/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png StreetBuzz मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सरहुल महोत्सव के अवसर पर सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर की पूजा-अर्चना , Jharkhand
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सरहुल महोत्सव के अवसर पर सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर की पूजा-अर्चना ,

रांची, 21 मार्च 2026: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर प्रकृति पर्व सरहुल के अवसर पर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यवासियों की सुख, समृद्धि और उन्नति की कामना की।

सरहुल महोत्सव झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण और आपसी सौहार्द का संदेश देता है। राज्य सरकार आदिवासी परंपराओं, संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा, "सरहुल महोत्सव हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामुदायिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और इसके संरक्षण का संदेश देता है।"

सरहुल की पारम्परिक रीति-रिवाज के तहत पूजन कार्य पाहन ने संपन्न कराया। मुख्यमंत्री के कान में सरई (साल) का फूल खोंसकर उन्हें आशीर्वाद दिया गया। यह परंपरा प्रकृति एवं मानव के गहरे संबंध का प्रतीक मानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रकृति से ही मनुष्य की यात्रा शुरू होती और उसी में समाहित होती है। आज प्रकृति के उपासक के रूप में इसे सजाना-संवारना और इसको अपने साथ जोड़े रखने के लिए संकल्प लेने का दिन है।"

सरहुल महोत्सव के अवसर पर राज्य सरकार ने कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

रांची में ईद और सरहुल का अनूठा संगम: चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, ड्रोन और CCTV से होगी हर हलचल पर नजर।

रांची: आज राजधानी रांची में गंगा-जमुनी तहजीब और प्रकृति पूजा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर जहाँ ईद-उल-फितर की खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर झारखंड का पारंपरिक सरहुल पर्व भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन दोनों बड़े आयोजनों को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा का अभेद्य किला:

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। असामाजिक तत्वों और जेबकतरों पर लगाम लगाने के लिए भारी संख्या में सादे लिबास में पुलिस बल को भी उतारा गया है।

ड्रोन और CCTV से निगरानी:

प्रशासन इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। प्रमुख मस्जिदों, पूजा स्थलों और जुलूस मार्गों पर ड्रोन कैमरों के जरिए आसमान से नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।

अफवाहों पर सख्त संदेश:

उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सरना समिति और सर्व धर्म सद्भावना समिति के सदस्यों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।

झारखंड का अपना 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी': रांची के धुर्वा डैम में बनेगी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की भव्य प्रतिमा।

रांची: झारखंड आंदोलन के महानायक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृतियों को संजोने के लिए राजधानी रांची में एक भव्य 'स्टेट ऑफ आर्ट पार्क' विकसित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक पार्क धुर्वा डैम के समीप करीब 4 एकड़ भूमि पर तैयार होगा, जो गुजरात के 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की भव्यता की याद दिलाएगा।

पार्क की खासियतें:

  • भव्य प्रतिमा: पार्क के केंद्र में दिशोम गुरु की एक विशाल और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

  • इतिहास की झलक: यहाँ एक विशाल स्मृति हॉल बनेगा, जहाँ महाजनी प्रथा के खिलाफ गुरुजी के आंदोलन, उनके संघर्ष की तस्वीरें और महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रदर्शित किए जाएंगे।

  • पर्यटन को बढ़ावा रिंग रोड से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह स्थान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

प्रशासनिक तैयारी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार स्वयं इस स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंप दी है, ताकि इसे समय सीमा के भीतर विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके।


रांची: "AI शिक्षकों का विकल्प नहीं, सहयोगी है"; JSFDA के प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव में जुटे देशभर के दिग्गज शिक्षाविद्।

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने आज अपनी स्थापना की पहली वर्षगांठ के अवसर पर रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कुलपतियों और नीति-निर्माताओं ने शिरकत की।

युवा शक्ति और शिक्षकों की भूमिका: कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव, श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की असली ताकत यहाँ की युवा शक्ति है। उन्होंने शिक्षकों पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल ज्ञान देने वाले न बनें, बल्कि राष्ट्रनिर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।

AI और आधुनिक शिक्षा पर मंथन: कॉन्क्लेव के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि AI कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि यह उनके लिए एक सहायक उपकरण (Tool) के रूप में काम करेगा। साथ ही शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता (Leader) के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया गया।

प्रतिभाओं का सम्मान: समापन सत्र में JSFDA लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹25,000 और मारवाड़ी कॉलेज की अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹20,000 प्रदान किए गए।

रांची में अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा पाएंगे मनमानी फीस, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने गठित की जिला स्तरीय कमेटी।

रांची: राजधानी के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के शुल्क (Fees) निर्धारण हेतु एक उच्चस्तरीय 'जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय कमेटी' का गठन कर दिया गया है।

मनमानी फीस पर लगेगा ब्रेक:

झारखण्ड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत बनी यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि न करे। अब स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले इस कमेटी के नियमों का पालन करना होगा।

नियम तोड़ा तो खैर नहीं:

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹50,000 से लेकर ₹2,50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, दोषी पाए जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रमुख निर्देश जो आपको जानने चाहिए:

सामग्री की बिक्री पर रोक: स्कूल परिसर के भीतर या किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, यूनिफॉर्म या जूते खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जा सकता।

PTA का गठन अनिवार्य: हर स्कूल को 'अभिभावक-शिक्षक संघ' (PTA) बनाना होगा और इसकी जानकारी नोटिस बोर्ड पर देनी होगी।

कमेटी की शक्ति: जिला स्तरीय कमेटी को गवाहों को सम्मन जारी करने और स्कूल के दस्तावेजों की जांच करने का पूरा अधिकार होगा।

कमेटी में कौन-कौन शामिल?

इस कमेटी में उपायुक्त के अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), एक चार्टर्ड एकाउंटेंट, गुरुनानक स्कूल और DAV कपिलदेव के प्राचार्य, DPS और JVM श्यामली के अभिभावक सदस्य और जिले के सभी सांसद व विधायक शामिल हैं।

रांची: हातमा डहूटोली सरना पूजा समिति ने सीएम हेमंत सोरेन को दिया आमंत्रण, प्रकृति पर्व सरहुल की बढ़ी रौनक।

रांची: झारखंड के महामहोत्सव 'सरहुल' की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मिलने और उन्हें आमंत्रित करने का सिलसिला जारी है। आज, 20 मार्च 2026 को सरना पूजा समिति, डहूटोली (हातमा), रांची के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सीएम से मुलाकात की।

भव्य महोत्सव के लिए आमंत्रण: समिति के अध्यक्ष श्री विश्वास उरांव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को कल, 21 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले सरहुल पूजा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रण पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों का अभिवादन स्वीकार करते हुए इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।

प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य: मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में अध्यक्ष विश्वास उरांव के साथ कमल मुंडा, रोहन कच्छप, आशुतोष गोस्वामी, सुधीर मिंज और बसंत टोप्पो सहित कई गणमान्य सदस्य शामिल थे।

सरहुल की तैयारी: केंद्रीय सरना समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया आमंत्रण, कल सिरमटोली में होगा मुख्य आयोजन।

रांची: झारखंड के लोक आस्था और प्रकृति के पावन पर्व 'सरहुल' को लेकर राजधानी में उत्साह चरम पर है। इसी कड़ी में आज 20 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में केंद्रीय सरना समिति, रांची के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री को दिया सादर आमंत्रण: अध्यक्ष श्री अजय तिर्की के नेतृत्व में आए इस शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री को कल, 21 मार्च 2026 को सिरमटोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल पर आयोजित होने वाले पारंपरिक सरहुल पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और राज्यवासियों को प्रकृति पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल: इस मुलाकात के दौरान समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के साथ राहुल उरांव, नीमा तिर्की, सुषमा रानी भगत, मुन्ना उरांव, सचिन कच्छप, बबलू उरांव, लक्ष्मी नारायण मुंडा, अमित मुंडा, सुनील टोप्पो, बाबूलाल महली, कमिश्नर मुंडा और विजय कच्छप सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।


सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला: झारखंड की जेलों से रिहा होंगे 6 कैदी, मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी पहल

रांची (मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय): मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की रिहाई पर गहन समीक्षा के बाद 6 कैदियों को रिहा करने पर सहमति बनी है।

कठोर समीक्षा के बाद मिली रिहाई

बैठक के दौरान कुल 15 कैदियों की फाइलों पर विचार किया गया। अदालतों, संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP), जेल अधीक्षकों और प्रोबेशन पदाधिकारियों के मंतव्य और उनकी रिपोर्ट के आधार पर सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद ही इन 6 कैदियों की रिहाई का निर्णय लिया गया है।

रिहाई के बाद होगी 'ट्रैकिंग और काउंसलिंग'

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जेल से रिहा होने वाले कैदियों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाए। उन्होंने कहा, "इन कैदियों की गतिविधियों की ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग की उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि वे समाज की मुख्यधारा में बने रहें और दोबारा अपराध की ओर न मुड़ें।" ### सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे पूर्व कैदी

सीएम सोरेन ने एक मानवीय पहल करते हुए कहा कि रिहा होने वाले इन व्यक्तियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे उनका पुनर्वास आसान हो सकेगा।

डायन बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर प्रहार

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में होने वाली 'डायन बिसाही' जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी सामाजिक बुराइयों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोगों की सोच में बदलाव आए।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर सचिव श्रीमती वंदना दादेल, पुलिस महानिदेशक (DGP) श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित पुलिस और न्यायिक विभाग के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

झारखंड पुलिस के जवानों ने खेल के मैदान में दिखाया दम, सीएम हेमंत सोरेन ने विजेताओं को सौंपी ट्रॉफी

रांची (जैप-1 ग्राउंड): राजधानी रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 ग्राउंड में आयोजित '17वीं झारखंड पुलिस राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता 2025-26' का आज भव्य समापन हुआ। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विजेताओं व उपविजेताओं को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

सुरक्षा के साथ खेलों में भी परचम लहरा रहे जवान: मुख्यमंत्री

समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड पुलिस के जवान आज न केवल राज्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, बल्कि खेलों में भी अपना लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि हमारे पुलिस बल के कई जवानों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और राज्य का मान बढ़ाया है।

"हार-जीत से बड़ा है खेलों में हिस्सा लेना"

सीएम ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेना ही सबसे बड़ी बात है। उन्होंने कहा, "हार-जीत तो लगी रहती है, लेकिन जो जवान आज चूक गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। निरंतर प्रयास से सफलता जरूर मिलेगी।" मुख्यमंत्री ने झारखंड पुलिस द्वारा हर वर्ष इस तरह के आयोजन की सराहना की।

फिटनेस के लिए खेल अनिवार्य

स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शरीर को फिट और सेहतमंद रखने के लिए हर किसी को खेलों से जुड़ना चाहिए। पुलिस सेवा जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य में शारीरिक और मानसिक फिटनेस अत्यंत महत्वपूर्ण है, और खेल इसका सबसे बेहतरीन माध्यम है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस गरिमामयी अवसर पर गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, पुलिस महानिदेशक (DGP) श्रीमती तदाशा मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रिया दुबे सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल के प्रतिभागी मौजूद थे।

CM हेमंत सोरेन का सख्त निर्देश: त्योहारों में खलल डालने वालों पर होगा त्वरित और कठोर एक्शन

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने आगामी ईद, सरहुल, रामनवमी, हनुमान जयंती और महावीर जयंती के मद्देनजर राज्य की विधि-व्यवस्था को लेकर आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

भड़काऊ गानों और अफवाहों पर रोक

मुख्यमंत्री ने कड़ा निर्देश दिया कि शोभा यात्रा और जुलूस के दौरान किसी भी हाल में भड़काऊ या उत्तेजक गाने नहीं बजने चाहिए। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे पूजा समितियों और अखाड़ों के साथ समन्वय बनाकर उन्हें पहले से रिकॉर्ड किए गए गानों की पेनड्राइव उपलब्ध कराएं। साथ ही, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर 24 घंटे निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक और 'सेफ जोन'

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित तकनीकी और प्रशासनिक इंतजामों के निर्देश दिए हैं:

एरियल सर्विलांस: जुलूस मार्ग की ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी।

डॉक्यूमेंटेशन: पूरी शोभा यात्रा की वीडियोग्राफी और विस्तृत डॉक्यूमेंटेशन तैयार होगा।

सेफ जोन: जुलूस मार्ग में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'सेफ जोन' बनाए जाएंगे।

महिला-बाल सुरक्षा: जुलूस में शामिल महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम होंगे।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के पास पर्याप्त पुलिस बल के साथ-साथ 'इनफॉर्मर्स' (गुप्तचरों) को भी सक्रिय रखें। उन्होंने बिजली-पानी की निर्बाध आपूर्ति और फायर ब्रिगेड व एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने को कहा है।