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मालदा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने वाले मोफक्करुल इस्लाम समेत 35 पर शिकंजा

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पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे एडवोकेट मोफक्कारुल इस्लाम को बंगाल सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, मोफक्कारुल इस्लाम राज्य छोड़कर भागने की फिराक में था।

अब तक 35 लोग गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और पूरा मामला एनआईए को रेफर होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। मालदा घटना पर उत्तरी बंगाल के एडीजी के. जयरामन के अनुसार अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में 19 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को अरेस्ट किया गया है। जयरामन के अनुसार वह एक वकील लगता है। हम जांच कर रहे हैं कि बचाव कार्य में देरी क्यों हुई। फिर हम एक रिपोर्ट सौंपेंगे।

एआईएमआईएम का नेता बताया जा रहा मोफक्करुल

आरोपी मोफक्करुल इस्लाम कालियाचक की घटना का मुख्य साजिशकर्ता है। बुधवार रात हुई इस घटना में सात न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय के अंदर कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था। वकील मोफक्करुल इस्लाम ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) का नेता बताया जा रहा है। मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों को क्यों बनाया गया बंधक?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहा मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया एक बड़ा मुद्दा बन गई है। एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची में 63 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि 60 लाख अन्य मतदाताओं को विचाराधीन रखा गया। न्यायिक अधिकारियों को इन मामलों की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ये न्यायिक अधिकारी इन मामलों की जांच कर मतदाताओं को मतदाता सूची में बरकरार रखने या हटाने का फैसला कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक का अनुरोध किया, जिसे अस्वीकार करने पर उन्होंने बीडीओ कार्यालय का घेराव कर तीन महिलाओं समेत सात अधिकारियों को बंधक बना लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को बताया सोची-समझी साजिश

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। सीजेआई सूर्यकांत रात दो बजे तक इस घटना के बाद जागते रहे थे। चुनाव आयोग ने अदालत के निर्देश पर जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी है। बंगाल चुनाव 2026 के मद्देनजर इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जहां बीजेपी इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की एक साजिश करार दिया है।

फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मास्टरमाइंड है मौलवी इमरान, डॉक्टर्स का किया माइंडवॉश, दिल्ली धमाके से जुड़े तार

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दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम में हुए एक कार विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इस बीच मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। अब तक की जांच से यह पता चला है कि इस विस्फोट का संबंध सोमवार को ही पकड़े गए फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मॉड्यूल का फंडाफोड़ किया है। इस मॉड्यूल में कई डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। अब एक बड़ा सवाल ये है कि लोगों की जिंदगियां बचाने वाले डॉक्टर्स कैसे जानलेवा हो गए?

लाल किले के पास हुए कार धमाके से कुछ घंटे पहले हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। इस मॉड्यूल में कई डॉक्टरों के शामिल होने के कारण इसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल कहा गया है। दिल्ली बम विस्फोट की जांच में अब यह खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल के पीछे असली दिमाग मौलवी इरफान अहमद का था। जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई में इस शख्स को गिरफ्तार किया गया है।

डॉक्टर्स का माइंडवॉश कर बनाया कट्टरपंथी

जम्मू-कश्मीर के शोपियां का रहने वाला मौलवी इरफान कथित तौर पर एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल चला रहा था। यह मेडिकल छात्रों और युवा डॉक्टरों को निशाना बनाता था। सोमवार को नई दिल्ली में हुए कार विस्फोट से कुछ घंटे पहले फरीदाबाद में पकड़े गए नेटवर्क से भी इसका लिंक है। माना जा रहा है कि डॉक्टर्स का माइंडवॉश करके उन्हें कट्टरपंथी बनाने में इसका अहम रोल है।

जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित था मौलवी

खुफिया सूत्रों के अनुसार, मौलवी इरफान ने फरीदाबाद मॉड्यूल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को कट्टरपंथी बनाया था। वह पहले श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल स्टाफ़ था और छात्रों से लगातार संपर्क में था। इसके अलावा, वह नौगाम मस्जिद का इमाम भी रह चुका है। सूत्रों के अनुसार, मौलवी इरफान जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित था और छात्रों को इसके वीडियो दिखाता था वह टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से जैश-ए-मोहम्मद का प्रचार करता था। 

ऐसे मौलवी तक पहुंची पुलिस

19 अक्टूबर को बनपोरा नौगाम में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर सामने आने के बाद जांच शुरू हुई, जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी। नौगाम पुलिस स्टेशन में यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पत्थरबाज़ों का इतिहास रखने वाले तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पूछताछ में पुलिस को मौलवी इरफान अहमद तक पहुंचाया। उनकी सूचना के आधार पर डॉ. अदील अहमद और शोपियां के मौलवी से जुड़े ज़मीर अहंगर को गिरफ़्तार किया गया।

पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह खालिद? आतंकी हाफिज सईद का है करीबी

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को पर्यटकों पर आतंकी हमले में अब तक 27 पर्यटक मारे गए और 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के यूनिट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इंटेलिजेंस का दावा है कि टीआरएफ आतंकी सैफुल्लाह खालिद पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड है। सैफुल्लाह लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ है। उसे लश्कर के संस्थापक आतंकी हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाता है।

सैफुल्लाह जम्मू-कश्मीर में लश्कर और टीआरएफ की आतंकवादी गतिविधियों का मेन ऑपरेटर है।उसे सैफुल्लाह कसूरी के नाम से भी जाना जाता है।इसका भारत के कई बड़े आतंकी हमले में नाम आ चुका है। इसे लग्जरी गाड़ियों का शौक है और हमेशा अत्याधुनिक हथियारों से लैस लोगों के साथ चलता है।

पाकिस्तानी सेना का चहेता

कसूरी का पाकिस्तान में दबदबा है और इस बात का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना के अधिकारी उसकी खिदमत के लिए तैयार रहते हैं। ऐसा भी दावा किया जाता है कि वह अक्सर पाकिस्तानी सेना के जवानों को उकसाता रहता है।

पहलगाम आतंकी हमले से पहले यहां गया था कसूरी

पहलगाम में हुए आतंकी हमले से करीब दो महीने पहले सैफुल्लाह खालिद पाकिस्तान के पंजाब के कंगनपुर पहुंचा था। यहां पाकिस्तानी सेना की एक बड़ी बटालियन रहती है।यहां एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी सेना के कर्नल जाहिद जरीन खटक ने उसका भाषण करवाया था। उसने यहां भारतीय सेना और भारत के लोगों के खिलाफ जमकर भाषण दिया था।

मुजाहिदीन हमले तेज करने का किया था ऐलान

खैबर पख्तूनख्वा में आयोजित एक सभा में सैफुल्लाह ने जहर उगला था। उसने कहा था, आज 2 फरवरी है। मैं वादा करता हूं कि 2 फरवरी 2026 तक हम कश्मीर पर कब्जा करने की पूरी कोशिश करेंगे। उसने यहां ऐलान किया था कि आने वाले दिनों में हमारे मुजाहिदीन हमले तेज कर देंगे। उसने कहा था कि उम्मीद है कि 2 फरवरी 2026 तक कश्मीर आजाद हो जाएगा। इस सभा का आयोजन पाकिस्तान सेना और आईएसआई ने किया था। इसमें खुलेआम भारी संख्या में हथियारबंद आतंकी मौजूद थे।

पाकिस्तान सरकार कश्मीर मुद्दे पर कमजोर पड़ गई- सैफुल्लाह

सैफुल्लाह ने अपने भाषण में पाकिस्तान सरकार और तत्कालीन विदेश सचिव शहरयार खान से कहा कि आपने कश्मीरी लोगों के लिए कुछ नहीं किया है। हम उनके लिए सब कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। भारत कश्मीर के लोगों पर जुल्म कर रही है।

सैफुल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार अपने लालच के लिए कश्मीर मुद्दे पर कमजोर पड़ गई है। भारत सरकार ने 6 साल पहले आर्टिकल 370 हटाया था, लेकिन आपने (पाकिस्तान सरकार) इंटरनेशनल फोरम पर कश्मीर की बात नहीं की। हमारा पाकिस्तान दुनिया के सामने झुक गया। आप कश्मीर को ठंडा करोगे और वह बलूचिस्तान को गर्म करेंगे।

बेड़ियों में जकड़ा नजर आया आतंकी तहव्वुर राणा, पहली फोटो आई सामने

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अमेरिका से तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यपर्ण हो चुका है। मुंबई हमले 26/11 के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा इस वक्त भारत में है। एनआईए कोर्ट ने उसे 18 दिनों की कस्टडी में भेज दिया है। इस दौरान एनआईए मुंबई हमले से जुड़े तमाम पहलुओं पर पूछताछ करेगी। अब तहव्वुर राणा की बेड़ियों में जकड़ी हुई तस्वीरें सामने आई हैं।

तहव्वुर राणा की ये तस्वीर उस वक्त की है, जब अमेरिकी अधिकारी उसे एनआईए के हवाले कर रहे हैं। प्रत्यर्पण की तस्वीर में राणा के पैरों में बेड़ियां, कमर में जंजीर बंधी हुई दिखाई दे रही है। इसके साथ ही अमेरिकी मार्शल प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं एनआईए के अधिकारी भी वहां मौजूद हैं।

अमेरिका के न्याय विभाग ने यह तस्वीर जारी की है। अमेरिकी न्याय विभाग ने जेल द्वारा जारी की गई तस्वीर में राणा ब्राउन कलर की वर्दी पहने और अमेरिकी मार्शलों के साथ खड़ा है। फोटो में राणा की शक्ल तो नहीं दिख रही, लेकिन उसे ले जाता हुआ जरूर देखा जा सकता है। उसके शरीर को जंजीर से बांध रखा है, यानी कि काफी सुरक्षा के बीच उसे भारत को सौंपा गया है।

अमेरिकी न्याय विभाग कैलिपोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मार्शलों ने मंगलवार को पाकिस्तानी नागरिक और कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा की हिरासत भारत के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों को सौंप दी। तहव्वुर राणा अब 18 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में है। तहव्वुर राणा को एनआईए के मुख्यालय में ग्राउंड फ्लोर पर ही एक लॉकअप में रखा गया है। लॉकअप के ठीक बगल में एक इंटोरेगेशन रूम बना है. इसी में उससे आज पूछताछ होगी। ताकि 2008 के हमलों के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। इन हमलों में कुल 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक घायल हुए थे।

कौन है फहीम खान, जिसने रची थी नागपुर हिंसा की साजिश! इस पार्टी से है नाता

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महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा के मामले में मास्टरमाइंड माने जा रहे फहीम शमीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वो 21 मार्च तक पुलिस की हिरासत में है। फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) का शहर अध्यक्ष है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी के सामने नागपुर से लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है। दोनों ही चुनावों में उसकी जमानत जप्त हुई थी।

महाराष्ट्र के मध्य नागपुर में सोमवार रात को हुई हिंसा में महाल और आसपास के इलाकों में आगजनी और पथराव हुआ था। इस मामले में दर्ज एफआईआर में हिंसा के मास्टरमाइंड का भी जिक्र किया गया है। पुलिस ने 38 वर्षीय फहीम शमीम खान को नागपुर हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार कर लिया है।

एफआईआर के अनुसार, माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर अध्यक्ष फहीम खान ने हिंसा वाले दिन लोगों को एकत्रित किया था। बताया जा रहा है कि हिंसा तब भड़की जब सोमवार दोपहर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब की कब्र के खिलाफ महाल इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर किए गए इस प्रदर्शन में धार्मिक चिंह जलाये जाने की अफवाह उड़ी।

पहले भीड़ के साथ पुलिस को ज्ञापन सौंपा

बताया जा रहा है कि फहीम खान ने सबसे पहले 17 मार्च की सुबह 11 बजे 30 से 40 लोगों की भीड़ जुटाई और पुलिस को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। इस दौरान उसने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन इसके बाद भी फहीम खान ने भीड़ इकट्ठी की और इलाके में तनाव फैलाना शुरू किया।

भीड़ इकट्ठा कर माहौल भड़काया

आरोप है कि अफवाह को लेकर फहीम खान ने भीड़ इकट्ठा कर माहौल को और भड़काया। फहीम खान की अध्यक्षता में पुलिस स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा हुई। इस भीड़ ने कुल्हाड़ी, पत्थर, लाठियां और अन्य खतरनाक हथियारों के साथ क्षेत्र में आतंक पैदा करने के इरादे से घातक हथियारों को हवा में लहराया और लोगों में भय पैदा किया और धार्मिक दुश्मनी बढ़ाने के इरादे से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया।

महिला कांस्टेबल के साथ दुर्व्यवहार

भीड़ के सदस्यों ने जान से मारने की नियत से भालदारपुरा चौक इलाके में पुलिस पर घातक हथियार, पत्थर से हमला किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनके सरकारी कर्तव्यों से हतोत्साहित करने के लिए पेट्रोल बम तैयार किए और उन पर फेंके। उनमें से कुछ ने अंधेरे का फायदा उठाकर आरसीपी दस्ते की एक महिला कांस्टेबल की वर्दी और शरीर को छुआ। उसने अन्य महिलाओं के साथ भी यौन दुर्व्यवहार किया और उनका यौन उत्पीड़न किया। कुछ महिला कर्मचारियों को देखकर उन्होंने अश्लील इशारे किए और भद्दे कमेंट किए।

एक बार फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, मुंबई हमले के मास्‍टर माइंड लखवी का पार्क में कसरत करते वीडियो वायरल

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मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी पर एक तरफ पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने ये झूठ फैला रहा है की लखवी 2021 से पाकिस्तान की जेल में बंद है। हालांकि, अब पाकिस्तान के झूठ पर से एक बार फिर पर्दा उठ गया है। पड़ोसी देश ने अपनी हरकतों से साबित कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकियो का पनाहगार है। दरअसल, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पार्क में खुलेआम एक्सरसाइज करते देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर उसके कई वीडियो वायरल हुए है, जिसमें एक वीडियो में वो एक पार्क में आसानी से जिम सेशन में हिस्सा ले रहा है। हालांकि, वीडियो की सही जगह और तारीख के बारे में अभी तक स्पष्ट नहीं है। कुल 3 मिनट 9 सेकंड की इस वीडियो में जकी उर रहमान लखवी एक इवेंट में पश अप कर कर रहा है, डम्बल उठा रहा है और कार्यक्रम का होस्ट लखवी की पहचान लोगों से अबु वासी के रूप में करवाते हुए बता रहा है कि उसने कभी नहीं देखा कि एक 63 साल का व्यक्ति इतना फिट और फुर्तीला हो सकता है

वहीं जकी-उर-रहमान लखवी को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि उसने अपना लुक बदल लिया है।इससे पहले आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी को इस्लामाबाद कोर्ट में देखा गया था, तब उसे लंबी दाढ़ी में देखा गया था।

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र भी लखवी को आतंकी घोषित कर चुका

26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड लखवी ना सिर्फ भारत में प्रतिबंधित आतंकी है बल्कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र भी लखवी को आतंकी घोषित कर चुका है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख सुधारने और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट से बचने के लिए पाकिस्तान ने पूरी दुनिया के सामने साल 2021 में जकी उर रहमान लखवी को 15 साल की कैद की सजा सुनाई थी।कथित तौर पर पाकिस्तान की जेल से बाहर है। दुनिया की आंखों में धूल झोंकते हुए वह मजे से जेल के बाहर अपने सारे काम कर रहा है।

मुंबई हमले में मारे गए थे 160 लोग

भारत ने लखवी पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस हमले में कम से कम 160 लोग मारे गए थे। हालांकि, पाकिस्तान ने लंबे समय तक लखवी की मुंबई हमलों में संलिप्तता से इनकार किया था।कई मौके पर भारत ने पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन कमांडर को प्रत्यर्पित करने के लिए कहा, लेकिन पाकिस्तान ने अब तक कहा है कि वह मुंबई हमलों से जुड़े पाए जाने वाले अपने किसी भी नागरिक को भारत को नहीं सौंपेगा। इस्लामाबाद की तरफ से ये भी कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों पर पाकिस्तानी कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

“अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले के असली सूत्रधार”, हाई कोर्ट में सीबीआई का दावा
#cbi_said_arvind_kejriwal_is_the_real_mastermind_of_liquor_scam
शराब घोटाले में फंसे द‍िल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आएंगे या नहीं, इस दिल्‍ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। आज दिल्ली हाई कोर्ट अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई और केजरीवाल, दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके अलावा, केजरीवाल की गिरफ्तारी को गैर-कानूनी करार देने की मांग पर भी फैसला सुरक्षित रखा गया है। हाई कोर्ट ने यह नहीं बताया है कि फैसला कब तक सुनाया जाएगा। सीबीआई के वकील ने हाईकोर्ट को बताया क‍ि कैसे अरविंद केजरीवाल ही इस मामले के सूत्रधार हैं। उन्‍होंने यहां तक कहा क‍ि चार्जशीट दाख‍िल की जा चुकी है और वे ट्रायल के ल‍िए तैयार हैं। सीबीआई के वकील ने ये दावा किया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को सबूत मिल गए। उन्होंने कहा कि कई लोग सामने आने लगे, जिनमें आप कार्यकर्ता भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी आप प्रमुख को गिरफ्तार किए बिना अपनी जांच पूरी नहीं कर सकती थी। वकील ने कहा कि सीबीआई के पास घोटाले में अरविंद केजरीवाल की प्रत्यक्ष संलिप्तता साबित करने वाले सबूत हैं। उन्होंने ये भी कहा कि चार्जशीट फाइल होने के बाद भी मुख्यमंत्री प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, केजरीवाल के वकील सिंघवी ने सीबीआई की दलीलों को खार‍िज करते हुए कहा क‍ि उपराज्‍यपाल ने भी पॉल‍िसी पर साइन किया था। दो साल के बाद भी इनके पास एक भी ऐसा बयान नहीं है, जो सुना सुनाया ना हो। सिर्फ़ अनुमानों और परिकल्पनाओं के आधार पर पकड़ना चाहते हैं। सिंघवी ने कहा, सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल के ल‍िए सूत्रधार यानी मास्‍टरमाइंड शब्द का इस्तेमाल किया है। पोएटिक हो रहे हैं। ये नीति पहली बार 4 सितंबर 2020 को बनी। एक साल में नौ विशेषज्ञ समितियां बनीं। इनमें चार विभाग शामिल थे और एक साल के बाद जुलाई 2021 में पहली बार नीति सामने आई, जिसमें पचास अधिकारी शामिल थे। सिंघवी ने हाईकोर्ट में कहा, क्या ऐसा मामला देखा है कि 2023 के मध्य में सीबीआई मुझे 160 (गवाह वाला समन) में बुलाती है, उसके बाद मुझे कोई समन नहीं भेजती है, जून 2024 में मुझे गिरफ्तार कर लेती है। केजरीवाल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं, उनसे कोई बरामदगी नहीं हुई है। जबक‍ि केजरीवाल की ओर से अभ‍िषेक मनु सिंघवी ने कहा, सीबीआई की ओर से कही जा रही बातें सिर्फ सुनी सुनाई हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्ष‍ित रख ल‍िया है।
भ्रष्टाचार के सरगना हैं शरद पवार' अमित शाह ने राहुल गांधी पर भी बोला हमला, बताया अहंकारी

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शरद पवार पर जोरदार हमला बोला है। अमित शाह ने पवार को राजनीति के भ्रष्टाचार का सरगना करार दिया है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पुणे में भाजपा महाराष्ट्र के प्रदेश अधिवेशन को संबोधित किया। अपने इस संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। इसी दौरान आसाह ने एक तरफ शरद पवार को भ्रष्टाचार का सरगना बताया तो दूसरी ओर राहुल गांधी को अहंकारी कहा।

पुणे में भाजपा महाराष्ट्र के प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा, “2014 में मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आपको मराठा आरक्षण मिला और यदि आप मराठा आरक्षण जारी रखना चाहते हैं, तो आपको भाजपा को जिताना होगा!” उन्होंने आगे कहा कि मैं काफी सोच समझकर बोल रहा हूं कि महाराष्ट्र में जब जब भाजपा सरकार आती है, मराठा को रिजर्वेशन प्राप्त होता है और जब-जब शरद पवार की सरकार आती है मराठा रिजर्वेशन गायब हो जाता है।

उद्धव ठाकरे पर भी हमला

शाह ने कहा, “देश में बहुत-सी भ्रांतियां चलाई गईं, लेकिन हमें उनकी (विपक्ष) भ्रांतियों में नहीं आना है। उन्होंने (विपक्ष) कहा कि भाजपा आरक्षण समाप्त कर देगी, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि 10 साल का एक्सटेंशन पीएम मोदी के ही समय मिला और पूर्ण बहुमत होने के बावजूद आरक्षण को बल देने का काम हमारे नेता पीएम मोदी ने किया।” शरद पवार के साथ ही अमित शाह ने उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला और कहा कि वे आज 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए क्षमादान मांगने वालों के साथ बैठे हैं। उन्होंने कहा कि ‘औरंगजेब फैन क्लब’ भारत की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता।

राहुल गांधी अहंकारी हो गए हैं-शाह

अमित शाह ने कहा, ‘मैंने राजनीतिक जीवन में कई जय-पराजय देखे। परंतु, मैंने यह भी देखा कि कई लोग जीतने के बाद अहंकारी हो जाते हैं। जीतने के बाद अंहकार आने के सैकड़ों उदाहरण आपको दुनियाभर की राजनीति में मिल जाएंगे। लेकिन एक अनूठा उदाहरण राहुल गांधी दुनिया को दे रहे हैं। वो हारने के बाद अहंकारी हो गए हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 300 सीटें मिलीं और विपक्षी गठबंधन इंडिया को एकजुट होकर भी 240 सीटें नहीं मिलीं हैं। इस चुनाव में देश की जनता ने नरेंद्र मोदी के 10 वर्ष के शासन पर मुहर लगाई है।

Dobaraa's Pre-Launch Triumph: Influencers' Rave Sets Stage for Jan 18 Grand Relaunch! "A Taste Revolution Unveiled" quoted Prithvish Ashar & Vib

15th January, Mumbai: Located in the heart of Lower Parel, Dobaraa, the revered gastropub, teased Mumbai's taste buds with a sneak peek into its eagerly awaited grand relaunch. The pre-launch trials of the latest menu at Palladium unfolded an enchanting narrative of vintage charm and contemporary innovation, setting the stage for a culinary revolution scheduled to unfold on January 18th, 2024.

Rajveer Singh, a distinguished ace journalist and passionate food influencer, took center stage, immersing himself in vibrant conversations with both prominent influencers and emerging bloggers. The pre-launch influencers meet, orchestrated by the mastermind behind the event, Prithvish Ashar, became the epicenter of captivating discussions with culinary icons, promising an evening that would redefine Mumbai's culinary landscape.

Prithvish Ashar, alongside Socialite Vibha Narshana and culinary influencer Irfan Shaukat, graced Dobaraa's vintage-inspired venue. Together, they wove a culinary symphony where nostalgia seamlessly intertwined with the fusion of flavors. Their admiration for Dobaraa's finesse, vintage charm, and exceptional service echoed through the venue, creating a buzz that hinted at an imminent culinary revolution.

The gathering gained youthful vibrancy with the presence of budding influencers Tasneem Shaikh, Pratibha Bhadauria, Twisha Shah, Jaya Parmar, Disha Maggu and Sameera Furkan. Their genuine enthusiasm and candid expressions became the soul of the pre-launch trials, painting a vivid picture of Dobaraa's offerings and generating eager anticipation for the grand relaunch.

Owner of Dobaraa, Prashant Issar, couldn't contain his excitement, stating, "We're thrilled to introduce our all-new menu and welcome Chef Akhil Multani. Their expertise and innovative approach will breathe fresh life into our offerings. We're confident that every bite at Dobaraa will leave a lasting impression."

18th January, 2024: The grand relaunch of Dobaraa at Phoenix Mills, Lower Parel, transcends the boundaries of a mere menu; it unveils a narrative of culinary innovation and storytelling. Two exceptional chefs, including the renowned Chef Akhil Multani, bring their culinary alchemy to redefine the Dobaraa experience.

From the soulful Dobara Masala Pav to the exotic Canadian Punjabi Poutine, each dish narrates a story of cultural fusion and culinary ingenuity. The menu, curated with meticulous detail, showcases small plates like Adobo Thecha Chicken Shashlik and Aachari Paneer Croissant, providing a tantalizing glimpse into Dobaraa's commitment to diverse flavors. Larger plates such as Bawaji Nu Dhanshak and Chicken Fajitas showcase the creativity defining Dobaraa's culinary identity.

Dobaraa's commitment to quality ingredients and innovative cooking techniques resonates in every dish, promising an experience that transcends the ordinary. As the grand relaunch beckons on January 18th, 2024, at Phoenix Mills, Lower Parel, Dobaraa doesn't just reopen its doors; it invites patrons to embark on a culinary odyssey where vintage elegance harmoniously meets global flavors.

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Dobaraa's Culinary Alchemy Mesmerizes: India's Prominent Food Bloggers Commend Vintage Charm, Exceptional Service, and Culinary Creativity."

12th January, Mumbai: A flavorful evening unfolded with the unveiling of Dobaraa's latest menu at Kurla MarketCity, creating a buzz that harmonized nostalgic charm with a contemporary flair. This speakeasy bar, nestled in vintage ambiance and modern comforts, not only tantalized taste buds but also left an indelible mark on Mumbai's culinary landscape.

Rajveer Singh, an ace journalist and fervent food enthusiast, had vibrant discussions with highly influential culinary icons, setting the stage for a captivating dialogue. Prithvish Ashar, the mastermind behind this flavorful evening and a luminary in India's PR landscape, joined forces with tastemaker Pankaj Kaklotar and culinary trailblazer Yoshita Shah, along with Chef Shilpa Seth Bhambri. Together, they marveled at Dobaraa's vintage vibes, hailing it as the epitome of Mumbai's culinary scene. Their praise encompassed its finesse, vintage charm, and exceptional service, affirming Dobaraa's commitment to delivering an extraordinary dining experience. Alongside these stalwarts, budding influencers Neha Sanghvi, Ritika Jasani, Riya Shah, and Ayesha Mohta shared their awe-inspiring experiences, adding depth to the acclaim.

Guiding Dobaraa's culinary vision is Chef Anil Nair, celebrated for his innovative repertoire from Seattle's gastro pub scene. His menu, a symphony of Middle Eastern delights and inventive creations, featured Zaatar Pita with Hummus, Methi Malai Aranchii, and Prawn Fataka that tantalized taste buds. The Ghee Roast paired with the signature Berry Pulav claimed attention, while the Baida Roti Chicken, Gado Gado Salad, and the captivating seasonal cheesecake added layers to a memorable culinary journey.

Brand Head Sanjay Gupta shared his thoughts on the new menu, ambiance, vintage decor, and rustic aesthetics, transporting guests to an era of classic charm seamlessly combined with contemporary comforts. This enigmatic setting, reminiscent of Berlin's underground allure, promised unforgettable dining moments, appealing to both nostalgia and modernity.

The discussions among these prominent influencers, echoing admiration for Dobaraa's fusion of vintage charm and culinary excellence, further affirmed its status as a culinary landmark in Mumbai.

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मालदा का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने वाले मोफक्करुल इस्लाम समेत 35 पर शिकंजा

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पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे एडवोकेट मोफक्कारुल इस्लाम को बंगाल सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, मोफक्कारुल इस्लाम राज्य छोड़कर भागने की फिराक में था।

अब तक 35 लोग गिरफ्तार

सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान और पूरा मामला एनआईए को रेफर होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। मालदा घटना पर उत्तरी बंगाल के एडीजी के. जयरामन के अनुसार अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हिंसा में 19 मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा भड़काने वाले मुख्य आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को अरेस्ट किया गया है। जयरामन के अनुसार वह एक वकील लगता है। हम जांच कर रहे हैं कि बचाव कार्य में देरी क्यों हुई। फिर हम एक रिपोर्ट सौंपेंगे।

एआईएमआईएम का नेता बताया जा रहा मोफक्करुल

आरोपी मोफक्करुल इस्लाम कालियाचक की घटना का मुख्य साजिशकर्ता है। बुधवार रात हुई इस घटना में सात न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय के अंदर कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था। वकील मोफक्करुल इस्लाम ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) का नेता बताया जा रहा है। मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है।

न्यायिक अधिकारियों को क्यों बनाया गया बंधक?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहा मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया एक बड़ा मुद्दा बन गई है। एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची में 63 लाख से अधिक नाम हटाए गए, जबकि 60 लाख अन्य मतदाताओं को विचाराधीन रखा गया। न्यायिक अधिकारियों को इन मामलों की समीक्षा करने का कार्य सौंपा गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ये न्यायिक अधिकारी इन मामलों की जांच कर मतदाताओं को मतदाता सूची में बरकरार रखने या हटाने का फैसला कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक का अनुरोध किया, जिसे अस्वीकार करने पर उन्होंने बीडीओ कार्यालय का घेराव कर तीन महिलाओं समेत सात अधिकारियों को बंधक बना लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को बताया सोची-समझी साजिश

सुप्रीम कोर्ट ने मालदा हिंसा को इसे एक सोची-समझी साजिश बताया और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। सीजेआई सूर्यकांत रात दो बजे तक इस घटना के बाद जागते रहे थे। चुनाव आयोग ने अदालत के निर्देश पर जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी है। बंगाल चुनाव 2026 के मद्देनजर इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, जहां बीजेपी इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की एक साजिश करार दिया है।

फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मास्टरमाइंड है मौलवी इमरान, डॉक्टर्स का किया माइंडवॉश, दिल्ली धमाके से जुड़े तार

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दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम में हुए एक कार विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इस बीच मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। अब तक की जांच से यह पता चला है कि इस विस्फोट का संबंध सोमवार को ही पकड़े गए फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मॉड्यूल का फंडाफोड़ किया है। इस मॉड्यूल में कई डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। अब एक बड़ा सवाल ये है कि लोगों की जिंदगियां बचाने वाले डॉक्टर्स कैसे जानलेवा हो गए?

लाल किले के पास हुए कार धमाके से कुछ घंटे पहले हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। इस मॉड्यूल में कई डॉक्टरों के शामिल होने के कारण इसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल कहा गया है। दिल्ली बम विस्फोट की जांच में अब यह खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल के पीछे असली दिमाग मौलवी इरफान अहमद का था। जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई में इस शख्स को गिरफ्तार किया गया है।

डॉक्टर्स का माइंडवॉश कर बनाया कट्टरपंथी

जम्मू-कश्मीर के शोपियां का रहने वाला मौलवी इरफान कथित तौर पर एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल चला रहा था। यह मेडिकल छात्रों और युवा डॉक्टरों को निशाना बनाता था। सोमवार को नई दिल्ली में हुए कार विस्फोट से कुछ घंटे पहले फरीदाबाद में पकड़े गए नेटवर्क से भी इसका लिंक है। माना जा रहा है कि डॉक्टर्स का माइंडवॉश करके उन्हें कट्टरपंथी बनाने में इसका अहम रोल है।

जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित था मौलवी

खुफिया सूत्रों के अनुसार, मौलवी इरफान ने फरीदाबाद मॉड्यूल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को कट्टरपंथी बनाया था। वह पहले श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल स्टाफ़ था और छात्रों से लगातार संपर्क में था। इसके अलावा, वह नौगाम मस्जिद का इमाम भी रह चुका है। सूत्रों के अनुसार, मौलवी इरफान जैश-ए-मोहम्मद से प्रेरित था और छात्रों को इसके वीडियो दिखाता था वह टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से जैश-ए-मोहम्मद का प्रचार करता था। 

ऐसे मौलवी तक पहुंची पुलिस

19 अक्टूबर को बनपोरा नौगाम में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर सामने आने के बाद जांच शुरू हुई, जिनमें पुलिस और सुरक्षा बलों को धमकी दी गई थी। नौगाम पुलिस स्टेशन में यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पत्थरबाज़ों का इतिहास रखने वाले तीन सक्रिय कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पूछताछ में पुलिस को मौलवी इरफान अहमद तक पहुंचाया। उनकी सूचना के आधार पर डॉ. अदील अहमद और शोपियां के मौलवी से जुड़े ज़मीर अहंगर को गिरफ़्तार किया गया।

पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह खालिद? आतंकी हाफिज सईद का है करीबी

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को पर्यटकों पर आतंकी हमले में अब तक 27 पर्यटक मारे गए और 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के यूनिट द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इंटेलिजेंस का दावा है कि टीआरएफ आतंकी सैफुल्लाह खालिद पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड है। सैफुल्लाह लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ है। उसे लश्कर के संस्थापक आतंकी हाफिज सईद का बेहद करीबी माना जाता है।

सैफुल्लाह जम्मू-कश्मीर में लश्कर और टीआरएफ की आतंकवादी गतिविधियों का मेन ऑपरेटर है।उसे सैफुल्लाह कसूरी के नाम से भी जाना जाता है।इसका भारत के कई बड़े आतंकी हमले में नाम आ चुका है। इसे लग्जरी गाड़ियों का शौक है और हमेशा अत्याधुनिक हथियारों से लैस लोगों के साथ चलता है।

पाकिस्तानी सेना का चहेता

कसूरी का पाकिस्तान में दबदबा है और इस बात का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना के अधिकारी उसकी खिदमत के लिए तैयार रहते हैं। ऐसा भी दावा किया जाता है कि वह अक्सर पाकिस्तानी सेना के जवानों को उकसाता रहता है।

पहलगाम आतंकी हमले से पहले यहां गया था कसूरी

पहलगाम में हुए आतंकी हमले से करीब दो महीने पहले सैफुल्लाह खालिद पाकिस्तान के पंजाब के कंगनपुर पहुंचा था। यहां पाकिस्तानी सेना की एक बड़ी बटालियन रहती है।यहां एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी सेना के कर्नल जाहिद जरीन खटक ने उसका भाषण करवाया था। उसने यहां भारतीय सेना और भारत के लोगों के खिलाफ जमकर भाषण दिया था।

मुजाहिदीन हमले तेज करने का किया था ऐलान

खैबर पख्तूनख्वा में आयोजित एक सभा में सैफुल्लाह ने जहर उगला था। उसने कहा था, आज 2 फरवरी है। मैं वादा करता हूं कि 2 फरवरी 2026 तक हम कश्मीर पर कब्जा करने की पूरी कोशिश करेंगे। उसने यहां ऐलान किया था कि आने वाले दिनों में हमारे मुजाहिदीन हमले तेज कर देंगे। उसने कहा था कि उम्मीद है कि 2 फरवरी 2026 तक कश्मीर आजाद हो जाएगा। इस सभा का आयोजन पाकिस्तान सेना और आईएसआई ने किया था। इसमें खुलेआम भारी संख्या में हथियारबंद आतंकी मौजूद थे।

पाकिस्तान सरकार कश्मीर मुद्दे पर कमजोर पड़ गई- सैफुल्लाह

सैफुल्लाह ने अपने भाषण में पाकिस्तान सरकार और तत्कालीन विदेश सचिव शहरयार खान से कहा कि आपने कश्मीरी लोगों के लिए कुछ नहीं किया है। हम उनके लिए सब कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। भारत कश्मीर के लोगों पर जुल्म कर रही है।

सैफुल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार अपने लालच के लिए कश्मीर मुद्दे पर कमजोर पड़ गई है। भारत सरकार ने 6 साल पहले आर्टिकल 370 हटाया था, लेकिन आपने (पाकिस्तान सरकार) इंटरनेशनल फोरम पर कश्मीर की बात नहीं की। हमारा पाकिस्तान दुनिया के सामने झुक गया। आप कश्मीर को ठंडा करोगे और वह बलूचिस्तान को गर्म करेंगे।

बेड़ियों में जकड़ा नजर आया आतंकी तहव्वुर राणा, पहली फोटो आई सामने

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अमेरिका से तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यपर्ण हो चुका है। मुंबई हमले 26/11 के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा इस वक्त भारत में है। एनआईए कोर्ट ने उसे 18 दिनों की कस्टडी में भेज दिया है। इस दौरान एनआईए मुंबई हमले से जुड़े तमाम पहलुओं पर पूछताछ करेगी। अब तहव्वुर राणा की बेड़ियों में जकड़ी हुई तस्वीरें सामने आई हैं।

तहव्वुर राणा की ये तस्वीर उस वक्त की है, जब अमेरिकी अधिकारी उसे एनआईए के हवाले कर रहे हैं। प्रत्यर्पण की तस्वीर में राणा के पैरों में बेड़ियां, कमर में जंजीर बंधी हुई दिखाई दे रही है। इसके साथ ही अमेरिकी मार्शल प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को पूरा करते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं एनआईए के अधिकारी भी वहां मौजूद हैं।

अमेरिका के न्याय विभाग ने यह तस्वीर जारी की है। अमेरिकी न्याय विभाग ने जेल द्वारा जारी की गई तस्वीर में राणा ब्राउन कलर की वर्दी पहने और अमेरिकी मार्शलों के साथ खड़ा है। फोटो में राणा की शक्ल तो नहीं दिख रही, लेकिन उसे ले जाता हुआ जरूर देखा जा सकता है। उसके शरीर को जंजीर से बांध रखा है, यानी कि काफी सुरक्षा के बीच उसे भारत को सौंपा गया है।

अमेरिकी न्याय विभाग कैलिपोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में अमेरिकी मार्शलों ने मंगलवार को पाकिस्तानी नागरिक और कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा की हिरासत भारत के विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों को सौंप दी। तहव्वुर राणा अब 18 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में है। तहव्वुर राणा को एनआईए के मुख्यालय में ग्राउंड फ्लोर पर ही एक लॉकअप में रखा गया है। लॉकअप के ठीक बगल में एक इंटोरेगेशन रूम बना है. इसी में उससे आज पूछताछ होगी। ताकि 2008 के हमलों के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके। इन हमलों में कुल 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक घायल हुए थे।

कौन है फहीम खान, जिसने रची थी नागपुर हिंसा की साजिश! इस पार्टी से है नाता

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महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा के मामले में मास्टरमाइंड माने जा रहे फहीम शमीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वो 21 मार्च तक पुलिस की हिरासत में है। फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) का शहर अध्यक्ष है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी के सामने नागपुर से लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है। दोनों ही चुनावों में उसकी जमानत जप्त हुई थी।

महाराष्ट्र के मध्य नागपुर में सोमवार रात को हुई हिंसा में महाल और आसपास के इलाकों में आगजनी और पथराव हुआ था। इस मामले में दर्ज एफआईआर में हिंसा के मास्टरमाइंड का भी जिक्र किया गया है। पुलिस ने 38 वर्षीय फहीम शमीम खान को नागपुर हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए गिरफ्तार कर लिया है।

एफआईआर के अनुसार, माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के शहर अध्यक्ष फहीम खान ने हिंसा वाले दिन लोगों को एकत्रित किया था। बताया जा रहा है कि हिंसा तब भड़की जब सोमवार दोपहर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब की कब्र के खिलाफ महाल इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर किए गए इस प्रदर्शन में धार्मिक चिंह जलाये जाने की अफवाह उड़ी।

पहले भीड़ के साथ पुलिस को ज्ञापन सौंपा

बताया जा रहा है कि फहीम खान ने सबसे पहले 17 मार्च की सुबह 11 बजे 30 से 40 लोगों की भीड़ जुटाई और पुलिस को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। इस दौरान उसने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। लेकिन इसके बाद भी फहीम खान ने भीड़ इकट्ठी की और इलाके में तनाव फैलाना शुरू किया।

भीड़ इकट्ठा कर माहौल भड़काया

आरोप है कि अफवाह को लेकर फहीम खान ने भीड़ इकट्ठा कर माहौल को और भड़काया। फहीम खान की अध्यक्षता में पुलिस स्टेशन पर भीड़ इकट्ठा हुई। इस भीड़ ने कुल्हाड़ी, पत्थर, लाठियां और अन्य खतरनाक हथियारों के साथ क्षेत्र में आतंक पैदा करने के इरादे से घातक हथियारों को हवा में लहराया और लोगों में भय पैदा किया और धार्मिक दुश्मनी बढ़ाने के इरादे से सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने का काम किया।

महिला कांस्टेबल के साथ दुर्व्यवहार

भीड़ के सदस्यों ने जान से मारने की नियत से भालदारपुरा चौक इलाके में पुलिस पर घातक हथियार, पत्थर से हमला किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनके सरकारी कर्तव्यों से हतोत्साहित करने के लिए पेट्रोल बम तैयार किए और उन पर फेंके। उनमें से कुछ ने अंधेरे का फायदा उठाकर आरसीपी दस्ते की एक महिला कांस्टेबल की वर्दी और शरीर को छुआ। उसने अन्य महिलाओं के साथ भी यौन दुर्व्यवहार किया और उनका यौन उत्पीड़न किया। कुछ महिला कर्मचारियों को देखकर उन्होंने अश्लील इशारे किए और भद्दे कमेंट किए।

एक बार फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, मुंबई हमले के मास्‍टर माइंड लखवी का पार्क में कसरत करते वीडियो वायरल

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मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी पर एक तरफ पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने ये झूठ फैला रहा है की लखवी 2021 से पाकिस्तान की जेल में बंद है। हालांकि, अब पाकिस्तान के झूठ पर से एक बार फिर पर्दा उठ गया है। पड़ोसी देश ने अपनी हरकतों से साबित कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकियो का पनाहगार है। दरअसल, मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह पार्क में खुलेआम एक्सरसाइज करते देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर उसके कई वीडियो वायरल हुए है, जिसमें एक वीडियो में वो एक पार्क में आसानी से जिम सेशन में हिस्सा ले रहा है। हालांकि, वीडियो की सही जगह और तारीख के बारे में अभी तक स्पष्ट नहीं है। कुल 3 मिनट 9 सेकंड की इस वीडियो में जकी उर रहमान लखवी एक इवेंट में पश अप कर कर रहा है, डम्बल उठा रहा है और कार्यक्रम का होस्ट लखवी की पहचान लोगों से अबु वासी के रूप में करवाते हुए बता रहा है कि उसने कभी नहीं देखा कि एक 63 साल का व्यक्ति इतना फिट और फुर्तीला हो सकता है

वहीं जकी-उर-रहमान लखवी को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि उसने अपना लुक बदल लिया है।इससे पहले आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी को इस्लामाबाद कोर्ट में देखा गया था, तब उसे लंबी दाढ़ी में देखा गया था।

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र भी लखवी को आतंकी घोषित कर चुका

26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड लखवी ना सिर्फ भारत में प्रतिबंधित आतंकी है बल्कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र भी लखवी को आतंकी घोषित कर चुका है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख सुधारने और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट से बचने के लिए पाकिस्तान ने पूरी दुनिया के सामने साल 2021 में जकी उर रहमान लखवी को 15 साल की कैद की सजा सुनाई थी।कथित तौर पर पाकिस्तान की जेल से बाहर है। दुनिया की आंखों में धूल झोंकते हुए वह मजे से जेल के बाहर अपने सारे काम कर रहा है।

मुंबई हमले में मारे गए थे 160 लोग

भारत ने लखवी पर 2008 के मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस हमले में कम से कम 160 लोग मारे गए थे। हालांकि, पाकिस्तान ने लंबे समय तक लखवी की मुंबई हमलों में संलिप्तता से इनकार किया था।कई मौके पर भारत ने पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशन कमांडर को प्रत्यर्पित करने के लिए कहा, लेकिन पाकिस्तान ने अब तक कहा है कि वह मुंबई हमलों से जुड़े पाए जाने वाले अपने किसी भी नागरिक को भारत को नहीं सौंपेगा। इस्लामाबाद की तरफ से ये भी कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों पर पाकिस्तानी कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

“अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले के असली सूत्रधार”, हाई कोर्ट में सीबीआई का दावा
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शराब घोटाले में फंसे द‍िल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आएंगे या नहीं, इस दिल्‍ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। आज दिल्ली हाई कोर्ट अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई और केजरीवाल, दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके अलावा, केजरीवाल की गिरफ्तारी को गैर-कानूनी करार देने की मांग पर भी फैसला सुरक्षित रखा गया है। हाई कोर्ट ने यह नहीं बताया है कि फैसला कब तक सुनाया जाएगा। सीबीआई के वकील ने हाईकोर्ट को बताया क‍ि कैसे अरविंद केजरीवाल ही इस मामले के सूत्रधार हैं। उन्‍होंने यहां तक कहा क‍ि चार्जशीट दाख‍िल की जा चुकी है और वे ट्रायल के ल‍िए तैयार हैं। सीबीआई के वकील ने ये दावा किया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को सबूत मिल गए। उन्होंने कहा कि कई लोग सामने आने लगे, जिनमें आप कार्यकर्ता भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एजेंसी आप प्रमुख को गिरफ्तार किए बिना अपनी जांच पूरी नहीं कर सकती थी। वकील ने कहा कि सीबीआई के पास घोटाले में अरविंद केजरीवाल की प्रत्यक्ष संलिप्तता साबित करने वाले सबूत हैं। उन्होंने ये भी कहा कि चार्जशीट फाइल होने के बाद भी मुख्यमंत्री प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, केजरीवाल के वकील सिंघवी ने सीबीआई की दलीलों को खार‍िज करते हुए कहा क‍ि उपराज्‍यपाल ने भी पॉल‍िसी पर साइन किया था। दो साल के बाद भी इनके पास एक भी ऐसा बयान नहीं है, जो सुना सुनाया ना हो। सिर्फ़ अनुमानों और परिकल्पनाओं के आधार पर पकड़ना चाहते हैं। सिंघवी ने कहा, सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल के ल‍िए सूत्रधार यानी मास्‍टरमाइंड शब्द का इस्तेमाल किया है। पोएटिक हो रहे हैं। ये नीति पहली बार 4 सितंबर 2020 को बनी। एक साल में नौ विशेषज्ञ समितियां बनीं। इनमें चार विभाग शामिल थे और एक साल के बाद जुलाई 2021 में पहली बार नीति सामने आई, जिसमें पचास अधिकारी शामिल थे। सिंघवी ने हाईकोर्ट में कहा, क्या ऐसा मामला देखा है कि 2023 के मध्य में सीबीआई मुझे 160 (गवाह वाला समन) में बुलाती है, उसके बाद मुझे कोई समन नहीं भेजती है, जून 2024 में मुझे गिरफ्तार कर लेती है। केजरीवाल के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं, उनसे कोई बरामदगी नहीं हुई है। जबक‍ि केजरीवाल की ओर से अभ‍िषेक मनु सिंघवी ने कहा, सीबीआई की ओर से कही जा रही बातें सिर्फ सुनी सुनाई हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्ष‍ित रख ल‍िया है।
भ्रष्टाचार के सरगना हैं शरद पवार' अमित शाह ने राहुल गांधी पर भी बोला हमला, बताया अहंकारी

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शरद पवार पर जोरदार हमला बोला है। अमित शाह ने पवार को राजनीति के भ्रष्टाचार का सरगना करार दिया है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पुणे में भाजपा महाराष्ट्र के प्रदेश अधिवेशन को संबोधित किया। अपने इस संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। इसी दौरान आसाह ने एक तरफ शरद पवार को भ्रष्टाचार का सरगना बताया तो दूसरी ओर राहुल गांधी को अहंकारी कहा।

पुणे में भाजपा महाराष्ट्र के प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा, “2014 में मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में आपको मराठा आरक्षण मिला और यदि आप मराठा आरक्षण जारी रखना चाहते हैं, तो आपको भाजपा को जिताना होगा!” उन्होंने आगे कहा कि मैं काफी सोच समझकर बोल रहा हूं कि महाराष्ट्र में जब जब भाजपा सरकार आती है, मराठा को रिजर्वेशन प्राप्त होता है और जब-जब शरद पवार की सरकार आती है मराठा रिजर्वेशन गायब हो जाता है।

उद्धव ठाकरे पर भी हमला

शाह ने कहा, “देश में बहुत-सी भ्रांतियां चलाई गईं, लेकिन हमें उनकी (विपक्ष) भ्रांतियों में नहीं आना है। उन्होंने (विपक्ष) कहा कि भाजपा आरक्षण समाप्त कर देगी, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि 10 साल का एक्सटेंशन पीएम मोदी के ही समय मिला और पूर्ण बहुमत होने के बावजूद आरक्षण को बल देने का काम हमारे नेता पीएम मोदी ने किया।” शरद पवार के साथ ही अमित शाह ने उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला और कहा कि वे आज 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए क्षमादान मांगने वालों के साथ बैठे हैं। उन्होंने कहा कि ‘औरंगजेब फैन क्लब’ भारत की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता।

राहुल गांधी अहंकारी हो गए हैं-शाह

अमित शाह ने कहा, ‘मैंने राजनीतिक जीवन में कई जय-पराजय देखे। परंतु, मैंने यह भी देखा कि कई लोग जीतने के बाद अहंकारी हो जाते हैं। जीतने के बाद अंहकार आने के सैकड़ों उदाहरण आपको दुनियाभर की राजनीति में मिल जाएंगे। लेकिन एक अनूठा उदाहरण राहुल गांधी दुनिया को दे रहे हैं। वो हारने के बाद अहंकारी हो गए हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 300 सीटें मिलीं और विपक्षी गठबंधन इंडिया को एकजुट होकर भी 240 सीटें नहीं मिलीं हैं। इस चुनाव में देश की जनता ने नरेंद्र मोदी के 10 वर्ष के शासन पर मुहर लगाई है।

Dobaraa's Pre-Launch Triumph: Influencers' Rave Sets Stage for Jan 18 Grand Relaunch! "A Taste Revolution Unveiled" quoted Prithvish Ashar & Vib

15th January, Mumbai: Located in the heart of Lower Parel, Dobaraa, the revered gastropub, teased Mumbai's taste buds with a sneak peek into its eagerly awaited grand relaunch. The pre-launch trials of the latest menu at Palladium unfolded an enchanting narrative of vintage charm and contemporary innovation, setting the stage for a culinary revolution scheduled to unfold on January 18th, 2024.

Rajveer Singh, a distinguished ace journalist and passionate food influencer, took center stage, immersing himself in vibrant conversations with both prominent influencers and emerging bloggers. The pre-launch influencers meet, orchestrated by the mastermind behind the event, Prithvish Ashar, became the epicenter of captivating discussions with culinary icons, promising an evening that would redefine Mumbai's culinary landscape.

Prithvish Ashar, alongside Socialite Vibha Narshana and culinary influencer Irfan Shaukat, graced Dobaraa's vintage-inspired venue. Together, they wove a culinary symphony where nostalgia seamlessly intertwined with the fusion of flavors. Their admiration for Dobaraa's finesse, vintage charm, and exceptional service echoed through the venue, creating a buzz that hinted at an imminent culinary revolution.

The gathering gained youthful vibrancy with the presence of budding influencers Tasneem Shaikh, Pratibha Bhadauria, Twisha Shah, Jaya Parmar, Disha Maggu and Sameera Furkan. Their genuine enthusiasm and candid expressions became the soul of the pre-launch trials, painting a vivid picture of Dobaraa's offerings and generating eager anticipation for the grand relaunch.

Owner of Dobaraa, Prashant Issar, couldn't contain his excitement, stating, "We're thrilled to introduce our all-new menu and welcome Chef Akhil Multani. Their expertise and innovative approach will breathe fresh life into our offerings. We're confident that every bite at Dobaraa will leave a lasting impression."

18th January, 2024: The grand relaunch of Dobaraa at Phoenix Mills, Lower Parel, transcends the boundaries of a mere menu; it unveils a narrative of culinary innovation and storytelling. Two exceptional chefs, including the renowned Chef Akhil Multani, bring their culinary alchemy to redefine the Dobaraa experience.

From the soulful Dobara Masala Pav to the exotic Canadian Punjabi Poutine, each dish narrates a story of cultural fusion and culinary ingenuity. The menu, curated with meticulous detail, showcases small plates like Adobo Thecha Chicken Shashlik and Aachari Paneer Croissant, providing a tantalizing glimpse into Dobaraa's commitment to diverse flavors. Larger plates such as Bawaji Nu Dhanshak and Chicken Fajitas showcase the creativity defining Dobaraa's culinary identity.

Dobaraa's commitment to quality ingredients and innovative cooking techniques resonates in every dish, promising an experience that transcends the ordinary. As the grand relaunch beckons on January 18th, 2024, at Phoenix Mills, Lower Parel, Dobaraa doesn't just reopen its doors; it invites patrons to embark on a culinary odyssey where vintage elegance harmoniously meets global flavors.

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Dobaraa's Culinary Alchemy Mesmerizes: India's Prominent Food Bloggers Commend Vintage Charm, Exceptional Service, and Culinary Creativity."

12th January, Mumbai: A flavorful evening unfolded with the unveiling of Dobaraa's latest menu at Kurla MarketCity, creating a buzz that harmonized nostalgic charm with a contemporary flair. This speakeasy bar, nestled in vintage ambiance and modern comforts, not only tantalized taste buds but also left an indelible mark on Mumbai's culinary landscape.

Rajveer Singh, an ace journalist and fervent food enthusiast, had vibrant discussions with highly influential culinary icons, setting the stage for a captivating dialogue. Prithvish Ashar, the mastermind behind this flavorful evening and a luminary in India's PR landscape, joined forces with tastemaker Pankaj Kaklotar and culinary trailblazer Yoshita Shah, along with Chef Shilpa Seth Bhambri. Together, they marveled at Dobaraa's vintage vibes, hailing it as the epitome of Mumbai's culinary scene. Their praise encompassed its finesse, vintage charm, and exceptional service, affirming Dobaraa's commitment to delivering an extraordinary dining experience. Alongside these stalwarts, budding influencers Neha Sanghvi, Ritika Jasani, Riya Shah, and Ayesha Mohta shared their awe-inspiring experiences, adding depth to the acclaim.

Guiding Dobaraa's culinary vision is Chef Anil Nair, celebrated for his innovative repertoire from Seattle's gastro pub scene. His menu, a symphony of Middle Eastern delights and inventive creations, featured Zaatar Pita with Hummus, Methi Malai Aranchii, and Prawn Fataka that tantalized taste buds. The Ghee Roast paired with the signature Berry Pulav claimed attention, while the Baida Roti Chicken, Gado Gado Salad, and the captivating seasonal cheesecake added layers to a memorable culinary journey.

Brand Head Sanjay Gupta shared his thoughts on the new menu, ambiance, vintage decor, and rustic aesthetics, transporting guests to an era of classic charm seamlessly combined with contemporary comforts. This enigmatic setting, reminiscent of Berlin's underground allure, promised unforgettable dining moments, appealing to both nostalgia and modernity.

The discussions among these prominent influencers, echoing admiration for Dobaraa's fusion of vintage charm and culinary excellence, further affirmed its status as a culinary landmark in Mumbai.

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