राम मंदिर चंदा चोरी मामले में छापेमारी, 8 आरोपियों के घर हुई दबिश, अब तक 79.85 लाख बरामद
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अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज, रविवार को भी एक्शन हुआ। चढ़ावा चोरी के सभी आठ आरोपियों के घर रविवार को सुबह पुलिस ने एक साथ दबिश दी। टीमें एक साथ सभी के घर पहुंची। पुलिस ने चंदा चोरी के 8 आरोपियों के ठिकानों पर चढ़ावा चोरी के मामले में छापेमारी की और सबूत जुटाए। इस मामले में घरवालों से पूछताछ शुरू की। साथ ही पड़ोसियों से बातचीत करके जानकारी जुटाई। छापेमारी के दौरान 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
10 जगहों पर छापेमारी कर रही है पुलिस
राम मंदिर के चढ़ावा गबन मामले पर पुलिस एक साथ 10 स्थान पर कर रही है छापेमारी। पुलिस ने आठों आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, अविनाश शुक्ल और रमाशंकर मिश्र को जेल भेज दिया है। अब पुलिस परिजनों से पूछताछ कर सबूत जुटा रही है।
एसआईटी कर रही चंदा चोरी की जांच
6 जून को राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद सरकार ने मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी कई दिनों तक अयोध्या में रहकर राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में जांच की थी। इसके बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। बीते गुरुवार ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने आठों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
टिन्नू के पास ही रहती थी दान पात्र और गणना कक्ष की चाबी
'चंदा चोरी' के किरदारों की बात करें तो इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव जैसे कई नाम शामिल हैं। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, चंपत राय का बेहद करीबी थी। मंदिर की हर व्यवस्था में उसका दखल था। चंदे की गिनती प्रक्रिया की देखरेख टिन्नू के हवाले थी। गणना कक्ष और दान पात्रों की चाबी टिन्नू के पास रहती थी। टिन्नू पहले ऑटो चलाता था और उसके पास करोड़ों की संपत्ति है।
अनुकल्प मिश्रा पर बैंक ले जाते वक्त पैसे चोरी का आरोप
आरोपी अनुकल्प मिश्रा की बात करें तो उसकी जिम्मेदारी काउंटिंग रूम में चढ़ावा गिनने की थी। अनुकल्प मिश्रा ने कथित रूप से काउंटिंग रूम से पैसे चुराकर बाथरूम में छिपाए थे। उसने बैंक ले जाते वक्त पैसे की चोरी की थी। उसने चोरी की रकम से लाखों की संपत्ति बनाई। अनुकल्प मिश्रा, आरोपी लवकुश मिश्रा का रिश्तेदार है। अनिल मिश्रा ने अनुकल्प को नौकरी पर रखा था।
लवकुश के घर से बरामद हो चुके हैं 12 लाख
वहीं, लवकुश मिश्रा की जिम्मेदारी चढ़ावे और कैश की गिनती की थी। लवकुश मिश्रा पर आरोप है कि उसने चढ़ावे से करोड़ों की नकदी और गहने की चोरी की। लवकुश ने चुराई गई रकम से करोड़ों की संपत्ति बनाई। अपने रिश्तेदार को गिनती के काम में लगाया। लवकुश के घर से 12 लाख रुपये पहले ही बरामद हो चुके हैं। अनिल मिश्रा की सिफारिश पर उसे नौकरी मिली थी।
कैश काउंटिंग स्टाफ का प्रभारी था सुभाष
इसके अलावा, आरोपी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की जिम्मेदारी कैश काउंटिंग स्टाफ के प्रभारी के रूप में थी। सुभाष पर आरोप है कि वह भी चढ़ावे की चोरी में शामिल है। उसने निगरानी में लापरवाही की। सुभाष, अनिल मिश्रा का करीबी बताया जाता है।





फर्रुखाबाद । जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय ने अन्य पिछड़़ा वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों को सूचित करते हुये कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अन्तर्गत संचालित निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत छात्र-छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन किये जाने हेतु 16 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक की तिथि निर्धारित है। कम्प्यूटर प्रशिक्षण के लिये प्रशिक्षार्थी की (10़2 ) इण्टरमीडिएट न्यूनतम शैक्षिक अर्हता आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन विभागीय वेबसाइट 



8 hours ago
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