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इंडिया गठबंधन का मार्च जारी, कई बड़े नेता हिरासत में, आकाशवाणी के सामने राहुल-प्रियंका का धरना

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भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के सांसदों ने दिल्ली में विरोध मार्च निकाला। तिरंगा झंडा और 'लोकतंत्र बचाओ' लिखे बैनर लिए, इंडी गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक अपना विरोध मार्च शुरू किया। चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ते हुए विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारे लगाए।

राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए

विपक्षी दलों के 300 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च किया। प्रदर्शन के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडी गठबंधन के कई अन्य नेताओं को भी चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने से रोके जाने के बाद कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया था। इसके बाद छोड़ दिया गया।

बैरिकेड पर चढ़ राहुल गांधी ने लहराया तिरंगा

राहुल गांधी जब चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें पुलिस की कई बैरिकेड्स ने रोक दिया। इसके बाद वे एक बैरिकेड पर चढ़ गए और एक राष्ट्रीय ध्वज लहराया, वहां जमा हुए इंडी गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका समर्थन किया।

राहुल गांधी ने पुलिस पर लगाया धमकाने का आरोप

इस बीच राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि यह नेता करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं और चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयुक्त उनसे मुलाकात क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें रोक रही है और धमकी दे रही है। हम सिर्फ उनका मुकाबला नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें खत्म कर देंगे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि देश के साथ जो किया गया है, उसे देशद्रोह कहा जाता है और इसके लिए कोई बच नहीं पाएगा।

4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में बलयों के राजा, शनि ग्रह की विपरीत स्थिति (Opposition) एवं अन्य खगोलीय पिंडों की भी दृश्यता

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 को शनि ग्रह अपनी विपरीत स्थिति (Opposition) में पहुँच रहा है, जो वर्ष 2026 का सबसे चमकीला और स्पष्ट दृश्य होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी,सूर्य और शनि के बीच से गुजरेगी, जिससे शनि हमारे आकाश में सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में दिखाई देगा। यह स्थिति खगोल प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर है क्योंकि शनि इस समय अपनी अधिकतम चमक और सबसे बड़े आकार में दिखाई देगा, और इसे पूरी रात आसानी से देखा जा सकेगा।

*क्या होता है खगोल विज्ञान में शनि ग्रह की विपरीत स्थिति का अर्थ और महत्व ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति (Opposition) एक ऐसी खगोलीय स्थिति है जब पृथ्वी सूर्य और किसी बाहरी ग्रह (जैसे शनि, बृहस्पति, मंगल) के बीच से गुजरती है। इस स्थिति में ग्रह,सूर्य के विपरीत दिशा में होता है,अर्थात सूर्य अस्त होने पर ग्रह उदय होता है और सूर्य उदय होने पर अस्त होता है। अगर हम बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति लगभग 378 दिनों (या 54 सप्ताह) के अंतराल पर आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 1 वर्ष लगता है, जबकि शनि को अपनी कक्षा में एक चक्कर लगाने में 29.4 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। इसलिए, हर साल पृथ्वी को शनि को "पकड़ने" और उससे आगे निकलने के लिए अपनी कक्षा में थोड़ी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके कारण शनि की विपरीत स्थिति प्रत्येक वर्ष लगभग दो सप्ताह बाद आती है।
*क्या है 4 अक्टूबर 2026 की विशेष खगोलीय घटना ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए बताया कि समय, स्थान और तारीख की बात करें तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे पर होगी। लेकिन शनि ग्रह को सूर्यास्त के बाद से लेकर पूरी रात भर देखा जा सकता है।

*किस दिशा और तारामण्डल में दिखाई देगा शनि ग्रह ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान शनि ग्रह, सीट्स (Cetus) तारामंडल में स्थित होगा। जोकि पूर्वी क्षितिज से थोड़ा सा उत्तर दिशा की तरफ से ऊपर आते हुए दिखाई देगा या कुछ यूं कहें कि दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि शनि ग्रह ,सूर्यास्त के समय पूर्वी क्षितिज से उदय होगा और पूरी रात आकाश में दिखाई देता रहेगा, और सूर्योदय के समय पश्चिमी क्षितिज पर अस्त होगा।

*दूरी और चमक (मैग्नीट्यूड) कितना होगा ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति में शनि की चमक प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड तक पहुँच जाएगी, जो इसे आकाश के चमकीले तारों के बराबर बनाती है। यह सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक चमकीला होगा और साथ ही पृथ्वी से इसकी दूरी की बात करें तो पाते हैं कि बाहरी ग्रह विपरीत स्थिति वाले वर्ष में पृथ्वी के सबसे निकट होते हैं। 2026 में, शनि ग्रह ,पृथ्वी से लगभग 784 मिलियन मील (1.26 बिलियन किलोमीटर) दूर होगा। यह दूरी लगभग 8.43 खगोलीय इकाई (AU) या 70 प्रकाश-मिनट के बराबर होती है।और यह भी जानना आवश्यक है कि डिस्क का आकार क्या होगा तो पता चलता है कि दूरबीन से देखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि विपरीत स्थिति में शनि की डिस्क का आकार सबसे बड़ा होता है। अपने सबसे बड़े आकार में, शनि दूरबीनों से 19.7 आर्कसेकंड व्यास का दिखाई देगा। इस दौरान शनि के वलयों का काफ़ी झुकाव एक प्रमुख आकर्षण होगा और यह भी समझने में सहूलियत होती है कि कैसे शनि ग्रह अपने अक्ष पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा के दौरान शनि के छल्लों का दिखना कैसा होता है।जैसे कि खगोलप्रेमियों देखा था कि मार्च 2025 में शनि के वलय तल (Ring Plane) से गुजरा था, जब वलय पृथ्वी से लगभग किनारे-किनारे (edge-on) दिखाई दे रहे थे और छोटी दूरबीनों में अदृश्य से हो गए थे।और अक्टूबर 2026 में, वलय फिर से देखने पर धीरे धीरे से खुलने(दृश्यमान) होने लगे हैं और पृथ्वी से देखने वालों के सापेक्ष शनि के वलय माइनस 7.5 डिग्री दक्षिण की ओर झुके हुए होंगे। हालांकि यह झुकाव 2017 जैसे अधिकतम खुले वलयों (27 डिग्री) जितना नहीं है,लेकिन फ़िर भी यह छोटी दूरबीनों में वलयों को स्पष्ट रूप से देखने के लिए पर्याप्त है। *4 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर 2026 की रात्रि का खगोलीय दृश्य कैसा होगा?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश,भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक की रात आकाश में एक सुंदर एवं खगोलीय जिज्ञासा बढ़ाने वाला खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा, जिसमें शनि के अलावा अन्य ग्रह, तारे और चंद्रमा भी शामिल होंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में शनि ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि  यह शाम को लगभग 5:50 बजे के बाद से पूर्वी क्षितिज से ऊपर आते हुए रात भर आकाश के सीट्स तारामंडल में प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ चमकीला खगोलीय पिंड होगा।और चंद्रमा रात लगभग 12:30 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा उत्तर दिशा में कर्क (Cancer) तारामंडल में लगभग माइनस 9.57 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ उदय होगा। और उसी दिशा में दो सुंदर तारों की बात करें तो पाते हैं कि चंद्रमा के ऊपर कैस्टर (Castor) और पोलैक्स (Pollux) तारे चमकते हुए दिखाई देंगे। अब अगर मंगल ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि उसी दिशा से निकलते हुए मंगल ग्रह लगभग 12:50 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा सा उत्तर दिशा में ऊपर आना शुरू करेगा और चंद्रमा के काफी नीचे कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही मंगल ग्रह लगभग प्लस 1.10 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा। एवं इसी कड़ी में ब्रहस्पति ग्रह की भी बात करें तो पाते हैं कि बृहस्पति ग्रह भी रात लगभग 2:05 बजे, सिंह (Leo) तारामंडल में लगभग माइनस 1.74 मैग्नीट्यूड की चमक लिए उदय होगा और उसी दिशा क्षेत्र में रेगुलस तारा भी अपनी चमक बिखेरते हुए रात लगभग 2:50 बजे, ठीक उसी पूर्वी क्षितिज से थोड़ा उत्तर दिशा में सिंह तारामंडल क्षेत्र में रेगुलस तारा लगभग प्लस 1.40 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह सुंदर खगोलीय दृश्य 4 अक्टूबर से लेकर 7 अक्टूबर 2026 तक थोड़े सा समय में भी बदलाव करते हुए एवं आगे-पीछे दिखते और मैग्नीट्यूड में थोड़ा सा परिवर्तन के साथ दिखाई देते रहेंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विशेष रूप से, 7 अक्टूबर को रात में लगभग 2:40 बजे के बाद क्षितिज से ऊपर चंद्रमा और रेगुलस तारे की एक शानदार युति  (Conjunction) भी दिखाई देगी, जहाँ वे काफी पास-पास दिखाई देंगे।
इसी दौरान खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष व्याख्या करते हुए समायोचित रूप में बताया कि हमारे समाज में शनि ग्रह को लेकर फैले हुए भ्रम से बचने की भी अति आवश्यकता है क्योंकि बिना जाने एवं देखे, जांचे,परखे और बिना विश्व वैज्ञानिक प्रमाण आधारित तथ्यों के कुछ भी यूँ ही नहीं मानना चाहिए, इसीलिए पहले ठीक से जानना चाहिए तभी मानना चाहिए और तभी किसी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों का निवारण किया जा सकता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सर्वांगीण वैज्ञानिक वातावरण से उत्पन्न वैज्ञानिक चेतना का विकास हो सकता है एवं तभी किसी समाज और देश का भला भी हो सकता है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शनि के छल्लों और चंद्रमाओं की दुनिया की बात करें तो पाते हैं कि शनि, सूर्य से बाहर की ओर स्थित छठा ग्रह है। प्राचीन काल में लोग इसे स्थिर तारों के बीच घूमने वाले एक सुनहरे "तारे" या 'घुमक्कड़' के रूप में देखते थे। लेकिन उन्होंने बाद में जाना कि यह कोई तारा नहीं है बल्कि यही है शनि ग्रह। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि के वलयों की बात करें तो पाते हैं कि 17वीं शताब्दी में दूरबीनों के आविष्कार के बाद ही इसके छल्ले दिखाई देने लगे। साथ ही बाद में अंतरिक्ष यानों ने भी खुलासा किया कि शनि के कई पतले, बारीक और अति सुंदर वलय हैं जो बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने हैं। और यही छल्ले इसकी खूबसूरती का राज़ हैं जो इसे सुंदरता में अन्य से ज़्यादा सम्मान दिलाते हैं, इसीलिए इसको वलयों का सम्राट भी कहा जाता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अब अगर हम शनि ग्रह के चंद्रमाओं की बात करें तो पाते हैं कि शनि के कम से कम 293 चंद्रमा हैं जिनकी कक्षाएँ सिद्ध हो चुकी हैं। इनमें से केवल 13 चंद्रमाओं का व्यास 30 मील (लगभग 50 किलोमीटर) से अधिक है।

*शनि को देखने का सबसे अच्छा समय कौनसा होता है?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि ग्रह को देखने के लिए सबसे अच्छा समय, विपरीत स्थिति होती है जो वर्ष के उस सर्वोत्तम समय के मध्य में होती है जब किसी बाहरी ग्रह को देखना संभव होता है। एवं बिना किसी दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की सहायता से भी आप नंगी आँखों से ही शनि ग्रह को आसानी से देख कर पहचान सकते हैं क्योंकि शनि ग्रह भी एक चमकीला ग्रह है और जब यह हमारे क्षितिज के ऊपर होता है, तो यह बिना किसी उपकरण के आसानी से दिखाई देता है। लेकिन अगर आप इसके छल्लों को अच्छे से देखना चाहते हैं तो आप किसी भी अच्छी दूरबीन, जिसे स्थिर रूप से पकड़ा जाए या तिपाई पर लगाया जाए, तब शनि को एक चमकदार अंडाकार डिस्क के रूप में प्रदर्शित करेगी। वहीं, यदि आप छोटी दूरबीन को भी अच्छे से समान्तरण कर सकें और प्रकाश प्रदूषण नहीं हो एवं साथ ही सटीक दिशा का ज्ञान और पहचान होने पर मौसम साफ़ हो तो किसी भी 6 इंच के छोटे घरेलू दूरबीन से भी इसके सुंदर छल्ले आसानी से दिखाई दे सकते हैं ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात शनि को देखने के लिए एक बेहतरीन मौका है। इस दौरान आप साधारण आँखों से ही इसे देख सकते हैं और यह न केवल वर्ष का सबसे चमकीला शनि होगा,बल्कि इस रात्रि में चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति और कैस्टर,पोलक्स और रेगुलस तारे के साथ बना खगोलीय दृश्य भी दर्शनीय होगा। और अंत में खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि खगोल/अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बिना एक्सपर्ट के जानकारी दिए ऐसे ही किसी की भी आदि अधूरी और अप्रमाणित सूचनाओं के साथ ही भ्रामक जानकारियों एवं अंधविश्वासों से पूरी तरीके से दूर रहें, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान, सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।
इसी के साथ खगोलविद अमर पाल सिंह ने यह भी बताया कि अगर 4 अक्टूबर 2026 की रात को आप उपरोक्त तारों, ग्रहों और चंद्रमा को किसी कारणवश नहीं देख पाएं तो भी उतना निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शनि की विपरीत स्थिति का दृश्य छोड़कर उपरोक्त खगोलीय पिण्डों का दिखना जैसे चंद्रमा, ग्रहों और तारों का दृश्य संयोजन दूरी में आगे पीछे एवं समय और थोड़ा सा मैग्नीट्यूड और दिशा आदि में भी परिवर्तन के साथ आकाश में दिखाई देते हुए 7 अक्टूबर तक सुंदर दृश्य रूप में दिखाई देंगे।
     
विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बड़ी बैठक आज, जानें किन मुद्दों पर होगा मंथन

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बारतीय निर्वाचन आयोग से जुड़े विवाद के बीच विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (INDIA) के प्रमुख नेता आज दिल्ली में बड़ी बैठक कर रहे हैं। इसमें निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ संयुक्त अभियान को अंतिम रूप देने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

ममता बनर्जी भी बैठक में होंगी शामिल

कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, जयराम रमेश और के. सी. वेणुगोपाल शामिल होंगे। पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी है। समाजवादी पार्टी, भाकपा, माकपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार गुट और शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेता भी बैठक में मौजूद रहेंगे। झामुमो, आईयूएमएल, वीसीके, एमडीएमके, केरल कांग्रेस, बीएपी, आरएलपी, फॉरवर्ड ब्लॉक और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। ऐसे में आज की बैठक पर नजर इस बात पर रहेगी कि निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर विपक्षी दल किस साझा रणनीति पर पहुंचते हैं।

इन दलों ने बैठक से बनाई दूरी

आम आदमी पार्टी ने इस बैठक में शामिल न होने का स्पष्ट ऐलान किया है। पार्टी सांसद संजय सिंह के मुताबिक, आप इस बैठक से दूर रहेगी, हालांकि वह चुनाव आयोग के खिलाफ संसद में विपक्षी मांगों का समर्थन करेगी। वहीं, तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस से उपजे राजनीतिक मतभेदों के चलते द्रमुक ने इस बैठक का बहिष्कार किया है और खुद को गठबंधन से अलग कर लिया है। नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल ने भी इस बैठक का हिस्सा न बनने का निर्णय लिया है। तमिलनाडु में कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने वाली अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके भी इस बैठक में भाग नहीं ले रही है।

क्या होगी विपक्षी दलों की रणनीति?

अब नजर इस बात पर रहेगी कि बुधवार की बैठक में विपक्षी दल निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर किस तरह की साझा रणनीति तैयार करते हैं। कांग्रेस पहले ही बड़े आंदोलन की योजना की बात कह चुकी है, जबकि गठबंधन के भीतर सभी दलों की भागीदारी एक जैसी नहीं दिख रही है। आम आदमी पार्टी और द्रमुक की गैरमौजूदगी के बीच बैठक में मौजूद दलों के बीच सहमति किस स्तर तक बनती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। बैठक के बाद सामने आने वाले फैसलों से साफ होगा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे किस रूप में उठाने की तैयारी कर रहा है।

राहुल जी झूठ सौ बार बोलने से सच नहीं बनता’, विपक्ष के आरोपों पर नड्डा का पलटवार

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर सियासी बवाल जारी है। आज कांग्रेस देशभर में कई शहरों में ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। विवाद पर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जानना चाहिए कि किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता।

कांग्रेस और पूरा विपक्ष निराश और हताश

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने चुनाव आयोग विवाद पर कहा, आज जब देश अपने 140 करोड़ नागरिकों की कड़ी मेहनत से 'विकसित भारत' का संकल्प पूरा कर रहा है। दुनिया भर में भारत का प्रभाव बढ़ रहा है, तो दुर्भाग्य से कांग्रेस और पूरा 'INDI अलायंस' इस तरक्की से निराश और हताश हैं। बिना किसी नीति या विजन के, वे अब देश में भ्रम और अराजकता फैलाने के लिए नई-नई चालें चल रहे हैं।

विपक्ष के हर झूठ की हवा निकल चुकी है-नड्डा

नड्डा ने कहा, विपक्ष के हर झूठ की हवा निकल चुकी है। यह नया परपंच कर रहे हैं। माहौल खराब करने में लगे हुए हैं। नड्डा ने कहा कि तथ्यों की कसौटी पर परखने पर विपक्ष के आरोप बार-बार खारिज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके आरोपों की सच्चाई चुनाव आयोग और देश की सर्वोच्च अदालतों के सामने भी आ चुकी है।

राहुल गांधी-ममता बनर्जी और केजरीवाल पर हमला

केन्द्रीय मंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल...सबकी मानसिकता देश की संवैधनिक संस्थाओं पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। यह सब सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे*

#amitshahiwillanswerallquestionsthursday3pmopposition_demand

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे

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20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

एसआरआई पर विपक्ष एकजुट, 23 पार्टियों ने सीजेआई सूर्यकांत को लिखी चिट्ठी

#sirprocess23oppositionpartieswrittentocjisurya-kant

चुनाव आयोग की तरफ से कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष एकजुट नजर आ रहै है। इस मामले में 23 राजनीतिक दलों और 1 निर्दलीय सांसद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है।

सीजेआई को विपक्ष का ज्वाइंट लेटर

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। कांग्रेस सांसद ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, '8 जून, 2026 को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने हिस्सा लिया था। बैठक में मुख्य न्यायाधीश को एक जाइंट लेटर भेजने का फैसला किया गया था। इस लेटर को भेजने का मकसद चुनाव आयोग की 'एसआईआर' प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों की तरफ ध्यान आकर्षित करना था।'

23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर

जयराम रमेश ने आगे लिखा, 'इसी फैसले के तहत, आज (30 जून) को मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भेज दिया गया है, जिस पर अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष के सभी दल एकजुटता, एकता और प्रतिरोध की भावना के साथ मजबूती से एक साथ खड़े हैं।'

इन नेताओं ने किए हस्ताक्षर

जानकारी के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत को विपक्षी दलों की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर दस्तखत करने वालों में, कांग्रेस से राहुल गांधी, टीएमसी से ममता बनर्जी, आरजेडी से तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत के नाम शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष की चिट्ठी में क्या बातें लिखी गई हैं, यह बात अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

एसआईआर के मुद्दे पर एकजुट हुआ विपक्ष

सीजेआई को चिट्ठी लिखने के मामले में विपक्ष एक बार फिर साथ आ गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर आरोप लगाकर 2025 में इंडी गठबंधन से किनारा कर लिया था। वहीं हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस जिस तरह से पाला बदलकर सीएम सी जोसेफ विजय की टीवीके के साथ जाकर सरकार में शामिल हो गई, उसके बाद डीएमके ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलकर इंडी अलायंस से दूरी बना ली थी।

इंडिया गठबंधन का मार्च जारी, कई बड़े नेता हिरासत में, आकाशवाणी के सामने राहुल-प्रियंका का धरना

#oppositionindiablocmpsmarch

भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के सांसदों ने दिल्ली में विरोध मार्च निकाला। तिरंगा झंडा और 'लोकतंत्र बचाओ' लिखे बैनर लिए, इंडी गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक अपना विरोध मार्च शुरू किया। चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ते हुए विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारे लगाए।

राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए

विपक्षी दलों के 300 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च किया। प्रदर्शन के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडी गठबंधन के कई अन्य नेताओं को भी चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाने से रोके जाने के बाद कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया था। इसके बाद छोड़ दिया गया।

बैरिकेड पर चढ़ राहुल गांधी ने लहराया तिरंगा

राहुल गांधी जब चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें पुलिस की कई बैरिकेड्स ने रोक दिया। इसके बाद वे एक बैरिकेड पर चढ़ गए और एक राष्ट्रीय ध्वज लहराया, वहां जमा हुए इंडी गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका समर्थन किया।

राहुल गांधी ने पुलिस पर लगाया धमकाने का आरोप

इस बीच राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि यह नेता करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं और चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयुक्त उनसे मुलाकात क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें रोक रही है और धमकी दे रही है। हम सिर्फ उनका मुकाबला नहीं करेंगे, बल्कि उन्हें खत्म कर देंगे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि देश के साथ जो किया गया है, उसे देशद्रोह कहा जाता है और इसके लिए कोई बच नहीं पाएगा।

4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में बलयों के राजा, शनि ग्रह की विपरीत स्थिति (Opposition) एवं अन्य खगोलीय पिंडों की भी दृश्यता

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 को शनि ग्रह अपनी विपरीत स्थिति (Opposition) में पहुँच रहा है, जो वर्ष 2026 का सबसे चमकीला और स्पष्ट दृश्य होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी,सूर्य और शनि के बीच से गुजरेगी, जिससे शनि हमारे आकाश में सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में दिखाई देगा। यह स्थिति खगोल प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर है क्योंकि शनि इस समय अपनी अधिकतम चमक और सबसे बड़े आकार में दिखाई देगा, और इसे पूरी रात आसानी से देखा जा सकेगा।

*क्या होता है खगोल विज्ञान में शनि ग्रह की विपरीत स्थिति का अर्थ और महत्व ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति (Opposition) एक ऐसी खगोलीय स्थिति है जब पृथ्वी सूर्य और किसी बाहरी ग्रह (जैसे शनि, बृहस्पति, मंगल) के बीच से गुजरती है। इस स्थिति में ग्रह,सूर्य के विपरीत दिशा में होता है,अर्थात सूर्य अस्त होने पर ग्रह उदय होता है और सूर्य उदय होने पर अस्त होता है। अगर हम बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति लगभग 378 दिनों (या 54 सप्ताह) के अंतराल पर आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 1 वर्ष लगता है, जबकि शनि को अपनी कक्षा में एक चक्कर लगाने में 29.4 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। इसलिए, हर साल पृथ्वी को शनि को "पकड़ने" और उससे आगे निकलने के लिए अपनी कक्षा में थोड़ी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके कारण शनि की विपरीत स्थिति प्रत्येक वर्ष लगभग दो सप्ताह बाद आती है।
*क्या है 4 अक्टूबर 2026 की विशेष खगोलीय घटना ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए बताया कि समय, स्थान और तारीख की बात करें तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे पर होगी। लेकिन शनि ग्रह को सूर्यास्त के बाद से लेकर पूरी रात भर देखा जा सकता है।

*किस दिशा और तारामण्डल में दिखाई देगा शनि ग्रह ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान शनि ग्रह, सीट्स (Cetus) तारामंडल में स्थित होगा। जोकि पूर्वी क्षितिज से थोड़ा सा उत्तर दिशा की तरफ से ऊपर आते हुए दिखाई देगा या कुछ यूं कहें कि दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि शनि ग्रह ,सूर्यास्त के समय पूर्वी क्षितिज से उदय होगा और पूरी रात आकाश में दिखाई देता रहेगा, और सूर्योदय के समय पश्चिमी क्षितिज पर अस्त होगा।

*दूरी और चमक (मैग्नीट्यूड) कितना होगा ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति में शनि की चमक प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड तक पहुँच जाएगी, जो इसे आकाश के चमकीले तारों के बराबर बनाती है। यह सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक चमकीला होगा और साथ ही पृथ्वी से इसकी दूरी की बात करें तो पाते हैं कि बाहरी ग्रह विपरीत स्थिति वाले वर्ष में पृथ्वी के सबसे निकट होते हैं। 2026 में, शनि ग्रह ,पृथ्वी से लगभग 784 मिलियन मील (1.26 बिलियन किलोमीटर) दूर होगा। यह दूरी लगभग 8.43 खगोलीय इकाई (AU) या 70 प्रकाश-मिनट के बराबर होती है।और यह भी जानना आवश्यक है कि डिस्क का आकार क्या होगा तो पता चलता है कि दूरबीन से देखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि विपरीत स्थिति में शनि की डिस्क का आकार सबसे बड़ा होता है। अपने सबसे बड़े आकार में, शनि दूरबीनों से 19.7 आर्कसेकंड व्यास का दिखाई देगा। इस दौरान शनि के वलयों का काफ़ी झुकाव एक प्रमुख आकर्षण होगा और यह भी समझने में सहूलियत होती है कि कैसे शनि ग्रह अपने अक्ष पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा के दौरान शनि के छल्लों का दिखना कैसा होता है।जैसे कि खगोलप्रेमियों देखा था कि मार्च 2025 में शनि के वलय तल (Ring Plane) से गुजरा था, जब वलय पृथ्वी से लगभग किनारे-किनारे (edge-on) दिखाई दे रहे थे और छोटी दूरबीनों में अदृश्य से हो गए थे।और अक्टूबर 2026 में, वलय फिर से देखने पर धीरे धीरे से खुलने(दृश्यमान) होने लगे हैं और पृथ्वी से देखने वालों के सापेक्ष शनि के वलय माइनस 7.5 डिग्री दक्षिण की ओर झुके हुए होंगे। हालांकि यह झुकाव 2017 जैसे अधिकतम खुले वलयों (27 डिग्री) जितना नहीं है,लेकिन फ़िर भी यह छोटी दूरबीनों में वलयों को स्पष्ट रूप से देखने के लिए पर्याप्त है। *4 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर 2026 की रात्रि का खगोलीय दृश्य कैसा होगा?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश,भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक की रात आकाश में एक सुंदर एवं खगोलीय जिज्ञासा बढ़ाने वाला खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा, जिसमें शनि के अलावा अन्य ग्रह, तारे और चंद्रमा भी शामिल होंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में शनि ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि  यह शाम को लगभग 5:50 बजे के बाद से पूर्वी क्षितिज से ऊपर आते हुए रात भर आकाश के सीट्स तारामंडल में प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ चमकीला खगोलीय पिंड होगा।और चंद्रमा रात लगभग 12:30 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा उत्तर दिशा में कर्क (Cancer) तारामंडल में लगभग माइनस 9.57 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ उदय होगा। और उसी दिशा में दो सुंदर तारों की बात करें तो पाते हैं कि चंद्रमा के ऊपर कैस्टर (Castor) और पोलैक्स (Pollux) तारे चमकते हुए दिखाई देंगे। अब अगर मंगल ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि उसी दिशा से निकलते हुए मंगल ग्रह लगभग 12:50 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा सा उत्तर दिशा में ऊपर आना शुरू करेगा और चंद्रमा के काफी नीचे कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही मंगल ग्रह लगभग प्लस 1.10 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा। एवं इसी कड़ी में ब्रहस्पति ग्रह की भी बात करें तो पाते हैं कि बृहस्पति ग्रह भी रात लगभग 2:05 बजे, सिंह (Leo) तारामंडल में लगभग माइनस 1.74 मैग्नीट्यूड की चमक लिए उदय होगा और उसी दिशा क्षेत्र में रेगुलस तारा भी अपनी चमक बिखेरते हुए रात लगभग 2:50 बजे, ठीक उसी पूर्वी क्षितिज से थोड़ा उत्तर दिशा में सिंह तारामंडल क्षेत्र में रेगुलस तारा लगभग प्लस 1.40 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह सुंदर खगोलीय दृश्य 4 अक्टूबर से लेकर 7 अक्टूबर 2026 तक थोड़े सा समय में भी बदलाव करते हुए एवं आगे-पीछे दिखते और मैग्नीट्यूड में थोड़ा सा परिवर्तन के साथ दिखाई देते रहेंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विशेष रूप से, 7 अक्टूबर को रात में लगभग 2:40 बजे के बाद क्षितिज से ऊपर चंद्रमा और रेगुलस तारे की एक शानदार युति  (Conjunction) भी दिखाई देगी, जहाँ वे काफी पास-पास दिखाई देंगे।
इसी दौरान खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष व्याख्या करते हुए समायोचित रूप में बताया कि हमारे समाज में शनि ग्रह को लेकर फैले हुए भ्रम से बचने की भी अति आवश्यकता है क्योंकि बिना जाने एवं देखे, जांचे,परखे और बिना विश्व वैज्ञानिक प्रमाण आधारित तथ्यों के कुछ भी यूँ ही नहीं मानना चाहिए, इसीलिए पहले ठीक से जानना चाहिए तभी मानना चाहिए और तभी किसी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों का निवारण किया जा सकता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सर्वांगीण वैज्ञानिक वातावरण से उत्पन्न वैज्ञानिक चेतना का विकास हो सकता है एवं तभी किसी समाज और देश का भला भी हो सकता है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शनि के छल्लों और चंद्रमाओं की दुनिया की बात करें तो पाते हैं कि शनि, सूर्य से बाहर की ओर स्थित छठा ग्रह है। प्राचीन काल में लोग इसे स्थिर तारों के बीच घूमने वाले एक सुनहरे "तारे" या 'घुमक्कड़' के रूप में देखते थे। लेकिन उन्होंने बाद में जाना कि यह कोई तारा नहीं है बल्कि यही है शनि ग्रह। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि के वलयों की बात करें तो पाते हैं कि 17वीं शताब्दी में दूरबीनों के आविष्कार के बाद ही इसके छल्ले दिखाई देने लगे। साथ ही बाद में अंतरिक्ष यानों ने भी खुलासा किया कि शनि के कई पतले, बारीक और अति सुंदर वलय हैं जो बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने हैं। और यही छल्ले इसकी खूबसूरती का राज़ हैं जो इसे सुंदरता में अन्य से ज़्यादा सम्मान दिलाते हैं, इसीलिए इसको वलयों का सम्राट भी कहा जाता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अब अगर हम शनि ग्रह के चंद्रमाओं की बात करें तो पाते हैं कि शनि के कम से कम 293 चंद्रमा हैं जिनकी कक्षाएँ सिद्ध हो चुकी हैं। इनमें से केवल 13 चंद्रमाओं का व्यास 30 मील (लगभग 50 किलोमीटर) से अधिक है।

*शनि को देखने का सबसे अच्छा समय कौनसा होता है?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि ग्रह को देखने के लिए सबसे अच्छा समय, विपरीत स्थिति होती है जो वर्ष के उस सर्वोत्तम समय के मध्य में होती है जब किसी बाहरी ग्रह को देखना संभव होता है। एवं बिना किसी दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की सहायता से भी आप नंगी आँखों से ही शनि ग्रह को आसानी से देख कर पहचान सकते हैं क्योंकि शनि ग्रह भी एक चमकीला ग्रह है और जब यह हमारे क्षितिज के ऊपर होता है, तो यह बिना किसी उपकरण के आसानी से दिखाई देता है। लेकिन अगर आप इसके छल्लों को अच्छे से देखना चाहते हैं तो आप किसी भी अच्छी दूरबीन, जिसे स्थिर रूप से पकड़ा जाए या तिपाई पर लगाया जाए, तब शनि को एक चमकदार अंडाकार डिस्क के रूप में प्रदर्शित करेगी। वहीं, यदि आप छोटी दूरबीन को भी अच्छे से समान्तरण कर सकें और प्रकाश प्रदूषण नहीं हो एवं साथ ही सटीक दिशा का ज्ञान और पहचान होने पर मौसम साफ़ हो तो किसी भी 6 इंच के छोटे घरेलू दूरबीन से भी इसके सुंदर छल्ले आसानी से दिखाई दे सकते हैं ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात शनि को देखने के लिए एक बेहतरीन मौका है। इस दौरान आप साधारण आँखों से ही इसे देख सकते हैं और यह न केवल वर्ष का सबसे चमकीला शनि होगा,बल्कि इस रात्रि में चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति और कैस्टर,पोलक्स और रेगुलस तारे के साथ बना खगोलीय दृश्य भी दर्शनीय होगा। और अंत में खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि खगोल/अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बिना एक्सपर्ट के जानकारी दिए ऐसे ही किसी की भी आदि अधूरी और अप्रमाणित सूचनाओं के साथ ही भ्रामक जानकारियों एवं अंधविश्वासों से पूरी तरीके से दूर रहें, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान, सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।
इसी के साथ खगोलविद अमर पाल सिंह ने यह भी बताया कि अगर 4 अक्टूबर 2026 की रात को आप उपरोक्त तारों, ग्रहों और चंद्रमा को किसी कारणवश नहीं देख पाएं तो भी उतना निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शनि की विपरीत स्थिति का दृश्य छोड़कर उपरोक्त खगोलीय पिण्डों का दिखना जैसे चंद्रमा, ग्रहों और तारों का दृश्य संयोजन दूरी में आगे पीछे एवं समय और थोड़ा सा मैग्नीट्यूड और दिशा आदि में भी परिवर्तन के साथ आकाश में दिखाई देते हुए 7 अक्टूबर तक सुंदर दृश्य रूप में दिखाई देंगे।
     
विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की बड़ी बैठक आज, जानें किन मुद्दों पर होगा मंथन

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बारतीय निर्वाचन आयोग से जुड़े विवाद के बीच विपक्षी दल इस मुद्दे पर एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (INDIA) के प्रमुख नेता आज दिल्ली में बड़ी बैठक कर रहे हैं। इसमें निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ संयुक्त अभियान को अंतिम रूप देने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

ममता बनर्जी भी बैठक में होंगी शामिल

कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, जयराम रमेश और के. सी. वेणुगोपाल शामिल होंगे। पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी है। समाजवादी पार्टी, भाकपा, माकपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार गुट और शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के नेता भी बैठक में मौजूद रहेंगे। झामुमो, आईयूएमएल, वीसीके, एमडीएमके, केरल कांग्रेस, बीएपी, आरएलपी, फॉरवर्ड ब्लॉक और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। ऐसे में आज की बैठक पर नजर इस बात पर रहेगी कि निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर विपक्षी दल किस साझा रणनीति पर पहुंचते हैं।

इन दलों ने बैठक से बनाई दूरी

आम आदमी पार्टी ने इस बैठक में शामिल न होने का स्पष्ट ऐलान किया है। पार्टी सांसद संजय सिंह के मुताबिक, आप इस बैठक से दूर रहेगी, हालांकि वह चुनाव आयोग के खिलाफ संसद में विपक्षी मांगों का समर्थन करेगी। वहीं, तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस से उपजे राजनीतिक मतभेदों के चलते द्रमुक ने इस बैठक का बहिष्कार किया है और खुद को गठबंधन से अलग कर लिया है। नवीन पटनायक के नेतृत्व वाले बीजू जनता दल ने भी इस बैठक का हिस्सा न बनने का निर्णय लिया है। तमिलनाडु में कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने वाली अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी टीवीके भी इस बैठक में भाग नहीं ले रही है।

क्या होगी विपक्षी दलों की रणनीति?

अब नजर इस बात पर रहेगी कि बुधवार की बैठक में विपक्षी दल निर्वाचन आयोग के मुद्दे पर किस तरह की साझा रणनीति तैयार करते हैं। कांग्रेस पहले ही बड़े आंदोलन की योजना की बात कह चुकी है, जबकि गठबंधन के भीतर सभी दलों की भागीदारी एक जैसी नहीं दिख रही है। आम आदमी पार्टी और द्रमुक की गैरमौजूदगी के बीच बैठक में मौजूद दलों के बीच सहमति किस स्तर तक बनती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। बैठक के बाद सामने आने वाले फैसलों से साफ होगा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे किस रूप में उठाने की तैयारी कर रहा है।

राहुल जी झूठ सौ बार बोलने से सच नहीं बनता’, विपक्ष के आरोपों पर नड्डा का पलटवार

#naddahitsbackatopposition

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर सियासी बवाल जारी है। आज कांग्रेस देशभर में कई शहरों में ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। विवाद पर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को जानना चाहिए कि किसी झूठ को सौ बार दोहराने से वह सच नहीं बन जाता।

कांग्रेस और पूरा विपक्ष निराश और हताश

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने चुनाव आयोग विवाद पर कहा, आज जब देश अपने 140 करोड़ नागरिकों की कड़ी मेहनत से 'विकसित भारत' का संकल्प पूरा कर रहा है। दुनिया भर में भारत का प्रभाव बढ़ रहा है, तो दुर्भाग्य से कांग्रेस और पूरा 'INDI अलायंस' इस तरक्की से निराश और हताश हैं। बिना किसी नीति या विजन के, वे अब देश में भ्रम और अराजकता फैलाने के लिए नई-नई चालें चल रहे हैं।

विपक्ष के हर झूठ की हवा निकल चुकी है-नड्डा

नड्डा ने कहा, विपक्ष के हर झूठ की हवा निकल चुकी है। यह नया परपंच कर रहे हैं। माहौल खराब करने में लगे हुए हैं। नड्डा ने कहा कि तथ्यों की कसौटी पर परखने पर विपक्ष के आरोप बार-बार खारिज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके आरोपों की सच्चाई चुनाव आयोग और देश की सर्वोच्च अदालतों के सामने भी आ चुकी है।

राहुल गांधी-ममता बनर्जी और केजरीवाल पर हमला

केन्द्रीय मंत्री ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल...सबकी मानसिकता देश की संवैधनिक संस्थाओं पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। यह सब सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे*

#amitshahiwillanswerallquestionsthursday3pmopposition_demand

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

कल 3 बजे विरोधियों को जवाब दूंगा', विपक्ष की मांग पर बोले शाह, राहुल गांधी ने कहा- हम नहीं सुनेंगे

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20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं। राहुल गांधी ने कई बार सवाल किया है कि छात्रों की पिटाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। ऐसे में अमित शाह ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए पहली बार बयान दिया है। उनका कहना है कि आइए सदन में बहस शुरू करते हैं और इसके बाद मैं सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हूं। दूसरी तरफ, विपक्ष की तरफ से कहा गया कि हम नहीं सुनेंगे।

'लापता', 'भगोड़े जैसे शब्दों पर क्या कहा?

पिछले दो-तीन दिनों से विपक्ष संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। इस पर अमित शाह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सबसे पहले तो 'लापता', 'भाग गए', 'भगोड़े हैं', इस प्रकार की भाषा भारत की सार्वजनिक जीवन में और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, मेरी चैंबर में बैठा हूं। चूंकि संसद भवन के अंदर विपक्ष संसद को चलने ही नहीं दे रहा है दोनों गृहों में तो कोई जाकर क्या करेगा? जहां तक चर्चा का सवाल है, सरकार की ओर से किरण रिजिजू ने, जो हमारे पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर हैं, बहुत स्पष्ट कर दिया है कि जो NEET आंदोलन के छात्र प्रदर्शन पर सभी प्रकार की चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए।

किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार-शाह

गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले तो ये यही मांग (चर्चा की) कर रहे थे, हमने 'हां' बोल दिया। मेरी ओर से भी मैंने कह दिया है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए संसद में तैयार हूं। मगर वो चर्चा ही नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कौन भाग रहा है? आज भी मैं कहता हूं, आज 3 बजे तक स्पीकर साहब को वो पत्र दे दें, 3 बजे से लेकर कल 3 बजे तक सभी प्रकार की चर्चा के लिए हम तैयार हैं। मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सब चीजों का जवाब दूंगा। सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है।

हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का साफ कहना है कि हम अमित शाह के भाषण को सुनना ही नहीं चाहते। मेरा 'हम' से मतलब देश की युवा पीढ़ी से है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'हम बस जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां किसने चलवाईं? किसने इसके आदेश दिए? लाठीचार्ज के आदेश किसने दिए? वो आदेश गृह मंत्रालय से दिए गए। क्या अमित शाह ने आदेश दिए या नहीं। अगर उन्होने इसके आदेश दिए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिए तो भी उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि वे पद के योग्य नहीं हैं।

एसआरआई पर विपक्ष एकजुट, 23 पार्टियों ने सीजेआई सूर्यकांत को लिखी चिट्ठी

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चुनाव आयोग की तरफ से कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष एकजुट नजर आ रहै है। इस मामले में 23 राजनीतिक दलों और 1 निर्दलीय सांसद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है।

सीजेआई को विपक्ष का ज्वाइंट लेटर

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। कांग्रेस सांसद ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, '8 जून, 2026 को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने हिस्सा लिया था। बैठक में मुख्य न्यायाधीश को एक जाइंट लेटर भेजने का फैसला किया गया था। इस लेटर को भेजने का मकसद चुनाव आयोग की 'एसआईआर' प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों की तरफ ध्यान आकर्षित करना था।'

23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर

जयराम रमेश ने आगे लिखा, 'इसी फैसले के तहत, आज (30 जून) को मुख्य न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भेज दिया गया है, जिस पर अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के हस्ताक्षर हैं। विपक्ष के सभी दल एकजुटता, एकता और प्रतिरोध की भावना के साथ मजबूती से एक साथ खड़े हैं।'

इन नेताओं ने किए हस्ताक्षर

जानकारी के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत को विपक्षी दलों की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर दस्तखत करने वालों में, कांग्रेस से राहुल गांधी, टीएमसी से ममता बनर्जी, आरजेडी से तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) से संजय राउत के नाम शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष की चिट्ठी में क्या बातें लिखी गई हैं, यह बात अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

एसआईआर के मुद्दे पर एकजुट हुआ विपक्ष

सीजेआई को चिट्ठी लिखने के मामले में विपक्ष एक बार फिर साथ आ गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर आरोप लगाकर 2025 में इंडी गठबंधन से किनारा कर लिया था। वहीं हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस जिस तरह से पाला बदलकर सीएम सी जोसेफ विजय की टीवीके के साथ जाकर सरकार में शामिल हो गई, उसके बाद डीएमके ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलकर इंडी अलायंस से दूरी बना ली थी।