MinersMe Cloud Mining Explained: How to Access Bitcoin Mining Without Hardware

In recent years, cryptocurrency adoption has grown rapidly across the world, with Bitcoin leading the conversation. Most individuals entering the crypto space are familiar with trading or long-term holding. However, there is another fundamental layer of this ecosystem that often goes unnoticed Bitcoin mining.Bitcoin mining is the process through which transactions are verified and added to the blockchain. It also plays a critical role in introducing new Bitcoin into circulation. This process is powered by complex computational systems that solve mathematical problems to secure the network.

Traditionally, mining required significant investment in high-performance hardware, access to continuous electricity, advanced cooling systems, and technical expertise. Setting up and maintaining such an environment made mining accessible primarily to large-scale operators and industrial players.

This is where cloud mining has transformed the landscape.

Cloud mining enables individuals to access mining infrastructure without owning or managing physical machines. Instead of building a setup from scratch, users can participate in mining operations through professionally managed systems hosted in large-scale data centers.

These data centers are powered by ASIC (Application-Specific Integrated Circuit) machines, which are specifically designed for efficient mining performance. Combined with optimized cooling systems and stable energy environments, these infrastructures ensure consistent and reliable operations.

Platforms like MinersMe are part of this evolving digital infrastructure ecosystem.

MinersMe focuses on providing access to real mining infrastructure through managed systems. Instead of dealing with hardware setup, maintenance, or operational complexity, users can explore participation through simplified models designed for accessibility and scalability.

Learn more about cloud mining infrastructure at: https://minersme.com

The approach is centered around:

• Access to real ASIC-powered systems

• Managed infrastructure environments

• Simplified participation models

• Scalable entry options

This reflects a broader shift in the industry from hardware ownership to infrastructure access.

Much like how cloud computing transformed traditional IT systems, cloud mining is changing how individuals engage with mining. It removes technical barriers and allows users to interact with complex systems through simplified access points.

However, it is important to understand that the cryptocurrency ecosystem is dynamic. Factors such as market conditions, network difficulty, and technological advancements continue to influence the mining landscape. This makes it essential for individuals to approach the space with awareness and proper research.

As digital infrastructure continues to evolve, platforms like MinersMe represent a growing trend toward making mining more structured, accessible, and scalable.

For detailed insights and platform information, visit: https://minersme.com

Cloud mining is not just about convenience it is about redefining how individuals connect with the underlying infrastructure of the crypto ecosystem.

तालाब में डूबने से युवक की मौत, गांव में पसरा सन्नाटा
तुलसीपुर (बलरामपुर): विकासखंड गैसड़ी के ग्राम चरनगहिया में आज उस वक्त मातम छा गया, जब गाँव के निवासी विष्णु कश्यप (पुत्र कुन्नू) जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष की तालाब में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। मृतक अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गया जिनकी उम्र लगभग 6-7 साल दूसरे की उम्र लगभग तीन-चार साल की है।
*घटना का विवरण समय आज सुबह लगभग 10:00 बजे विष्णु के तालाब में डूबने की सूचना मिली।* *परिजनजैसे ही यह खबर परिवार तक पहुँची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।*
पुलिस कार्यवाही: स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना तुलसीपुर की पुलिस मौके पर पहुँची।
वर्तमान स्थिति पुलिस ने कागजी कार्यवाही पूरी कर दोपहर लगभग 3:00 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।गाँव में शोक की लहरइस हृदयविदारक घटना से पूरे चरनगहिया गाँव में शोक का माहौल है। मिलनसार स्वभाव के विष्णु की असामयिक मृत्यु से हर आँख नम है। शोकाकुल परिवार इस समय गहरे सदमे और परेशानी में है।

#GramCharangahiya #Tulsipur #Gasdi #BalrampurNews #SadNews #LocalNews
यूएस-ईरान शांति वार्ताःडील के लिए ट्रंप खुद पहुंच सकते हैं पाकिस्तान

#donaldtrumpmayvisitpakistanforpeacetalkswith_iran

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के साथ इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में समझौता होने की स्थिति में खुद भी शामिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की युद्धविराम वार्ता होने की उम्मीद अब काफी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने चर्चा में शामिल एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाल से कहा है कि बातचीत के फिर से शुरू करने की दिशा में प्रगति हो रही है। उन्होंने ये भी संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है तो या तो खुद डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान आ सकते हैं या फिर ऑनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने दी बम बरसाने की धमकी

ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब ईरान-अमेरिका वार्ता में लगातार गतिरोध चल रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उन्होंने दावा किया है कि ईरान को समझौता करना ही होगा। उन्होंने अपनी ताजा धमकी में कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करेगा, तो बम बरसेंगे। हालांकि इसके बाद भी ईरान ने अड़ियल रवैया जारी रखा है।

पाकिस्तान के लिए अब तक नहीं रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरान की सरकारी टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में भाग लेने के लिए रवाना नहीं हुआ है। यह वार्ता अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे लेकर क्षेत्रीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से फिलहाल किसी भी डेलीगेशन के पाकिस्तान जाने की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे इस बैठक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

इन मामलों पर विवाद बरकरार

-ईरान का परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रतिबंध की समयसीमा सीमित होनी चाहिए।

-यूरेनियम भंडार: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, लेकिन ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपने प्रतिबंध नहीं हटाता, जबकि अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है।

-जमे हुए आर्थिक संपत्ति: ईरान करीब 20 अरब डॉलर की फ्रीज़्ड संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।

-युद्ध क्षतिपूर्ति: तेहरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों से हुए नुकसान के बदले लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग उठाई है।

पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

#pmmodispeechcontroversymccviolation700citizenscomplainttoeci

महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

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परिवहन विभाग द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण निर्देश किया गया जारी


*शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था की गई लागू*

*गोण्डा 20 अप्रैल,2026*।
एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने अवगत कराया है कि जिन विद्यालयों एवं उनमें संचालित वाहनों को अभी तक upisvmp.com पोर्टल पर ऑनबोर्ड नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे विद्यालयों के वाहनों को चिन्हित कर सीज (जब्त) किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को अपने संस्थान तथा उसमें संचालित समस्त वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही, प्रत्येक वाहन चालक का पुलिस सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र भी अपलोड किया जाना आवश्यक है।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों के परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या जोखिम को रोका जा सके। बिना सत्यापन के संचालित वाहनों से दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे समाप्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे इस कार्य को अत्यंत प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। यदि किसी कारणवश अभी तक ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, तो उसे तत्काल प्रभाव से पूर्ण कराया जाए, अन्यथा संबंधित वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना है। अतः सभी संबंधित पक्ष सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने विद्यालय एवं वाहनों को शीघ्रातिशीघ्र पोर्टल पर ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें।
जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, उधमपुर में खाई में गिरी यात्री बस, 15 लोगों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां खगोट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी जालो क्षेत्र के पास अचानक यह हादसा हुआ। बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी एक मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन खाई में जा गिरा।

रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग के कारण हादसा

चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग का है। एक मोड पर बस का टायर फट गया जिसके बाद तेजी से आ रही बस बेकाबू हो गई। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया

हादसे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस के साथ हुई दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है, और उन्हें हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताई संवेदना

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह दुखद सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं, मैंने जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें।

बिहार में “आग” उगल रहा आसमान, 43 डिग्री तक पहुंचा टेम्प्रेचर, 9 जिलों में हीट वेव का कहर

#biharweatherheatwavetemperatureat43degrees

भारत के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सूरज की तपिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड समेत कई राज्य भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। बिहार में फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं।

मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली

बिहार में मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली है। 20 अप्रैल को जहां दोपहर में भीषण धूप और गर्म हवाएं हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ाएंगी, वहीं 23 अप्रैल के लिए विभाग ने 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सीमांचल के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

43 डिग्री तक पहुंचा पारा

दक्षिण बिहार में जहां हीट वेव और भीषण गर्मी से लोग परेशान है तो उत्तर बिहार के पूर्वी इलाके में वर्ष भी दर्ज की जा रही है। दक्षिण बिहार के अधिकार सभी जिलों में भीषण गर्मी के लोग परेशान हैं और 43 डिग्री तक पारा पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार, रविवार को नौ जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किए गए। हालांकि उत्तर बिहार के 6 जिलों में हल्की से लेकर मध्य मास्टर की वर्षा भी दर्ज की गई।

डिहरी सबसे गर्म

बिहार की राजधानी पटना में उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते रविवार को रोहतास जिले का डिहरी राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया।

48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

पटना मौसम केंद्र ने बिहार के तापमान की प्रवृत्ति को लेकर विशेष बुलेटिन जारी किया है। इसमें अगले 48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। अगले 3-4 दिनों तक राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में पारा सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और अररिया में गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकले। हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी गई है, दक्षिण बिहार के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा एवं वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी
गोंडा। गोण्डा जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा तथा वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) आर.सी. भारतीय द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 242 ऐसे विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जिनके 313 स्कूल वाहनों से संबंधित आवश्यक विवरण अब तक UPISVMP.COM पर अपडेट नहीं किए गए हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वाहन चालकों का पूर्ण विवरण, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ शपथ पत्र पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न किया जाना गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
सभी चिन्हित विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे 19 अप्रैल 2026 को अपने विद्यालय खुले रखें तथा अपने समस्त स्कूल वाहनों एवं चालकों का पूर्ण विवरण शपथ पत्र सहित तत्काल पोर्टल पर अपलोड करें।
इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों को अपने वाहनों को निर्धारित तिथि पर एआरटीओ कार्यालय, एआरटीओ कार्यालय गोण्डा में प्रस्तुत कर भौतिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान वाहन फिटनेस, सुरक्षा मानकों, परमिट तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
एआरटीओ (प्रशासन) ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्देशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनपद के सभी विद्यालयों से अपील की गई है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।
MinersMe Cloud Mining Explained: How to Access Bitcoin Mining Without Hardware

In recent years, cryptocurrency adoption has grown rapidly across the world, with Bitcoin leading the conversation. Most individuals entering the crypto space are familiar with trading or long-term holding. However, there is another fundamental layer of this ecosystem that often goes unnoticed Bitcoin mining.Bitcoin mining is the process through which transactions are verified and added to the blockchain. It also plays a critical role in introducing new Bitcoin into circulation. This process is powered by complex computational systems that solve mathematical problems to secure the network.

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This is where cloud mining has transformed the landscape.

Cloud mining enables individuals to access mining infrastructure without owning or managing physical machines. Instead of building a setup from scratch, users can participate in mining operations through professionally managed systems hosted in large-scale data centers.

These data centers are powered by ASIC (Application-Specific Integrated Circuit) machines, which are specifically designed for efficient mining performance. Combined with optimized cooling systems and stable energy environments, these infrastructures ensure consistent and reliable operations.

Platforms like MinersMe are part of this evolving digital infrastructure ecosystem.

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• Access to real ASIC-powered systems

• Managed infrastructure environments

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• Scalable entry options

This reflects a broader shift in the industry from hardware ownership to infrastructure access.

Much like how cloud computing transformed traditional IT systems, cloud mining is changing how individuals engage with mining. It removes technical barriers and allows users to interact with complex systems through simplified access points.

However, it is important to understand that the cryptocurrency ecosystem is dynamic. Factors such as market conditions, network difficulty, and technological advancements continue to influence the mining landscape. This makes it essential for individuals to approach the space with awareness and proper research.

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तालाब में डूबने से युवक की मौत, गांव में पसरा सन्नाटा
तुलसीपुर (बलरामपुर): विकासखंड गैसड़ी के ग्राम चरनगहिया में आज उस वक्त मातम छा गया, जब गाँव के निवासी विष्णु कश्यप (पुत्र कुन्नू) जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष की तालाब में डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। मृतक अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गया जिनकी उम्र लगभग 6-7 साल दूसरे की उम्र लगभग तीन-चार साल की है।
*घटना का विवरण समय आज सुबह लगभग 10:00 बजे विष्णु के तालाब में डूबने की सूचना मिली।* *परिजनजैसे ही यह खबर परिवार तक पहुँची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।*
पुलिस कार्यवाही: स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना तुलसीपुर की पुलिस मौके पर पहुँची।
वर्तमान स्थिति पुलिस ने कागजी कार्यवाही पूरी कर दोपहर लगभग 3:00 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।गाँव में शोक की लहरइस हृदयविदारक घटना से पूरे चरनगहिया गाँव में शोक का माहौल है। मिलनसार स्वभाव के विष्णु की असामयिक मृत्यु से हर आँख नम है। शोकाकुल परिवार इस समय गहरे सदमे और परेशानी में है।

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यूएस-ईरान शांति वार्ताःडील के लिए ट्रंप खुद पहुंच सकते हैं पाकिस्तान

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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के साथ इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में समझौता होने की स्थिति में खुद भी शामिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे राउंड की युद्धविराम वार्ता होने की उम्मीद अब काफी बढ़ गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने चर्चा में शामिल एक पाकिस्तानी सूत्र के हवाल से कहा है कि बातचीत के फिर से शुरू करने की दिशा में प्रगति हो रही है। उन्होंने ये भी संकेत दिया है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है तो या तो खुद डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान आ सकते हैं या फिर ऑनलाइन माध्यम से इसमें शामिल हो सकते हैं।

ट्रंप ने दी बम बरसाने की धमकी

ये खबर ऐसे वक्त में आई है, जब ईरान-अमेरिका वार्ता में लगातार गतिरोध चल रहा है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और उन्होंने दावा किया है कि ईरान को समझौता करना ही होगा। उन्होंने अपनी ताजा धमकी में कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करेगा, तो बम बरसेंगे। हालांकि इसके बाद भी ईरान ने अड़ियल रवैया जारी रखा है।

पाकिस्तान के लिए अब तक नहीं रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरान की सरकारी टेलीविजन रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में भाग लेने के लिए रवाना नहीं हुआ है। यह वार्ता अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे लेकर क्षेत्रीय स्तर पर काफी चर्चा बनी हुई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से फिलहाल किसी भी डेलीगेशन के पाकिस्तान जाने की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे इस बैठक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

इन मामलों पर विवाद बरकरार

-ईरान का परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करे, जबकि तेहरान का कहना है कि किसी भी प्रतिबंध की समयसीमा सीमित होनी चाहिए।

-यूरेनियम भंडार: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण चाहता है, लेकिन ईरान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: ईरान का कहना है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध तब तक जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपने प्रतिबंध नहीं हटाता, जबकि अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है।

-जमे हुए आर्थिक संपत्ति: ईरान करीब 20 अरब डॉलर की फ्रीज़्ड संपत्तियों को जारी करने और प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।

-युद्ध क्षतिपूर्ति: तेहरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमलों से हुए नुकसान के बदले लगभग 270 अरब डॉलर के मुआवजे की भी मांग उठाई है।

पीएम मोदी पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, चुनाव आयोग को 700 नागरिकों ने लिखा पत्र

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महिला आरक्षण बिल को लेकर 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को संबोधन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को ज़िम्मेदार ठहराया। अब 700 से अधिक नागरिकों ने चुनाव आयोग को लेटर लिखकर इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। लेटर लिखने वालों में पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, एक्टिविस्ट और पत्रकार शामिल हैं।

चुनाव आयोग से जांच की मांग

700 से ज्यादा लोगों ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को पत्र लिखकर शिकायत की है। उनका कहना है कि यह भाषण चुनावी आचार संहिता के दौरान दिया गया और इस भाषण से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है। इस वजह से इसका असर निष्पक्ष चुनाव के नियमों पर पड़ सकता है। इनका मानना है कि इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग को तुरंत जांच करनी चाहिए।

शिकायतकर्ताओं ने कहा-पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर 33% महिला आरक्षण को लेकर हमला बोला, जो चुनावी माहौल में पक्षपातपूर्ण प्रचार की श्रेणी में आता है। उनका आरोप है कि सरकारी तंत्र और सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव की मूल भावना प्रभावित होती है

कंटेंट और प्रसारण के तरीकों की जांच की मांग

शिकायत में कहा गया कि भाषण का कंटेंट और उसके प्रसारण के तरीके दोनों पर जांच होनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की कि अगर प्रसारण के लिए अनुमति दी गई थी, तो विपक्षी दलों को भी उतना ही एयरटाइम दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अगर भाषण में आचार संहिता का उल्लंघन किया गया हो तो उसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से हटाने की भी मांग की गई है।

शिकायत पत्र पर किन-किन लोगों ने किए हस्ताक्षर

शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, पूर्व आईएएस एम. जी. देवसहायम, शिक्षाविद जोया हसन, संगीतकार टी. एम. कृष्णा और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबोधन दूरदर्शन, संसद टीवी और ऑल इंडिया रेडियो जैसे सरकारी माध्यमों पर लाइव प्रसारित किया गया जो पूरी तरह सार्वजनिक धन से संचालित होते हैं।

पीएम के संबोधन में किस बात पर विवाद?

दरअसल, राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने कहा, देश की करोड़ों महिलाओं की नज़र संसद पर थी। मुझे भी देखकर दुख हुआ कि नारी शक्ति का ये प्रस्ताव जब गिरा तो कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके जैसी परिवारवादी पार्टियां ख़ुशियां मना रही थीं। ऐसे लोगों को इस देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। करीब 30 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कई बार कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके समेत तमाम विपक्षी दलों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

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परिवहन विभाग द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण निर्देश किया गया जारी


*शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था की गई लागू*

*गोण्डा 20 अप्रैल,2026*।
एआरटीओ (प्रशासन) गोण्डा श्री आर.सी. भारतीय द्वारा जनपद के समस्त विद्यालय प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने अवगत कराया है कि जिन विद्यालयों एवं उनमें संचालित वाहनों को अभी तक upisvmp.com पोर्टल पर ऑनबोर्ड नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे विद्यालयों के वाहनों को चिन्हित कर सीज (जब्त) किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि शासन द्वारा विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं निगरानी सुनिश्चित करने हेतु यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को अपने संस्थान तथा उसमें संचालित समस्त वाहनों का पंजीकरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करना होगा। साथ ही, प्रत्येक वाहन चालक का पुलिस सत्यापित चरित्र प्रमाण पत्र एवं शपथ पत्र भी अपलोड किया जाना आवश्यक है।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है, ताकि विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों के परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या जोखिम को रोका जा सके। बिना सत्यापन के संचालित वाहनों से दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे समाप्त करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे इस कार्य को अत्यंत प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। यदि किसी कारणवश अभी तक ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, तो उसे तत्काल प्रभाव से पूर्ण कराया जाए, अन्यथा संबंधित वाहनों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

अंत में उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाना है। अतः सभी संबंधित पक्ष सहयोग करें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने विद्यालय एवं वाहनों को शीघ्रातिशीघ्र पोर्टल पर ऑनबोर्ड करना सुनिश्चित करें।
जम्मू-कश्मीर में भीषण सड़क हादसा, उधमपुर में खाई में गिरी यात्री बस, 15 लोगों की मौत

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जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां खगोट क्षेत्र में एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी जालो क्षेत्र के पास अचानक यह हादसा हुआ। बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी, तभी एक मोड़ पर चालक का नियंत्रण खो गया और वाहन खाई में जा गिरा।

रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग के कारण हादसा

चश्मदीदों के मुताबिक यह हादसा रैश और नेग्लीजेंट ड्राइविंग का है। एक मोड पर बस का टायर फट गया जिसके बाद तेजी से आ रही बस बेकाबू हो गई। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने दुख जताया

हादसे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दुख जताया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने रामनगर से उधमपुर जा रही एक यात्री बस के साथ हुई दुखद सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है, और उन्हें हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जताई संवेदना

वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, यह दुखद सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें शक्ति प्रदान करें। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं, मैंने जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें।

बिहार में “आग” उगल रहा आसमान, 43 डिग्री तक पहुंचा टेम्प्रेचर, 9 जिलों में हीट वेव का कहर

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भारत के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सूरज की तपिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड समेत कई राज्य भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। बिहार में फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं।

मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली

बिहार में मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली है। 20 अप्रैल को जहां दोपहर में भीषण धूप और गर्म हवाएं हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ाएंगी, वहीं 23 अप्रैल के लिए विभाग ने 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सीमांचल के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

43 डिग्री तक पहुंचा पारा

दक्षिण बिहार में जहां हीट वेव और भीषण गर्मी से लोग परेशान है तो उत्तर बिहार के पूर्वी इलाके में वर्ष भी दर्ज की जा रही है। दक्षिण बिहार के अधिकार सभी जिलों में भीषण गर्मी के लोग परेशान हैं और 43 डिग्री तक पारा पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार, रविवार को नौ जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किए गए। हालांकि उत्तर बिहार के 6 जिलों में हल्की से लेकर मध्य मास्टर की वर्षा भी दर्ज की गई।

डिहरी सबसे गर्म

बिहार की राजधानी पटना में उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते रविवार को रोहतास जिले का डिहरी राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया।

48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

पटना मौसम केंद्र ने बिहार के तापमान की प्रवृत्ति को लेकर विशेष बुलेटिन जारी किया है। इसमें अगले 48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। अगले 3-4 दिनों तक राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में पारा सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और अररिया में गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकले। हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी गई है, दक्षिण बिहार के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा एवं वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी
गोंडा। गोण्डा जनपद में संचालित विद्यालयों के वाहनों की सुरक्षा तथा वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एआरटीओ (प्रशासन) आर.सी. भारतीय द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 242 ऐसे विद्यालय चिन्हित किए गए हैं, जिनके 313 स्कूल वाहनों से संबंधित आवश्यक विवरण अब तक UPISVMP.COM पर अपडेट नहीं किए गए हैं।
एआरटीओ (प्रशासन) ने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वाहन चालकों का पूर्ण विवरण, वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ शपथ पत्र पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके बावजूद संबंधित विद्यालयों द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न किया जाना गंभीर लापरवाही माना जाएगा।
सभी चिन्हित विद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे 19 अप्रैल 2026 को अपने विद्यालय खुले रखें तथा अपने समस्त स्कूल वाहनों एवं चालकों का पूर्ण विवरण शपथ पत्र सहित तत्काल पोर्टल पर अपलोड करें।
इसके अतिरिक्त, सभी विद्यालयों को अपने वाहनों को निर्धारित तिथि पर एआरटीओ कार्यालय, एआरटीओ कार्यालय गोण्डा में प्रस्तुत कर भौतिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान वाहन फिटनेस, सुरक्षा मानकों, परमिट तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
एआरटीओ (प्रशासन) ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्देशों का पालन न करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनपद के सभी विद्यालयों से अपील की गई है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें।