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UPI पर चार्ज लगाए जाने पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, केंद्र व आरबीआई से मांगा जवाब

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सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई पेमेंट पर MDR लगाने पर रोक लगाने से फ‍िलहाल इनकार कर द‍िया है। हालांक‍ि, सीजेआई सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक (RBI), नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंड‍िया यानी NPCI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन्‍हें चार हफ्ते में यह बताने को कहा है क‍ि चार्ज क्‍यों लगाना जरूरी है।

केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज़्यादा के कुछ खास UPI 'पर्सन-टू-मर्चेंट' ट्रांजैक्शन पर MDR लगाया जाना है। शुल्क लगाने की केंद्र सरकार की अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्ते के भीतर मांगा हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला कानूनी से ज्यादा तकनीकी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया समेत सभी पक्षों को चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उस रिट याचिका पर ये नोटिस जारी किया है जिसमें केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 14 और 15 सितंबर को जारी उन गजट नोटिफिकेशन्स को रद्द करने की मांग की गई है, जिनमें 2,000 रुपये से ज्यादा के कमर्शियल UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की घोषणा की गई थी।

क्या है याचिकाकर्ता की दलील

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि UPI के आने के बाद ब्लैक मनी से जुड़े ट्रांजैक्शन में कमी आई है। याचिका में नई MDR व्यवस्था के कानूनी आधार पर भी सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला पर्याप्त वैधानिक सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक परामर्श के बिना लिया गया। शुल्क लगाने से अर्थव्यवस्था में नकदी और काले धन के लेन-देन में बढ़ोतरी हो सकती है, और व्यापारी इस अतिरिक्त लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर डाल सकते हैं।

क्या बोली सरकार?

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि डेबिट/क्रेडिट कार्ड से लेन-देन करने में लागत आती है। UPI भी इससे अलग नहीं है। 2 ऑपरेटर यह सेवा देते हैं। एक तो बैंक हैं। यह भारत सरकार द्वारा की जाने वाली वैधानिक वसूली नहीं है। यह प्लेयर्स के बीच सेटलमेंट फीस है, जिसे NPCI सुविधाजनक बनाता है। सरकार इसमें से एक रुपया भी नहीं ले रही है।

क्या है मामला

इस महीने की शुरुआत में, केंद्र सरकार ने UPI के लिए एक नया फ्रेमवर्क घोषित किया, जिसके तहत ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% का MDR लगेगा। सरकार का कहना है कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार के अनुसार, ट्रांसफर की गई रकम चाहे कितनी भी हो, सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति ट्रांज़ैक्शन के लिए UPI पूरी तरह से मुफ़्त बना रहेगा। MDR मर्चेंट पेमेंट सिस्टम का एक चार्ज है, न कि UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों से लिया जाने वाला शुल्क। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मर्चेंट MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें, जबकि UPI ऐप्स को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए चार्ज लगाने से मना किया गया है।

*शहर कांग्रेस गोंडा ने ADM श्री प्रमोद झा को गुलाब भेंट कर UPI पर MDR शुल्क वापस लेने की मांग की*

गोंडा, 18 सितम्बर 2026। शहर कांग्रेस कमेटी गोंडा के अध्यक्ष व सभासद शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में आज प्रतिनिधिमंडल ने ADM गोंडा श्री प्रमोद झा को ज्ञापन सौंपकर ₹2000 से अधिक UPI लेन-देन पर प्रस्तावित MDR शुल्क को वापस लेने की मांग की। गांधीवादी तरीके से ADM महोदय को गुलाब का फूल भेंट किया गया।

शहर अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी व मीडिया प्रभारी शिव कुमार दुबे ने कहा कि - "UPI पर शुल्क लगाना छोटे व्यापारियों, ठेले-खोमचे वालों पर हमला है। भाजपा ने खुद UPI को बढ़ावा दिया, अब उसी पर वसूली कर रही है। गरीब दुकानदार ₹2000-5000 का ही लेनदेन करता है, शुल्क लगेगा तो डिजिटल इंडिया फेल हो जाएगा। हम PM के जन्मदिन पर मांग करते हैं कि जनहित में प्रस्ताव वापस लें, नहीं तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।"

प्रतिनिधिमंडल में शाहिद अली कुरैशी (सभासद/अध्यक्ष शहर कांग्रेस), शिव कुमार दुबे (जिला मीडिया प्रभारी), मोहम्मद रिज़वान, सुकई भारती, बरकत अली, राम नेग, अनीश नाना, दशरथ, प्रदुमन शुक्ला, शिवप्रसाद शुक्ला, हरिराम वर्मा, जाकिर अली समेत दर्जनों कार्यकर्ता-पदाधिकारी शामिल रहे।

मऊ में AAP का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग


मऊ। आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार की नीतियों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर महंगाई, रोजगार, GST, UPI, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया।

ज्ञापन में UPI से जुड़े शुल्क और नियमों की स्थिति स्पष्ट करने के साथ ही रोजगार एवं महंगाई से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की गई। पार्टी ने किसानों, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की नीतियों एवं उपलब्धियों पर भी स्पष्ट जानकारी मांगी।

इसके अलावा सरकार के प्रमुख वादों, उपलब्धियों और विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए।

AAP नेताओं ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान AAP नेता विक्रम जीत सिंह ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़ा बयान भी दिया।

पार्टी ने कहा कि यदि उठाए गए मुद्दों पर अपेक्षित जवाब और सुधार नहीं होते हैं तो इन विषयों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से आगे भी उठाया जाएगा।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को फिर बताया ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’, बोले- अमेरिकी दबाव के सामने कर रहे सरेंडर

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने के संभावित व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी भुगतान कंपनियों के दबाव में आकर देश की शून्य व्यापारी छूट दर नीति को बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने एक्स पर किए एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकार ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर चुपचाप एमडीआर ( Merchant Discount Rate)लगाने का रास्ता खोल रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे लेनदेन की संख्या भले ही यूपीआई के कुल लेनदेन का करीब 5% हो, लेकिन इनका हिस्सा कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में लगभग 65% है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ग्राहक से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, तो दुकानदार पर लगने वाली फीस का बोझ आखिरकार किसकी जेब पर पड़ेगा।

राहुल बोले- अप्रत्यक्ष रूप से ग्राहक की जेब पर पड़ेगा भार

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि सरकार भले ही कह रही हो कि आम ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन व्यापारी पर लगने वाली फीस का असर अंततः ग्राहकों पर ही पड़ सकता है। उनके मुताबिक, दुकानदार इस अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से इसका भार ग्राहक की जेब पर पड़ेगा।

अमेरिकी कंपनियों के दबाव का भी लगाया आरोप

राहुल गांधी ने अपने बयान में अमेरिकी भुगतान कंपनियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ऐसी नीति की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिससे यूपीआई पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल सकता है।

बीजेपी ने कांग्रेस के दावे को बताया गलत

वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर राहुल गांधी और कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के UPI भुगतान पर 0.5% टैक्स या चार्ज लगाने का कोई सरकारी आदेश नहीं है। उनके मुताबिक, 5,000 रुपये के भुगतान पर 25 रुपये और 10,000 पर 50 रुपये वसूले जाने की बात काल्पनिक 0.5% दर के आधार पर कही जा रही है।

भारत के यंगेस्ट साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट Cyber Expert Nehal ने AI से होने वाले वित्तीय घोटालों पर जारी की चेतावनी

नई दिल्ली, भारत — देश भर में डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, भारत के यंगेस्ट साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, Cyber Expert Nehal, ने एक महत्वपूर्ण जन-सलाह जारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एआई-संचालित (AI-driven) वॉइस स्कैम और उन्नत फ़िशिंग तकनीकों के प्रति सतर्क करना है।आज के समय में डिजिटल बैंकिंग और UPI ट्रांजेक्शन आम जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी अपने तरीकों को और आधुनिक बना रहे हैं। हाल की जांचों से "AI Voice Cloning Fraud" के मामलों में भारी बढ़ोतरी का खुलासा हुआ है, जिसमें ठग किसी रिश्तेदार या परिचित की आवाज़ को एआई के ज़रिये रीक्रिएट करके आपातकालीन स्थिति का झांसा देते हैं और पैसे ऐंठ लेते हैं।

"साइबर अपराधी अब केवल पारंपरिक ओटीपी फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं; वे लोगों के मनोविज्ञान और भावनाओं से खेलने के लिए डीपफेक ऑडियो टूल और सोशल इंजीनियरिंग का सहारा ले रहे हैं," Cyber Expert Nehal ने कहा। "जब लोग किसी अपने की आवाज़ या आपातकालीन परिस्थिति सुनते हैं, तो वे जल्दबाज़ी में सुरक्षा नियमों को अनदेखा कर देते हैं। इस तरह के फ्रॉड से बचने का सबसे सही तरीका यह है कि कोई भी वित्तीय लेनदेन करने से पहले पहचान की पुष्टि ज़रूर करें।"

इन उभरते खतरों से बचाव के लिए, Cyber Expert Nehal ने आम जनता के लिए 3 आवश्यक सुरक्षा टिप्स साझा किए हैं:

  इमरजेंसी कोड वर्ड बनाएं: अपने परिवार के साथ एक गुप्त कोड शब्द या वाक्यांश तय करें, ताकि अचानक आए किसी भी आपातकालीन कॉल के दौरान सही व्यक्ति की पहचान की जा सके।

  जल्दबाज़ी में कोई कदम न उठाएं: साइबर ठग हमेशा डर और हड़बड़ी का माहौल बनाते हैं। कॉल कट करके संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक या पहले से मौजूद नंबर पर दोबारा कॉल करके स्थिति की पुष्टि करें।

अनावश्यक ऐप परमिशन हटाएं: स्मार्टफोन से उन ऐप्स को तुरंत हटाएं या उनकी परमिशन रद्द करें जो बिना किसी आवश्यकता के कॉन्टैक्ट्स, एसएमएस और माइक्रोफोन का एक्सेस मांगते हैं।

Cyber Expert Nehal, जिन्हें भारत के सबसे कम उम्र के साइबर विशेषज्ञों में से एक माना जाता है, लगातार डिजिटल सुरक्षा की जांच करने, युवाओं को सुरक्षित डिजिटल आदतों के प्रति जागरूक करने और संस्थानों को साइबर खतरों से बचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

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8 सितंबर 2026 की मध्य रात्रि के बाद,चंद्रमा और बृहस्पति की युति दिखाई देगी

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल प्रेमियों के लिए एक शानदार खगोलीय युति घटित होने वाली है क्योंकि 8 सितंबर 2026 को मध्य रात्रि के बाद लगभग 3 बजकर 35 मिनट के बाद पूर्वी क्षितिज के आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह एक साथ दिखाई देने शुरू हो जाएंगे या कुछ यूं कहें कि यानि कि 9 सितंबर 2026 की भोर सुबह तक के आकाश में एक पतला चंद्र-कोर (Crescent Moon) चन्द्रमा,हमारे सौर मण्डल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) के बेहद करीब से गुजरेगा,इस दौरान दोनों के बीच की दूरी 1 डिग्री से भी कम होगी, जिससे इस युति के दौरान एक बेहद ही खूबसूरत खगोलीय दृश्य बनेगा, इस खगोलीय संरेखण को खगोल विज्ञान की भाषा में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह के शानदार निकटतम आगमन को चन्द्र -ब्रहस्पति युति कहा जाता है, लेकिन वास्तव में यह दोनों खगोलीय पिण्ड आपस में करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर मौजूद हैं लेकिन कभी कभी पृथ्वी से देखने पर दृश्य प्रभाव के कारण काफ़ी पास पास दिखाई देते हैं इसी को खगोल विज्ञान की भाषा में कंजंक्शन या युति भी कहा जाता है।

किस दिशा में और किस तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होंगे दोनों खगोलीय पिण्ड।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय युति को देखने के लिए आपको किसी विशेष दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की भी आवश्यकता नहीं है, आप अपनी साधारण आंखों से ही इस युति को देख सकते हैं , लेकिन अगर आपके पास कोई टेलीस्कोप /दूरबीन या विनोकुलर आदि उपकरण मौजूद हैं तो आप इसको और भी अधिक सर्वोत्तम तौर पर देख सकते हैं, लेकिन आपको पूर्वी आकाश में क्षितिज से थोड़ा ऊपर देखना होगा तब आकाश में एक बहुत ही पतला हंसिया जैसा चंद्रमा (वैनिंग क्रिसेंट मून) लगभग 8 से 10 प्रतिशत चमकता हुआ दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 6.78 के क़रीब होगा और यह सिंह तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा और ठीक उसके पास ही में बेहद चमकीला ब्रहस्पति ग्रह एक बड़े तारे की तरह चमकता हुआ नज़र आयेगा इस दौरान बृहस्पति ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.66 होगा और यह कर्क तारामंडल में स्थित होगा।

कहां कहां से दिखाई देगा लूनर ऑक्ल्टेशन।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह लूनर ऑक्ल्टेशन की खगोलीय स्थिति भारत से दिखाई नहीं देगी लेकिन यह कनाडा, ग्रीनलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, पूर्वी रूस और उत्तरी प्रशांत क्षेत्र के कुछ स्थानों पर यह घटना और भी रोमांचक होगी क्योंकि वहां चंद्रमा सीधे बृहस्पति के सामने से गुजरेगा और कुछ समय के लिए इस विशाल ग्रह को अपनी ओट में छिपा देगा,इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण नहीं, बल्कि “चंद्रमा द्वारा ग्रह का आवरण” या लूनर ऑक्ल्टेशन (Lunar Occultation / चंद्र आवरण) कहा जाता है, लेकिन जो लोग चंद्र आवरण वाले क्षेत्र में नहीं हैं, वे भी चंद्रमा और बृहस्पति की इस शानदार और बेहद निकट खगोलीय युति का आनंद तो उठा ही सकते हैं।

भारत में इस खगोलीय युति का कैसे कर सकते हैं ख़ास दीदार और क्या क्या बरतें सावधानियां।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस ख़ास खगोलीय नज़ारे को देखने के लिए आपको किसी विशेष उपकरण की ज़रूरत नहीं है क्योंकि इसे देखने के लिए आपको किसी टेलिस्कोप (Telescope) या दूरबीन की आवश्यकता नहीं है, इसे केवल नग्न आँखों से सीधे आसमान में देखा जा सकता है, लेकिन आज कल बढ़ते प्रकाश प्रदूषण/लाइट पॉल्यूशन के कारण तारों और ग्रहों को साधारण आंखों से देखने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है इसलिए उच्च कोटि के दृश्य के लिए प्रकाश प्रदूषण से पूर्णतः दूर जाएं, या कुछ यूं कहें कि किसी ग्रामीण इलाकों में जाकर देखना शहरों के मुक़ाबले ज़्यादा फायदेमंद होता है,नहीं तो शहरों की अनियमित तेज़ रोशनी और इससे उत्पन्न होने वाले प्रकाश प्रदूषण के कारण वैसे ही साधारण आँखों से दिखाई देने वाले तारों और ग्रहों तक की संख्या सीमित होती जा रही है और बढ़ते हुए प्रकाश प्रदूषण के कारण ही आज कल खगोल प्रेमियों के लिए भी कई बार निराश ही होना पड़ता है और अगर पृथ्वी पर ऐसे ही अनियमित तौर पर अंधाधुंध प्रकाश प्रदूषण बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नहीं है जब तमाम खगोलीय पिंड जो आसानी से दिख जाते थे वह भी दिखना बंद हो जाएंगे और हम अपने ही नहीं बल्कि सभी के हिस्से का आकाश भी खो देंगे जोकि मानवता के लिए किसी दुर्भाग्य से कम नहीं होगा अगर हम पुराने जमाने की बात करें तो पाते हैं कि पुराने जमाने में साधारण आंखों से ही आसानी से दिखने वाले अनगिनत खगोलीय पिण्ड एवं घटनाएँ और हमारी आकाशगंगा एवं अन्य तमाम खगोलीय पिंड ऐसे ही रात्रि के आकाश में साधारण आंखों से ही दिखाई देते थे लेकिन आज जो बचे हुए हैं इन्हें भी जिन्हें साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकता है वो भी बढ़ते प्रकाश प्रदूषण के कारण ही सभी धीरे धीरे बिल्कुल गायब हो जाएंगे इसीलिए अभी भी समय है कि आप ख़ुद के साथ ही सभी में वैज्ञानिक वातावरण उत्पन्न करते हुए समायोचित समझाने का प्रयास करें कि प्रकाश प्रदूषण क्या है और यह कितना खतरनाक साबित हो रहा है सभी के लिए चाहें वह मानव हों। पशु, पक्षी एवं कीट पतंगे आदि कोई भी इसकी अधिकता की चपेट से बचा नहीं है और अगर इसको महसूस करना चाहते हैं तो आप इसे स्पष्ट देखने के लिए किसी ग्रामीण इलाके या ऐसी जगह जाएं जहाँ अंधेरा हो या डार्क स्काई जोन हों,आपको ख़ुद महसूस होगा कि जो खगोलीय घटनाएं एवं तारे, ग्रह और मंदाकिनी आदि शहरों से दिखाई नहीं देती हैं वहीं ग्रामीण इलाकों जहां प्रकाश प्रदूषण नहीं होता है वहां से आसानी से दिखाई देना शुरू हो जाएंगे, लेकिन अगर हम बात करें चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह की युति की तो यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मानसून का खलल भी एक बाधक हो सकता है चूंकि भारत में सितंबर की शुरुआत में कई हिस्सों में मानसूनी बादल छाए रहते हैं,इसलिए यदि आपके इलाके में आसमान पूरी तरह साफ़ (Clear Sky) रहता है,तभी आप इसे देख पाएंगे,और साथ ही खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि किसी भी समय सावधानी बेहद ही जरूरी है, जैसे की दूरबीनों आदि को लगाते समय भी विशेष ध्यान रखना चाहिए, खासकर,सूर्य के आसपास या उसकी दिशा में कभी भी बिना उचित एवं बिना उच्च कोटि मानकीकृत प्रमाणित सौर फिल्टर एवं संपूर्ण सटीक प्रमाणित वैज्ञानिक जानकारी और सावधानियों के किसी भी दूरबीन,टेलीस्कोप या किसी अन्य ऑप्टिकल उपकरण का उपयोग न करें क्योंकि अन्यथा की स्थिति में बिना जाने ऐसा करने से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है।

आईएमए फर्रुखाबाद की नई कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार

मऊ साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी, ठगी के 55 हजार रुपये पीड़ित को वापस कराए

अवैध लिंक भेजकर UPI के जरिए हुई थी साइबर ठगी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मऊ। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मऊ साइबर पुलिस टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड में ठगे गए 55 हजार रुपये पीड़ित को वापस करा दिए। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।

पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में साइबर फ्रॉड की रोकथाम एवं जागरूकता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद के नेतृत्व में थाना रानीपुर साइबर पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार रानीपुर निवासी बृजेश चौहान के बैंक खाते से साइबर ठगों ने UPI के माध्यम से एक अवैध लिंक भेजकर कुल 55,000 रुपये की धनराशि फ्रॉड कर ली थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक कार्रवाई की और MRM पोर्टल के माध्यम से पूरी धनराशि पीड़ित को वापस करा दी।

साइबर ठगी से बचने की अपील

पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और OTP, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। फर्जी KYC अपडेट, निवेश, लोन, पार्ट टाइम जॉब आदि के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने की अपील की गई है।

पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराएं। त्वरित शिकायत से ठगी की धनराशि को रोकने और वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।

जनपद मऊ -: फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो UPI, SIM और बैंक अकाउंट को तुरंत कैसे सुरक्षित करें? जानें 5 जरूरी कदम

फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल कॉल और इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है। हमारे फोन में UPI ऐप्स, मोबाइल बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है।

ऐसे में फोन खो जाने या चोरी हो जाने पर सबसे बड़ा खतरा केवल फोन के नुकसान का नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक अकाउंट, UPI, SIM और ऑनलाइन अकाउंट के दुरुपयोग का भी होता है।

इसलिए फोन खोने के बाद घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम तुरंत और सही क्रम में उठाने चाहिए।

1. फोन को तुरंत Remote Lock करें

फोन खोने के बाद सबसे पहले किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने डिवाइस को Remote Lock करने का प्रयास करें।
Android और iPhone दोनों में डिवाइस को खोजने तथा लॉक करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि फोन वापस मिलने की संभावना कम है और उसमें संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी मौजूद है, तो उपलब्ध होने पर Remote Erase विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि फोन को रिमोटली लॉक या erase करने के बाद भी अपने महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए आगे के कदम जरूर उठाएं।

2. UPI और Mobile Banking को तुरंत सुरक्षित करें

फोन खोने के बाद UPI और मोबाइल बैंकिंग को प्राथमिकता से सुरक्षित करना चाहिए।
अपनी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या आधिकारिक Customer Care के माध्यम से बैंक को फोन खोने की जानकारी दें। आवश्यकता पड़ने पर:
* Mobile Banking को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाएं।
* UPI सेवा या संबंधित UPI प्रोफाइल को सुरक्षित करवाएं।
* कार्ड/बैंकिंग credentials के दुरुपयोग की आशंका हो तो बैंक को तुरंत सूचित करें।
* अपने बैंक खाते के transactions पर नजर रखें।
* कोई अनजान transaction दिखाई दे तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण: बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।

3. SIM Card को तुरंत Block करवाएं
फोन चोरी या गुम होने के बाद SIM को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल OTP और account recovery जैसी सेवाओं में हो सकता है।
अपने Telecom Operator से संपर्क करके:
1. पुराने SIM को ब्लॉक करवाएं।
2. उसी नंबर का replacement/duplicate SIM प्राप्त करें।
3. SIM दोबारा सक्रिय होने के बाद अपने महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स जांचें।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को आपका फोन और सक्रिय SIM दोनों मिल जाते हैं, तो वह आपके नंबर से जुड़े कुछ account-recovery या authentication प्रयास कर सकता है।

4. Email और Social Media के Password बदलें

फोन में लॉग-इन आपके Gmail/Email, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स हो सकते हैं।
किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से:
* Primary Email का password बदलें।
* Recovery Email की सुरक्षा जांचें।
* सोशल मीडिया अकाउंट्स के password बदलें।
* Unknown या पुराने devices से logout करें।
* जहां संभव हो, Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें।
* Account recovery options की समीक्षा करें।
सबसे पहले उस मुख्य Email Account को सुरक्षित करना समझदारी है, क्योंकि कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं का password reset उसी Email के माध्यम से किया जा सकता है।

5. पुलिस शिकायत करें और CEIR से IMEI Block करें

यदि फोन चोरी हुआ है, तो स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। फोन का IMEI Number भी सुरक्षित रखें। यह नंबर आमतौर पर फोन के बॉक्स, बिल या खरीद से जुड़े दस्तावेजों में मिल सकता है।
भारत में चोरी या खोए हुए मोबाइल डिवाइस के IMEI को ब्लॉक करने और संबंधित प्रक्रिया के लिए Central Equipment Identity Register (CEIR) का उपयोग किया जा सकता है।
CEIR के माध्यम से पात्र मामलों में खोए/चोरी हुए मोबाइल डिवाइस को नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों को संभालकर रखना भी उपयोगी है।

किन गलतियों से बचना चाहिए?
फोन खोने के बाद कुछ लोग केवल SIM बंद करवाकर सुरक्षित समझ लेते हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो सकता।
इन गलतियों से बचें:
* अनजान व्यक्ति को OTP न बताएं।
* बैंक PIN, UPI PIN या Password किसी के साथ साझा न करें।
* बैंक की समस्या बताकर आने वाले संदिग्ध कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें।
* किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
* Fake Customer Care Number से सावधान रहें।
* फोन वापस मिलने के नाम पर Remote Lock हटाने या credentials देने की जल्दबाजी न करें।

फोन खोना केवल डिवाइस खोना नहीं है। आज स्मार्टफोन बैंकिंग, UPI, Email और कई डिजिटल सेवाओं की चाबी बन चुका है। इसलिए फोन गुम या चोरी होने पर जितनी जल्दी कार्रवाई की जाए, उतना ही संभावित वित्तीय और डिजिटल नुकसान कम किया जा सकता है।

साइबर क्राइम थाना
मऊ

कृपया केवल पढ़े नहीं ज्यादा से ज्यादा शेयर करे क्योकि बस जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है
UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत, लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई चार्ज

-  P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, भविष्य में MDR लागू हुआ तो सीमित मर्चेंट पर ही होगा असर

नई दिल्ली। UPI से लेनदेन करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI के जरिए नागरिकों के लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांजैक्शन भी पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
सरकार के मुताबिक, भविष्य में यदि MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने की जरूरत पड़ती है तो इसे सीमित संख्या में मर्चेंट लेनदेन पर ही लागू किया जाएगा। तय सीमा से अधिक के ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाए जाने की व्यवस्था हो सकती है।

सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिकों के लिए UPI लेनदेन मुफ्त रहेगा, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़ने की उम्मीद है।
UPI पर चार्ज लगाए जाने पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, केंद्र व आरबीआई से मांगा जवाब

#upitransactionschargessupremecourtnoticetocentrerbiandnpci

सुप्रीम कोर्ट ने यूपीआई पेमेंट पर MDR लगाने पर रोक लगाने से फ‍िलहाल इनकार कर द‍िया है। हालांक‍ि, सीजेआई सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक (RBI), नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंड‍िया यानी NPCI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन्‍हें चार हफ्ते में यह बताने को कहा है क‍ि चार्ज क्‍यों लगाना जरूरी है।

केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज़्यादा के कुछ खास UPI 'पर्सन-टू-मर्चेंट' ट्रांजैक्शन पर MDR लगाया जाना है। शुल्क लगाने की केंद्र सरकार की अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्ते के भीतर मांगा हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला कानूनी से ज्यादा तकनीकी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया समेत सभी पक्षों को चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उस रिट याचिका पर ये नोटिस जारी किया है जिसमें केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा 14 और 15 सितंबर को जारी उन गजट नोटिफिकेशन्स को रद्द करने की मांग की गई है, जिनमें 2,000 रुपये से ज्यादा के कमर्शियल UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की घोषणा की गई थी।

क्या है याचिकाकर्ता की दलील

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि UPI के आने के बाद ब्लैक मनी से जुड़े ट्रांजैक्शन में कमी आई है। याचिका में नई MDR व्यवस्था के कानूनी आधार पर भी सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला पर्याप्त वैधानिक सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक परामर्श के बिना लिया गया। शुल्क लगाने से अर्थव्यवस्था में नकदी और काले धन के लेन-देन में बढ़ोतरी हो सकती है, और व्यापारी इस अतिरिक्त लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर डाल सकते हैं।

क्या बोली सरकार?

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि डेबिट/क्रेडिट कार्ड से लेन-देन करने में लागत आती है। UPI भी इससे अलग नहीं है। 2 ऑपरेटर यह सेवा देते हैं। एक तो बैंक हैं। यह भारत सरकार द्वारा की जाने वाली वैधानिक वसूली नहीं है। यह प्लेयर्स के बीच सेटलमेंट फीस है, जिसे NPCI सुविधाजनक बनाता है। सरकार इसमें से एक रुपया भी नहीं ले रही है।

क्या है मामला

इस महीने की शुरुआत में, केंद्र सरकार ने UPI के लिए एक नया फ्रेमवर्क घोषित किया, जिसके तहत ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% का MDR लगेगा। सरकार का कहना है कि व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांजैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार के अनुसार, ट्रांसफर की गई रकम चाहे कितनी भी हो, सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति ट्रांज़ैक्शन के लिए UPI पूरी तरह से मुफ़्त बना रहेगा। MDR मर्चेंट पेमेंट सिस्टम का एक चार्ज है, न कि UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों से लिया जाने वाला शुल्क। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मर्चेंट MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें, जबकि UPI ऐप्स को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए चार्ज लगाने से मना किया गया है।

*शहर कांग्रेस गोंडा ने ADM श्री प्रमोद झा को गुलाब भेंट कर UPI पर MDR शुल्क वापस लेने की मांग की*

गोंडा, 18 सितम्बर 2026। शहर कांग्रेस कमेटी गोंडा के अध्यक्ष व सभासद शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में आज प्रतिनिधिमंडल ने ADM गोंडा श्री प्रमोद झा को ज्ञापन सौंपकर ₹2000 से अधिक UPI लेन-देन पर प्रस्तावित MDR शुल्क को वापस लेने की मांग की। गांधीवादी तरीके से ADM महोदय को गुलाब का फूल भेंट किया गया।

शहर अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी व मीडिया प्रभारी शिव कुमार दुबे ने कहा कि - "UPI पर शुल्क लगाना छोटे व्यापारियों, ठेले-खोमचे वालों पर हमला है। भाजपा ने खुद UPI को बढ़ावा दिया, अब उसी पर वसूली कर रही है। गरीब दुकानदार ₹2000-5000 का ही लेनदेन करता है, शुल्क लगेगा तो डिजिटल इंडिया फेल हो जाएगा। हम PM के जन्मदिन पर मांग करते हैं कि जनहित में प्रस्ताव वापस लें, नहीं तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।"

प्रतिनिधिमंडल में शाहिद अली कुरैशी (सभासद/अध्यक्ष शहर कांग्रेस), शिव कुमार दुबे (जिला मीडिया प्रभारी), मोहम्मद रिज़वान, सुकई भारती, बरकत अली, राम नेग, अनीश नाना, दशरथ, प्रदुमन शुक्ला, शिवप्रसाद शुक्ला, हरिराम वर्मा, जाकिर अली समेत दर्जनों कार्यकर्ता-पदाधिकारी शामिल रहे।

मऊ में AAP का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग


मऊ। आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार की नीतियों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर महंगाई, रोजगार, GST, UPI, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया।

ज्ञापन में UPI से जुड़े शुल्क और नियमों की स्थिति स्पष्ट करने के साथ ही रोजगार एवं महंगाई से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की गई। पार्टी ने किसानों, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की नीतियों एवं उपलब्धियों पर भी स्पष्ट जानकारी मांगी।

इसके अलावा सरकार के प्रमुख वादों, उपलब्धियों और विदेश यात्राओं पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए।

AAP नेताओं ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान AAP नेता विक्रम जीत सिंह ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़ा बयान भी दिया।

पार्टी ने कहा कि यदि उठाए गए मुद्दों पर अपेक्षित जवाब और सुधार नहीं होते हैं तो इन विषयों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से आगे भी उठाया जाएगा।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को फिर बताया ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’, बोले- अमेरिकी दबाव के सामने कर रहे सरेंडर

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने के संभावित व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी भुगतान कंपनियों के दबाव में आकर देश की शून्य व्यापारी छूट दर नीति को बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने एक्स पर किए एक पोस्ट में आरोप लगाया कि सरकार ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर चुपचाप एमडीआर ( Merchant Discount Rate)लगाने का रास्ता खोल रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, ऐसे लेनदेन की संख्या भले ही यूपीआई के कुल लेनदेन का करीब 5% हो, लेकिन इनका हिस्सा कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में लगभग 65% है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ग्राहक से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, तो दुकानदार पर लगने वाली फीस का बोझ आखिरकार किसकी जेब पर पड़ेगा।

राहुल बोले- अप्रत्यक्ष रूप से ग्राहक की जेब पर पड़ेगा भार

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि सरकार भले ही कह रही हो कि आम ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन व्यापारी पर लगने वाली फीस का असर अंततः ग्राहकों पर ही पड़ सकता है। उनके मुताबिक, दुकानदार इस अतिरिक्त लागत को वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में शामिल कर सकते हैं और इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से इसका भार ग्राहक की जेब पर पड़ेगा।

अमेरिकी कंपनियों के दबाव का भी लगाया आरोप

राहुल गांधी ने अपने बयान में अमेरिकी भुगतान कंपनियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की जीरो-एमडीआर नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ऐसी नीति की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिससे यूपीआई पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल सकता है।

बीजेपी ने कांग्रेस के दावे को बताया गलत

वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर राहुल गांधी और कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए कहा कि 2,000 रुपये से ऊपर के UPI भुगतान पर 0.5% टैक्स या चार्ज लगाने का कोई सरकारी आदेश नहीं है। उनके मुताबिक, 5,000 रुपये के भुगतान पर 25 रुपये और 10,000 पर 50 रुपये वसूले जाने की बात काल्पनिक 0.5% दर के आधार पर कही जा रही है।

भारत के यंगेस्ट साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट Cyber Expert Nehal ने AI से होने वाले वित्तीय घोटालों पर जारी की चेतावनी

नई दिल्ली, भारत — देश भर में डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, भारत के यंगेस्ट साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, Cyber Expert Nehal, ने एक महत्वपूर्ण जन-सलाह जारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एआई-संचालित (AI-driven) वॉइस स्कैम और उन्नत फ़िशिंग तकनीकों के प्रति सतर्क करना है।आज के समय में डिजिटल बैंकिंग और UPI ट्रांजेक्शन आम जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं, जिसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी अपने तरीकों को और आधुनिक बना रहे हैं। हाल की जांचों से "AI Voice Cloning Fraud" के मामलों में भारी बढ़ोतरी का खुलासा हुआ है, जिसमें ठग किसी रिश्तेदार या परिचित की आवाज़ को एआई के ज़रिये रीक्रिएट करके आपातकालीन स्थिति का झांसा देते हैं और पैसे ऐंठ लेते हैं।

"साइबर अपराधी अब केवल पारंपरिक ओटीपी फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं; वे लोगों के मनोविज्ञान और भावनाओं से खेलने के लिए डीपफेक ऑडियो टूल और सोशल इंजीनियरिंग का सहारा ले रहे हैं," Cyber Expert Nehal ने कहा। "जब लोग किसी अपने की आवाज़ या आपातकालीन परिस्थिति सुनते हैं, तो वे जल्दबाज़ी में सुरक्षा नियमों को अनदेखा कर देते हैं। इस तरह के फ्रॉड से बचने का सबसे सही तरीका यह है कि कोई भी वित्तीय लेनदेन करने से पहले पहचान की पुष्टि ज़रूर करें।"

इन उभरते खतरों से बचाव के लिए, Cyber Expert Nehal ने आम जनता के लिए 3 आवश्यक सुरक्षा टिप्स साझा किए हैं:

  इमरजेंसी कोड वर्ड बनाएं: अपने परिवार के साथ एक गुप्त कोड शब्द या वाक्यांश तय करें, ताकि अचानक आए किसी भी आपातकालीन कॉल के दौरान सही व्यक्ति की पहचान की जा सके।

  जल्दबाज़ी में कोई कदम न उठाएं: साइबर ठग हमेशा डर और हड़बड़ी का माहौल बनाते हैं। कॉल कट करके संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक या पहले से मौजूद नंबर पर दोबारा कॉल करके स्थिति की पुष्टि करें।

अनावश्यक ऐप परमिशन हटाएं: स्मार्टफोन से उन ऐप्स को तुरंत हटाएं या उनकी परमिशन रद्द करें जो बिना किसी आवश्यकता के कॉन्टैक्ट्स, एसएमएस और माइक्रोफोन का एक्सेस मांगते हैं।

Cyber Expert Nehal, जिन्हें भारत के सबसे कम उम्र के साइबर विशेषज्ञों में से एक माना जाता है, लगातार डिजिटल सुरक्षा की जांच करने, युवाओं को सुरक्षित डिजिटल आदतों के प्रति जागरूक करने और संस्थानों को साइबर खतरों से बचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत हैं।

अधिक जानकारी, इंटरव्यू अनुरोध या साइबर सुरक्षा परामर्श के लिए संपर्क करें:

मीडिया संपर्क:

Cyber Expert Nehal

साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट एवं एथिकल हैकर

Instagram:

8 सितंबर 2026 की मध्य रात्रि के बाद,चंद्रमा और बृहस्पति की युति दिखाई देगी

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल प्रेमियों के लिए एक शानदार खगोलीय युति घटित होने वाली है क्योंकि 8 सितंबर 2026 को मध्य रात्रि के बाद लगभग 3 बजकर 35 मिनट के बाद पूर्वी क्षितिज के आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह एक साथ दिखाई देने शुरू हो जाएंगे या कुछ यूं कहें कि यानि कि 9 सितंबर 2026 की भोर सुबह तक के आकाश में एक पतला चंद्र-कोर (Crescent Moon) चन्द्रमा,हमारे सौर मण्डल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) के बेहद करीब से गुजरेगा,इस दौरान दोनों के बीच की दूरी 1 डिग्री से भी कम होगी, जिससे इस युति के दौरान एक बेहद ही खूबसूरत खगोलीय दृश्य बनेगा, इस खगोलीय संरेखण को खगोल विज्ञान की भाषा में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह के शानदार निकटतम आगमन को चन्द्र -ब्रहस्पति युति कहा जाता है, लेकिन वास्तव में यह दोनों खगोलीय पिण्ड आपस में करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर मौजूद हैं लेकिन कभी कभी पृथ्वी से देखने पर दृश्य प्रभाव के कारण काफ़ी पास पास दिखाई देते हैं इसी को खगोल विज्ञान की भाषा में कंजंक्शन या युति भी कहा जाता है।

किस दिशा में और किस तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होंगे दोनों खगोलीय पिण्ड।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय युति को देखने के लिए आपको किसी विशेष दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की भी आवश्यकता नहीं है, आप अपनी साधारण आंखों से ही इस युति को देख सकते हैं , लेकिन अगर आपके पास कोई टेलीस्कोप /दूरबीन या विनोकुलर आदि उपकरण मौजूद हैं तो आप इसको और भी अधिक सर्वोत्तम तौर पर देख सकते हैं, लेकिन आपको पूर्वी आकाश में क्षितिज से थोड़ा ऊपर देखना होगा तब आकाश में एक बहुत ही पतला हंसिया जैसा चंद्रमा (वैनिंग क्रिसेंट मून) लगभग 8 से 10 प्रतिशत चमकता हुआ दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 6.78 के क़रीब होगा और यह सिंह तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा और ठीक उसके पास ही में बेहद चमकीला ब्रहस्पति ग्रह एक बड़े तारे की तरह चमकता हुआ नज़र आयेगा इस दौरान बृहस्पति ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.66 होगा और यह कर्क तारामंडल में स्थित होगा।

कहां कहां से दिखाई देगा लूनर ऑक्ल्टेशन।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह लूनर ऑक्ल्टेशन की खगोलीय स्थिति भारत से दिखाई नहीं देगी लेकिन यह कनाडा, ग्रीनलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, पूर्वी रूस और उत्तरी प्रशांत क्षेत्र के कुछ स्थानों पर यह घटना और भी रोमांचक होगी क्योंकि वहां चंद्रमा सीधे बृहस्पति के सामने से गुजरेगा और कुछ समय के लिए इस विशाल ग्रह को अपनी ओट में छिपा देगा,इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण नहीं, बल्कि “चंद्रमा द्वारा ग्रह का आवरण” या लूनर ऑक्ल्टेशन (Lunar Occultation / चंद्र आवरण) कहा जाता है, लेकिन जो लोग चंद्र आवरण वाले क्षेत्र में नहीं हैं, वे भी चंद्रमा और बृहस्पति की इस शानदार और बेहद निकट खगोलीय युति का आनंद तो उठा ही सकते हैं।

भारत में इस खगोलीय युति का कैसे कर सकते हैं ख़ास दीदार और क्या क्या बरतें सावधानियां।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस ख़ास खगोलीय नज़ारे को देखने के लिए आपको किसी विशेष उपकरण की ज़रूरत नहीं है क्योंकि इसे देखने के लिए आपको किसी टेलिस्कोप (Telescope) या दूरबीन की आवश्यकता नहीं है, इसे केवल नग्न आँखों से सीधे आसमान में देखा जा सकता है, लेकिन आज कल बढ़ते प्रकाश प्रदूषण/लाइट पॉल्यूशन के कारण तारों और ग्रहों को साधारण आंखों से देखने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है इसलिए उच्च कोटि के दृश्य के लिए प्रकाश प्रदूषण से पूर्णतः दूर जाएं, या कुछ यूं कहें कि किसी ग्रामीण इलाकों में जाकर देखना शहरों के मुक़ाबले ज़्यादा फायदेमंद होता है,नहीं तो शहरों की अनियमित तेज़ रोशनी और इससे उत्पन्न होने वाले प्रकाश प्रदूषण के कारण वैसे ही साधारण आँखों से दिखाई देने वाले तारों और ग्रहों तक की संख्या सीमित होती जा रही है और बढ़ते हुए प्रकाश प्रदूषण के कारण ही आज कल खगोल प्रेमियों के लिए भी कई बार निराश ही होना पड़ता है और अगर पृथ्वी पर ऐसे ही अनियमित तौर पर अंधाधुंध प्रकाश प्रदूषण बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नहीं है जब तमाम खगोलीय पिंड जो आसानी से दिख जाते थे वह भी दिखना बंद हो जाएंगे और हम अपने ही नहीं बल्कि सभी के हिस्से का आकाश भी खो देंगे जोकि मानवता के लिए किसी दुर्भाग्य से कम नहीं होगा अगर हम पुराने जमाने की बात करें तो पाते हैं कि पुराने जमाने में साधारण आंखों से ही आसानी से दिखने वाले अनगिनत खगोलीय पिण्ड एवं घटनाएँ और हमारी आकाशगंगा एवं अन्य तमाम खगोलीय पिंड ऐसे ही रात्रि के आकाश में साधारण आंखों से ही दिखाई देते थे लेकिन आज जो बचे हुए हैं इन्हें भी जिन्हें साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकता है वो भी बढ़ते प्रकाश प्रदूषण के कारण ही सभी धीरे धीरे बिल्कुल गायब हो जाएंगे इसीलिए अभी भी समय है कि आप ख़ुद के साथ ही सभी में वैज्ञानिक वातावरण उत्पन्न करते हुए समायोचित समझाने का प्रयास करें कि प्रकाश प्रदूषण क्या है और यह कितना खतरनाक साबित हो रहा है सभी के लिए चाहें वह मानव हों। पशु, पक्षी एवं कीट पतंगे आदि कोई भी इसकी अधिकता की चपेट से बचा नहीं है और अगर इसको महसूस करना चाहते हैं तो आप इसे स्पष्ट देखने के लिए किसी ग्रामीण इलाके या ऐसी जगह जाएं जहाँ अंधेरा हो या डार्क स्काई जोन हों,आपको ख़ुद महसूस होगा कि जो खगोलीय घटनाएं एवं तारे, ग्रह और मंदाकिनी आदि शहरों से दिखाई नहीं देती हैं वहीं ग्रामीण इलाकों जहां प्रकाश प्रदूषण नहीं होता है वहां से आसानी से दिखाई देना शुरू हो जाएंगे, लेकिन अगर हम बात करें चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह की युति की तो यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मानसून का खलल भी एक बाधक हो सकता है चूंकि भारत में सितंबर की शुरुआत में कई हिस्सों में मानसूनी बादल छाए रहते हैं,इसलिए यदि आपके इलाके में आसमान पूरी तरह साफ़ (Clear Sky) रहता है,तभी आप इसे देख पाएंगे,और साथ ही खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि किसी भी समय सावधानी बेहद ही जरूरी है, जैसे की दूरबीनों आदि को लगाते समय भी विशेष ध्यान रखना चाहिए, खासकर,सूर्य के आसपास या उसकी दिशा में कभी भी बिना उचित एवं बिना उच्च कोटि मानकीकृत प्रमाणित सौर फिल्टर एवं संपूर्ण सटीक प्रमाणित वैज्ञानिक जानकारी और सावधानियों के किसी भी दूरबीन,टेलीस्कोप या किसी अन्य ऑप्टिकल उपकरण का उपयोग न करें क्योंकि अन्यथा की स्थिति में बिना जाने ऐसा करने से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है।

आईएमए फर्रुखाबाद की नई कार्यकारिणी ने संभाला कार्यभार

मऊ साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी, ठगी के 55 हजार रुपये पीड़ित को वापस कराए

अवैध लिंक भेजकर UPI के जरिए हुई थी साइबर ठगी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मऊ। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मऊ साइबर पुलिस टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड में ठगे गए 55 हजार रुपये पीड़ित को वापस करा दिए। पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।

पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में साइबर फ्रॉड की रोकथाम एवं जागरूकता के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद के नेतृत्व में थाना रानीपुर साइबर पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार रानीपुर निवासी बृजेश चौहान के बैंक खाते से साइबर ठगों ने UPI के माध्यम से एक अवैध लिंक भेजकर कुल 55,000 रुपये की धनराशि फ्रॉड कर ली थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आवश्यक कार्रवाई की और MRM पोर्टल के माध्यम से पूरी धनराशि पीड़ित को वापस करा दी।

साइबर ठगी से बचने की अपील

पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और OTP, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या अन्य संवेदनशील विवरण साझा न करें। फर्जी KYC अपडेट, निवेश, लोन, पार्ट टाइम जॉब आदि के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने की अपील की गई है।

पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराएं। त्वरित शिकायत से ठगी की धनराशि को रोकने और वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।

जनपद मऊ -: फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो UPI, SIM और बैंक अकाउंट को तुरंत कैसे सुरक्षित करें? जानें 5 जरूरी कदम

फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल कॉल और इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं है। हमारे फोन में UPI ऐप्स, मोबाइल बैंकिंग, ईमेल, सोशल मीडिया, OTP और निजी दस्तावेजों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद रहती है।

ऐसे में फोन खो जाने या चोरी हो जाने पर सबसे बड़ा खतरा केवल फोन के नुकसान का नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक अकाउंट, UPI, SIM और ऑनलाइन अकाउंट के दुरुपयोग का भी होता है।

इसलिए फोन खोने के बाद घबराने के बजाय कुछ जरूरी कदम तुरंत और सही क्रम में उठाने चाहिए।

1. फोन को तुरंत Remote Lock करें

फोन खोने के बाद सबसे पहले किसी दूसरे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने डिवाइस को Remote Lock करने का प्रयास करें।
Android और iPhone दोनों में डिवाइस को खोजने तथा लॉक करने की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि फोन वापस मिलने की संभावना कम है और उसमें संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी मौजूद है, तो उपलब्ध होने पर Remote Erase विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि फोन को रिमोटली लॉक या erase करने के बाद भी अपने महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स की सुरक्षा के लिए आगे के कदम जरूर उठाएं।

2. UPI और Mobile Banking को तुरंत सुरक्षित करें

फोन खोने के बाद UPI और मोबाइल बैंकिंग को प्राथमिकता से सुरक्षित करना चाहिए।
अपनी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या आधिकारिक Customer Care के माध्यम से बैंक को फोन खोने की जानकारी दें। आवश्यकता पड़ने पर:
* Mobile Banking को अस्थायी रूप से ब्लॉक करवाएं।
* UPI सेवा या संबंधित UPI प्रोफाइल को सुरक्षित करवाएं।
* कार्ड/बैंकिंग credentials के दुरुपयोग की आशंका हो तो बैंक को तुरंत सूचित करें।
* अपने बैंक खाते के transactions पर नजर रखें।
* कोई अनजान transaction दिखाई दे तो तुरंत बैंक को रिपोर्ट करें।
महत्वपूर्ण: बैंक से संपर्क करने के लिए इंटरनेट पर मिले किसी अनजान नंबर पर कॉल न करें। केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।

3. SIM Card को तुरंत Block करवाएं
फोन चोरी या गुम होने के बाद SIM को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि मोबाइल नंबर का इस्तेमाल OTP और account recovery जैसी सेवाओं में हो सकता है।
अपने Telecom Operator से संपर्क करके:
1. पुराने SIM को ब्लॉक करवाएं।
2. उसी नंबर का replacement/duplicate SIM प्राप्त करें।
3. SIM दोबारा सक्रिय होने के बाद अपने महत्वपूर्ण खातों की सुरक्षा सेटिंग्स जांचें।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि किसी व्यक्ति को आपका फोन और सक्रिय SIM दोनों मिल जाते हैं, तो वह आपके नंबर से जुड़े कुछ account-recovery या authentication प्रयास कर सकता है।

4. Email और Social Media के Password बदलें

फोन में लॉग-इन आपके Gmail/Email, सोशल मीडिया और अन्य महत्वपूर्ण अकाउंट्स हो सकते हैं।
किसी दूसरे सुरक्षित डिवाइस से:
* Primary Email का password बदलें।
* Recovery Email की सुरक्षा जांचें।
* सोशल मीडिया अकाउंट्स के password बदलें।
* Unknown या पुराने devices से logout करें।
* जहां संभव हो, Two-Factor Authentication (2FA) चालू करें।
* Account recovery options की समीक्षा करें।
सबसे पहले उस मुख्य Email Account को सुरक्षित करना समझदारी है, क्योंकि कई अन्य ऑनलाइन सेवाओं का password reset उसी Email के माध्यम से किया जा सकता है।

5. पुलिस शिकायत करें और CEIR से IMEI Block करें

यदि फोन चोरी हुआ है, तो स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है। फोन का IMEI Number भी सुरक्षित रखें। यह नंबर आमतौर पर फोन के बॉक्स, बिल या खरीद से जुड़े दस्तावेजों में मिल सकता है।
भारत में चोरी या खोए हुए मोबाइल डिवाइस के IMEI को ब्लॉक करने और संबंधित प्रक्रिया के लिए Central Equipment Identity Register (CEIR) का उपयोग किया जा सकता है।
CEIR के माध्यम से पात्र मामलों में खोए/चोरी हुए मोबाइल डिवाइस को नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों को संभालकर रखना भी उपयोगी है।

किन गलतियों से बचना चाहिए?
फोन खोने के बाद कुछ लोग केवल SIM बंद करवाकर सुरक्षित समझ लेते हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो सकता।
इन गलतियों से बचें:
* अनजान व्यक्ति को OTP न बताएं।
* बैंक PIN, UPI PIN या Password किसी के साथ साझा न करें।
* बैंक की समस्या बताकर आने वाले संदिग्ध कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें।
* किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
* Fake Customer Care Number से सावधान रहें।
* फोन वापस मिलने के नाम पर Remote Lock हटाने या credentials देने की जल्दबाजी न करें।

फोन खोना केवल डिवाइस खोना नहीं है। आज स्मार्टफोन बैंकिंग, UPI, Email और कई डिजिटल सेवाओं की चाबी बन चुका है। इसलिए फोन गुम या चोरी होने पर जितनी जल्दी कार्रवाई की जाए, उतना ही संभावित वित्तीय और डिजिटल नुकसान कम किया जा सकता है।

साइबर क्राइम थाना
मऊ

कृपया केवल पढ़े नहीं ज्यादा से ज्यादा शेयर करे क्योकि बस जागरूक रहकर ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है
UPI यूजर्स के लिए बड़ी राहत, लेनदेन पर नहीं लगेगा कोई चार्ज

-  P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, भविष्य में MDR लागू हुआ तो सीमित मर्चेंट पर ही होगा असर

नई दिल्ली। UPI से लेनदेन करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए राहत की खबर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI के जरिए नागरिकों के लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांजैक्शन भी पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
सरकार के मुताबिक, भविष्य में यदि MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने की जरूरत पड़ती है तो इसे सीमित संख्या में मर्चेंट लेनदेन पर ही लागू किया जाएगा। तय सीमा से अधिक के ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाए जाने की व्यवस्था हो सकती है।

सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिकों के लिए UPI लेनदेन मुफ्त रहेगा, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़ने की उम्मीद है।