इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मांगों को लेकर छात्रों का महाजुटान, University प्रशासन के घेराव की तैयारी
प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आमरण अनशन मंगलवार नवें दिन भी जारी रहा। आज आंदोलन को तेज करते हुए छात्रों ने सुबह 11 बजे छात्रों का महाजुटान है। आयुष महात्मा के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव करेंगे। आंदोलनरत छात्रों ने मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है। वर्तमान में सच्चिदानंद यादव, दीपक और विवेक आमरण अनशन पर डटे हुए हैं।उधर आठवें दिन सोमवार को आंदोलन के दौरान आमरण अनशन पर बैठे एक और छात्र हरिओम की तबीयत बिगड़ गई थी। हालत खराब होने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य परिस्थितियों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं ले रहा है।छात्रों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। छात्र नेता आयुष महात्मा ने कहा कि आमरण अनशन पर बैठे छात्रों का स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से मांगों की अनदेखी किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ड्यूटी पर घायल सुरक्षा गार्ड की मौत, हादसा या मारपीट से ज्यादा बड़ा सवाल—परिवार को मुआवजा कौन देगा?


चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के अलीनगर वार्ड नंबर-1 निवासी 36 वर्षीय पुनवासी चौहान की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत के बाद मामला कई सवालों के बीच घिर गया है। करीब डेढ़ वर्ष से एक अपार्टमेंट में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे पुनवासी को रविवार रात न्यू महाल स्थित निर्माणाधीन भवन में घायल अवस्था में पाया गया था। गंभीर हालत में उसे पहले नगर के हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पुनवासी के साथ मारपीट की गई और घायल हालत में उसे वहां छोड़ दिया गया। उनका दावा है कि शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उन्हीं चोटों के कारण उसकी मौत हुई। दूसरी ओर पुलिस घटना को प्रथम दृष्टया दुर्घटना बता रही है। ऐसे में मौत का वास्तविक कारण जांच का विषय बना हुआ है।
*घटना की जानकारी मालिक को थी, अस्पताल में  कराया गया भर्ती*


मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक घटना की जानकारी मृतक के परिजनों के साथ मालिक को भी थी। इसके बाद पुनवासी को नगर के हाईवे स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर भेज दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
यहीं से मामला और महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि घटना दुर्घटना थी तो उसकी परिस्थितियां क्या थीं? यदि परिजनों के आरोप के मुताबिक मारपीट हुई तो घटना के पीछे कौन था? निर्माणाधीन अपार्टमेंट में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा गार्ड के घायल होने की पूरी परिस्थितियां क्या थीं? इन सवालों का जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा।
*मौत का कारण जो भी हो, मुआवजे का सवाल क्यों अहम?*
इस मामले का सबसे बड़ा सवाल केवल हादसा बनाम मारपीट नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि पुनवासी ड्यूटी के दौरान घायल हुआ और उसी चोट के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत यदि कर्मचारी को रोजगार के दौरान और रोजगार से उत्पन्न दुर्घटना में चोट लगती है तथा उसी चोट के कारण उसकी मृत्यु होती है, तो निर्धारित कानूनी शर्तों के अधीन नियोक्ता की क्षतिपूर्ति संबंधी जिम्मेदारी बन सकती है।
इसलिए मामले में यह जांचना जरूरी होगा कि पुनवासी किसके यहां नियुक्त था, उसका वास्तविक नियोक्ता कौन था, ड्यूटी का स्वरूप क्या था घटना रोजगार के दौरान हुई या नहीं
*तीन नाबालिग बच्चों के भविष्य का सवाल*

पुनवासी के पीछे तीन नाबालिग बच्चे और परिवार है। परिवार के अनुसार वह घर की आय का प्रमुख सहारा था। उसकी मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई, परवरिश और परिवार के भविष्य पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ऐसे में यदि जांच में यह स्थापित होता है कि मृत्यु रोजगार से जुड़ी चोट के कारण हुई है और मामला कर्मचारी क्षतिपूर्ति कानून की पात्रता में आता है, तो मृतक के आश्रितों के वैधानिक मुआवजे के अधिकार पर भी कार्रवाई जरूरी होगी।
मुआवजे की गणना कर्मचारी की उम्र, मजदूरी और कानून में निर्धारित प्रासंगिक कारकों के आधार पर होती है। इसलिए मृतक की वास्तविक मजदूरी और रोजगार संबंधी दस्तावेज भी इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।
मऊ मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण, सफाई और मिलावट पर सख्त चेतावनी
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। आगामी पर्वों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने और दुकानों में स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने नगर क्षेत्र में मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और साफ-सफाई को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी।

सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय सुश्री मंजूषा सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओम प्रकाश यादव के नेतृत्व में टीम ने शाहिद चौराहा, कैलेंडर तिराहा सहित विभिन्न स्थानों पर करीब आधा दर्जन मिठाई की दुकानों की जांच की।

इस दौरान खाद्य लाइसेंस, पंजीयन और उनके नवीनीकरण की स्थिति भी देखी गई।
निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर साफ-सफाई व्यवस्था अपेक्षाकृत संतोषजनक नहीं मिली।

अधिकारियों ने संबंधित दुकानदारों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए कड़ी चेतावनी दी। टीम ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थ खुले में रखकर बिक्री करने या दोबारा स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मिठाई विक्रेताओं को आगामी पर्वों के मद्देनजर विशेष सावधानी बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य सामग्री को ढककर और स्वच्छ स्थान पर ही रखा जाए, ताकि ग्राहकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

इसके अलावा जिन दुकानदारों के खाद्य लाइसेंस की वैधता करीब दो माह बाद समाप्त होने वाली है, उन्हें समय रहते लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गई।
दिल्ली में अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने लिया हिरासत में
मऊ में दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए जाने को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा।
साइबर जागरूकता के 11 नियमों को लेकर दीदारगंज थाने पर जागरूकता अभियान

मोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट

दीदारगंज, आजमगढ़। साइबर अपराधों से बचाव और आम जनता को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दीदारगंज थाने पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने उपस्थित लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए साइबर जागरूकता के 11 महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी।
महिला कांस्टेबल नंदनी गुप्ता एवं अश्विनी तिवारी ने जनता को समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम/बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान ऐप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।
इस दौरान एसआई मिनीमलाल यादव एवं कांस्टेबल मेविन खान ने लोगों से अपील की कि साइबर अपराध का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने तथा ऑनलाइन लेन-देन में विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
अभियान के माध्यम से पुलिस ने जनता को संदेश दिया कि साइबर सुरक्षा में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। जागरूक नागरिक बनकर ही साइबर अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकता है।
वेदांता स्कूल ऑफ नर्सिंग में 8वां फेयरवेल सेरेमनी डेस्टिनी*

*भावुक पलों के साथ सीनियर छात्र-छात्राओं को दी गई विदाई*

उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। नगर के लक्षीरामपुर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान वेदांता स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस में जीएनएम, एएनएम और पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं के लिए 8वें फेयरवेल सेरेमनी 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह का थीम डेस्टिनी फ्रॉम ड्रीम्स टू ड्यूटी रखा गया, जिसके तहत छात्रों के सपनों को सेवा और कर्तव्य से जोड़ने का संदेश दिया गया।

संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा विशिष्ट अतिथि अपर सीएमओ डॉ. उमा शरण पांडे, सीओ सदर आस्था जायसवाल सहित वेदांता ग्रुप के चेयरमैन डॉ. शिशिर जायसवाल, डायरेक्टर विशाल जायसवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक जायसवाल व रित्विक जायसवाल के द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। समारोह के दौरान जूनियर छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर पूरे हॉल को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया। फेयरवेल के भावुक क्षणों के बीच सीनियर विद्यार्थियों ने संस्थान में बिताए अपने खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा किया। आए हुए अतिथियों ने पास-आउट हो रहे छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

डायरेक्टर विशाल जायसवाल ने कहा वर्ष 2016 से संचालित हमारे संस्थान का एकमात्र उद्देश्य समाज को कुशल स्वास्थ्यकर्मी प्रदान करना है। डॉक्टर दवा लिखते हैं, लेकिन मरीज की असली देखभाल और सेवा नर्सिंग स्टाफ ही करता है। अब वेदांता का नाम रोशन करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की असली शुरुआत हो रही है। वेदांता ग्रुप आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता है और हर कदम पर आपके साथ खड़ा है।

इस विशेष अवसर पर रोटरी क्लब से चंदन अग्रवाल व रुचि अग्रवाल, वैक्सीनेशन इंचार्ज पूनम शुक्ला, डायरेक्टरेट से ऋचा जायसवाल, ऋतु जायसवाल, अमृता जायसवाल सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में संस्थान की प्रिंसिपल रीना पाण्डेय ने मुख्य अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद व आभार प्रकट किया। मंच का सफल संचालन दिपांशु गौतम और हर्षिता ने संयुक्त रूप से किया।
वरिष्ठ समाजसेवी रामराज शर्मा को मिला जीवनदान
जौनपुर । महानगर मुंबई निवासी वरिष्ठ समाजसेवी रामराज शर्मा का पिछले सप्ताह हृदयाघात हुआ वर्तमान समय जन्मभूमि जनपद जौनपुर में निवासरत थे। हृदयाघात के समय परिवार के सदस्य उपस्थित थे उन्हें तुरंत मां गायत्री हार्ट सेंटर चांदपुर मड़ियाहूं रोड डॉ अमित सिंह की निगरानी में सफल आपरेशन हुआ। डॉ अमित सिंह की टीम ने ईश्वर के रुप में आकर सफल उपचार समय से करके रामराम शर्मा को जीवनदान दिया। जिनका शारीरिक हालचाल लेने मुंबई निवासी कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप उनके पैतृक आवास कुद्दूपुर जौनपुर पहुंचे।कुशल क्षेम लेने धर्मापुर से डॉ विनय कुमार शर्मा, इफको यूरिया के हेड मैनेजर रवि शर्मा,गीतकार रविन्द्र कुमार शर्मा दीप,अधिवक्ता राम किर्ति शर्मा,भा.ना.क. वि.से. समिति संस्थापक दिनेशचंद्र शर्मा, गीतकार प्रमोद कुमार शर्मा प्रेमी, बेलसरी डॉ राजेन्द्र शर्मा, राजदेव शर्मा,महेंद्र शर्मा दाढ़ी, पत्रकार सुरेश शर्मा, पत्रकार प्रकाश शर्मा,ग्राम प्रधान मनोज कुमार यादव,डॉ आदित्य कादीपुर,डॉ सुभाष चंद्र तिवारी कुद्दूपुर, सुनील शर्मा मड़ियाहूं,अशोक शर्मा उर्फ काजू मुंबई जैसे सैकड़ों समाजसेवियों ने कुशल क्षेम लिया।
मऊ ग्रामसभा अमारी में सुंदरकांड एवं भजन-कीर्तन का आयोजन, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

मऊ। जनपद मऊ के ग्राम सभा अमारी स्थित ठाकुर जी की कुटी पर आज श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। यहां सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और सुंदरकांड पाठ एवं भजन-कीर्तन में शामिल होकर प्रभु श्रीराम का गुणगान किया। कार्यक्रम के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद एवं भोज का वितरण किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में मंदिर के महंत लालचंद गिरी जी सहित ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान ठाकुर जी की कुटी परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर नजर आया।

ग्रामीणों ने ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों को आपसी भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने वाला बताया।
कश्मीर की कालीन का कमाल: 20 लाख गांठें, 28 महीने की मेहनत और प्योर सिल्क का इस्तेमाल; कीमत 26 लाख रुपये

*छह बुनकरों ने 28 महीने में तैयार की है कालीन,60 किलो सिक्ल का इस्तेमाल*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में कश्मीर सिल्क की कालीन आकर्षित कर रही है। 12 बाई 18 फीट की सिल्क की कालीन की बुनाई में 20 लाख गांठें लगाई गई हैं। इसकी कीमत 26 लाख रुपये है। सिल्क और ऊलेन से बनी मॉडर्न डिजाइन की कालीन भी पसंद की जा रही है।
जम्मू कश्मीर के निर्यातक मेहराज जान ने बताया कि सिल्क के कालीन की डिजाइन ईरान से ली गई है। इसे माहिर या तजुर्बे वाला बुनकर ही बना सकता है। प्योर सिल्क का इस्तेमाल किया गया है। इस कालीन को छह बुनकरों ने 28 महीने में तैयार किया है। इसके एक स्क्वायर मीटर में 576 गांठें लगाई गई हैं।


एक बुनकर को 40 साल से अधिक का अनुभव है। दूसरे बुनकर 10 से 15 साल का अनुभव रखते हैं। इस कालीन को तैयार करने में 60 किलो सिल्क का इस्तेमाल किया गया है। कटाई और छंटाई के बाद 45 किलोग्राम की कालीन तैयार हुई है।


हैप्पी ट्री ऑफ लाइफ: 15 पशु, 15 पक्षी और आठ से अधिक वनस्पतियों की डिजाइन
कश्मीर के निर्यातकों द्वारा तैयार की गई हैप्पी ट्री ऑफ लाइफ कालीन मेले में अपनी अलग पहचान बना रही है। छह बाई नौ की इस कालीन की कीमत भले ही केवल छह लाख है, लेकिन इसमें उकेरी गई डिजाइन बुनकरों की कुशल कारीगरी को दर्शा रहे हैं। जम्मू कश्मीर के निर्यातक यासिन ने बताया कि हैप्पी ट्री ऑफ लाइफ कालीन अपनी नाम की तरह की खास है। इसे दो कुशल बुनकरों ने करीब डेढ़ साल में तैयार किया है। पारंपरिक डिजाइन वाली इस कालीन में पूरे जंगल का सीन दिखाया गया है। दो जिसमें न सिर्फ नदी, पहाड़ और पेड़ शामिल हैं, बल्कि 15 तरह के पशु, 15 तरह की पक्षियां और करीब आठ तरह की वनस्पतियां उकेरी गई है। इस कालीन को अगर आप दूर से भी देखेंगे तो इसमें उकेरे गए पशु-पक्षी और वनस्पतियां आसानी से दिख जाती हैं। बताया कि इस तरह की कालीन अमेरिका और रूस जैसे देशों में अधिक पसंद किए जाते हैं।
ऊलेन की बनी माही प्लेन कालीन की कीमत 4.60 लाख रुपये
कालीन मेले में ऊलेन कालीनों में सबसे महंगी कालीन 4.60 लाख रुपये की रही। ऊलेन की बनी इस कालीन को माही प्लेन कालीन कहा जाता है। पारंपरिक डिजाइन वाली इस कालीन में एक स्क्वायर मीटर में 256 गांठें लगाई गई हैं। घोसिया के निर्यातक अनुराग बरनवाल ने बताया कि कालीन का बाजार पहले से बदला है, लेकिन पारंपरिक कालीनें, जिससे भदोही की पहचान हुआ करती थी। ऊलेन की इस छह बाई आठ की कालीन की क्वालिटी 14 बाई 70 की है। इसे तीन बुनकरों ने 90 दिनों तक बुनाई करके बनाया है।
प्लास्टिक के बोतलों के वेस्ट से बने यार्न से बनी प्रिंटेड दरियां
वैश्विक बाजार में सस्ते कालीनों और दरियों के मांग के बीच अधिकतर निर्यातकों ने सस्ते दरियां बनाना शुरू कर दी है। इन्हीं में से एक है डिजिटल प्रिंटेड दरियां। डिजिटल प्रिंटिंग वाली दरियों की खास बात यह है कि ये प्लास्टिक के बोतलों के वेस्ट से बने यार्न (पेट यार्न) से बनीं हैं। पहले सफेद यार्न से दरियों को तैयार कर लिया जाता है। इस तरह के प्रिंटेड दरियां इस एक्सपो में दो से तीन स्टॉलों पर प्रदर्शित की गई हैं।
रग्स बाई एआरएस के स्टॉल पर बहुतायत में प्रदर्शित प्रिंटेड कालीनों की ओर देसी और विदेशी खरीदार आकर्षित रहे। स्टॉल के मैनेजर शम्स अब्बास ने बताया कि हमारा विदेशी के साथ-साथ डोमेस्टिक बाजार पर भी ध्यान है। देश के मेट्रो सिटीज़ मुंबई, बंगलूरू, चेन्नई, नई दिल्ली, हैदराबाद, गुरुग्राम समेत पर्यटक बहुलता वाले शहरों में ज्यादा मांग है।
मऊ सहायता प्राप्त व निजी विद्यालयों में विभागीय कार्यक्रमों की शत-प्रतिशत पूर्णता को लेकर विशेष अभियान
मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय एवं खंड शिक्षा अधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त एवं निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में विभागीय कार्यक्रमों की शत-प्रतिशत पूर्णता सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में मंगलवार को जनपद के एसआरजी संजय कुमार तिवारी तथा न्याय पंचायत सुरहुरपुर के नोडल शिक्षक संकुल वंशराज प्रसाद ने विशेष अभियान चलाकर ऐसे सहायता प्राप्त एवं निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों से संपर्क किया, जहां विभागीय कार्य अभी पूर्ण होना बाकी था।

अभियान के दौरान निर्धारित विद्यालयीय समयावधि समाप्त होने के बाद भी कार्य जारी रखा गया। टीम ने लगभग एक दर्जन विद्यालयों में पहुंचकर लंबित कार्यक्रमों को पूरा कराने के लिए आवश्यक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और शिक्षकों को प्रेरणा प्रदान की। साथ ही विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर लंबित कार्यों की समीक्षा की गई और उन्हें शीघ्र शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।

एसआरजी संजय कुमार तिवारी ने कहा कि विभागीय कार्यक्रमों की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त एवं निजी मान्यता प्राप्त विद्यालय भी पूरी सक्रियता और प्रतिबद्धता के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। इसके लिए प्रत्येक स्तर पर बेहतर समन्वय, सतत अनुश्रवण और सहयोग की भावना जरूरी है।

खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में विकासखंड स्तर पर विभागीय कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जा रही है। शेष विद्यालयों को भी लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के दौरान संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक मौजूद रहे।