महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में सड़क सुरक्षा कार्यशाला
80 से अधिक छात्राओं ने लिया हिस्सा, यातायात नियमों और दुर्घटना में मदद के कानून की दी गई जानकारी

लखनऊ। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, लखनऊ में 16 सितंबर 2026 को डिप्लोमा इंजीनियरिंग की छात्राओं के लिए सड़क सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पुलिस उपायुक्त यातायात के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और वाहन चलाते समय जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यशाला में ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क, हीरो मोटोकॉर्प लखनऊ के मुख्य प्रशिक्षक पंकज शर्मा ने छात्राओं को सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। उन्होंने सड़क पर लगाए जाने वाले विभिन्न संकेतों और उनके अर्थ के बारे में विस्तार से समझाया।

सड़क संकेत और यातायात नियमों की जानकारी

प्रशिक्षक ने छात्राओं को सड़क संकेत, रोड मार्किंग और यातायात बत्ती के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क पर लगे संकेत और चिह्न वाहन चालकों को सुरक्षित यातायात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका पालन करने से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

कार्यशाला के दौरान छात्राओं को आईटीएमएस के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही वाहन से संबंधित जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताया गया और यातायात नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया।

दुर्घटना में घायलों की मदद की जानकारी

कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना के दौरान घायल लोगों की मदद करने के लिए बनाए गए गुड सेमेरिटन कानून के बारे में भी छात्राओं को जागरूक किया गया। प्रशिक्षक ने बताया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिलना महत्वपूर्ण है। लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने के प्रति जागरूक किया गया।

80 से अधिक छात्राओं ने लिया हिस्सा

कार्यशाला में राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज की 80 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य संजीव सिंह और कार्यक्रम संयोजक डॉ. कल्पना सिंह सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

कार्यशाला के माध्यम से छात्राओं को सड़क पर सुरक्षित आवागमन, यातायात नियमों के पालन और दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी के साथ मदद करने के लिए जागरूक किया गया।
मलिहाबाद गोलीकांड में तीन आरोपी गिरफ्तार, एक ने थाने पहुंचकर किया आत्मसमर्पण

समरेन्द्र यादव को गोली मारने के मामले में कार्रवाई, आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी के पास से तमंचा और कारतूस बरामद

लखनऊ। मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ढेढ़ेमऊ गांव में समरेन्द्र कुमार यादव को गोली मारकर घायल किए जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नामजद आरोपी ने थाने पहुंचकर स्वयं आत्मसमर्पण किया, जबकि दो अन्य आरोपियों को पुलिस टीम ने दबिश के दौरान गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।

पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को ग्राम ढेढ़ेमऊ स्थित दुर्गेश जनसेवा केंद्र के पास समरेन्द्र कुमार यादव को गोली मारकर घायल किए जाने की सूचना मिली थी। मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से नरेन्द्र कुमार पुत्र उमाशंकर यादव निवासी सैफलपुर, थाना काकोरी की तहरीर पर मलिहाबाद थाने में मुकदमा संख्या 175/2026 दर्ज किया गया था।

मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और 61(1) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम आरोपियों की तलाश, घटना में शामिल लोगों की पहचान और वारदात में इस्तेमाल अवैध असलहे की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दे रही थी।

नामजद आरोपी ने थाने पहुंचकर किया आत्मसमर्पण

पुलिस के मुताबिक, मामले में नामजद वांछित आरोपी अभय यादव उर्फ छोटू पुत्र निर्भय यादव उर्फ राज उर्फ निर्मेश निवासी ग्राम तिलसुवा, थाना मलिहाबाद ने 15 सितंबर को स्वयं थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस ने आत्मसमर्पण के बाद आरोपी की जामातलाशी ली। इस दौरान उसके कब्जे से 315 बोर का एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद होने का दावा किया गया है। इसके बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गईं।

पुलिस के अनुसार, अभय यादव की उम्र करीब 19 वर्ष है। वह घरेलू कामकाज के साथ आम के मौसम में आढ़त का काम करता है।

दो अन्य आरोपी घोला तिराहे से गिरफ्तार

जांच के दौरान मामले में दो अन्य आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस टीम ने उनकी तलाश में लगातार दबिश दी। इसी क्रम में 15 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे मोहान रोड स्थित घोला तिराहे के पास से अंकुश यादव उर्फ मौत और कालाचीता उर्फ वैभव को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, अंकुश यादव उर्फ मौत पुत्र ओमप्रकाश उर्फ नन्हू ग्राम तिलसुवा, थाना मलिहाबाद का रहने वाला है और उसकी उम्र करीब 18 वर्ष है। वह सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता है।

वहीं, कालाचीता उर्फ वैभव पुत्र सुभाष रावत की उम्र करीब 21 वर्ष है। उसका मूल पता ग्राम तिलसुवा, थाना मलिहाबाद बताया गया है, जबकि स्थायी रूप से सैफलपुर, थाना काकोरी क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, वह भी सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता है।

एक बाल अपचारी पहले कर चुका है आत्मसमर्पण

पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्रकाश में आए एक बाल अपचारी ने इससे पहले 14 सितंबर को स्वयं मलिहाबाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार और आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश और घटना में इस्तेमाल किए गए अवैध असलहे की बरामदगी के लिए कार्रवाई की जा रही है।

आरोपी अभय का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस के अनुसार, अभय यादव उर्फ छोटू के खिलाफ पहले भी मलिहाबाद थाने में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2025 का मुकदमा संख्या 255/2025, भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में दर्ज मामला और वर्ष 2026 का मुकदमा संख्या 100/2026 शामिल है। इसके अलावा मौजूदा गोलीकांड का मुकदमा संख्या 175/2026 भी उसके खिलाफ दर्ज है।

अंकुश यादव और कालाचीता उर्फ वैभव के आपराधिक इतिहास में फिलहाल इसी मुकदमे का उल्लेख पुलिस ने किया है।

न्यायालय में पेश किए जा रहे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों से आवश्यक पूछताछ और विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।

पुलिस टीम घटना में प्रयुक्त हथियार समेत अन्य साक्ष्यों की बरामदगी के लिए भी प्रयास कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

मलिहाबाद थाना पुलिस की कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार, कांस्टेबल सुशील कुमार और कांस्टेबल विकास मलिक शामिल रहे।
शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
हजरतगंज पुलिस ने 1090 चौराहे से पकड़ा, महिला ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी लगाया था आरोप

लखनऊ। हजरतगंज थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर महिला से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में वांछित चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, मामले में पीड़िता ने 22 अगस्त 2026 को हजरतगंज थाने में लिखित तहरीर दी थी। तहरीर में उसने अमरनाथ पर शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी उसके साथ गाली-गलौज करता था और जान से मारने की धमकी देता था।

हजरतगंज थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

तहरीर के आधार पर हजरतगंज थाने में मुकदमा संख्या 179/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69, 352 और 351(3) के तहत अभियोग पंजीकृत किया।

मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार तिवारी को सौंपी गई। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू करने के साथ ही उसके संभावित ठिकानों और आवाजाही के बारे में जानकारी जुटाई।

1090 चौराहे से गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश और सुरागरसी-पतारसी की जा रही थी। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 15 सितंबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे हजरतगंज स्थित 1090 चौराहे के पास दबिश दी।

मौके से आरोपी अमरनाथ को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की उम्र करीब 37 वर्ष है और वह बलरामपुर जिले के रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के बैरिया सुर्जनपुर अहिरौली बुजुर्ग गांव का रहने वाला है।

न्यायालय ने भेजा न्यायिक अभिरक्षा में

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से आवश्यक पूछताछ और विधिक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। आरोपों से संबंधित साक्ष्यों और अन्य तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी

आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में हजरतगंज थाने के उपनिरीक्षक अभिषेक तिवारी और कांस्टेबल अनुराग त्रिवेदी शामिल रहे।

पुलिस ने बताया कि मुकदमा संख्या 179/2026 में दर्ज आरोपों की जांच जारी है और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोमतीनगर में मोबाइल लूटने वाले दो शातिर गिरफ्तार, दो बाल अपचारी भी पुलिस अभिरक्षा में
नौ मोबाइल फोन, दो हजार रुपये और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद; सीसीटीवी फुटेज और सुरागरसी से पुलिस आरोपियों तक पहुंची

लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार थाना पुलिस ने राह चलते लोगों से मोबाइल फोन छीनने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो बाल अपचारियों को भी अभिरक्षा में लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों और बाल अपचारियों की निशानदेही पर कुल नौ मोबाइल फोन, दो हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

पुलिस ने यह कार्रवाई 14 सितंबर को रामआसरे पुरवा, खरगापुर क्षेत्र में हुई मोबाइल छीनने की घटना की जांच के दौरान की। शिकायतकर्ता बाराबंकी निवासी अब्दुल रहमान ने पुलिस को बताया था कि वह टाइल्स लोडिंग के काम से क्षेत्र में आया था। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने उसका रियलमी मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आया सुराग

शिकायत मिलने के बाद गोमतीनगर विस्तार थाने में अज्ञात मोटरसाइकिल सवार दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।

जांच के दौरान फुटेज और सुरागरसी-पतारसी के आधार पर पुलिस ने राज चौरसिया और ऋषभ शर्मा को पूछताछ के लिए थाने लाया। इनके साथ करीब 16 वर्ष के एक बाल अपचारी को भी पूछताछ के लिए लाया गया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ और साक्ष्य संकलन के आधार पर एक अन्य करीब 16 वर्षीय बाल अपचारी को 15 सितंबर की रात करीब 11:40 बजे पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।

नौ मोबाइल फोन और बाइक बरामद

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग कंपनियों के नौ मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनमें वीवो, रेडमी, सैमसंग, ओप्पो, आईक्यूओओ और वनप्लस कंपनी के फोन शामिल हैं।

बरामद मोबाइल फोन में वीवो वाई-22, वीवो वाई-19, रेडमी 14सी, रेडमी ए2, सैमसंग गैलेक्सी एफ06 5जी, ओप्पो ए77एस, रेडमी 13सी, आईक्यूओओ और एक वनप्लस फोन शामिल है। पुलिस के अनुसार, कुछ मोबाइल फोन की स्क्रीन टूटी हुई है।

इसके अलावा दो हजार रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

शिकायतकर्ता का मोबाइल बेच दिया था

पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर की घटना में छीना गया रियलमी मोबाइल आरोपियों ने राह चलते एक व्यक्ति को दो हजार रुपये में बेच दिया था। इसी वजह से उक्त मोबाइल फोन बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने मोबाइल बेचने से प्राप्त दो हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद अन्य मोबाइल फोन किन घटनाओं से जुड़े हैं और उन्हें आरोपियों ने किस तरह हासिल किया था।

दो अन्य मामलों से भी जुड़े मोबाइल

पुलिस के मुताबिक, बरामद नौ मोबाइल फोन में से एक वनप्लस फोन गोमतीनगर थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 418/2026 से संबंधित पाया गया है। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2)/317(2) के तहत दर्ज है।

वहीं, वीवो, रेडमी, सैमसंग, ओप्पो और आईक्यूओओ समेत आठ मोबाइल फोन के संबंध में गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा संख्या 169/2026 धारा 317(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि बरामदगी के बाद इन मामलों की जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

आरोपियों पर नियमानुसार कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज चौरसिया और ऋषभ शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, राज चौरसिया मूल रूप से अमेठी जिले के शिवरतनगंज क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में खरगापुर में किराये के मकान में रहता है। वहीं ऋषभ शर्मा गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र की गंगोत्री विहार कॉलोनी का निवासी है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के साथ दो बाल अपचारियों को भी मामले में अभिरक्षा में लिया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों और बरामदगी के आधार पर मोबाइल छीनने की अन्य घटनाओं से भी इनके संबंधों की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
नहर की पटरी पर महिला का शव मिला, हत्या की आशंका
गौहरामऊ गांव के बाहर आम के बाग के पास मिला शव, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने जांच शुरू की

लखनऊ। गौहरामऊ गांव के बाहर आम के बाग के पास नहर की पटरी पर बुधवार सुबह एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव की पहचान कराई। पुलिस के अनुसार महिला की गला काटकर हत्या की गई है। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान भी मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक, 17 सितंबर 2026 को सुबह करीब 7:25 बजे सूचना मिली थी कि गौहरामऊ गांव के बाहर नहर की पटरी पर एक महिला का शव पड़ा है। सूचना पर पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतका की पहचान गौहरामऊ निवासी प्रदीप यादव की पत्नी प्रेमा के रूप में हुई।

घटना की जानकारी मिलने के बाद फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने और घटना से जुड़े सुराग तलाशने का प्रयास किया।

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहली शादी करीब 18 वर्ष पहले सेमरामऊ, थाना काकोरी निवासी राजू यादव से हुई थी। पहली शादी से उसका करीब 17 वर्ष का एक बेटा है। पुलिस ने बताया कि वर्तमान पति प्रदीप यादव के साथ महिला ने करीब आठ से दस वर्ष पहले न्यायालय के माध्यम से विवाह किया था।

पुलिस हत्या के कारणों और घटना में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। पुलिस का कहना है कि घटना का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
लखनऊ में प्रेमी शाहनवाज ने प्रेमिका को कार से कुचलने का किया प्रयास
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गाेमतीनगर थाना क्षेत्र स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बुधवार को एक युवती को कार से टक्कर मारने का मामला सामने आया है। युवती ने परिचित युवक और उसके दोस्त पर विवाद के बाद कार से कुचलकर मारने का आराेप लगाया। पुलिस ने पीड़ित युवती काे मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है। वहीं वाहन नंबर के आधार पर पुलिस ने एक आरोपित को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

गोमतीनगर विस्तार स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर चार के पास बुधवार सुबह एक युवती को कार से टक्कर मारकर भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियाे का पुलिस ने संज्ञान लेकर जब जांच की तो पाया कि युवती को टक्कर मारने वाला युवक उसका प्रेमी है। युवती का आरोप है कि शाहनवाज ने अपना नाम यश ठाकुर बताकर उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया था। आज उसे यह जानकारी मिली कि शाहनवाज अपनी दूसरी प्रेमिका के साथ जनेश्वर पार्क के पास कार में मौजूद है। इस सूचना पर युवती स्कूटी से वहां पर पहुंची तो शाहनवाज कार लेकर भागने लगा। जब उसने कार को रोकने के लिए सामने खड़ी हुई ताे टक्कर मारते हुए भागने लगा। इस दाैरान जान बचाने के लिए उसने बोनट काे पकड़ लिया, इसके बावजूद शाहनवाज ने कार नहीं राेकी और उसे घसीटते हुए कुछ दूर ले गया और टक्कर मारने के बाद भाग निकला।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसका संज्ञान में लेकर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। कुछ ही देर में नंबर के आधार पर पुलिस ने कार समेत एक आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

गाेमती नगर थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त मामले में एक आराेपित काे हिरासत में लेकर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। आराेपाें और जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
होनहार ब्राह्मण बेटी 98 प्रतिशत LLB छात्रा अनामिका उपाध्याय से मिले सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे
जिसे अप्रैल में अवैध रूप से SCST Act में छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था


लखनऊ। छत्तीसगढ़ में LLB छात्र 98प्रतिशत लाने वाली होनहार सवर्ण ब्राह्मण की बेटी अनामिका उपाध्याय शिर्फ इतना ही कहा था कि संविधान बनाने में अम्बेडकर का नहीं बल्कि 299 लोगो का योगदान था संविधान लिखने वाले सवर्ण थे इसके बाद अनामिका के ऊपर एससीएसटी एक्ट में केस दर्ज कर अवैध रूप से गिरफ्तार कर लिया गया था।

वाराणसी में हिन्दू छात्र परिषद की बैठक में सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने होनहार सवर्ण ब्राह्मण बेटी से मुलाकात किया तथा आप बीती सुनाई बहन 5 दिन जेल में रही फिर माननीय न्यायाल से जवानत मिली । अनामिका उपाध्याय LLB की छात्र है मीरजापुर, वाराणसी में रहकर पढ़ाई करती है सगी बहन की शादी के कार्यक्रम में शामिल होने वो छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आई हुई थी नीला झंडा लिए कुछ लोग थाने में गए प्रदर्शन किए फिर क्या था मानो पुलिस निका झंडा वालो के दबाव में आ गई जिस दिन बहन की बारात थी उसी दिन सुबह पुलिस आई परिवार को कोई जानकारी नहीं थी उनकी छोटी बेटी को पुलिस उठा ले गई पिता रोते रहे मां बिलखती रही कि पूलिस छोड़ दे क्यों कि रात को दूसरी बेटी का विवाह था ।

SCSTACT UGC Reservation ऐसे काले कानून है जो कि सवर्ण समाज के सम्मान के रौंदने का काम करते हैं झूठी केश दर्ज करा कर झूठे आरोप में सवर्ण समाज के लोग जेल जा रहे हैं कष्ट इस बात का है कि सवर्ण समाज के लोग जो शासन सत्ता में बैठे हैं वह मैन है,चुप है समाज के लोग अपमानीत ही रहे हैं जबकि सवर्ण समाज सम्मान चाहता है, हिन्दू छात्र परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनामिका उपाध्याय वाराणसी में छात्रों के सम्मेलन में भाग लिया हिन्दू छात्र परिषद का गठन हर कालेज विश्वविद्यालय में किया जाएगा जिससे कि संगठन के माध्यम से छात्रों की समस्या को शासन सत्ता से बात कर दूर किया जाएगा प्रायः इधर बीच देखने को मिलता है कि परीक्षा पेपर देने वाले छात्र छात्रों का कलेवा जनेऊ महिलाओं का मंगलशूत्र निकाल दिया जा रहा है जो कि हिंदू धर्म के अनुसार ठीक नहीं है।
लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली
2017 से शिवपाल संभाल रहे थे जिम्मेदारी, अब सपा प्रमुख के पास लोहिया और जनेश्वर ट्रस्ट दोनों की कमान
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में संगठन और परिवार से जुड़े संस्थानों को लेकर एक अहम बदलाव सामने आया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष बन गए हैं। पिछले करीब एक दशक से इस ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव संभाल रहे थे। ट्रस्ट की कमान अखिलेश यादव को सौंपे जाने के बाद पार्टी से जुड़े इस महत्वपूर्ण संस्थान का नियंत्रण भी अब उनके हाथ में आ गया है।

जानकारी के मुताबिक, हाल में हुई ट्रस्ट की बैठक में अखिलेश यादव को अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। बैठक में मौजूद शिवपाल यादव समेत ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने इस फैसले पर सहमति जताई। इसके साथ ही अखिलेश यादव अब लोहिया ट्रस्ट के साथ जनेश्वर ट्रस्ट के भी अध्यक्ष हो गए हैं।

सपा की विरासत में अहम स्थान रखता है ट्रस्ट
लोहिया ट्रस्ट को समाजवादी विचारधारा से जुड़े प्रमुख संस्थानों में गिना जाता है। इसका गठन समाजवादी पार्टी के गठन से पहले हुआ था। ट्रस्ट का उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों को आगे बढ़ाना तथा उनसे जुड़े सामाजिक और राजनीतिक सरोकारों को बढ़ावा देना रहा है।

वर्ष 2017 में समाजवादी पार्टी और यादव परिवार के भीतर हुए राजनीतिक विवाद के दौरान लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी प्रोफेसर रामगोपाल यादव से हटाकर शिवपाल यादव को दी गई थी। तब से शिवपाल यादव ट्रस्ट के अध्यक्ष की भूमिका में थे।

अब अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद ट्रस्ट का संचालन सीधे अखिलेश यादव के नेतृत्व में होगा। ट्रस्ट में अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, दीपक मिश्रा, आदित्य यादव, राम नरेश यादव इटावा, राम सेवक यादव, वीरपाल यादव बरेली और राजेश यादव सदस्य बताए गए हैं।

पार्टी और संस्थानों में नेतृत्व का केंद्रीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा पिछले कुछ वर्षों में संगठनात्मक रूप से काफी आगे बढ़ी है। पार्टी की कमान संभालने के साथ अब उनसे जुड़े प्रमुख संस्थानों में भी नेतृत्व की भूमिका मजबूत होती दिखाई दे रही है।

लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी अखिलेश यादव को मिलने को इसी बदलाव की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पार्टी और उससे जुड़े संस्थानों में निर्णय लेने की प्रक्रिया के अधिक केंद्रीकृत होने की चर्चा तेज हो गई है।

विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी चर्चा
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोहिया ट्रस्ट में हुए इस बदलाव ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। खासतौर पर अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच रिश्तों के राजनीतिक पहलुओं को लेकर इस फैसले को देखा जा रहा है।

हालांकि ट्रस्ट की बैठक में शिवपाल यादव समेत सभी सदस्यों की सहमति से निर्णय लिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे सपा के भीतर बदलते शक्ति संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है।

2017 का विवाद अब भी सियासी संदर्भ
समाजवादी पार्टी के इतिहास में वर्ष 2017 का दौर पारिवारिक और राजनीतिक टकराव के लिए जाना जाता है। उस समय तत्कालीन पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे। इसी दौर में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच भी राजनीतिक दूरी बढ़ी थी।

अब लोहिया ट्रस्ट की कमान अखिलेश यादव के हाथ में आने के बाद एक बार फिर सपा परिवार और संगठन से जुड़े घटनाक्रम पर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं। हालांकि ट्रस्ट के भीतर इस फैसले पर सर्वसम्मति की बात कही जा रही है, लेकिन चुनावी वर्ष में इसके राजनीतिक मायने निकाले जाना तय माना जा रहा है।
युगांडा की उपराष्ट्रपति आज निहारेंगी ताज की खूबसूरती को
लखनऊ /आगरा। दिल्ली में ब्रिक्स देशों के 18 वें सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली पहुंची रिपब्लिक ऑफ युगांडा की उपराष्ट्रपति सोमवार को दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा चलकर आगरा पहुंचेंगी और ताज का दीदार करेंगी ।आगरा में ताजमहल पर करीब डेढ़ घंटे रहने के बाद दिल्ली लौट जाएंगी।

सोमवार को रिपब्लिक आफ युगांडा की उप राष्ट्रपति जेसिका अलपो सडक मार्ग द्वारा नई दिल्ली से प्रस्थान कर आगरा यमुना एक्सप्रेस होते हुए करीब 12:00 बजे ताजमहल पहुंचेंगी।करीब डेढ़ घंटे ताजमहल का दीदार करने और उसकी खूबसूरती निहारने के बाद उपराष्ट्रपति ताजमहल की निकट ही एक पांच सितारा होटल पहुंच कर वहां अल्प विश्राम करने और दोपहर का भोजन लेने के बाद करीब 3:30 बजे सड़क मार्ग से ही दिल्ली लौट जायँगी

युगांडा के उपराष्ट्रपति के ताजमहल भ्रमण कार्यक्रम को लेकर जिला पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए है, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा भी उनके आगमन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन करने और आम पर्यटकों को सुविधा को दृस्टिगत विशेष प्रबंध किए गए हैं।

डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास द्वारा बताया गया कि युगांडा की उपराष्ट्रपति करीब 3:30 घंटे आगरा में रहेंगी और इस दौरान ताजमहल भ्रमण भी करेंगे, आगरा भ्रमण के कार्यक्रम के दौरान मानक अनुसार उनकी सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं
सपा में होता है गुंडों और अपराधियों का संरक्षण: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा में गुंडों और अपराधियों का संरक्षण है।

उप मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि भाजपा अगड़ा-पिछड़ा-दलित समाज की उस पवित्र ‘त्रिवेणी’ संगम की तरह है, जिसमें सबका सम्मान, सबका विकास और सबका विश्वास शामिल है। दूसरी ओर सपा का पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट एजेंसी- जहां जनता के विकास से ज्यादा परिवार, गुंडों और अपराधियों के संरक्षण की चिंता होती है। उन्होंने लिखा सपा का इतिहास उत्तर प्रदेश के लिए ख़तरनाक रहा है। साज़िश और झूठ के सहारे चुनाव एक बार जीता जा सकता है, बार-बार नहीं।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन को जो राजनीतिक लाभ मिला, वह साल 2027 में दोहराया नहीं जाएगा। उत्तर प्रदेश की जनता सब देख रही है और तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।