ड्यूटी पर घायल सुरक्षा गार्ड की मौत, हादसा या मारपीट से ज्यादा बड़ा सवाल—परिवार को मुआवजा कौन देगा?
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चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के अलीनगर वार्ड नंबर-1 निवासी 36 वर्षीय पुनवासी चौहान की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत के बाद मामला कई सवालों के बीच घिर गया है। करीब डेढ़ वर्ष से एक अपार्टमेंट में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे पुनवासी को रविवार रात न्यू महाल स्थित निर्माणाधीन भवन में घायल अवस्था में पाया गया था। गंभीर हालत में उसे पहले नगर के हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत बिगड़ने पर वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पुनवासी के साथ मारपीट की गई और घायल हालत में उसे वहां छोड़ दिया गया। उनका दावा है कि शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उन्हीं चोटों के कारण उसकी मौत हुई। दूसरी ओर पुलिस घटना को प्रथम दृष्टया दुर्घटना बता रही है। ऐसे में मौत का वास्तविक कारण जांच का विषय बना हुआ है।![]()
*घटना की जानकारी मालिक को थी, अस्पताल में कराया गया भर्ती*
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक घटना की जानकारी मृतक के परिजनों के साथ मालिक को भी थी। इसके बाद पुनवासी को नगर के हाईवे स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर भेज दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
यहीं से मामला और महत्वपूर्ण हो जाता है। यदि घटना दुर्घटना थी तो उसकी परिस्थितियां क्या थीं? यदि परिजनों के आरोप के मुताबिक मारपीट हुई तो घटना के पीछे कौन था? निर्माणाधीन अपार्टमेंट में ड्यूटी कर रहे सुरक्षा गार्ड के घायल होने की पूरी परिस्थितियां क्या थीं? इन सवालों का जवाब जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा।![]()
*मौत का कारण जो भी हो, मुआवजे का सवाल क्यों अहम?*
इस मामले का सबसे बड़ा सवाल केवल हादसा बनाम मारपीट नहीं है। बड़ा सवाल यह है कि पुनवासी ड्यूटी के दौरान घायल हुआ और उसी चोट के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 के तहत यदि कर्मचारी को रोजगार के दौरान और रोजगार से उत्पन्न दुर्घटना में चोट लगती है तथा उसी चोट के कारण उसकी मृत्यु होती है, तो निर्धारित कानूनी शर्तों के अधीन नियोक्ता की क्षतिपूर्ति संबंधी जिम्मेदारी बन सकती है।
इसलिए मामले में यह जांचना जरूरी होगा कि पुनवासी किसके यहां नियुक्त था, उसका वास्तविक नियोक्ता कौन था, ड्यूटी का स्वरूप क्या था घटना रोजगार के दौरान हुई या नहीं![]()
*तीन नाबालिग बच्चों के भविष्य का सवाल*
पुनवासी के पीछे तीन नाबालिग बच्चे और परिवार है। परिवार के अनुसार वह घर की आय का प्रमुख सहारा था। उसकी मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई, परवरिश और परिवार के भविष्य पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ऐसे में यदि जांच में यह स्थापित होता है कि मृत्यु रोजगार से जुड़ी चोट के कारण हुई है और मामला कर्मचारी क्षतिपूर्ति कानून की पात्रता में आता है, तो मृतक के आश्रितों के वैधानिक मुआवजे के अधिकार पर भी कार्रवाई जरूरी होगी।
मुआवजे की गणना कर्मचारी की उम्र, मजदूरी और कानून में निर्धारित प्रासंगिक कारकों के आधार पर होती है। इसलिए मृतक की वास्तविक मजदूरी और रोजगार संबंधी दस्तावेज भी इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।![]()


मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। आगामी पर्वों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने और दुकानों में स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने नगर क्षेत्र में मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और साफ-सफाई को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी।
मऊ में दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
जौनपुर । महानगर मुंबई निवासी वरिष्ठ समाजसेवी रामराज शर्मा का पिछले सप्ताह हृदयाघात हुआ वर्तमान समय जन्मभूमि जनपद जौनपुर में निवासरत थे। हृदयाघात के समय परिवार के सदस्य उपस्थित थे उन्हें तुरंत मां गायत्री हार्ट सेंटर चांदपुर मड़ियाहूं रोड डॉ अमित सिंह की निगरानी में सफल आपरेशन हुआ। डॉ अमित सिंह की टीम ने ईश्वर के रुप में आकर सफल उपचार समय से करके रामराम शर्मा को जीवनदान दिया। जिनका शारीरिक हालचाल लेने मुंबई निवासी कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप उनके पैतृक आवास कुद्दूपुर जौनपुर पहुंचे।कुशल क्षेम लेने धर्मापुर से डॉ विनय कुमार शर्मा, इफको यूरिया के हेड मैनेजर रवि शर्मा,गीतकार रविन्द्र कुमार शर्मा दीप,अधिवक्ता राम किर्ति शर्मा,भा.ना.क. वि.से. समिति संस्थापक दिनेशचंद्र शर्मा, गीतकार प्रमोद कुमार शर्मा प्रेमी, बेलसरी डॉ राजेन्द्र शर्मा, राजदेव शर्मा,महेंद्र शर्मा दाढ़ी, पत्रकार सुरेश शर्मा, पत्रकार प्रकाश शर्मा,ग्राम प्रधान मनोज कुमार यादव,डॉ आदित्य कादीपुर,डॉ सुभाष चंद्र तिवारी कुद्दूपुर, सुनील शर्मा मड़ियाहूं,अशोक शर्मा उर्फ काजू मुंबई जैसे सैकड़ों समाजसेवियों ने कुशल क्षेम लिया।
मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय एवं खंड शिक्षा अधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में विकासखंड के परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त एवं निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में विभागीय कार्यक्रमों की शत-प्रतिशत पूर्णता सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
6 hours ago
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