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अजित पवार की मौत पर ममता बनर्जी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना पर शोक संवेदनाओं के बीच अब सियासी बयानबाजी और जांच की मांग भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत पर सवाल उठाए हैं। 

ममता बनर्जी ने एक्स पर शोक संदेश में अजीत पवार के असामयिक निधन पर शोक जताते हुए प्लेन क्रैश में साजिश की आशंका जाहिर की। उन्होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस हादसे की जांच की मांग की।

ममता बनर्जी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर ट्वीट किया कि अजीत पवार के अचानक निधन से बहुत सदमे में और हैरान हूं! महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और उनके साथ यात्रा कर रहे लोग आज सुबह बारामती में एक भयानक विमान दुर्घटना में मारे गए और मुझे बहुत दुख हो रहा है। उनके परिवार, जिसमें उनके चाचा शरद पवार जी भी शामिल हैं, और दिवंगत अजीत जी के सभी दोस्तों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। 

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा, हमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं है। एक सिटिंग डिप्टी सीएम का विमान इस तरह क्रैश हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सच सामने आना चाहिए।

ममता बनर्जी का बड़ा दावा

बंगाल की सीएम ने अजीत पवार को लेकर बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा, अजीत पवार महायुति गठबंधन (NDA) में खुश नहीं थे, भाजपा छोड़ने वाले थे और बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे।

संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति का संबोधन, जी राम जी कानून का जिक्र होते ही भड़का विपक्ष

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संसद का बजट सत्र शुरू हो चुका है। आज बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई। बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने देश की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, हर क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है। आजादी तब तक अधूरी है जब तक आत्मनिर्भर का जीवन नहीं जिया जाए। बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्तिथि बहुत मजबूत हुई है।

पिछले 10-11 सालों में नींव मजबूत हुई

राष्ट्रपति ने कहा कि साल 2026 के साथ, हमारा देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। भारत के लिए, इस सदी के पहले 25 साल कई सफलताओं, गर्व भरी उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरे रहे हैं। पिछले 10-11 सालों में, भारत ने हर सेक्टर में अपनी नींव मजबूत की है। यह साल विकसित भारत की हमारी यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।

जी राम जी कानून का जिक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम विकास कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी होगी। इस दौरान एनडीए-भाजपा सांसदों ने तालियां बजाकर अपनी सराहना व्यक्त की। वहीं विपक्षी सांसद खड़े होकर विरोध जताते हुए कानून को वापस लेने की मांग करने लगे।

विभिन्न क्षेत्रों में देश के विकास का जिक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारत सोलर पावर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 20 लाख सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों के घरों में बिजली का उत्पादन बढ़ा है। बीते 11 सालों में नॉर्थ ईस्ट में 7,200 से ज्यादा राजमार्ग बनाए गए हैं। रेलवे के विकास पर 80 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश किया गया है। पूर्वोतर के लिए सुरक्षा के लिए यह दशक निर्णायक दशक रहा है। आदिवासी इलाकों में 20,000 से ज्यादा गांव को विकास से जोड़ा जा रहा है। SC जाति के छात्रों को 42,000 हजार करोड़ की छात्रवृति दी जा चुकी है। मेरी सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत का लक्ष्य मानती है।

ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

ऑपरेशन सिंदूर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। आतंकियों के अड्डे को धवस्त कर दिया गया। आगे भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौता भी इसी का हिस्सा है।

माओवाद 126 से घटकर 8 जिलों में सिमटा

राष्ट्रपति मुर्मू ने माओवादियों को लेकर कहा कि माओआतंकी पर भी निर्णायक कार्रवाई की गई है। आज 126 से घटकर 8 जिलों तक रह गया है। सिर्फ 3 जिले इसमें गंभीर रूप से प्रभावित हैं। 2 हजार से ज्यादा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। वह दिन दूर नहीं जब देश से आतंक पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

एनडीए से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के फलस्वरूप, देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से महिला कैडेटों का पहला बैच उत्तीर्ण हुआ। इससे यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तिकरण में 'नारी शक्ति' सर्वोपरि है।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान क्रैश, बारामती में लैंडिंग के वक्त दुर्घटना

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महाराष्ट्र के बारामती में बड़ा विमान हादसा हो गया है। जिसमें उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। इस हादसे में चार अन्य लोगों की भी जान चली गई।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की आज (28 जनवरी) बारामती में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के लिए 5-6 मीटिंग थीं। बताया जा रहा है कि अजित पवार का प्लेन तब क्रैश हुआ जब वह इन मीटिंग के लिए जा रहे थे। निजी विमान एयरपोर्ट पर उतरते समय क्रैश हुआ है।

प्लेन क्रैश के बाद के विजुल्स में देखा जा सकता है कि प्लेन के परखच्चे उड़ गए और चारों तरफ धुआं-धुआं नजर आ रहा है। तस्वीरों में देखकर लग रहा है कि इस विमान में सवार कोई यात्री शायद ही जिंदा बचा हो। हादसे की जगह से भयावह विजुअल्स सामने आए हैं, जिसमें चारों तरफ धुआं-धुआं नजर आ रहा है।

अजित पवार बारामती से विधायक रहे हैं और यहां की जनता हमेशा उन्हें जिताती आई है। बारामती के लोगों को अजित पवार से खासा लगाव रहा है। वे इस बात का इंतजार कर रहे थे कि आज अजित दादा जनता को संबोधित करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे, लेकिन बारामती एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही उनका प्लेन क्रैश हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की जान चली गई।

आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, राष्ट्रपति का अभिभाषण, 1 फरवरी को पेश होगा बजट

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संसद का बजट सत्र आज बुधवार से शुरू होने जा रहा है। आज बजट सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा और दो चरणों में विभाजित होगा। एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।

संसद के बजट सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में बृहस्पतिवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जो इस बार आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है।

दो चरणों में चलेगा बजट सत्र

बजट सत्र को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस अंतराल में संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी।

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

सत्र के शुरू होने से पहले सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक कर विपक्ष से सहयोग की अपील की है। संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर कल मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में 39 राजनीतिक दलों के मंत्रियों सहित 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में विपक्षी सांसद वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR), MGNREGA योजना की जगह लेने वाले नई रोजगार गारंटी पर VB-G RAM G कानून सहित अन्य मुद्दों पर फिर से चर्चा कराने की मांग रखी। हालांकि सरकार की ओर से मनरेगा के नाम बदलने और एसआईआर से जुड़े मसलों पर बहस की मांग को ठुकरा दिया गया।

अखिलेश यादव ने की ममता बनर्जी की तारीफ, कहा- सिर्फ दीदी ही कर सकती हैं बीजेपी का मुकाबला

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बंगाल दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने ममता बनर्जी की बीजेपी के हमलों का मुकाबला करने का साहस दिखाने के लिए तारीफ की। अखिलेश यादव ने कहा कि केवल ममता बनर्जी ही देश में बीजेपी का सामना कर सकती हैं।

दीदी आने वाले समय में भाजपा को भी हराएंगी-अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। यह मुलाकात कोलकाता में राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में हुई। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस देश में सिर्फ दीदी ही भाजपा के हमलों का डटकर मुकाबला कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने जांच एजेंसी ईडी (ईडी) को हरा दिया है और वह आने वाले समय में भाजपा को भी हराएंगी।

ममता बनर्जी को पूर्ण समर्थन का वादा

सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में एनआरसी लागू करने और लोगों को परेशान करने की कोशिशें हो रही हैं। अखिलेश यादव ने लोकतंत्र को बचाने के ममता बनर्जी के संघर्ष में सपा के पूर्ण समर्थन का वादा किया।

भारत ने ईयू के साथ की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- मदर ऑफ ऑल डील्स

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भारत और यूरोपीय यूनियन (यूई) के लिए आज का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक है। आज दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड डील हुई है। इसे व्यापार जगत की सबसे बड़ी संधियों में से एक माना जा रहा है। इस समझौते की अहमियत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" (अब तक का सबसे ऐतिहासिक समझौता) करार दिया है। मंगलवार को पीएम मोदी ने समझौता का एलान करते हुए कहा कि यह साझेदारी दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी की मिसाल है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन को मजबूत करेगा।"

समझौते के पूरा होने की घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में की गई, जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री मोदी ने की, जिसमें वॉन डेर लेयेन और कोस्टा मौजूद थे। भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता से दोनों देशों के बीच संबंधों की समग्र दिशा में महत्वपूर्ण विस्तार होने की उम्मीद है क्योंकि यह विविध क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खोलेगा।

ये ट्रेड डील साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट-पीएम मोदी

मोदी ने यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में इसका ऐलान किया। मोदी ने कोस्टा और वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आज भारत ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा किया है। 27 जनवरी को भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह एफटीए साइन किया है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए इनोवेशन पार्टनरशिप बनेंगी और वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन मजबूत होंगी। यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है।"

डील को रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते को व्यापक रणनीतिक समझौतों से भी जोड़ा, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और गतिशीलता के लिए व्यापक ढांचा शामिल है। उन्होंने कहा, "रक्षा वह आधार है जो हमारे रिश्ते को नया आकार दे रहा है। आतंकवाद-रोधी, समुद्री और साइबर सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा। हमारी रक्षा कंपनियां सह-उत्पादन और सह-विकास के लिए नए अवसर तलाशेंगी।"

उर्सुला वॉन ने कहा- हमने कर दिखाया

यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के बाद कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, हमने कर दिखाया। हमने मदर ऑफ ऑल डील्स डिलीवर की है।" यूरोप भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है।

अमेरिका के साथ ट्रेड डील अटकी

दोनों पक्षों के बीच यह डील ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर बातचीत अटकी हुई है। माना जा रहा है कि अमेरिका को निर्यात में होने वाले नुकसान की भरपाई यूरोप से की जा सकती है।

UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल, क्या है 'इक्विटी कमेटी' और बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

#ugcnewrules_controversy 

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं। Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। यूजीसी के जारी नए गाइडलाइन के खिलाफ देशभर के छात्रों और शिक्षाविदों के एक बड़े तबके में भारी रोष दिख रहा है।

UGC का नया 'इक्विटी' नियम

यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है।

सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं

इसके पहले ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी को रखा गया था। लेकिन अब इसमें ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है। जिसका विरोध हो रहा है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। 

नए नियम के दुरुपयोग की आशंका

विरोध करने वालों का कहना है कि यह परिभाषा एकतरफा है, इसमें सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या झूठी शिकायतों का कोई जिक्र नहीं है।सामान्य वर्ग को आशंका है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है, वैसे ही UGC की गाइडलाइंस का भी दुरुपयोग हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि समता समितियां है, शायद ही निष्पक्ष रह पाएं। उन्हें जो शक्तियां दी जा रही हैं, उनका सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान भी नहीं है।

क्यों लाने पड़े ये नियम?

दरअसल, रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नियम-कानून बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था। इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी। कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं।

क्या कहते हैं जाति आधारित भेदभाव के आंकड़े?

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए। शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए।

भारत-EU के बीच होगा 'मदर ऑफ ऑल डील्स', पीएम मोदी और उर्सुला वॉन की अहम मुलाकात आज

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भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के सदियों पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों में आज होने वाला भारत-ईयू शिखर सम्मेलन एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। दोनों पक्षों के बीच आज मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को अंतिम रूप देंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन आज 11:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात करेंगी। इसके बाद दोपहर 1:15 बजे भारत और यूरोपीय संघ की ओर से संयुक्त प्रेस बयान जारी किया जाएगा।

इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” का नाम दिया गया है। इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल्स, लेदर एंड फुटवियर, जेम्स एंड जूलरी, केमिकल्स और समुद्री उत्पादों जैसी चीजों पर यूरोपियन यूनियन में लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी में राहत मिलेगी।

भारत के सर्विस सेक्टर के लिए होगी बड़ी जीत

भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय निर्यातकों की बल्‍ले-बल्‍ले हो जाएगी। फिलहाल टेक्सटाइल, चमड़ा, रत्न-आभूषण, और प्रोसेस्ड फूड जैसे उद्योगों को यूरोपीय बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। भारत-ईयू FTA के लागू होने से इन क्षेत्रों पर लगने वाले टैरिफ में बड़ी कटौती होगी, जिससे भारतीय सामान यूरोपीय बाजारों में सस्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। इसके अलावा, भारत अपने आईटी पेशेवरों और कुशल कामगारों के लिए यूरोप में आसान आवाजाही और फार्मास्युटिकल्स के लिए सरल नियामकीय मंजूरी की मांग कर रहा है। यदि इन पर सहमति बनती है तो यह भारत के सर्विस सेक्टर के लिए एक बड़ी जीत होगी।

2007 में शुरू हुई थी वार्ता

भारत व ईयू के बीच कारोबारी समझौते को लेकर वार्ता वर्ष 2007 में शुरू हुई थी लेकिन कई मुद्दों पर भारी मतभेद को देखते हुए वर्ष 2013 में इसे स्थगित कर दिया गया था। जून 2022 में इन्हें फिर से शुरू किया गया और सिर्फ साढ़े तीन वर्षों में वार्ता तकरीबन पूरी हो चुकी है। अब इस समझौते से व्यापार, निवेश और सप्लाई चेन में गहरा बदलाव आने की संभावना है।

लंदन में गूँजा गणतंत्र का जयघोष: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पार्लियामेंट स्क्वायर में बापू को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

लंदन / रांची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लंदन स्थित पार्लियामेंट स्क्वायर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। सात समंदर पार बापू को श्रद्धांजलि देकर मुख्यमंत्री ने सत्य और अहिंसा के उन वैश्विक आदर्शों को याद किया, जो आज भी झारखंड और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का आधार हैं।

"बापू के आदर्श ही लोकतंत्र के स्तंभ" - मुख्यमंत्री

प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने बापू के शाश्वत संदेशों को रेखांकित करते हुए कहा:

"बापू के सत्य, अहिंसा और ईमानदारी के आदर्श आज भी हमें उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करने और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा करने की प्रेरणा देते हैं। उनके विचार लोकतंत्र के मजबूत स्तंभों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हमारा मार्गदर्शन करते हैं।"

प्रवासी भारतीयों और छात्रों का जुटाव

इस गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ झारखंड से यूनाइटेड किंगडम में अध्ययन करने आए स्कॉलर्स और भारतीय डायस्पोरा के सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने लंदन में रह रहे झारखंडी समुदाय और छात्रों से संवाद किया, जिससे सात समुद्र पार भी गणतंत्र का उत्सव पूरी तरह आत्मीय और स्मरणीय बन गया।

सांस्कृतिक और कूटनीतिक संदेश

लंदन के केंद्र में स्थित पार्लियामेंट स्क्वायर पर मुख्यमंत्री की यह उपस्थिति भारत की संवैधानिक शक्ति और वैश्विक उपस्थिति को दर्शाती है। यह दौरा न केवल शैक्षणिक और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक विरासत को साझा करने का भी एक सशक्त माध्यम बना है।

77वें गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने पहनी मरून पगड़ी, जानिए क्या है संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर रंगीन पगड़ी पहनने का अपना ट्रेडिशन इस साल भी जारी रखा। इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी की खास पगड़ी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पीएम मोदी का ये पहनावा सांस्कृतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और विरासत को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी की वेशभूषा की बात करें तो उन्होंने गहरे नीले रंग का कुर्ता पहना। उन्होंने इस पर आसमानी रंग की जैकेट पहनी। सफेद चूड़ीदार पायजामे के साथ पारंपरिक काले जूतों ने पीएम मोदी के लुक को पूरा किया।

पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई

प्रधानमंत्री ने आज के खास मौके पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।

पहली भी पीएम की पगड़ी ने खींचा है लोगों का ध्यान

इससे पहले के गणतंत्र दिवस समारोहों में भी प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती रही है। बता दें कि 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में पीएम मोदी ने चमकीले लाल और पीले रंग का बंधेज साफा पहना था, जो राजस्थानी और गुजराती संस्कृति से जुड़ा एक पारंपरिक टाई-डाई कपड़ा है, जिसे उन्होंने सफेद कुर्ते-पायजामे और भूरे रंग की बंदगला जैकेट के साथ पहना था।

हर बार चर्चा में रहती है पीएम मोदी की पगड़ी

हर साल पीएम मोदी का गणतंत्र दिवस का पहनावा चर्चा का विषय बन जाता है। उनकी पगड़ी हमेशा ही लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है। बीते कुछ वर्षों में पीएम मोदी ने राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और अन्य राज्यों की पगड़ियां और टोपियां पहनी हैं। इन सभी का अपना सांस्कृतिक महत्व रहा है।

प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर राष्ट्रीय समर स्मारक पहुंचने के पर मरून रंग की पगड़ी पहनी। इस पगड़ी पर सुनहरे रंग की कढ़ाई की गई है। पगड़ी के पिछले हिस्से में हरे रंग पर सुनहरे रंग की शानदार कढ़ाई देखने को मिली। साफे के आखिरी हिस्से में हरे रंग के नीचे पीले रंग का मिश्रण देखने को मिला।