प्रेस वार्ता नहीं, अंतराक्षी खेल रहे थे कांग्रेसी मंत्री": भानु प्रताप शाही का पलटवार
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कांग्रेस के मंत्रियों द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता पर चुटकी लेते हुए कहा है कि कांग्रेसी मंत्री प्रेस वार्ता नहीं कर रहे थे, उनमें बोलने की इस प्रकार आपाधापी मची थी कि मानो वे अंतराक्षी प्रतियोगिता खेल रहे थे कि कौन सबसे पहले अपने आलाकमान द्वारा रटा रटाया गाना गाएगा।
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प्रदेश उपाध्यक्ष ने कांग्रेस द्वारा छात्र आंदोलन में भाजपा द्वारा दोहरी राजनीति करने, आंदोलन को हाईजैक करने एवं इस मामले में राहुल गांधी को बदनाम करने के आरोप पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि छात्रों पर बर्बरतापूर्ण एक बार नहीं बल्कि चार चार बार लाठीचार्ज करने वाली कांग्रेस समर्थित सरकार के मंत्रियों और नेताओं के मुंह से दोहरी राजनीति, मगरमच्छ के आंसू जैसा शब्द शोभा नहीं देता। राहुल गांधी सहित पूरी कांग्रेस पार्टी दोहरी नीति की पर्याय है।
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प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि छात्र आंदोलन को लेकर दोहरी राजनीति तो सत्ता पक्ष कर रहा है। एक तरफ वार्ता के नाम पर छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। इनकी कथनी और करनी में अंतर है। सरकार और कांग्रेसी नेताओं को छात्रों की दयनीय हालत क्यों नहीं दिखती ? सरकार चाहती ही नहीं कि छात्रों का आंदोलन खत्म हो, अगर सरकार की मंशा साफ है तो छात्रों की एक ही मांग है सीबीआई जांच, इसे सरकार मान ले आंदोलन चुटकी में खत्म हो जायेगा। यह मांग तो सरकार को पूरी करनी है। भाजपा तो इसे पूरा नहीं कर सकती। फिर मामले को कौन लटका रहा है ? छात्रों को कौन बरगला रहा है ?
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प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड में छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के लिए राहुल गांधी को जो जिम्मेवार ठहराया है, वह बिल्कुल सही है। राहुल गांधी सिर्फ दिखावे के लिए एक ट्वीट कर अपने दायित्व से भाग रहे हैं। अगर वास्तव में कांग्रेस और राहुल गांधी छात्रों के हितकारी हैं तो हेमंत सरकार से दो टूक बात करें। या तो सीबीआई जांच या फिर समर्थन वापस। नीट मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगने वाली कांग्रेस झारखंड के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं मांगती ? अब कांग्रेसी ही बतलाए कि यह दोहरा चरित्र नहीं तो क्या?
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प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि धैर्य की बात करने वाले, इस पर सरकार और प्रशासन की पीठ थपथपाने वाले कांग्रेस के मंत्री पहले यह बतलाएं कि 11 अगस्त की रात एक बजे रांची उपायुक्त, ssp सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी कौन सा संयम बरतने के लिए धरना स्थल पर गए हुए थे, क्या वे लोग सेल्फी खींचवाने गए थे। सरकार और प्रशासन छात्रों पर एक और दमनात्मक कार्रवाई की तैयारी करके छात्रों के पास गई थी, वह तो भाजपा और मीडिया वाले पहुंच गए और प्रशासन को उल्टे पांव लौटना पड़ा। इसलिए झूठी बयानबाज़ी से कांग्रेस बाज आए।
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श्री शाही ने कहा कि अनुपूरक बजट वाले दिन सदन में भाजपा विधायक कांग्रेस और jmm की वजह से नहीं पहुंच पाई। भाजपा विधायकों को खुद डिटेन करवा कर "उल्टा चोर कोतवाल को डांटे" की कहावत कांग्रेस चरितार्थ कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीति रोटी नहीं सेंकती, भाजपा जो भी करती है डंके की चोट पर करती है।













7 hours ago
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