रांची में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान: दलादली, तिलता और ओरमांझी में 600 से अधिक वाहन चालकों को किया जागरूक

रांची:- परिवहन सचिव श्री राजीव रंजन की उपस्थिति में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार नागरिक व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य रांची जिले के ग्रामीण क्षेत्रों यथा दलादली चौक, तिलता चौक एवं ओरमांझी सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया । अभियान के दौरान वाहन चालकों, दुकानदारों एवं आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन तथा यातायात के दौरान आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया।

नागरिकों के जीवन की रक्षा करना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में

इस अवसर पर परिवहन सचिव श्री राजीव रंजन ने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन की सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता एवं संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा राज्य के नागरिकों के जीवन की रक्षा करना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा नागरिकों के बीच Civic Sense (नागरिक चेतना) विकसित करने तथा सड़क सुरक्षा नियमों को अपने दैनिक व्यवहार एवं जीवनशैली में अपनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने पर बल दिया गया है।

सड़क सुरक्षा को समझें अपना व्यक्तिगत एवं सामाजिक दायित्व

सचिव, परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा को केवल प्रशासन की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे अपना व्यक्तिगत एवं सामाजिक दायित्व मानें। हेलमेट पहनना, यातायात नियमों का पालन करना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना, अवैध पार्किंग से बचना तथा सड़क को अतिक्रमणमुक्त रखना जैसे व्यवहारों को अपनी आदत में शामिल करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सड़क दुर्घटनाओं में किसी व्यक्ति की मृत्यु से उसके परिवार को होने वाली क्षति अपूरणीय होती है। विशेषकर परिवार के मुख्य सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार को भावनात्मक आघात के साथ-साथ आजीविका एवं दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अतः सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक के जीवन, परिवार और समाज की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।

बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों को किया गया जागरूक

अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले लगभग 600–700 वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। वाहन चालकों को समझाया गया कि हेलमेट का उपयोग केवल कानूनी अनिवार्यता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। सड़क दुर्घटना की स्थिति में हेलमेट सिर में लगने वाली गंभीर चोटों तथा मृत्यु के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अभियान का उद्देश्य केवल नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है

वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनने तथा अन्य आवश्यक यातायात सावधानियों को अपनाने की हिदायत दी गई। अभियान का उद्देश्य केवल नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाकर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था।अभियान के दौरान नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए आत्मीय एवं जनसहभागितापूर्ण तरीके अपनाए गए। वाहन चालकों को माला पहनाकर तथा मुंह मीठा कराकर सुरक्षित यातायात का संदेश दिया गया। साथ ही, निःशुल्क हेलमेट एवं सड़क सुरक्षा संबंधी पंपलेट वितरित किए गए तथा उपस्थित लोगों को यातायात नियमों का निष्ठापूर्वक पालन करने की शपथ दिलाई गई।

नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दिया गया सड़क सुरक्षा का संदेश

अभियान को जनसामान्य के लिए अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के उद्देश्य से कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया।हेलमेट नहीं पहनने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने तथा लापरवाही से वाहन चलाने के दुष्परिणामों को दर्शाया गया। नाटक में यमराज के पात्र के माध्यम से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों को प्रतीकात्मक एवं रोचक तरीके से समझाया गया। इन प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अवैध पार्किंग एवं सड़क पर अतिक्रमण से बचने की अपील

अभियान के दौरान सड़क किनारे स्थित दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों को सड़क पर अनधिकृत रूप से सामान रखने, दुकानों का सामान सड़क तक फैलाने तथा बड़े वाहनों को अनियमित रूप से पार्क करने से होने वाली परेशानियों एवं दुर्घटनाओं के प्रति भी जागरूक किया गया। सभी से अनुरोध किया गया कि वे सड़क एवं फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखें, वाहनों को निर्धारित एवं उपयुक्त स्थान पर ही पार्क करें तथा यातायात के सुचारु संचालन में सहयोग दें।

निरंतर जारी रहेंगे जागरूकता अभियान*

परिवहन विभाग द्वारा इस प्रकार के जागरूकता अभियानों को आगे भी निरंतर संचालित करने पर बल दिया गया, ताकि नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े, सकारात्मक व्यवहारगत परिवर्तन आए, अवैध पार्किंग एवं सड़क अतिक्रमण पर अंकुश लगे तथा रांची जिले सहित पूरे राज्य में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी, रांची श्री अखिलेश कुमार, मोटर वाहन निरीक्षक श्री राहुल सिद्धार्थ, आईटी असिस्टेंट सुश्री कविता कुमारी, सड़क सुरक्षा अभियंता श्री गौरव कुमार एवं श्री अभय कुमार, सड़क सुरक्षा मित्र श्री आशुतोष द्विवेदी तथा ट्रैफिक पुलिस के जवानों सहित परिवहन विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मरांग बुरु धर्मगाढ़ महासम्मेलन और इंटरनेशनल संताल सोशियो-सरना कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में लुगू बुरु घांटा बाड़ी धोरोम गाढ़ एवं 'मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन' से जुड़े संथाल समाज के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 04 एवं 05 नवंबर 2026 को मरांग बुरु, मधुबन, पीरटांड़, गिरिडीह में आयोजित 'मरांग बुरु धर्मगाढ़ महा सम्मेलन'-2026" तथा 22 से 24 नवंबर 2026 को सोहराय कुनामी (कार्तिक पूर्णिमा) के अवसर पर टी.टी.पी.एस. ललपनिया, बोकारो में आयोजित होने वाले '26Th International Santal Socio - Sarna Religion Conference 2026' में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।

सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक जुड़ाव पर चर्चा

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी इन दोनों महासम्मेलनों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी सरना धर्मावलंबी श्रद्धालु भारी संख्या में जुटेंगे। महासम्मेलन के दौरान आदिवासी संस्कृति, समृद्ध परंपरा, रीति-रिवाज तथा जनजातीय एकता को मजबूत करने पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने इन दोनों महासम्मेलन के दौरान सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी से उन्हें अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रतिनिधिमंडल का सहर्ष स्वागत करते हुए इस भव्य आयोजन के लिए अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और महासम्मेलनों के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि "राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति, गौरवशाली परंपरा और जन-आस्था के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह समर्पित है। हमारी पहचान और अस्तित्व को बचाए रखने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।"

इस अवसर पर (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) एवं मरांग बुरु बचाओ मोर्चा के अध्यक्ष श्री फागू बेसरा सहित श्री हीरालाल मांझी, श्री सोमई टुडू, श्री महावीर मुर्मू, श्री विष्णु किस्कू, श्री सुरेश हेंब्रम, श्री सुधीर बास्के, श्री बबली सोरेन, श्री भगवान किस्कू, श्री शनिचर बेसरा, श्री लादु मांझी, डॉ० डुमनी मयी मुर्मू, श्री सोनाराम मांझी, संथाल समाज के कई गणमान्य सदस्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

गढ़वा जिला पाल महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष बुधन पाल के निधन पर शोक।

गढ़वा :- गढ़वा जिला पाल महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष, लोहियावादी विचारधारा के प्रबल समर्थक एवं समतामूलक समाज के पक्षधर बुधन पाल का निधन बीती रात लगभग एक बजे उनके सहिजना स्थित आवास पर हो गया। वे अपने पीछे दो पुत्र राकेश कुमार और रुपेश कुमार समेत भरा-पुरा परिवार छोड़ गए हैं।उनके निधन से पाल समाज सहित शोषित, वंचित एवं कमजोर वर्गों को गहरा आघात पहुंचा है।

बुधन पाल ने अपने जीवनकाल में सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक एवं सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने पाल समाज को संगठित एवं शिक्षित करने के साथ-साथ समाज के वंचित और पिछड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए।

राष्ट्रीय जनता दल से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले बुधन पाल अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यवहार एवं शालीन व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। समाज के विभिन्न वर्गों में उनकी स्वीकार्यता थी। वे सामाजिक समानता, आपसी सद्भाव और वंचितों के उत्थान के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहे।

पिछले कई महीनों से वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनका अंतिम संस्कार सहिजना स्थित दानरो नदी के श्मशान घाट पर किया गया। मुखाग्नि उनके जयेष्ठ पुत्र राकेश कुमार ने दिया।

बुधन पाल का निधन पाल समाज ही नहीं, बल्कि समतामूलक समाज की स्थापना के लिए प्रयासरत सभी लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। समाज के प्रति उनके योगदान, विचारों और सेवाभाव को सदैव याद किया जाएगा। उनके दाह संस्कार के अवसर पर पाल महासंघ गढ़वा के अध्यक्ष सुधीर कुमार पाल , युवा समाजसेवी राकेश पाल , डॉक्टर यासीन अंसारी , डॉ मुरली प्रसाद गुप्ता ,जवाहर पासवान, रंजन चौबे,अरविंद मिश्रा, दिनेश सिंह,सुरज गुप्ता,गुड्डू सिंह, पाल महासंघ के संरक्षक पारसनाथ पाल ,सुखबीर पाल,सचिव रमेश पाल,कोषाध्यक्ष सुरेंद्र पाल,कृष्णा पाल, बुद्धदेव पाल, राजमोहन पाल,उदय पाल ,अजय पाल ,रामदेव पाल,सुमित पाल ,कपिलदेव पाल,पुरनदेव पाल ,विनोद पाल, रामचंद्र भगत समेत सैकड़ो लोगों ने भाग लिया।

*मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 26 अक्टूबर को अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता के समापन समारोह में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), जैप श्रीमती प्रिया दुबे ने शिष्टाचार मुलाकात की।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को आगामी 26 अक्टूबर 2026 को बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम खेलगांव, (रांची) में आयोजित 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026-27 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया।

मुलाकात के दौरान आईजी (जैप) श्री सुनील भास्कर एवं डीआईजी (जैप) श्री कार्तिक एस० उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु अपनी शुभकामनाएं दीं।

संस्कार भोज में उमड़ा हजारों का सैलाब, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं कर रहे व्यवस्थाओं की निगरानी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन जी के संस्कार भोज में सम्मिलित होने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या आगंतुक उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री स्वयं एक-एक कर सभी व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले किसी भी आगंतुक को कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन नेमरा पहुंचे मेहमानों से मुलाकात कर उनका अभिवादन एवं स्नेह स्वीकार करते हुए दुःख की इस घड़ी में साथ खड़े होने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नेमरा में माता रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की रस्में पूरी श्रद्धा से संपन्न कीं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार की सभी पारंपरिक रस्में पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कीं। मुख्यमंत्री ने अपने परिवार के सदस्यों, परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों के रीति-रिवाजों,

सामाजिक मान्यताओं एवं परंपराओं के अनुरूप दशकर्म से जुड़े धार्मिक एवं पारंपरिक अनुष्ठान पूरे किए। इस दौरान उन्होंने अपनी पूजनीय माता का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन किया। दशकर्म संस्कार के अवसर पर मुख्यमंत्री के रिश्तेदार, परिजन एवं बड़ी संख्या में नेमरा के ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई।

मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों का आगमन जारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन के निधन के उपरांत उनके नेमरा स्थित पैतृक आवास पर रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं अन्य आगंतुकों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। विभिन्न क्षेत्रों से आ रहे लोग मुख्यमंत्री एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही, स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना कर रहे हैं।

संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी, मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं व्यवस्थाओं की निगरानी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माता स्वर्गीय श्रीमती रूपी सोरेन की स्मृति में आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संस्कार भोज में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, ग्रामीणों एवं अन्य आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री स्वयं आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उनका विशेष ध्यान इस बात पर है कि संस्कार भोज में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए भोजन, पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

विधि-व्यवस्था एवं सुगम आवागमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां

संस्कार भोज के अवसर पर नेमरा एवं आसपास के क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन, वाहन पार्किंग एवं आयोजन स्थल के आसपास सुगम आवागमन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इन व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके।

*गढ़वा में अवैध बालू भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, वन भूमि से 500 डंपर बालू जब्त, चौथे दिन भी चली छापेमारी

गढ़वा। जिले में अवैध उत्खनन एवं खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा द्वारा गठित विशेष टीम ने अभियान के लगातार चौथे दिन भी छापेमारी कर अवैध बालू भंडारण के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की।

यह छापेमारी प्रभाकर मिर्धा अनुमंडल पदाधिकारी,श्री बंशीधर नगर एवं राजेंद्र उरांव जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में धुरकी थाना के पुलिस बल की सुरक्षा में की गई।

वही छापेमारी के दौरान धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत अम्बाखोरिया पंचायत में कनहर नदी के किनारे कुशमाहा घाट के समीप वन भूमि पर अवैध रूप से भंडारित लगभग 500 डंपर बालू जब्त किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन एवं बालू के अनधिकृत भंडारण में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश गया है।

प्रशासन द्वारा अवैध बालू भंडारण करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

वही जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, खनिजों के अनधिकृत परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों एवं सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मातृशोक की घड़ी में भी नहीं थमी जनसेवा, नेमरा में सीएम हेमंत सोरेन ने सुनी लोगों की समस्याएं, त्वरित निदान के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मातृशोक के इस गहरे और भावुक क्षण में भी पूरी संवेदनशीलता के साथ जनहित से जुड़े अपने कर्तव्यों का निर्वहन निरंतर कर रहे हैं। आज मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद और समस्याएं लेकर पहुंचे।

गहरा व्यक्तिगत दु:ख होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने एक जनसेवक की अपनी जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखा और लोगों के बीच पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वयं एक-एक कर वहां उपस्थित सभी लोगों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और बेहद आत्मीयता से उनकी समस्याओं को सुना।

मुख्यमंत्री ने दुःख की इस घड़ी में भी यह अहसास कराया कि वे हर परिस्थिति में राज्य की जनता के साथ खड़े हैं। जनता की शिकायतों और समस्याओं को सुनने के बाद मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी मामलों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निदान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी फरियादी को निराश न लौटना पड़े, यह सुनिश्चित हो।मुख्यमंत्री के लिए राज्य की जनता ही उनका सबसे बड़ा परिवार है।

नेमरा में सांसद-विधायकों ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर दिवंगत माता रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके पैतृक गांव नेमरा में संसद श्री विजय हांसदा, सांसद राज्य सभा श्री नलिन सोरेन, विधायक श्री सरयू राय,

विधायक श्री अनंत प्रताप देव एवं विधायक श्री अमित महतो ने मुलाकात की।

इस दौरान सभी ने मुख्यमंत्री की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन की चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा मुख्यमंत्री एवं उनके परिजनों प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।

*जशपुर राजपरिवार ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात कर माता रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि, जताया शोक

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके पैतृक गांव नेमरा में छत्तीसगढ़ स्थित जशपुर राजपरिवार के सदस्यों ने मुलाकात की।

इस दौरान महाराजा-सह-पूर्व सांसद श्री रणविजय सिंह जूदेव, महारानी श्रीमती अमृता सिंह जूदेव, युवराज श्री यश प्रताप जूदेव और राजकुमार श्री आर्य प्रताप जूदेव ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की।

जशपुर राजपरिवार ने मुख्यमंत्री की पूजनीय माता दिवंगत रूपी सोरेन जी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। महाराजा परिवार ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।