रांची में भीषण शीतलहर का अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जारी की एडवायजरी, अभिभावकों और छात्रों के लिए विशेष अपील।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन के आधार पर जिले के नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों और छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियाँ और अपील जारी की है।
न्यूनतम तापमान और येलो अलर्ट: जिले का तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और मौसम विभाग ने इसे 'येलो जोन' (शीतलहर) में रखा है। उपायुक्त ने सर्दी-खांसी, निमोनिया और हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियों से बचाव हेतु लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।
प्रशासन की मुख्य अपील एवं सावधानियाँ:
आम जनता के लिए: गर्म कपड़ों (मफलर, दस्ताने, टोपी) का अनिवार्य उपयोग करें। सुबह-शाम कोहरे के समय बाहर निकलने से बचें।
अभिभावकों के लिए विशेष निर्देश: बच्चों को स्कूल भेजते समय मोटे गर्म कपड़ों की परत पहनाएं। यदि बच्चा अस्वस्थ लगे, तो उसे स्कूल भेजने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
छात्र-छात्राओं के लिए: स्कूल जाते समय अपने नाक और मुंह को स्कार्फ या मफलर से ढंक कर रखें और समय-समय पर गुनगुने पानी का सेवन करें।
निरंतर निगरानी: उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। ठंड के प्रकोप को देखते हुए भविष्य में स्कूलों के समय या छुट्टी के संबंध में आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।





एयरपोर्ट पर आगामी फॉग सीजन की तैयारियों के तहत आज एक टेबल-टॉप मीटिंग तथा उसके पश्चात एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। विमानन क्षेत्र में सामान्यतः 10 दिसंबर से 10 फरवरी के बीच फॉग का प्रभाव देखने को मिलता है,
जिसके कारण उड़ानों में देरी, रद्दीकरण एवं डायवर्जन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। हालांकि देवघर एयरपोर्ट पर फॉग के कारण उड़ानों के रद्द होने की संभावना अपेक्षाकृत कम रहती है, परंतु उत्तर भारत के कई फॉग-प्रभावित हवाई अड्डों के कारण उड़ानों का डायवर्जन हो सकता है।
ऐसे समय में यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है, जैसा कि हाल ही में उड़ानों की देरी एवं रद्दीकरण की स्थिति के दौरान देखा गया। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एएआई एवं देवघर एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा पूर्व-तैयारी के तहत यह बैठक एवं मॉक ड्रिल आयोजित की गई, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।
इस अभ्यास में एयरलाइंस, एएआई के विभिन्न विभाग, ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां, फूड एंड बेवरेज सेवा प्रदाता, एपीएसयू, एटीसी तथा भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) सहित सभी प्रमुख हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मौसम विभाग को नियमित एवं समयबद्ध मौसम अपडेट उपलब्ध कराने की सलाह दी गई, वहीं एयरलाइंस को यात्रियों को अग्रिम एवं वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए,
ताकि यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो। झारखंड पुलिस द्वारा संचालित एपीएसयू को स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष रूप से सिटी साइड में ट्रैफिक एवं भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। एयरपोर्ट पर कार्यरत फूड एंड बेवरेज सेवा प्रदाताओं को पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने तथा किसी भी स्थिति में मूल्य वृद्धि न करने के सख्त निर्देश दिए गए। एयरपोर्ट निदेशक ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित किया जाएगा।
कि उड़ानों में व्यवधान की स्थिति में शहर के होटल एवं टैक्सी सेवाएं यात्रियों से अनुचित या अत्यधिक शुल्क न वसूलें, जिससे यात्रियों के हितों की रक्षा की जा सके। यह अभ्यास फॉग सीजन के दौरान यात्री सुरक्षा, सुविधा एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के प्रति देवघर एयरपोर्ट की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।














1 hour and 18 min ago
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