पीडब्ल्यूडी की सड़क ने रोका पानी का रास्ता, 80 बीघा धान की फसल जलमग्न होकर बर्बाद
आछेपुर छतौना गांव में जलभराव से किसानों पर टूटा संकट, ग्रामीणो
बुढ़नपुर (आजमगढ़)। तहसील क्षेत्र के आछेपुर छतौना गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से किसानों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में करीब 80 बीघा धान की फसल पानी में डूबकर खराब हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान गांव से होकर गुजरने वाले नाले को पाट दिए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया और निकासी का रास्ता बंद होने से किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। इस समस्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव से होकर गुजरने वाला नाला बारिश के पानी की निकासी का प्रमुख माध्यम था। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़क बनाते समय नाले को पाट दिया गया, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई। इसके बाद हुई बारिश का पानी खेतों में जमा हो गया। जलभराव के कारण करीब 80 बीघा धान की फसल डूबकर खराब हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, परिवार के भरण-पोषण की चिंता
फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि धान की खेती उनके परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। फसल तैयार होने से पहले ही पानी में डूबकर खराब हो जाने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। किसानों ने दुख जताते हुए कहा कि यदि पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा नाले को बंद नहीं किया गया होता, तो उनकी फसलें बर्बाद नहीं होतीं। अब फसल नष्ट होने से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।
प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
जलभराव और फसल बर्बादी से नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि नाले की जलनिकासी बहाल कराई जाए, ताकि खेतों में जमा पानी बाहर निकल सके और भविष्य में किसानों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग की भूमिका की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग उठाई।
एसडीएम ने लेखपाल को दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले को लेकर उपजिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह से बातचीत की गई। उन्होंने मामले में हल्का लेखपाल को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। अब ग्रामीणों को प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था बहाल कराई जाए और फसल के नुकसान का आकलन कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाए।
प्रदर्शन के दौरान बिंदु सिंह, राजेंद्र पांडेय, राहुल सिंह, विपिन सिंह, जितेंद्र सिंह, अमर सिंह, सत्येंद्र पांडेय सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर नाले की जलनिकासी बाधित होने से बर्बाद हुई किसानों की फसल की भरपाई कौन करेगा? ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करेगा, जिससे उन्हें राहत मिल सके।
8 hours ago
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