एमएसपी फर्जीवाड़ा और किसान उत्पीड़न से घिरी मोहन सरकार जवाब दे : जीतू पटवारी
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र( जीतू) पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीख बढ़ाती रही और अब स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार का पूरा खरीदी तंत्र विफल हो चुका है और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही चेताया था कि जिस धीमी गति से खरीदी चल रही है, उस हिसाब से सरकार को अपने ही घोषित 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगेंगे। प्रदेश में अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद सरकार ने 50 प्रतिशत से भी कम खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के साथ अन्याय है।
श्री पटवारी ने कहा कि किसान लगातार स्लॉट बुकिंग में दिक्कत झेल रहे हैं, पुनः सत्यापन के संदेश आ रहे हैं, सर्वर धीमा पड़ रहा है, वेबसाइट बंद हो रही है और छोटे किसानों की भी समय पर तुलाई नहीं हो पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन कर दिया गया, जिनके पास स्वयं जमीन तक नहीं है, जबकि असली किसानों की जमीन का उपयोग कर फर्जी किसान बनाए गए। यह किसानों के हक पर सीधा डाका है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि बाजार भाव 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी अंतर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह बिना प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। जबकि खरीदी में देरी के चलते किसानों के साथ हो रही अवस्थाओं के चलते बाजार भाव लगातार नीचे है मंडी में किसानों के साथ खुली लुटाई हो रही है सरकार जानबूझकर किसानों का शोषण कर रही है जितनी देर से खरीदी होगी उतना ही किसानों को नुकसान होगा ,सरकार भले ही स्लॉट बुकिंग की तिथि बढ़ा ले लेकिन यह तथ्य किसी से नहीं छुपा है कि किसान ज्यादा दिनों तक अपने खलियान में अनाज रख नहीं सकता क्योंकि उसके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मजबूरी है उसे मंडी में ही अपना माल बेचना पड़ रहा है जहां उसे केवल 1800 से 2000 का दाम मिल रहा है
उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मूंग खरीदी को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति घोषित नहीं की है। तीसरी फसल के रूप में मूंग किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन सरकार लगातार मूंग उत्पादक किसानों की उपेक्षा कर रही है।
श्री पटवारी ने कहा कि दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर का शव रेलवे पटरियों पर मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मृतक किसान द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा शासन में सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।
उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली दुरुस्त की जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तत्काल निर्णय लिया जाए, एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो तथा किसान गोविंद गुर्जर प्रकरण की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।















Apr 30 2026, 08:01
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