थरूर बोले- नेहरू की गलतियां स्वीकारना जरूरी, लेकिन हर समस्या के लिए दोषी ठहराना गलत
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिससे कांग्रेस के अंदर खलबली मच सकती है। थरूर ने कहा है कि वे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, लेकिन उनकी तारीफ आलोचना से खाली नहीं है। थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए उन्हें दोषी ठहराना ठीक नहीं है।
थरूर ने कहा- मैं नेहरू का गहरा प्रशंसक
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के विचारों और दृष्टिकोण की गहरी प्रशंसा करता हूं मैं उनके विचारों और सोच का बहुत सम्मान करता हूं, हालांकि मैं उनके सभी विश्वासों और नीतियों से 100% सहमत नहीं हो सकता। उन्होंने जो बहुत सी चीजें कीं, वे बहुत सराहनीय हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया था।
मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी नहीं पर नेहरू विरोधी-थरूर
थरूर ने आगे कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) लोकतंत्र विरोधी हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं। नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।
नेहरू को हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते-थरूर
नेहरू की हर मान्यता और नीति का बिना आलोचना समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना आवश्यक है, लेकिन हर चीज के लिए सिर्फ उन्हें जिम्मेदार ठहरा देना गलत है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में नेहरू की ओर से लिए गए कुछ फैसले गलत हो सकते हैं, लेकिन हम उन्हें हर चीज के लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते हैं।
1962 में हार के लिए नेहरू के फैसले कुछ हद तक जिम्मेदारर-थरूर
1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए, थरूर ने कहा कि वर्तमान सरकार की नेहरू की आलोचना में कुछ सच्चाई हो सकती है। उन्होंने कहा, 'उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार के लिए कुछ हद तक नेहरू के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन वे अब जो करते हैं वह यह है कि किसी भी मुद्दे पर नेहरू को हर चीज के लिए दोषी ठहराते हैं।'




Jan 09 2026, 14:14
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