India

Apr 18 2024, 10:46

एलन मस्क ने UNSC में भारत के लिए की स्थायी सदस्यता की सिफारिस, अमेरिका ने भी किया समर्थन

#americawillindiagetpermanentmembershipinunscafterelonmusks

भारत लंबे समय से संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्‍थाई सदस्‍यता हासिल करने में जुटा है। दुनियाभर के कई देश इसका समर्थन भी कर चुके हैं। इसी क्रम में टेस्‍टला चीफ एलन मस्‍क ने कुछ महीने पहले UNSC में भारत की स्‍थाई सदस्‍यता की वकालत की थी। एलन मस्क के समर्थन के बाद अब अमेरिका ने भी दी प्रतिक्रिया है।अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र संस्थानों में सुधार के लिए समर्थन की पेशकश की है।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रधान उप-प्रवक्ता वेदांत पटेल से बुधवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान यूएनएससी में भारत की स्थाई सीट को लेकर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बयान पर सवाल किया गया था। इस दौरान उन्होंने जवाब दिया कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस पर पहले भी बात की है। यूएन के सचिव ने भी इसके बारे में बताया है। हम निश्चित तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समेत यूएन निकायों में सुधार का समर्थन करते हैं। इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे? इसे लेकर मेरे पास ज्यादा जानकारी नहीं है। हमें लगता है कि इसमें सुधार की जरूरत है।

एलन मस्‍क ने क्‍या कहा था?

बता दें कि इस साल जनवरी में एलन मस्क ने भारत को UNSC में स्थायी सीट न मिलने को ‘बेतुका’ बताया था। उन्होंने कहा था कि जिन देशों के पास जरूरत से ज्यादा ताकत है, वे उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं।एक्स पर एक पोस्ट में मस्क ने कहा, ‘कुछ बिंदु पर संयुक्त राष्ट्र निकायों में संशोधन की आवश्यकता है। समस्या यह है कि जिनके पास अतिरिक्त शक्ति है वे इसे छोड़ना नहीं चाहते हैं. भारत के पास सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्‍यता नहीं है, जबकि इंडिया पृथ्वी पर सबसे अधिक आबादी वाला देश है। यह बेतुका है। अफ़्रीका को भी सामूहिक रूप से एक स्थायी सीट मिलनी चाहिए।

भारत लंबे समय से कर रहा ये मांग

गौरतलब है कि भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता की मांग कर रहा है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 15 देशों से मिलकर बना है। उनमें से पांच स्थाई देशों के पास वीटो ताकत है, जबकि 10 अस्थाई देशों को दो साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है। पांच स्थाई देशों में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन शामिल हैं।

SanatanDharm

Mar 22 2024, 09:17

आज प्रदोष व्रत,यह दिन महादेव को है समर्पित,इस दिन सुख समृद्धि के लिए लोग रखते हैं ब्रत

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India

Feb 23 2024, 14:45

50 साल बाद चांद पर फिर पहुंचा अमेरिका, पहला प्राइवेट स्पेसक्राफ्ट लैंड कराकर रचा इतिहास

#america_first_private_odysseus_spacecraft_lunar_landing

अमेरिका एक बार फिर चांद पर पहुंच गया है। लगभग 50 साल बाद एक अमेरिकी अंतरिक्ष यान चांद की सतह पर उतरा है। हालांकि, इस बार चांद की धरती पर उतरना अमेरिका के लिए बेहद खास है। दरअसल, पहली बार एक निजी अमेरिकी कंपनी ने चांद की सतह पर अपना मून लैंडर उतारकर इतिहास रच दिया है। 1972 में आखिरी अपोलो मिशन के बाद अमेरिका में बना कोई अंतरिक्ष यान अब चंद्रमा की सतह पर उतरा है। इंटूइटिव मशीन्स नाम की ह्यूस्टन की ये कंपनी पहली निजी कंपनी बन गई है जिसने सफलतापूर्वक चांद पर अपना लैंडर उतारा है। इसी के साथ अमेरिका साउथ पोल पर लैंड करने वाला भारत के बाद दूसरा देश बन गया है। भारत 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से चांद के साउथ पोल पर उतरने वाला पहला देश बना था।

चांद पर उतरने वाले इस अंतरिक्ष यान का नाम ओडीसियस या ऑडी है। यह छह पैरों वाला एक रोबोट लैंडर है जो भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार सुबह 4:30 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास मालापर्ट ए नाम के क्रेटर में उतरा। चांद का दक्षिणी ध्रुव वही हिस्सा है, जिसके करीब भारत के चंद्रयान 3 का विक्रम लैंडर उतरा था।

नासा के सहयोग से इसे एक प्राइवेट कंपनी ने बनाया है। इंटुएटिव मशीन्स के सीईओ स्टीव अल्टेमस ने कहा, 'मुझे पता है कि यह एक मुश्किल था, लेकिन हम सतह पर हैं। हम ट्रांसमिट कर रहे हैं। चांद पर आपका स्वागत है।' नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने एक वीडियो संदेश के जरिए बधाई दी। उन्होंने इसे एक बड़ी जीत कहा है। उन्होंने कहा कि हमने चंद्रमा पा लिया। उन्होंने कहा, चांद पर अमेरिका की वापसी हो गई है। आज मानव इतिहास में पहली बार एक कमर्शियल कंपनी, एक अमेरिकी कंपनी ने चांद तक का सफर पूरा किया है। आज का दिन ये दिखाता है कि नासा की कमर्शियल पार्टनरशिप कितनी दमदार और महत्वाकांक्षी है।

लैंडिंग से ठीक पहले कंट्रोलर्स के सामने एक बड़ी मुसीबत आ गई जिससे इस मिशन के नाकाम होने का ख़तरा मंडराने लगा। चांद की सतह से ओडेसियस की दूरी और उसकी गति का आकलन करने वाले जो लेज़र यान में लगे थे, वो सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। इससे मिशन की सफलता को लेकर संशय बढ़ने लगा। लेकिन अच्छी बात ये रही कि यान में नासा के भेजे कुछ एक्सपेरिमेन्टल लेज़र भी थे और वैज्ञानिकों ने इसका लाभ उठाते हुए इन्हें नेविगेशन सिस्टम के साथ जोड़ दिया। 23 बजकर 23 मिनट (जीएमटी) पर ओडेसियस ने चांद की सतह को छुआ।

ओडेसियस को बीते सप्ताह फ्लोरिडा के केप केनावेराल लॉन्च स्टेशन से छोड़ा गया था। ये यान तीन लाख 84 हज़ार किलोमीटर (238, 855 मील) की दूरी तय कर चांद तक पहुंचा है।ओडेसियस की लैंडिंग वैसे तो 14 फरवरी को होनी थी, लेकिन तकनीकी वजहों से इसे टालना पड़ा था।

India

Feb 23 2024, 13:30

50 साल बाद चांद पर फिर पहुंचा अमेरिका, पहला प्राइवेट स्पेसक्राफ्ट लैंड कराकर रचा इतिहास

#america_first_private_odysseus_spacecraft_lunar_landing

अमेरिका एक बार फिर चांद पर पहुंच गया है। लगभग 50 साल बाद एक अमेरिकी अंतरिक्ष यान चांद की सतह पर उतरा है। हालांकि, इस बार चांद की धरती पर उतरना अमेरिका के लिए बेहद खास है। दरअसल, पहली बार एक निजी अमेरिकी कंपनी ने चांद की सतह पर अपना मून लैंडर उतारकर इतिहास रच दिया है। 1972 में आखिरी अपोलो मिशन के बाद अमेरिका में बना कोई अंतरिक्ष यान अब चंद्रमा की सतह पर उतरा है। इंटूइटिव मशीन्स नाम की ह्यूस्टन की ये कंपनी पहली निजी कंपनी बन गई है जिसने सफलतापूर्वक चांद पर अपना लैंडर उतारा है। इसी के साथ अमेरिका साउथ पोल पर लैंड करने वाला भारत के बाद दूसरा देश बन गया है। भारत 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से चांद के साउथ पोल पर उतरने वाला पहला देश बना था।

चांद पर उतरने वाले इस अंतरिक्ष यान का नाम ओडीसियस या ऑडी है। यह छह पैरों वाला एक रोबोट लैंडर है जो भारतीय समय के मुताबिक शुक्रवार सुबह 4:30 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास मालापर्ट ए नाम के क्रेटर में उतरा। चांद का दक्षिणी ध्रुव वही हिस्सा है, जिसके करीब भारत के चंद्रयान 3 का विक्रम लैंडर उतरा था।

नासा के सहयोग से इसे एक प्राइवेट कंपनी ने बनाया है। इंटुएटिव मशीन्स के सीईओ स्टीव अल्टेमस ने कहा, 'मुझे पता है कि यह एक मुश्किल था, लेकिन हम सतह पर हैं। हम ट्रांसमिट कर रहे हैं। चांद पर आपका स्वागत है।' नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने एक वीडियो संदेश के जरिए बधाई दी। उन्होंने इसे एक बड़ी जीत कहा है। उन्होंने कहा कि हमने चंद्रमा पा लिया। उन्होंने कहा, चांद पर अमेरिका की वापसी हो गई है। आज मानव इतिहास में पहली बार एक कमर्शियल कंपनी, एक अमेरिकी कंपनी ने चांद तक का सफर पूरा किया है। आज का दिन ये दिखाता है कि नासा की कमर्शियल पार्टनरशिप कितनी दमदार और महत्वाकांक्षी है।

लैंडिंग से ठीक पहले कंट्रोलर्स के सामने एक बड़ी मुसीबत आ गई जिससे इस मिशन के नाकाम होने का ख़तरा मंडराने लगा। चांद की सतह से ओडेसियस की दूरी और उसकी गति का आकलन करने वाले जो लेज़र यान में लगे थे, वो सही तरीके से काम नहीं कर रहे थे। इससे मिशन की सफलता को लेकर संशय बढ़ने लगा। लेकिन अच्छी बात ये रही कि यान में नासा के भेजे कुछ एक्सपेरिमेन्टल लेज़र भी थे और वैज्ञानिकों ने इसका लाभ उठाते हुए इन्हें नेविगेशन सिस्टम के साथ जोड़ दिया। 23 बजकर 23 मिनट (जीएमटी) पर ओडेसियस ने चांद की सतह को छुआ।

ओडेसियस को बीते सप्ताह फ्लोरिडा के केप केनावेराल लॉन्च स्टेशन से छोड़ा गया था। ये यान तीन लाख 84 हज़ार किलोमीटर (238, 855 मील) की दूरी तय कर चांद तक पहुंचा है।ओडेसियस की लैंडिंग वैसे तो 14 फरवरी को होनी थी, लेकिन तकनीकी वजहों से इसे टालना पड़ा था।

WestBengalBangla

Jan 27 2024, 18:24

*The IPL schedule will be released in two phases, how likely is the tournament to be held outside the country?*

Sports News

KOLKATA: The Indian Premier League means a chance to watch Virat vs. Rohit, Dhoni vs. Hardik on 22 yards for several days in a row. This year is going to be the 17th edition of IPL. Calculations say that this millionaire league is supposed to start after a couple of months. But the IPL schedule has not been released by the board yet. Lok Sabha elections in India this year. So it has been repeatedly heard that IPL may be held somewhere outside the country.

A part from the schedule, the venue of the upcoming IPL has also not been revealed. This time it has been heard that the IPL schedule will be released in two phases rather than the entire schedule at once.

BCCI vice-president Rajeev Shukla had earlier said that the board is in discussion with the Indian government and the home ministry on whether the IPL will be held outside the country. BCCI can inform about the venue of IPL only then. This time it is heard that the IPL schedule may be published in two phases against the Lok Sabha elections.

Earlier it was heard that the IPL could start on March 22 this time. And the final of the tournament could be on May 26. Because T20 World Cup will be held in West Indies and America in June. So BCCI wants to keep some gap between ICC mega event and IPL.

Photo courtesy by: X

India

Jan 20 2024, 12:02

आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश मामले में निखिल गुप्ता को अमेरिका किया जा सकता है प्रत्यर्पित, चेक गणराज्य की अदालत ने सुनाया फैसला

#conspiracytomurderpannunikhilguptacanbeextraditedtoamerica

खालिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में चेक गणराज्य की एक अपीलीय अदालत ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के अमेरिका प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है।52 वर्षीय भारतीय नागरिक को अमेरिका की गुजारिश पर 30 जून को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने निखिल गुप्ता पर भाड़े पर हत्या कराने का आरोप लगाया है. इसके तहत अधिकतम 10 साल जेल की सजा का प्रावधान है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण पर अंतिम निर्णय न्याय मंत्री पावेल ब्लेज़ेक पर निर्भर था। प्रवक्ता ने कहा कि अगर मंत्री को निचली अदालत के फैसलों पर संदेह है तो उनके पास सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के लिए तीन महीने का समय है।प्राग उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली निखिल गुप्ता की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें फैसला सुनाया गया था कि प्रत्यर्पण की अनुमति है।

कौन है निखिल गुप्ता?

52 वर्षीय निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक है, जिसे बीती 30 जून को चेक रिपब्लिक की सरकार ने पकड़ा था।अमेरिकी दस्तावेज के अनुसार, निखिल गुप्ता को सरकारी अधिकारी द्वारा मई 2023 को ही साजिश में शामिल किया गया था। निखिल गुप्ता ने अमेरिका में एक अन्य व्यक्ति से संपर्क किया, जिसे माना जा रहा है कि भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक की हत्या करनी थी। जून में निखिल गुप्ता ने कॉन्ट्रैक्ट किलर को उस व्यक्ति की जानकारी साझा की थी, जिसकी हत्या की जानी थी। न्याय विभाग के दस्तावेजों में हरदीप सिंह निज्जर का नाम भी शामिल है, जिसकी जून में कनाडा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दस्तावेजों के अनुसार, निखिल गुप्ता ने हत्या करने वाले व्यक्ति को बताया था कि निज्जर भी उनके निशाने पर था और कई अन्य और भी निशाने पर हैं। निखिन गुप्ता ने 30 जून को चेक रिपब्लिक का दौरा किया था, जहां उसे अमेरिका की विनती पर चेक रिपब्लिक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और अमेरिका को सौंप दिया।

WestBengalBangla

Dec 08 2023, 12:52

*Chile, Brazil,Colombia-Paraguay in Messi's group in Copa America Cup*

Sports News

USA : 2024 is a double bang for football fans. Two of the best competitions in international football will take place in 2024. A few days ago, UEFA announced the group format of Euro-2024. This time CONMEBOL has announced the group format of Copa America-2024. Copa America will be held in the United States next year. A total of 16 teams will participate in this mega event. Each team is divided into 4 groups.The 2016 Copa America was held in the United States. There, Argentina's dream of winning the Copa America was shattered by losing to Chile. Argentina is in the same group with Chile this time. And this time the Copa America will be in the United States again.

Pic Courtesy by: Copa America website

WestBengalBangla

Nov 30 2023, 18:41

*T20 World Cup final 20 teams, who got a direct chance, who qualified?*

Sports News

SB News bureau: West Indies and America will play directly in the T20 World Cup as host countries. The eight teams that finished in the top eight also got a direct berth in the 2022 World T20. They are - Australia, England, India, New Zealand, Pakistan, South Africa, Netherlands and Sri Lanka.

The 20 teams for the 2024 T20 World Cup have been finalized. Uganda was the last team to qualify.

Pic Courtesy by: ICC

WestBengalBangla

Nov 19 2023, 15:56

*Historic success, 4 trillion dollars touched India's economy*

Business 

 SBNB: Historic day. On Sunday (November 19), India crossed the $4 trillion milestone. Based on data provided by the International Monitory Fund, i.e., the IMF, the gross domestic product of different countries is shown online in 'real time'.

It was there that for the first time in history, India's GDP was seen to exceed US$ 4 trillion. As a result, India was only behind America, China and Japan and Germany in terms of GDP.By 2024, the Modi government has set a target of reaching 5 trillion US dollars in India's GDP. Economists believe that today's event is one of the milestones on that path.

India

Sep 06 2023, 18:46

*दिल्ली की सड़कों पर भी अपनी ही गाड़ी से चलेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति, किसे किले से कम नहीं बाइडन की कार ‘द बीस्ट’

#americapresidentjoebidensecurityinindia 

भारत के नई दिल्‍ली में जी-20 शिखर सम्‍मेलन का आयोजन होने वाला है। इसमें कई देशों के राष्‍ट्राध्‍यक्षों के साथ ही अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन भी शिरकत करने नई दिल्‍ली पहुंच रहे हैं।बाइडेन कल यानी 7 सितंबर को नई दिल्ली पहुंच जाएंगे। बाइडेन दुनिया की उन हस्तियों में शामिल हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा सुरक्षा मिलती है। अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ खुद उनकी टीम भी मौजूद रहती है और उनके हर दौरे से पहले तमाम चीजों को देखा जाता है। जानते हैं कि अमेरिका से भारत तक जो बाइडेन की सुरक्षा आखिर कैसी होगी।

दिल्ली में भी व्हाइट हाउस के ही गार्ड्स करेंगे निगेहबानी

अमेरिका के राष्ट्रपति करीब 3 दिन तक दिल्ली में होंगे। इस दौरान उनकी सुरक्षा के लिए कई तरह के इंतजाम किए गए हैं।इस तीन दिन के दौरे के लिए पिछले कई हफ्तों से तैयारी हो रही है। जब जो बाइडेन नई दिल्ली में होंगे, तब उनकी पूरी सुरक्षा व्हाइट हाउस के ही गार्ड्स के हाथ में होगी।अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी गाड़ी से ही चलेंगे, इसके अलावा कंट्रोल रूम से हर एक गतिविधि पर नज़र रखी जाएगी। अमेरिका के राष्ट्रपति जहां भी जाते हैं वहां उनकी खुद की सुरक्षा होती है। ऐसा ही जी-20 के लिए भी किया जा रहा है। नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से जो बाइडेन के पूरे रूट पर नज़र रखी जाएगी।

एयरफोर्स वन प्लेन उड़ता हुआ किला

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन 7 सितंबर को भारत पहुंचेंगे। उनके आने से पहले हवाई सुरक्षा और साथ में ज़मीनी सुरक्षा की पूरी तैयारी हो गई है। प्रेसिडेंट जो बाइडेन एयरफ़ोर्स वन एयरक्राफ्ट से भारत आएंगे। यह एयरफ़ोर्स वन 4 हज़ार स्क्वायर फिट भारी-भरकम प्लेन है और तीन मंज़िला एयरक्राफ़्ट है। एयरफोर्स वन 747-200 बी सीरीज का एयरक्राफ्ट है जो उड़ता हुआ किला है जिसे भेदना बेहद मुश्किल है। इसमें हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता है। अगर कोई अटैक होता है तो ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स के द्वारा उसको विफल कर सकता है। एयरफोर्स वन के अंदर प्रेजिडेंट सुईट ,कांफ्रेंस रूम ,मेडिकल फैसिलिटी, 100 -150 लोगों की क्षमता है। इस प्लेन में राष्ट्रपति के साथ सीनियर एडवाइजर से लेकर सीक्रेट सर्विस एजेंट्स की टीम साथ रहती है।

दिल्ली में अपनी गाड़ी से ही चलेंगे बाइडन

अमेरिकी राष्ट्रपति दिल्ली में अपनी गाड़ी से ही चलेंगे, जिसे द बीस्ट कहा जाता है। राष्‍ट्रपति जो बाइडेन की ‘द बीस्ट’ में बख्तरबंद बाहरी हिस्सा, बख्तरबंद खिड़कियां, टॉप-स्पेक कम्‍युनिकेशंस सिस्‍टम और केवलर-रीइनफोर्स्‍ड टायर्स होते हैं। अमेरिकी राष्‍ट्रपति की इस कार में आमतौर पर 9 खास सुरक्षा सुविधाएं होती हैं। किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति में इसमें राष्‍ट्रपति के ब्‍लड ग्रुप वाले रक्‍त की आपूर्ति करने की व्‍यवस्‍था रहती है। साथ ही इसमें ऑक्‍सीजन आपूर्ति की सुविधा भी दी गई है। इसे ‘रोलिंग बंकर’ भी कहा जाता है। इस कार पर किसी धमाके का भी कोई असर नहीं होता है। कहा जाता है कि ये कार क्षुद्रग्रह के टकराव में भी सुरक्षित रह सकती है।

दिल्ली की सड़कों पर सबसे बड़ा गाड़ियों का काफिला बाइडन का ही होगा

माना ये जा रहा है कि दिल्ली की सड़कों पर सबसे बड़ा गाड़ियों का काफिला अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का ही होगा।जी 20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल प्रगति मैदान के भारत मंडपम तक जाने वाले हर देश के प्रमुख के काफिले में 14 से ज्यादा कारें नहीं होंगी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले को इस मामले में थोड़ी छूट मिल सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले में चलने वाली कारों की संख्या 15 से 25 तक हो सकती है।

राष्ट्रपति से पहले पहुंचे यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट

अमेरिकी राष्ट्रपति के किसी देश की यात्रा से कई हफ्ते पहले यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट वहां पहुंच जाते हैं। यहां वो सुरक्षा को लेकर हर पहलू की जांच करते हैं। इस टीम में प्रेसिडेंट स्टाफ और बाकी सुरक्षाबल मौजूद होते हैं। एयरपोर्ट से लेकर जिस होटल में राष्ट्रपति ठहरते हैं, उसमें ये एजेंट्स पहुंचते हैं। उस देश में होने वाली हर गतिविधियों पर उनकी नजरें होती हैं और वो किसी भी तरह की सुरक्षा चूक नहीं होने देते हैं।राष्ट्रपति के किसी देश में आने से पहले ये एजेंट्स उस देश की सुरक्षा एजेंसियों से सभी तरह की जानकारी लेते हैं। इस दौरान ऐसे लोगों और संगठनों की पहचान की जाती है, जिनसे राष्ट्रपति को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही उस पूरे रूट को बम स्क्वॉड चेक करता है, जिससे राष्ट्रपति गुजरते हैं।