अकारण स्थगित हुआ किसान दिवस निराश लौटे किसान
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अयोध्या :–किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाला किसान दिवस बिना किसी कारण, बिना किसी सूचना के स्थगित कर दिया गया जिसके कारण दूर -दराज से आए हुए किसान निराश होकर वापस अपने अपने घरों को लौट गए । ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन करके किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाता है तथा कृषि, उद्यान, गन्ना आदि से संबंधित नीतियों को किसानों को बताया जाता है ।मार्च माह का किसान दिवस का आयोजन 19 मार्च को होना निश्चित हुआ था परंतु बिना किसी कारण के बिना किसी सूचना के किसान दिवस का आयोजन नहीं किया गया जिसके कारण जनपद के दूर दराज गांवों से आए हुए किसानों को निराश होकर वापस अपने-अपने घरों को लौटना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने बताया कि जिला अधिकारी कार्यालय का सूचना तंत्र समाचार पत्रों में किसान दिवस का आयोजन 19 मार्च को अपराहन 12:00 बजे जिला अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में होने की सूचना प्रकाशित करवाता है जिसको पढ़कर जनपद के दूर दराज गांवों से किराया भाड़ा खर्च कर किसान कलेक्ट्रेट की सभा कक्ष में पहुंचा था परंतु किसान दिवस का आयोजन नहीं किया गया जिसके कारण किसानों को निराशा हाथ लगी और मायूस होकर वापस घर जाना पड़ा। घनश्याम वर्मा ने कहा कि किसान दिवस स्थगन की सूचना कम से कम 24 घंटे पहले होना चाहिए साथ ही साथ किसान दिवस आयोजन की तिथि की भी घोषणा होना चाहिए। आज के किसान दिवस हेतु रामू चंद्र विश्वकर्मा रुदौली ,भोला सिंह टाइगर मवई, सिद्धू भारती खन्डासा, मस्तराम वर्मा बीकापुर,घिराऊ दलित खजुरहट, अनिल कुमार मसौधा, देवी प्रसाद वर्मा छतिरवा, छट्ठी राम वर्मा पिलखावा, राम अवध किसान सिरसिन्डा आदि कई दर्जन किसानों को वापस होना पड़ा।
Mar 19 2025, 20:40