"Capturing Holi Splendor: Rohan Saha's Lens Meets Harakutir's Vibrant Celebrations and Kolkata's Iconic Rolls-Royce Procession"

The Rolls-Royce Holi procession in Kolkata has a rich history dating back to 1921 when the car was imported from England by Mukund Lal Bagla, a prominent Marwari businessman. The tradition began when his son, Ram Kumar Bagla, started using the Rolls-Royce to carry Radha-Krishna idols during Holi, a practice continued by the family. Over time, the event has evolved into a grand celebration, attracting thousands of devotees and spectators. The procession typically starts at the Satyanarayan Jee Temple, winding through iconic Kolkata streets like Howrah Bridge and Burrabazar, showcasing the city's cultural heritage. The Rolls-Royce itself is a symbol of luxury and tradition, beautifully decorated with flowers and colors for the occasion. The Rolls-Royce, once owned by Rudyard Kipling, is adorned with flowers and colors, accompanied by traditional music and dance. Devotees and spectators join the procession, throwing gulal and celebrating the festival. This event blends heritage, spirituality, and joy, making it a must-see Holi celebration in Kolkata.

 

The Rolls-Roycle Holi 2026 was captured very uniquely by Mr. Rohan Saha, who is a rising youth photographer who's making waves with his exceptional talent. He's been associated with the Harakutir ray-banerjee royal family capturing their events and celebrations with his lens. His work has been appreciated by many, and he's quickly becoming a name to watch in the photography world! Apart from photography, Rohan Saha is a B.Tech Automobile Engineering graduate from M.C.K.V Institute of Engineering,) with a strong focus on BS-VI technology, electric vehicles, and automotive design. He’s currently a,Graduate Engineer Trainee in Technical Operations at Shrachi Agrimech Pvt. Ltd., handling agricultural vehicle systems and technical documentation. Rohan has expertise in automotive systems like hybrid & electric vehicle tech, transmission, and fuel injection, and is proficient in SolidWorks, AutoCAD.

The members of the royal Harakutir Ray-banerjee family of Pathuriaghata, Kolkata, West Bengal, meanwhile just celebrated their Holika Dahan and Holi at their premises in a vibrant, unique and joyous affair, reflecting the spirit of India's Festival of Colors.

Harakutir’s iconic Holi festivities began this monday, with the traditional Holika Dahan ceremony, where a 15 feet tall effigy, made of of hay and wood was set up on fire in a bonfire to symbolize the victory of good over evil. The event was marked by prayers, chanting, and the offering of cimar (puffs of burning cow dung) to ward off evil spirits. The tradition comes from a story in the Bhagavata Purana about the demon king Hiranyakashipu. He wanted everyone to worship him instead of Vishnu. However, his son Prahlada remained a devoted follower of Vishnu. Angry with his son, Hiranyakashipu asked his sister Holika, who had a boon that protected her from fire, to sit in a burning pyre with Prahlada on her lap. But due to divine protection, Prahlada survived while Holika was burned to ashes.

 

The next day, Harakutir came alive with the sounds of laughter and music as people gathered to celebrate Rangwali Holi. The air was filled with the sweet scent of colors, and the atmosphere was electric with excitement. Their celebration featured traditional Thandai, , a spiced milk drink, and gujiya, a sweet pastry filled with khoya and nuts alongside other Bengali sweets. The evening was filled with soul-stirring performances, including traditional dance and music for their Kuldevta Sree Sree Sridhar Narayan Jew, which ages to 1692 and has been worshipped by eminent saints like Ramakrishna Parhamhans Deb, Shri Shri Mohanananda Brahmachari, Sadhak Bamakhepa and Trailanga Swami to name a few. The deity alongside others was placed in a all silver throne or “jhula” in their adi thakurghar or place of worship.

Harakutir, a 333-year-old heritage house in Kolkata, is a treasure trove of Bengali culture and tradition. This iconic mansion has been hosting several events like: Durga Puja, Kali Puja, Shivratri and Holi celebrations for the past 333 years, making it one of the oldest and most revered puja venues in the city.

 The brain behind this grand celebration is Archisman Ray Banerjee, a 12th-generation family member and senior researcher at lIT Kharagpur and works of the National Crime and Investigation Agency, Government of India. Archisman, also the CEO of Brand Harakutir, is a man of many talents - a scientist, innovator, and cultural preservationist. He's pursuing his PhD in Chemical Engineering as a senior research fellow , focusing on solid-state battery technologies, and has received more than 30 prestigious awards some of them of the likes of the National Icon Award 2025 and Desh Ratna Award 2025 by the Government of India.

 

छत्तीसगढ़: बच्चों के सामने मां ने रची पिता की हत्या की साजिश, ले ली जान

कोरबा (छत्तीसगढ़): जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने पति की हत्या कर दी। आरोप है कि गैर व्यक्ति से मोबाइल पर बातचीत करने से मना करने पर पत्नी ने अपने ही पति को जहरीली दवा पिला दी। हैरानी की बात यह है कि महिला ने कीटनाशक दवा अपने बच्चों से ही मंगवाई थी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

पूरी खबर यहां पढ़ें https://news4u36.in/mobile-talk-dispute-wife-poisoned-husband-korba-crime-news/

पुलिस मंथन–2025 का समापन, मुख्यमंत्री ने किया दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सम्मेलन का उल्लेख
लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन “पुलिस मंथन–2025” का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए गए, जिनमें आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, इंटेलिजेंस व उभरती चुनौतियाँ तथा आतंकवाद एवं संगठित अपराध शामिल रहे।

अंतिम दिन के सत्रों का सार

—सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी  प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।

सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।

सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में  प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों,  सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal),  अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, अंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं  अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित

वर्ष 2022

1. प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र
2. विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश
3. रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद
4. दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग
5. मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद

वर्ष 2023

6. शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र
7. विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ
8. विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर
9. मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर
10. शैलेष कुंतल- महिला आरक्षी

वर्ष 2024

11. अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली
12. विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ
13. अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ

वर्ष 2025

14. कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल
15. प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ
16. प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा

मुख्यमंत्री  द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन  प्रधानमंत्री  के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।

उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री  ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन जैसे विचार-मंच को प्रतिवर्ष दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि प्रस्तावों का नियमित फॉलोअप हो और नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जा सकें। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अलंकरण से सम्मानित पुलिस कार्मिकों को शुभकामनाएँ देते हुए पुनः आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सभी सत्रों में प्रस्तुतीकरण देने वाले समस्त अधिकारियों के विचारों एवं प्रस्तुतिकरणों को अत्यंत सारगर्भित, व्यावहारिक तथा परिणामोन्मुखी बताते हुए उनकी सराहना की और उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी को यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस मंथन के दौरान प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों एवं निष्कर्षों का शीघ्र, प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा । तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक कारागार, उत्तर प्रदेश प्रेम चंद मीणा के धन्यवाद उद्बोधन से इस दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन का समापन हुआ ।
तुर्की-चाइना मेड हथियार से दिल्ली दहलाने की थी साजिश, इंटरनेशनल हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान की एक और घातक साजिश को नाकाम कर दिया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, ये गिरोह पाकिस्तान के रास्ते तुर्की और चीन में बने हाई एंड पिस्टल भारत में सप्लाई कर रहा था।

तस्करों के पास से क्या-क्या हुआ बरामद?

डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस गैंग के चार मुख्य ऑपरेटिवों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह के सदस्यों कोके पास से 10 विदेशी महंगी पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। ये हथियार दिल्ली और आसपास के राज्यों में बदमाशों और गैंगस्टरों तक पहुंचाए जा रहे थे।

आईएसआई के इशारों पर कर रहे था काम

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का कहना है कि ये पूरा नेटवर्क पाकिस्तान आईएसआई से जुड़े लोगों के इशारे पर काम कर रहा था। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में भेजी गई थी, जो बताती है कि दुश्मन कितनी आधुनिक तकनीक से आतंक फैलाने की तैयारी में था।

आरोपी पंजाब-यूपी और दिल्ली के

इन गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनदीप, दलविंदर, रोहन और अजय उर्फ मोनू के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी पंजाब, यूपी और दिल्ली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पहले हथियार पाकिस्तान पहुंचाए जाते, फिर वहां से तस्करी कर भारत की सीमा के अंदर लाए जाते थे।

लाल किला धमाके के बाद सतर्क हुईं एजेसियां

बता दें कि बीते 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किला के पास हुए धमाके की घटना के बाद एजेसियों ने अपनी निगरानी और पैनी कर दी है। हर एक संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। आतंक से संबंध रखने वाले हर किसी की धर-पकड़ की जा रही है। लाल किला धमाके की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 2 दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

डिजिटल अरेस्ट के झांसे में आए लखनऊ के रिटायर्ड अफसर व शिक्षक, साइबर ठगों ने उड़ाए लाखों

लखनऊ । साइबर ठगों का नया तरीका सामने आया है, जिसमें रिटायर्ड रेलवे अफसर और शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर 30.57 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। ठगों ने खुद को एटीएस, क्राइम ब्रांच और अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ितों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का झांसा दिया और जेल भेजने की धमकी देकर रकम वसूली। रेलवे से रिटायर्ड अफसर से 18 लाख रुपये की ठगी आलमबाग के गीतानगर निवासी रिटायर्ड रेलवे अफसर तेज बहादुर सिंह ने बताया कि 9 नवंबर को उन्हें अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके आधार कार्ड से एचडीएफसी बैंक में खाता खुला है, जिसमें आतंकी धनराशि का आदान-प्रदान हो रहा है। झांसे में आकर तेज बहादुर ने ठगों से बात करना शुरू किया।ठगों ने उन्हें चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। हर दो घंटे में अपडेट लेने के बाद अगले दिन बयान देने के लिए मुंबई एटीएस के कार्यालय आने के लिए कहा और फिर फोन पर झांसा देकर तेज बहादुर के पत्नी के खाते में 14 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। अगले दिन चार लाख रुपये और हड़प लिए। बैंक द्वारा संदेह जताने पर परिवार को जानकारी मिलने के बाद तेज बहादुर को ठगी का अहसास हुआ। शिक्षक से छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 12.57 लाख रुपये की ठगी राजाजीपुरम निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक गया प्रसाद त्रिपाठी को सात नवंबर को अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस इंस्पेक्टर बताकर कहा कि उनका नाम पाकिस्तान के लिंक में आया है और जम्मू-कश्मीर में मामला दर्ज है। ठगों ने छह दिन तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 12.57 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए। साइबर क्राइम पुलिस ने की कार्रवाई साइबर क्राइम थाने के प्रभारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि गया प्रसाद के मामले में दो ठगों के खातों में 2.5 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए। तेज बहादुर की ठगी की रकम भी वापस दिलाने की कोशिश की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। सावधानियां ,अपने खातों को सुरक्षित रखें अगर आपके बैंक में बड़ी रकम आती है, तो साइबर अपराधियों की नजर आपके खाते पर हो सकती है। ठग खुद को क्राइम ब्रांच, एटीएस या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराने का प्रयास करते हैं। आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स या हवाला में नाम जुड़ने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते हैं। ऐसे कॉल आने पर परिवार और नज़दीकी लोगों को तुरंत जानकारी दें, खाते की जानकारी साझा न करें और कोई रकम ट्रांसफर न करें। शिकायत कैसे करें साइबर ठगी की घटना पर शिकायत साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है।
रांची के डॉक्टर को ट्रेडिंग का झांसा देकर ₹3.75 करोड़ का चूना; 17 मामलों में वांछित 'दीप मजूमदार' गिरफ्तार, फर्जी ऐप के जरिए किया फ्रॉड


रांची (झारखंड): झारखंड की राजधानी रांची में साइबर ठगों ने एक डॉक्टर को 3.75 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इस मामले में झारखंड सीआईडी की साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य अपराधी दीप मजूमदार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमांडी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

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ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम

पश्चिम बंगाल का रहने वाला ठग दीप मजूमदार, जो पहले भी 17 अन्य साइबर अपराधों में शामिल रहा है, ने डॉक्टर को ट्रेडिंग के जरिए मुनाफा कमाने का लालच दिया।

विश्वास जीतना: साइबर अपराधियों ने पहले "FYERS SECURITIES PRIVATE LIMITED" नाम से एक फर्जी WhatsApp ग्रुप बनाया और उसमें आकर्षक ट्रेडिंग ऑफर भेजे।

फर्जी ऐप: पीड़ित को एक नकली इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप "FYERS" डाउनलोड करने को कहा गया।

करोड़ों का लालच: इस फर्जी ऐप में डॉक्टर को ट्रेडिंग के दौरान करोड़ों रुपये का नकली मुनाफा दिखाया गया, जिससे पीड़ित का विश्वास जीता जा सका।

पैसे ट्रांसफर: जालसाजों ने नकली मुनाफा दिखाकर डॉक्टर को अपने झांसे में लिया और उनसे अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 3.75 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।

गिरफ्तार अपराधी का आपराधिक इतिहास

डॉक्टर को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने झारखंड सीआईडी के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद सीआईडी टीम ने दीप मजूमदार को गिरफ्तार किया।

17 शिकायतें: इस अपराधी के खिलाफ गृह मंत्रालय के National Cyber Crime Reporting Portal पर देश के आठ अलग-अलग राज्यों (तेलंगाना, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली) में कुल 17 शिकायतें दर्ज हैं।

C.I.D. की अन्य कार्रवाई

सीआईडी साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इस घटना से पहले अगस्त में, सीआईडी ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर हुए 30 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया था।

गिरफ्तारी: सीआईडी ने रांची, जामताड़ा समेत छह जिलों में छापेमारी कर कुल 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया।

बरामदगी: अपराधियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 4 पासबुक, 9 चेक बुक और केस से जुड़ी व्हाट्सएप चैट बरामद हुई थी।

म्यूल खाते: जांच में यह भी सामने आया कि झारखंड के साइबर अपराधियों ने साइबर फ्रॉड से अर्जित रकम छिपाने के लिए 15,000 म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया था।

*थाना धनघटा पुलिस द्वारा ग्राम गागरगाड़ व कबीर लाइब्रेरी बण्डा बाजार में चौपाल लगाकर छात्रो/लोगों को किया गया जागरुक*

धनघटा थानाक्षेत्र में बृहद स्तर पर चलाया जा रहा “साइबर अपराधों से बचाव” सम्बन्धी अभियान

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री जयप्रकाश दूबे द्वारा ग्राम गागरगाड़ व कबीर लाइब्रेरी बण्डा बाजार में साइबर जागरुकता कार्यक्रम से सम्बन्धित चौपालें आयोजित की गयी ।

प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री जयप्रकाश दूबे द्वारा ग्राम गागरगाड़ व कबीर लाइब्रेरी बण्डा* में छात्रों/लोगों को बताया गया कि अज्ञात लिंक, कॉल, ईमेल, लॉटरी या क्यूआर कोड स्कैन करने जैसे धोखाधड़ी के प्रयासों से सावधान रहें । किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें अथवा पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे अपने बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया पर संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें । इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है साथ ही महिला / बालिकाओं को जागरुक करने के साथ ही उनके समस्याओं के निस्तारण कराने के संबंध में जागरुक किया गया । इस अवसर पर उ0नि0 श्री तुफानी यादव, म0उ0नि0 श्रीमती अंजली सरोज, म0आ0 सीता यादव, म0आ0 प्रेमा बिन्द, म0पीआरडी मनीता सहित अन्य अधिकारी/ कर्मचारीगण व स्कूल के स्टाफ मौजूद रहे ।

अक्षय कुमार की 13 साल की बेटी से मांगी गई अश्लील तस्वीरें, एक्टर ने महाराष्ट्र सीएम से लगाई गुहार

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बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने एक सनसनीखेज घटना का खुलासा किया है। उन्होंने साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को उजागर करते हुए बताया है कि कैसे उनकी बेटी नितारा वीडियो गेम खेलते वक्त साइबर क्राइम का शिकार होते-होते बच गई। अक्षय ने इस घटना का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र सरकार से साइबर क्राइम से जुड़ा एक चैप्टर कोर्स में भी शामिल करने की मांग की है। बता दें कि अक्षय की बेटी नितारा सिर्फ 13 साल की हैं।

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महाराष्ट्र पुलिस के ‘साइबर अवेयरनेस मंथ’ के उद्घाटन समारोह में अक्षय कुमार ने उस आपबीती का खुलासा किया। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय में हुआ, जहां अक्षय कुमार ने अपनी बेटी के साथ हुई साइबर क्राइम की घटना का जिक्र किया और देवेंद्र फडणवीस से विनती करते हुए कहा कि हर स्कूल में बच्चों को 'साइबर' को सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाए।

अक्षय कुमार में अपने घर में घटी घटना किया जिक्र

अक्षय कुमार ने कार्यक्रम में कहा, मैं आपको उस घटना के बारे में बताना चाहता हूं जो कुछ महीनों पहले मेरे घर में घटी थी। मेरी बेटी ऑनलाइन गेम खेल रही थी और उस गेम में कई लोग शामिल होते हैं जिन्हें हम नहीं जानते। वहां से मैसेज आता है, 'बहुत अच्छा खेला, वेरी गुड,' और फिर सवाल आता है कि 'तुम कहां रहती हो?' मेरी बेटी ने लोकेशन बता दी। फिर कुछ दिन सब कुछ नॉर्मल हो गया, और फिर मैसेज आता है…'मेल हो या फीमेल?' मेरी बेटी उसका भी जवाब देती है। उसके बाद एक और मैसेज आता है, क्या आप मुझे अपनी न्यूड तस्वीरें भेज सकते हैं?

अक्षय की महाराष्ट्र सरकार से खास अपील

इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री से मांग करते हुए अक्षय ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि हमारे महाराष्ट्र राज्य में सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा में हर हफ्ते साइबर पीरियड नाम से एक पीरियड होना चाहिए। जहां बच्चों को इसके बारे में समझाया जाए। उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि यह अपराध सड़क पर होने वाले अपराध से भी बड़ा होता जा रहा है। इस अपराध को रोकना बहुत जरूरी है।

ऑपरेशन “साइबर कवच’’ के दृष्टिगत जनपद पुलिस ने आम जनमानस को साइबर अपराध से बचाव हेतु किया जागरूक

गोण्डा। ऑपरेशन "साइबर कवच" के दृष्टिगत जनपद गोण्डा में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के निर्देशन में समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया ।

अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, बाजारों, बैंकों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनसभाओं का आयोजन कर नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, cybercrime.gov.in पोर्टल व हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की विधि की जानकारी भी दी गई ।

पुलिस कर्मियों द्वारा आमजन को यह भी बताया गया कि आजकल ठग APK file के ज़रिए लोगों को सरकारी स्कीम, निमंत्रण पत्र और लुभावने ऑफ़र के नाम पर लिंक भेजकर फंसाते हैं। इन्हें इंस्टॉल करते ही आपका डेटा और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है। इसलिए अनजान APK file कभी डाउनलोड न करें । किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक या लुभावने ऑफर के झांसे में न आएं एवं अपने बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-

01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें

02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।

03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।

05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।

06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।

07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।

08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।

09. साइबर बुलिंग और साईबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें।

11. साइबर क्राइम की रिपोर्ट करने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1930 का प्रयोग करे।

पीएम से लेकर सीएम तक...गंभीर मामलों में गिरफ्तारी पर छोड़ना होगा पद, संसद में आज अहम विधेयक पेश करेगी सरकार

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केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार आज अहम बिल पेश करने जा रही है। इस बिल में ऐसा प्रावधान है कि कोई भी मंत्री, मुख्यमंत्री या यहां तक कि प्रधानमंत्री भी अगर किसी अपराध में गिरफ्तार होकर लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहता है तो उसे पद से हटना पड़ेगा। ये प्रस्तावित कानून केवल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों पर ही नहीं, बल्कि केंद्र के मंत्रियों और प्रधानमंत्री पर भी लागू होगा।

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अमित शाह बुधवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इन विधेयकों का उद्देश्य यह है कि अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है तो उन्हें उनके पद से हटाया जा सके। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा कानूनों में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है जिससे गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत की स्थिति में ऐसे नेताओं को उनके पद से हटाया जा सके। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने ये तीन विधेयक तैयार किए हैं।

संसद में आज जो बिल पेश किए जाएंगे, ये विधेयक हैं: केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025; संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन तीनों विधेयकों को संसद की एक संयुक्त समिति को भेजने के लिए लोकसभा में एक प्रस्ताव भी पेश करेंगे।

30 दिन लगातार हिरासत में रहने पर छोड़ना होगा पद

संविधान संशोधन विधेयक में धारा 75 में नया क्लॉज़ 5(ए) जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार यदि कोई मंत्री 30 दिन लगातार गिरफ्तार रहकर हिरासत में रहता है और उस पर ऐसा आरोप है जिसमें पांच साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है, तो राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर 31वें दिन उसे पद से हटा देंगे। अगर प्रधानमंत्री 31वें दिन तक यह सलाह नहीं देते तो भी वह मंत्री अपने आप पद से मुक्त हो जाएगा।

प्रधानमंत्री पर भी लागू होगा ये नियम

इसी तरह प्रधानमंत्री पर भी नियम और कड़े होंगे। अगर पीएम लगातार 30 दिन हिरासत में रहते हैं तो उन्हें 31वें दिन इस्तीफा देना होगा। अगर इस्तीफा नहीं देते तो वे अपने आप प्रधानमंत्री पद से हट जाएंगे। हालांकि, ऐसे मंत्री या प्रधानमंत्री रिहाई के बाद दोबारा नियुक्त हो सकते हैं। यही प्रावधान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों पर भी लागू होगा।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

वहीं कांग्रेस ने इन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार इन विधेयकों के जरिए विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाना चाहती है। कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा विपक्ष को कमजोर करने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना है कि केंद्र की एजेंसियों से विपक्षी नेताओं को मनमाने ढंग से गिरफ्तार कराया जाए और फिर नए कानून के तहत उन्हें तुरंत पद से हटा दिया जाए।

"Capturing Holi Splendor: Rohan Saha's Lens Meets Harakutir's Vibrant Celebrations and Kolkata's Iconic Rolls-Royce Procession"

The Rolls-Royce Holi procession in Kolkata has a rich history dating back to 1921 when the car was imported from England by Mukund Lal Bagla, a prominent Marwari businessman. The tradition began when his son, Ram Kumar Bagla, started using the Rolls-Royce to carry Radha-Krishna idols during Holi, a practice continued by the family. Over time, the event has evolved into a grand celebration, attracting thousands of devotees and spectators. The procession typically starts at the Satyanarayan Jee Temple, winding through iconic Kolkata streets like Howrah Bridge and Burrabazar, showcasing the city's cultural heritage. The Rolls-Royce itself is a symbol of luxury and tradition, beautifully decorated with flowers and colors for the occasion. The Rolls-Royce, once owned by Rudyard Kipling, is adorned with flowers and colors, accompanied by traditional music and dance. Devotees and spectators join the procession, throwing gulal and celebrating the festival. This event blends heritage, spirituality, and joy, making it a must-see Holi celebration in Kolkata.

 

The Rolls-Roycle Holi 2026 was captured very uniquely by Mr. Rohan Saha, who is a rising youth photographer who's making waves with his exceptional talent. He's been associated with the Harakutir ray-banerjee royal family capturing their events and celebrations with his lens. His work has been appreciated by many, and he's quickly becoming a name to watch in the photography world! Apart from photography, Rohan Saha is a B.Tech Automobile Engineering graduate from M.C.K.V Institute of Engineering,) with a strong focus on BS-VI technology, electric vehicles, and automotive design. He’s currently a,Graduate Engineer Trainee in Technical Operations at Shrachi Agrimech Pvt. Ltd., handling agricultural vehicle systems and technical documentation. Rohan has expertise in automotive systems like hybrid & electric vehicle tech, transmission, and fuel injection, and is proficient in SolidWorks, AutoCAD.

The members of the royal Harakutir Ray-banerjee family of Pathuriaghata, Kolkata, West Bengal, meanwhile just celebrated their Holika Dahan and Holi at their premises in a vibrant, unique and joyous affair, reflecting the spirit of India's Festival of Colors.

Harakutir’s iconic Holi festivities began this monday, with the traditional Holika Dahan ceremony, where a 15 feet tall effigy, made of of hay and wood was set up on fire in a bonfire to symbolize the victory of good over evil. The event was marked by prayers, chanting, and the offering of cimar (puffs of burning cow dung) to ward off evil spirits. The tradition comes from a story in the Bhagavata Purana about the demon king Hiranyakashipu. He wanted everyone to worship him instead of Vishnu. However, his son Prahlada remained a devoted follower of Vishnu. Angry with his son, Hiranyakashipu asked his sister Holika, who had a boon that protected her from fire, to sit in a burning pyre with Prahlada on her lap. But due to divine protection, Prahlada survived while Holika was burned to ashes.

 

The next day, Harakutir came alive with the sounds of laughter and music as people gathered to celebrate Rangwali Holi. The air was filled with the sweet scent of colors, and the atmosphere was electric with excitement. Their celebration featured traditional Thandai, , a spiced milk drink, and gujiya, a sweet pastry filled with khoya and nuts alongside other Bengali sweets. The evening was filled with soul-stirring performances, including traditional dance and music for their Kuldevta Sree Sree Sridhar Narayan Jew, which ages to 1692 and has been worshipped by eminent saints like Ramakrishna Parhamhans Deb, Shri Shri Mohanananda Brahmachari, Sadhak Bamakhepa and Trailanga Swami to name a few. The deity alongside others was placed in a all silver throne or “jhula” in their adi thakurghar or place of worship.

Harakutir, a 333-year-old heritage house in Kolkata, is a treasure trove of Bengali culture and tradition. This iconic mansion has been hosting several events like: Durga Puja, Kali Puja, Shivratri and Holi celebrations for the past 333 years, making it one of the oldest and most revered puja venues in the city.

 The brain behind this grand celebration is Archisman Ray Banerjee, a 12th-generation family member and senior researcher at lIT Kharagpur and works of the National Crime and Investigation Agency, Government of India. Archisman, also the CEO of Brand Harakutir, is a man of many talents - a scientist, innovator, and cultural preservationist. He's pursuing his PhD in Chemical Engineering as a senior research fellow , focusing on solid-state battery technologies, and has received more than 30 prestigious awards some of them of the likes of the National Icon Award 2025 and Desh Ratna Award 2025 by the Government of India.

 

छत्तीसगढ़: बच्चों के सामने मां ने रची पिता की हत्या की साजिश, ले ली जान

कोरबा (छत्तीसगढ़): जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने पति की हत्या कर दी। आरोप है कि गैर व्यक्ति से मोबाइल पर बातचीत करने से मना करने पर पत्नी ने अपने ही पति को जहरीली दवा पिला दी। हैरानी की बात यह है कि महिला ने कीटनाशक दवा अपने बच्चों से ही मंगवाई थी। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

पूरी खबर यहां पढ़ें https://news4u36.in/mobile-talk-dispute-wife-poisoned-husband-korba-crime-news/

पुलिस मंथन–2025 का समापन, मुख्यमंत्री ने किया दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सम्मेलन का उल्लेख
लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन “पुलिस मंथन–2025” का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए गए, जिनमें आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, इंटेलिजेंस व उभरती चुनौतियाँ तथा आतंकवाद एवं संगठित अपराध शामिल रहे।

अंतिम दिन के सत्रों का सार

—सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी  प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।

सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।

सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में  प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों,  सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal),  अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, अंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं  अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित

वर्ष 2022

1. प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र
2. विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश
3. रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद
4. दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग
5. मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद

वर्ष 2023

6. शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र
7. विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ
8. विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर
9. मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर
10. शैलेष कुंतल- महिला आरक्षी

वर्ष 2024

11. अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली
12. विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ
13. अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ

वर्ष 2025

14. कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल
15. प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ
16. प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा

मुख्यमंत्री  द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन  प्रधानमंत्री  के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।

उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री  ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन जैसे विचार-मंच को प्रतिवर्ष दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि प्रस्तावों का नियमित फॉलोअप हो और नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जा सकें। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अलंकरण से सम्मानित पुलिस कार्मिकों को शुभकामनाएँ देते हुए पुनः आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सभी सत्रों में प्रस्तुतीकरण देने वाले समस्त अधिकारियों के विचारों एवं प्रस्तुतिकरणों को अत्यंत सारगर्भित, व्यावहारिक तथा परिणामोन्मुखी बताते हुए उनकी सराहना की और उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी को यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस मंथन के दौरान प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों एवं निष्कर्षों का शीघ्र, प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा । तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक कारागार, उत्तर प्रदेश प्रेम चंद मीणा के धन्यवाद उद्बोधन से इस दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन का समापन हुआ ।
तुर्की-चाइना मेड हथियार से दिल्ली दहलाने की थी साजिश, इंटरनेशनल हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान की एक और घातक साजिश को नाकाम कर दिया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, ये गिरोह पाकिस्तान के रास्ते तुर्की और चीन में बने हाई एंड पिस्टल भारत में सप्लाई कर रहा था।

तस्करों के पास से क्या-क्या हुआ बरामद?

डीसीपी संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस गैंग के चार मुख्य ऑपरेटिवों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह के सदस्यों कोके पास से 10 विदेशी महंगी पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। ये हथियार दिल्ली और आसपास के राज्यों में बदमाशों और गैंगस्टरों तक पहुंचाए जा रहे थे।

आईएसआई के इशारों पर कर रहे था काम

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का कहना है कि ये पूरा नेटवर्क पाकिस्तान आईएसआई से जुड़े लोगों के इशारे पर काम कर रहा था। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में भेजी गई थी, जो बताती है कि दुश्मन कितनी आधुनिक तकनीक से आतंक फैलाने की तैयारी में था।

आरोपी पंजाब-यूपी और दिल्ली के

इन गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनदीप, दलविंदर, रोहन और अजय उर्फ मोनू के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी पंजाब, यूपी और दिल्ली के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पहले हथियार पाकिस्तान पहुंचाए जाते, फिर वहां से तस्करी कर भारत की सीमा के अंदर लाए जाते थे।

लाल किला धमाके के बाद सतर्क हुईं एजेसियां

बता दें कि बीते 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किला के पास हुए धमाके की घटना के बाद एजेसियों ने अपनी निगरानी और पैनी कर दी है। हर एक संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। आतंक से संबंध रखने वाले हर किसी की धर-पकड़ की जा रही है। लाल किला धमाके की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 2 दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

डिजिटल अरेस्ट के झांसे में आए लखनऊ के रिटायर्ड अफसर व शिक्षक, साइबर ठगों ने उड़ाए लाखों

लखनऊ । साइबर ठगों का नया तरीका सामने आया है, जिसमें रिटायर्ड रेलवे अफसर और शिक्षक को डिजिटल अरेस्ट कर 30.57 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। ठगों ने खुद को एटीएस, क्राइम ब्रांच और अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ितों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का झांसा दिया और जेल भेजने की धमकी देकर रकम वसूली। रेलवे से रिटायर्ड अफसर से 18 लाख रुपये की ठगी आलमबाग के गीतानगर निवासी रिटायर्ड रेलवे अफसर तेज बहादुर सिंह ने बताया कि 9 नवंबर को उन्हें अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उनके आधार कार्ड से एचडीएफसी बैंक में खाता खुला है, जिसमें आतंकी धनराशि का आदान-प्रदान हो रहा है। झांसे में आकर तेज बहादुर ने ठगों से बात करना शुरू किया।ठगों ने उन्हें चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। हर दो घंटे में अपडेट लेने के बाद अगले दिन बयान देने के लिए मुंबई एटीएस के कार्यालय आने के लिए कहा और फिर फोन पर झांसा देकर तेज बहादुर के पत्नी के खाते में 14 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। अगले दिन चार लाख रुपये और हड़प लिए। बैंक द्वारा संदेह जताने पर परिवार को जानकारी मिलने के बाद तेज बहादुर को ठगी का अहसास हुआ। शिक्षक से छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 12.57 लाख रुपये की ठगी राजाजीपुरम निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक गया प्रसाद त्रिपाठी को सात नवंबर को अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस इंस्पेक्टर बताकर कहा कि उनका नाम पाकिस्तान के लिंक में आया है और जम्मू-कश्मीर में मामला दर्ज है। ठगों ने छह दिन तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 12.57 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए। साइबर क्राइम पुलिस ने की कार्रवाई साइबर क्राइम थाने के प्रभारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि गया प्रसाद के मामले में दो ठगों के खातों में 2.5 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए। तेज बहादुर की ठगी की रकम भी वापस दिलाने की कोशिश की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। सावधानियां ,अपने खातों को सुरक्षित रखें अगर आपके बैंक में बड़ी रकम आती है, तो साइबर अपराधियों की नजर आपके खाते पर हो सकती है। ठग खुद को क्राइम ब्रांच, एटीएस या अन्य एजेंसियों का अधिकारी बताकर डराने का प्रयास करते हैं। आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स या हवाला में नाम जुड़ने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते हैं। ऐसे कॉल आने पर परिवार और नज़दीकी लोगों को तुरंत जानकारी दें, खाते की जानकारी साझा न करें और कोई रकम ट्रांसफर न करें। शिकायत कैसे करें साइबर ठगी की घटना पर शिकायत साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है।
रांची के डॉक्टर को ट्रेडिंग का झांसा देकर ₹3.75 करोड़ का चूना; 17 मामलों में वांछित 'दीप मजूमदार' गिरफ्तार, फर्जी ऐप के जरिए किया फ्रॉड


रांची (झारखंड): झारखंड की राजधानी रांची में साइबर ठगों ने एक डॉक्टर को 3.75 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इस मामले में झारखंड सीआईडी की साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य अपराधी दीप मजूमदार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमांडी थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

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ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम

पश्चिम बंगाल का रहने वाला ठग दीप मजूमदार, जो पहले भी 17 अन्य साइबर अपराधों में शामिल रहा है, ने डॉक्टर को ट्रेडिंग के जरिए मुनाफा कमाने का लालच दिया।

विश्वास जीतना: साइबर अपराधियों ने पहले "FYERS SECURITIES PRIVATE LIMITED" नाम से एक फर्जी WhatsApp ग्रुप बनाया और उसमें आकर्षक ट्रेडिंग ऑफर भेजे।

फर्जी ऐप: पीड़ित को एक नकली इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप "FYERS" डाउनलोड करने को कहा गया।

करोड़ों का लालच: इस फर्जी ऐप में डॉक्टर को ट्रेडिंग के दौरान करोड़ों रुपये का नकली मुनाफा दिखाया गया, जिससे पीड़ित का विश्वास जीता जा सका।

पैसे ट्रांसफर: जालसाजों ने नकली मुनाफा दिखाकर डॉक्टर को अपने झांसे में लिया और उनसे अलग-अलग बैंक खातों में लगभग 3.75 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।

गिरफ्तार अपराधी का आपराधिक इतिहास

डॉक्टर को जब ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने झारखंड सीआईडी के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद सीआईडी टीम ने दीप मजूमदार को गिरफ्तार किया।

17 शिकायतें: इस अपराधी के खिलाफ गृह मंत्रालय के National Cyber Crime Reporting Portal पर देश के आठ अलग-अलग राज्यों (तेलंगाना, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली) में कुल 17 शिकायतें दर्ज हैं।

C.I.D. की अन्य कार्रवाई

सीआईडी साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इस घटना से पहले अगस्त में, सीआईडी ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर हुए 30 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का खुलासा किया था।

गिरफ्तारी: सीआईडी ने रांची, जामताड़ा समेत छह जिलों में छापेमारी कर कुल 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया।

बरामदगी: अपराधियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड, 9 एटीएम कार्ड, 4 पासबुक, 9 चेक बुक और केस से जुड़ी व्हाट्सएप चैट बरामद हुई थी।

म्यूल खाते: जांच में यह भी सामने आया कि झारखंड के साइबर अपराधियों ने साइबर फ्रॉड से अर्जित रकम छिपाने के लिए 15,000 म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया था।

*थाना धनघटा पुलिस द्वारा ग्राम गागरगाड़ व कबीर लाइब्रेरी बण्डा बाजार में चौपाल लगाकर छात्रो/लोगों को किया गया जागरुक*

धनघटा थानाक्षेत्र में बृहद स्तर पर चलाया जा रहा “साइबर अपराधों से बचाव” सम्बन्धी अभियान

पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री जयप्रकाश दूबे द्वारा ग्राम गागरगाड़ व कबीर लाइब्रेरी बण्डा बाजार में साइबर जागरुकता कार्यक्रम से सम्बन्धित चौपालें आयोजित की गयी ।

प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा श्री जयप्रकाश दूबे द्वारा ग्राम गागरगाड़ व कबीर लाइब्रेरी बण्डा* में छात्रों/लोगों को बताया गया कि अज्ञात लिंक, कॉल, ईमेल, लॉटरी या क्यूआर कोड स्कैन करने जैसे धोखाधड़ी के प्रयासों से सावधान रहें । किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें अथवा पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें, साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे अपने बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया पर संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें । इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है साथ ही महिला / बालिकाओं को जागरुक करने के साथ ही उनके समस्याओं के निस्तारण कराने के संबंध में जागरुक किया गया । इस अवसर पर उ0नि0 श्री तुफानी यादव, म0उ0नि0 श्रीमती अंजली सरोज, म0आ0 सीता यादव, म0आ0 प्रेमा बिन्द, म0पीआरडी मनीता सहित अन्य अधिकारी/ कर्मचारीगण व स्कूल के स्टाफ मौजूद रहे ।

अक्षय कुमार की 13 साल की बेटी से मांगी गई अश्लील तस्वीरें, एक्टर ने महाराष्ट्र सीएम से लगाई गुहार

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बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने एक सनसनीखेज घटना का खुलासा किया है। उन्होंने साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को उजागर करते हुए बताया है कि कैसे उनकी बेटी नितारा वीडियो गेम खेलते वक्त साइबर क्राइम का शिकार होते-होते बच गई। अक्षय ने इस घटना का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र सरकार से साइबर क्राइम से जुड़ा एक चैप्टर कोर्स में भी शामिल करने की मांग की है। बता दें कि अक्षय की बेटी नितारा सिर्फ 13 साल की हैं।

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महाराष्ट्र पुलिस के ‘साइबर अवेयरनेस मंथ’ के उद्घाटन समारोह में अक्षय कुमार ने उस आपबीती का खुलासा किया। कार्यक्रम का आयोजन महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय में हुआ, जहां अक्षय कुमार ने अपनी बेटी के साथ हुई साइबर क्राइम की घटना का जिक्र किया और देवेंद्र फडणवीस से विनती करते हुए कहा कि हर स्कूल में बच्चों को 'साइबर' को सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाया जाए।

अक्षय कुमार में अपने घर में घटी घटना किया जिक्र

अक्षय कुमार ने कार्यक्रम में कहा, मैं आपको उस घटना के बारे में बताना चाहता हूं जो कुछ महीनों पहले मेरे घर में घटी थी। मेरी बेटी ऑनलाइन गेम खेल रही थी और उस गेम में कई लोग शामिल होते हैं जिन्हें हम नहीं जानते। वहां से मैसेज आता है, 'बहुत अच्छा खेला, वेरी गुड,' और फिर सवाल आता है कि 'तुम कहां रहती हो?' मेरी बेटी ने लोकेशन बता दी। फिर कुछ दिन सब कुछ नॉर्मल हो गया, और फिर मैसेज आता है…'मेल हो या फीमेल?' मेरी बेटी उसका भी जवाब देती है। उसके बाद एक और मैसेज आता है, क्या आप मुझे अपनी न्यूड तस्वीरें भेज सकते हैं?

अक्षय की महाराष्ट्र सरकार से खास अपील

इस मामले में महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री से मांग करते हुए अक्षय ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा कि हमारे महाराष्ट्र राज्य में सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा में हर हफ्ते साइबर पीरियड नाम से एक पीरियड होना चाहिए। जहां बच्चों को इसके बारे में समझाया जाए। उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि यह अपराध सड़क पर होने वाले अपराध से भी बड़ा होता जा रहा है। इस अपराध को रोकना बहुत जरूरी है।

ऑपरेशन “साइबर कवच’’ के दृष्टिगत जनपद पुलिस ने आम जनमानस को साइबर अपराध से बचाव हेतु किया जागरूक

गोण्डा। ऑपरेशन "साइबर कवच" के दृष्टिगत जनपद गोण्डा में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल के निर्देशन में समस्त थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया ।

अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम सभाओं, बाजारों, बैंकों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनसभाओं का आयोजन कर नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, cybercrime.gov.in पोर्टल व हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की विधि की जानकारी भी दी गई ।

पुलिस कर्मियों द्वारा आमजन को यह भी बताया गया कि आजकल ठग APK file के ज़रिए लोगों को सरकारी स्कीम, निमंत्रण पत्र और लुभावने ऑफ़र के नाम पर लिंक भेजकर फंसाते हैं। इन्हें इंस्टॉल करते ही आपका डेटा और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है। इसलिए अनजान APK file कभी डाउनलोड न करें । किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक या लुभावने ऑफर के झांसे में न आएं एवं अपने बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-

01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें

02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।

03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।

04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।

05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।

06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।

07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।

08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।

09. साइबर बुलिंग और साईबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें।

11. साइबर क्राइम की रिपोर्ट करने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1930 का प्रयोग करे।

पीएम से लेकर सीएम तक...गंभीर मामलों में गिरफ्तारी पर छोड़ना होगा पद, संसद में आज अहम विधेयक पेश करेगी सरकार

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केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार आज अहम बिल पेश करने जा रही है। इस बिल में ऐसा प्रावधान है कि कोई भी मंत्री, मुख्यमंत्री या यहां तक कि प्रधानमंत्री भी अगर किसी अपराध में गिरफ्तार होकर लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहता है तो उसे पद से हटना पड़ेगा। ये प्रस्तावित कानून केवल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों पर ही नहीं, बल्कि केंद्र के मंत्रियों और प्रधानमंत्री पर भी लागू होगा।

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अमित शाह बुधवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इन विधेयकों का उद्देश्य यह है कि अगर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, किसी राज्य के मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है तो उन्हें उनके पद से हटाया जा सके। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा कानूनों में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है जिससे गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत की स्थिति में ऐसे नेताओं को उनके पद से हटाया जा सके। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार ने ये तीन विधेयक तैयार किए हैं।

संसद में आज जो बिल पेश किए जाएंगे, ये विधेयक हैं: केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025; संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन तीनों विधेयकों को संसद की एक संयुक्त समिति को भेजने के लिए लोकसभा में एक प्रस्ताव भी पेश करेंगे।

30 दिन लगातार हिरासत में रहने पर छोड़ना होगा पद

संविधान संशोधन विधेयक में धारा 75 में नया क्लॉज़ 5(ए) जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार यदि कोई मंत्री 30 दिन लगातार गिरफ्तार रहकर हिरासत में रहता है और उस पर ऐसा आरोप है जिसमें पांच साल या उससे अधिक की सजा हो सकती है, तो राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर 31वें दिन उसे पद से हटा देंगे। अगर प्रधानमंत्री 31वें दिन तक यह सलाह नहीं देते तो भी वह मंत्री अपने आप पद से मुक्त हो जाएगा।

प्रधानमंत्री पर भी लागू होगा ये नियम

इसी तरह प्रधानमंत्री पर भी नियम और कड़े होंगे। अगर पीएम लगातार 30 दिन हिरासत में रहते हैं तो उन्हें 31वें दिन इस्तीफा देना होगा। अगर इस्तीफा नहीं देते तो वे अपने आप प्रधानमंत्री पद से हट जाएंगे। हालांकि, ऐसे मंत्री या प्रधानमंत्री रिहाई के बाद दोबारा नियुक्त हो सकते हैं। यही प्रावधान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों पर भी लागू होगा।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

वहीं कांग्रेस ने इन विधेयकों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार इन विधेयकों के जरिए विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाना चाहती है। कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा विपक्ष को कमजोर करने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना है कि केंद्र की एजेंसियों से विपक्षी नेताओं को मनमाने ढंग से गिरफ्तार कराया जाए और फिर नए कानून के तहत उन्हें तुरंत पद से हटा दिया जाए।