का आत्मनुशासन बनाने वाला साधक ही जीवन में सफलता प्राप्त करता है , और लोगों के लिए आइकॉन तथा रोल मॉडल बनता है , संस्था योग गुरुओं का सम्मान कर गौरवान्वित है।
इस अवसर पर कार्यक्रम का कुशल संचालन करने वाले सर्वेश मिश्रा ने देश के वि भिन्न स्थानों से आए हुए योग गुरुओं एवं विद्यार्थियों का कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया।
संस्कृत भाषा में हुआ विश्व कल्याण का प्रथम उद्घोष
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य संस्कृत साहित्य अकादमी और आर्य समाज बोरीवली के संयुक्त तत्वावधान में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ और ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया।अकादमी की ओर से सौरभ शिंदे ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत एवं अकादमी का परिचय दिया। डॉ.जितेंद्र पांडेय ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई महानगर एवं आसपास के जिलों से कई विद्यालयों ने हिस्सा लिया।इस स्पर्धा के निर्णायक आचार्य रामव्यास उपाध्याय और रामगोपाल पानेरी थे।स्पर्धा के उपरांत छात्रों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सात सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए  गए।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।इस सत्र की अध्यक्षता मुंबई विश्वविद्यालय की संस्कृत विभाग की पूर्व अध्यक्षा एवं असोसिएट प्रोफेसर डॉ.शकुंतला गावड़े ने किया। वरिष्ठ पत्रकार श्रीनारायण तिवारी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वक्ता के रूप में शिक्षाविद् अवनीश दीक्षित ‘दिव्य’,आचार्य प्रभारंजन पाठक और आचार्य मिथिलेश आर्य मौजूद रहे।अतिथियों का परिचय सुमन मिश्रा ने कराया।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शकुंतला गावड़े ने बताया कि संस्कृत एक व्यापक भाषा है। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर जितेंद्र पांडे ने किया।  कार्यक्रम की सह संचालक श्रीमती संगीता दुबे और श्रीमती प्रतिभा मिश्रा रही। इस अवसर पर महानगर के तमाम लेखक, शिक्षक एवं मीडियाकर्मी मौजूद रहे।आचार्य योगानंद सरस्वती, डॉ. पूजा अलापुरिया ‘हेमाक्ष’, आनंद अग्रवाल, डॉ. साधना शर्मा,श्रीमती भारती श्रीवास्तव, विनय शर्मा ‘दीप’,मुन्ना यादव ‘मयंक’, श्रीमती सुषमा सिंह,डॉ. अवनीश सिंह,अजीत उपाध्याय, सुशील दुबे,अजय बनारसी, लालबहादुर यादव,श्रीमती गायत्री पांडेय,श्रीमती शैली तिवारी,श्रीमती रेखा पाठक, श्रीमती मंजू सिंह,श्रीमती प्रियंका आदि गणमान्य उपस्थित थे।अंत में आर्य समाज गोरेगांव के महासचिव पवन अब्रॉल ने आभार प्रकट किया।
जहानाबाद में पहली बार आयोजित हुआ ‘रंगोत्सव होली फेस्ट 2026’, शहरवासियों ने जमकर मनाया रंगों का पर्व
जहानाबाद। शहर में पहली बार आयोजित ‘रंगोत्सव होली फेस्ट 2026’ ने लोगों को रंगों, संगीत और उल्लास से सराबोर कर दिया। इस भव्य आयोजन का संचालन जहानाबाद हाइलाइट्स टीम द्वारा बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ किया गया, जिसमें शहर के बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ शामिल हुए और होली के रंगों का आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मोनू साहू (साहू हार्डवेयर) ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम शहर में आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करते हैं। इस विशेष आयोजन में केवल ड्राई होली खेली गई, जिसमें अबीर-गुलाल, म्यूजिक और डांस के साथ लोगों ने जमकर उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम स्थल पर बच्चे, युवा और महिलाएं सभी रंगों की मस्ती में झूमते और नाचते नजर आए। होली के पारंपरिक गीतों और आधुनिक संगीत की धुनों पर लोग देर तक उत्साह के साथ थिरकते रहे, जिससे पूरे वातावरण में उत्सव का रंगीन माहौल देखने को मिला।
भारत में होली का पर्व प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार समाज में मौजूद भेदभाव को मिटाकर लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का संदेश देता है। होली रंगों के माध्यम से खुशियों की सौगात लेकर आती है और लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और सकारात्मकता का संचार करती है। यही कारण है कि होली को केवल रंगों का नहीं बल्कि मिलन, आनंद और सामाजिक समरसता का पर्व भी कहा जाता है। इस आयोजन का नेतृत्व जहानाबाद हाइलाइट्स टीम के एडमिन अमर कुमार ने किया। उनके द्वारा किए गए इस नए प्रयास की शहरवासियों ने जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम शहर में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहेंगे।
कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इनमें सुदय यादव, चंदन कुमार और बारुण कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे, जिनकी मौजूदगी से कार्यक्रम की रौनक और भी बढ़ गई। रंग, संगीत और उल्लास से भरे इस आयोजन ने शहरवासियों को होली से पहले ही उत्सव का खास अनुभव दिया और पूरे माहौल को खुशियों से भर दिया। यह आयोजन जहानाबाद शहर में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक उत्साह और त्योहार की परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।
महिला सुरक्षा व साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
बहसुमा।राहवती। मेरठ जनपद के थाना बहसूमा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम राहवती में महिला सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती प्रतिभा सिंह, थाना अध्यक्ष बहसूमा, तथा अति विशिष्ट अतिथि श्रीमती खुशबू उपाध्याय, फॉरेस्ट ऑफिसर हस्तिनापुर रेंज, द्वारा फीता काटकर किया गया।

मुख्य अतिथि ने उपस्थित महिलाओं व छात्राओं को आपातकालीन सेवाओं के हेल्पलाइन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 1091 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देते हुए सुरक्षा और जागरूकता का संदेश दिया। अति विशिष्ट अतिथि ने संयुक्त परिवार की महत्ता और संस्कारों से समृद्ध समाज निर्माण पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सलाह दी गई कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे एटीएम नंबर, ओटीपी और बैंक पासवर्ड किसी से साझा न करें। सोशल मीडिया पर अनजान मित्रता प्रस्ताव स्वीकार न करने और बिना सोचे-समझे कोई भी ऐप डाउनलोड न करने की भी हिदायत दी गई।

पुलिस टीम ने साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन 1930, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 तथा आपातकालीन नंबर 112 की उपयोगिता बताते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की। टीम ने रोड सेफ्टी, नशा उन्मूलन तथा महिला सुरक्षा अधिकारों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर उप निरीक्षक राखी सहित पुलिस टीम मौजूद रही।

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन ने बहसूमा पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साइबर अपराध से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय सीखे।
सारंडा में भीषण मुठभेड़: नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो घायल।

चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट और उसके बाद हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के दो जांबाज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

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कैसे हुई घटना?

रविवार सुबह कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के घने जंगलों में नक्सली ठिकानों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए शक्तिशाली आईईडी में विस्फोट हो गया। इस धमाके की चपेट में आने से असिस्टेंट कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

विस्फोट के तुरंत बाद नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के हवलदार विक्रम यादव के पेट में गोली लग गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत रांची से हेलीकॉप्टर भेजा। दोनों घायल जांबाजों को जंगल से सुरक्षित निकालकर एयरलिफ्ट किया गया और बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।

जंगल में बिछाया 'मौत का जाल'

पिछले 15 दिनों के भीतर सारंडा में यह तीसरी बड़ी घटना है। बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद बौखलाए नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को रोकने के लिए जंगल के रास्तों में भारी मात्रा में विस्फोटक (IED) लगा दिए हैं। इन विस्फोटकों की चपेट में न केवल जवान, बल्कि निर्दोष ग्रामीण भी आ रहे हैं। पिछले 15 दिनों में एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है।

प्रशासन का रुख

पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नक्सलियों की यह कायराना हरकत उनकी हताशा को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा है और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए नक्सलियों के खिलाफ अभियान और भी अधिक तीव्रता से जारी रहेगा।

৪৮ ঘণ্টা ধরে যোগাযোগহীন, উৎকণ্ঠায় ইরানে আটকে থাকা বসিরহাটের যুবকের পরিবার


বসিরহাট : বসিরহাটের মাঠপাড়া এলাকায় টানটান উৎকণ্ঠার মধ্যে দিন কাটছে গাজি পরিবারের। আট বছর আগে উচ্চশিক্ষার উদ্দেশ্যে ইরানে পাড়ি দিয়েছিলেন আমির হোসেন গাজি। পড়াশোনা শেষ করে সেখানেই শিক্ষকতার সঙ্গে যুক্ত হন তিনি। বর্তমানে স্ত্রী ঊষা পারভীন, দুই পুত্র ও এক কন্যাকে নিয়ে ইরানেই বসবাস করছিলেন আমির। সংসার গুছিয়ে স্বাভাবিক ছন্দে চলছিল তাদের জীবন। হঠাৎ করেই যেন সব থমকে গেল। শুক্রবার সকালের পর থেকে আমিরের সঙ্গে পরিবারের কোনও যোগাযোগ নেই। শেষবার দুই দিন আগে ফোনে কথা হয়েছিল বৃদ্ধা মায়ের সঙ্গে। সেই কথোপকথনেই আমির জানিয়েছিলেন, ইরানের পরিস্থিতি ক্রমশ উদ্বেগজনক হয়ে উঠছে। তারপর থেকেই ফোনে আর যোগাযোগ সম্ভব হয়নি। পরিবারের অভিযোগ, ইন্টারনেট পরিষেবা বন্ধ থাকায় কোনও খবর পাওয়া যাচ্ছে না। না ফোনে, না অনলাইনে।
এই অনিশ্চয়তাই বাড়িয়ে তুলছে আতঙ্ক। ইরানের বিভিন্ন প্রান্ত থেকে অস্থির পরিস্থিতির খবর ছড়িয়ে পড়লেও, আমির ও তার পরিবারের বর্তমান অবস্থান বা নিরাপত্তা নিয়ে নিশ্চিত কোনও তথ্য নেই। ফলে প্রতিটি মুহূর্ত যেন ভারী হয়ে উঠছে গাজি পরিবারের কাছে। বাড়ির প্রবীণ সদস্য থেকে শিশু, সবাই উৎকণ্ঠায় দিন কাটাচ্ছেন।
বসিরহাটে থাকা আমিরের পরিবার জানাচ্ছে, বাড়িতে এখন প্রায় ১৫ জন সদস্য একসঙ্গে রয়েছেন। বৃদ্ধা মা বারবার ছেলের নম্বরে ফোন করছেন। প্রতিবারই উত্তরহীন সেই কল আরও গভীর করছে উদ্বেগ। আত্মীয়স্বজন ও প্রতিবেশীরাও খোঁজখবর নিচ্ছেন, সান্ত্বনা দেওয়ার চেষ্টা করছেন। কিন্তু প্রিয়জনদের নিরাপত্তা নিশ্চিত না হওয়া পর্যন্ত উদ্বেগ কাটছে না।
পরিবারের দাবি, দ্রুত সরকারি স্তরে হস্তক্ষেপ প্রয়োজন। বিদেশে থাকা ভারতীয় নাগরিকদের সঙ্গে যোগাযোগ ও তাদের নিরাপত্তা নিশ্চিত করতে সংশ্লিষ্ট দপ্তরের উদ্যোগের দিকে তাকিয়ে রয়েছে গাজি পরিবার। তাদের একটাই প্রত্যাশা, যেন দ্রুত কোনও খবর আসে, আর নিরাপদে ফিরে পান আমির ও তার পরিবারকে। অনিশ্চয়তার এই দীর্ঘ অপেক্ষায় এখন একমাত্র ভরসা আশাই।
इजराइल में कार्यरत 6,004 यूपी श्रमिक सुरक्षित, सरकार सतत निगरानी में
लखनऊ। मध्य एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बीच इजराइल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के 6,004 निर्माण श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। राज्य सरकार ने उनके कुशलक्षेम पर सतत निगरानी बनाए रखी है और भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में है।
वर्ष 2024 के दौरान राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (National Skill Development Corporation) एवं इजराइल की सरकारी संस्था Population, Immigration and Border Authority (पीबा) के माध्यम से चयनित ये श्रमिक इजराइल की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में कार्यरत हैं और नियमित रूप से अपने कार्यस्थलों पर सेवाएं दे रहे हैं।

* भारतीय दूतावास ने जारी की सुरक्षा सलाह
Embassy of India, Tel Aviv द्वारा इजराइल में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया गया है। दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक 24×7 हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं—
दूरभाष: +972-54-7520711; +972-54-2428378
ई-मेल:
इसके अतिरिक्त, पीबा द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1-700-707-889 जारी किया गया है, जिसका संचालन सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन (CIMI) द्वारा किया जा रहा है।
सरकार का आश्वासन
प्रदेश के श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री Anil Rajbhar ने इजराइल में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभाग भारतीय दूतावास और एनएसडीसी के साथ सतत संपर्क में है।
प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् ने इजराइल में भारत के राजदूत J. P. Singh से दूरभाष पर वार्ता की। राजदूत ने अवगत कराया कि स्थिति नियंत्रण में है और दूतावास सभी भारतीय नागरिकों, विशेषकर श्रमिकों, के संपर्क में है।
इसी क्रम में भारतीय दूतावास में तैनात प्रथम सचिव डॉ. गारिका तेजेश्वर ने भी बताया कि हालात तनावपूर्ण अवश्य हैं, किन्तु नियंत्रण में हैं। अधिकांश भवनों में सुरक्षा शेल्टर उपलब्ध हैं और श्रमिकों को निर्देश दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार शेल्टर क्षेत्रों में रहें तथा संबंधित प्राधिकरणों के निर्देशों का पालन करें।
42 हजार भारतीय नागरिक इजराइल में
वर्तमान में इजराइल में लगभग 42,000 भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं, जिनमें से 6,004 निर्माण श्रमिक उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं।
सेवायोजन निदेशालय द्वारा भी एनएसडीसी के साथ नियमित समन्वय स्थापित किया गया है। निदेशक सेवायोजन श्रीमती नेहा प्रकाश एवं अपर निदेशक पी.के. पुंडीर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे दूतावास के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें, जिससे प्रदेश के श्रमिकों की सुरक्षा एवं कुशलक्षेम सुनिश्चित किया जा सके।
उत्तर प्रदेश शासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग है और किसी भी परिस्थिति में आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।
जहानाबाद: ‘गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल’ का भव्य उद्घाटन, शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
जहानाबाद। जिले के मखदूमपुर प्रखंड अंतर्गत केसमारा शिव मंदिर के समीप स्थित गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल का भव्य उद्घाटन रविवार, 1 मार्च 2026 को समारोहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, अभिभावक और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जहानाबाद के सांसद सुरेन्द्र प्रसाद यादव शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया तथा विद्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के आधुनिक विद्यालय की स्थापना बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी। इससे अभिभावकों को अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों में भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक अभिवेक कुमार ने बताया कि इस विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जाएगी, ताकि वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकें। समारोह में स्वागतकर्ता के रूप में सांसद प्रतिनिधि ललन बुनियादिया तथा आर.के. सिंह (डायरेक्टर, कैटेलिस्ट मखदूमपुर) उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम की व्यवस्था अविनाश कुमार (संस्थापक, आर.एल. लाइब्रेरी) के नेतृत्व में की गई। उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान की स्थापना से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा और नई संभावनाओं का मार्ग मिलेगा। वहीं अभिभावकों ने भी उम्मीद जताई कि यह विद्यालय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही विश्वास जताया गया कि गुरुकुल प्रगति इंटरनेशनल स्कूल आने वाले समय में क्षेत्र में शिक्षा की एक नई पहचान बनेगा।
राजस्थानी महिला मंडल के जागृति सम्मेलन में टूटे परिवार, बिखरते रिश्ते पर हुआ संवाद
मुंबई। राजस्थानी महिला मंडल की ओर से 28 फरवरी को ‘जागृति सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इसका विषय था “टूटते परिवार, बिखरते रिश्ते”। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पूनम महाजन, पूर्व सांसद मौजूद थीं। उन्होंने देश व समाज को सशक्त बनाने के लिये परिवार के संगठन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विषय की प्रस्तुति मंडल की ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रुंगटा द्वारा की गई। उन्होंने समझाया कि भारत में प्राचीन काल से चली आ रही वसुदेव कुटुंबकम की सभ्यता जो संपूर्ण जगत को परिवार के रूप में माना जाता थी, आज इसे पुनः जीवित करने की  गहन आवश्यकता है। संयुक्त परिवार को पुनः सुदृढ़ बनाने के लिये हम महिलाएं समाज के विभिन्न संगठनों के माध्यम से भरपूर प्रयास कर रही हैं, वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शेखर सेन  ने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित नवपीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कार अपने जीवन में उतारने की विशेष सलाह दी। घर में बड़े बुजुर्गों का अनुशासन, धैर्यवान चरित्र, छोटे बच्चों के प्रति ममता भाव, कर्तव्यनिष्ठा, सहनशीलता परिवार को संयुक्त रखने में सहायक होते हैं। हर सदस्य एक कड़ी होता है, इस श्रृंखला को पूर्ण आकार देने मे। एसएनडीटी यूनिवर्सिटी की कुलपति सुश्री उज्जवला चक्र देव ने परिवार व समाज में मातृत्व की प्रमुखता पर जोर देते हुए विभिन क्षेत्रों में नारीत्व की अहम भूमिका के  पर प्रकाश डाला । मनोवैज्ञानिक सुश्री अंबरीन प्रधान ने आज के वातावरण में व्याप्त उद्दंडता और आत्मकेन्द्रितता के परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में प्रकाश डाला।
मंडल की वरिष्ठ ट्रस्टी श्रीमती राजश्री बिड़ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर "महिला प्रतिभा सम्मान" श्रीमती दमयंती पित्ती जी का  प्रदान किया गया।
रूढ़िवादी राजस्थानी परिवार में जन्म लेने के बावजूद इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में सहभागिता की और विश्व की विभिन्न संस्थाओं के उच्च पद पर आसीन रही ।यह एक मारवाड़ी महिला प्रख्यात डाक टिकट संग्राहक है जिस पर इन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय ग्रैंड प्रिक्स अवार्ड प्राप्त हुआ है । मंडल की अध्यक्षा श्रीमती लंता रूंगटा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध समाज सेविका, लेखिका , कवियत्री श्रीमती मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा किया गया । इस अवसर पर सेंड आर्टिस्ट राहुल आर्य द्वारा अद्भुत तरीके से विस्तृत रूप में सेंड से कलाकृति बनाकर इस विषय को उजागर किया। अंत में मंडल की अध्यक्ष लता रूंगटा ने समस्त लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
सद्गति' के मंचन ने उठाया मानवीय गरिमा का सवाल

भोपाल। आसरा वृद्धाश्रम का शांत माहौल मानो किसी मौन पीड़ा का साक्षी बन गया था। भूख से तपता श्रमजीवी पिता जब मंच पर प्रवेश करता है, तो दर्शक सिर्फ एक पात्र को नहीं, बल्कि उस समाज को देखते हैं, जिसमें असमानता और संवेदनहीनता आज भी जीवित है। 

सेवन कलर्स कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी की प्रस्तुति मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानी 'सद्गति' उसी मौन को आवाज देती नजर आई। युवा रंगकर्मी अदनान खान के निर्देशन में मंचित यह नाटक एक ऐसे समाज का दर्पण था, जिसमें एक गरीब पिता अपनी बेटी के भविष्य के लिए सब कुछ सहता है। कहानी का नायक एक गरीब, श्रमजीवी और कई दिनों से भूखा व्यक्ति अपनी बेटी की सगाई के शुभमुहूर्त की आशा में पंडित के घर पहुंचता है। मगर मुहूर्त निकालने के बदले उससे कठोर श्रम कराया जाता है। 

भूख, थकान और शारीरिक दुर्बलता उसे धीरे-धीरे तोड़ देती है। अंततः वह वहीं गिरकर प्राण त्याग देता है, उसी आंगन में जिसमें वह अपनी बेटी के कल्याण की उम्मीद लेकर आया था। अंतिम दृश्य दर्शकों को यह सोचने पर विवश करता है कि क्या मनुष्य की पहचान अमीरी-गरीबी से तय होगी।

राजधानी लखनऊ में मीरजापुर के योग गुरु को योगकुलम ने किया सम्मानित

लखनऊ , कैसरबाग स्थित भारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रांगड़ में योग शक्ति समारोह 2026 का आयोजन योगकुलम संस्थान द्वारा किया गया , जिसमें विभिन्न राज्यों से पहुंचे योग विद्यार्थी अभिभावक व विशेष गणमान्य व्यक्तियों के साथ योग गुरुओं का आगमन हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक डॉ मनीष प्रताप सिंह ने आए हुए अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलन कर मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से योग में डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन योग कर रहे योग के विद्यार्थियों को प्रणाम प ्र देकर ,एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों में योग के क्षेत्र में उत्तम कार्य कर रहे योग गुरुओं को माल्यार्पण कर मोमेंटो प्रदान कर उन्हें संस्था की ओर से सम्मानित किया गया।

*इस अवसर पर* जनपद के साथ विभिन्न राज्यों देश विदेश एवं वैश्विक स्तर पर योग से अपनी अलग पहचान बनाने वाले तथा आज के युवाओं के रोल मॉडल योग गुरु राष्ट्रीय योग योगासन जज योगी ज्वाला का सम्मान का सम्मान प्राप्त करना जनपद के लिए गौरव का विषय है। सम्मानित होने पर योग गुरु योगी ज्वाला सिंह ने कहा कि जीवन के योग सेवा का अठारह वर्ष बड़ा ही सुंदर और सुनियोजित रूप से लोगों को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करते हुए उनकी तमाम प्रकार की बीमारियां और व्याधियों को दूर करते हुए हुए व्यतीत हो रहा है , जहां योग सेवा का मुख्य उद्देश्य ही है कि हर रोते हुए चेहरे पर मुस्कान लाना , समाज में रह रहे हर व्यक्ति को नशा व्यसन एवं दुर्व्यसन से मुक्त बनाना एवं हर परिवार को जीरो बैलेंस से स्वस्थ समृद्ध एवं नशामुक्त बनाना , उसके बाद ही जीवन का असली योग पूर्ण रूप से सिद्ध होगा।

जिसके लिए योगकुलम परिवार चालीस हजार योग शिक्षकों के माध्यम से इस अवसर पर डॉ मनीष प्रताप सिंह ने कहा कि योग आज भारत की दशा और दिशा को परिवर्तित करने का सबसे बड़ा साधन व माध्यम बन चुका है। भारत की दशा एवं दिशा को एक नया आयाम देने के लिए तथा स्वस्थ भारत एवं समृद्ध भारत का निर्माण करने के लिए योग के माध्यम से देश के विभिन्न कोने में अपनी सेवाओं से लोगों को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान कर रहे योग गुरुओं के सम्मान के साथ साथ मीरजापुर के योग गुरु राष्ट्रीय योगासन जज योगी ज्वाला सिंह जी को सम्मानित कर योकुलम परिवार आज गौरव की अनुभूति कर रहा है। इस अवसर पर मुख्य निर्देशिका चीफ रिसर्च एवं डेवलपमेंट ऑफिसर सेजल कक्कड़ ने कहा कि योग सेवा मानव की सबसे बड़ी सेवा है , योग धर्म ही मानव का सबसे बड़ा धर्म है , क्यूंकि योग को जीवन का आत्मनुशासन बनाने वाला साधक ही जीवन में सफलता प्राप्त करता है , और लोगों के लिए आइकॉन तथा रोल मॉडल बनता है , संस्था योग गुरुओं का सम्मान कर गौरवान्वित है।
इस अवसर पर कार्यक्रम का कुशल संचालन करने वाले सर्वेश मिश्रा ने देश के वि भिन्न स्थानों से आए हुए योग गुरुओं एवं विद्यार्थियों का कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया।
संस्कृत भाषा में हुआ विश्व कल्याण का प्रथम उद्घोष
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य संस्कृत साहित्य अकादमी और आर्य समाज बोरीवली के संयुक्त तत्वावधान में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ और ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया।अकादमी की ओर से सौरभ शिंदे ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत एवं अकादमी का परिचय दिया। डॉ.जितेंद्र पांडेय ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘श्लोकवाचनस्पर्धा’ का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई महानगर एवं आसपास के जिलों से कई विद्यालयों ने हिस्सा लिया।इस स्पर्धा के निर्णायक आचार्य रामव्यास उपाध्याय और रामगोपाल पानेरी थे।स्पर्धा के उपरांत छात्रों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सात सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए  गए।कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘संस्कृतभाषाया: महत्त्वम्’ पर परिचर्चा का आयोजन किया गया।इस सत्र की अध्यक्षता मुंबई विश्वविद्यालय की संस्कृत विभाग की पूर्व अध्यक्षा एवं असोसिएट प्रोफेसर डॉ.शकुंतला गावड़े ने किया। वरिष्ठ पत्रकार श्रीनारायण तिवारी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वक्ता के रूप में शिक्षाविद् अवनीश दीक्षित ‘दिव्य’,आचार्य प्रभारंजन पाठक और आचार्य मिथिलेश आर्य मौजूद रहे।अतिथियों का परिचय सुमन मिश्रा ने कराया।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. शकुंतला गावड़े ने बताया कि संस्कृत एक व्यापक भाषा है। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर जितेंद्र पांडे ने किया।  कार्यक्रम की सह संचालक श्रीमती संगीता दुबे और श्रीमती प्रतिभा मिश्रा रही। इस अवसर पर महानगर के तमाम लेखक, शिक्षक एवं मीडियाकर्मी मौजूद रहे।आचार्य योगानंद सरस्वती, डॉ. पूजा अलापुरिया ‘हेमाक्ष’, आनंद अग्रवाल, डॉ. साधना शर्मा,श्रीमती भारती श्रीवास्तव, विनय शर्मा ‘दीप’,मुन्ना यादव ‘मयंक’, श्रीमती सुषमा सिंह,डॉ. अवनीश सिंह,अजीत उपाध्याय, सुशील दुबे,अजय बनारसी, लालबहादुर यादव,श्रीमती गायत्री पांडेय,श्रीमती शैली तिवारी,श्रीमती रेखा पाठक, श्रीमती मंजू सिंह,श्रीमती प्रियंका आदि गणमान्य उपस्थित थे।अंत में आर्य समाज गोरेगांव के महासचिव पवन अब्रॉल ने आभार प्रकट किया।