हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा गोरखपुर: डॉ. आरपी शुक्ला
- आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में वक्ताओं ने गिनाए स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव
- एम्स आने के बाद पूर्वांचल के साथ बिहार और नेपाल से भी इलाज के लिए पहुंच रहे लोग

गोरखपुर। आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. आरपी शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सेवाओं को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया है, वह अभूतपूर्व है। गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज अब आसानी से मिल रहा है। एम्स आने के बाद गोरखपुर हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा है।
आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर के लोकार्पण समारोह में डॉ. शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. अवधेश अग्रवाल और अन्य चिकित्सकों का भी स्वागत करते हुए कहा कि आईएमए के माध्यम से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
डॉ. शुक्ला ने कहा कि मेडिकल छात्रों को दोगुना स्टाइपेंड मिल रहा है। मानसिक दिव्यांगों के लिए संस्थान संचालित हो रहा है। प्रदेश टीबी और कैंसर के इलाज में लगातार प्रगति कर रहा है। सरकारी चिकित्सालयों में रोबोटिक सर्जरी, आधुनिक जांच और अंग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
- पहले डॉक्टरों का होता था अपहरण: विपिन सिंह
विधायक विपिन सिंह ने कहा कि पहले गोरखपुर में आए दिन डॉक्टरों के अपहरण की घटनाएं होती थीं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुरक्षा के लिए खड़े हैं। पूर्वांचल के साथ नेपाल और बिहार से भी लोग इलाज के लिए गोरखपुर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर को सजाया और संवारा है। उनके नेतृत्व में हुए विकास के कारण शहर में जमीन की कीमत भी बढ़ी है।
- बहुत दिनों की प्रतीक्षा को लगा विराम: महापौर
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अभिनंदन करते हुए कहा कि आईएमए के ब्लड सेंटर के शुरू होने से बहुत दिनों की प्रतीक्षा को विराम लगा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सभी का अभिभावक बताते हुए आभार जताया। कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की स्थिति से निकलकर आगे बढ़ा है।
मऊ में ‘जुबान फिसलने’ पर घिरे विजय प्रताप सिंह, मांगी माफी; बोले- कल्पनाथ राय के प्रति दिल में बेहद सम्मान
मऊ में सवर्ण एकता मंच के UGC रोलबैक, समान आरक्षण समेत अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान मंच से दिए गए एक कथित बयान को लेकर संयोजक विजय प्रताप सिंह विवादों में घिर गए। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

इसके बाद मड़ैया घाट स्थित शिव मंदिर पर हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में विजय प्रताप सिंह ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मंच से संबोधन के दौरान भावनाओं और परिस्थितियों के दबाव में ‘शब्दों का लोप’ हो गया था।

विजय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि उनके मन में विकास पुरुष कल्पनाथ राय के प्रति किसी तरह का अनादर नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने युवा काल में कल्पनाथ राय के साथ काम किया और उनके चुनाव का संचालन भी किया था।

उन्होंने कल्पनाथ राय को अपने जिले का ‘शिल्पकार’ बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। साथ ही कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं।
Mirzapur: बाज़ार से अंडा खाकर घर जा रहे चाचा-भतीजे को ट्रक ने रौंदा, हुई मौत

मिर्ज़ापुर। यूपी के मिर्ज़ापुर के चील्ह थाना क्षेत्र में ट्रक के धक्के से पैदल जा रहे  चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की मदद से आनन-फानन में दोनों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। चाचा-भतीजे की मौत की ख़बर होते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।
चील्ह थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव निवासी 30 वर्षीय सुनील यादव पुत्र मिश्रीलाल अपने भतीजे 05 वर्षीय अंकित पुत्र श्याम नारायण के साथ मंगलवार की रात तकरीबन 7:30 बजे सागरपुर स्थित एक दुकान से अंडा खाकर वापस अपने घर जा रहे थे कि मिर्जापुर-औराई मार्ग पर मिर्जापुर की तरफ से औराई की तरफ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों लोगों को टक्कर मार दिया जिससे दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी टेढ़वा अरविंद गुप्ता ने दोनों घायलों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा था। उधर दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही में लगी थी। चौकी प्रभारी अरविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रक के टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं जिन्हें उपचार हेतु भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं देर रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चाचा भतीजा की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विदुर प्रसंग ने श्रद्धालुओं को दिया सत्य और धर्म का संदेश*

सुलतानपुर-स्थानीय सिविल लाइन गोलाघाट स्थित डॉ. विनोद कुमार सिंह के आवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। काशी से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रभाकर पाण्डेय ने व्यासपीठ से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया।
द्वितीय दिवस कथा में विदुर जी के प्रसंग का वर्णन करते हुए कथावाचक डॅा.पाण्डेय जी ने कहा कि विदुर जी सत्य,धर्म,नीति और विवेक के प्रतीक थे।उन्होंने सदैव अन्याय का विरोध करते हुए धर्म का साथ दिया।विदुर प्रसंग हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य को सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और निष्काम भाव से किया गया कर्म ही जीवन को सार्थक बनाता है।कथा में मुख्य रूप से वरिष्ठ भाजपा नेता डा.डी.एस.मिश्र,अरुण द्विवेदी,पूर्व प्राचार्य डॅा.के.पी.द्विवेदी,प्रो.विनायक कुमार तिवारी,अखण्ड प्रताप सिंह,कुमार अमन,कुमार नमन,वैभव रघुवंशी,डॅा.कुंवर दिनकरप्रतापसिंह,यश,एस.के.खरे,श्रीमती ज्योति सिंह,श्रीमती साधना सिंह,श्रीमती ऊषा सिंह सहित सैकडों महिला - पुरूष उपस्थित रहे।
कथा का आयोजन प्रतिदिन सायंकाल 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक हो रहा है।दूसरे दिन की कथा का विश्राम आरती के साथ हुआ।कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
घंटाघर मैदान में रातभर गूंजी कजली, रानी सिंह और खोखा मिर्जापुरी ने बांधा समां
*कजली महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रोता, मुख्य अतिथि मनोज श्रीवास्तव ने कहा- जिले की माटी की यह लोकविधा विदेशों तक पहुंची


मिर्जापुर। नगर के घंटाघर मैदान में मंगलवार की रात कजली के सुरों से गुलजार रही। भादों माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर लोक संगीत प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में कजली महोत्सव का आयोजन किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने कजली की पारंपरिक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मैदान में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कजली कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर की पहचान केवल प्राकृतिक और धार्मिक विरासत से ही नहीं, बल्कि समृद्ध लोक संस्कृति से भी है। जिले की माटी में पैदा हुई कजली आज देश की सीमाओं को पार कर विदेशों में भी गाई और सुनी जा रही है। यह मिर्जापुर के लिए गौरव की बात है।
उन्होंने कहा कि कजली को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने और इसकी मौलिकता को कायम रखने वाले लोक कलाकार हमारी सांस्कृतिक विरासत के सच्चे संवाहक हैं। बदलते दौर में लोक विधाओं को जीवित रखने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतरता जरूरी है। कलाकारों और आयोजकों को कजली जैसी लोक परंपरा को सहेजने के लिए बधाई दी।
महोत्सव में लोक गायिका रानी सिंह, खोखा मिर्जापुरी समेत तमाम कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने पारंपरिक कजली के साथ लोक संस्कृति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को पूरी तरह कजलीमय कर दिया। कजली के सुरों के साथ श्रोता देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। कलाकारों की एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने लोगों को बांधे रखा।
आयोजकों ने कहा कि भादों माह में कजली का विशेष महत्व है। मिर्जापुर की कजली की अपनी अलग गायकी, भाषा और भाव-भंगिमा है, जिसके कारण इसकी पहचान देश-विदेश तक बनी है। महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ना और कजली की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों और अतिथियों का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में लोग कजली महोत्सव सुनने के लिए घंटाघर मैदान पहुंचे।
Mirzapur: बाज़ार से अंडा खाकर घर जा रहे चाचा-भतीजे को ट्रक ने रौंदा, हुई मौत

मिर्ज़ापुर। यूपी के मिर्ज़ापुर के चील्ह थाना क्षेत्र में ट्रक के धक्के से पैदल जा रहे  चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की मदद से आनन-फानन में दोनों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान देर रात मौत हो गई। चाचा-भतीजे की मौत की ख़बर होते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।
चील्ह थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव निवासी 30 वर्षीय सुनील यादव पुत्र मिश्रीलाल अपने भतीजे 05 वर्षीय अंकित पुत्र श्याम नारायण के साथ मंगलवार की रात तकरीबन 7:30 बजे सागरपुर स्थित एक दुकान से अंडा खाकर वापस अपने घर जा रहे थे कि मिर्जापुर-औराई मार्ग पर मिर्जापुर की तरफ से औराई की तरफ जा रहा तेज रफ्तार ट्रक ने दोनों लोगों को टक्कर मार दिया जिससे दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को देख मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी टेढ़वा अरविंद गुप्ता ने दोनों घायलों को भदोही जनपद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा था। उधर दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही में लगी थी। चौकी प्रभारी अरविंद गुप्ता ने बताया कि ट्रक के टक्कर से दो लोग घायल हो गए हैं जिन्हें उपचार हेतु भदोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ट्रक को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं देर रात सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल चाचा भतीजा की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शहीद वीर सपूत स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
इसौली विधानसभा के नेवरा गांव, कुड़वार, सुल्तानपुर निवासी, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के वीर जवान स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी के रायपुर, छत्तीसगढ़ में राष्ट्र सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

आज उनकी अंतिम यात्रा में सम्मिलित होकर तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और नम आंखों से उनकी पुण्य आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मां भारती की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत सदैव हम सभी के हृदय में अमर रहेंगे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
अंसल होम बायर्स को बड़ी राहत: सुशांत गोल्फ सिटी को पूरा करेगा LDA

लखनऊ। अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप में वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हजारों होम बायर्स के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को पूरा करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब एलडीए परियोजना को टेकओवर करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। परियोजना को पूरा कराने के लिए प्रस्ताव राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) के समक्ष रखा जाएगा। सरकार के इस फैसले से करीब 5,000 होम बायर्स के हितों की रक्षा होने और लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कराने का रास्ता साफ हुआ है।

- वैध आवंटियों को मिलेंगे भूखंड और भवन

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, प्राधिकरण के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अब NCLT में परियोजना को पूरा करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। जिन खरीदारों के पक्ष में अंसल की ओर से रजिस्ट्री की जा चुकी है या जो नियमानुसार वैध आवंटी हैं, उन्हें नियमों के तहत भूखंड अथवा भवन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर या भूखंड के लिए इंतजार कर रहे हैं। साथ ही टाउनशिप में सड़क, पानी, सीवर, ड्रेनेज, पार्क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को पूरा कराया जा सकेगा।

- परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित

एलडीए के प्रारंभिक आकलन के अनुसार परियोजना की अधिकतम संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये है। वास्तविक देनदारी का निर्धारण अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) की प्रक्रिया के माध्यम से होगा। देनदारियों के भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि एलडीए को सीड कैपिटल के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। प्राधिकरण के अनुसार टाउनशिप के अधूरे विकास कार्यों, निवेशकों की देनदारियों के निस्तारण और अन्य जरूरी कार्यों को मिलाकर कुल खर्च करीब 5,000 करोड़ रुपये तक अनुमानित है। बाद में नए भूखंडों की बिक्री और परियोजना से होने वाली अन्य आय के माध्यम से शासन से उपलब्ध कराई गई धनराशि की भरपाई की जाएगी।

- 164 हेक्टेयर जमीन बेचने का भी सामने आया मामला

अंसल टाउनशिप में अनियमितताओं की जांच के लिए लखनऊ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। जांच में शासकीय विभागों और होम बायर्स से जुड़े कई मामलों के अलावा जमीन की बिक्री में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।जांच के अनुसार ग्राम समाज और नगर निगम की करीब 164 हेक्टेयर भूमि को बेचने का मामला सामने आया। इसके अलावा कंसोर्टियम की जमीन से संबंधित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। इन मामलों को लेकर एलडीए की ओर से अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

- एलडीए में बंधक 3,489 भूखंडों में 2,747 की बिक्री का आरोप

टाउनशिप की शर्तों के तहत अंसल ने एलडीए के पास गारंटी के रूप में 3,489 भूखंड बंधक रखे थे। व्यवस्था यह थी कि यदि कंपनी टाउनशिप का विकास पूरा नहीं करती है तो प्राधिकरण इन भूखंडों की बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए कर सकता है। जांच में आरोप सामने आया कि इनमें से 2,747 भूखंडों को बेच दिया गया। इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्राधिकरण ने अंसल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

- एक भी प्रस्तावित सब स्टेशन नहीं बन सका

सुशांत गोल्फ सिटी में बिजली आपूर्ति के लिए 440 केवीए और 220 केवीए समेत विभिन्न सब स्टेशन प्रस्तावित थे, लेकिन इनमें से किसी का निर्माण पूरा नहीं हो सका। करीब 50 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क भी अधूरा बताया गया है। इसके अलावा नलकूप, पेयजल पाइपलाइन, सीवर लाइन, पार्क और ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े कई कार्य लंबित हैं। परियोजना के टेकओवर के बाद इन कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी एलडीए की होगी।

- अधूरे विकास कार्यों पर 2,216.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे

एलडीए के आकलन के मुताबिक टाउनशिप में लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए करीब 2,216.91 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

- पॉकेट-1 से पॉकेट-4 में आधारभूत सुविधाओं पर करीब 453.10 करोड़ रुपये

- पॉकेट-5 के विकास पर करीब 1,126.52 करोड़ रुपये

- रेलवे ओवरब्रिज के शेष कार्यों पर करीब 114.28 करोड़ रुपये

- सब स्टेशन निर्माण पर करीब 523 करोड़ रुपये

इसमें सड़क, सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

- 2005 में मिली थी टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी

अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। शासन ने 25 मई 2005 को हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस जारी किया था। 22 मई 2006 को कंपनी की ओर से प्रस्तुत 1,765 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी मिली। वर्ष 2009 में क्षेत्रफल बढ़ाकर 3,530 एकड़ किया गया और 2010 में इसके लिए डीपीआर स्वीकृत हुआ। दिसंबर 2013 में 2,935 एकड़ के अतिरिक्त विस्तार को मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया। मई 2015 में 6,465 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी दी गई। सितंबर 2015 में फेज-1 से फेज-4 के लिए 2,571.15 एकड़ का अंतिम लेआउट स्वीकृत हुआ, जबकि अगस्त 2016 में फेज-5 के लिए 958.85 एकड़ का लेआउट स्वीकृत किया गया। अप्रैल 2023 में कंपनी की ओर से 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का नया डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड ने अनुमोदित किया था।

- दिवालिया प्रक्रिया के बीच एलडीए ने रखा अपना पक्ष

परियोजना में अनियमितताओं की जांच के लिए एलडीए ने फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति भी की थी। इसी दौरान NCLT में अंसल के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई। एलडीए को पक्षकार बनाए बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने पर प्राधिकरण ने संबंधित मंचों पर अपना पक्ष रखा। एलडीए ने अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) के समक्ष अपने हितों और देयों से संबंधित करीब 4,490 करोड़ रुपये का दावा प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। प्राधिकरण ने मामले को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के समक्ष भी उठाया। उपलब्ध विवरण के अनुसार NCLAT ने एलडीए को आवश्यक पक्षकार माना और टाउनशिप को पूरा करने के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रिजॉल्यूशन प्रक्रिया को लखनऊ की परियोजना तक सीमित किया गया।

फरवरी 2026 में IL&FS की ओर से NCLT की प्रक्रिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित पक्ष को NCLT के समक्ष अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए। अब प्रदेश कैबिनेट से एलडीए के टेकओवर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सुशांत गोल्फ सिटी के अधूरे विकास कार्यों और वैध होम बायर्स के हितों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

- टाउनशिप में अनियमित्ताओं पर अंसल के खिलाफ दर्ज करायी गयी है एफआईआर

मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा हजारों होम बायर्स के अतिरिक्त विभिन्न शासकीय विभागों के साथ भी धोखाधडी एवं अनियमित्ताएं की गयीं। जांच में सामने आया कि अंसल ने ग्राम समाज और नगर निगम की लगभग 164 हेक्टेयर भूमि तक बेच डाली। इतना ही नहीं, अंसल ने कंसोर्टियम की भी जमीन फर्जीवाड़ा करके बेच डाली।

मेसर्स असंल ने एलडीए में गारंटी के तौर पर कुल 3489 भूखण्ड बंधक रखे थे। टाउनशिप की शर्तों के अनुसार यह भूखण्ड इसलिए बंधक रखे गए थे कि अगर अंसल इसका विकास नहीं कराएगा तो प्राधिकरण इन जमीनों को बेचकर कालोनी का विकास कराएगा। लेकिन, अंसल ने इममें से 2747 भूखण्डों को बेच दिया। जांच में ये तमाम अनियमित्ताएं सामने आने पर एलडीए द्वारा मेसर्स अंसल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी गयी है।

- अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना- टाइमलाइन

दिनांक - 25 मई, 2005 को शासन द्वारा हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने हेतु लाइसेंस जारी किया गया।

दिनांक-22 मई, 2006 को मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्तुत किये गये 1765 एकड़ के डीपीआर को स्वीकृत किया गया।

दिनांक-03 जून, 2009 को क्षेत्रफल 1765 एकड़ से बढ़ाकर 3530 एकड़ करने की स्वीकृति दी गयी।

दिनांक-18 मई, 2010 को 3530 एकड़ हेतु डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-13 दिसम्बर, 2013 को अतिरिक्त 2,935 एकड़ क्षेत्रफल के दूसरे विस्तार की स्वीकृति दी गई, जिससे टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया।

दिनांक-23 मई, 2015 को 6,465 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-22 सितम्बर, 2015 को फेज-1 से फेज-4 हेतु 2,571.15 एकड़ क्षेत्रफल का अंतिम ले-आउट स्वीकृत किया गया।

दिनांक-19 अगस्त, 2016 को फेज-5 हेतु 958.85 एकड़ क्षेत्रफल का ले-आउट स्वीकृत हुआ। इस प्रकार फेज-1 से फेज-5 तक कुल क्षेत्रफल 3,530 एकड़ रहा।

दिनांक-2 नवम्बर, 2021 को उच्च स्तरीय समिति की बैठक में मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

दिनांक-13 अप्रैल, 2023 को मेसर्स अंसल द्वारा 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा टाउनशिप में अनियमित्ताओं की जांच हेतु फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति की गयी। इस बीच राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा एलडीए को पक्षकार बनाये बिना अंसल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आईआरपी के समक्ष अपने हितों एवं देयों से सम्बंधित 4490 करोड़ रूपये का दावा प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेसर्स अंसल के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा इस प्रकरण में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष अपील की गयी और मजबूती से अपना पक्ष रखा गया। एनसीएलएटी ने अपने आदेश में प्राधिकरण को आवश्यक पक्षकार माना तथा टाउनशिप पूर्ण करने के सम्बंध शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनसीएलएटी द्वारा रेजुलेशन प्रक्रिया को मात्र लखनऊ की परियोजना तक सीमित कर दिया गया।

दिनांक-23 फरवरी, 2026 को आईएलएफएस द्वारा एनसीएलटी के नियमों के विरूद्ध सर्वाेच्च न्यायालय में अपील दाखिल की गयी। दिनांक-16 अप्रैल, 2026 को सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अपील/याचिका खारिज करते हुए एलएनएलटी में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिये गये।

डां.सीएल रस्तोगी के विदाई समारोह का हुआ आयोजन
प्रशासनिक क्षमता के बाजीगर थे डां.सीएल रस्तोगी- प्राचार्य डां.प्रियांक वर्मा

*सुल्तानपुर* मंगलवार को जिले के सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सीएल रस्तोगी का स्वशासी राजकीय महाविद्यालय के मुख्य चिकित्साधिक्षक कार्यालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया,जिसमें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डां.प्रियांक वर्मा,मुख्य चिकित्साधिक्षक डाॅ.एसी गुप्ता,महिला चिकित्सालय के सीएमएस डाॅ.आरके यादव,डां.एसके पांडेय, ट्रामा सेंटर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डां.समीर सुमन,डां.पवन सिंह, डां.आरए वर्मा,डां.गौरव,डां.अमोल रिबेलो डां.तारिक खान,डां.एसके श्रीवास्तव,डां.वसीम, डां.रवींद्र कुमार यादव, मैनेजर मीनू पाल,विजय चौधरी,अवनीश शाह,रुद्र प्रताप,फार्मासिस्ट लक्ष्मण स्वरूप, अनुराग गुप्ता,अनुराग पांडेय, विवेक श्रीवास्तव, अभिषेक, संजू व नर्सिंग स्टाफ मौजूद रही,डां.सीएल रस्तोगी बेहद सरल व शालीन व्यक्तित्व और अपने कार्यों को लेकर जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी रहे है,अस्थि रोग विशेषज्ञ के साथ ही सर्जरी के जादूगर माने जाते है,डां.सीएल रस्तोगी जनपद के डाक्टरों की पहली पसंद माने जाते है,डां.रस्तोगी के सेवानिवृत्त से स्वशासी राजकीय महाविद्यालय का न सिर्फ एक डाक्टर रिटायर्ड हुआ बल्कि एक समाजसेवी,एक बेहतरीन इंसान, मरीजों का एक अच्छा दोस्त और गरीबों की उम्मीद जो कभी भी सख्त लहजे में मरीज और उनके तीमारदारों से पेश न आया हो,डां.सीएल रस्तोगी का मेडिकल कॉलेज से रिश्ता जन्म से शुरु हुआ है,यही पैदा हुए यही नौकरी की शुरुआत और यही से सेवानिवृत्त का सौभाग्य मिला,विदाई समारोह में प्राचार्य डां.प्रियांक वर्मा,सीएमएस डां.एसी गुप्ता व मुख्य चिकित्साधिक्षक डां.आरके यादव ने डां.सीएल रस्तोगी की कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की तथा मौजूद डाक्टर्स व स्वशासी राजकीय महाविद्यालय के स्टाफ ने डां.सीएल रस्तोगी का सदैव आशीर्वाद के साथ सहयोग की अपेक्षा की,डां.सीएल रस्तोगी ने आश्वस्त करते हुए कहाकि जहां भी मेरी जरूरत आपसब को महसूस होगी मैं आपके साथ खड़ा मिलूंगा,कार्यक्रम का संचालन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश गौड ने किया,सीएमएस कार्यालय स्टाफ ने डां.सीएल रस्तोगी के वाहन की सजावट करके उन्हें विदाई का तोहफ़ा दिया।
बलीपट्टी रानीगांव मे गरजा बुलडोजर सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण ध्वस्त

अर्थदंड सहित निष्पादन व्यय वसूल करने की हुई कार्यवाही

अमृतपुर, फर्रुखाबाद 15 सितंबर। किसी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर शासन सत्ता की निगाहें सीधी नहीं है। प्रशासन हमेशा से ही सरकारी भूमि पर अवैध कबजेदारों को सचेत करता रहा है और उन्हें नोटिस भी देता है कि वह समय रहते सरकारी भूमि से अपने कब्जे को हटा ले। इसी क्रम में अमृतपुर तहसीलदार ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सरकारी भूमि से अवैध कब्जे को बुलडोजर की मदद से हटा दिया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य ध्वस्त करने से पहले वैधानिक रूप से कानूनी कार्रवाई करते हुए निर्माण कर्ता को नोटिस दिया गया था। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। बलीपट्टी रानीगांव में सरकारी बंजर भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पक्के निर्माण का ध्वस्तीकरण करा दिया। तहसीलदार एवं सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी शशांक सिंह की मौजूदगी में प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया।न्यायालय तहसीलदार अमृतपुर में धारा 67, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के तहत चले वाद में क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के अनुसार ग्राम बलीपट्टी रानीगांव स्थित बंजर भूमि के गाटा संख्या 2600/0.0200 हेक्टेयर में से करीब 0.0015 हेक्टेयर भूमि पर धर्मेन्द्र पुत्र लंकुश द्वारा पक्का निर्माण कर अनधिकृत कब्जा किया गया था।मामले में राजस्व विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। प्रतिवादी की ओर से 14 अगस्त को आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था, लेकिन पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद आपत्ति दाखिल नहीं की गई। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों, क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट और नक्शा नजरी का परीक्षण करने के बाद सरकारी भूमि पर कब्जा पाए जाने पर बेदखली का आदेश पारित किया।
आदेश में कब्जेदार को भूमि से बेदखल करने के साथ 160 रुपये क्षतिपूर्ति/अर्थदंड तथा 1,000 रुपये निष्पादन व्यय वसूल किए जाने के निर्देश दिए गए। आदेश के अनुपालन में मौके पर पहुंची टीम ने अवैध कब्जे वाले पक्के निर्माण को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा दिया।ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार शशांक सिंह, कानूनगो दिनेश चंद्र शर्मा, लाल बहादुर, उपनिरीक्षक खूबेलाल, चौकी इंचार्ज राहुल कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा मिलने पर राजस्व कानून के तहत कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।