धानापुर में बैंक के दो बकायेदारों की जमीन एस डी एम के आदेश पर हुईं कुर्क,

चंदौली।  धानापुर क्षेत्र के मढ़ान गांव निवासी दो बकायेदारों की उनके वैधानिक हिस्से की जमीन कुर्क कर ली। दोनों पर बैंक का कुल 5,38,037 रुपये बकाया है। प्रशासन के अनुसार कुर्क की गई जमीन की 21 दिन बाद नीलामी की जाएगी। कार्रवाई से अन्य बकायेदारों में भी हड़कंप मच गया है।
तहसील प्रशासन ने क्षेत्र के 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की है। इसी सूची में मढ़ान गांव निवासी दो बकायेदार शामिल हैं। एक पर 3,12,141 रुपये और दूसरे पर 2,25,896 रुपये का बैंक बकाया है। बकाया राशि जमा नहीं करने पर दोनों के खिलाफ आरसी जारी की गई थी।


बैंक के बकाये की वसूली के लिए कई बार संग्रह कर्मियों को उनके घर भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद रकम जमा नहीं की गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया। प्रशासन के अनुसार वारंट जारी होने के बाद दोनों बकायेदार फरार हो गए।

इसके बाद एसडीएम सकलडीहा आकांक्षा सिंह के आदेश पर तहसील प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बकायेदारों की जमीन में उनके कानूनी हिस्से को चिह्नित कर कुर्क कर लिया। प्रशासन अब कुर्की के बाद नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया पूरी करेगा।

तहसील प्रशासन के मुताबिक कुर्क की गई जमीन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत 21 दिन बाद नीलाम किया जाएगा। नीलामी से प्राप्त धनराशि से बैंक के बकाये की वसूली की जाएगी।

एसडीएम आकांक्षा सिंह ने बताया कि बैंक के बकायेदारों के खिलाफ वसूली अभियान लगातार जारी रहेगा। बकाया राशि जमा नहीं करने वाले अन्य बड़े बकायेदारों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के दौरान बिहारी सिंह यादव, रामाश्रय और उमाशंकर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
थाना को0 मनकापुर पुलिस द्वारा नाबालिग लडकी को बहला-फुसलाकर ले जाने के वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
दिनांक गोण्डा।27/28.06.2026 की रात्रि ग्राम तेन्दुआ कला, थाना कोतवाली मनकापुर क्षेत्र निवासी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा खोजबीन के दौरान गांव के ही निवासी राजू खाँ पुत्र तशरीफ द्वारा किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया। परिजनों द्वारा थाना कोतवाली मनकापुर पर तहरीर दी गई।

*पुलिस कार्यवाही-*
प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली मनकापुर पर सुसंगत धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया तथा नाबालिग किशोरी की सकुशल बरामदगी एवं अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार पतारसी-सुरागरसी की जा रही थी। दिनांक 06.10.2026 को पुलिस टीम गोण्डा शहर स्थित रोडवेज बस स्टेशन पर किशोरी एवं अभियुक्त की तलाश में मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि मुकदमे से संबंधित किशोरी एवं अभियुक्त राजू खाँ एलबीएस चौराहे पर कहीं जाने की फिराक में साधन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की गई। पुलिस टीम को देखकर अभियुक्त राजू खाँ द्वारा भागने का प्रयास किया गया, जिसे पुलिस कर्मियों द्वारा मौके पर पकड़ लिया गया। मौके पर मौजूद बुर्का पहने किशोरी की पहचान उसके भाई द्वारा अपनी बहन के रूप में की गई। महिला पुलिसकर्मी की निगरानी में किशोरी को सकुशल बरामद कर थाना लाया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूध्द थाना को0 मनकापुर पुलिस  द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
नगर निकायों के विकास कार्यों की जिलाधिकारी ने की गहन समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश


*धानेपुर, तरबगंज और परसपुर में कार्यों की गुणवत्ता पर नाराजगी, जांच के निर्देश*


*नगर पालिका गोण्डा में देरी पर ईओ का वेतन रोकने के निर्देश, लापरवाह संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश*


*गोण्डा 06 अक्टूबर,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद के स्थानीय नगर निकायों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्धता की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी नगर पंचायतों एवं नगरपालिकाओं के वार्डों में संचालित विभिन्न योजनाओं—सीवरेज एवं जल निकासी योजना, पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना, पेयजल व्यवस्था योजना, आकांक्षी नगर योजना, अन्त्येष्टि स्थल योजना, नगरीय झील/तालाब/पोखर संरक्षण योजना, वंदन योजना तथा मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना आदि—के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

बैठक में मोहल्ला एवं वार्डवार नाली निर्माण, नाला निर्माण, पार्क निर्माण, कवर आरसीसी रोड निर्माण, हाईमास्ट लाइट, ओपन जिम निर्माण, तालाब सौन्दर्यीकरण सहित अन्य कार्यों की कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व तथा कार्य पूर्ण होने के बाद की जियो-टैग फोटोग्राफ के माध्यम से पीपीटी प्रस्तुति कर गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान नगर पंचायत धानेपुर में कराए गए कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारी धानेपुर रागिनी वर्मा को शोकाज नोटिस जारी करने तथा संबंधित कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार नगर पंचायत तरबगंज में कराए गए कार्य सही स्थिति में न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी तरबगंज अमरनाथ को शोकाज नोटिस जारी करने एवं उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही नगर पंचायत में कराए गए एवं वर्तमान में चल रहे सभी कार्यों की जांच कराने के लिए अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया।

नगर पंचायत परसपुर में निर्माणाधीन अन्त्येष्टि स्थल के कार्य की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारी बेलसर अनुराग शुक्ला को शोकाज नोटिस जारी करने तथा नगर पंचायत में कराए गए एवं चल रहे कार्यों की जांच कराने के निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए।

नगर पालिका गोण्डा में समय से नाला निर्माण कार्य पूर्ण न होने तथा विभिन्न वार्डों में कार्य प्रारम्भ न किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका गोण्डा संतराम का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन कार्यों को संबंधित संस्था द्वारा प्रारम्भ नहीं किया गया है, ऐसी संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए जियो-टैग फोटोग्राफ एवं स्थलीय निरीक्षण को प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका गोण्डा, करनैलगंज, नवाबगंज, नगर पंचायत परसपुर, बेलसर, खरगूपुर, तरबगंज, मनकापुर, धानेपुर एवं कटरा बाजार तथा एलबीसी अनिल सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कृपाशंकर सिंह ने दी विद्यासागर सोनकर को बधाई
लखनऊ । महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री तथा जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह ने पूर्व सांसद तथा विधान परिषद सदस्य विद्यासागर सोनकर को राज्यसभा निर्वाचन के लिए नामांकन के बाद बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कृपाशंकर ने कहा कि विद्यासागर सोनकर भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय नेता होने के साथ-साथ जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उन्होंने सोनकर का सम्मान करते हुए कहा कि श्री सोनकर एक कुशल संगठक तथा पार्टी के प्रति पूरी तरह से समर्पित जनप्रिय नेता हैं।
वरिष्ठ पत्रकार शिवाकांत सिंह पटेल के पिता का निधन, क्षेत्र में शोक*


प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

घूरपुर प्रयागराज के संचालक एवं पत्रकार शिवाकांत सिंह पटेल के पिता सरदार सिंह पटेल (82) का लंबी बीमारी के बाद शहर के एक निजी अस्पताल में सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिजनों, शुभचिंतकों एवं पत्रकार जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
सरदार सिंह पटेल के निधन पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
नवरात्र से पहले अटल चौक की हाईमास्ट अधूरी, बेस बनाकर ठेकेदार गायब

*अमरावती चौराहे पर प्रकाश व्यवस्था बदहाल, कई स्ट्रीट लाइटें भी बंद; लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल*

विंध्याचल। शारदीय नवरात्र मेला शुरू होने में महज कुछ दिन शेष हैं, लेकिन विंध्याचल के प्रमुख अटल चौक (अमरावती चौराहा) पर प्रकाश व्यवस्था अब भी बदहाल है। मीडिया में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद नई हाईमास्ट लाइट लगाने का काम शुरू तो कराया गया, लेकिन बेस तैयार करने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया। मौके पर निर्माण सामग्री और मलबा पड़ा है, जबकि हाईमास्ट अब तक नहीं लग सकी है।

नवरात्र में विंध्याचल धाम में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रमुख चौराहे पर हाईमास्ट का अधूरा काम जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। वहीं, अटल चौक और आसपास की कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद कुछ लाइटें चालू कराई गईं, लेकिन कई अब भी बंद पड़ी हैं।

नवरात्र से पहले अधूरा निर्माण और खराब प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रयागराज में कांग्रेस का हल्ला बोल, पुतला फूंका व पुलिस से नोकझोंक
प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत सोमवार को प्रयागराज में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बालसन चौराहे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे धरना देकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
पुतला छीनने को लेकर पुलिस से नोकझोंक धरने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। रैली आगे बढ़ने के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला निकाला और सड़क पर उसका दहन शुरू कर दिया। पुतला जलाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पुतला छीनने को लेकर काफी देर तक नोकझोंक हुई। हालांकि पुलिस पुतला नहीं छीन सकी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसे पूरी तरह जला दिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा जलते हुए पुतले को पैरों से कुचलते हुए भी विरोध दर्ज कराया गया।सांसद उज्जवल रमण ने इस्तीफा की मांग की
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि कांग्रेस देशभर में चुनाव की निष्पक्षता, मतदाता अधिकारों और वोट की सुरक्षा के सवाल को लेकर आंदोलन कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लगातार चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसकी जिम्मेदारी चुनाव की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और वोटों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।आंदोलन आगे भी जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में “वोट की सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों” के मुद्दे को लेकर अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुतला दहन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई नोकझोंक के कारण कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इनकी रही उपस्थिति
इस दौरान शहर अध्यक्ष फुजैल हाशमी, प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता हसीब अहमद, हरिकेश त्रिपाठी, विजय मिश्रा, परवेज अंसारी, मानस शुक्ला, अरशद अली, सुधाकर तिवारी, दीपचंद्र शर्मा, मो०हसीन, प्रतिमा त्रिपाठी, शकील अहमद, विशाल सोनकर, शीश अहमद, नयन कुशवाहा, राकेश श्रीवास्तव, कामेश्वर सोनकर, अल्पना निषाद सहित आदि लोग मौजूद रहे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मांगों को लेकर छात्रों का महाजुटान, University प्रशासन के घेराव की तैयारी
प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आमरण अनशन मंगलवार नवें दिन भी जारी रहा। आज आंदोलन को तेज करते हुए छात्रों ने सुबह 11 बजे छात्रों का महाजुटान है। आयुष महात्मा के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव करेंगे। आंदोलनरत छात्रों ने मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। वर्तमान में सच्चिदानंद यादव, दीपक और विवेक आमरण अनशन पर डटे हुए हैं।उधर आठवें दिन सोमवार को आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे एक और छात्र हरिओम की तबीयत बिगड़ गई थी। हालत खराब होने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य परिस्थितियों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं ले रहा है।छात्रों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। छात्र नेता आयुष महात्मा ने कहा कि आमरण अनशन पर बैठे छात्रों का स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से मांगों की अनदेखी किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ड्यूटी पर घायल सुरक्षा गार्ड की मौत, हादसा या मारपीट से ज्यादा बड़ा सवाल—परिवार को मुआवजा कौन देगा?


चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के अलीनगर वार्ड नंबर-1 निवासी 36 वर्षीय पुनवासी चौहान की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत के बाद मामला कई सवालों के बीच घिर गया है। करीब डेढ़ वर्ष से एक अपार्टमेंट में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे पुनवासी को रविवार रात न्यू महाल स्थित निर्माणाधीन भवन में घायल अवस्था में पाया गया था। गंभीर हालत में उसे पहले नगर के हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पुनवासी के साथ मारपीट की गई और घायल हालत में उसे वहां छोड़ दिया गया। उनका दावा है कि शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उन्हीं चोटों के कारण उसकी मौत हुई। दूसरी ओर पुलिस घटना को प्रथम दृष्टया दुर्घटना बता रही है। ऐसे में मौत का वास्तविक कारण जांच का विषय बना हुआ है।
*घटना की जानकारी मालिक को थी, अस्पताल में  कराया गया भर्ती*


मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक घटना की जानकारी मृतक के परिजनों के साथ मालिक को भी थी। इसके बाद पुनवासी को नगर के हाईवे स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर भेज दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
यहीं से मामला और महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि घटना दुर्घटना थी तो उसकी परिस्थितियां क्या थीं? यदि परिजनों के आरोप के मुताबिक मारपीट हुई तो घटना के पीछे कौन था? निर्माणाधीन अपार्टमेंट में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा गार्ड के घायल होने की पूरी परिस्थितियां क्या थीं? इन सवालों का जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा।
*मौत का कारण जो भी हो, मुआवजे का सवाल क्यों अहम?*
इस मामले का सबसे बड़ा सवाल केवल हादसा बनाम मारपीट नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि पुनवासी ड्यूटी के दौरान घायल हुआ और उसी चोट के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत यदि कर्मचारी को रोजगार के दौरान और रोजगार से उत्पन्न दुर्घटना में चोट लगती है तथा उसी चोट के कारण उसकी मृत्यु होती है, तो निर्धारित कानूनी शर्तों के अधीन नियोक्ता की क्षतिपूर्ति संबंधी जिम्मेदारी बन सकती है।
इसलिए मामले में यह जांचना जरूरी होगा कि पुनवासी किसके यहां नियुक्त था, उसका वास्तविक नियोक्ता कौन था, ड्यूटी का स्वरूप क्या था घटना रोजगार के दौरान हुई या नहीं
*तीन नाबालिग बच्चों के भविष्य का सवाल*

पुनवासी के पीछे तीन नाबालिग बच्चे और परिवार है। परिवार के अनुसार वह घर की आय का प्रमुख सहारा था। उसकी मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई, परवरिश और परिवार के भविष्य पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ऐसे में यदि जांच में यह स्थापित होता है कि मृत्यु रोजगार से जुड़ी चोट के कारण हुई है और मामला कर्मचारी क्षतिपूर्ति कानून की पात्रता में आता है, तो मृतक के आश्रितों के वैधानिक मुआवजे के अधिकार पर भी कार्रवाई जरूरी होगी।
मुआवजे की गणना कर्मचारी की उम्र, मजदूरी और कानून में निर्धारित प्रासंगिक कारकों के आधार पर होती है। इसलिए मृतक की वास्तविक मजदूरी और रोजगार संबंधी दस्तावेज भी इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।
मऊ मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण, सफाई और मिलावट पर सख्त चेतावनी
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। आगामी पर्वों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने और दुकानों में स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने नगर क्षेत्र में मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और साफ-सफाई को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी।

सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय सुश्री मंजूषा सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव के नेतृत्व में टीम ने शाहिद चौराहा, कैलेंडर तिराहा सहित विभिन्न स्थानों पर करीब आधा दर्जन मिठाई की दुकानों की जांच की।

इस दौरान खाद्य लाइसेंस, पंजीयन और उनके नवीनीकरण की स्थिति भी देखी गई।
निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर साफ-सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत संतोषजनक नहीं मिली।

अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए कड़ी चेतावनी दी। टीम ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थ खुले में रखकर बिक्री करने या दोबारा स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मिठाई विक्रेताओं को आगामी पर्वों के मद्देनजर विशेष सावधानी बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य सामग्री को ढककर और स्वच्छ स्थान पर ही रखा जाए, ताकि ग्राहकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

इसके अलावा जिन दुकानदारों के खाद्य लाइसेंस की वैधता करीब दो माह बाद समाप्त होने वाली है, उन्हें समय रहते लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गई।