रिफाइंड ऑयल सेहत के लिए खतरा!आयुर्वेद ने सरसों के तेल को बताया बेहतर
आजकल अधिकतर घरों में खाना पकाने के लिए रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन क्या यह सच में सेहत के लिए फायदेमंद है या नुकसानदायक? दूसरी ओर, सरसों का तेल जिसे आयुर्वेद में अत्यधिक लाभकारी माना गया है, क्या वाकई बेहतर विकल्प है? आइए इस पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
रिफाइंड ऑयल: कितना सेहतमंद, कितना नुकसानदायक?
रिफाइंड ऑयल को आकर्षक बनाने और उसका स्वाद एवं रंग सुधारने के लिए इसे विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। लेकिन इन प्रक्रियाओं के कारण यह कई तरह के पोषक तत्व खो देता है और कुछ हानिकारक तत्व इसमें आ सकते हैं।
रिफाइंड ऑयल के संभावित नुकसान
ट्रांस फैट और हानिकारक केमिकल्स – रिफाइंड तेल को हाई टेम्परेचर पर प्रोसेस किया जाता है, जिससे इसमें ट्रांस फैट बन सकता है, जो हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकता है।
ओमेगा-6 फैटी एसिड की अधिकता – यह सूजन (inflammation) को बढ़ा सकता है और कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट की कमी – रिफाइंड करने की प्रक्रिया में ऑयल के प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट जैसे विटामिन E और अन्य पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
लीवर और पाचन तंत्र पर असर – अत्यधिक प्रोसेस्ड तेल हमारे लीवर और पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है।
आयुर्वेद में सरसों के तेल का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार, सरसों का तेल गुणकारी और औषधीय होता है। यह न केवल खाने में उपयोगी है बल्कि त्वचा, बालों और शरीर की मालिश के लिए भी बेहतरीन है।
सरसों के तेल के फायदे
हृदय के लिए लाभकारी – इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण – सरसों का तेल संक्रमण से बचाव करता है और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होता है।
पाचन में सहायक – यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं को दूर करता है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत – सरसों के तेल से मालिश करने से अस्थियों और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल – यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।
रिफाइंड तेल की जगह क्या अपनाएं?
अगर आप सेहतमंद जीवन चाहते हैं, तो रिफाइंड तेल की जगह ठंडे दबाव (Cold-Pressed) तेलों का इस्तेमाल करें। इनमें सरसों का तेल, नारियल तेल, तिल का तेल और देसी घी शामिल हैं।
रिफाइंड ऑयल भले ही आज के समय में अधिक प्रचलित हो, लेकिन यह सेहत के लिए उतना फायदेमंद नहीं है। सरसों का तेल एक पारंपरिक, प्राकृतिक और सेहतमंद विकल्प है, जिसे आयुर्वेद भी समर्थन करता है। यदि आप अपने स्वास्थ्य की परवाह करते हैं, तो अपने आहार में रिफाइंड तेल की बजाय शुद्ध और पारंपरिक तेलों को अपनाएं।
Mar 11 2025, 11:22