गणेश जी के परिवार से प्रेम का सबसे बड़ा पाठ
–डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा
गणेश उत्सव के इस पावन अवसर पर मैं गणपति बप्पा से केवल अपने विघ्न दूर करने की प्रार्थना नहीं करना चाहती, बल्कि उनके पूरे परिवार से जीवन जीने का एक बहुत सुंदर पाठ सीखना चाहती हूँ।
जरा गणेश जी के परिवार को देखिए।
भगवान शिव—शिव शब्द का अर्थ ही है कल्याणकारी, मंगलमय।
वे हमें त्याग, वैराग्य और कल्याण का संदेश देते हैं।
माता पार्वती—शक्ति का स्वरूप हैं।
जहाँ शिव हैं, वहाँ शक्ति है; और शिव और शक्ति मिलकर ही सृष्टि को पूर्णता देते हैं।
और फिर उनके पुत्र
गणेश जी, बुद्धि और विवेक के प्रतीक।
कार्तिकेय जी, साहस और पराक्रम के प्रतीक।
लेकिन इस परिवार की सबसे अद्भुत बात क्या है?
आइए उनके वाहनों को देखिए।
गणेश जी का वाहन मूषक,
कार्तिकेय जी का वाहन मोर,
भगवान शिव के गले में सर्प और उनका वाहन नंदी,
और माता पार्वती का वाहन सिंह।
कितना अद्भुत परिवार है!
जहाँ हमें हर तरफ स्वाभाविक विरोध दिखाई देता है, वहाँ परिवार में प्रेम और समरसता दिखाई देती है।
मोर और मूषक—एक-दूसरे के स्वाभाविक साथी नहीं।
सर्प और मूषक—विरोध का संबंध।
सिंह और नंदी—एक शिकारी, दूसरा शांत और सरल।
फिर भी सभी एक ही परिवार में हैं।
क्यों?
क्योंकि जहाँ प्रेम होता है, वहाँ विरोध छोटा हो जाता है और संबंध बड़ा।
यही गणेश परिवार हमें सिखाता है—
परिवार में सबका स्वभाव एक जैसा होना जरूरी नहीं,
दिलों में प्रेम होना जरूरी है।
आज हमारे घरों में भी छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव हो जाता है।
विचार अलग हुए, पसंद अलग हुई, अपेक्षाएँ पूरी नहीं हुईं और हम रिश्तों से दूर होने लगते हैं।
लेकिन शिव-पार्वती का परिवार जैसे हमें कहता है ,
“भिन्नता को स्वीकार करो, प्रेम को मत खोओ।”
और गणेश जी के जीवन की एक बहुत सुंदर कथा भी हमें यही सिखाती है।
एक बार भगवान शिव और माता पार्वती ने गणेश जी और कार्तिकेय जी से कहा कि जो तीनों लोकों की परिक्रमा करके सबसे पहले वापस आएगा, वही विजेता होगा।
कार्तिकेय जी अपने मोर पर बैठकर तुरंत निकल पड़े।
गणेश जी ने अपने छोटे-से मूषक को देखा।
उन्होंने सोचा—मेरे लिए इतनी लंबी यात्रा करना आसान नहीं होगा।
तब गणेश जी ने अपने माता-पिता—शिव और पार्वती—की तीन परिक्रमा की और कहा—
“मेरे लिए मेरे माता-पिता ही तीनों लोक हैं।”
कितनी गहरी बात है!
बुद्धि केवल तेजी से आगे बढ़ जाने का नाम नहीं है।
बुद्धि यह समझने का नाम भी है कि जीवन में वास्तव में सबसे मूल्यवान क्या है।
आज हम पूरी दुनिया घूम रहे हैं, बहुत कुछ पा रहे हैं, बहुत आगे बढ़ रहे हैं; लेकिन कभी-कभी अपने ही घर के लोगों से दूर होते जा रहे हैं।
गणेश जी हमें याद दिलाते हैं—
दुनिया जीतने से पहले अपने रिश्ते मत हारिए।
और यहाँ से यह कथा हमें आध्यात्मिक जीवन की ओर भी ले जाती है।
हम त्याग करते हैं, तप करते हैं, पूजा करते हैं, साधना करते हैं।
लेकिन यदि हमारे भीतर प्रेम, करुणा, क्षमा और मैत्री नहीं है, तो हमारी साधना अभी अधूरी है।
प्रेम है तो त्याग में मिठास है।
प्रेम है तो क्षमा सहज है।
प्रेम है तो सेवा आनंद बन जाती है।
प्रेम है तो घर परिवार स्वर्ग बन जाता है।
इसीलिए मेरे लिए गणेश जी का परिवार केवल एक धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि पूरा जीवन-दर्शन है।
शिव हमें कल्याण सिखाते हैं,
पार्वती हमें शक्ति देती हैं,
गणेश हमें बुद्धि देते हैं,
कार्तिकेय हमें साहस देते हैं—
और पूरा परिवार हमें प्रेम और समरसता का पाठ पढ़ाता है।
आज गणपति बप्पा से मेरी प्रार्थना है—
हे विघ्नहर्ता,
हमारे घरों के केवल बाहरी विघ्न दूर मत करना,
हमारे मन के अहंकार, क्रोध और कटुता के विघ्न भी दूर करना।
हमें ऐसा हृदय देना कि हम अपने से अलग सोचने वाले को भी स्वीकार कर सकें।
हमारे रिश्तों में प्रेम रहे,
बड़ों के प्रति सम्मान रहे,
छोटों के प्रति स्नेह रहे,
और मन में सभी के लिए मैत्री रहे।
क्योंकि अंत में जीवन में हमने कितना पाया, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है;
हमने कितने दिलों में प्रेम छोड़ा—शायद यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
और मेरी दृष्टि में गणपति बप्पा का सबसे सुंदर संदेश यही है— “जहाँ प्रेम है, वहाँ विरोध भी समरसता बन जाता है।
जहाँ प्रेम है, वहाँ त्याग साधना बन जाता है।
और जहाँ प्रेम नहीं है, वहाँ केवल त्याग और तप भी आत्मा को पूर्ण शांति नहीं दे सकते।”
हे गणपति बप्पा,
मेरे भीतर प्रेम इतना भर देना कि
मैं हर रिश्ते में अपना देख सकूँ,
हर जीव में जीवन देख सकूँ,
और हर परिस्थिति में कल्याण का मार्ग खोज सकूँ।

–डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा

भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका के सभागृह नेता एडवोकेट रवि व्यास ने भारत की तरफ से रूस में आयोजित 2026 के स्टेट ड्यूमा चुनावों में अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया। रूस में 18 से 20 सितंबर तक मतदान प्रक्रिया आयोजित की गई। इस दौरान मतदाताओं के लिए मतदान के विभिन्न विकल्प उपलब्ध थे—पारंपरिक मतदान केंद्र पर प्रत्यक्ष मतदान, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से मतदान तथा डिजिटल माध्यम से मोबाइल या कंप्यूटर द्वारा मतदान। डिजिटल प्रक्रिया में मतदाता की पहचान के लिए पासपोर्ट संबंधी सत्यापन की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में एडवोकेट रवि व्यास ने मॉस्को में 30 से अधिक मतदान केंद्रों का दौरा कर मतदान प्रक्रिया का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय मॉनिटरिंग एवं निगरानी केंद्र का भी दौरा किया, जहाँ चुनावी प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक मतदान की निगरानी व्यवस्था को समझने का अवसर मिला। उन्होंने मतदाता पहचान, मतदान की गोपनीयता, मतपत्र एवं इलेक्ट्रॉनिक मतदान की प्रक्रिया तथा मतदान केंद्रों पर अपनाई जा रही व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उनके अनुसार, जिन मतदान केंद्रों का उन्होंने दौरा किया, वहाँ प्रक्रिया व्यवस्थित, शांतिपूर्ण और पारदर्शी दिखाई दी। रूस का स्टेट ड्यूमा भारत की लोकसभा की तरह राष्ट्रीय संसद का निचला सदन है। हालांकि दोनों देशों की चुनाव प्रणालियों में महत्वपूर्ण अंतर हैं। रूस में 450 सदस्यीय स्टेट ड्यूमा के लिए 225 सदस्य एकल-सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों से और 225 सदस्य राजनीतिक दलों की सूचियों के आधार पर चुने जाते हैं। भारत में लोकसभा के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से एक सांसद चुना जाता है और सबसे अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार विजयी होता है।एडवोकेट रवि व्यास ने बताया कि 30 से अधिक मतदान केंद्रों और केंद्रीय मॉनिटरिंग सेंटर का दौरा कर हमें रूस की चुनावी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर समझने का अवसर मिला। एक अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में हमारा दायित्व किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का समर्थन करना नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से देखना और अपने प्रत्यक्ष अनुभव को तथ्यात्मक रूप से साझा करना है। भारत और रूस की चुनाव प्रणालियाँ अलग हैं, लेकिन दोनों देशों की चुनावी प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना मेरे लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
भायंदर। शहर के सुप्रसिद्ध उद्योगपति, राजस्थान सरकार द्वारा भामाशाह रत्न से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी वीर वसुंधरा मेवाड़ की माटी में जन्मे लोगों की गुरु भक्ति सेवा निष्ठा संपूर्ण देश में एक उदाहरण बनकर औरों को भी प्रेरित करती है, ऐसे ही परम गुरु भक्त समाज सेवा और मानव सेवा के क्षेत्र में मिसाल कायम करने वाले दानवीर भामाशाह पारसमल चपलोत, जो यथा नाम तथा गुण वह पारस पत्थर है, जिसका स्पर्श मात्र जिस वस्तु से हो जाए वह सोना बन जाती है, ठीक यही सुलक्षण इन पारसमल चपलोत के कर कमलों में भी विद्यमान है। किसी भी विद्या का क्षेत्र हो यदि पारसमल उस विद्या की ओर देख भर ले तो उस क्षेत्र की विधाओं की भाग्य करवटें लेने लगती है। अमूमन तौर पर यह सत्य भी स्वीकार योग्य है कि पारसमल चपलोत ऐसा सत्य मानव रत्न है, जिसके ह्रदय में मानवता के गुणों का संपूर्ण कोष समाहित है। और इसी के चलते इनको भारत सरकार, दिल्ली द्वारा अटल सम्मान से सम्मानित किया गया एवं अभी आपके परिवार में आप श्री ने अठ्ठाई तप आपकी धर्मपत्नी श्रीमती स्नेहाजी ने 11 उपवास और आपकी पुत्री डॉक्टर कार्तिकाजी ने भी 11 उपवास किया। जिसमें पारणा या तप अनुमोदना करने में अभिनव सामायिक रखी गई बतादें की पूरी मुंबई में सामायिक कि यह पहल हुई और सभी ने बढ़ चढ़ कर सामयिक में भाग लेकर अनुमोदना की। गौरतलब हो कि पारस चपलोत वर्तमान में मीरा भायंदर के साधु मार्गी जैन संघ के अध्यक्ष पद को शोभायमान कर रहे है। आपके तप की हम सभी की ओर से बहुत-बहुत अनुमोदना।
खुर्जा। खुर्जा विधानसभा क्षेत्र के देवराला गांव में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं बॉलीवुड लेखक मुकेश कुमार मासूम ने ग्रामीणों से मुलाकात कर जनसंवाद स्थापित किया और उनकी स्थानीय समस्याओं को विस्तार से सुना। इस दौरान गांव के प्रबुद्ध नागरिकों एवं ग्रामीणों ने मुख्य रूप से सड़क तथा श्मशान से संबंधित समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि इन समस्याओं के कारण गांव के लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इनके समाधान की आवश्यकता है। खुर्जा विधानसभा से भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार मुकेश कुमार मासूम ने ग्रामीणों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि सार्वजनिक जीवन का वास्तविक उद्देश्य जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना और उनकी समस्याओं को उचित स्तर तक पहुंचाना है।
संस्था की ओर से 01 कुंतल 10 किलो आटा, 60 किलो चावल,15 किलो दाल,10 लीटार सरसों का तेल, चीनी दलिया 30 पैकेट टोस्ट सहित कापी, पेंसल बॉक्स सहित अन्य आवश्यक राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती वीना बबोत जी के द्वारा तैयार किये गये 11 कैंसर पीड़ित बच्चियों को वस्त्र भेंट किए।संस्था के सदस्यों ने बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही लखनऊ पुलिस मित्र परिवार के माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर बच्चों के लिए रक्त की उपलब्धता में आगे भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया।
ईश वेल्फेयर फाउंडेशन के संरक्षक एवं उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता केवल सामग्री उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। कठिन समय से गुजर रहे बच्चों और उनके परिवारों के बीच पहुँचकर उन्हें अपनत्व, भरोसा और हौसला देना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा प्रयास है कि समाज के सहयोग से जरूरतमंदों तक मदद पहुँचती रहे और उनके चेहरों पर मुस्कान आती रहे।
उल्लेखनीय है कि ईश वेल्फेयर फाउंडेशन द्वारा जितेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में विगत चार वर्षों से निरंतर विभिन्न संस्थाओं एवं जरूरतमंदों तक भोजन, राशन सामग्री और अन्य आवश्यक सहयोग पहुँचाया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल सहायता पहुँचाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के कठिन समय में उनके साथ खड़े होकर उनके जीवन में उम्मीद और चेहरे पर मुस्कान लाना है।
कार्यक्रम में जितेंद्र सिंह, सरिता सिंह, ज्योति खरे, नूतन वर्मा, एडवोकेट ऋचा मिश्रा, निवेदिता बोस, वीना बबोत, स्वप्नेश भरद्वाज, दीप्ति शर्मा, संजय वर्मा, अजय वर्मा,जीत बहादुर पुरी, देवेंद्र कुमार शुक्ला, सुभाष चंद्र मिश्रा, अमर सिंह, एस.के. पांडेय, संजय वर्मा, बी.के. सिन्हा, गिरीश कुमार सिंह, नीरज मिश्रा सहित अनेक समाजसेवियों का सहयोग रहा।बच्चों द्वारा बनाये गये क्रॉफ्ट वर्षा फाउंडेशन द्वारा टीम के सदस्यों को प्रदान किया गया । सेवा का यह प्रयास एक संदेश भी दे गया कि मुश्किल वक्त में किसी का हाथ थाम लेना ही सच्ची मानवता है।
मुंबई। गणेशोत्सव के पावन अवसर पर मुलुंड वेस्ट स्थित मिश्रा हाउस नंबर-1 में श्रद्धा और भक्ति के साथ उमापुत्र भगवान श्री गणेश की स्थापना की गई। गणपति बप्पा के विराजमान होते ही परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
वेदों और पुराणों के भाष्य का कर रहे हैं ऐतिहासिक काम
भायंदर।। मीरा भायंदर महानगरपालिका की स्थापना के 25 वर्षों में पहली बार आयुक्त आवास पर गणपति बप्पा विराजमान हुए। गणपति बप्पा मोरया की आवाज से पूरा आयुक्त आवास परिसर गूंज उठा। आयुक्त राधा विनोद शर्मा ने पहली बार अपने आवास पर सात दिवसीय बप्पा की पूरी भक्ति भावना के साथ स्थापना की। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और नगरसेवकों को बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए आमंत्रित किया। आयुक्त आवास पर विराजमान गणपति बप्पा का दर्शन करने के लिए प्रतिदिन भारी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। विधायक नरेंद्र मेहता, महापौर डिंपल मेहता, परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, सभापति रजनीकांत मयेकर, प्रभाग सभापति मदन सिंह ,नगरसेवक मनोज दुबे , नगरसेवक नवीन सिंह परिवहन सदस्य सुरेश दुबे, आशिष लोढा के अलावा भारी संख्या में नगरसेवकों और गणमान्य लोगों ने यहां पहुंच कर बप्पा के दर्शन किए। आयुक्त राधा विनोद शर्मा ने सभी आगंतुकों का स्वागत सम्मान करते हुए उन्हें प्रसाद वितरित किया
मुंबई। शिवडी के राजा के 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष के अवसर पर साकार की गई भव्य ‘पानी के नीचे की द्वारका’ झांकी इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भव्य सजावट, अत्याधुनिक तकनीक और पौराणिक वैभव के अनूठे समन्वय से तैयार की गई इस झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
Sep 21 2026, 10:40
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