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अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव व वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच ने संभाला पदभार

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपेक्स बैंक के नव नियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव तथा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष संजय नगायच ने पदभार ग्रहण किया।

इससे पूर्व दोनों पदाधिकारियों ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपेक्स बैंक एवं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन कार्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश शासन के मंत्रियों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यभार संभाला।

महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपेक्स बैंक की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाकर सहकारिता क्षेत्र को सशक्त किया जाएगा तथा किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास होगा।

वहीं, संजय नगायच ने कहा कि संगठन और सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। वेयरहाउसिंग व्यवस्था से जुड़े किसानों के कार्यों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। साथ ही कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृष्णा गौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एमएसपी फर्जीवाड़ा और किसान उत्पीड़न से घिरी मोहन सरकार जवाब दे : जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र( जीतू) पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीख बढ़ाती रही और अब स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार का पूरा खरीदी तंत्र विफल हो चुका है और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही चेताया था कि जिस धीमी गति से खरीदी चल रही है, उस हिसाब से सरकार को अपने ही घोषित 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगेंगे। प्रदेश में अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद सरकार ने 50 प्रतिशत से भी कम खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

श्री पटवारी ने कहा कि किसान लगातार स्लॉट बुकिंग में दिक्कत झेल रहे हैं, पुनः सत्यापन के संदेश आ रहे हैं, सर्वर धीमा पड़ रहा है, वेबसाइट बंद हो रही है और छोटे किसानों की भी समय पर तुलाई नहीं हो पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन कर दिया गया, जिनके पास स्वयं जमीन तक नहीं है, जबकि असली किसानों की जमीन का उपयोग कर फर्जी किसान बनाए गए। यह किसानों के हक पर सीधा डाका है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि बाजार भाव 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी अंतर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह बिना प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। जबकि खरीदी में देरी के चलते किसानों के साथ हो रही अवस्थाओं के चलते बाजार भाव लगातार नीचे है मंडी में किसानों के साथ खुली लुटाई हो रही है सरकार जानबूझकर किसानों का शोषण कर रही है जितनी देर से खरीदी होगी उतना ही किसानों को नुकसान होगा ,सरकार भले ही स्लॉट बुकिंग की तिथि बढ़ा ले लेकिन यह तथ्य किसी से नहीं छुपा है कि किसान ज्यादा दिनों तक अपने खलियान में अनाज रख नहीं सकता क्योंकि उसके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मजबूरी है उसे मंडी में ही अपना माल बेचना पड़ रहा है जहां उसे केवल 1800 से 2000 का दाम मिल रहा है 

उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मूंग खरीदी को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति घोषित नहीं की है। तीसरी फसल के रूप में मूंग किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन सरकार लगातार मूंग उत्पादक किसानों की उपेक्षा कर रही है।

 श्री पटवारी ने कहा कि दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर का शव रेलवे पटरियों पर मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मृतक किसान द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा शासन में सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली दुरुस्त की जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तत्काल निर्णय लिया जाए, एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो तथा किसान गोविंद गुर्जर प्रकरण की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच, अन्तर्राष्ट्रीय मेले में होगी प्रदर्शित

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कला को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिये निरंतर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश की विशिष्ट 'बाग प्रिंट' कला को फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मेले ‘’फ़ोयर डे पेरिस” में प्रदर्शित किया जायेगा। यह मेला 30 अप्रैल से 11 मई 2026 तक पेरिस के पोर्टे डे वर्साय प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जाएगा। केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा देशभर से चयनित पांच श्रेष्ठ शिल्पकारों में प्रदेश के नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री को शामिल किया गया है। वे इस मेले में प्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला का प्रतिनिधित्व करते हुए मास्टर क्राफ्ट्समैन के रूप में शामिल होंगे। 'बाग प्रिंट' हस्तशिल्प भौगोलिक संकेत (GI) के अंतर्गत संरक्षित है।

  • लाइव डेमोंस्ट्रेशन से रूबरू होंगे दर्शक

इस अन्तर्राष्ट्रीय मेले में बिलाल खत्री ‘बाग प्रिंट’ कला का लाइव प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक प्राकृतिक रंगों, नक्काशीदार लकड़ी के ब्लॉक्स और हस्तनिर्मित तकनीकों के माध्यम से कपड़ों पर उभरती कलाकृतियों को अन्तर्राष्ट्रीय दर्शक प्रत्यक्ष देख सकेंगे। यह भारतीय हस्तशिल्प की गहराई और सौंदर्य को समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।

*परंपरा और आधुनिकता का संतुलित समावेश

इस विशेष प्रदर्शनी के लिए तैयार किए गए डिज़ाइन में भारतीय पारंपरिक शिल्प और आधुनिक वैश्विक सौंदर्यबोध का समन्वय किया गया है। यूरोपीय बाज़ार की पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई ये कृतियां ‘बाग प्रिंट’ को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देंगी।

  • ’बाग प्रिंट’ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि

‘बाग प्रिंट’ मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग क्षेत्र की पारंपरिक हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग कला है। बाग एक छोटा जनजातीय कस्बा है, जहां भील और भिलाला समुदाय निवास करते हैं और प्राचीन बाघ गुफाएं भी स्थित हैं। इस कला की परंपरा खत्री समुदाय द्वारा लगभग 400 वर्ष पूर्व सिंध के लरकाना क्षेत्र से आकर स्थापित की गई मानी जाती है।

इस शिल्प में सूती और रेशमी कपड़ों को पारंपरिक प्राकृतिक प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। लोहे के संक्षारण, धवाड़ी फूल और मायरोबालन के मिश्रण के साथ-साथ फिटकरी और एलिज़ारिन का उपयोग किया जाता है। कुशल कारीगरों द्वारा लकड़ी के ब्लॉक्स से डिज़ाइन तैयार कर उन्हें हाथ से भरा जाता है। तैयार वस्त्रों को बहते पानी में धोकर धूप में सुखाया जाता है, जिससे उन्हें विशिष्ट फिनिश प्राप्त होती है। ‘बाग प्रिंट’ में लाल और काले रंग के ज्यामितीय एवं पुष्पीय रूपांकन प्रमुख होते हैं।

“हर किसान को स्लॉट, बिना भीड़ के उपार्जन” -कलेक्टर संजय जैन का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को और पारदर्शी बनाने के निर्देश

मऊगंज। जिले में गेहूं उपार्जन को अधिक सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य शासन ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 9 मई तक बढ़ा दी है। अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसान स्लॉट बुक कर समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय कर सकेंगे।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने पन्नी उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तौल प्रक्रिया, भंडारण, साफ-सफाई और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तौल में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। किसानों ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुविधाजनक बताते हुए प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए।

उल्लेखनीय है कि जिले में 26 उपार्जन केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर गेहूं खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपये तथा 40 रुपये बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जन किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर पीके पांडेय, एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल देहात पुलिस का दस्तक अभियान, गौकशी आरोपियों पर कड़ी नजर

भोपाल। भोपाल देहात पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और गौकशी जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पूर्व में चिन्हित आरोपियों की सूची तैयार कर उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में 26 अप्रैल 2026 की रात पुलिस ने व्यापक स्तर पर “दस्तक अभियान” चलाया। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने आरोपियों के निवास स्थलों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों का गहन सत्यापन किया।

विशेष रूप से थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र में हुई गौकशी की घटना के अज्ञात आरोपियों को चिन्हित करने के लिए पहले से संलिप्त रहे संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई। इस दौरान संदिग्ध पाए गए कुछ लोगों को थाने लाकर उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की वर्तमान स्थिति की जांच की और उन्हें सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी और मजबूत कर दी गई है।

भोपाल देहात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौकशी जैसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र की घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की संभावना है।

सागर के डायल-112 हीरोज: अचानक बीमार महिला को त्वरित सहायता, समय पर पहुंचाया अस्पताल

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए सागर जिले में अचानक बीमार हुई महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाकर राहत पहुंचाई।

जानकारी के अनुसार सागर जिले के थाना देवरी क्षेत्र अंतर्गत पृथ्वी वार्ड में 40 वर्षीय महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार के पास चिकित्सा वाहन या अन्य कोई साधन उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते तत्काल सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, भोपाल द्वारा देवरी थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया। घटनास्थल पर पहुंचकर डायल-112 स्टाफ सैनिक अनिल एवं पायलट भैयालाल काछी ने स्थिति का जायजा लिया और बिना समय गंवाए महिला को परिजनों के साथ एफआरव्ही वाहन से शासकीय चिकित्सालय, देवरी पहुंचाया।

डायल-112 जवानों की त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई से महिला को समय पर उपचार मिल सका, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना साबित करती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता के लिए सदैव सजग, संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।

ग्वालियर में पुलिस की बहादुरी से टला बड़ा हादसा, जलती बस से 21 यात्रियों को बचाया

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस की सतर्कता, साहस और त्वरित कार्रवाई का सराहनीय उदाहरण ग्वालियर में सामने आया, जहां झांसी रोड थाना पुलिस ने जलती वीडियोकोच बस से 21 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर एक बड़े हादसे को टाल दिया।

जानकारी के अनुसार सुबह जयपुर से छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम जा रही यात्री बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी। बस में 18 यात्री, दो चालक और एक कंडक्टर समेत कुल 21 लोग सवार थे। अधिकांश यात्री उस समय गहरी नींद में थे। बस जैसे ही झांसी रोड थाना परिसर के सामने पहुंची, अचानक तेज धमाके के साथ उसका पिछला टायर फट गया। टायर फटने से उठी चिंगारी बस के पिछले हिस्से तक पहुंच गई, जिससे बस में आग लग गई। देखते ही देखते बस से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं।

धमाके की आवाज सुनते ही थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत बाहर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़े और एक-एक कर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

यात्रियों को बाहर निकालने के बाद पुलिस टीम ने स्थानीय संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। थाना परिसर में लगे बोरवेल से पानी लाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही दमकल दल भी मौके पर पहुंचा और संयुक्त प्रयासों से आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

इस साहसिक कार्रवाई में थाना प्रभारी शक्ति यादव, प्रधान आरक्षक शिव सिंह गुर्जर, रामभरण लोधी, सुशांत चौहान, आरक्षक हरिओम जाट, सलमान, रवि भदौरिया और आकाश छारी की विशेष भूमिका रही। मध्यप्रदेश पुलिस की इस सजगता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता से 21 लोगों की जान बच सकी, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।