India

Jul 15 2024, 13:07

जेल में 8.5 किलो घट गया केजरीवाल का वजन? दिल्ली सीएम की सेहत पर तिहाड़ प्रशासन की रिपोर्ट

#tiharcounteraapleadersanjaysinghclaimsonarvindkejriwalhealth_condition 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जेल में केजरीवाल का 8.5 किलोग्राम वजन कम हो गया है। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने केजरीवाल की सेहत को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, तिहाड़ जेल केजरीवाल की सेहत को लेकर कुछ और ही दावे कर रहा है।

तिहाड़ जेल प्रशासन ने माना कम हुआ वजन

केजरीवाल की हेल्थ पर जानकारी देते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का जेल में 8.5 किलोग्राम वजन कम नहीं हुआ है। जैसा कि आप के मंत्री, सांसद और अन्य लोग दावा कर रहे हैं। एक अप्रैल को जब केजरीवाल पहली बार तिहाड़ आए थे, तब उनका वजन 65 किलोग्राम था। इसके बाद आठ और 29 अप्रैल को उनका वजन 66 किलोग्राम था। वे चुनाव प्रचार के लिए नौ अप्रैल को जेल से बाहर आए और दो जून को वापस जेल आ गए। उस दिन यानी दो जून को उनका वजन 63.5 किलोग्राम था। इसके बाद 14 जुलाई को उनका वजन 61.5 किलोग्राम था। इस तरह उन्होंने दो किलो वजन कम हुआ। 

केजरीवाल ने जानबूझ कर वजन घटाया

तिहाड़ जेल प्रशासन ने आगे बताया कि यह वजन घटाना भी उन्होंने जानबूझ कर किया है। जिसके पीछे स्पष्ट कारण थे। वे तीन जून से नियमित रूप से अपने घर से भेजा गया खाना वापस कर रहे हैं। यानी चुनाव प्रचार के बाद जेल वापस आने के अगले ही दिन से। ऐसे में ध्यान देने वाली बात है कि जेल में अपने पिछले कार्यकाल में वे जानबूझकर ऐसा खाना खा रहे थे। जिससे उनका शुगर लेवल बढ़ जाता था। एम्स का एक मेडिकल बोर्ड लगातार केजरीवाल की निगरानी कर रहा है। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल मेडिकल बोर्ड से नियमित परामर्श ले रही हैं। 

तिहाड़ की रिपोर्ट का आप ने दिया जवाब

दूसरी ओर तिहाड़ की मेडिकल रिपोर्ट पर आप का जवाब भी आया है। संजय सिंह ने कहा है कि तिहाड़ जेल ने माना कि कई बार केजरीवाल का शुगर लेवल कम हुआ। शुगर लेवल कम होने पर वे नींद में कोमा में जा सकते हैं। शुगर लेवल कम होने पर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी है। संजय सिंह ने कहा कि तिहाड़ जेल की रिपोर्ट के मुताबिक भी वजन कम हुआ है।

इससे पहले आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया था कि केंद्र की भाजपा सरकार केजरीवाल को 'गंभीर बीमारी' से पीड़ित करने की साजिश रच रही है। उन्होंने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री का वजन गिरफ्तारी के बाद से 8.5 किलो घट गया है और करीब पांच बार ऐसा हुआ है जब उनका शुगर लेवल 50 mg/dL से नीचे चला गया था। संजय सिंह ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा था कि ऐसी स्थिति में केजरीवाल के कोमा में जाने का खतरा है।उन्हें सलाखों के पीछे मारने की साजिश रची जा रही है।

తప్పు చేస్తే దొరకక తప్పదు

Jun 29 2024, 17:21

Delhi CM Arvind Kejriwal Sent To Judicial Custody Till July 12 In Excise Policy Case

Earlier, the CBI had sought five days of remand, but was granted three, after claiming that Kejriwal's custody was necessary to confront him with evidence and documents

The Rouse Avenue Court on Saturday sent Delhi CM Arvind Kejriwal to judicial custody for 14 days till July 12 in connection to the liquor policy case. The development came after Kejriwal’s three-day CBI custody ended today.

The court’s decision came after hearing both the parties on Saturday afternoon. Notably, Kejriwal was arrested by the CBI on June 26.

The arrest order of Delhi Chief Minister was passed by Special Judge Amitabh Rawat on the application by CBI on Wednesday. “In view of the factum of the investigation leading to the arrest of the accused, the role ascribed to him and the necessity to confront the accused with the evidence in the present case of conspiracy, the present police remand application of the accused is allowed. However, it shall be for a period of three days from today. Accused Arvind Kejriwal will be produced on June 29, 2024 before 7 pm," the judge had said in the order.

When the court asked Senior Advocate Vikram Chaudhary, who was appearing for Kejriwal, about the grounds for opposing remand, he said, “The arrest and police custody orders were based the collection of evidence, which they had apparently collected in January."

The court said the matter related to evidence was between the court and the investigation officer.

The court also said that according to the provisions of the Code of Criminal Procedure (CrPC), once the police custody was over, the court was bound to grant judicial remand.

Kejriwal’s lawyer then demanded that the CBI should disclose the evidence against the Delhi CM, based on which it was seeking a remand.

Kejriwal was arrested by the central agency in connection with the liquor policy case on Wednesday.

Earlier, the CBI had sought a five-day remand but was granted three, after claiming that Kejriwal’s custody was necessary to confront him with evidence and documents in the case.

India

Jun 26 2024, 16:20

सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को किया गिरफ्तार, पत्नी सुनीता ने कहा- ये तानशाही, बंदा जेल से बाहर न आ जाए, इसलिए पूरा...

#arvindkejriwalwifesunitahisarrestwholesystemworking 

दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में सीबीआई ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के बाद जांच एजेंसी ने सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार किया।इसे लेकर सीएम केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है।उन्होंने केजरीवाल की गिरफ्तारी को तानाशाही करार दिया।

ये एक इमरजेंसी है- सुनीता केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा कि 20 जून को अरविंद केजरीवाल को बेल मिली। तुरंत प्रवर्तन निदेशालय ने स्टे लगवा लिया। अगले ही दिन सीबीआई ने आरोपी बना दियाऔर आज गिरफ्तार कर लिया। पूरा तंत्र इस कोशिश में है कि बंदा जेल से बाहर ना आ जाये। ये क़ानून नहीं है। ये तानाशाही है, इमरजेंसी है।

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई ने सीएम केजरीवाल की पांच दिनों की हिरासत की मांग की है। कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अमिताभ रावत से अनुमति मिलने के बाद कोर्ट में सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। सीएम केजरीवाल को तिहाड़ जेल से कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।

दरअसल, राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई ने आज बुधवार को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया।इस दौरान अपने एक्शन के पक्ष में सीबीआई ने कई दलीलें दीं। सीबीआई ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की जमानत पर हाईकोर्ट से रोक लगने के बाद ही हमने गिरफ्तारी की है। अदालत ने सीबीआई को गिरफ्तारी का आधार बताने के लिए कहा था। इसके जवाब में सीबीआई ने लंबी दलीलें दीं। सीबीआई ने कहा, हमें केजरीवाल से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। वह यह भी नहीं बता रहे हैं कि विजय नायर उनके अधीन काम कर रहे थे। उनका कहना है कि वह आतिशी मार्लेना और सौरभ भारद्वाज के अधीन काम कर रहे थे। उन्होंने सारा दोष मनीष सिसोदिया पर डाल दिया और कहा कि उन्हें आबकारी नीति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के चलते जमानत मिली थी। उस वक्त हमने केजरीवाल से पूछताछ नहीं की।

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Jun 21 2024, 18:32

अभी जेल में रहेंगे केजरीवाल, हाईकोर्ट ने जमानत पर फैसला रखा सुरक्षित

#arvind_kejriwal_bail_ed_challenge_in_delhi_high_court 

दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने उनकी जमानत पर फिलहाल रोक लगा दी है और फैसला सुरक्षित रखा है। दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट में कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने संबंधी राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश को ईडी ने चुनौती दी थी।ईडी की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन की पीठ ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत केजरीवाल के वकीलों की ओर से भी दलीलें सुनीं।दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है।माना जा रहा है कि दो से तीन दिन पर इस पर फैसला आएगा। तब तक उन्हें तिहाड़ जेल में ही रहना होगा। 

दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की ज़मानत देने के निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाने की मांग पर आदेश सुरक्षित रखा। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि हम 2/3 दिन के लिए आदेश सुरक्षित रख रहे हैं। आदेश सुनाए जाने तक ट्रायल कोर्ट के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाती है।

असल में ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने का भी अनुरोध किया है। राजू ने अपनी दलील शुरू करते हुए कहा कि हमें सुनवाई का उचित अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि हमने केजरीवाल के खिलाफ सारे सबूत दिए है। विजिटर्स रजिस्टर से इनकी पुष्टि होती है। मनी लांड्रिंग के आरोप में अगर कोर्ट को किसी आरोपी को जमानत देनी होती है तो उसे इस बात के लिए आश्वस्त होना पड़ता है कि आरोपी ने वो अपराध नहीं किया है।

इससे पहलेट्रायल कोर्ट में वेकेशन जज न्याय बिंदु ने गुरुवार को ईडी और सीएम केजरीवालदोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद केजरीवाल को जमानत दी थी। ये नियमित जमानत का आदेश था।बता दें कि केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनावों में प्रचार किए लिए जमानत प्रदान की थी। उसके बाद दो जून को उन्होंने समर्पण कर दिया था। एक्साइज पॉलिसी के मामले में सीएम केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। वहीं लोकसभा चुनाव के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को 21 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। जिसके बाद 2 जून की शाम को उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था।

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May 07 2024, 15:48

केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर नहीं हुआ कोई फैसला, सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं
#supreme_court_interim_bail_hearing_delhi_cm_arvind_kejriwal


दिल्ली शराब घोटाले में जेल में बंद दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई, लेकिन सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट की बेंच बिना कोई आदेश दिए उठ गई।इस मामले में कोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं जारी किया गया और सुनवाई 9 मई या अगले हफ्ते में पूरी होगी।केजरीवाल ने कोर्ट में अंतरिम जमानत देने की मांग की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए 3 मई को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा था कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।

आज सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। सुप्रीम कोर्ट ने तमाम दलीलें सुनने के बाद 2ः30 बजे सीएम केजरीवाल पर फैसला सुनाने की बात कही थी। मगर आखिरी समय में सुप्रीम कोर्ट की बेंच बिना फैसला सुनाए ही उठ गई। अरविंद केजरीवाल की न्यायिक हिरासत आज खत्म हो गई थी और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके अंतरिम जमानत की अर्जी डाली थी। वहीं सीएम की रिहाई के खिलाफ ईडी के वकील ने भी कई दलीलें पेश की, जिसके बाद कोर्ट इस नतीजे पर पहुंची है।

मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि अरविंद केजरीवाल साल 2022 में गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान 7 स्टार ग्रैंड हयात होटल में ठहरे थे और होटल के बिल का भुगतान चनप्रीत सिंह द्वारा किया गया था। चनप्रीत सिंह पर आरोप है कि गोवा चुनाव में आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए उन्हें ही कथित तौर पर फंड मिला था। ईडी के वकील एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने केजरीवाल की अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि 'यह राजनीति से प्रेरित मामला नहीं है। हम इस मामले में हो रही राजनीति को लेकर चिंतित नहीं हैं, लेकिन हमारी चिंता सबूतों को लेकर है। शुरुआत में अरविंद केजरीवाल पर हमारा फोकस नहीं था और न ही ईडी केजरीवाल के खिलाफ कार्रवाई का विचार कर रही थी, लेकिन जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी तो केजरीवाल की भूमिका साफ हो गई।'

जमानत पर सुनवाई के दौरान जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि लोकसभा चुनाव चल रहा है। यह एक असाधारण मामला है। केजरीवाल चुने हुए मुख्यमंत्री हैं। वह किसी अन्य मामले में शामिल नहीं हैं। एसजी तुषार मेहता ने कहा कि कृपया मामले को पूरा सुनें। हम क्या उदाहरण स्थापित कर रहे हैं। वह एक मुख्यमंत्री हैं और प्रचार करना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कैंपेन से कोई नुकसान नहीं है। एसजी ने कहा कि अगर एक किसान को अपने खेत की देखभाल करनी है और एक किराना दुकान के मालिक को अपनी दुकान पर जाना है तो एक मुख्यमंत्री को आम आदमी से अलग कैसे माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक लोगों के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केस की मेरिट पर नहीं जा रहे हैं, सिर्फ अंतरिम जमानत पर दलील रखिए. ये लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक कार्यकारी को लेकर है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर हमने फैसला सुरक्षित रखा तो उसे सुनाना भी पड़ेगा। यदि हम फिर से याचिका स्वीकार करने का निर्णय लेते हैं तो चुनाव प्रचार का यह दौर चला जाएगा।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अगर अदालत हमें अंतरिम जमानत का जवाब देने के लिए कहती है तो इस अदालत को उनकी भूमिका पर सुनवाई करनी चाहिए। अगर वह प्रचार नहीं करेंगे तो आसमान नहीं गिर जाएगा। सिर्फ इसलिए कि उनके पास समय खत्म हो रहा है। एसजी ने कहा कि हम राजधानी के सीएम के साथ काम कर रहे हैं और वह 6 महीने तक समन से बचते रहे हैं। कृपया कोई अपवाद न बनाएं, क्योंकि यह एक वास्तविक आम आदमी को हतोत्साहित करेगा।

अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सीएम को जमानत देने की तरफ इशारा किया था। कोर्ट ने सीएम केजरीवाल के वकील से पूछा कि जमानत मिलने के बाद केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय का कोई काम नहीं करेंगे। इसपर सीएम के वकील ने हलफनामा दायर करके कोर्ट की शर्त पूरी करने की गारंटी दी थी। ऐसे में कोर्ट ने 2ः30 बजे फैसला सुनाने की बात कही। मगर अब सुप्रीम कोर्ट की बेंच बिना फैसला सुनाए ही उठ गई। सीएम की याचिका पर अगली सुनवाई 9 मई को होगी।

India

May 07 2024, 15:32

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत पर एससी में चल रही सुनवाई




दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत दी जाए या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज इस बात पर विचार कर रहा है. अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश हुए एएसजी एसवी राजू ने दलीलें रखीं. एएसजी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया की जमानत रद्द होने के बाद 1100 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है. इस पर जस्टिस खन्ना ने पूछा कि अपराध की आय 100 करोड़ थी.. यह 2-3 सालों में 1100 करोड़ कैसे हो गई. यह रिटर्न की एक अभूतपूर्व दर होगी.

जस्टिस खन्ना की इस टिप्पणी पर एएसजी राजू ने कहा कि 590 करोड़ थोक व्यापारी का मुनाफा है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंतर लगभग 338 करोड़ था और यह पूरी चीज अपराध की आय नहीं हो सकती. इसके बाद ईडी की ओर से एएसजी राजू ने कहा कि जब हमने जांच शुरू की तो हमारी जांच सीधे तौर पर उनके (अरविंद केजरीवाल) खिलाफ नहीं थी. जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने आई. इसीलिए शुरुआत में उनके बारे में एक भी सवाल नहीं पूछा गया. जांच उन पर केंद्रित नहीं थी. मामले में दोनों ओर से जिरह और सुनवाई जारी है।

WestBengalBangla

May 01 2024, 10:36

জলপাইগুড়ির ডুয়ার্সের গরুমারা জঙ্গল ভ্রমণে ফ্রান্সের রাষ্ট্রদূত সহ পাঁচ সদস্যের এক প্রতিনিধি দল
# A five-member_ delegation_ including _the Ambassador of France _visited _the Garumara forest _in Duars, _Jalpaiguri



এসবি নিউজ ব্যুরো: জলপাইগুড়ির ডুয়ার্সের জঙ্গলের যাবতীয় বিষয় খতিয়ে দেখতে ফ্রান্সের এক প্রতিনিধি দল ঘুরলেন জঙ্গলে। মঙ্গলবার ফ্রান্সের রাষ্ট্রদূত থিয়ারি ম্যাথিউয়ের নেতৃত্বে ৫ সদস্যের এক প্রতিনিধি দল গরুমারায় এসেছিলেন। তাঁরা জানান,ডুয়ার্সের গরুমারা জঙ্গল কীভাবে পরিচালিত হচ্ছে? জঙ্গলের বন ও বুনোরা কেমন আছে? বন দপ্তরের সঙ্গে জঙ্গল লাগোয়া এলাকার বাসিন্দাদের সম্পর্কই বা কেমন? এইসব যাবতীয় বিষয় খতিয়ে দেখতেই তাদের এই সফর।ফ্রান্সের এই প্রতিনিধি দল ডুয়ার্সের মূর্তি ও জলঢাকা নদী দেখার পাশাপাশি সেখানে থাকা কুনকিদের পর্যবেক্ষণ ও তাদের সারাদিনের বিভিন্ন কাজকর্ম সম্পর্কে বন দপ্তরের আধিকারিক ও মাহুতদের কাছ থেকে তথ্য সংগ্রহ করেন। ফ্রান্সের এই দলের সঙ্গে উত্তরবঙ্গ বন্যপ্রাণী বিভাগের বনপাল ভাস্কর জেভি, গরুমারা ও জলপাইগুড়ি বনবিভাগের দুই ডিএফও দ্বিজপ্রতীম সেন, বিকাশ ভি, গরুমারা সাউথ রেঞ্জের রেঞ্জার সুদীপ দে ছাড়াও বন দপ্তরের অন্যান্য আধিকারিকরা উপস্থিত ছিলেন। মেদলার পর, গরুমারা যাত্রা প্রসাদ নজর মিনার হয়ে এই প্রতিনিধি দলটি বিকেলে চলে আসে গরুমারার ধূপঝোরা এলিফ্যান্ট ক্যাম্পে। সেখানে বন দপ্তরের আধিকারিকরা এই প্রতিনিধি দলকে কুনকি হাতির পিঠে চাপিয়ে জঙ্গলের আনাচে-কানাচে ঘোরান। এখান থেকে ফিরে তাঁরা স্থানীয় আদিবাসী নৃত্যগোষ্ঠীর নৃত্যও উপভোগ করেন। সেইসাথে কথা বলেন জয়েন্ট ফরেস্ট ম্যানেজমেন্ট কমিটির সদস্যদের সঙ্গেও। ভবিষ্যতে গরুমারার উন্নয়নে তাঁরা সহযোগিতা করবেন বলে আশ্বাস দিয়েছেন বলে বনদপ্তর সূত্রে জানা গিয়েছে।

WestBengalBangla

May 01 2024, 10:35

জলপাইগুড়ির ডুয়ার্সের গরুমারা জঙ্গল ভ্রমণে ফ্রান্সের রাষ্ট্রদূত সহ পাঁচ সদস্যের এক প্রতিনিধি দল
# A five-member_ delegation_ including _the Ambassador of France _visited _the Garumara forest _in Duars, _Jalpaiguri



এসবি নিউজ ব্যুরো: জলপাইগুড়ির ডুয়ার্সের জঙ্গলের যাবতীয় বিষয় খতিয়ে দেখতে ফ্রান্সের এক প্রতিনিধি দল ঘুরলেন জঙ্গলে। মঙ্গলবার ফ্রান্সের রাষ্ট্রদূত থিয়ারি ম্যাথিউয়ের নেতৃত্বে ৫ সদস্যের এক প্রতিনিধি দল গরুমারায় এসেছিলেন। তাঁরা জানান,ডুয়ার্সের গরুমারা জঙ্গল কীভাবে পরিচালিত হচ্ছে? জঙ্গলের বন ও বুনোরা কেমন আছে? বন দপ্তরের সঙ্গে জঙ্গল লাগোয়া এলাকার বাসিন্দাদের সম্পর্কই বা কেমন? এইসব যাবতীয় বিষয় খতিয়ে দেখতেই তাদের এই সফর।ফ্রান্সের এই প্রতিনিধি দল ডুয়ার্সের মূর্তি ও জলঢাকা নদী দেখার পাশাপাশি সেখানে থাকা কুনকিদের পর্যবেক্ষণ ও তাদের সারাদিনের বিভিন্ন কাজকর্ম সম্পর্কে বন দপ্তরের আধিকারিক ও মাহুতদের কাছ থেকে তথ্য সংগ্রহ করেন। ফ্রান্সের এই দলের সঙ্গে উত্তরবঙ্গ বন্যপ্রাণী বিভাগের বনপাল ভাস্কর জেভি, গরুমারা ও জলপাইগুড়ি বনবিভাগের দুই ডিএফও দ্বিজপ্রতীম সেন, বিকাশ ভি, গরুমারা সাউথ রেঞ্জের রেঞ্জার সুদীপ দে ছাড়াও বন দপ্তরের অন্যান্য আধিকারিকরা উপস্থিত ছিলেন। মেদলার পর, গরুমারা যাত্রা প্রসাদ নজর মিনার হয়ে এই প্রতিনিধি দলটি বিকেলে চলে আসে গরুমারার ধূপঝোরা এলিফ্যান্ট ক্যাম্পে। সেখানে বন দপ্তরের আধিকারিকরা এই প্রতিনিধি দলকে কুনকি হাতির পিঠে চাপিয়ে জঙ্গলের আনাচে-কানাচে ঘোরান। এখান থেকে ফিরে তাঁরা স্থানীয় আদিবাসী নৃত্যগোষ্ঠীর নৃত্যও উপভোগ করেন। সেইসাথে কথা বলেন জয়েন্ট ফরেস্ট ম্যানেজমেন্ট কমিটির সদস্যদের সঙ্গেও। ভবিষ্যতে গরুমারার উন্নয়নে তাঁরা সহযোগিতা করবেন বলে আশ্বাস দিয়েছেন বলে বনদপ্তর সূত্রে জানা গিয়েছে।

WestBengalBangla

Apr 24 2024, 08:52

না মাটি, না পাথর, না কাঠ.. 8.5 ফুট উঁচু এবং 350 কেজি ওজনের বজরংবলীর মূর্তি বসছে গুজরাটের গোধরায়
#Bajrangbali _idol _in _Godhra Gujarat

এসবি নিউজ ব্যুরো: মধ্যপ্রদেশের ইন্দোরের শিল্পী স্ক্র্যাপ মেটাল থেকে হনুমানজির অনন্য মূর্তি তৈরি করছেন। গতকাল  সারাদেশে পালিত হয়েছে হনুমান জন্মোৎসব। সকাল থেকেই হনুমানজির মন্দিরে ভক্তদের উপচে পড়া ভিড় লক্ষ্য করা যায়। জানা গিয়েছে,8.5 ফুট উঁচু এবং 350 কেজি ওজনের বজরংবলী মূর্তি তৈরি হচ্ছে সম্পূর্ণ স্ক্র্যাপ মেটালে। ইন্দোরের শিল্পী দেবল ভার্মার তৈরি এঈ মূর্তিটি আগামী মাসে গুজরাটের গোধরায় স্থাপন করা হবে। দেবাল ভার্মা বলেন, 'আমরা গত 7-8 বছর ধরে স্ক্র্যাপ-মেটাল আর্ট নিয়ে কাজ করছি। আমরা স্ক্র্যাপ ধাতু থেকে প্রত্নবস্তু তৈরি সহ অর্ডার অনুযায়ী মূর্তি তৈরি করুন। গোধরা থেকে একটা অর্ডার এসেছিল। সাধারণত ক্লায়েন্ট আমাদের স্থান দেখায় এবং সেখানে কী থাকা উচিত সে সম্পর্কে পরামর্শ চায়।তাকে ঈশ্বরের মূর্তি স্থাপন করতে বলা হয়েছিল। তারা আমাদের কাছে জানতে চেয়েছিল কোন মূর্তি তৈরি করা উচিত এবং কীভাবে তৈরি করা উচিত। আমরা তাকে হনুমানজির মূর্তি বসানোর পরামর্শ দিয়েছিলাম। তারপর হনুমানজির মূর্তির নকশা করি।" দেবল ভার্মা আরও বলেন, 'প্রথমত, এটি বজরঙ্গবলীর মূর্তি এবং আমরা স্ক্র্যাপ থেকে কাজ করছি। মানে এটি শুধুমাত্র স্ক্র্যাপ থেকে তৈরি করা উচিত ছিল। কিন্তু এটি এমন ছিল, আমরা সাধারণত যা করি তার থেকে ভিন্ন কিছু করতে হয়েছে ।তার মানে আমরা মূর্তিটা একটু অন্যরকম করব। আমরা এটিতে প্রচুর পিতল এবং স্টেইনলেস স্টিল রাখি। ডিজাইন করতে  2-3 মাস লেগেছে বজরঙ্গবলীজির এই মূর্তিটি ডিজাইন করতে আমাদের 2-3 মাস লেগেছে। প্রস্তাবনা-মাত্রা নকশা সেট. নকশা চূড়ান্ত হওয়ার পর, আমরা মূর্তিটি যে উপাদান থেকে তৈরি করা হবে তা অনুসন্ধান শুরু করেছি। স্ক্র্যাপ খুঁজে পেতে অনেক সময় লাগে। মূর্তিটিতে আছে পিতলের প্যান, প্লেট এবং স্টেইনলেস স্টিলের পাইপ। এসএস শিটও স্থাপন করা হয়। গাড়ির স্প্রিং এবং গিয়ার বিয়ারিং বিভিন্ন ধরনের স্ক্র্যাপ থেকে তৈরি করা হয়। হনুমান চালিসা হনুমানজির মূর্তি বানাতে আমরা হনুমান চালিসার অনুবাদও করেছি। তাদের বৈশিষ্ট্য কি? যেমন, 'কান্ধে মুঞ্জ জেনেউ সাজাই', অর্থাৎ কীভাবে পবিত্র সুতো পরানো হয়। তাহলে কানে দুল কেন? সে রকম ডিটেইলিং করা হয়েছে। প্রায়ই বলেন কথিত আছে, শ্রী রাম জানকী বজরঙ্গবলী জির বুকে বসে আছেন। তাই আমরা একটি অনুরূপ স্কেচ তৈরি করেছি, ডিজিটালভাবে এটি পিতলের মধ্যে খোদাই করেছি, একটি দুল তৈরি করে তার বুকে স্থাপন করেছি। এই ধরনের ডিটেইলিং করা হয়েছে। হনুমানজির মূর্তি তৈরির ক্ষেত্রে সবচেয়ে বড় চ্যালেঞ্জটি হল বজরঙ্গবলী জির শরীর একেবারে সুস্থ। হনুমানজি শক্তিশালী। সেই সঙ্গে হনুমানজির মুখও খুব কোমল। মুখে সেই স্নিগ্ধতা ওভদ্রতা আনা ছিল একটি বড় চ্যালেঞ্জ। স্টেইনলেস স্টিল, ব্রাস, মাইল্ড স্টিল ব্যবহার করা হয়েছে। উদাহরণস্বরূপ, যদি এটি একটি পিতলের প্লেট হয় তবে এটি কোথায় ব্যবহার করা হবে এবং কীভাবে এটি ব্যবহার করা হবে তা কেটে কেটে লাগানো হয়েছে। মূর্তিটি তৈরি করতে কত সময় লেগেছে? বজরংবলী জির এই মূর্তিটি তৈরি করতে মোট 1 বছর সময় লেগেছে। ডিজাইন থেকে উপাদান সংগ্রহ থেকে চূড়ান্ত উত্পাদন পর্যন্ত। অর্ডারটি গত ফেব্রুয়ারিতে আমাদের কাছে এসেছিল এবং চলতি বছরের মার্চে মূর্তিটি তৈরি হয়। এই মূর্তি তৈরিতে আমাদের ৪ জনের দল কাজ করেছে। আমি দেবল ভার্মা, চিফ মেকানিক্যাল ইঞ্জিনিয়ার ফাইজান খান, চিফ ওয়েল্ডার রাজেশ ঝা এবং হেল্পার অর্জুন। ইন্দোরে আমাদের ডিজাইন স্টুডিওতে এই মূর্তিটি তৈরি করা হয়েছে। গোধরায় বাসস্ট্যান্ডের কাছে শ্রীসারভাত রেস্তোরাঁয় এই মূর্তি স্থাপন করা হবে। এই মূর্তি তৈরি করার সময় হনুমানজির সামনে সবচেয়ে বড় চ্যালেঞ্জ ছিল আবেগ আনতে হয়েছে। কারণ, স্ক্র্যাপ উপাদান থেকে কিছু তৈরি করা এবং তার মধ্যে অভিব্যক্তি আনা সবচেয়ে চ্যালেঞ্জিং কাজ। লোকেরা যখন এই মূর্তিটি দেখে, তখন তাদের মনে হয় যেন বজরঙ্গবলী জি তাদের দেখছেন। মানুষ আমাদের তাই বলেছে। প্রিভিউ দেখে অনেকেই বজরঙ্গবলীজির মূর্তির সামনে কেঁদেছিলেন। হনুমানজির দাড়িতে স্টেইনলেস স্টিলের তার লাগানো আছে। গদাটি পিতলের মাথা দিয়ে তৈরি। মুকুট উপর ঘূর্ণিত। নিচে চশমা পিতলের তৈরি। মুকুটের পিছনে সেলাই মেশিনের চাকা।

WestBengalBangla

Apr 17 2024, 14:41

#:Today Ramlala's_ Suryaavishek _took _place _in Ayodhya *আজ অযোধ্যায় রামলালার সূর্যাভিষেক হল*

#:Today Ramlala's_ Suryaavishek _took _place _in Ayodhya

এসবি নিউজ ব্যুরো: অযোধ্যায় রামনবমীতে রামলালের রামলালার সূর্যাভিষেক হল। ভগবান রামের মাথার অলৌকিক দৃশ্য দেখে সারা দেশের মানুষ আবেগাপ্লুত।আধ্যাত্মিকতা ও বিজ্ঞানের মিলনের এক মনোরম দৃশ্য আজ দেখা গেল অযোধ্যায়। রামনবমীর বিশেষ দিন উপলক্ষ্যে, অযোধ্যার রাম মন্দিরে যখন ভগবান শ্রীরামের কপালে সূর্য তিলক লাগানো হয়েছিল তখন একটি অপূর্ব দৃশ্য দেখা যায়। এই সূর্যাভিষেক দুপুর ১২.০১ মিনিটে শুরু হয়ে প্রায় পাঁচ মিনিট ধরে চলে। এই ঘটনাসারা বিশ্ব কৌতূহল নিয়ে দেখছে, আজ ৫০০ বছর পর অযোধ্যা ও দেশের মানুষের জন্য এই বিশেষ সুযোগ এসেছে। রাম মন্দির প্রতিষ্ঠার পর এটাই প্রথম রাম নবমী। অযোধ্যায় রামনবমী উপলক্ষ্যে, সূর্যের রশ্মি দ্বারা রামলালার তিলক করা হয়। এই উপলক্ষ্যে রামলালার বিশেষ মেকআপও করা হয়েছিল। 500 বছর পর, এই সূর্যাভিষেকের সময় রামলালা মূর্তির সূর্যাভিষেক হয়েছিল প্রায় 4 থেকে রামলালার মূর্তির মাথায় সূর্য তিলক লাগানো হয় ৬ মিনিটের জন্য। সূর্যের আলো রামলালার ওপর এমনভাবে পড়ল যেন ভগবান রামের গায়ে সূর্য তিলক লাগানো হয়েছে। এই দৃশ্যটি সকলের মনকে মোহিত করেছে ।বিজ্ঞানীরা বহু মাস ধরে এই সূর্য তিলকের জন্য প্রস্তুতি নিচ্ছিলেন। এর জন্য অনেক ট্রায়াল করা হয়েছিল। আজ দুপুরে ঘড়ির কাঁটা 12:01 বাজতেই সূর্যের রশ্মি সরাসরি রামের কপালে এসে পৌঁছায়। 12:01 থেকে 12:06 পর্যন্ত সূর্যাভিষেক চলতে থাকে। পাঁচ মিনিট ধরে চলতে থাকে এই প্রক্রিয়া। বিজ্ঞানীরা গত 20 বছরে অযোধ্যার আকাশে সূর্যের গতিবিধি অধ্যয়ন করেছেন। সঠিক দিকনির্দেশ ইত্যাদি নির্ধারণের পর মন্দিরের উপরের তলায় প্রতিফলক ও লেন্স স্থাপন করা হয়েছে। সূর্যের রশ্মি ঘূর্ণায়মান হয়ে রামলালার কপালে পৌঁছে গেল। উপরের সমতলের লেন্সে সূর্যের রশ্মি পড়ল। এর পরে, এটি তিনটি লেন্সের মধ্য দিয়ে যায় এবং দ্বিতীয় তলায় আয়নার কাছে আসে। শেষেসূর্যের রশ্মি রাম লালার কপালকে 75 মিমি বুলেটের আকারে আলোকিত করতে থাকে এবং এটি প্রায় পাঁচ মিনিট ধরে চলতে থাকে। সূর্য তিলকের পরে, ভগবান শ্রী রামের বিশেষ পূজা এবং আরতি করা হয়।রাম নবমীতে ভক্তদের ভিড়ের পরিপ্রেক্ষিতে প্রায় 25 লাখ ভক্তের আগমনের সময়টি 19 ঘন্টা করা হয়েছে।মঙ্গলা আরতি থেকে শুরু হয়ে রাত ১১টা পর্যন্ত খোলা থাকবে মন্দির। এর মধ্যেই রামলালকে ভোগ প্রদান ও আরতি করা হবে।

India

Jul 15 2024, 13:07

जेल में 8.5 किलो घट गया केजरीवाल का वजन? दिल्ली सीएम की सेहत पर तिहाड़ प्रशासन की रिपोर्ट

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जेल में केजरीवाल का 8.5 किलोग्राम वजन कम हो गया है। पार्टी के सांसद संजय सिंह ने केजरीवाल की सेहत को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, तिहाड़ जेल केजरीवाल की सेहत को लेकर कुछ और ही दावे कर रहा है।

तिहाड़ जेल प्रशासन ने माना कम हुआ वजन

केजरीवाल की हेल्थ पर जानकारी देते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का जेल में 8.5 किलोग्राम वजन कम नहीं हुआ है। जैसा कि आप के मंत्री, सांसद और अन्य लोग दावा कर रहे हैं। एक अप्रैल को जब केजरीवाल पहली बार तिहाड़ आए थे, तब उनका वजन 65 किलोग्राम था। इसके बाद आठ और 29 अप्रैल को उनका वजन 66 किलोग्राम था। वे चुनाव प्रचार के लिए नौ अप्रैल को जेल से बाहर आए और दो जून को वापस जेल आ गए। उस दिन यानी दो जून को उनका वजन 63.5 किलोग्राम था। इसके बाद 14 जुलाई को उनका वजन 61.5 किलोग्राम था। इस तरह उन्होंने दो किलो वजन कम हुआ। 

केजरीवाल ने जानबूझ कर वजन घटाया

तिहाड़ जेल प्रशासन ने आगे बताया कि यह वजन घटाना भी उन्होंने जानबूझ कर किया है। जिसके पीछे स्पष्ट कारण थे। वे तीन जून से नियमित रूप से अपने घर से भेजा गया खाना वापस कर रहे हैं। यानी चुनाव प्रचार के बाद जेल वापस आने के अगले ही दिन से। ऐसे में ध्यान देने वाली बात है कि जेल में अपने पिछले कार्यकाल में वे जानबूझकर ऐसा खाना खा रहे थे। जिससे उनका शुगर लेवल बढ़ जाता था। एम्स का एक मेडिकल बोर्ड लगातार केजरीवाल की निगरानी कर रहा है। उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल मेडिकल बोर्ड से नियमित परामर्श ले रही हैं। 

तिहाड़ की रिपोर्ट का आप ने दिया जवाब

दूसरी ओर तिहाड़ की मेडिकल रिपोर्ट पर आप का जवाब भी आया है। संजय सिंह ने कहा है कि तिहाड़ जेल ने माना कि कई बार केजरीवाल का शुगर लेवल कम हुआ। शुगर लेवल कम होने पर वे नींद में कोमा में जा सकते हैं। शुगर लेवल कम होने पर ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी है। संजय सिंह ने कहा कि तिहाड़ जेल की रिपोर्ट के मुताबिक भी वजन कम हुआ है।

इससे पहले आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया था कि केंद्र की भाजपा सरकार केजरीवाल को 'गंभीर बीमारी' से पीड़ित करने की साजिश रच रही है। उन्होंने दावा किया था कि तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री का वजन गिरफ्तारी के बाद से 8.5 किलो घट गया है और करीब पांच बार ऐसा हुआ है जब उनका शुगर लेवल 50 mg/dL से नीचे चला गया था। संजय सिंह ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा था कि ऐसी स्थिति में केजरीवाल के कोमा में जाने का खतरा है।उन्हें सलाखों के पीछे मारने की साजिश रची जा रही है।

తప్పు చేస్తే దొరకక తప్పదు

Jun 29 2024, 17:21

Delhi CM Arvind Kejriwal Sent To Judicial Custody Till July 12 In Excise Policy Case

Earlier, the CBI had sought five days of remand, but was granted three, after claiming that Kejriwal's custody was necessary to confront him with evidence and documents

The Rouse Avenue Court on Saturday sent Delhi CM Arvind Kejriwal to judicial custody for 14 days till July 12 in connection to the liquor policy case. The development came after Kejriwal’s three-day CBI custody ended today.

The court’s decision came after hearing both the parties on Saturday afternoon. Notably, Kejriwal was arrested by the CBI on June 26.

The arrest order of Delhi Chief Minister was passed by Special Judge Amitabh Rawat on the application by CBI on Wednesday. “In view of the factum of the investigation leading to the arrest of the accused, the role ascribed to him and the necessity to confront the accused with the evidence in the present case of conspiracy, the present police remand application of the accused is allowed. However, it shall be for a period of three days from today. Accused Arvind Kejriwal will be produced on June 29, 2024 before 7 pm," the judge had said in the order.

When the court asked Senior Advocate Vikram Chaudhary, who was appearing for Kejriwal, about the grounds for opposing remand, he said, “The arrest and police custody orders were based the collection of evidence, which they had apparently collected in January."

The court said the matter related to evidence was between the court and the investigation officer.

The court also said that according to the provisions of the Code of Criminal Procedure (CrPC), once the police custody was over, the court was bound to grant judicial remand.

Kejriwal’s lawyer then demanded that the CBI should disclose the evidence against the Delhi CM, based on which it was seeking a remand.

Kejriwal was arrested by the central agency in connection with the liquor policy case on Wednesday.

Earlier, the CBI had sought a five-day remand but was granted three, after claiming that Kejriwal’s custody was necessary to confront him with evidence and documents in the case.

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Jun 26 2024, 16:20

सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को किया गिरफ्तार, पत्नी सुनीता ने कहा- ये तानशाही, बंदा जेल से बाहर न आ जाए, इसलिए पूरा...

#arvindkejriwalwifesunitahisarrestwholesystemworking 

दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में सीबीआई ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के बाद जांच एजेंसी ने सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार किया।इसे लेकर सीएम केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है।उन्होंने केजरीवाल की गिरफ्तारी को तानाशाही करार दिया।

ये एक इमरजेंसी है- सुनीता केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा कि 20 जून को अरविंद केजरीवाल को बेल मिली। तुरंत प्रवर्तन निदेशालय ने स्टे लगवा लिया। अगले ही दिन सीबीआई ने आरोपी बना दियाऔर आज गिरफ्तार कर लिया। पूरा तंत्र इस कोशिश में है कि बंदा जेल से बाहर ना आ जाये। ये क़ानून नहीं है। ये तानाशाही है, इमरजेंसी है।

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई ने सीएम केजरीवाल की पांच दिनों की हिरासत की मांग की है। कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने विशेष न्यायाधीश अमिताभ रावत से अनुमति मिलने के बाद कोर्ट में सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। सीएम केजरीवाल को तिहाड़ जेल से कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।

दरअसल, राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई ने आज बुधवार को अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया।इस दौरान अपने एक्शन के पक्ष में सीबीआई ने कई दलीलें दीं। सीबीआई ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की जमानत पर हाईकोर्ट से रोक लगने के बाद ही हमने गिरफ्तारी की है। अदालत ने सीबीआई को गिरफ्तारी का आधार बताने के लिए कहा था। इसके जवाब में सीबीआई ने लंबी दलीलें दीं। सीबीआई ने कहा, हमें केजरीवाल से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। वह यह भी नहीं बता रहे हैं कि विजय नायर उनके अधीन काम कर रहे थे। उनका कहना है कि वह आतिशी मार्लेना और सौरभ भारद्वाज के अधीन काम कर रहे थे। उन्होंने सारा दोष मनीष सिसोदिया पर डाल दिया और कहा कि उन्हें आबकारी नीति के बारे में कोई जानकारी नहीं है। केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के चलते जमानत मिली थी। उस वक्त हमने केजरीवाल से पूछताछ नहीं की।