भारत ने दुनिया को चौंकाया: UN में ईरान का दिया साथ, पश्चिमी देशों को दिखाया आईना
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यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट काउंसिल (UNHRC) में भारत की कूटनीति में बड़ा बदलाव देखा गया। UNHRC में भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया। भारत ने ईरान पर पश्चिमी देशों के प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला। भारत के साथ साथ चीन और पाकिस्तान ने भी प्रस्ताव के खिलाफ 'NO' वोट किया है। हालांकि भारत, चीन और पाकिस्तान के समर्थन के बावजूद UNHRC में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव पास हो गया है।
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई को लेकर अपनी जांच को और गहरा करने का फैसला किया है। इसमें बच्चों सहित हजारों लोगों के मारे जाने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव में ईरान से "क्रूर दमन" खत्म करने की मांग भी की गई है।
भारत के साथ चीन-पाकिस्तान ने भी NO में वोट किया
UNHRC में कुल 47 सदस्य देश हैं, जिन्होंने इस प्रस्ताव के जरिए ईरान में "सुरक्षा बलों द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के अभूतपूर्व पैमाने" पर चिंता जताई है। ईरान के खिलाफ लाए गये पश्चिमी देशों के प्रस्ताव के समर्थन में 25 वोट, विरोध में 7 वोट और 15 देशों ने वोटिंग से दूर रहने का फैसला किया है। भारत, चीन और पाकिस्तान ने विरोध में यानि NO में वोट किया है।
भारत आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ
पश्चिमी देश और नाटो सदस्य जैसे अमेरिका, फ्रांस और दक्षिण कोरिया ईरान के खिलाफ थे। वे सख्त कार्रवाई चाहते थे। लेकिन भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया। भारत ने साफ कर दिया कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ है। इससे भारत की विदेश नीति की ताकत दिखी, जो संतुलित और स्वतंत्र है। पश्चिमी देशों को लगा कि वे आसानी से ईरान को अलग-थलग कर लेंगे, लेकिन भारत के वोट ने उनके प्लान पर पानी फेर दिया। भारत की तरह ही चीन ने भी ईरान का साथ दिया है।
पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुकता भारत
भारत की यह नीति उसके रणनीतिक हितों से जुड़ी है, जिसमें ईरान से ऊर्जा आयात, चाबहार पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना शामिल है। भारत हमेशा जोर देता है कि मानवाधिकार के मुद्दों पर राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से बचा जाना चाहिए। इस वोट से भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को दोहराया, जिसमें वह पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुकता और दोस्त देशों के साथ खड़ा रहता है। ईरान के साथ भारत के संबंध मजबूत हैं, और यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास को और मजबूत करता है।




3 hours ago
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