৪৭তম অল ইন্ডিয়া মেজর পোর্ট হকি চ্যাম্পিয়নশিপ ২০২৬, কলকাতায় শুরু
*খেলা*
নিজস্ব প্রতিনিধি: ৪৭তম অল ইন্ডিয়া মেজর পোর্ট হকি চ্যাম্পিয়নশিপ ২০২৬ মঙ্গলবার কলকাতার SAI কলকাতা হকি গ্রাউন্ডে সূচনা হলো। খেলা চলবে ২৭ মার্চ পর্যন্ত।

এই টুর্নামেন্টটি আনুষ্ঠানিক উদ্বোধন করেন শ্যামা প্রসাদ মুখার্জি পোর্ট অথরিটির ঊর্ধ্বতন কর্মকর্তারা। তাঁদের মধ্যে উপস্থিত ছিলেন চেয়ারম্যান রথেন্দ্র রমন, সেক্রেটারি চন্দন চ্যাটার্জি, চিফ ইঞ্জিনিয়ার সান্তনু মিত্র,  প্রতীপ লালা এবং ডা. দীপক দত্ত প্রমুখ।

২৪ মার্চ থেকে ২৭ মার্চ পর্যন্ত অনুষ্ঠিত এই চ্যাম্পিয়নশিপে দেশের বিভিন্ন প্রধান বন্দর থেকে ৬ টি উল্লেখযোগ্য দল অংশ নিচ্ছে— SMP কলকাতা, MBPA মুম্বাই, PPA প্যারাদীপ, CHPA চেন্নাই, VOC তুতিকোরিন এবং VPA বিশাখাপত্তনম—যারা সেরা সম্মানের জন্য প্রতিদ্বন্দ্বিতা করবে। ছবি:সঞ্জয় হাজরা (খবর কলকাতা)।
Empowering the Next Generation: Why Global Mentorship Matters for Women in MediaTech

The MediaTech sector is witnessing a transformation, and mentorship is at its heart.The Rise Mentoring Programme—headquartered in the UK with a global presence across North America, India, APAC, and the Middle East—is at the forefront of this shift. Jaswinder ‘Jassi’ Arora, founder of RVJ Media Tech LLP, recently highlighted the impact of this global initiative after completing the 2025 programme.

"The mentorship journey is about more than just skills; it's about building resilience and a global mindset," says Jassi. Her recent appearance on the Rise panel at the Amazon Gurgaon office showcased how mentorship from industry giants like AWS and Sony empowers women to take ownership of their professional trajectories. Having navigated diverse roles in media across West Bengal and the Northeast, Jassi is now paying it forward, encouraging women to break self-limitations. Her story proves that when global infrastructure meets individual ambition, the potential for women in technology is limitless.

Visit for more : https://linkedin.com/in/jaswinder-arora-088606168

खामेनेई की मौत से 48 घंटे पहले ट्रंप-नेतन्याहू के बीच हुई बात, फिर मिला हमले का ग्रीन सिग्नल

#trumpnetanyahucallrevealsoperationepicfuryoniran

अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर हमले से महज 48 घंटे से भी कम समय पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी। ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों को अंतिम मंजूरी दी थी। इस ऐतिहासिक फोन कॉल में नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का यह सबसे अच्छा मौका हो सकता है।

ट्रंप ने पहले ही ऑपरेशन को मंजूरी दी थी

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू और ट्रंप दोनों के पास खुफिया रिपोर्ट थी कि खामेनेई अपने प्रमुख सहयोगियों के साथ तेहरान में अपने कंपाउंड में बैठक करने वाले थे। यह ‘डेकैपिटेशन स्ट्राइक’ (खामेनेई की हत्या) का सुनहरा अवसर था। कॉल के दौरान नई खुफिया जानकारी आई कि बैठक शनिवार सुबह कर दी गई है। ट्रंप ने उस समय तक सैन्य कार्रवाई की मंजूरी दे रखी थी, लेकिन समय और अमेरिकी भूमिका पर फैसला बाकी था।

नेतन्याहू ने ट्रंप से क्या कहा?

नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका और इजराइल को खामेनेई को मारने और 2024 में ट्रंप की हत्या की साजिश का बदला लेने का इससे बेहतर मौका कभी नहीं मिलेगा। नेतन्याहू ने इसे रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूप में जरूरी बताया और ट्रंप को इसे सही ठहराने के लिए प्रेरित किया।

तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की सलाह

नेतन्याहू ने ट्रंप से अपील की कि वे इतिहास रच सकते हैं। उनका तर्क था कि इस हमले से प्रोत्साहित होकर ईरान के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और 1979 से चली आ रही एक रह की तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंक सकते हैं, जो वैश्विक आतंकवाद और अस्थिरता का बड़ा स्रोत रही है।

28 फरवरी को हुआ था पहला हमला

बता दें कि ईरान पर पहला हमला 28 फरवरी को हुआ। इसके बाद ट्रंप ने घोषणा की कि खामेनेई मारे गए। व्हाइट हाउस ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद था ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और उत्पादन क्षमता को खत्म करना, ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके। नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से यह खारिज किया कि इजरायल ने अमेरिका को युद्ध के लिए दबाव डाला। उन्होंने इसे फेक न्यूज कहा और कहा कि कोई भी ट्रंप को नहीं बताता कि क्या करना है। ट्रंप ने भी कहा कि ईरान पर हमला करने का अंतिम फैसला उनका खुद का था।

Google dominates high-intent searches

Google dominates high-intent searches → perfect for immediate leads, bottom-funnel conversions, and services/products people are actively hunting for. Higher CPC, but often better conversion quality and faster ROI on transactional campaigns.

Meta (Facebook + Instagram) crushes top-of-funnel → unbeatable for brand awareness, visual storytelling, retargeting, and scaling e-commerce impulse buys. Lower CPC, massive reach, and creative velocity still rule.

Quick breakdown from real-world performance trends:

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Desh Ka Indhan’ Promises Cheaper, Cleaner Cooking Amid LPG Crisis

Mumbai, Maharashtra: In response to ongoing concerns over irregular LPG cylinder supply, SSK Bharat has introduced an alternative cooking solution named “Desh Ka Indhan”, positioning it as a modern, cost-effective, and eco-friendly substitute for traditional kitchen gas.

The product was launched in Malad East, Mumbai, on the occasion of the Hindu New Year and Gudi Padwa. According to the company, the innovation is an advanced biofuel-based cooking coal and system designed to deliver performance comparable to LPG while reducing dependency on conventional fuel sources.

SSK Bharat claims that the system offers a controlled and efficient flame similar to gas burners, while eliminating smoke and ash, making it suitable for both commercial and household use. The company also highlighted its environmental benefits, stating that the product is aligned with efforts toward reducing carbon emissions and promoting sustainable energy alternatives.

The solution is being targeted at a wide range of users, including hotel and restaurant operators, dhaba and street food vendors, catering businesses, and organizers of large social and religious events. It is also being promoted as a viable option for regular household kitchens.

Recent disruptions in LPG supply across Mumbai have reportedly impacted daily life and small businesses, particularly in the food service sector. Industry observers note that alternatives like biofuel-based systems could help address such challenges if adopted at scale.

Speaking at the launch, SSK Bharat Director Kartik Rawal described the product as part of a broader mission to achieve energy self-reliance. He stated that widespread adoption of indigenous biofuel solutions could reduce India’s dependence on imported fuels and contribute to long-term economic and environmental goals.

In addition to the product rollout, the company announced dealership and franchise opportunities, inviting entrepreneurs to participate in expanding the distribution network.

Further details are available on the company’s official website.

National Hackathon में जय अरविंद शुक्ला ने जीता विजेता का खिताब
मुंबई। देशभर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के बीच आयोजित IIT Hyderabad के National Hackathon में हमारे बेटे जय अरविंद शुक्ला ने शानदार सफलता हासिल करते हुए विजेता का स्थान प्राप्त किया है। IIIT में Computer Science द्वितीय वर्ष के छात्र जय अरविंद शुक्ला ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और नवाचारपूर्ण सोच के बल पर यह उपलब्धि अपने नाम की। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के 52 IIT, NIT और IIITs से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनके बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जय ने सफलतम स्थान हासिल कर परिवार, संस्थान और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।जय अरविंद शुक्ला की इस उपलब्धि से मलाड में रहने वाले उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। उनकी इस सफलता को युवा प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। National Hackathon जैसे बड़े मंच पर जीत दर्ज करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणा है। जय की इस सफलता पर परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
प्रयागराज में नदियों के कायाकल्प और बाढ़ मुक्ति हेतु नीदरलैंड्स के साथ रणनीतिक साझेदारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। प्रयागराज अपनी जल निकासी और बाढ़ की पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु 'नदी-केंद्रित' शहरी नियोजन मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय 'जल एक साधन के रूप में' (वॉटर एज़ लीवरेज) कार्यशाला का समापन समारोह आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड्स के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्तर के हितधारकों ने सहभागिता की, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर की जल संबंधी चुनौतियों को सतत विकास के अवसरों में बदलना था। यह कार्यशाला प्रयागराज के लिए तैयार की गई 'शहरी नदी प्रबंधन योजना' (URMP) को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

कार्यशाला के दौरान प्रयागराज की आंतरिक नदियों और जलमार्गों की वर्तमान स्थिति पर गहन मंथन किया गया, जिसमें कालिंदीपुरम नाले को 'हरित और स्वच्छ' गलियारे के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव दिया गया। डच विशेषज्ञों ने 'प्रकृति आधारित समाधानों' के माध्यम से गंदे पानी और वर्षा जल को अलग-अलग प्रवाहित करने वाली 'दोहरी प्रणाली' का सुझाव दिया। इस नवाचार से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर को जल निकासी का एक सुदृढ़ विकल्प भी प्राप्त होगा।

कार्यशाला में आगामी कुंभ मेला 2031 को ध्यान में रखते हुए यमुना तट (रिवरफ्रंट) के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित डिजाइन में एक 'पारिस्थितिक पार्क' और 'प्रदर्शनी घाट' शामिल है, जो जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यह परियोजना इस बात का अनूठा उदाहरण होगी कि कैसे आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा और नदियों का प्राकृतिक स्वरूप एक साथ विकसित हो सकते हैं।

ससुर खदेरी नदी के पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में यह नदी व्यापक अवैध कब्जों, अनियोजित निर्माण और शहरी कचरे के कारण एक संकरे और प्रदूषित नाले में तब्दील हो चुकी है। इसकी जल धारण क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान यह उफान पर आ जाती है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव होता है। विशेषज्ञों ने इन रुकावटों को हटाने, नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और इसे पुनः शहर के मुख्य निकासी तंत्र से जोड़ने के लिए सुझाव दिए।

इस पहल के तहत, डच कार्यक्रम तकनीकी सहायता के अवसर तलाशेगा और प्रयागराज के लिए चिन्हित दो प्रमुख कार्यों के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) तैयार करने में सहयोग करेगा। इस दौरान स्थानीय चुनौतियों, जैसे कि शहरी रूपरेखा, गाद प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन की पहचान की गई है। यमुना तट के लिए प्रस्तावित पार्क न केवल स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देगा, बल्कि मौजूदा घाटों और नौका क्लब (बोट क्लब) को जोड़ते हुए एक नया पारिस्थितिक स्वरूप प्रदान करेगा।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शहर की मुख्य समस्याओं की पहचान की जा चुकी है और अब इन्हें समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में नीदरलैंड्स का वैश्विक अनुभव प्रयागराज के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा का कार्य करेगा। नगर आयुक्त श्री साई तेजा ने इस बात पर जोर दिया कि नदियों का पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना शहर के भविष्य के लिए अनिवार्य है। 'विश्व जल दिवस' (22 मार्च) से पूर्व आयोजित इस बैठक में "जल और महिला नेतृत्व" विषय पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें मण्डलायुक्त ने कहा कि जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह आयोजन राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश और नीदरलैंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नीदरलैंड्स के जल आयुक्त मिस्टर सैंडर कारपाई, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उप महानिदेशक श्री नलिन श्रीवास्तव, संयुक्त राष्ट्र पर्यावास (UN-Habitat) और नीदरलैंड दूतावास के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी की दमदार प्रस्तुति, ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रदेश: ए के शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। यह समिट यशोभूमि, नई दिल्ली में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानकों पर कार्य कर रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि बीते वर्ष गर्मी के दौरान प्रदेश ने देश की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस वर्ष उससे भी अधिक मांग को पूरा करने की तैयारी की गई है। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि PM Surya Ghar Yojana के तहत उत्तर प्रदेश प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन में देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि Green Energy Corridor Phase II में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और Green Energy Corridor Phase III को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पावर प्लांट्स को अब तक के उच्चतम पीएलएफ (85%) पर संचालित किया जा रहा है और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेन्द्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल  एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी साजिश नाकाम, मिजोरम में 23.72 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त

#indomyanmarborderinmizoramseizedmethamphetamine_tablets

भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े ऑपरेशन में 23.72 करोड़ रुपये की 7.907 किलो की मेथाएंफीटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। यह ऑपरेशन सीमा के पास मिजोरम के चंफाई जिले में हुआ है। ऑपरेशन में असम रायफल्स और चंफाई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

लावारिस खड़े वाहन में मिली भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के पास चलाया गया। इस इलाके को तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को मौके पर एक लावारिस वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 23.72 करोड़ कीमत

मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जो हाल के समय में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

क्या होती है मेथाएंफीटामाइन, जो भारत में बैन

मेथाएंफीटामाइन को शॉर्ट फॉर्म में मेथ भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) में किया जाता है। दवा के रूप में इसका इस्तेमाल फोकस बनाए रखने और इंपल्सिव बर्ताव को कमतर करने में किया जाता है। यह एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम की स्पीड बढ़ा देती है। यह डोपामाइन लेवल को भी बढ़ा देती है, जो एक ब्रेन केमिकल होता है और चलने-फिरने में अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन दिमाग को ऐसे सिग्नल भेजता है, जो आपको खुश महसूस कराने वाले बर्ताव को आपसे बार-बार कराता है।

यूपी पुलिस के दो बड़े नवाचारों को राष्ट्रीय सम्मान, ET GovTech Awards 2026 से नवाजा गया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित जनसेवा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। पुलिस के दो प्रमुख डिजिटल इनिशिएटिव—‘UP Police Fact Check’ और ‘Meta Suicidal Alert’—को देश के प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के हयात रीजेंसी होटल में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की ओर से गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने प्राप्त किया। यह सम्मान यूपी पुलिस को दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला—‘UP Police Fact Check’ को ‘Digital Policing & Law Enforcement Excellence Award’ तथा ‘Meta Suicidal Alert’ को ‘Digital Citizen Engagement & Grievance Redressal Award’ के तहत पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा दे रही है।
फैक्ट चेक पहल बनी मिसाल
वर्ष 2017 में शुरू किया गया देश का पहला पुलिस-संचालित फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों का तत्काल खंडन करना है। 24×7 सक्रिय यह टीम OSINT टूल्स, रिवर्स इमेज सर्च और जियोलोकेशन तकनीक के माध्यम से वायरल कंटेंट की जांच करती है। अब तक हजारों भ्रामक पोस्ट का पर्दाफाश कर सैकड़ों मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
Meta Suicidal Alert: जीवन बचाने की अनूठी पहल
Meta कंपनी के सहयोग से शुरू की गई यह पहल सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट की पहचान कर पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजती है। 2023 से फरवरी 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 2181 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की है।
महाकुंभ 2025 में भी निभाई अहम भूमिका
महाकुंभ के दौरान फैलाई गई फर्जी खबरों और भ्रामक वीडियो पर यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैकड़ों अकाउंट चिन्हित किए और कई आपराधिक मामले दर्ज किए, जिससे संभावित तनाव और अफवाहों को समय रहते रोका गया।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा, जागरूकता और जीवन रक्षा के लिए भी नई मिसाल कायम कर रही है।
৪৭তম অল ইন্ডিয়া মেজর পোর্ট হকি চ্যাম্পিয়নশিপ ২০২৬, কলকাতায় শুরু
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২৪ মার্চ থেকে ২৭ মার্চ পর্যন্ত অনুষ্ঠিত এই চ্যাম্পিয়নশিপে দেশের বিভিন্ন প্রধান বন্দর থেকে ৬ টি উল্লেখযোগ্য দল অংশ নিচ্ছে— SMP কলকাতা, MBPA মুম্বাই, PPA প্যারাদীপ, CHPA চেন্নাই, VOC তুতিকোরিন এবং VPA বিশাখাপত্তনম—যারা সেরা সম্মানের জন্য প্রতিদ্বন্দ্বিতা করবে। ছবি:সঞ্জয় হাজরা (খবর কলকাতা)।
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अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान पर हमले से महज 48 घंटे से भी कम समय पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी। ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों को अंतिम मंजूरी दी थी। इस ऐतिहासिक फोन कॉल में नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मारने का यह सबसे अच्छा मौका हो सकता है।

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नेतन्याहू ने ट्रंप से क्या कहा?

नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि अमेरिका और इजराइल को खामेनेई को मारने और 2024 में ट्रंप की हत्या की साजिश का बदला लेने का इससे बेहतर मौका कभी नहीं मिलेगा। नेतन्याहू ने इसे रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूप में जरूरी बताया और ट्रंप को इसे सही ठहराने के लिए प्रेरित किया।

तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की सलाह

नेतन्याहू ने ट्रंप से अपील की कि वे इतिहास रच सकते हैं। उनका तर्क था कि इस हमले से प्रोत्साहित होकर ईरान के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और 1979 से चली आ रही एक रह की तानाशाही व्यवस्था को उखाड़ फेंक सकते हैं, जो वैश्विक आतंकवाद और अस्थिरता का बड़ा स्रोत रही है।

28 फरवरी को हुआ था पहला हमला

बता दें कि ईरान पर पहला हमला 28 फरवरी को हुआ। इसके बाद ट्रंप ने घोषणा की कि खामेनेई मारे गए। व्हाइट हाउस ने बताया कि ऑपरेशन का मकसद था ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और उत्पादन क्षमता को खत्म करना, ताकि ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके। नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से यह खारिज किया कि इजरायल ने अमेरिका को युद्ध के लिए दबाव डाला। उन्होंने इसे फेक न्यूज कहा और कहा कि कोई भी ट्रंप को नहीं बताता कि क्या करना है। ट्रंप ने भी कहा कि ईरान पर हमला करने का अंतिम फैसला उनका खुद का था।

Google dominates high-intent searches

Google dominates high-intent searches → perfect for immediate leads, bottom-funnel conversions, and services/products people are actively hunting for. Higher CPC, but often better conversion quality and faster ROI on transactional campaigns.

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✅ Meta → Fires for brand awareness & powerful visual retargeting

Desh Ka Indhan’ Promises Cheaper, Cleaner Cooking Amid LPG Crisis

Mumbai, Maharashtra: In response to ongoing concerns over irregular LPG cylinder supply, SSK Bharat has introduced an alternative cooking solution named “Desh Ka Indhan”, positioning it as a modern, cost-effective, and eco-friendly substitute for traditional kitchen gas.

The product was launched in Malad East, Mumbai, on the occasion of the Hindu New Year and Gudi Padwa. According to the company, the innovation is an advanced biofuel-based cooking coal and system designed to deliver performance comparable to LPG while reducing dependency on conventional fuel sources.

SSK Bharat claims that the system offers a controlled and efficient flame similar to gas burners, while eliminating smoke and ash, making it suitable for both commercial and household use. The company also highlighted its environmental benefits, stating that the product is aligned with efforts toward reducing carbon emissions and promoting sustainable energy alternatives.

The solution is being targeted at a wide range of users, including hotel and restaurant operators, dhaba and street food vendors, catering businesses, and organizers of large social and religious events. It is also being promoted as a viable option for regular household kitchens.

Recent disruptions in LPG supply across Mumbai have reportedly impacted daily life and small businesses, particularly in the food service sector. Industry observers note that alternatives like biofuel-based systems could help address such challenges if adopted at scale.

Speaking at the launch, SSK Bharat Director Kartik Rawal described the product as part of a broader mission to achieve energy self-reliance. He stated that widespread adoption of indigenous biofuel solutions could reduce India’s dependence on imported fuels and contribute to long-term economic and environmental goals.

In addition to the product rollout, the company announced dealership and franchise opportunities, inviting entrepreneurs to participate in expanding the distribution network.

Further details are available on the company’s official website.

National Hackathon में जय अरविंद शुक्ला ने जीता विजेता का खिताब
मुंबई। देशभर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के बीच आयोजित IIT Hyderabad के National Hackathon में हमारे बेटे जय अरविंद शुक्ला ने शानदार सफलता हासिल करते हुए विजेता का स्थान प्राप्त किया है। IIIT में Computer Science द्वितीय वर्ष के छात्र जय अरविंद शुक्ला ने अपनी प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और नवाचारपूर्ण सोच के बल पर यह उपलब्धि अपने नाम की। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के 52 IIT, NIT और IIITs से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनके बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जय ने सफलतम स्थान हासिल कर परिवार, संस्थान और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।जय अरविंद शुक्ला की इस उपलब्धि से मलाड में रहने वाले उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। उनकी इस सफलता को युवा प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है। National Hackathon जैसे बड़े मंच पर जीत दर्ज करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणा है। जय की इस सफलता पर परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
प्रयागराज में नदियों के कायाकल्प और बाढ़ मुक्ति हेतु नीदरलैंड्स के साथ रणनीतिक साझेदारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। प्रयागराज अपनी जल निकासी और बाढ़ की पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु 'नदी-केंद्रित' शहरी नियोजन मॉडल की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय 'जल एक साधन के रूप में' (वॉटर एज़ लीवरेज) कार्यशाला का समापन समारोह आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष आयोजन में नीदरलैंड्स के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और राष्ट्रीय स्तर के हितधारकों ने सहभागिता की, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर की जल संबंधी चुनौतियों को सतत विकास के अवसरों में बदलना था। यह कार्यशाला प्रयागराज के लिए तैयार की गई 'शहरी नदी प्रबंधन योजना' (URMP) को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

कार्यशाला के दौरान प्रयागराज की आंतरिक नदियों और जलमार्गों की वर्तमान स्थिति पर गहन मंथन किया गया, जिसमें कालिंदीपुरम नाले को 'हरित और स्वच्छ' गलियारे के रूप में विकसित करने का विस्तृत प्रस्ताव दिया गया। डच विशेषज्ञों ने 'प्रकृति आधारित समाधानों' के माध्यम से गंदे पानी और वर्षा जल को अलग-अलग प्रवाहित करने वाली 'दोहरी प्रणाली' का सुझाव दिया। इस नवाचार से न केवल क्षेत्र की स्वच्छता सुनिश्चित होगी, बल्कि शहर को जल निकासी का एक सुदृढ़ विकल्प भी प्राप्त होगा।

कार्यशाला में आगामी कुंभ मेला 2031 को ध्यान में रखते हुए यमुना तट (रिवरफ्रंट) के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित डिजाइन में एक 'पारिस्थितिक पार्क' और 'प्रदर्शनी घाट' शामिल है, जो जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। यह परियोजना इस बात का अनूठा उदाहरण होगी कि कैसे आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा और नदियों का प्राकृतिक स्वरूप एक साथ विकसित हो सकते हैं।

ससुर खदेरी नदी के पुनरुद्धार को भी प्राथमिकता दी गई। वर्तमान में यह नदी व्यापक अवैध कब्जों, अनियोजित निर्माण और शहरी कचरे के कारण एक संकरे और प्रदूषित नाले में तब्दील हो चुकी है। इसकी जल धारण क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान यह उफान पर आ जाती है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भीषण जलभराव होता है। विशेषज्ञों ने इन रुकावटों को हटाने, नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने और इसे पुनः शहर के मुख्य निकासी तंत्र से जोड़ने के लिए सुझाव दिए।

इस पहल के तहत, डच कार्यक्रम तकनीकी सहायता के अवसर तलाशेगा और प्रयागराज के लिए चिन्हित दो प्रमुख कार्यों के लिए 'विस्तृत परियोजना रिपोर्ट' (DPR) तैयार करने में सहयोग करेगा। इस दौरान स्थानीय चुनौतियों, जैसे कि शहरी रूपरेखा, गाद प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन की पहचान की गई है। यमुना तट के लिए प्रस्तावित पार्क न केवल स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देगा, बल्कि मौजूदा घाटों और नौका क्लब (बोट क्लब) को जोड़ते हुए एक नया पारिस्थितिक स्वरूप प्रदान करेगा।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शहर की मुख्य समस्याओं की पहचान की जा चुकी है और अब इन्हें समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में नीदरलैंड्स का वैश्विक अनुभव प्रयागराज के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा का कार्य करेगा। नगर आयुक्त श्री साई तेजा ने इस बात पर जोर दिया कि नदियों का पारिस्थितिक संतुलन बहाल करना शहर के भविष्य के लिए अनिवार्य है। 'विश्व जल दिवस' (22 मार्च) से पूर्व आयोजित इस बैठक में "जल और महिला नेतृत्व" विषय पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें मण्डलायुक्त ने कहा कि जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यह आयोजन राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश और नीदरलैंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर नीदरलैंड्स के जल आयुक्त मिस्टर सैंडर कारपाई, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उप महानिदेशक श्री नलिन श्रीवास्तव, संयुक्त राष्ट्र पर्यावास (UN-Habitat) और नीदरलैंड दूतावास के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में यूपी की दमदार प्रस्तुति, ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रदेश: ए के शर्मा

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में भाग लेते हुए उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। यह समिट यशोभूमि, नई दिल्ली में भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में तेजी से देश का अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सस्ती, सतत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्च मानकों पर कार्य कर रही है।
मंत्री ने जानकारी दी कि बीते वर्ष गर्मी के दौरान प्रदेश ने देश की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया और इस वर्ष उससे भी अधिक मांग को पूरा करने की तैयारी की गई है। बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए पिछले एक वर्ष में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी गई है, जबकि इस वर्ष 5000 मेगावाट से अधिक नई क्षमता स्थापित करने की दिशा में कार्य जारी है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि PM Surya Ghar Yojana के तहत उत्तर प्रदेश प्रतिदिन सोलर इंस्टॉलेशन में देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, यूटिलिटी स्केल सोलर पार्क, पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि Green Energy Corridor Phase II में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और Green Energy Corridor Phase III को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पावर प्लांट्स को अब तक के उच्चतम पीएलएफ (85%) पर संचालित किया जा रहा है और वितरण हानियों (AT&C Losses) में उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश में लगभग 20% उपभोक्ताओं के यहां प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिला है।
इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) नरेन्द्र भूषण, चेयरमैन आशीष गोयल  एवं प्रबंध निदेशक पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
भारत-म्यांमार सीमा पर बड़ी साजिश नाकाम, मिजोरम में 23.72 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन की गोलियां जब्त

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भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नॉरकोटिक्स डिपार्टमेंट ने एक बड़े ऑपरेशन में 23.72 करोड़ रुपये की 7.907 किलो की मेथाएंफीटामाइन टैबलेट जब्त की हैं। यह ऑपरेशन सीमा के पास मिजोरम के चंफाई जिले में हुआ है। ऑपरेशन में असम रायफल्स और चंफाई पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।

लावारिस खड़े वाहन में मिली भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

यह संयुक्त अभियान सीमा क्षेत्र के एक संवेदनशील मार्ग ह्मुनह्मेल्था रोड के पास चलाया गया। इस इलाके को तस्करी के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, जहां से अक्सर अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलती रहती हैं। इसी आधार पर सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान टीम को मौके पर एक लावारिस वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। जब सुरक्षा कर्मियों ने वाहन की बारीकी से जांच की, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 23.72 करोड़ कीमत

मेथामफेटामाइन गोलियां बरामद हुईं। कुल 7.907 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया, जो हाल के समय में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 23.72 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह खेप संभवतः अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के माध्यम से भारत में लाई जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।

क्या होती है मेथाएंफीटामाइन, जो भारत में बैन

मेथाएंफीटामाइन को शॉर्ट फॉर्म में मेथ भी कहते हैं। इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) में किया जाता है। दवा के रूप में इसका इस्तेमाल फोकस बनाए रखने और इंपल्सिव बर्ताव को कमतर करने में किया जाता है। यह एक तरह का स्टीमुलेंट है, जो शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम की स्पीड बढ़ा देती है। यह डोपामाइन लेवल को भी बढ़ा देती है, जो एक ब्रेन केमिकल होता है और चलने-फिरने में अहम भूमिका निभाता है। डोपामाइन दिमाग को ऐसे सिग्नल भेजता है, जो आपको खुश महसूस कराने वाले बर्ताव को आपसे बार-बार कराता है।

यूपी पुलिस के दो बड़े नवाचारों को राष्ट्रीय सम्मान, ET GovTech Awards 2026 से नवाजा गया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित जनसेवा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। पुलिस के दो प्रमुख डिजिटल इनिशिएटिव—‘UP Police Fact Check’ और ‘Meta Suicidal Alert’—को देश के प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के हयात रीजेंसी होटल में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की ओर से गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने प्राप्त किया। यह सम्मान यूपी पुलिस को दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला—‘UP Police Fact Check’ को ‘Digital Policing & Law Enforcement Excellence Award’ तथा ‘Meta Suicidal Alert’ को ‘Digital Citizen Engagement & Grievance Redressal Award’ के तहत पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा दे रही है।
फैक्ट चेक पहल बनी मिसाल
वर्ष 2017 में शुरू किया गया देश का पहला पुलिस-संचालित फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों का तत्काल खंडन करना है। 24×7 सक्रिय यह टीम OSINT टूल्स, रिवर्स इमेज सर्च और जियोलोकेशन तकनीक के माध्यम से वायरल कंटेंट की जांच करती है। अब तक हजारों भ्रामक पोस्ट का पर्दाफाश कर सैकड़ों मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
Meta Suicidal Alert: जीवन बचाने की अनूठी पहल
Meta कंपनी के सहयोग से शुरू की गई यह पहल सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट की पहचान कर पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजती है। 2023 से फरवरी 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 2181 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की है।
महाकुंभ 2025 में भी निभाई अहम भूमिका
महाकुंभ के दौरान फैलाई गई फर्जी खबरों और भ्रामक वीडियो पर यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैकड़ों अकाउंट चिन्हित किए और कई आपराधिक मामले दर्ज किए, जिससे संभावित तनाव और अफवाहों को समय रहते रोका गया।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा, जागरूकता और जीवन रक्षा के लिए भी नई मिसाल कायम कर रही है।