छात्रों पर एकतरफा कार्रवाई को लेकर रांची सदर सीओ के कार्यालय पहुंचे बाबूलाल मरांडी, झामुमो के गुंडो पर की FIR दर्ज करने की मांग

JPSC एवं JSSC-CGL परीक्षा में हुई धांधली एवं राज्य सरकार की साजिश के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ हो रही ज्यादती को लेकर भाजपा लगातार छात्रों के पक्ष में खड़ी दिख रही है। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान तैनात दंडाधिकारी के द्वारा छात्रों पर की गई एकतरफा कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भाजपा के अन्य नेताओं के साथ रांची सदर के अंचलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंच गए। श्री मरांडी ने कहा कि किसी भी पदाधिकारी को सरकार की कठपुतली बनने की बजाय कानून और विधि सम्मत काम करनी चाहिए। लेकिन पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान नियुक्त मजिस्ट्रेट ने एकतरफा कार्रवाई किया है। हम सभी ऐसे अधिकारियों को दायित्व बोध कराने के लिए आए हैं।

श्री मरांडी ने कहा कि उस दिन jmm के गुंडों ने आतंक मचाया और मुकदमा छात्रों पर किया जा रहा है। इसलिए आज हम सभी दंडाधिकारी सह सीओ से आग्रह करने आए हैं कि वे निष्पक्ष कार्रवाई करें। अगर दंडाधिकारी द्वारा उन गुंडों पर एफआईआर दर्ज नहीं किया जाता है तो जल्द ही इनके कार्यालय के समक्ष हम सभी धरना पर बैठेंगे।

श्री मरांडी ने कहा कि बीते दिनों छात्र पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्वक पुतला दहन कर रहे थे। छात्रों के कार्यक्रम में जिन लोगों ने भी विघ्न डाला है, छात्राओं से दुर्व्यवहार किया है, दंडाधिकारी ने उन लोगों के ऊपर FIR दर्ज नहीं किया है। आज सोशल मीडिया का जमाना है। सोशल मीडिया पर कई सारे वीडियो और अन्य सुबूत मौजूद हैं जो चीख चीख कर गवाही दे रहे हैं कि उस दिन कौन लोग गुंडागर्दी कर रहे थे। दंडाधिकारी को निष्पक्ष होकर सामान्य रूप से पहले जिन लोगों ने गुंडागर्दी की है, उन लोगों पर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। ऐसा प्रतीत होता है कि दंडाधिकारी पूरी तरह सरकार के दबाव में हैं। झारखंड में दबाव का आलम यह है कि यहां SP के दफ्तर में सीआईडी के इंचार्ज मनोज कौशिक बैठकर काम करते हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने 24 अगस्त को ही चेतावनी दी थी कि अगर JMM के गुंडों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुआ तो वे 25 अगस्त को संबंधित मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंच कर उनसे निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करेंगे।

इस दौरान दीपक प्रकाश, सीपी सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, वरुण साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रेस वार्ता नहीं, अंतराक्षी खेल रहे थे कांग्रेसी मंत्री": भानु प्रताप शाही का पलटवार

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता पर चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेसी मंत्री प्रेस वार्ता नहीं कर रहे थे, उनमें बोलने की इस प्रकार आपाधापी मची थी कि मानो वे अंतराक्षी प्रतियोगिता खेल रहे थे कि कौन सबसे पहले अपने आलाकमान द्वारा रटा रटाया गाना गाएगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कांग्रेस द्वारा छात्र आंदोलन में भाजपा द्वारा दोहरी राजनीति करने, आंदोलन को हाईजैक करने एवं इस मामले में राहुल गांधी को बदनाम करने के आरोप पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों पर बर्बरतापूर्ण एक बार नहीं बल्कि चार चार बार लाठीचार्ज करने वाली कांग्रेस समर्थित सरकार के मंत्रियों और नेताओं के मुंह से दोहरी राजनीति, मगरमच्छ के आंसू जैसा शब्द शोभा नहीं देता। राहुल गांधी सहित पूरी कांग्रेस पार्टी दोहरी नीति की पर्याय है।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि छात्र आंदोलन को लेकर दोहरी राजनीति तो सत्ता पक्ष कर रहा है। एक तरफ वार्ता के नाम पर छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। इनकी कथनी और करनी में अंतर है। सरकार और कांग्रेसी नेताओं को छात्रों की दयनीय हालत क्यों नहीं दिखती ? सरकार चाहती ही नहीं कि छात्रों का आंदोलन खत्म हो, अगर सरकार की मंशा साफ है तो छात्रों की एक ही मांग है सीबीआई जांच, इसे सरकार मान ले आंदोलन चुटकी में खत्म हो जायेगा। यह मांग तो सरकार को पूरी करनी है। भाजपा तो इसे पूरा नहीं कर सकती। फिर मामले को कौन लटका रहा है ? छात्रों को कौन बरगला रहा है ?

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के लिए राहुल गांधी को जो जिम्मेवार ठहराया है, वह बिल्कुल सही है। राहुल गांधी सिर्फ दिखावे के लिए एक ट्वीट कर अपने दायित्व से भाग रहे हैं। अगर वास्तव में कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों के हितकारी हैं तो हेमंत सरकार से दो टूक बात करें। या तो सीबीआई जांच या फिर समर्थन वापस। नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगने वाली कांग्रेस झारखंड के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं मांगती ? अब कांग्रेसी ही बतलाए कि यह दोहरा चरित्र नहीं तो क्या?

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि धैर्य की बात करने वाले, इस पर सरकार और प्रशासन की पीठ थपथपाने वाले कांग्रेस के मंत्री पहले यह बतलाएं कि 11 अगस्त की रात एक बजे रांची उपायुक्त, ssp सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी कौन सा संयम बरतने के लिए धरना स्थल पर गए हुए थे, क्या वे लोग सेल्फी खींचवाने गए थे। सरकार और प्रशासन छात्रों पर एक और दमनात्मक कार्रवाई की तैयारी करके छात्रों के पास गई थी, वह तो भाजपा और मीडिया वाले पहुंच गए और प्रशासन को उल्टे पांव लौटना पड़ा। इसलिए झूठी बयानबाज़ी से कांग्रेस बाज आए।

श्री शाही ने कहा कि अनुपूरक बजट वाले दिन सदन में भाजपा विधायक कांग्रेस और jmm की वजह से नहीं पहुंच पाई। भाजपा विधायकों को खुद डिटेन करवा कर "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" की कहावत कांग्रेस चरितार्थ कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीति रोटी नहीं सेंकती, भाजपा जो भी करती है डंके की चोट पर करती है।

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्यसभा चुनाव: झारखंड में बढ़ा सियासी पारा; झामुमो से बैद्यनाथ राम और कांग्रेस से प्रणव झा ने दाखिल किया नामांकन

रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। नामांकन के अंतिम दिन आज यानी 8 जून को सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवारों ने विधानसभा सचिव सह निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपना पर्चा दाखिल किया।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम और कांग्रेस की ओर से प्रणव झा ने आधिकारिक तौर पर अपना-अपना नामांकन पत्र सौंपा।

इस महत्वपूर्ण राजनैतिक मौके पर एकजुटता दिखाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद विधानसभा परिसर में मौजूद रहे। उनके साथ गठबंधन सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी उपस्थित थे, जिन्होंने दोनों प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाया।

नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दोनों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं और गठबंधन की जीत का भरोसा जताया। नामांकन का आज आखिरी दिन होने के कारण विधानसभा परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल देखा गया। इस चुनाव के साथ ही राज्य की खाली हो रही राज्यसभा सीटों पर नए जनप्रतिनिधियों के चयन का रास्ता साफ हो जाएगा।

छात्रों पर एकतरफा कार्रवाई को लेकर रांची सदर सीओ के कार्यालय पहुंचे बाबूलाल मरांडी, झामुमो के गुंडो पर की FIR दर्ज करने की मांग

JPSC एवं JSSC-CGL परीक्षा में हुई धांधली एवं राज्य सरकार की साजिश के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ हो रही ज्यादती को लेकर भाजपा लगातार छात्रों के पक्ष में खड़ी दिख रही है। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान तैनात दंडाधिकारी के द्वारा छात्रों पर की गई एकतरफा कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भाजपा के अन्य नेताओं के साथ रांची सदर के अंचलाधिकारी सह मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंच गए। श्री मरांडी ने कहा कि किसी भी पदाधिकारी को सरकार की कठपुतली बनने की बजाय कानून और विधि सम्मत काम करनी चाहिए। लेकिन पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान नियुक्त मजिस्ट्रेट ने एकतरफा कार्रवाई किया है। हम सभी ऐसे अधिकारियों को दायित्व बोध कराने के लिए आए हैं।

श्री मरांडी ने कहा कि उस दिन jmm के गुंडों ने आतंक मचाया और मुकदमा छात्रों पर किया जा रहा है। इसलिए आज हम सभी दंडाधिकारी सह सीओ से आग्रह करने आए हैं कि वे निष्पक्ष कार्रवाई करें। अगर दंडाधिकारी द्वारा उन गुंडों पर एफआईआर दर्ज नहीं किया जाता है तो जल्द ही इनके कार्यालय के समक्ष हम सभी धरना पर बैठेंगे।

श्री मरांडी ने कहा कि बीते दिनों छात्र पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शांतिपूर्वक पुतला दहन कर रहे थे। छात्रों के कार्यक्रम में जिन लोगों ने भी विघ्न डाला है, छात्राओं से दुर्व्यवहार किया है, दंडाधिकारी ने उन लोगों के ऊपर FIR दर्ज नहीं किया है। आज सोशल मीडिया का जमाना है। सोशल मीडिया पर कई सारे वीडियो और अन्य सुबूत मौजूद हैं जो चीख चीख कर गवाही दे रहे हैं कि उस दिन कौन लोग गुंडागर्दी कर रहे थे। दंडाधिकारी को निष्पक्ष होकर सामान्य रूप से पहले जिन लोगों ने गुंडागर्दी की है, उन लोगों पर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। ऐसा प्रतीत होता है कि दंडाधिकारी पूरी तरह सरकार के दबाव में हैं। झारखंड में दबाव का आलम यह है कि यहां SP के दफ्तर में सीआईडी के इंचार्ज मनोज कौशिक बैठकर काम करते हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने 24 अगस्त को ही चेतावनी दी थी कि अगर JMM के गुंडों पर एफआईआर दर्ज नहीं हुआ तो वे 25 अगस्त को संबंधित मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंच कर उनसे निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करेंगे।

इस दौरान दीपक प्रकाश, सीपी सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, वरुण साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रेस वार्ता नहीं, अंतराक्षी खेल रहे थे कांग्रेसी मंत्री": भानु प्रताप शाही का पलटवार

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता पर चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेसी मंत्री प्रेस वार्ता नहीं कर रहे थे, उनमें बोलने की इस प्रकार आपाधापी मची थी कि मानो वे अंतराक्षी प्रतियोगिता खेल रहे थे कि कौन सबसे पहले अपने आलाकमान द्वारा रटा रटाया गाना गाएगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कांग्रेस द्वारा छात्र आंदोलन में भाजपा द्वारा दोहरी राजनीति करने, आंदोलन को हाईजैक करने एवं इस मामले में राहुल गांधी को बदनाम करने के आरोप पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों पर बर्बरतापूर्ण एक बार नहीं बल्कि चार चार बार लाठीचार्ज करने वाली कांग्रेस समर्थित सरकार के मंत्रियों और नेताओं के मुंह से दोहरी राजनीति, मगरमच्छ के आंसू जैसा शब्द शोभा नहीं देता। राहुल गांधी सहित पूरी कांग्रेस पार्टी दोहरी नीति की पर्याय है।

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि छात्र आंदोलन को लेकर दोहरी राजनीति तो सत्ता पक्ष कर रहा है। एक तरफ वार्ता के नाम पर छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। इनकी कथनी और करनी में अंतर है। सरकार और कांग्रेसी नेताओं को छात्रों की दयनीय हालत क्यों नहीं दिखती ? सरकार चाहती ही नहीं कि छात्रों का आंदोलन खत्म हो, अगर सरकार की मंशा साफ है तो छात्रों की एक ही मांग है सीबीआई जांच, इसे सरकार मान ले आंदोलन चुटकी में खत्म हो जायेगा। यह मांग तो सरकार को पूरी करनी है। भाजपा तो इसे पूरा नहीं कर सकती। फिर मामले को कौन लटका रहा है ? छात्रों को कौन बरगला रहा है ?

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के लिए राहुल गांधी को जो जिम्मेवार ठहराया है, वह बिल्कुल सही है। राहुल गांधी सिर्फ दिखावे के लिए एक ट्वीट कर अपने दायित्व से भाग रहे हैं। अगर वास्तव में कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों के हितकारी हैं तो हेमंत सरकार से दो टूक बात करें। या तो सीबीआई जांच या फिर समर्थन वापस। नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगने वाली कांग्रेस झारखंड के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं मांगती ? अब कांग्रेसी ही बतलाए कि यह दोहरा चरित्र नहीं तो क्या?

प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि धैर्य की बात करने वाले, इस पर सरकार और प्रशासन की पीठ थपथपाने वाले कांग्रेस के मंत्री पहले यह बतलाएं कि 11 अगस्त की रात एक बजे रांची उपायुक्त, ssp सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी कौन सा संयम बरतने के लिए धरना स्थल पर गए हुए थे, क्या वे लोग सेल्फी खींचवाने गए थे। सरकार और प्रशासन छात्रों पर एक और दमनात्मक कार्रवाई की तैयारी करके छात्रों के पास गई थी, वह तो भाजपा और मीडिया वाले पहुंच गए और प्रशासन को उल्टे पांव लौटना पड़ा। इसलिए झूठी बयानबाज़ी से कांग्रेस बाज आए।

श्री शाही ने कहा कि अनुपूरक बजट वाले दिन सदन में भाजपा विधायक कांग्रेस और jmm की वजह से नहीं पहुंच पाई। भाजपा विधायकों को खुद डिटेन करवा कर "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" की कहावत कांग्रेस चरितार्थ कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीति रोटी नहीं सेंकती, भाजपा जो भी करती है डंके की चोट पर करती है।

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्यसभा चुनाव: झारखंड में बढ़ा सियासी पारा; झामुमो से बैद्यनाथ राम और कांग्रेस से प्रणव झा ने दाखिल किया नामांकन

रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। नामांकन के अंतिम दिन आज यानी 8 जून को सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवारों ने विधानसभा सचिव सह निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपना पर्चा दाखिल किया।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम और कांग्रेस की ओर से प्रणव झा ने आधिकारिक तौर पर अपना-अपना नामांकन पत्र सौंपा।

इस महत्वपूर्ण राजनैतिक मौके पर एकजुटता दिखाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद विधानसभा परिसर में मौजूद रहे। उनके साथ गठबंधन सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक भी उपस्थित थे, जिन्होंने दोनों प्रत्याशियों का हौसला बढ़ाया।

नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दोनों प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं और गठबंधन की जीत का भरोसा जताया। नामांकन का आज आखिरी दिन होने के कारण विधानसभा परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल देखा गया। इस चुनाव के साथ ही राज्य की खाली हो रही राज्यसभा सीटों पर नए जनप्रतिनिधियों के चयन का रास्ता साफ हो जाएगा।