कारागार में पुरुष एवं महिला बंदियों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें उपचार प्रदान करें : प्रभारी मंत्री*

प्रभारी मंत्री ने जिला कारागार फतेहगढ़ का किया औचक निरीक्षण

फर्रुखाबाद । प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग एवं प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह द्वारा, प्रशासक जिला पंचायत मोनिका यादव, जिलाध्यक्ष भाजपा फतेहचंद्र वर्मा, जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह की उपस्थिति में अपने जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम जिला कारागार, फतेहगढ़ का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिला कारागार की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा कारागार परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कारागार में निरुद्ध बंदियों की संख्या, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पाकशाला में भोजन तैयार करने हेतु जिला कारागार में सुरक्षा व्यवस्था हेतु अन्य दायित्वों को पारदर्शिता अनुरूप रोस्टर के अनुसार बंदियों की ड्यूटी लगाई जाए, बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार रखी जाए। बंदी चिकित्सालय के निरीक्षण में निर्देश दिए गए कि पुरुष बंदी एवं महिला बंदियों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य उपचार प्रदान करें, इसके साथ संक्रमित एवं गंभीर रोग के मरीजों को साधारण मरीजों से अलग रखा जाए।

मंत्री ने निर्देश दिए कि कारागार में निरुद्ध बंदियों को शासन की मंशा के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कारागार की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ रखने तथा परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि कारागारों में सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय एवं सुधारात्मक वातावरण भी उपलब्ध कराया जाए।निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, चिकित्सक डॉ0 नीरज सहित संबंधित अधिकारी एवं कारागार प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अभियजना ने छायावाद की प्रमुख स्तंभ महादेवी वर्मा की पुण्य तिथि मनाई

फर्रुखाबाद। आज रेलवे रोड स्थित प्रतिमा पर छाया वाद की प्रमुख स्तम्भ महीयसी महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि पर अभिव्यंजना के तत्वावधान में नगर के साहित्यानुरागी जनों ने श्रध्दा सुमन अर्पित किए । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परियोजना निदेशक कपिल कुमार ने कहा कि परतंत्रता के काल मे नारी शिक्षा और सम्मान की पैरोकार रहीं । बचपन से ही महादेवी वर्मा जी की रचनाओं ने आकर्षित किया । वह विभिन्न विधाओं की लेखिका थीं काव्य रचनाओं के अतिरिक्त उनके रेखा चित्र और निबन्ध बहुत ही महत्वपूर्ण रचनाएं हैं अभिव्यंजना संस्था प्रमुख भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि फर्रुखाबाद की भूमि महादेवी जी को पाकर धन्य है और इसी कारण आज यहां हर विधा में प्रतिभाएं जनपद का नाम रोशन कर रही हैं । इस दौरान कार्यक्रम संयोजक संजय गर्ग , महेश पाल सिंह उपकारी,राजेश हजेला ,रामावतार शर्मा इंदु ,निमिष टण्डन ,विनय अग्रवाल , नलिन श्रीवास्तव ,वैभब सोमवंशी ,सत्यनारायण सिंह , बृजकिशोर सिंह,प्रीति तिवारी , चित्रा अग्निहोत्री सहित अनेक साहित्य प्रेमी और समाजसेवी उपस्थित रहे ।

गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण की डीएम ने की समीक्षा*


फर्रुखाबाद।  जनपद के गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की संख्या, चारा-पानी, स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, छाया एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गोवंश के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए नियमित रूप से पशु चिकित्सकों द्वारा भ्रमण कर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित गौ आश्रय स्थलों में रंगाई पुताई की जाए, इसके साथ ही सभी गौ आश्रय स्थलों में साफ-सफाई की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए तथा जलभराव आदि की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। आश्रय स्थलों पर गोवंश को मौसम के अनुकूल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही सुरक्षा एवं देखभाल की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण हेतु नामित नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौ आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन किया करें, किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। उन्होंने गोवंश के भरण-पोषण हेतु उपलब्ध धनराशि का नियमानुसार एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। गौशालाओं में गौवंश को पोषण हेतु हरे चारे की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, लापरवाही पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण हेतु नामित नोडल अधिकारी गौशालाओं में जल भराव की सफ़ाई करवाएं ।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 धीरज कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं में प्रगति लाने के साथ-साथ विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता एवं मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों को दी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की चेतावनी*


फर्रुखाबाद । जिला बेसिक शिक्षा विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र नामांकन, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा शिक्षण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय एवं मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को भी बेहतर रखा जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए। छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तक, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग एवं अन्य निर्धारित सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति की नियमित समीक्षा करते हुए कम उपस्थिति वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए।
जिलाधिकारी ने विद्यालयों के निरीक्षण की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण कर शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण किया जाए। पी0एम0 श्री विद्यालयों में रंगाई पुताई के कार्य सहित बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु अन्य आवश्यक संसाधन पूर्ण किये जायें, इसके साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि परिषदीय विद्यालयों में निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित कराया जाए तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि जनपद में परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही 01 सप्ताह के भीतर पूर्ण करें। कायाकल्प योजना के तहत 19 मानक बिंदुओं की पूर्ति हेतु खण्ड शिक्षा अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, अन्यथा की स्थिति में कठोर कार्यवाही की जाएगी। सभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के पीने के पानी की टंकी की सफाई 03 दिवस में पूर्ण करना सुनिश्चित कर आख्या उपलब्ध कराएं, इसके साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन करें तथा विद्यालयों में अनुशासन एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ , परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित बेसिक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जर्जर भवनों, छात्रावासों एवं पीजी का तत्काल सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद सौंपेगी ज्ञापन

फर्रुखाबाद । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, फर्रुखाबाद द्वारा जिले में जर्जर भवनों, परिसरों, छात्रावासों एवं पीजी की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा उनका तत्काल सर्वेक्षण कर आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी महोदय को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पारुल कतार को सौंपा है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पी जी के रूप में उपयोग हो रही भवन के ढहने की हालिया घटना ने छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हादसे में सात लोगों की मृत्यु और पांच लोगों के घायल होने की सूचना है। नगर मंत्री मिहिर पाठक ने कहा, “दिल्ली की घटना हमें चेतावनी देती है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं किया जा सकता। जनपद में प्रत्येक जर्जर भवन, छात्रावास और पी जी का तत्काल सुरक्षा सर्वेक्षण कराकर विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”
नगर मजिस्ट्रेट की  छापेमारी से अस्पतालों में मचा हड़कंप,दो हॉस्पिटल  सीज

फर्रुखाबाद आज नगर मजिस्ट्रेट और डिप्टी सीमा डॉक्टर माथुर की मौजूदगी में  फोनिक्स हॉस्पिटल नेकपुर कला में छापेमारी की गई। नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने बताया कि सबसे पहले टीम के लोगों ने हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट चेक किया,मेडिकल सर्टिफिकेट भी सही मिला लेकिन अस्पताल में जो मरीज देखे जा रहे थे ।उन  मरीजो को देखने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था ।ओपीडी संचालित की जा रही थी जिसमें 19 मरीजों को देखा जा चुका था जबकि वहां पर केवल एक पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा उन मरीजों को देखा जा रहा था। ऑफिस में उनकी नेम प्लेट डॉक्टर आरसी कटियार के नाम से लगी हुई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 7 वर्षों से लगातार वह मरीजों को देखते आ रहे हैं। यहीं नहीं मरीजों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। इस कारण ऑफिस को सील करवा दिया गया और रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की संस्तुति की गई है। इस प्रकार मसेनी पर भी अनभी हॉस्पिटल की कंडीशन ज्यादा खराब मिलने और इस हॉस्पिटल का भी रजिस्ट्रेशन नहीं था , फिर भी अस्पताल में मरीज को भर्ती करके ओपीडी में देखा जा रहा था।अस्पताल में लगभग 10 बेड पड़े हुए थे जिसमें से चार से पांच मरीज अपनी सुरक्षा से दूसरे अस्पताल में चले गए। किसी भी स्टाफ ने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और वह हॉस्पिटल लगभग जनवरी से संचालित हो रहा था । स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई रजिस्ट्रेशन पंजीकृत नहीं था फिर भी हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा था । उन्होंने बताया कि टीम द्वारा उस हॉस्पिटल को सील किया गया है।


देखने की बात यह है कि जो हॉस्पिटल आज से लगभग 7 महीने से संचालित हो रहा था इससे स्पष्ट होता है कि वह अपने मनमाने ढंग और स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से चला रहे थे।

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा से जनपद में हर्ष*

फर्रुखाबाद । जनपद में बाल विकास परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, लाभार्थियों एवं उनके अभिभावकों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जनपद स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन द रॉयल पैलेस, फतेहगढ़ में किया गया।

कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना कमालगंज, शहर, मोहम्मदाबाद एवं बढ़पुर की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विकास अधिकारी एस0के0 तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चन्द्र तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि किए जाने की घोषणा की गई। घोषणा का उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने स्वागत करते हुए हर्ष व्यक्त किया। जनपद स्तर पर सैम श्रेणी से सामान्य श्रेणी प्राप्त करने वाले 07 बच्चों एवं उनके माता-पिता को उपचार, शॉल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य एवं विकास में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 07 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किए गए।

इस दौरान विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं प्रारंभिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सभी कार्यकत्रियां पूरी ऊर्जा एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि प्रदेश एवं देश का कोई भी बच्चा शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर न रहे। सांसद मुकेश राजपूत ने भी मानदेय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं समाज की भावी पीढ़ी के स्वास्थ्य एवं विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने सभी से स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चों के निर्माण के लिए पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि उनके परिश्रम एवं लगन का सम्मान है। उन्होंने कहा कि एनआरसी में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों के उपचार एवं विकास में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी कार्यकत्रियां आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के वजन एवं लंबाई का नियमित मापन कर उनके शारीरिक विकास की निगरानी करें। साथ ही बच्चों के टीकाकरण एवं पोषण के प्रति अभिभावकों को जागरूक करें तथा बच्चों में खून की कमी दूर करने वाले पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु अभिभावकों को प्रेरित करें।

तहसील अमृतपुर में भी आयोजित हुआ कार्यक्रम

तहसील अमृतपुर का कार्यक्रम विकासखण्ड सभागार राजेपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशासक ब्लॉक राजेपुर पल्लव सोमवंशी, खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेपुर अब्दुल यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। तहसील कायमगंज में भी हुआ आयोजन तहसील कायमगंज का कार्यक्रम खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कायमगंज में आयोजित किया गया। इसमें बाल विकास परियोजना कायमगंज, शमसाबाद एवं नवाबगंज की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं क्षेत्रीय मुख्य सेविकाओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रशासक ब्लॉक कायमगंज श्रीमती अनुराधा दुबे एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

बाढ़ के बीच गूंजी किलकारी: शमसाबाद में स्वास्थ्य एवं तहसील प्रशासन के समन्वित प्रयास से सुरक्षित प्रसव*

फर्रुखाबाद। ढाईघाट पर बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच शमसाबाद विकास खंड क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ मानवीय संवेदनाओं की एक सुखद तस्वीर सामने आई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा एवं समय पर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा तहसील प्रशासन द्वारा लगातार समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अलीम अंसारी, बीसीपीएम साधना एवं बीपीएम आशुतोष कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने बाढ़ प्रभावित गांवों एवं ढाईघाट मार्ग का सतत भ्रमण करते हुए लगभग 15 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों तक रेस्क्यू कराया। नाव, स्टीमर एवं ट्रैक्टर आदि के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाकर आवश्यकतानुसार एंबुलेंस से अस्पताल एवं सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया गया।

इस पूरे अभियान में तहसील प्रशासन की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। क्षेत्रीय लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक लगातार प्रभावित क्षेत्रों में उपस्थित रहकर जमीनी स्थिति की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि नायब तहसीलदार, तहसीलदार एवं उप-जिलाधिकारी द्वारा मौके पर सतत निरीक्षण एवं प्रभावी पर्यवेक्षण करते हुए बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों को निरंतर संचालित कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय से प्रभावित परिवारों तक राहत एवं आवश्यक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

रेस्क्यू के बाद स्वस्थ रूप से जन्मा बच्चा

इस दौरान दक्षिण पैलानी निवासी आरिफ की पत्नी असलीमन को 7 सितंबर 2026 को 102 एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। दोपहर 2:40 बजे भर्ती हुईं असलीमन ने चिकित्सकीय देखरेख में ठीक दो घंटे बाद 4:40 बजे एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। नवजात का वजन 2.53 किलोग्राम है तथा जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। बाढ़ की कठिन परिस्थितियों के बीच प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से समय पर रेस्क्यू, सुरक्षित परिवहन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर एक मां और उसके नवजात को सुरक्षित जीवन देना राहत एवं बचाव कार्यों की मानवीय सफलता का सुखद उदाहरण है। परिवार में नन्हे मेहमान के आगमन से खुशी और राहत का माहौल है।

पीएमश्री की छात्राओं को मिला मेला में मिला करियर का मार्गदर्शन

फर्रुखाबाद । पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में करियर मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मेले में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने छात्राओं को उच्च शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए करियर संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया। विशेषज्ञों ने छात्राओं को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान छात्राओं ने पंख पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही करियर से संबंधित विभिन्न जानकारियों एवं भविष्य की योजनाओं को संकलित करते हुए ‘पंख डायरी’ भी तैयार की। इससे छात्राओं को अपने करियर लक्ष्य निर्धारित करने और उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिली।

कार्यक्रम में धीरेंद्र सिंह, डीन इंजीनियरिंग कॉलेज, मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय, डॉ. रुचि सिंह, चिकित्सक एवं समाजसेवी, शुभ्रा मिश्रा सीटीआई उद्यमी, मनीष कुमार शर्मा एचओडी नर्सिंग, विजेंद्र सिंह, एचओडी पॉलिटेक्निक, डॉ. दीप सिंह फार्मेसी विभाग,डॉ. प्रभात अवस्थी साहित्यकार एवं राजनीतिज्ञ तथा जनपदीय नोडल शिक्षक पंकज शुक्ला ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम का संचालन शैलजा मौर्य ने किया। कार्यक्रम की संयोजक नोडल शिक्षक सरिता त्रिवेदीने करियर मेले के उद्देश्य के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षिका ऋचा तिवारी, गरिमा पांडे, आरती यादव, गुलशन जहाँ, दीप्ति सिंह, मीनाक्षी, प्रतिभा, निर्मला सिंह सहित विद्यालय की शिक्षिकाओं का सहयोग रहा। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

फाइलों पर ‘रेट’ के आरोप! ₹2 हजार से शुरू हुआ खेल, ₹15 हजार पर अटकी रिपोर्ट; दूसरी फाइल में ₹7,500 का दावा

चकरोट की रिपोर्ट के नाम पर रकम लेने का आरोप, कृषक दुर्घटना बीमा की फाइल में भी लेन-देन का दावा; तहसील सभागार में अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रोया पीड़ित

अमृतपुर फर्रुखाबाद

अमृतपुर तहसील में राजस्व विभाग से जुड़ी दो अलग-अलग फाइलों को लेकर सामने आए कथित लेन-देन के आरोपों ने तहसील की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामले में चकरोट की रिपोर्ट लगाने के नाम पर ₹2 हजार लेने और बाद में अंतिम रिपोर्ट के लिए ₹15 हजार मांगने का आरोप है। वहीं, कृषक दुर्घटना बीमा की फाइल में ₹7,500 लिए जाने का दावा सामने आया है। फाइल निरस्त होने के बाद रकम वापस मांगने पहुंचे पीड़ित की फरियाद उस समय भावुक हो गई, जब वह तहसील सभागार में अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रो पड़ा।

पहला मामला अमैयापुर गांव के मजरा कन्हई की मड़ैया निवासी मूलचंद पुत्र रामभरोसे से जुड़ा है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत में उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत बड़ागांव परतापुर के चकरोट के लिए नक्शा दुरुस्तीकरण की फाइल लगाई थी। आरोप है कि संबंधित लेखपाल गौरव यादव ने रिपोर्ट लगाने के नाम पर ₹2 हजार लिए, लेकिन रिपोर्ट नहीं लगाई। रकम वापस मांगने पर कानूनगो से संपर्क करने को कहा गया। मूलचंद का आरोप है कि कानूनगो से संपर्क करने पर अंतिम रिपोर्ट लगाने के लिए ₹15 हजार की मांग की गई।

दूसरा मामला कुतूलूपुर निवासी श्रीदेवी पत्नी सुरेंद्र शर्मा के परिवार से जुड़ा है। उनके पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत सहायता के लिए फाइल लगाई गई थी। परिवार का आरोप है कि संबंधित लेखपाल धीरेन ने फाइल के सिलसिले में रकम ली। पीड़ित के अनुसार, ब्याज पर रुपये लेकर पहले ₹5 हजार, फिर ₹2 हजार और फाइल फीडिंग के नाम पर ₹500 दिए गए।

बाद में बटाईदार होने के आधार पर फाइल निरस्त होने की जानकारी मिली। इसके बाद पीड़ित तहसील पहुंचा और कथित तौर पर दिए गए रुपये वापस मांगने लगा। मामला तहसील सभागार तक पहुंचा तो पीड़ित अधिकारियों के सामने अपनी व्यथा सुनाते-सुनाते रो पड़ा। उसकी गुहार थी—“साहब, योजना का लाभ नहीं मिला तो हमारे पैसे ही वापस करा दो।”

घटनाक्रम के दौरान पीड़ित को हवालात में बंद किए जाने के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई। पीड़ित का कहना था कि वह किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि कथित तौर पर दिए गए अपने रुपये वापस मांगने अधिकारियों के पास आया था।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ऐसे आरोप तहसील दिवस से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंच रहे हैं तो तहसील स्तर पर इन शिकायतों को लेकर तत्काल और निष्पक्ष संज्ञान क्यों नहीं लिया जाता? शिकायतें उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं करते?

यदि आरोप निराधार हैं तो जांच कर शिकायतकर्ताओं के सामने स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जाती और यदि आरोपों में प्रथम दृष्टया सच्चाई है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? आखिर सरकारी योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों की फाइलों के निस्तारण के बीच कथित रकम के आरोप बार-बार क्यों सामने आ रहे हैं?

सवाल यह भी है कि उच्च अधिकारी आखिर किस बात पर मौन हैं—शिकायतों की जांच का इंतजार है या फिर फाइलों के साथ ये आरोप भी किसी दूसरी जांच फाइल में दबकर रह जाएंगे?