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बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन में प्लेटफार्म के विस्तार का कार्य शुरू, खाली करायी जायेगी रेलवे की जमीन, बनेगी चहारदीवारी

बोकारो थर्मल. बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन में प्लेटफार्म के विस्तार का कार्य शुरू कर दिया गया है. प्लेटफार्म की लंबाई कम होने के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों के पांच बोगियां बाहर ही रह जाती है और इससे कारण महिलाओं, बुजुर्गों सहित सभी यात्रियों को असुविधा होती है. 

इस संबंध में गिरिडीह के पूर्व सांसद रविंद्र कुमार पांडेय, भाकपा बेरमो अंचल मंत्री ब्रज किशोर सिंह, माकपा नेता भागीरथ शर्मा ने रेलवे हाजीपुर जोन के जीएम, धनबाद के डीआरएम, रेलवे मंत्री आदि को लिखा था. खाली करायी जायेगी रेलवे की जमीन, बनेगी चहारदीवारी

बोकारो थर्मल में रेलवे की जमीन को खाली कराने और सीमांकन कर चहारदीवारी कराने को लेकर प्रक्रिया आरंभ कर दी गयी है. रेलवे गोमो व धनबाद कार्यालय के अधिकारियों व कर्मियों की टीम दो दिनों से रेलवे की जमीन पर बसे लोगों की सूची बना रही है. इसके बाद निर्माण हटा लेने को लेकर नोटिस दी जायेगी. जमीन खाली कराने के बाद स्थानीय छठ घाट के समीप श्मशान घाट से लेकर बड़वाबेड़ा कोल साइडिंग तक चहारदीवारी का निर्माण किया जायेगा. रेलवे की टीम ने ऐसे 92 लोगोंं की सूची बनायी है, जिन्हें नोटिस दिया जायेगा.

स्थानीय स्टेशन प्रबंधक शैलेष कुमार ने कहा कि रेलवे की जमीन पर बसे लोगों की सूची बनाने का कार्य जारी है. इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे द्वारा कार्रवाई की गयी तो सैकड़ों परिवारों बेघर हो जायेंगे. चहारदीवारी का निर्माण किया गया तो डीएमएफटी फंड से बनायी गयी सड़क भी चली जायेगी. सीआइएसएफ यूनिट सहित डीवीसी की सिक्स यूनिट कॉलोनी में रहने वाले लोगों को आवाजाही में दिक्कत होगी.

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सर्च अभियान में आईईडी बन रही है बाधक,इस माह मार्च 2025 में हुए 3 विस्फोट,एक जवान शहीद, 5 घायल


नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा जमीन के अंदर लगाए गए आईईडी सुरक्षा बलों के लिए घातक साबित हो रहे हैं. जैसे-जैसे सुरक्षा बल नक्सलियों के करीब पहुंच रहे हैं, वैसे-वैसे विस्फोट की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं. 

अकेले मार्च 2025 में विस्फोट की तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें पांच जवान घायल हुए हैं, जबकि सीआरपीएफ के एक सब इंस्पेक्टर शहीद हुए हैं.

सारंडा क्षेत्र में पुलिस के लिए नक्सल विरोधी अभियान पड़ रहा है भारी

झारखंड के सारंडा क्षेत्र ही एकमात्र ऐसा इलाका बचा है, जहां से नक्सलियों के एक बड़े समूह का सफाया किया जाना है, जिन पर एक करोड़ रुपये के कई इनाम भी हैं. 

ऑपरेशन में लगे सुरक्षा बल किसी भी तरह सारंडा को फतह करना चाहते हैं, लेकिन जमीन के अंदर बिछाई गई मौत की सामग्री उनकी राह में रोड़ा बन रही है.

इस माह हुए 3 विस्फोट

मार्च 2025 के महीने में नक्सलियों द्वारा तीन बार विस्फोट किए गए हैं. 5 मार्च को हुए विस्फोट में तीन जवान घायल हुए थे, 16 मार्च को हुए विस्फोट में एक जवान घायल हुआ था, जबकि 22 मार्च को हुए विस्फोट में सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सुनील मंडल शहीद हो गए थे और सीआरपीएफ के एक हेड कांस्टेबल घायल हुए थे.

बेहद खतरनाक हैं ये इलाके

चाईबासा के जराइकेला, रेंगरा, टोंटो, सोनुवा, जेटेया, गुदरी और तुम्बाहाटा ऐसे इलाके हैं, जहां जंगलों में कदम-कदम पर नक्सलियों ने मौत का साजो-सामान बिछा रखा है. इन वन क्षेत्रों में विस्फोटों के कारण पिछले डेढ़ साल में 22 ग्रामीणों की जान जा चुकी है. हालात ऐसे हैं कि बाइक से जंगल में अभियान पर निकलने वाले जवान भी आईईडी बमों का शिकार बन रहे हैं.

नक्सलियों के निशाने पर सुरक्षा बल

झारखंड के कोल्हान इलाके में पुलिस और नक्सलियों के बीच निर्णायक लड़ाई चल रही है. कोल्हान की जंग पुलिस बहुत पहले ही जीत जाती, लेकिन नक्सलियों द्वारा जंगल क्षेत्रों में अपनी सुरक्षा के लिए लगाए गए आईईडी बम अब तक इस जंग को जीतने में बाधा बने हुए हैं.

नवंबर 2022 से अब तक 26 सुरक्षाबल हो चुके घायल

 नवंबर 2022 से अब तक कोल्हान में आईईडी बमों के विस्फोट से 26 सुरक्षाबल घायल हो चुके हैं.इनमें 209 कोबरा बटालियन के इंस्पेक्टर प्रभाकर साहनी, हवलदार अलख दास, मुकेश कुमार सिंह, अजय लिंडा, भरत सिंह राय, फारूकी शाहरुख खान, वीरपाल सिंह, प्रिंस सिंह, अमरेश सिंह, सौरभ कुमार, संतोष और चिरंजीव पात्रे विस्फोट में घायल हुए हैं. सभी को आनन-फानन में एयरलिफ्ट कर रांची ले जाया गया.

अधिकांश जवान अपनी चोटों से उबर चुके हैं लेकिन कई अभी भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. कोल्हान में सीआरपीएफ के कई जवान भी घायल हुए हैं, जिनमें इंशार अली, राकेश कुमार पाठक, पंकज कुमार यादव और संजीव कुमार शामिल हैं. 22 मार्च को हुए विस्फोट में सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर शहीद हो गए थे, जबकि हेड कांस्टेबल गर्ग घायल हुए थे.

नवंबर 2023 से अब तक 22 ग्रामीणों की मौत

कोल्हान में सुरक्षा बलों के बाद सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है, नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से अब तक 24 ग्रामीणों की जान जा चुकी है, जबकि 14 गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

जान बचाने के लिए ग्रामीणों को भी बनाया जा रहा निशाना

झारखंड के नक्सल इतिहास में नक्सली संगठन हमेशा ग्रामीणों को निशाना बनाते रहे हैं. कभी मुखबिरी के नाम पर तो कभी शरण न देने के नाम पर, लेकिन पुलिस के जोरदार अभियान के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है. झारखंड के अधिकांश नक्सली इलाकों से माओवादियों को खदेड़ दिया गया है. लेकिन कोल्हान में कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां नक्सली अभी भी खुद को बचाने में कामयाब हैं, लेकिन यह सफलता ग्रामीणों के खून से मिली है.घने बीहड़ों में नक्सलियों ने खुद को बचाने के लिए पूरे जंगल में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं. ऐसे जंगलों में बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं, जहां ग्रामीण रोजाना आते-जाते हैं, नतीजतन बारूदी सुरंगों के विस्फोट में ग्रामीण लगातार अपनी जान गंवा रहे हैं.

60 से ज्यादा नक्सली हैं इनामी

दरअसल, कोल्हान में शीर्ष नक्सली नेताओं ने शरण ले रखी है. बूढ़ा पहाड़ के बाद कोल्हान ही एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां नक्सलियों ने अपना मुख्यालय बनाया है. मुख्यालय होने के कारण यहां एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली नेता भी रहते हैं. जानकारी के अनुसार, सारंडा में मिसिर बेसरा, अनमोल दा, टेक विश्वनाथ उर्फ ​​संतोष, मोछू, चमन, कांडे, अजय महतो, सागेन अंगारिया और अश्विन जैसे खतरनाक नक्सली कमांडर मौजूद हैं, जिन पर एक करोड़ रुपये का इनाम है. इनके साथ 60 से अधिक लड़ाके हैं, जो गुरिल्ला युद्ध में माहिर हैं.

अभियान जारी, जल्द होगा खात्मा

कोल्हान में आईईडी विस्फोटों में ग्रामीणों की मौत और जवानों के घायल होने के सवाल पर झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि कोल्हान में नक्सलियों की धार कुंद हो चुकी है, उनके पास अब कुछ नहीं बचा है. नतीजतन, वे आईईडी बम के जरिए लड़ाई की कोशिश कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों और जवानों को नुकसान पहुंच रहा है. लेकिन हमने उन्हें खत्म करने का लक्ष्य तय किया है और इसी लक्ष्य के अनुसार पुलिस केंद्रीय बलों के साथ मिलकर काम कर रही है. बहुत जल्द नक्सलियों का आखिरी गढ़ भी उनके हाथ से निकल जाएगा.

बगोदर थाना क्षेत्र के घाघरा गांव निवासी महेंद्र भुईयां की आंध्र प्रदेश आंध्रप्रदेश में मौत,वहां करता था मजदूरी


गिरिडीह: बगोदर थाना क्षेत्र के घाघरा गांव के निवासी मजदूर महेंद्र भुईयां (32) की मौत आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले के अलेट पाडू के नहर में डूबने से हो गया।

  

घटना की सूचना वहां काम कर रहे स्थानीय लोगों ने परिजनों को दी. महेंद्र वहां मजदूरी करता था. शनिवार को कार्य स्थल के बगल की नहर में शौच के लिए गया था. इसी दौरान वह गहराई में चला गया. पानी अधिक होने डूबने से उसकी मौत हो गयी. स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. सूचना मिलते ही पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह घाघरा गांव पहुंचे. उन्होंने शोकाकुल परिजनों को ढाढ़स बंधाया. साथ ही सरकारी प्रावधान के अनुसार सहायता राशि दिलाने व शव लाने के संबंध में तत्काल अधिकारियों से बात की. 

मौके पर उप प्रमुख हरेंद्र कुमार सिंह, लक्ष्मण मंडल, रीतलाल महतो, विशुन महतो, राकेश चौधरी, हेमलाल महतो, बालेश्वर महतो आदि मौजूद थे.

एसपी डॉ विमल कुमार ने क्राइम मीटिंग में असामाजिक तत्वों को चिह्नत कर कार्रवाई करने का दिया निर्देश


गिरिडीह के एसपी डॉ विमल कुमार ने अपने कार्यालय में क्राइम मीटिंग की. इस दौरान एसपी ने जिले के सभी एसडीपीओ, डीएसपी, इंस्पेक्टर और थाना प्रभारियों को कई आवश्यक निर्देश दिये. एसपी ने बारी-बारी से सभी पुलिस पदाधिकारियों से उनके क्षेत्र में होने वाले कांडों के बारे में चर्चा की

बैठक में वाहन चेकिंग, गश्ती व वारंटियों के मामलों को शीघ्र निष्पादित करने का आदेश दिया. कहा कि थानों पर पहुंचने वाले हर मामलों को निष्पादित करें. एसपी ने थानेवार लंबित मामले, शिकायतें, लंबित अनुसंधान, गैर जमानती वारंट, नोटिसों का तामिला आदि की समीक्षा की. थानेदारों से कहा कि थाना पहुंचने वाले लोगों के साथ शिष्ट व्यवहार करें. कहा कि कोई भी व्यक्ति थाना जाते हैं, तो उनके आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करें. लोगों से थाना जाने के बाद कार्रवाई नहीं होने की शिकायत मिलेगी तो थानेदारों पर कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा थाना में पहुंची महिलाओं के मामलों का त्वरित निष्पादन करें. कहा कि शहर में ट्रैफिक जाम समस्या पर विशेष ध्यान दें. एसपी ने कहा कि ईद का भी त्योहार कुछ ही दिनों में आने वाला है.

 ऐसे में असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखें. सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाले लोगों पर विशेष ध्यान दे. बैठक में डीएसपी वन नीरज कुमार सिंह, डीएसपी टू कौसर अली, सदर, डुमरी, खोरीमहुआ व बगोदर-सरिया के एसडीपीओ क्रमश: जीतवाहन उरांव, सुमित प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद व धनंजय राम, साइबर डीएसपी आबिद खान, नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद, मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, पचंबा इंस्पेक्टर मंटू कुमार, पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार, बेंगाबाद इंस्पेक्टर ममता कुमारी, बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह समेत कई अधिकारी व थाना प्रभारी मौजूद थे.

प्रधानखंता रेल ओवर ब्रिज पर खतरा बरकरार, प्रशासन के रोक के बावजूद बेरोकटोक चल रहे भारी वाहन


बलियापुर । धनबाद प्रधानखंता स्थित रेल ओवर ब्रिज के कई हैंगर क्षतिग्रस्त होने के कारण संभावित दुर्घटना की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 21 मार्च से बलियापुर-गोविंदपुर रोड पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी थी!

इस आदेश को प्रभावी बनाने के लिए बलियापुर बाजार चौक पर अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह की मौजूदगी में बेरिकेटिंग लगाई गई थी!

प्रशासन के आदेश की उड़ रही धज्जियां

हालांकि, बेरिकेटिंग लगाने के बावजूद पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण भारी वाहन चालक बेखौफ होकर बेरिकेटिंग हटाकर गोविंदपुर की ओर आवाजाही कर रहे हैं इससे प्रशासनिक आदेश की धज्जियां उड़ रही हैं और ओवर ब्रिज पर खतरा जस का तस बना हुआ है!

अंचल अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका

मामले को लेकर अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस आदेश को सख्ती से लागू करने और पुल की मरम्मत जल्द से जल्द कराने की मांग की है!

झारखण्ड सूड़ी समाज कल्याण समिति का 46 वां महाधिवेशन संपन्न

अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग पर हुईं चर्चा, संसद भवन घेरने का निर्णय

धनबाद :झारखण्ड सूड़ी समाज कल्याण समिति का रविवार को 46वां महाधिवेशन हीरापुर अग्रसेन भवन में संपन्न हुआ।महाअधिवेशन में झारखण्ड प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

महाअधिवेशन में सूड़ी जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग पर विशेष चर्चा महाधिवेशन में हुईं।साथ ही आगे के आंदोलन की भी रणनीति बनी।

केंद्रीय अध्यक्ष कंसारी मंडल ने बताया कि 2021 में ही सूड़ी जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की अनुशंसा झारखण्ड सरकार ने कर दी थी।इसके बाद भी केंद्र सरकार ने अबतक कोई पहल नहीं की। ऐसे में समिति ने दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना, संसद भवन का घेराव करने का निर्णय लिया है।

समिति के केंद्रीय संरक्षक रेखा मंडल ने बताया कि सूड़ी जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग वर्षो से हो रही है और यह हमारा अधिकार है इसे लेकर रहेंगे।

खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 : पैरालंपियन शीतल देवी ने पायल नाग को हराकर तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीता


जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक बहुचर्चित फाइनल मुकाबले में 2024 पेरिस पैरालिंपिक की कांस्य पदक विजेता जम्मू-कश्मीर की शीतल देवी का मुकाबला बिना हाथ पैर के ओडिशा की दिव्यांग पायल नाग से हुआ।

नई दिल्ली : गत चैंपियन शीतल देवी ने रविवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेलो इंडिया पैरा गेम्स में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए अपना दूसरा स्वर्ण पदक सफलतापूर्वक जीता। ओडिशा की दिव्यांग तीरंदाज पायल नाग के खिलाफ, जम्मू-कश्मीर की शीतल ने कंपाउंड तीरंदाजी ओपन फाइनल में 109-103 से जीत दर्ज की। 18 वर्षीय शीतल और 17 वर्षीय पायल ने भी कंपाउंड ओपन स्पर्धाओं में पोडियम पर अपनी चमक बिखेरी।

झारखंड के विजय सुंडी ने पुरुषों के रिकर्व ओपन स्वर्ण पदक मैच में हरियाणा के विकास भाकर को 6-4 से हराया, जबकि हरियाणा की पूजा ने महिलाओं के रिकर्व ओपन स्वर्ण पदक मैच में महाराष्ट्र की राजश्री राठौड़ को 6-4 से हराया। 

लेकिन सभी की निगाहें महिलाओं के कंपाउंड स्वर्ण पदक मैच पर थीं। शीतल देवी ने 8 और 7 के स्कोर के साथ शुरुआत की, जबकि पायल ने डबल 10 के साथ शुरुआत की। 17 वर्षीय पायल ने हालांकि तीसरे राउंड में बढ़त खो दी, जहां उन्होंने पहली बार 7 का स्कोर बनाया और शीतल ने 9 और 10 के अपने लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर वापसी की। निर्णायक पांचवें राउंड में शीतल ने खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025 में स्वर्ण पदक जीता।

शीतल ने कहा कि सबसे पहले, पायल ने फाइनल में बहुत अच्छा खेला और अपनी निरंतर कड़ी मेहनत से वह जल्द ही भारत के लिए भी पदक जीतेगी। व्यक्तिगत रूप से, मैं माता रानी के आशीर्वाद के लिए आभारी हूं कि मैंने खेलो इंडिया पैरा गेम्स में अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता," उन्होंने तकनीकी पहलुओं को बताते हुए कहा कि “पहले मैं अपने कृत्रिम पैरों में दो उपकरणों के साथ तीर चलाती थी, लेकिन अब मैं सिर्फ़ एक पैर से तीर चलाती हूँ। एडजस्ट करने में दिक्कत हुई, लेकिन मैं असुविधा के बावजूद फ़ाइनल में पहुँच गई और आज हवा भी तेज़ थी। 

पायल के कोच कुलदीप वेदवान ने बताया कि नया उपकरण मिलने के पैरा-तीरंदाजी में पायल का पुनर्जन्म हुआ है। यह पहली महिला तीरंदाज हैं, जिनके चारों अंग नहीं हैं, इसलिए उनके कृत्रिम पैर में एक अतिरिक्त उपकरण लगाना मेरे लिए एक चुनौती थी। अब वह तीर चलाने के लिए सिर्फ़ एक पैर का इस्तेमाल करती हैं।”

सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में चार साल जांच के बाद CBI ने दाखिल किया क्लोजर रिपोर्ट


 बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में चार साल से ज्यादा की जांच के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है. रिपोर्ट में सीबीआई ने सुशांत की मौत को आत्महत्या करार दिया है और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से मुक्त कर दिया है.

सीबीआई ने मुंबई की विशेष अदालत के समक्ष यह रिपोर्ट पेश की, जो अब तय करेगी कि इस रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या आगे की जांच की जाए.

गौरतलब है कि 14 जून 2020 को सुशांत मुंबई स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन बाद में कई सवाल उठे, जिसके बाद सीबीआई ने 6 अगस्त 2020 को इसकी जांच शुरू की.

जहर देने या गला घोंटने के कोई सबूत नहीं मिले

इस केस में एम्स के फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी सीबीआई को रिपोर्ट दी थी, जिसमें जहर देने या गला घोंटने के कोई सबूत नहीं मिले थे. इसके अलावा, सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए थे, जबकि रिया ने भी सुशांत के परिवार पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

अब यह मामला कोर्ट में उठ सकता है, जो यह निर्णय लेगी कि जांच समाप्त होगी या आगे बढ़ाई जाएगी. सुशांत के प्रशंसक लंबे समय से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं.

देवघर जिले के कुंडा थाना स्थित ढाकोडीह गांव में सात महीने के एक दुधमुंहे बच्चे की हत्या,बच्चे की दादी पर आरोप

देवघर जिले के कुंडा थाना अंतर्गत ढाकोडीह गांव में सात महीने के एक दुधमुंहे बच्चे की हत्या का मामला सामने आया है. दादा बाजो महतो और दादी पंचा देवी पर बच्चे की बेरहमी से गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है. गांव के बगल में स्थित स्कूल के पास एक गड्ढे से मासूम का शव बरामद किया गया. मृतक बच्चे की पहचान चंदन यादव के सात माह का पुत्र शिवांश के रूप में हुई है. मामले में पूछताछ के बाद पुलिस ने बच्चे की दादी पंचा देवी को हिरासत में ले लिया है. जबकि बच्चे के दादा बाजो महतो फिलहाल फरार है.

भैंसुर की बेटी की हत्या के आरोप में जेल जा चुकी है पंचा देवी

जानकारी के अनुसार आज, रविवार की सुबह गांव का एक व्यक्ति तालाब की ओर जा रहा था. इसी दौरान उसने गड्ढे में पड़े बच्चे के शव को देखा. हो -हल्ला होने के बाद जानकारी पाकर मृतक के माता-पिता अन्य ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने कुंडा थाने को मामले की सूचना दी. 

इधर आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा आरोपित पंचा देवी के साथ खूब मारपीट भी की गई. हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें बचाकर अपने साथ पूछताछ के लिए थाने ले गई. बच्चे के शव का पंचनामा कर शव सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. ग्रामीणों के अनुसार पंचा देवी पर पूर्व में अपनी भैंसुर की बेटी की हत्या का आरोप लगा था और वह जेल भी गई थी.

हेमंत सोरेन सरकार की युवाओं की सौगात, पुलिस समेत इन पदों पर होगी अब सीधी नियुक्ति


 रांची- झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पुलिस, कक्षपाल, होमगार्ड, उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली-2025 को स्वीकृति दे दी है. इसके बाद गृह विभाग ने इससे संबंधित गजट भी जारी कर दिया है. इसके तहत पुलिस (जिला/इकाई) पुलिस (झारखंड सशस्त्र पुलिस), पुलिस (राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल) सहित कक्षपाल, सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी) तथा उत्पाद सिपाही की सीधी नियुक्ति होगी. यह नियुक्ति परीक्षा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की अनुशंसा पर होगी.

33 प्रतिशत पद होगा महिलाओं के लिए

झारखंड पुलिस के अधीन राज्य के विभिन्न जिलों में स्वीकृत पुलिस के पद जिलास्तरीय पद तथा जैप/एसआइएसएफ के अधीन पुलिस पद राज्यस्तरीय कोटि के होंगे. कक्षपाल, होमगार्ड, उत्पाद सिपाही का पद राज्यस्तरीय होगा. पुलिस में आरक्षित एवं अनारक्षित कोटि का 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए होगा. गृह रक्षक प्रशिक्षित होमगार्ड जवानों के लिए संपूर्ण रिक्ति का 50 प्रतिशत पद सुरक्षित रहेगा. झारखंड पुलिस अंतर्गत वर्तमान में अनुबंध पर कार्यरत सहायक पुलिस को सभी रिक्ति में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण अनुमान्य होगा. मेधा सूची बनाने में झारखंड सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय से स्नातक या डिप्लोमा की उपाधि प्राप्त उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पुलिस के पद पर नियुक्ति में चार से 10 अंक तक का वेटेज मिलेगा.

नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष

सभी पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष होगी. शारीरिक मापदंड सामान्य/बीसी/इडब्ल्यूएस के लिए ऊंचाई 160 सेंटीमीटर व सीना 81 सेंटीमीटर, जबकि एससी/एसटी के लिए क्रमश: 155 सेंटीमीटर तथा 79 सेंटीमीटर होना चाहिए. महिलाओं की सभी कोटि के लिए ऊंचाई 148 सेंमी तथा सीना पर नियम लागू नहीं होगा. पुरुषों के लिए 1600 मीटर की दौड़ के लिए छह मिनट व महिलाओं के लिए 1600 मीटर की दौड़ के लिए 10 मिनट निर्धारित किया गया है. शारीरिक मापदंड/दक्षता परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही लिखित परीक्षा के पात्र होंगे.