सऊदी अरब और अमेरिका में न्यूक्लियर डील, जानें ट्रंप की इस मंजूरी के बाद कैसे बदलेंगे वैश्विक समीकरण?

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अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव मामूली नहीं है। फरवरी से जारी जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच इस हालिया संघर्ष और तनाव का मुख्य कारण ईरान का तेजी से बढ़ता परमाणु कार्यक्रम, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है। हालांकि, इसी बीच मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते को मंजूरी दे दी है।

परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अमेरिका देगा साथ

इस समझौते के तहत सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अमेरिका सहयोग देगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता भविष्य में सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिलने का रास्ता भी खोल सकता है। यूरेनियम संवर्धन का मतलब है यूरेनियम में शुद्धता बढ़ाना। साधारण यूरेनियम में काम आने वाले यूरेनियम (यू-235) की मात्रा बढ़ाना। इसी प्रक्रिया से बना यूरेनियम परमाणु बिजली बनाने में भी इस्तेमाल होता है, और अगर इसे बहुत ज्यादा संवर्धित किया जाए, तो परमाणु बम बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या परमाणु बम बनाएगा सऊदी अरब?

इस समझौते में 'गोल्ड स्टैंडर्ड' शामिल नहीं है। अगर यह शामिल होता, तो सऊदी अरब पर यूरेनियम को एनरिच करने या इस्तेमाल हो चुके न्यूक्लियर फ्यूल की रीप्रोसेसिंग करने पर रोक लग जाती। ये दोनों ही न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए जरूरी मटीरियल हासिल करने के मुख्य तरीके हैं। परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सऊदी अरब में अगर यूरेनियम एनरिचमेंट वाले प्लांट आ गए तो इससे इस देश के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल सकता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब के आक्रामक क्राउन प्रिंस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु बम हासिल कर लेता है, तो वे भी ऐसा कर सकते हैं।

30 साल की डील

30 साल तक चलने वाले इस नए समझौते की कीमत अरबों डॉलर होने का अनुमान है। इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि सऊदी अरब के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में अमेरिकी कंपनियों की मुख्य भूमिका हो और दूसरे विदेशी प्रतिस्पर्धियों को इससे बाहर रखा जा सके।

Homeopathy Clinic in Hyderabad for Spinal Stenosis – A Personalized Approach to Spine Care

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Spinal stenosis is a condition that develops when the spaces inside the spine become narrower, placing pressure on the nerves that travel through the spinal canal. It is most commonly seen in the neck and lower back and can gradually affect a person's ability to move comfortably. Many individuals ignore the early signs, assuming they are a normal part of aging, but timely evaluation can help prevent the condition from interfering with everyday life. Visiting a trusted homeopathy clinic in Hyderabad allows patients to receive care that is tailored to their individual health needs.

As spinal stenosis progresses, symptoms may become more noticeable. Individuals often experience persistent back or neck pain, tingling or numbness in the arms and legs, muscle weakness, leg cramps, and difficulty maintaining balance. Walking or standing for long periods may become uncomfortable, while sitting or leaning forward often provides temporary relief. Since these symptoms can overlap with other spinal disorders, obtaining an accurate assessment is important.

The condition may arise due to natural age-related changes in the spine, osteoarthritis, herniated discs, thickened ligaments, bone spur formation, previous spinal injuries, or inherited structural changes. Although these causes vary, maintaining a healthy lifestyle, practicing good posture, and staying physically active can help support spinal health.

At a professional homeopathy clinic in Hyderabad, the emphasis is on treating the individual rather than focusing solely on the diagnosis. Homeopathy follows a holistic philosophy that considers a person's complete health profile, including physical symptoms, lifestyle, medical history, and overall well-being. Based on this detailed evaluation, an individualized treatment plan is designed to support the body's natural healing processes, improve mobility, and promote long-term wellness. Regular follow-up consultations ensure that treatment continues to meet the patient's evolving health requirements.

Spiritual Homeopathy is dedicated to providing compassionate, patient-focused homeopathic care for spinal stenosis and other chronic conditions. Every consultation is conducted with careful attention to the individual's concerns, helping create personalized treatment strategies that support overall health. With branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy has earned the trust of patients looking for a reliable homeopathy clinic in Hyderabad that combines professional expertise with a holistic approach.

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत गिरिडीह जिले में जमुआ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, जमुआ, गिरिडीह के निर्माण कार्य हेतु रू० 38,22,37,000/- (अड़तीस करोड़ बाईस लाख तैंतीस हजार) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत रामगढ़ जिले में माण्डु विधान सभा अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, माण्डु, रामगढ़ के निर्माण कार्य हेतु रु० 40,14,96,500/- (चालीस करोड़ चौदह लाख छियानवे हजार पाँच सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री रमोद नारायण झा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, वेजफेड, राँची / तत्कालीन प्रबंध निदेशक, धनबाद सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि०, धनबाद सम्प्रति सेवानिवृत उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, कार्यालय-संयुक्त निबंधक, स०स०, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्डल, राँची के सम्पूर्ण पेंशन की राशि पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत स्थायी रूप से जब्त किये जाने संबंधी विभागीय संकल्प संख्या-1164, दिनांक-28.08.2020 को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ श्री चन्देश्वर कापर, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, दी गुमला-सिमडेगा, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1287, दिनांक 30.05.2016 को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3005/2016 तारकेश्वर प्रसाद सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-31.07.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री तारकेश्वर प्रसाद सिंह को उनके सेवा काल में दिये गये कालबद्ध प्रोन्नति, प्रथम एवं द्वितीय सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना तथा प्रोन्नति के आलोक में वेतन एवं पेंशन निर्धारण करने हेतु वित्त विभागीय परिपत्र सं०-5207, दिनांक 14.08.2002 के प्रभाव को क्षांत किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-4884/2014 शेषनाथ शुक्ला बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-26.11.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री शेषनाथ शुक्ला द्वारा अस्थायी पद पर किये गये कार्य अवधि को न्यूनतम पेंशन प्रदायी सेवा अवधि में जोड़े जाने संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्यान्तर्गत अनुसचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन छात्रावास निर्माण, संचालन एवं प्रबंधन हेतु झारखण्ड अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पिछड़ा जाति एवं अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना, 2024 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के पंचायती राज संस्थाओं के क्षेत्राधिकार के लिए अंगीकृत झारखण्ड बिल्डिंग बायलॉज-2016 में संशोधन (प्रथम संशोधन) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के दूरस्थ स्थानों से गंभीर मरीजों को अल्प समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निमित्त हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्बुलेंस सेवा (Helicopter Emergency Medical Service-HEMS) उपलब्ध कराने हेतु 01 Single Engine हेलीकॉप्टर की सेवा प्राप्त करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद संख्या-WPS No. 3878/2025, जयनाथ यादव बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में श्री जयनाथ यादव की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए उन्हें अनुमान्य ACP/MACP का लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत "भुईंयांसिनान से सुसनी भाया हाथीखेदा मंदिर पथ के पुनर्निर्माण कार्य (कुल लं०-22.445 कि०मी०) (under CRIF & Job No. CRF-JHR-2022-23/58)" हेतु कुल रू० 102,40,37,300/-(एक सौ दो करोड़ चालीस लाख सैंतीस हजार तीन सौ) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू० 21,53,64,900/- (इक्कीस करोड़ तिरपन लाख चौंसठ हजार नौ सौ) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No.- 716/2023 को dismiss कर देने के फलस्वरूप Cont. Case(Civil) No. 623/2024 में दिनांक-01.05.2026 एवं W.P.(S) No. 6481/2014 में दिनांक-11.04.2023 को पारित न्यायादेश के आलोक में श्री राज किशोर प्रसाद, तदेन सहायक निदेशक, गुण नियंत्रण, पथ अवर प्रमण्डल, पथ प्रमण्डल, गिरिडीह संप्रति सेवानिवृत्त के विरुद्ध अधिरोपित दण्डादेश एवं अपील अभ्यावेदन अस्वीकृति से संबंधित विभागीय अधिसूचना को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर होने वाले SLP के फलाफल से प्रभावित होने के शर्त के साथ विलोपित करने की स्वीकृति दी गई।

★ सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप 1 मधुमेह, अन्य गैर-संक्रामक रोगों (Non-Communicable Diseases) से प्रभावित तथा दिव्यांग बच्चों को विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत आवश्यक उपस्थिति में छूट हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा एस०एल०पी० (सि०) संख्या-26265-26266/2025 झारखंड सरकार एवं अन्य बनाम गरीबनाथ मिश्रा एवं वाद को दिनांक 12.09.2025 को खारिज किए जाने के आलोक में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यू०पी० (एस०) सं०-2589/2020 एवं अन्य समरूप वाद में दिनांक 19.09.2023 को पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु सुसंगत प्रावधानों का निरूपण की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० अर्चना चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसमार, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ सर जे० सी० बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-903, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) एवं डिग्री महाविद्यालय, बरही का नाम परिवर्तित कर डिग्री महाविद्यालय, चंदवारा करने की स्वीकृति दी गई।

★ विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-894, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-893, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-898, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को छोड़कर) के सेवानिवृत शिक्षकों एवं पदाधिकारियों (दिनांक 01.12.2004 के पूर्व नियुक्त) को 7th CPC के अन्तर्गत सातवां पुनरीक्षित वेतनमान में पेंशन /पारिवारिक पेंशन का लाभ दिनांक-01.01.2016 से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-902, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-895, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-897, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद यथा 1. वाद संख्या WPS No.6408/2017, जयन्त कुमार प्रधान बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य 2. WPS No.6485/2017, अभिषेक तिर्की बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य एवं 3. WPS No.6632/2017, मो० काजिमउद्दीन बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में संयुक्त रुप से पारित न्यायादेश दिनांक-09.12.2024 के अनुपालन हेतु संबंधित तीन (03) भूतपूर्व विभागीय कर्मियों यथा क्रमशः 1. स्व० नरेश कुमार, पूर्व पदचर 2. स्व० भूषण मुनि, पूर्व लिपिक एवं 3. स्व० हाशीमउद्दीन, पूर्व पदचर (वर्ग तीन एवं चार के कर्मियों) की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए (उनके आश्रितों को अनुकम्पा आधारित नियुक्ति का लाभ) प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक राज्य योजनान्तर्गत Proposed SNMMCH College & Teaching Hospital, Dhanbad: Holistic Augmenatation & Redevelopment at Dhanbad के अंतर्गत Upgradation of Existing Medical College & Teaching Hospital, Existing 100 UG Seats Upgradation to 250 UG Seats to 200 PG Seats & 16 Post PG Seats to 50 Post PG Seats Along with other Allied Infrastructure & Services (Part-2) की योजना हेतु कुल 1,94,73,42,600/- (एक अरब चौरानवे करोड़ तिहतर लाख बयालीस हजार छः सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-2027 में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के स्तर पर गठित झारखण्ड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के अंतर्गत निबंधित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति/वजीफा मद में आवंटित निधि रू0 12,92,00,000/- (बारह करोड़ बेरानवें लाख रूपये मात्र) में से रू० 6,92,00,000/- (छहः करोड़ बानवे लाख रूपये मात्र) को प्रत्यर्पित करते हुए सहायता अनुदान सामान्य (गैर वेतन) मद में 12,32,00,000/- (बारह करोड़ बत्तीस लाख रूपये मात्र) का उपबंध झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में कराने की स्वीकृति दी गई।

★ आदित्यपुर नगर निगम के नए म्युनिसिपल बिल्डिंग के निर्माण हेतु 39,67,09,000 (39 करोड़ 67 लाख 09 हजार रुपए) की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के कार्यान्वयन और झारखण्ड में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-5 (संयुक्त निष्पादन लेखापरीक्षा-सिविल) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन सक्षम आँगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत् पूरक पोषाहार कार्यक्रम (SNP) तथा किशोरी बालिकाओं के लिए योजना (SAG) अन्तर्गत लाभार्थियों को Take Home Ration (THR) स्वरूप Micronutrient Fortified Food and/or Energy Dense Food (MFEDF) के निर्बाध वितरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से इन योजनाओं के तहत् एतद् सामग्रियों का वर्ष-2026 के फरवरी एवं मार्च महीने में इसके आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त आपूर्ति का विनियमन तथा छह (06) माह के लिए अथवा निविदा कार्य निष्पादनोपरांत कार्यादेश निर्गमण की तिथि तक (जो पहले घटित हो जाय) के लिए आपूर्ति इसके गत् निर्माणकर्त्ता-सह-आपूर्तिकर्त्ता से प्राप्त करने हेतु इन आपूर्तिकर्ताओं यथा मेसर्स इंटरलिंक फूड्स प्रा०लि०, मेसर्स आदित्य फ्लॉर मिल एवं मेसर्स कोटा दाल मिल का झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-245 के तहत् नियम-235 को शिथिल करते हुए मनोनयन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा S.L.P. (C) No.- 25207-25208/2023 में दिनांक-19.05.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में बिहार राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड, पटना के अधीन संचालित ईकाई में कार्यरत रहे कर्मियों का सरकारी सेवा में समायोजन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती शोभा मुर्मू, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी. आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध / अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में गिरिडीह पूर्वी वन प्रमण्डल एवं दुमका वन प्रमण्डल के अंतर्गत प्रस्तावित दो नए चिड़ियाघर एवं भविष्य में भी झारखण्ड राज्य में बनने वाले चिड़ियाघरों, जंगल सफारी एवं वन्यप्राणी रेस्क्यू केन्द्रों के निर्माण, प्रबंधन एवं रख-रखाव की जिम्मेवारी को झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण (Jharkhand Zoo Authority) के क्षेत्राधिकार में शामिल करने के निमित झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण के Bye-laws में अन्य संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका अंतर्गत "kherabani (SH -15) Ranighaghar (ADB) road (कुल लं0-9.172 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (वृक्षारोपण, भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 53,73,14,700/- (तिरपन करोड़ तिहत्तर लाख चौदह हजार सात सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० राम नाथ राम, तदेन निलंबित अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, लोहरदगा (मुख्यालय-पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, काँके, राँची / क्षेत्रीय निदेशक पशुपालन कार्यालय, राँची) सम्प्रति दिनांक-30.11.2016 को निलम्बन में ही सेवानिवृत्त को विभागीय अधिसूचना संख्या-1197 दिनांक-17. 10.2025 से अधिरोपित पूर्ण पेंशन एवं उपादान के भुगतान पर रोक के दण्ड पर माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No. 32/2023 में दिनांक-13.08.2024 एवं Cont. case (Civil) No.-978/2025 में दिनांक-13.03.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में नया आदेश पारित करने की स्वीकृति दी गई।

★ षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का षष्ठम् (मानसून) सत्र 06.08.2026 से 12.08.2026 तक आहूत किये जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ विभागीय संकल्प संख्या 2215 दिनांक 29.10.2020 द्वारा स्वीकृत आदर्श विद्यालय योजना का अवधि विस्तार आगामी पाँच वर्षों (वर्ष 2025-26 से 2029-30) तक करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में झारखण्ड ई-शिक्षा कनेक्ट प्रोग्राम के अन्तर्गत आगामी 05 वर्षों हेतु Al-powered Virtual Classrooms with student analytics के संदर्भ में 02 केन्द्रीय स्टूडियों, 05 प्रमण्डल के 05 डायट में क्षेत्रीय स्टूडियों तथा 1000 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु Al-powered Virtual Classrooms की अधिष्ठापना एवं आगामी 05 वर्षों के संचालन के लिये रु.1,76,07,85,560/- (एक अरब छिहत्तर करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा चालू वित्तीय वर्ष में अनावर्ती मद में रू. 56,07,85,560/- (छप्पन करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र तथा आवर्ती मद में रू० 24,00,00,000/-(चौबीस करोड़ रूपये) मात्र अर्थात् कुल रू० 80,07,85,560/- (अस्सी करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र के व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ अवमाननावाद संख्या Contempt Case (Civil) No. 1059/2024 (वाद संख्या WP(S) 877/2018 से उद्भूत) श्री कृष्ण मुरारी एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में वाद संख्या WP(S) 877/2018 के Petitioners को विभागीय अधिसूचना संख्या 122 दिनांक 21.01.2015 द्वारा CAS के तहत दिये गए प्रोन्नति का लाभ देय तिथियों से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ प्रधान महालेखाकार (ले. एवं हक़.) कार्यालय, झारखण्ड, राँची में राज्य कर्मियों से संबंधित कार्यों एवं रिकॉडों हेतु जारी डिजिटलीकरण प्रक्रिया के क्रम में तृतीय चरण (Third Phase) के रूप में रु० 46,85,000.00 (छियालीस लाख पचासी हजार रुपये मात्र) का वित्तीय सहायता की स्वीकृति दी गई।

★ "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) नियमावली 2004 (समय समय पर यथा संशोधित) को संशोधित करते हुए "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2001 के नियम-4 (a) में उल्लेखित प्रावधान तथा झारखण्ड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर 02 अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में माँग संख्या-29 के मुख्यशीर्ष-2853-अलौह खनन और धातु कर्म उद्योग, उपमुख्य शीर्ष 02-खानों का विनियमन और विकास, लघु शीर्ष-001-निदेशन तथा प्रशासन, उप शीर्ष-01-खनन स्थापना अन्तर्गत "86-वापसी" ईकाई (विपत्र कोड-29-S-2853-02-001-01-00-08-86) में विविध न्याय निर्णय के आलोक में झारखण्ड आकस्मिकता निधि (JCF) के माध्यम से राशि रु० 146,00,00,000/- (एक सौ छियालीस करोड़ रूपये) मात्र अग्रिम की स्वीकृति दी गई।

★ वित्त विभागीय IFMS पोर्टल के साथ Silent Bank Account Verification (Bank Account Verification-V1) तथा Online PAN Verification (OPV) सेवाओं के integration हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम 245 के आलोक में नियम-235 को शिथिल करते हुए Protean eGov Technologies Limited के मनोनयन की घटनोत्तर स्वीकृति एवं अनुबंध प्रारूप की स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "घाघरा से जोकारी भाया रन्हे, कुण्डो, रूकीघाटी (बिशुनपुर) पथ (कुल लंबाई-19.100 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (पुलों के निर्माण, भू-अर्जन, R&R एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित)" हेतु रू0 101,77,37,700/- (एक सौ एक करोड़ सतहत्तर लाख सैंतीस हजार सात सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ रांची अंतर्गत "टांगरबसली मोड़ (RCD पथ पर) से बोबरो मोड़ (RCD पथ पर) माया परयागो, बिसहाखटंगा, डुमरी पथ (कुल लम्बाई 11.576 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टींग, R&R एवं वृक्षारोपण सहित)" हेतु रू० 63,77,13,300/- (तिरसठ करोड़ सतहत्तर लाख तेरह हजार तीन सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "परवल RCD पथ से करंज पथ भाया पहाड़बंगरू, चीतागुटू, कानारोआ, बैरीटोली, नया करंज थाना (कुल लंबाई-14.251 कि0मी0) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, Plantation, Utility Shifting एवं R&R सहित)" हेतु रू0 76,75,18,900/-(छिहत्तर करोड़ पचहत्तर लाख अठारह हजार नौ सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, राँची / झारखंड राज्य अवस्थित अन्य माननीय न्यायालयों एवं न्यायाधिकरणों में झारखंड सरकार से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु महाधिवक्ता कार्यालय, झारखंड, राँची में नियुक्त विधि पदाधिकारियों यथा-महाधिवक्ता / वरीय अपर महाधिवक्ता / अपर महाधिवता / स्थायी सलाहकार / विशेष लोक अभियोजक / राजकीय अधिवक्ता / सरकारी वकील / अपर लोक अभियोजक / लॉ रिसर्च ऑफिसर एवं अधिवक्ता लिपिक तथा माननीय पटना उच्च न्यायालय में झारखंड राज्य से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु नियुक्त विधि पदाधिकारियों के शुल्क निर्धारण / पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई।

★ महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के लिए वरीय अपर महाधिवक्ता के 02 (दो) अतिरिक्त पद/अपर महाधिवक्ता के 01 (एक) अतिरिक्त पद / राजकीय अधिवक्ता का 01 (एक) अतिरिक्त पद / सरकारी वकील का 44 अतिरिक्त पद एवं लॉ रिसर्च ऑफिसर के 15 (पन्द्रह) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

जनगणना पुस्तिका तैयार किए जाने के संबंध में हुआ  प्रशिक्षण
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) दीपाली भार्गव की अध्यक्षता में बालिका राजकीय इंटर कालेज हरदोई में जिला जनगणना पुस्तिका (District Census Handbook&DCHB) तैयार किए जाने के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जनगणना-2027 से संबंधित आंकड़ों, अभिलेखों एवं विभागीय सूचनाओं के संकलन, सत्यापन तथा व्यवस्थित रूप से तैयार किए जाने के संबंध में राजस्व विभाग के लेखपालों को जनगणना निदेशालय से नामित जिला प्रभारी विनय कुमार वर्मा द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण से दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने लेखपालों को निर्देश दिए कि जनगणना निदेशालय से निर्गत परिपत्र के अनुसार जिला जनगणना पुस्तिका तैयार कर DCH पोर्टल पर करने हेतु आवश्यक आंकड़ों एवं सूचनाओं को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित रूप से DCH पोर्टल पर फीड किया जाएगा, उन्होंने कहा कि पुस्तिका में जिले की जनसंख्या, प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित प्रमाणिक आंकड़ों का समावेश किया जाएगा। यह कार्यक्रम 16 अगस्त से प्रारंभ होकर 15 सितंबर 2026 को सम्पन्न होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों/लेखपालों को निर्देशित किया कि अपने-अपने आवंटित क्षेत्र से संबंधित सूचनाओं का भली-भांति परीक्षण कराते हुए निर्धारित प्रारूप में समय से पूर्व उपलब्ध कराएं, जिससे जिला जनगणना पुस्तिका को गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक ढंग से तैयार किया जा सके। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय से नामित जिला प्रभारी विनय कुमार वर्मा, चार्ज अधिकारी/तहसीलदार सदर सचिन्द्र शुक्ला व जनगणना से अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
वाराणसी मंडल के बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणन
वाराणसी  पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के नेतृत्व और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) अभिषेक राय के मार्गदर्शन में बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को एक साथ ISO 9001:2015, ISO 14001:2015 और ISO 45001:2018 के अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं।

यह प्रमाणन गुणवत्ता आधारित अनुरक्षण, सुरक्षित कार्य संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का परिणाम है। तीनों डिपो में रेल कोचों का रखरखाव भारतीय रेल और RDSO के मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और गुणवत्तापूर्ण यात्रा सुविधा मिल सके।

प्रमाणन प्रक्रिया के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को गुणवत्ता, पर्यावरण और सुरक्षा संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। स्वतंत्र ऑडिट में सभी मानकों पर सफल पाए जाने के बाद तीनों डिपो को यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्रदान की गई।

इस अवसर पर आशीष जैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत, कार्यकुशलता और उत्कृष्ट सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने इसे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने की नई जिम्मेदारी बताया।
Homeopathy Clinic in Hyderabad for Vitamin D Deficiency: Comprehensive Holistic Care

Need a trusted homeopathy clinic in Hyderabad for Vitamin D deficiency? Spiritual Homeopathy provides personalized holistic consultations for better overall health.

Understanding Vitamin D Deficiency

Vitamin D is an important nutrient that supports bone strength, muscle function, and immune health. When the body does not receive enough Vitamin D, it can affect overall wellness and make routine activities more difficult. Because the deficiency often develops gradually, many people remain unaware of the problem until symptoms become more noticeable. For this reason, many individuals visit a homeopathy clinic in Hyderabad to receive a detailed health evaluation and individualized care.

How It Can Affect Your Health

Low Vitamin D levels may contribute to tiredness, muscle weakness, bone discomfort, joint pain, reduced stamina, and frequent infections. Some people may also experience slower recovery after physical activity or feel generally exhausted without a clear cause. These symptoms should not be ignored, as early medical assessment can help identify the underlying issue. Choosing a homeopathy clinic in Hyderabad ensures that your health concerns are evaluated with a personalized approach.

Vitamin D deficiency can occur due to several reasons, including inadequate sunlight exposure, poor dietary habits, digestive disorders, obesity, advancing age, and certain long-term health conditions. Since every person's health profile is different, individualized assessment is essential for planning supportive care.

A Holistic Homeopathic Perspective

Many people choose a homeopathy clinic in Hyderabad because homeopathy focuses on the individual rather than only the condition. A detailed consultation considers physical health, emotional well-being, lifestyle, and personal medical history to understand the complete health picture. The goal is to improve overall vitality, encourage healthy lifestyle practices, and support long-term wellness through personalized care.

Why Spiritual Homeopathy?

Spiritual Homeopathy is a trusted homeopathy clinic in Hyderabad dedicated to patient-focused care. With experienced homeopathic doctors and branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, the clinic offers detailed consultations, individualized treatment planning, and regular follow-up to help patients achieve better health outcomes.

Start Your Wellness Journey

If you are searching for a dependable homeopathy clinic in Hyderabad for Vitamin D deficiency, consult Spiritual Homeopathy for compassionate, holistic, and personalized healthcare.

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Call: 9069176176.

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Homeopathy in Hyderabad for Anorexia: Supporting Recovery with Personalized Care

Explore homeopathy in Hyderabad for anorexia. Learn about its symptoms, causes, and holistic care with Spiritual Homeopathy. Call 9069176176.

Anorexia is a serious eating disorder that affects both physical and emotional health. It is characterized by an intense fear of gaining weight, a distorted body image, and a persistent restriction of food intake. As the condition progresses, it may lead to unhealthy weight loss, nutritional deficiencies, fatigue, hormonal imbalance, and reduced immunity. Seeking timely professional care is important, and many people choose homeopathy in Hyderabad to complement a comprehensive healthcare plan focused on overall wellness.

Signs That Should Not Be Ignored

People with anorexia may experience noticeable weight loss, poor appetite, weakness, dizziness, dry skin, thinning hair, anxiety, depression, mood swings, and difficulty concentrating. Some individuals may also avoid eating with others or become overly concerned about calories and body weight. Recognizing these symptoms early can help ensure appropriate evaluation and timely support. This is one of the reasons many families explore homeopathy in Hyderabad as part of an individualized approach to care.

Why Does Anorexia Develop?

There is no single cause of anorexia. The condition often results from a combination of emotional, psychological, genetic, and environmental influences. Factors such as stress, perfectionism, low self-esteem, family history, and social pressure regarding body image can increase the likelihood of developing anorexia. Understanding these contributing factors helps healthcare professionals recommend personalized care, making homeopathy in Hyderabad a preferred option for many patients seeking holistic support.

The Homeopathic Approach

Homeopathy emphasizes individualized care by considering the patient's complete physical, emotional, and lifestyle profile. A detailed consultation helps understand the unique challenges faced by each individual, allowing healthcare professionals to develop a personalized treatment plan. The focus is on supporting emotional well-being, encouraging healthy eating habits, improving general health, and promoting long-term wellness. This holistic philosophy has made homeopathy in Hyderabad a trusted choice for many individuals and families.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy is committed to delivering patient-focused care through detailed consultations and individualized treatment plans. Patients seeking homeopathy in Hyderabad receive compassionate attention, regular follow-up, and professional guidance tailored to their specific health needs. With experienced homeopathic doctors and multiple branches across Hyderabad, Spiritual Homeopathy continues to support individuals on their journey toward better health and improved quality of life.

Take the First Step Toward Better Health

If you are looking for trusted homeopathy in Hyderabad for anorexia, consult Spiritual Homeopathy for personalized guidance and holistic care.

Call Now: 9069176176

Homeo Doctor in Hyderabad for Viral Fever – Natural Care for Seasonal Health Concerns

Need a trusted homeo doctor in Hyderabad for viral fever? Learn about viral fever symptoms, causes, and personalized homeopathic care at Spiritual Homeopathy.

Homeo Doctor in Hyderabad for Viral Fever

Viral fever is one of the most common illnesses seen during seasonal changes, affecting people of all ages. It occurs when a viral infection triggers the body's immune response, resulting in fever and other symptoms such as body pain, weakness, headache, and fatigue. While most viral fevers resolve with supportive care, some cases may require medical evaluation to rule out complications or other infections.

If you are looking for a reliable homeo doctor in Hyderabad, it is important to understand the condition and seek professional guidance at the right time. A qualified homeo doctor in Hyderabad can assess your symptoms, overall health, and medical history to provide individualized care that supports your recovery and overall well-being.

Symptoms of Viral Fever

The symptoms of viral fever usually appear within a few days of infection and can differ from one person to another. Common symptoms include:

  • Elevated body temperature
  • Chills and shivering
  • Body and muscle aches
  • Joint pain
  • Persistent headache
  • Weakness and fatigue
  • Sore throat
  • Runny or blocked nose
  • Dry cough
  • Loss of appetite
  • Occasional nausea or vomiting

Persistent high fever or symptoms such as severe dehydration, breathing difficulty, confusion, or prolonged weakness require immediate medical attention.

Causes of Viral Fever

Viral fever is caused by viruses that enter the body through respiratory droplets, contaminated surfaces, mosquito bites, or direct contact with infected individuals.

Common causes include:

  • Influenza infections
  • Common cold viruses
  • COVID-19
  • Dengue fever
  • Chikungunya
  • Seasonal viral infections
  • Poor hygiene habits
  • Reduced immunity
  • Exposure to infected individuals

Maintaining personal hygiene, eating nutritious food, staying hydrated, and getting adequate sleep can help lower the risk of viral infections.

Homeopathy Treatment for Viral Fever

Many individuals choose to visit a homeo doctor in Hyderabad because homeopathy follows an individualized approach to healthcare. Rather than focusing only on managing fever, homeopathy considers the patient's overall health, symptom pattern, medical history, lifestyle, and immune response before recommending a treatment plan.

An experienced homeo doctor in Hyderabad carefully evaluates each patient and designs a personalized treatment approach based on individual needs. The goal is to support the body's natural healing processes while promoting overall health and wellness. Since every patient experiences viral fever differently, treatment is tailored to the individual's condition instead of following a generalized approach.

Homeopathy should always be used under the guidance of a qualified practitioner, and patients with severe symptoms or suspected serious viral infections should seek immediate medical care.

Why Choose Spiritual Homeopathy?

If you are searching for an experienced homeo doctor in Hyderabad, Spiritual Homeopathy offers personalized consultations with a focus on holistic healthcare. Every patient receives a detailed assessment that helps the doctors understand their complete health condition before planning individualized care.

With experienced homeopathic doctors and branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy is committed to delivering quality healthcare through compassionate service and patient-centered consultations. The clinic emphasizes long-term wellness, individualized attention, and professional care for every patient.

Conclusion

Viral fever is a common condition that should be managed with proper medical guidance and timely care. Consulting an experienced homeo doctor in Hyderabad can help you receive personalized support based on your health needs. If you are looking for trusted homeopathic care for viral fever, Spiritual Homeopathy provides comprehensive consultations focused on improving your overall well-being.

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Consult an experienced homeo doctor in Hyderabad at Spiritual Homeopathy for personalized homeopathic care.

योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के आम्रपाली आम को मिली वैश्विक पहचान, 1200 किलो की खेप लंदन रवाना
-  भारत-यूके CETA से बढ़ा निर्यात का रास्ता, दो दिन में 2400 किलो चौसा और आम्रपाली आम यूके भेजे गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। भारत-यूके CETA (Comprehensive Economic and Trade Agreement) के प्रभावी होने के बाद योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश के प्रसिद्ध आम्रपाली आम की 1200 किलोग्राम की खेप शनिवार को लंदन के लिए रवाना की गई। इससे प्रदेश के बागबानों को वैश्विक बाजार तक पहुंच और बेहतर मूल्य मिलने की नई संभावनाएं खुली हैं।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने उद्यान निदेशालय, लखनऊ से निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार कृषि एवं उद्यान उत्पादों के निर्यात को लगातार बढ़ावा दे रही है, ताकि किसानों और बागबानों की आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के गुणवत्तापूर्ण फलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति पर काम किया जा रहा है। एपीडा (APEDA) और उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश के आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बागबानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और प्रदेश की पहचान वैश्विक फल बाजार में और मजबूत हो रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश से 2400 किलोग्राम चौसा और आम्रपाली आम की खेप यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजी जा चुकी है। यह उपलब्धि प्रदेश के कृषि निर्यात को नई गति देने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के फलों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी प्रमाण है। इस अवसर पर उद्यान विभाग, एपीडा तथा संबंधित निर्यातक संस्थाओं के अधिकारी भी मौजूद रहे।
साइकिल प्योर अगरबत्ती ने 77 वर्षों की सुगंधमयी विरासत का जश्न मनाया, त्योहारी सीजन के लिए नए उत्पाद लॉन्च






पटना,
भारत की नंबर 1 अगरबत्ती निर्माता और दुनिया के सबसे बड़े अगरबत्ती ब्रांडों में से एक साइकिल प्योर अगरबत्ती ने अपनी 77 वर्षों की सुगंधमयी उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए त्योहारी सीजन के लिए बांस-रहित सॉलिड धूप और मेदिनी जुदवा प्रीमियम कप समब्राणी की नई श्रृंखला लॉन्च की है। कंपनी हर वर्ष 12 अरब से अधिक अगरबत्तियों का निर्माण करती है और 75 से अधिक देशों में अपने उत्पादों की पहुंच रखती है। परंपरा और आधुनिक नवाचार के संतुलन के साथ कंपनी भारतीय आध्यात्मिक विरासत को नए स्वरूप में उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है। 1948 से शुरू हुई विश्वास की यात्रा 1948 में दूरदर्शी उद्योगपति श्री एन. रंगा राव द्वारा स्थापित साइकिल प्योर अगरबत्ती आज वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड बन चुकी है। वर्षों से कंपनी ने गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, जिम्मेदार विनिर्माण और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों के आधार पर अपनी अग्रणी पहचान बनाई है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता साइकिल प्योर अगरबत्ती दुनिया की पहली कार्बन-न्यूट्रल अगरबत्ती निर्माता कंपनी होने का गौरव रखती है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, वनीकरण और जिम्मेदार उत्पादन प्रक्रियाओं के माध्यम से इस उपलब्धि को बनाए हुए है। साथ ही, प्लास्टिक उपयोग की भरपाई करते हुए कंपनी प्लास्टिक-न्यूट्रल दर्जा भी हासिल कर चुकी है। बांस-रहित सॉलिड धूप की तीन नई सुगंधें 1. दसारा (Dasara) मैसूर दशहरा की भव्यता से प्रेरित यह सुगंध चंदन और मसाला मिश्रण का अनूठा मेल है, जो उत्सव, परंपरा और शाही अनुभव का एहसास कराती है। 2. यज्ञ (Yagna) 1940 के दशक की पारंपरिक वैदिक परंपराओं से प्रेरित यह सुगंध प्राकृतिक सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता को दर्शाती है। यह पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक शांति के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। 3. वुड्स (Woods) प्रकृति की हरियाली और शांत वातावरण से प्रेरित यह सुगंध चंदन, एम्बर, ऐलैंथस मलाबारिका और प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार की गई है, जो मानसिक शांति, संतुलन और ताजगी का अनुभव कराती है। मेदिनी जुदवा कप समब्राणी भारतीय परंपरा में मेदिनी पृथ्वी माता का प्रतीक मानी जाती हैं। इसी भावना से प्रेरित मेदिनी जुदवा कप समब्राणी में गुलाब और चमेली की दो सुगंधें शामिल हैं, जो घर में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाती हैं। कंपनी का बयान कंपनी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी (Chief Sales & Marketing Officer) अमरनाथ दत्ता ने कहा: "पिछले 77 वर्षों से हमारी यात्रा का उद्देश्य परंपरा का सम्मान करते हुए उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार नवाचार करना रहा है। गुणवत्ता, विश्वास और आधुनिक तकनीक हमारी सफलता की आधारशिला हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी कंपनी की प्राथमिकता है। कार्बन-न्यूट्रल और प्लास्टिक-न्यूट्रल बनने के साथ-साथ कंपनी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही है। उपभोक्ताओं की बदलती पसंद कंपनी के अनुसार आज उपभोक्ता प्रीमियम पूजा उत्पादों, प्रामाणिक सुगंध और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए नई त्योहारी श्रृंखला विकसित की गई है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) द्वैपायन दास ने कहा: "त्योहारी मौसम भारतीय परिवारों के लिए आस्था और भावनात्मक जुड़ाव का समय होता है। हमारी नई श्रृंखला गुणवत्ता, प्रामाणिकता और स्थिरता (Sustainability) को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। बिहार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यहां प्रीमियम सुगंध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।" आगे की रणनीति कंपनी ने हाल ही में सात्विक (Satvik) ब्रांड के अधिग्रहण का भी उल्लेख किया, जिससे पूजा और आध्यात्मिक उत्पादों के क्षेत्र में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी। कंपनी का लक्ष्य नवाचार, टिकाऊ विकास और उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। एनआर ग्रुप के बारे में एनआर ग्रुप की स्थापना 1948 में मैसूर में श्री एन. रंगा राव ने की थी। यह समूह साइकिल प्योर अगरबत्ती के अलावा IRIS (होम फ्रेगरेंस), Lia (एयर केयर उत्पाद), NESSO (फ्लोरल एक्सट्रैक्ट्स) और Rangsons (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) जैसे क्षेत्रों में भी कार्यरत है। समूह आज भारत सहित 75 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
सऊदी अरब और अमेरिका में न्यूक्लियर डील, जानें ट्रंप की इस मंजूरी के बाद कैसे बदलेंगे वैश्विक समीकरण?

#donaldtrumpapprovessaudiarabiaciviliannuclear_deal

अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव मामूली नहीं है। फरवरी से जारी जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच इस हालिया संघर्ष और तनाव का मुख्य कारण ईरान का तेजी से बढ़ता परमाणु कार्यक्रम, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है। हालांकि, इसी बीच मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते को मंजूरी दे दी है।

परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अमेरिका देगा साथ

इस समझौते के तहत सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अमेरिका सहयोग देगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता भविष्य में सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिलने का रास्ता भी खोल सकता है। यूरेनियम संवर्धन का मतलब है यूरेनियम में शुद्धता बढ़ाना। साधारण यूरेनियम में काम आने वाले यूरेनियम (यू-235) की मात्रा बढ़ाना। इसी प्रक्रिया से बना यूरेनियम परमाणु बिजली बनाने में भी इस्तेमाल होता है, और अगर इसे बहुत ज्यादा संवर्धित किया जाए, तो परमाणु बम बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या परमाणु बम बनाएगा सऊदी अरब?

इस समझौते में 'गोल्ड स्टैंडर्ड' शामिल नहीं है। अगर यह शामिल होता, तो सऊदी अरब पर यूरेनियम को एनरिच करने या इस्तेमाल हो चुके न्यूक्लियर फ्यूल की रीप्रोसेसिंग करने पर रोक लग जाती। ये दोनों ही न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए जरूरी मटीरियल हासिल करने के मुख्य तरीके हैं। परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सऊदी अरब में अगर यूरेनियम एनरिचमेंट वाले प्लांट आ गए तो इससे इस देश के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल सकता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब के आक्रामक क्राउन प्रिंस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु बम हासिल कर लेता है, तो वे भी ऐसा कर सकते हैं।

30 साल की डील

30 साल तक चलने वाले इस नए समझौते की कीमत अरबों डॉलर होने का अनुमान है। इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि सऊदी अरब के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में अमेरिकी कंपनियों की मुख्य भूमिका हो और दूसरे विदेशी प्रतिस्पर्धियों को इससे बाहर रखा जा सके।

Homeopathy Clinic in Hyderabad for Spinal Stenosis – A Personalized Approach to Spine Care

Looking for a trusted homeopathy clinic in Hyderabad for spinal stenosis? Spiritual Homeopathy offers individualized, holistic care to support better spinal health.

Spinal stenosis is a condition that develops when the spaces inside the spine become narrower, placing pressure on the nerves that travel through the spinal canal. It is most commonly seen in the neck and lower back and can gradually affect a person's ability to move comfortably. Many individuals ignore the early signs, assuming they are a normal part of aging, but timely evaluation can help prevent the condition from interfering with everyday life. Visiting a trusted homeopathy clinic in Hyderabad allows patients to receive care that is tailored to their individual health needs.

As spinal stenosis progresses, symptoms may become more noticeable. Individuals often experience persistent back or neck pain, tingling or numbness in the arms and legs, muscle weakness, leg cramps, and difficulty maintaining balance. Walking or standing for long periods may become uncomfortable, while sitting or leaning forward often provides temporary relief. Since these symptoms can overlap with other spinal disorders, obtaining an accurate assessment is important.

The condition may arise due to natural age-related changes in the spine, osteoarthritis, herniated discs, thickened ligaments, bone spur formation, previous spinal injuries, or inherited structural changes. Although these causes vary, maintaining a healthy lifestyle, practicing good posture, and staying physically active can help support spinal health.

At a professional homeopathy clinic in Hyderabad, the emphasis is on treating the individual rather than focusing solely on the diagnosis. Homeopathy follows a holistic philosophy that considers a person's complete health profile, including physical symptoms, lifestyle, medical history, and overall well-being. Based on this detailed evaluation, an individualized treatment plan is designed to support the body's natural healing processes, improve mobility, and promote long-term wellness. Regular follow-up consultations ensure that treatment continues to meet the patient's evolving health requirements.

Spiritual Homeopathy is dedicated to providing compassionate, patient-focused homeopathic care for spinal stenosis and other chronic conditions. Every consultation is conducted with careful attention to the individual's concerns, helping create personalized treatment strategies that support overall health. With branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy has earned the trust of patients looking for a reliable homeopathy clinic in Hyderabad that combines professional expertise with a holistic approach.

If spinal stenosis is affecting your comfort or limiting your daily activities, seeking timely guidance can make a positive difference. Visit Spiritual Homeopathy to receive individualized care designed to support better spine health, improved mobility, and long-term well-being.

To schedule your consultation, call 9069176176 today.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत गिरिडीह जिले में जमुआ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, जमुआ, गिरिडीह के निर्माण कार्य हेतु रू० 38,22,37,000/- (अड़तीस करोड़ बाईस लाख तैंतीस हजार) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत रामगढ़ जिले में माण्डु विधान सभा अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, माण्डु, रामगढ़ के निर्माण कार्य हेतु रु० 40,14,96,500/- (चालीस करोड़ चौदह लाख छियानवे हजार पाँच सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री रमोद नारायण झा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, वेजफेड, राँची / तत्कालीन प्रबंध निदेशक, धनबाद सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि०, धनबाद सम्प्रति सेवानिवृत उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, कार्यालय-संयुक्त निबंधक, स०स०, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्डल, राँची के सम्पूर्ण पेंशन की राशि पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत स्थायी रूप से जब्त किये जाने संबंधी विभागीय संकल्प संख्या-1164, दिनांक-28.08.2020 को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ श्री चन्देश्वर कापर, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, दी गुमला-सिमडेगा, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1287, दिनांक 30.05.2016 को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3005/2016 तारकेश्वर प्रसाद सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-31.07.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री तारकेश्वर प्रसाद सिंह को उनके सेवा काल में दिये गये कालबद्ध प्रोन्नति, प्रथम एवं द्वितीय सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना तथा प्रोन्नति के आलोक में वेतन एवं पेंशन निर्धारण करने हेतु वित्त विभागीय परिपत्र सं०-5207, दिनांक 14.08.2002 के प्रभाव को क्षांत किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-4884/2014 शेषनाथ शुक्ला बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-26.11.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री शेषनाथ शुक्ला द्वारा अस्थायी पद पर किये गये कार्य अवधि को न्यूनतम पेंशन प्रदायी सेवा अवधि में जोड़े जाने संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्यान्तर्गत अनुसचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन छात्रावास निर्माण, संचालन एवं प्रबंधन हेतु झारखण्ड अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पिछड़ा जाति एवं अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना, 2024 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के पंचायती राज संस्थाओं के क्षेत्राधिकार के लिए अंगीकृत झारखण्ड बिल्डिंग बायलॉज-2016 में संशोधन (प्रथम संशोधन) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के दूरस्थ स्थानों से गंभीर मरीजों को अल्प समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निमित्त हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्बुलेंस सेवा (Helicopter Emergency Medical Service-HEMS) उपलब्ध कराने हेतु 01 Single Engine हेलीकॉप्टर की सेवा प्राप्त करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद संख्या-WPS No. 3878/2025, जयनाथ यादव बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में श्री जयनाथ यादव की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए उन्हें अनुमान्य ACP/MACP का लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत "भुईंयांसिनान से सुसनी भाया हाथीखेदा मंदिर पथ के पुनर्निर्माण कार्य (कुल लं०-22.445 कि०मी०) (under CRIF & Job No. CRF-JHR-2022-23/58)" हेतु कुल रू० 102,40,37,300/-(एक सौ दो करोड़ चालीस लाख सैंतीस हजार तीन सौ) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू० 21,53,64,900/- (इक्कीस करोड़ तिरपन लाख चौंसठ हजार नौ सौ) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No.- 716/2023 को dismiss कर देने के फलस्वरूप Cont. Case(Civil) No. 623/2024 में दिनांक-01.05.2026 एवं W.P.(S) No. 6481/2014 में दिनांक-11.04.2023 को पारित न्यायादेश के आलोक में श्री राज किशोर प्रसाद, तदेन सहायक निदेशक, गुण नियंत्रण, पथ अवर प्रमण्डल, पथ प्रमण्डल, गिरिडीह संप्रति सेवानिवृत्त के विरुद्ध अधिरोपित दण्डादेश एवं अपील अभ्यावेदन अस्वीकृति से संबंधित विभागीय अधिसूचना को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर होने वाले SLP के फलाफल से प्रभावित होने के शर्त के साथ विलोपित करने की स्वीकृति दी गई।

★ सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप 1 मधुमेह, अन्य गैर-संक्रामक रोगों (Non-Communicable Diseases) से प्रभावित तथा दिव्यांग बच्चों को विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत आवश्यक उपस्थिति में छूट हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा एस०एल०पी० (सि०) संख्या-26265-26266/2025 झारखंड सरकार एवं अन्य बनाम गरीबनाथ मिश्रा एवं वाद को दिनांक 12.09.2025 को खारिज किए जाने के आलोक में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यू०पी० (एस०) सं०-2589/2020 एवं अन्य समरूप वाद में दिनांक 19.09.2023 को पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु सुसंगत प्रावधानों का निरूपण की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० अर्चना चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसमार, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ सर जे० सी० बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-903, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) एवं डिग्री महाविद्यालय, बरही का नाम परिवर्तित कर डिग्री महाविद्यालय, चंदवारा करने की स्वीकृति दी गई।

★ विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-894, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-893, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-898, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को छोड़कर) के सेवानिवृत शिक्षकों एवं पदाधिकारियों (दिनांक 01.12.2004 के पूर्व नियुक्त) को 7th CPC के अन्तर्गत सातवां पुनरीक्षित वेतनमान में पेंशन /पारिवारिक पेंशन का लाभ दिनांक-01.01.2016 से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-902, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-895, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-897, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद यथा 1. वाद संख्या WPS No.6408/2017, जयन्त कुमार प्रधान बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य 2. WPS No.6485/2017, अभिषेक तिर्की बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य एवं 3. WPS No.6632/2017, मो० काजिमउद्दीन बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में संयुक्त रुप से पारित न्यायादेश दिनांक-09.12.2024 के अनुपालन हेतु संबंधित तीन (03) भूतपूर्व विभागीय कर्मियों यथा क्रमशः 1. स्व० नरेश कुमार, पूर्व पदचर 2. स्व० भूषण मुनि, पूर्व लिपिक एवं 3. स्व० हाशीमउद्दीन, पूर्व पदचर (वर्ग तीन एवं चार के कर्मियों) की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए (उनके आश्रितों को अनुकम्पा आधारित नियुक्ति का लाभ) प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक राज्य योजनान्तर्गत Proposed SNMMCH College & Teaching Hospital, Dhanbad: Holistic Augmenatation & Redevelopment at Dhanbad के अंतर्गत Upgradation of Existing Medical College & Teaching Hospital, Existing 100 UG Seats Upgradation to 250 UG Seats to 200 PG Seats & 16 Post PG Seats to 50 Post PG Seats Along with other Allied Infrastructure & Services (Part-2) की योजना हेतु कुल 1,94,73,42,600/- (एक अरब चौरानवे करोड़ तिहतर लाख बयालीस हजार छः सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-2027 में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के स्तर पर गठित झारखण्ड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के अंतर्गत निबंधित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति/वजीफा मद में आवंटित निधि रू0 12,92,00,000/- (बारह करोड़ बेरानवें लाख रूपये मात्र) में से रू० 6,92,00,000/- (छहः करोड़ बानवे लाख रूपये मात्र) को प्रत्यर्पित करते हुए सहायता अनुदान सामान्य (गैर वेतन) मद में 12,32,00,000/- (बारह करोड़ बत्तीस लाख रूपये मात्र) का उपबंध झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में कराने की स्वीकृति दी गई।

★ आदित्यपुर नगर निगम के नए म्युनिसिपल बिल्डिंग के निर्माण हेतु 39,67,09,000 (39 करोड़ 67 लाख 09 हजार रुपए) की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के कार्यान्वयन और झारखण्ड में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-5 (संयुक्त निष्पादन लेखापरीक्षा-सिविल) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन सक्षम आँगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत् पूरक पोषाहार कार्यक्रम (SNP) तथा किशोरी बालिकाओं के लिए योजना (SAG) अन्तर्गत लाभार्थियों को Take Home Ration (THR) स्वरूप Micronutrient Fortified Food and/or Energy Dense Food (MFEDF) के निर्बाध वितरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से इन योजनाओं के तहत् एतद् सामग्रियों का वर्ष-2026 के फरवरी एवं मार्च महीने में इसके आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त आपूर्ति का विनियमन तथा छह (06) माह के लिए अथवा निविदा कार्य निष्पादनोपरांत कार्यादेश निर्गमण की तिथि तक (जो पहले घटित हो जाय) के लिए आपूर्ति इसके गत् निर्माणकर्त्ता-सह-आपूर्तिकर्त्ता से प्राप्त करने हेतु इन आपूर्तिकर्ताओं यथा मेसर्स इंटरलिंक फूड्स प्रा०लि०, मेसर्स आदित्य फ्लॉर मिल एवं मेसर्स कोटा दाल मिल का झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-245 के तहत् नियम-235 को शिथिल करते हुए मनोनयन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा S.L.P. (C) No.- 25207-25208/2023 में दिनांक-19.05.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में बिहार राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड, पटना के अधीन संचालित ईकाई में कार्यरत रहे कर्मियों का सरकारी सेवा में समायोजन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती शोभा मुर्मू, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी. आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध / अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में गिरिडीह पूर्वी वन प्रमण्डल एवं दुमका वन प्रमण्डल के अंतर्गत प्रस्तावित दो नए चिड़ियाघर एवं भविष्य में भी झारखण्ड राज्य में बनने वाले चिड़ियाघरों, जंगल सफारी एवं वन्यप्राणी रेस्क्यू केन्द्रों के निर्माण, प्रबंधन एवं रख-रखाव की जिम्मेवारी को झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण (Jharkhand Zoo Authority) के क्षेत्राधिकार में शामिल करने के निमित झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण के Bye-laws में अन्य संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका अंतर्गत "kherabani (SH -15) Ranighaghar (ADB) road (कुल लं0-9.172 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (वृक्षारोपण, भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 53,73,14,700/- (तिरपन करोड़ तिहत्तर लाख चौदह हजार सात सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० राम नाथ राम, तदेन निलंबित अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, लोहरदगा (मुख्यालय-पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, काँके, राँची / क्षेत्रीय निदेशक पशुपालन कार्यालय, राँची) सम्प्रति दिनांक-30.11.2016 को निलम्बन में ही सेवानिवृत्त को विभागीय अधिसूचना संख्या-1197 दिनांक-17. 10.2025 से अधिरोपित पूर्ण पेंशन एवं उपादान के भुगतान पर रोक के दण्ड पर माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No. 32/2023 में दिनांक-13.08.2024 एवं Cont. case (Civil) No.-978/2025 में दिनांक-13.03.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में नया आदेश पारित करने की स्वीकृति दी गई।

★ षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का षष्ठम् (मानसून) सत्र 06.08.2026 से 12.08.2026 तक आहूत किये जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ विभागीय संकल्प संख्या 2215 दिनांक 29.10.2020 द्वारा स्वीकृत आदर्श विद्यालय योजना का अवधि विस्तार आगामी पाँच वर्षों (वर्ष 2025-26 से 2029-30) तक करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में झारखण्ड ई-शिक्षा कनेक्ट प्रोग्राम के अन्तर्गत आगामी 05 वर्षों हेतु Al-powered Virtual Classrooms with student analytics के संदर्भ में 02 केन्द्रीय स्टूडियों, 05 प्रमण्डल के 05 डायट में क्षेत्रीय स्टूडियों तथा 1000 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु Al-powered Virtual Classrooms की अधिष्ठापना एवं आगामी 05 वर्षों के संचालन के लिये रु.1,76,07,85,560/- (एक अरब छिहत्तर करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा चालू वित्तीय वर्ष में अनावर्ती मद में रू. 56,07,85,560/- (छप्पन करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र तथा आवर्ती मद में रू० 24,00,00,000/-(चौबीस करोड़ रूपये) मात्र अर्थात् कुल रू० 80,07,85,560/- (अस्सी करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र के व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ अवमाननावाद संख्या Contempt Case (Civil) No. 1059/2024 (वाद संख्या WP(S) 877/2018 से उद्भूत) श्री कृष्ण मुरारी एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में वाद संख्या WP(S) 877/2018 के Petitioners को विभागीय अधिसूचना संख्या 122 दिनांक 21.01.2015 द्वारा CAS के तहत दिये गए प्रोन्नति का लाभ देय तिथियों से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ प्रधान महालेखाकार (ले. एवं हक़.) कार्यालय, झारखण्ड, राँची में राज्य कर्मियों से संबंधित कार्यों एवं रिकॉडों हेतु जारी डिजिटलीकरण प्रक्रिया के क्रम में तृतीय चरण (Third Phase) के रूप में रु० 46,85,000.00 (छियालीस लाख पचासी हजार रुपये मात्र) का वित्तीय सहायता की स्वीकृति दी गई।

★ "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) नियमावली 2004 (समय समय पर यथा संशोधित) को संशोधित करते हुए "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2001 के नियम-4 (a) में उल्लेखित प्रावधान तथा झारखण्ड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर 02 अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में माँग संख्या-29 के मुख्यशीर्ष-2853-अलौह खनन और धातु कर्म उद्योग, उपमुख्य शीर्ष 02-खानों का विनियमन और विकास, लघु शीर्ष-001-निदेशन तथा प्रशासन, उप शीर्ष-01-खनन स्थापना अन्तर्गत "86-वापसी" ईकाई (विपत्र कोड-29-S-2853-02-001-01-00-08-86) में विविध न्याय निर्णय के आलोक में झारखण्ड आकस्मिकता निधि (JCF) के माध्यम से राशि रु० 146,00,00,000/- (एक सौ छियालीस करोड़ रूपये) मात्र अग्रिम की स्वीकृति दी गई।

★ वित्त विभागीय IFMS पोर्टल के साथ Silent Bank Account Verification (Bank Account Verification-V1) तथा Online PAN Verification (OPV) सेवाओं के integration हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम 245 के आलोक में नियम-235 को शिथिल करते हुए Protean eGov Technologies Limited के मनोनयन की घटनोत्तर स्वीकृति एवं अनुबंध प्रारूप की स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "घाघरा से जोकारी भाया रन्हे, कुण्डो, रूकीघाटी (बिशुनपुर) पथ (कुल लंबाई-19.100 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (पुलों के निर्माण, भू-अर्जन, R&R एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित)" हेतु रू0 101,77,37,700/- (एक सौ एक करोड़ सतहत्तर लाख सैंतीस हजार सात सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ रांची अंतर्गत "टांगरबसली मोड़ (RCD पथ पर) से बोबरो मोड़ (RCD पथ पर) माया परयागो, बिसहाखटंगा, डुमरी पथ (कुल लम्बाई 11.576 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टींग, R&R एवं वृक्षारोपण सहित)" हेतु रू० 63,77,13,300/- (तिरसठ करोड़ सतहत्तर लाख तेरह हजार तीन सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "परवल RCD पथ से करंज पथ भाया पहाड़बंगरू, चीतागुटू, कानारोआ, बैरीटोली, नया करंज थाना (कुल लंबाई-14.251 कि0मी0) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, Plantation, Utility Shifting एवं R&R सहित)" हेतु रू0 76,75,18,900/-(छिहत्तर करोड़ पचहत्तर लाख अठारह हजार नौ सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, राँची / झारखंड राज्य अवस्थित अन्य माननीय न्यायालयों एवं न्यायाधिकरणों में झारखंड सरकार से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु महाधिवक्ता कार्यालय, झारखंड, राँची में नियुक्त विधि पदाधिकारियों यथा-महाधिवक्ता / वरीय अपर महाधिवक्ता / अपर महाधिवता / स्थायी सलाहकार / विशेष लोक अभियोजक / राजकीय अधिवक्ता / सरकारी वकील / अपर लोक अभियोजक / लॉ रिसर्च ऑफिसर एवं अधिवक्ता लिपिक तथा माननीय पटना उच्च न्यायालय में झारखंड राज्य से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु नियुक्त विधि पदाधिकारियों के शुल्क निर्धारण / पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई।

★ महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के लिए वरीय अपर महाधिवक्ता के 02 (दो) अतिरिक्त पद/अपर महाधिवक्ता के 01 (एक) अतिरिक्त पद / राजकीय अधिवक्ता का 01 (एक) अतिरिक्त पद / सरकारी वकील का 44 अतिरिक्त पद एवं लॉ रिसर्च ऑफिसर के 15 (पन्द्रह) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

जनगणना पुस्तिका तैयार किए जाने के संबंध में हुआ  प्रशिक्षण
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई जिला जनगणना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) दीपाली भार्गव की अध्यक्षता में बालिका राजकीय इंटर कालेज हरदोई में जिला जनगणना पुस्तिका (District Census Handbook&DCHB) तैयार किए जाने के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में जनगणना-2027 से संबंधित आंकड़ों, अभिलेखों एवं विभागीय सूचनाओं के संकलन, सत्यापन तथा व्यवस्थित रूप से तैयार किए जाने के संबंध में राजस्व विभाग के लेखपालों को जनगणना निदेशालय से नामित जिला प्रभारी विनय कुमार वर्मा द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण से दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ने लेखपालों को निर्देश दिए कि जनगणना निदेशालय से निर्गत परिपत्र के अनुसार जिला जनगणना पुस्तिका तैयार कर DCH पोर्टल पर करने हेतु आवश्यक आंकड़ों एवं सूचनाओं को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित रूप से DCH पोर्टल पर फीड किया जाएगा, उन्होंने कहा कि पुस्तिका में जिले की जनसंख्या, प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित प्रमाणिक आंकड़ों का समावेश किया जाएगा। यह कार्यक्रम 16 अगस्त से प्रारंभ होकर 15 सितंबर 2026 को सम्पन्न होगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों/लेखपालों को निर्देशित किया कि अपने-अपने आवंटित क्षेत्र से संबंधित सूचनाओं का भली-भांति परीक्षण कराते हुए निर्धारित प्रारूप में समय से पूर्व उपलब्ध कराएं, जिससे जिला जनगणना पुस्तिका को गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक ढंग से तैयार किया जा सके। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय से नामित जिला प्रभारी विनय कुमार वर्मा, चार्ज अधिकारी/तहसीलदार सदर सचिन्द्र शुक्ला व जनगणना से अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
वाराणसी मंडल के बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को मिला अंतरराष्ट्रीय ISO प्रमाणन
वाराणसी  पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और कार्यस्थल सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के नेतृत्व और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) अभिषेक राय के मार्गदर्शन में बनारस, छपरा और मऊ कोचिंग डिपो को एक साथ ISO 9001:2015, ISO 14001:2015 और ISO 45001:2018 के अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं।

यह प्रमाणन गुणवत्ता आधारित अनुरक्षण, सुरक्षित कार्य संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का परिणाम है। तीनों डिपो में रेल कोचों का रखरखाव भारतीय रेल और RDSO के मानकों के अनुरूप वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और गुणवत्तापूर्ण यात्रा सुविधा मिल सके।

प्रमाणन प्रक्रिया के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को गुणवत्ता, पर्यावरण और सुरक्षा संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। स्वतंत्र ऑडिट में सभी मानकों पर सफल पाए जाने के बाद तीनों डिपो को यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्रदान की गई।

इस अवसर पर आशीष जैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम की मेहनत, कार्यकुशलता और उत्कृष्ट सेवा के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने इसे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने की नई जिम्मेदारी बताया।
Homeopathy Clinic in Hyderabad for Vitamin D Deficiency: Comprehensive Holistic Care

Need a trusted homeopathy clinic in Hyderabad for Vitamin D deficiency? Spiritual Homeopathy provides personalized holistic consultations for better overall health.

Understanding Vitamin D Deficiency

Vitamin D is an important nutrient that supports bone strength, muscle function, and immune health. When the body does not receive enough Vitamin D, it can affect overall wellness and make routine activities more difficult. Because the deficiency often develops gradually, many people remain unaware of the problem until symptoms become more noticeable. For this reason, many individuals visit a homeopathy clinic in Hyderabad to receive a detailed health evaluation and individualized care.

How It Can Affect Your Health

Low Vitamin D levels may contribute to tiredness, muscle weakness, bone discomfort, joint pain, reduced stamina, and frequent infections. Some people may also experience slower recovery after physical activity or feel generally exhausted without a clear cause. These symptoms should not be ignored, as early medical assessment can help identify the underlying issue. Choosing a homeopathy clinic in Hyderabad ensures that your health concerns are evaluated with a personalized approach.

Vitamin D deficiency can occur due to several reasons, including inadequate sunlight exposure, poor dietary habits, digestive disorders, obesity, advancing age, and certain long-term health conditions. Since every person's health profile is different, individualized assessment is essential for planning supportive care.

A Holistic Homeopathic Perspective

Many people choose a homeopathy clinic in Hyderabad because homeopathy focuses on the individual rather than only the condition. A detailed consultation considers physical health, emotional well-being, lifestyle, and personal medical history to understand the complete health picture. The goal is to improve overall vitality, encourage healthy lifestyle practices, and support long-term wellness through personalized care.

Why Spiritual Homeopathy?

Spiritual Homeopathy is a trusted homeopathy clinic in Hyderabad dedicated to patient-focused care. With experienced homeopathic doctors and branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, the clinic offers detailed consultations, individualized treatment planning, and regular follow-up to help patients achieve better health outcomes.

Start Your Wellness Journey

If you are searching for a dependable homeopathy clinic in Hyderabad for Vitamin D deficiency, consult Spiritual Homeopathy for compassionate, holistic, and personalized healthcare.

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Homeopathy in Hyderabad for Anorexia: Supporting Recovery with Personalized Care

Explore homeopathy in Hyderabad for anorexia. Learn about its symptoms, causes, and holistic care with Spiritual Homeopathy. Call 9069176176.

Anorexia is a serious eating disorder that affects both physical and emotional health. It is characterized by an intense fear of gaining weight, a distorted body image, and a persistent restriction of food intake. As the condition progresses, it may lead to unhealthy weight loss, nutritional deficiencies, fatigue, hormonal imbalance, and reduced immunity. Seeking timely professional care is important, and many people choose homeopathy in Hyderabad to complement a comprehensive healthcare plan focused on overall wellness.

Signs That Should Not Be Ignored

People with anorexia may experience noticeable weight loss, poor appetite, weakness, dizziness, dry skin, thinning hair, anxiety, depression, mood swings, and difficulty concentrating. Some individuals may also avoid eating with others or become overly concerned about calories and body weight. Recognizing these symptoms early can help ensure appropriate evaluation and timely support. This is one of the reasons many families explore homeopathy in Hyderabad as part of an individualized approach to care.

Why Does Anorexia Develop?

There is no single cause of anorexia. The condition often results from a combination of emotional, psychological, genetic, and environmental influences. Factors such as stress, perfectionism, low self-esteem, family history, and social pressure regarding body image can increase the likelihood of developing anorexia. Understanding these contributing factors helps healthcare professionals recommend personalized care, making homeopathy in Hyderabad a preferred option for many patients seeking holistic support.

The Homeopathic Approach

Homeopathy emphasizes individualized care by considering the patient's complete physical, emotional, and lifestyle profile. A detailed consultation helps understand the unique challenges faced by each individual, allowing healthcare professionals to develop a personalized treatment plan. The focus is on supporting emotional well-being, encouraging healthy eating habits, improving general health, and promoting long-term wellness. This holistic philosophy has made homeopathy in Hyderabad a trusted choice for many individuals and families.

Spiritual Homeopathy

Spiritual Homeopathy is committed to delivering patient-focused care through detailed consultations and individualized treatment plans. Patients seeking homeopathy in Hyderabad receive compassionate attention, regular follow-up, and professional guidance tailored to their specific health needs. With experienced homeopathic doctors and multiple branches across Hyderabad, Spiritual Homeopathy continues to support individuals on their journey toward better health and improved quality of life.

Take the First Step Toward Better Health

If you are looking for trusted homeopathy in Hyderabad for anorexia, consult Spiritual Homeopathy for personalized guidance and holistic care.

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Homeo Doctor in Hyderabad for Viral Fever – Natural Care for Seasonal Health Concerns

Need a trusted homeo doctor in Hyderabad for viral fever? Learn about viral fever symptoms, causes, and personalized homeopathic care at Spiritual Homeopathy.

Homeo Doctor in Hyderabad for Viral Fever

Viral fever is one of the most common illnesses seen during seasonal changes, affecting people of all ages. It occurs when a viral infection triggers the body's immune response, resulting in fever and other symptoms such as body pain, weakness, headache, and fatigue. While most viral fevers resolve with supportive care, some cases may require medical evaluation to rule out complications or other infections.

If you are looking for a reliable homeo doctor in Hyderabad, it is important to understand the condition and seek professional guidance at the right time. A qualified homeo doctor in Hyderabad can assess your symptoms, overall health, and medical history to provide individualized care that supports your recovery and overall well-being.

Symptoms of Viral Fever

The symptoms of viral fever usually appear within a few days of infection and can differ from one person to another. Common symptoms include:

  • Elevated body temperature
  • Chills and shivering
  • Body and muscle aches
  • Joint pain
  • Persistent headache
  • Weakness and fatigue
  • Sore throat
  • Runny or blocked nose
  • Dry cough
  • Loss of appetite
  • Occasional nausea or vomiting

Persistent high fever or symptoms such as severe dehydration, breathing difficulty, confusion, or prolonged weakness require immediate medical attention.

Causes of Viral Fever

Viral fever is caused by viruses that enter the body through respiratory droplets, contaminated surfaces, mosquito bites, or direct contact with infected individuals.

Common causes include:

  • Influenza infections
  • Common cold viruses
  • COVID-19
  • Dengue fever
  • Chikungunya
  • Seasonal viral infections
  • Poor hygiene habits
  • Reduced immunity
  • Exposure to infected individuals

Maintaining personal hygiene, eating nutritious food, staying hydrated, and getting adequate sleep can help lower the risk of viral infections.

Homeopathy Treatment for Viral Fever

Many individuals choose to visit a homeo doctor in Hyderabad because homeopathy follows an individualized approach to healthcare. Rather than focusing only on managing fever, homeopathy considers the patient's overall health, symptom pattern, medical history, lifestyle, and immune response before recommending a treatment plan.

An experienced homeo doctor in Hyderabad carefully evaluates each patient and designs a personalized treatment approach based on individual needs. The goal is to support the body's natural healing processes while promoting overall health and wellness. Since every patient experiences viral fever differently, treatment is tailored to the individual's condition instead of following a generalized approach.

Homeopathy should always be used under the guidance of a qualified practitioner, and patients with severe symptoms or suspected serious viral infections should seek immediate medical care.

Why Choose Spiritual Homeopathy?

If you are searching for an experienced homeo doctor in Hyderabad, Spiritual Homeopathy offers personalized consultations with a focus on holistic healthcare. Every patient receives a detailed assessment that helps the doctors understand their complete health condition before planning individualized care.

With experienced homeopathic doctors and branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy is committed to delivering quality healthcare through compassionate service and patient-centered consultations. The clinic emphasizes long-term wellness, individualized attention, and professional care for every patient.

Conclusion

Viral fever is a common condition that should be managed with proper medical guidance and timely care. Consulting an experienced homeo doctor in Hyderabad can help you receive personalized support based on your health needs. If you are looking for trusted homeopathic care for viral fever, Spiritual Homeopathy provides comprehensive consultations focused on improving your overall well-being.

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Consult an experienced homeo doctor in Hyderabad at Spiritual Homeopathy for personalized homeopathic care.

योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के आम्रपाली आम को मिली वैश्विक पहचान, 1200 किलो की खेप लंदन रवाना
-  भारत-यूके CETA से बढ़ा निर्यात का रास्ता, दो दिन में 2400 किलो चौसा और आम्रपाली आम यूके भेजे गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। भारत-यूके CETA (Comprehensive Economic and Trade Agreement) के प्रभावी होने के बाद योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश के प्रसिद्ध आम्रपाली आम की 1200 किलोग्राम की खेप शनिवार को लंदन के लिए रवाना की गई। इससे प्रदेश के बागबानों को वैश्विक बाजार तक पहुंच और बेहतर मूल्य मिलने की नई संभावनाएं खुली हैं।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने उद्यान निदेशालय, लखनऊ से निर्यात खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार कृषि एवं उद्यान उत्पादों के निर्यात को लगातार बढ़ावा दे रही है, ताकि किसानों और बागबानों की आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के गुणवत्तापूर्ण फलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति पर काम किया जा रहा है। एपीडा (APEDA) और उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयासों से उत्तर प्रदेश के आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बागबानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है और प्रदेश की पहचान वैश्विक फल बाजार में और मजबूत हो रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश से 2400 किलोग्राम चौसा और आम्रपाली आम की खेप यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजी जा चुकी है। यह उपलब्धि प्रदेश के कृषि निर्यात को नई गति देने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के फलों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी प्रमाण है। इस अवसर पर उद्यान विभाग, एपीडा तथा संबंधित निर्यातक संस्थाओं के अधिकारी भी मौजूद रहे।
साइकिल प्योर अगरबत्ती ने 77 वर्षों की सुगंधमयी विरासत का जश्न मनाया, त्योहारी सीजन के लिए नए उत्पाद लॉन्च






पटना,
भारत की नंबर 1 अगरबत्ती निर्माता और दुनिया के सबसे बड़े अगरबत्ती ब्रांडों में से एक साइकिल प्योर अगरबत्ती ने अपनी 77 वर्षों की सुगंधमयी उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए त्योहारी सीजन के लिए बांस-रहित सॉलिड धूप और मेदिनी जुदवा प्रीमियम कप समब्राणी की नई श्रृंखला लॉन्च की है। कंपनी हर वर्ष 12 अरब से अधिक अगरबत्तियों का निर्माण करती है और 75 से अधिक देशों में अपने उत्पादों की पहुंच रखती है। परंपरा और आधुनिक नवाचार के संतुलन के साथ कंपनी भारतीय आध्यात्मिक विरासत को नए स्वरूप में उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है। 1948 से शुरू हुई विश्वास की यात्रा 1948 में दूरदर्शी उद्योगपति श्री एन. रंगा राव द्वारा स्थापित साइकिल प्योर अगरबत्ती आज वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड बन चुकी है। वर्षों से कंपनी ने गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, जिम्मेदार विनिर्माण और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों के आधार पर अपनी अग्रणी पहचान बनाई है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता साइकिल प्योर अगरबत्ती दुनिया की पहली कार्बन-न्यूट्रल अगरबत्ती निर्माता कंपनी होने का गौरव रखती है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, वनीकरण और जिम्मेदार उत्पादन प्रक्रियाओं के माध्यम से इस उपलब्धि को बनाए हुए है। साथ ही, प्लास्टिक उपयोग की भरपाई करते हुए कंपनी प्लास्टिक-न्यूट्रल दर्जा भी हासिल कर चुकी है। बांस-रहित सॉलिड धूप की तीन नई सुगंधें 1. दसारा (Dasara) मैसूर दशहरा की भव्यता से प्रेरित यह सुगंध चंदन और मसाला मिश्रण का अनूठा मेल है, जो उत्सव, परंपरा और शाही अनुभव का एहसास कराती है। 2. यज्ञ (Yagna) 1940 के दशक की पारंपरिक वैदिक परंपराओं से प्रेरित यह सुगंध प्राकृतिक सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता को दर्शाती है। यह पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक शांति के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। 3. वुड्स (Woods) प्रकृति की हरियाली और शांत वातावरण से प्रेरित यह सुगंध चंदन, एम्बर, ऐलैंथस मलाबारिका और प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार की गई है, जो मानसिक शांति, संतुलन और ताजगी का अनुभव कराती है। मेदिनी जुदवा कप समब्राणी भारतीय परंपरा में मेदिनी पृथ्वी माता का प्रतीक मानी जाती हैं। इसी भावना से प्रेरित मेदिनी जुदवा कप समब्राणी में गुलाब और चमेली की दो सुगंधें शामिल हैं, जो घर में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाती हैं। कंपनी का बयान कंपनी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी (Chief Sales & Marketing Officer) अमरनाथ दत्ता ने कहा: "पिछले 77 वर्षों से हमारी यात्रा का उद्देश्य परंपरा का सम्मान करते हुए उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार नवाचार करना रहा है। गुणवत्ता, विश्वास और आधुनिक तकनीक हमारी सफलता की आधारशिला हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी कंपनी की प्राथमिकता है। कार्बन-न्यूट्रल और प्लास्टिक-न्यूट्रल बनने के साथ-साथ कंपनी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही है। उपभोक्ताओं की बदलती पसंद कंपनी के अनुसार आज उपभोक्ता प्रीमियम पूजा उत्पादों, प्रामाणिक सुगंध और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए नई त्योहारी श्रृंखला विकसित की गई है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) द्वैपायन दास ने कहा: "त्योहारी मौसम भारतीय परिवारों के लिए आस्था और भावनात्मक जुड़ाव का समय होता है। हमारी नई श्रृंखला गुणवत्ता, प्रामाणिकता और स्थिरता (Sustainability) को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। बिहार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यहां प्रीमियम सुगंध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।" आगे की रणनीति कंपनी ने हाल ही में सात्विक (Satvik) ब्रांड के अधिग्रहण का भी उल्लेख किया, जिससे पूजा और आध्यात्मिक उत्पादों के क्षेत्र में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी। कंपनी का लक्ष्य नवाचार, टिकाऊ विकास और उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। एनआर ग्रुप के बारे में एनआर ग्रुप की स्थापना 1948 में मैसूर में श्री एन. रंगा राव ने की थी। यह समूह साइकिल प्योर अगरबत्ती के अलावा IRIS (होम फ्रेगरेंस), Lia (एयर केयर उत्पाद), NESSO (फ्लोरल एक्सट्रैक्ट्स) और Rangsons (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) जैसे क्षेत्रों में भी कार्यरत है। समूह आज भारत सहित 75 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।