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JSSC-CGL मामले में पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की भूमिका की हो निष्पक्ष जांच : बाबूलाल मरांडी

श्री मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा है कि JSSC-CGL मामले की जांच को प्रभावित करने, उसे गलत दिशा में ले जाने और डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कराने के आरोपों से घिरे पुलिस अधिकारी अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई करने से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हिचकिचाहट कई सवालों को जन्म दे रहा है।

उन्होंने कहा कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि अनुराग गुप्ता छात्रों द्वारा लगाए गए पेपर लीक के आरोपों को गलत साबित करने पर आमादा थे? क्यों वे खुलेआम मीडिया के सामने आकर इन आरोपों को खारिज करने की कोशिश कर रहे थे? झारखंड के छात्र और बेरोजगार आज यही सवाल पूछ रहे हैं। जिस अधिकारी की भूमिका पर ही जांच को प्रभावित करने के गंभीर सवाल खड़े हों, उस पर कार्रवाई किए बिना CID की जांच और उसकी निष्पक्षता पर आखिर भरोसा कैसे किया जा सकता है?

उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि अगर आपको झारखंड के लाखों युवा बेरोजगारों के भविष्य से जरा भी सरोकार है, तो डरिये मत, हिम्मत दिखाइए। इस अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराइए और दोष साबित होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कीजिए... क्योंकि जब वर्दी की आड़ में जांच से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे लोग जेल नहीं जायेंगे तो भविष्य में कोई भी अधिकारी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से पहले नहीं डरेगा।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिवंगत मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, अंतिम यात्रा में हुए शामिल।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज गिरिडीह के हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार की अंतिम यात्रा में भी शामिल हुए। उन्होंने पार्थिव शरीर को कंधा देकर श्मशान घाट तक पहुंचाया तथा दाह संस्कार में सम्मिलित होकर दिवंगत मंत्री को अंतिम विदाई दी। स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

*मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देर रात हृदयाघात के कारण स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन हो गया। यह सरकार और पूरे राज्य के लिए अत्यंत दुखद घड़ी है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय सुदिव्य कुमार राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अत्यंत सक्रिय रहे और परिपक्वता एवं गंभीरता के साथ उन्होंने अनेक विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक है और विश्वास करना कठिन है कि वे अब हमारे बीच नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उनकी अंतिम यात्रा में सरकार और मंत्रिमंडल के सभी लोग उपस्थित होकर उन्हें अंतिम विदाई दे रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से शोक-संतप्त परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और आगे भी परिवार के प्रति सरकार का सहयोग एवं संबल बना रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री और युवा नेतृत्व को खो दिया है। उनके योगदान को राज्य सदैव स्मरण करता रहेगा।

मौके पर विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने भी स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की तथा ईश्वर से इस कठिन समय में परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार की अंतिम यात्रा में मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, विधायकगण, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी, गिरिडीह जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में उनके समर्थक एवं चाहने वाले शामिल हुए। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और नम आंखों से अपने प्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई दी।

स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार सोनू को भावभीनी श्रद्धांजलि। नमन!

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन गिरिडीह पहुंचे, दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को पुष्प चक्र अर्पित कर दी अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज गिरिडीह के हरसिंहरायडीह स्थित स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के आवास पहुंचे।

उन्होंने स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार का आकस्मिक निधन अत्यंत पीड़ादायक है। यह झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है।

उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि, समर्पित मंत्री एवं युवा नेतृत्व को खो दिया है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के योगदान और सेवाओं का सदैव स्मरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की। मौके पर विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने भी स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।_*

झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू नहीं रहे, दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन

झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात गिरिडीह के निजी अस्पताल में निधन हो गया।

बताया जा रहा है कि सुदिव्य सोनू गिरिडीह स्थित अपने आवास पर ही देर रात अचानक तबीयत बिगड़ी और परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल ले गए। अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर के अनुसार मंत्री सुदिव्य सोनू को रात 2.15 बजे के करीब लाया गया था। उनकी छाती में दर्द हो रहा था। डॉक्टर ने अपनी कोशिश की, सांस की नली साफ की गई। सीपीआर दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह करीब 4 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। मंत्री सुदिव्य सोनू को पहले से ही बीपी और सुगर की शिकायत थी।

अस्पताल से सुदिव्य सोनू का पार्थिव शरीर उनके आवास पर ले जाया गया। जानकारी के अनुसार आज ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने सुदिव्य सोनू के निधन के बाद अपने सभी प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में लोगों के गिरिडीह पहुंचने लगे है। इधर रांची स्थित सरकारी आवास में भी उनके समर्थक पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोपहर करीब 12 बजे तक गिरिडीह पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शोक जताते हुए X पर लिखा गया- ‘ज़िंदगी की क्षणभंगुरता… कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियाँ ही हमारे साथ हैं। आज की सुबह की शुरुआत बेहद दुखद खबर के साथ हुई। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में रिक्तता छोड़ गया। मैंने आज बड़ा भाई खो दिया।

झारखंड के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हार्ट अटैक से निधन, राज्य भर में शोक की लहर

रांची: झारखंड सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कद्दावर नेता सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण निधन हो गया। वे करीब 56 वर्ष के थे। इस दुखद खबर से पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों और समर्थकों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।

नींद के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू अपने गृह जिले गिरिडीह स्थित आवास पर थे। शनिवार रात सोने के दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और तबीयत काफी बिगड़ गई। परिजनों और समर्थकों ने बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत गिरिडीह के स्थानीय निजी मरसी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों की पूरी टीम ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। तबीयत इतनी तेजी से बिगड़ी कि डॉक्टरों के पास उन्हें बेहतर इलाज के लिए एंबुलेंस या एयर एंबुलेंस से रांची शिफ्ट करने तक का समय नहीं मिला।

अस्पताल पहुंचा प्रशासन, जुटी समर्थकों की भारी भीड़

मंत्री की तबीयत बिगड़ने और फिर उनके निधन की खबर फैलते ही गिरिडीह जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी देर रात ही अस्पताल पहुंच गए। वहीं, खबर सुनते ही अस्पताल परिसर के बाहर झामुमो कार्यकर्ताओं, नेताओं और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई। उनके असामयिक निधन से हर कोई स्तब्ध और गमगीन है।

झामुमो ने व्यक्त किया गहरा दुख

सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) पर पोस्ट साझा कर गहरा शोक प्रकट किया। पार्टी ने इसे संगठन, सरकार और पूरे झारखंड प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि सुदिव्य जी एक समर्पित कार्यकर्ता और जुझारू नेता थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस होगी।

कौन थे सुदिव्य कुमार सोनू?

सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा के अग्रणी नेताओं में गिने जाते थे। वे गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए थे।

राजनीतिक सफर: उन्होंने पहली बार 2019 के विधानसभा चुनाव में गिरिडीह से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2024 के चुनाव में भी जनता ने उन पर भरोसा जताया और वे दोबारा विधायक बने।

पहला मंत्री बनने का गौरव: 2024 में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट में उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

इसके साथ ही वे लगभग दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद गिरिडीह सदर सीट से राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले पहले नेता बने।

महत्वपूर्ण मंत्रालय: हेमंत सोरेन सरकार में उनके पास पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य, नगर विकास तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जैसे कई बड़े और महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार था।

छात्र आंदोलनों और नीतिगत मामलों में रही सक्रिय भूमिका

हाल के महीनों में राज्य में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर सुदिव्य कुमार सोनू ने सरकार के मुख्य वार्ताकार और प्रतिनिधि के रूप में अहम भूमिका निभाई थी। वे युवाओं की समस्याओं को लेकर काफी संवेदनशील रहते थे।

ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस, शिक्षकों का किया गया भव्य सम्मान

ग्लोबल स्कूल ऑफ इंडिया में आज शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर छात्रों ने शिक्षकों के सम्मान में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें स्वागत गीत, समूह नृत्य, कविता पाठ और शिक्षकों के महत्व पर आधारित लघु नाटिका शामिल थी।शिक्षकों के लिए तरह-तरह के खेल का विशेष आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी शिक्षकों का सम्मान रहा। प्रबंधन की ओर से सभी शिक्षकों को उनके समर्पण, निष्ठा और उत्कृष्ट योगदान के लिए उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. एस. खालिद ने अपने संबोधन में कहा कि "शिक्षक ही विद्यालय की आत्मा हैं और उनके बिना शिक्षा की कल्पना अधूरी है।" विद्यालय की चेयरपर्सन डॉ. निकहत परवीन की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी सफल बनाया।

प्रधानाचार्या सी. त्रिगुणायत ने अपने संबोधन में सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई दी और इस स्नेहपूर्ण सम्मान के लिए प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने छात्रों द्वारा किए गए सुंदर आयोजन की जमकर सराहना की।

अंत में छात्र परिषद ने सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रांची: आयुष्मान भारत के तहत 2 नए अस्पताल सूचीबद्ध, 2 के आवेदन अस्वीकृत

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 05.09.2026 को आयुष्मान भारत योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत नए अस्पतालों की सूचीबद्धता हेतु जिला सूचीबद्धता समिति की बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित बैठक में उप विकास आयुक्त, रांची श्री संजय कुमार भगत, प्रशिक्षु आईएएस (IAS Probationer) सुश्री आस्था शरण सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अस्पतालों को सूचीबद्ध किए जाने हेतु प्राप्त आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समिति द्वारा आवेदनों के आलोक में गठित जांच दल के माध्यम से संबंधित अस्पतालों का किए गए भौतिक सत्यापन के उपरांत समर्पित जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा की गई। समिति द्वारा 02 अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया गया।

वहीं, 03 अस्पतालों के आवेदनों में आवश्यक दस्तावेजों एवं संबंधित त्रुटियां पाए जाने पर समिति द्वारा निर्देश दिया गया कि आवश्यक दस्तावेजों एवं त्रुटियों के निराकरण के उपरांत इन आवेदनों को आगामी बैठक में पुनः प्रस्तुत किया जाए, ताकि निर्धारित मानकों के अनुरूप इन पर आगे की कार्रवाई की जा सके।

इसके अतिरिक्त समिति द्वारा 02 अस्पतालों के आवेदनों को अस्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। समिति ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अस्पतालों की सूचीबद्धता निर्धारित पात्रता एवं मानकों के अनुरूप ही की जाएगी, ताकि योजना के लाभुकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में समिति द्वारा प्राप्त आवेदनों एवं जांच प्रतिवेदनों की नियमानुसार समीक्षा करते हुए सूचीबद्धता की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निर्धारित मापदंडों के अनुपालन पर विशेष बल दिया गया।

छात्रों के नाम पर राजनीतिक नौटंकी कर रही भाजपा : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव ने कहा कि 48 घंटे का अल्टीमेटम देना भाजपा की हताशा और राजनीतिक अहंकार का परिचायक

झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के 48 घंटे के अल्टीमेटम और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा पर

कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के नाम पर राजनीतिक नौटंकी कर रही है और युवाओं के आक्रोश को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रही है।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। केंद्र और झारखंड में वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद युवाओं के लिए रोजगार के कितने अवसर पैदा किए, इसका जवाब भाजपा दे। झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाने से भाजपा की असलियत नहीं छिपेगी।

उन्होंने कहा कि छात्रों पर दर्ज मुकदमों को भाजपा नेता फर्जी बता रहे हैं। यदि मुकदमे फर्जी हैं तो भाजपा तथ्य और प्रमाण सामने रखे। कानून तोड़ने वालों को राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भाजपा आंदोलन के नाम पर सरकारी व्यवस्था को चुनौती देने की राजनीति कर रही है।

झामुमो महासचिव ने कहा कि 48 घंटे का अल्टीमेटम देना भाजपा की हताशा और राजनीतिक अहंकार का परिचायक है। झारखंड सरकार भाजपा के अल्टीमेटम से नहीं चलती। भाजपा को लगता है कि धमकी और दबाव की राजनीति से सरकार को झुकाया जा सकता है, तो यह उसकी बड़ी भूल है।

‘नौकरी बेचने’ के भाजपा के आरोप पर उन्होंने कहा कि भाजपा के पास यदि कोई प्रमाण है तो सामने लाए, अन्यथा झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करना बंद करे। बिना प्रमाण आरोप लगाना भाजपा की पुरानी राजनीतिक आदत रही है।

मुख्य सचिव से इंडिया गठबंधन के नेताओं की मुलाकात पर भाजपा की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव से मिलने पर भाजपा को तकलीफ इसलिए हो रही है, क्योंकि उसे हर राजनीतिक गतिविधि में अपना राजनीतिक संकट दिखाई देता है। मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं होने की भाजपा की बात पूरी तरह हास्यास्पद है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है। झारखंड के युवा भाजपा की इस राजनीति को समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितने अल्टीमेटम दे और जितने प्रदर्शन कर ले, सरकार को धमकी देकर राजनीतिक दबाव में लेने का उसका मंसूबा पूरा नहीं होगा।

भाजपा का राज्य सरकार को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त, भाजपा ने की चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

8 से लेकर 11 सितंबर तक तिथिवार 24 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का किया जाएगा घेराव

मुकदमों से छात्रों की आवाज दबाने की भूल ना करें, भाजपा छात्रों के साथ न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी : आदित्य साहू

सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के नेताओ को मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं

छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस करने, पिछले सात साल में सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने सहित अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार को दिए गए अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम पूरा होने के बाद भाजपा ने 24 प्रशासनिक जिलों में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। भाजपा द्वारा राज्य के सभी 24 प्रशासनिक जिलों में तिथिवार विभिन्न जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के साथ एसपी और डीसी कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने इसकी घोषणा की है।

इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के द्वारा मुख्य सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को दिया गया समय अब खत्म हो चुका है। अब भाजपा कार्यकर्ता लगातार चार दिनों तक सभी 24 जिलों में प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का घेराव कर छात्रों की आवाज बुलंद करेंगे। प्रतिदिन 6 जिलों में घेराव कार्यक्रम किया जाएगा। भाजपा हर कदम पर छात्रों के इस न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी रहेगी।

श्री साहू ने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 8 सितंबर से होगी। 8 सितंबर को रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा जिले में, 9 सितंबर कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा जिले में, 10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा जिले में जबकि 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा जिले में यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

श्री साहू ने कहा कि एकीकृत बिहार या झारखंड गठन के बाद किसी ने राज्य के अंदर ऐसा दृश्य नहीं देखा होगा, जिस प्रकार का सुलूक छात्रों के साथ राज्य सरकार कर रही है। छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। राज्य के विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को झामुमो के कार्यकर्ताओं द्वारा लाठी-डंडों से पीटा गया। उल्टा छात्रों पर ही मुकदमा कर दिया गया है।

सवाल है कि छात्रों के साथ गुंडागर्दी और मारपीट करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं पर अभी तक मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया है, यह जनता जानना चाहती है।

श्री साहू ने कहा कि दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों के छात्र आंदोलनों से झारखंड के आंदोलन की तुलना कीजिए। झारखंड के छात्रों ने मिसाल कायम किया है। वहीं दिल्ली के आंदोलन को पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे कांग्रेस के इशारे पर देश के प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया गया। लेकिन झारखंड में किसी छात्र ने किसी को गाली नहीं दी। फिर भी यह 1000 छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि इतना से ही पुलिस और सरकार का मन नहीं भरा। पुलिस रात के अंधेरे में छात्रों के घर पर दस्तक देकर भय का माहौल बना रही है। कोचिंग संचालकों को डराया धमकाया जा रहा है।

श्री साहू ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो की सरकार ने नौकरियों को बेचने का काम किया है। सरकार को डर है कि उनके द्वारा नौकरी बेचने का घोटाला सबके सामने न आ जाये। इसलिए सरकार छात्रों के आन्दोलन को रोकने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रही है।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा के अल्टीमेटम के 48 घंटे पूरे भी नहीं हुए और कांग्रेस, jmm एवं आरजेडी के लोग मुख्य सचिव के पास पहुंच गए। अगर इन नेताओं को जाना ही था तो मुख्यमंत्री के पास जाते। लगता है सीएम पर इन नेताओं का भरोसा खत्म हो चुका है। मुख्य सचिव से मिलने के बाद इन नेताओं ने मीडिया के सामने जो बयान दिया, वह काफी शर्मनाक है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि झामुमो और कांग्रेस के नेताओं को मुख्य सचिव को सच बताना चाहिए था कि झारखंड में नौकरी बेची गयी है या नहीं।

श्री साहू ने कहा कि धमकी देकर, मुकदमा कर आप सवालों ने नहीं भाग सकते हैं। सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। सरकार और पुलिस को कोयला, बालू, पत्थर माफियाओं पर कार्रवाई करनी चाहिए, उन्हें पकड़नी चाहिए, खनिज संपदाओं की लूट पर रोक लगानी चाहिए तो ये लोग छात्राें को पकड़ रहे हैं।। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि मुकदमों से छात्रों की आवाज दबाने की भूल सरकार कतई ना करे। ये झारखंड के भविष्य हैं। जब इन छात्रों के साथ उनके परिजन और गांव समाज वाले भी सड़क पर उतर जाएंगे तो इन्हें संभालना इस सरकार के बूते से बाहर की बात होगी। अतः सरकार से अनुरोध है कि ऐसी भयावह स्थित उत्पन्न न होने दें। राज्य सरकार को छात्रों के साथ न्याय करना ही होगा। अभी भी समय है, सरकार छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को अविलंब रद्द करे और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की अनुशंसा करे।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता रामाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल, रवि नाथ किशोर और मीडिया सह प्रभारी अजय राय भी उपस्थित थे।

32 मन विशुद्ध सोने के अलौकिक विग्रह : श्री वंशीधर नगर धाम - पंचम धाम की महिमा

अभय तिवारी ।

गढ़वा :- विंध्य क्षेत्र अंतर्गत झारखंड के पश्चिम छोर पर गढ़वा जिला के बंशीधर नगर धाम, छत्तीसगढ़, यूपी और बिहार यानी तीन राज्यों के त्रिकोण पर वनों एवं पर्वतों से आच्छादित खूबसूरत वादियों के बीच और पतित पावनी कल कल निनादिनी मां बांकी नदी के किनारे बसा श्री बंशीधर नगर इस भूमंडल पर पांचवां धाम है।

विद्वानों के मुताबिक ऐसा भगवान श्रीकृष्ण जी द्वारा विग्रह रुप में यहां स्वयं आकर विराजमान होना है। विग्रह रुप में श्री वंशीधर जी का प्राकट्य विग्रहावतार माना जाता है। विद्वानों के मुताबिक श्री वंशीधर जी के रुप में उनका विग्रहावतार, अर्चावतार भी है। इसलिए इसे श्री बंशीधर नगर धाम के नाम से जाना जाता है।

विद्वानों की राय है कि आमतौर पर पहले किसी मंदिर का निर्माण होता है, उसके बाद मंदिर में भगवान का विग्रह स्थापित कर प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। लेकिन श्री वंशीधर मंदिर में ठीक इसके विपरीत रानी शिवमानी देवी को स्वप्न देकर पधारे भगवान श्री वंशीधर जी के विग्रह की स्थापना हुई और उसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ है। श्री वंशीधर जी का प्रतिमा 32 मन विशुद्ध सोने का विग्रह मनमोहक, अदभुत, अलौकिक और अकल्पनीय है। भगवान श्रीकृष्ण जी का ऐसा विग्रह दुनियां के किसी कोने में नहीं है।

भगवान के विग्रह का वर्णन शब्दों में करना कठिन है, लेकिन एक वाक्य कहना और लिखना हो तो बस यही कहा और लिखा जायेगा कि जिनके दर्शन मात्र से सारे पीड़ा और संताप दूर हो जाते हैं। तन और मन हर्षित हो जाता है। विग्रह ऐसा कि नजर नहीं हटती। हमेशा देखते रहने का जी करता है।

श्री बंशीधर नगर में श्री वंशीधर जी के कण कण में विद्यमान रहने का अहसास होता है। इसके कारण यह स्थान श्रीकृष्ण की उपासना करने वाले व वैष्णवों के प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध है। यहां सुविख्यात वैष्णव संत जगदाचार्य श्री श्री 1008 त्रिदंडी स्वामी जी महाराज, उनके शिष्य श्री श्री 1008 लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज व श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर जी महाराज समेत वैष्णव संप्रदाय के कई चोटी के संत यहां भगवान का दर्शन पूजन कर श्री वंशीधर धाम व श्री वंशीधर जी की महिमा का वर्णन कर चुके हैं।

पंडित राहुल सांकृत्यायन और विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय कई जानी मानी हस्तियां भी भगवान का दर्शन अर्चन कर चुके हैं। श्री वंशीधर मंदिर में श्रीकृष्ण जी की वंशीवादन करती आदमकद प्रतिमा के दर्शन के बाद लोगों को अदभुत सुख शांति की अनुभूति होती है। इस नगरी में कभी शोक और उदासी का भाव किसी के मन में उत्पन्न नहीं होता है। बाहर से श्री वंशीधर जी की नगरी में जो भी श्रद्धालु आते हैं, बस भगवान के दर्शन मात्र से उनके चित्त को परम शांति मिलती है। श्री वंशीधर जी के द्वार पर कभी किसी को मांगने की जरुरत नहीं पड़ी है। श्री वंशीधर के द्वार से कभी कोई खाली हाथ नहीं लौटा। जो भी श्रद्धालु श्री वंशीधरजी के दरबार में गया, उसकी अभिष्ट कामना की पूर्ति अवश्य हुई है। ऐसी मान्यता है कि भगवान अपने द्वार पर आने वाले भक्तों की मनोकामना को अवश्य पूरी करते हैं।

श्री बंशीधर नगरी की परिधि के भीतर अब तक कभी किसी प्रकार के प्राकृतिक आपदा का प्रभाव नहीं पड़ा है। लगभग एक दशक तक घोर उग्रवाद क्षेत्र से ग्रसित होने के बाद भी श्री बंशीधर नगर के लोगों में भय के वातावरण का कभी अहसास नहीं हुआ। श्री वंशीधर क्षेत्र में कभी महामारी को आसपास भटकने का भी अवसर नहीं मिला है। मतलब इस नगरी में सब कुछ श्री वंशीधर जी की इच्छा के अनुकूल होता है। प्राकृतिक आपदा और महामारी जैसे असामयिक घटना जिससे श्री वंशीधर जी के भक्त को परेशानी और शोक हो, इन सब चीजों को श्री वंशीधरजी अपने क्षेत्र में कभी फटकने नहीं देते। श्री वंशीधर जी की प्रेरणा से यहां वर्ष भर धार्मिक अनुष्ठान, संत्सग आदि का क्रम जारी रहता है। लोग एक दूसरे के हर सुख दुख में सहभागी बनकर जीवन यापन करते हैं। श्री वंशीधर की कृपा ही है कि लोग बिना किसी भय अथवा चिंता किये यहां सुखपूर्वक निवास करते हैं।

श्री बंशीधर नगर को योगेश्वर कृष्ण की भूमि और इस धरती को द्वितीय मथुरा और वृंदावन माना जाता है। श्री बंशीधर जी की स्थापना के बारे में पलामू के प्रसिद्ध इतिहासकारों स्व. रामदीन पाण्डेय, स्व. हवलधारी राम गुप्त हलधर एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त शिक्षक सह इतिहासकार डॉ रमेश चंचल ने अपनी रचनाओं में बड़ी विस्तार से की है। इतिहासकारों के अनुसार संवत 1885 में राजा स्व भवानी सिंह देव की विधवा शिवमानी कुंवर राजकाज का संचालन कर रही थी। रानी शिवमानी कुंवर धर्मपरायण एवं भगवत भक्ति में पूर्ण निष्ठावान थी। 14 अगस्त 1827 को रानी साहिबा जन्माष्टमी व्रत किया था उसी दिन मध्य रात्रि में उन्हें स्वप्न में भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन हुआ।

स्वप्न में श्री कृष्ण ने रानी से वर मांगने को कहा। रानी ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा कि प्रभु आपकी सदैव कृपा हम पर रहे। तब भगवान कृष्ण ने रानी से कनहर नदी के किनारे यूपी के महुअरिया के निकट शिव पहाड़ी अपनी प्रतिमा के गड़े होने की जानकारी दी और उन्हें अपने राज्य में लाने को कहा। भगवत कृपा जान रानी ने शिवपहाड़ी जाकर विधिवत पूजा अर्चना के बाद खुदाई करायी तो श्री बंशीधर जी की अद्वितीय असाधारण प्रतिमा मिली। जिसे हाथियों पर बैठाकर श्री बंशीधर नगर लाया गया। गढ़ के मुख्य द्वार पर अंतिम हाथी बैठ गया। लाख प्रयत्न के बावजूद हाथी नहीं उठने पर रानी ने राजपुरोहितों से राय मशविरा कर वहीं पर मंदिर का निर्माण कराया तथा वाराणसी से राधा रानी की अष्टधातु की प्रतिमा मंगाकर दिनांक 21 जनवरी 1828 स्थापित करायी।।।

संवत 1885 तदनुसार 21 जनवरी 1828 को वसंत पंचमी के दिन श्री राधा वंशीधर जी की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा कराई। जिसके बाद मंदिर में शुरू हुआ पूजन दर्शन अनवरत जारी है। प्रतिवर्ष असंख्य लोग भगवान का दर्शन पूजन कर मनवांछित फल प्राप्त करते हैं। श्री बंशीधर जी की प्रतिमा कला के दृष्टिकोण से अति सुंदर एवं अद्वितीय है। बिना किसी रसायन के प्रयोग या अन्य पॉलिस के प्रतिमा की चमक पूर्ववत है। भगवान श्री कृष्ण शेषनाग के उपर कमल पीड़िका पर बंशीवादन नृत्य करते विराजमान हैं। भूगर्भ में गड़े होने के कारण शेषनाग दृष्टिगोचर नहीं होते हैं।।।

श्री बंशीधर मंदिर के बारे में विद्वानों का मत है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण त्रिदेव अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों स्वरूप में हैं। विद्वानों का तर्क है कि यहां स्थित श्री बंशीधरजी जटाधारी के रूप में दिखाई देते है जबकि शास्त्रों में श्रीकृष्ण के खुले लट और घुंघराले बाल का वर्णन है इस लिहाज से मान्यता है कि श्रीकृष्ण जटाधारी अर्थात देवाधिदेव महादेव के रूप में विराजमान हैं। श्रीकृष्ण के शेषशैय्या पर होने का वर्णन शास्त्रों में मिलता है लेकिन यहां श्री बंशीधर जी शेषनाग के उपर कमलपुष्प पर विराजमान हैं, जबकि कमलपुष्प ब्रह्मा का आसन है। इस लिहाज से मान्यता है कि कमल पुष्पासीन श्री कृष्ण कमलासन ब्रह्मा के रूप में विराजमान हैं। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं लक्ष्मीनाथ विष्णु के अवतार है इसलिये विष्णु के स्वरूप में विराजमान हैं। त्रिदेव के रूप में विराजमान भगवान सबकी मनोकामना पूरी करते हैं।।।

मंदिर में होने वाले कार्यक्रम व श्रद्धालुओं का आगमन

श्री बंशीधर मंदिर में वर्ष भर प्रतिमाह धार्मिक कार्यक्रम जारी रहता है। प्रतिवर्ष श्रीकृष्ण की जयंती जन्माष्टमी मथुरा एवं वृंदावन की तरह मनाई जाती है। इस मौके पर एक सप्ताह तक श्रीमद्भागवत कथा और रात्रि काल में वृंदावन की मंडली द्वारा रासलीला का आयोजन किया जाता है ।जिससे श्री बंशीधर नगर सहित आस पास के गांवों का माहौल भक्तिमय हो जाता है। जन्माष्टमी के मौके पर आठ दिनों तक आयोजित जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए देश भर से बड़ी संख्या में हजारों श्रद्धालु आते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर एक महीने तक मंदिर परिसर में भव्य मेला लगता है।

कार्तिक छठ पूजा पर देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु छठ व्रत करने मंदिर में दर्शन करने आते हैं। शारदीय और वासंतिक नवरात्रि दीपावली, गोवर्धन पूजा, चौबीसों एकादशी, वसंत पंचमी पर मंदिर स्थापना दिवस, अन्नकूट एवं हर माह पूर्णिमा आदि त्योहार पर मंदिर में विशेष कार्यक्रम व अनुष्ठान, भंडारा आयोजित होता है। जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालु शामिल होते हैं। उपरोक्त विशेष आयोजन और अवसरों पर स्थानीय एवं पड़ोसी राज्यों के हजारों श्रद्धालु आते हैं।वही हर वर्ष में एक बार बंशीधर महोत्सव मनाया जाता है। साथ ही पहले से नगर उंटारी का नाम था उसे बदल कर श्री बंशीधर नगर कर दिया गया है। सांसद श्री विष्णुदयाल राम ने लोकसभा में श्री बंशीधर जी का महात्म्य बताते हुए भारत सरकार से श्री बंशीधर नगर को तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए स्वदेश दर्शन योजना में शामिल करने और श्री कृष्ण सर्किट से जोड़ने का अनुरोध किया है।।।

मंदिर से विभिन्न स्थानों की दूरी

मंदिर से रेलवे स्टेशन की दूरी 2.5 किमी, बस स्टैंड की दूरी 1.5 और थाना की दूरी 1.8 किमी, अनुमंडल की दूरी 2.8 और प्रखंड कार्यालय की दूरी 2.5 किमी, जिला मुख्यालय गढ़वा की दूरी 40 किमी है। झारखंड राज्य की राजधानी रांची की दूरी 245 किमी है। यूपी का सोनभद्र जिला सबसे करीब और सटा हुआ है। सोनभद्र जिलान्तर्गत विंढमगंज की दूरी मात्र 12 किमी है। जबकि सोनभद्र जिला मुख्यालय रॉबर्टसगंज की दूरी 100 किमी है। तीर्थ और धार्मिक लिहाज से महत्वपूर्ण वाराणसी एवं मिर्जापुर से 180 किमी है। बिहार की राजधानी पटना से 275 किमी है। दूसरे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला भी सटा हुआ है। सरगुजा जिले का सनावल की दूरी लगभग 30 किमी है। सरगुजा का जिला मुख्यालय अंबिकापुर की दूरी 200 किमी है। तीसरे पड़ोसी राज्य बिहार का रोहतास जिला भी सटा हुआ है। रोहतास जिले का नौहट्टा की दूरी लगभग 50 किमी है। जहां से नाव से सोन नदी पार कर 8 महीने तक आवागमन होता है। श्री बंशीधर नगर शहर एनएच 75 एवं गढ़वा रोड चोपन रेलखंड पर स्थित है। रांची, वाराणसी, अंबिकापुर से श्री बंशीधर नगर तक अंतर्राज्यीय बस सेवा उपलब्ध है। प्रतिदिन कई बसें उपरोक्त स्थानों से आया जाया करती हैं। गढ़वा रोड चोपन रेलखंड पर चलने वाली सभी एक्सप्रेस और पैंसेंजर ट्रेनें श्री बंशीधर जी की नगरी में स्थित नगर ऊंटारी रेलवे स्टेशन पर रुकती हैं। सड़क और रेल मार्ग से वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना जाना होता रहता है।।।

तीन राज्य तो बंशीधर नगर धाम से सटा हुआ रहने के कारण लोग आसानी से इनके दरबार में हाजिरी लगाने तो आते ही है ।लेकिन देश के कई कोने से भी भक्त यहां पहुंचते है ।और दर्शन कर अपनी मनोकामना बंशीधर नगर धाम में कहते है ।और उसे पूर्ण होने पर लोगों का आना जाना बराबर लगा रहता है।