8 सितंबर 2026 की मध्य रात्रि के बाद,चंद्रमा और बृहस्पति की युति दिखाई देगी

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल प्रेमियों के लिए एक शानदार खगोलीय युति घटित होने वाली है क्योंकि 8 सितंबर 2026 को मध्य रात्रि के बाद लगभग 3 बजकर 35 मिनट के बाद पूर्वी क्षितिज के आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह एक साथ दिखाई देने शुरू हो जाएंगे या कुछ यूं कहें कि यानि कि 9 सितंबर 2026 की भोर सुबह तक के आकाश में एक पतला चंद्र-कोर (Crescent Moon) चन्द्रमा,हमारे सौर मण्डल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) के बेहद करीब से गुजरेगा,इस दौरान दोनों के बीच की दूरी 1 डिग्री से भी कम होगी, जिससे इस युति के दौरान एक बेहद ही खूबसूरत खगोलीय दृश्य बनेगा, इस खगोलीय संरेखण को खगोल विज्ञान की भाषा में चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह के शानदार निकटतम आगमन को चन्द्र -ब्रहस्पति युति कहा जाता है, लेकिन वास्तव में यह दोनों खगोलीय पिण्ड आपस में करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर मौजूद हैं लेकिन कभी कभी पृथ्वी से देखने पर दृश्य प्रभाव के कारण काफ़ी पास पास दिखाई देते हैं इसी को खगोल विज्ञान की भाषा में कंजंक्शन या युति भी कहा जाता है।

किस दिशा में और किस तारामण्डल क्षेत्र में स्थित होंगे दोनों खगोलीय पिण्ड।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय युति को देखने के लिए आपको किसी विशेष दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की भी आवश्यकता नहीं है, आप अपनी साधारण आंखों से ही इस युति को देख सकते हैं , लेकिन अगर आपके पास कोई टेलीस्कोप /दूरबीन या विनोकुलर आदि उपकरण मौजूद हैं तो आप इसको और भी अधिक सर्वोत्तम तौर पर देख सकते हैं, लेकिन आपको पूर्वी आकाश में क्षितिज से थोड़ा ऊपर देखना होगा तब आकाश में एक बहुत ही पतला हंसिया जैसा चंद्रमा (वैनिंग क्रिसेंट मून) लगभग 8 से 10 प्रतिशत चमकता हुआ दिखाई देगा इस दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 6.78 के क़रीब होगा और यह सिंह तारामंडल क्षेत्र में स्थित होगा और ठीक उसके पास ही में बेहद चमकीला ब्रहस्पति ग्रह एक बड़े तारे की तरह चमकता हुआ नज़र आयेगा इस दौरान बृहस्पति ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.66 होगा और यह कर्क तारामंडल में स्थित होगा।

कहां कहां से दिखाई देगा लूनर ऑक्ल्टेशन।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह लूनर ऑक्ल्टेशन की खगोलीय स्थिति भारत से दिखाई नहीं देगी लेकिन यह कनाडा, ग्रीनलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, पूर्वी रूस और उत्तरी प्रशांत क्षेत्र के कुछ स्थानों पर यह घटना और भी रोमांचक होगी क्योंकि वहां चंद्रमा सीधे बृहस्पति के सामने से गुजरेगा और कुछ समय के लिए इस विशाल ग्रह को अपनी ओट में छिपा देगा,इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण नहीं, बल्कि “चंद्रमा द्वारा ग्रह का आवरण” या लूनर ऑक्ल्टेशन (Lunar Occultation / चंद्र आवरण) कहा जाता है, लेकिन जो लोग चंद्र आवरण वाले क्षेत्र में नहीं हैं, वे भी चंद्रमा और बृहस्पति की इस शानदार और बेहद निकट खगोलीय युति का आनंद तो उठा ही सकते हैं।

भारत में इस खगोलीय युति का कैसे कर सकते हैं ख़ास दीदार और क्या क्या बरतें सावधानियां।?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस ख़ास खगोलीय नज़ारे को देखने के लिए आपको किसी विशेष उपकरण की ज़रूरत नहीं है क्योंकि इसे देखने के लिए आपको किसी टेलिस्कोप (Telescope) या दूरबीन की आवश्यकता नहीं है, इसे केवल नग्न आँखों से सीधे आसमान में देखा जा सकता है, लेकिन आज कल बढ़ते प्रकाश प्रदूषण/लाइट पॉल्यूशन के कारण तारों और ग्रहों को साधारण आंखों से देखने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है इसलिए उच्च कोटि के दृश्य के लिए प्रकाश प्रदूषण से पूर्णतः दूर जाएं, या कुछ यूं कहें कि किसी ग्रामीण इलाकों में जाकर देखना शहरों के मुक़ाबले ज़्यादा फायदेमंद होता है,नहीं तो शहरों की अनियमित तेज़ रोशनी और इससे उत्पन्न होने वाले प्रकाश प्रदूषण के कारण वैसे ही साधारण आँखों से दिखाई देने वाले तारों और ग्रहों तक की संख्या सीमित होती जा रही है और बढ़ते हुए प्रकाश प्रदूषण के कारण ही आज कल खगोल प्रेमियों के लिए भी कई बार निराश ही होना पड़ता है और अगर पृथ्वी पर ऐसे ही अनियमित तौर पर अंधाधुंध प्रकाश प्रदूषण बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नहीं है जब तमाम खगोलीय पिंड जो आसानी से दिख जाते थे वह भी दिखना बंद हो जाएंगे और हम अपने ही नहीं बल्कि सभी के हिस्से का आकाश भी खो देंगे जोकि मानवता के लिए किसी दुर्भाग्य से कम नहीं होगा अगर हम पुराने जमाने की बात करें तो पाते हैं कि पुराने जमाने में साधारण आंखों से ही आसानी से दिखने वाले अनगिनत खगोलीय पिण्ड एवं घटनाएँ और हमारी आकाशगंगा एवं अन्य तमाम खगोलीय पिंड ऐसे ही रात्रि के आकाश में साधारण आंखों से ही दिखाई देते थे लेकिन आज जो बचे हुए हैं इन्हें भी जिन्हें साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकता है वो भी बढ़ते प्रकाश प्रदूषण के कारण ही सभी धीरे धीरे बिल्कुल गायब हो जाएंगे इसीलिए अभी भी समय है कि आप ख़ुद के साथ ही सभी में वैज्ञानिक वातावरण उत्पन्न करते हुए समायोचित समझाने का प्रयास करें कि प्रकाश प्रदूषण क्या है और यह कितना खतरनाक साबित हो रहा है सभी के लिए चाहें वह मानव हों। पशु, पक्षी एवं कीट पतंगे आदि कोई भी इसकी अधिकता की चपेट से बचा नहीं है और अगर इसको महसूस करना चाहते हैं तो आप इसे स्पष्ट देखने के लिए किसी ग्रामीण इलाके या ऐसी जगह जाएं जहाँ अंधेरा हो या डार्क स्काई जोन हों,आपको ख़ुद महसूस होगा कि जो खगोलीय घटनाएं एवं तारे, ग्रह और मंदाकिनी आदि शहरों से दिखाई नहीं देती हैं वहीं ग्रामीण इलाकों जहां प्रकाश प्रदूषण नहीं होता है वहां से आसानी से दिखाई देना शुरू हो जाएंगे, लेकिन अगर हम बात करें चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह की युति की तो यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मानसून का खलल भी एक बाधक हो सकता है चूंकि भारत में सितंबर की शुरुआत में कई हिस्सों में मानसूनी बादल छाए रहते हैं,इसलिए यदि आपके इलाके में आसमान पूरी तरह साफ़ (Clear Sky) रहता है,तभी आप इसे देख पाएंगे,और साथ ही खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि किसी भी समय सावधानी बेहद ही जरूरी है, जैसे की दूरबीनों आदि को लगाते समय भी विशेष ध्यान रखना चाहिए, खासकर,सूर्य के आसपास या उसकी दिशा में कभी भी बिना उचित एवं बिना उच्च कोटि मानकीकृत प्रमाणित सौर फिल्टर एवं संपूर्ण सटीक प्रमाणित वैज्ञानिक जानकारी और सावधानियों के किसी भी दूरबीन,टेलीस्कोप या किसी अन्य ऑप्टिकल उपकरण का उपयोग न करें क्योंकि अन्यथा की स्थिति में बिना जाने ऐसा करने से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है।

गोरखपुर में 40 लाख की चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, नेपाल से बिहार के रास्ते लाते थे नशे की खेप

ANTF और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त कार्रवाई, 13.085 किलो चरस के साथ बाइक, मोबाइल और नकदी बरामद

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दो कथित सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13.085 किलोग्राम अवैध चरस बरामद की है। पुलिस के मुताबिक बरामद चरस की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक दोपहिया वाहन, दो एंड्राइड मोबाइल फोन और 1,385 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ चौरी चौरा थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर घेराबंदी कर पकड़े गए

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई 6 सितंबर 2026 को चौरी बहुरिया, चौरी चौरा ओवरब्रिज के आगे गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर की गई। संयुक्त टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर दो लोगों को रोककर पूछताछ और तलाशी ली।

तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में चरस बरामद होने के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

देवरिया के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंजीत विश्वकर्मा, निवासी चोरभरिया बकुचीमिश्र मगहरा, थाना खुखुन्दु, जनपद देवरिया और किशन मद्धेशिया, निवासी धनौतीखुर्द, थाना कोतवाली, जनपद देवरिया के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर खुद को पार्टनर बताते हुए मादक पदार्थों की सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।

नेपाल से बिहार के रास्ते लाने का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे चरस की खेप नेपाल से बिहार के रास्ते देवरिया लेकर आते थे। इसके बाद आसपास के जिलों में इसे ऊंचे दामों पर बेचने का काम किया जाता था।

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी रविवार को भी चरस की खेप की डिलीवरी के लिए निकले थे, लेकिन इससे पहले ही संयुक्त टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है और उनके साथ इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

मोबाइल फोन और बाइक भी बरामद

तस्करी की कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक दोपहिया वाहन, दो एंड्राइड मोबाइल फोन और 1,385 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस मोबाइल फोन की जांच के जरिए आरोपियों के संपर्कों और संभावित खरीदारों तक पहुंचने का प्रयास कर सकती है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद चरस कहां पहुंचाई जानी थी और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है।

एनडीपीएस एक्ट में दर्ज हुआ मुकदमा

बरामदगी के संबंध में चौरी चौरा थाने में मुकदमा संख्या 351/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/20/29/60 के तहत कार्रवाई शुरू की है।

अधिकारियों के मुताबिक मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई में ANTF ऑपरेशनल यूनिट गोरखपुर के प्रभारी उपनिरीक्षक रमेश राम के साथ हेड कांस्टेबल शशिकान्त राय, हेड कांस्टेबल दिव्यशंकर राय और कांस्टेबल रजनीश पाल शामिल रहे।

वहीं एंटी थेफ्ट सेल गोरखपुर की टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार राय ने किया। टीम में हेड कांस्टेबल मोहसिन खान, धर्मेन्द्र नाथ तिवारी, मिथिलेश बहादुर सिंह, कमलेश कुमार और कांस्टेबल भूपेन्द्र यादव शामिल रहे। थाना चौरी चौरा की ओर से उपनिरीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क और मादक पदार्थ की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

दारोगा की मौत मामले में हनीट्रैप का खुलासा, एक करोड़ की वसूली की थी साजिश

- पुलिस का दावा- महिला समेत तीन हिरासत में, अंतरंग संबंधों के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप; दूसरे लोगों को भी फंसाने की जांच

बस्ती/ गोरखपुर। वाल्टरगंज थाने में तैनात दारोगा सूर्यप्रकाश सिंह (57) की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, दारोगा को एक महिला कथित तौर पर अंतरंग संबंधों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रही थी। उस पर करीब एक करोड़ रुपये वसूलने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। मामले में पुलिस ने प्रियंका चौधरी, उसके पिता और एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

डीआईजी संजीव त्यागी के मुताबिक, दारोगा और प्रियंका चौधरी के बीच करीबी संबंध थे। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो महिला से संपर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच बने संबंधों से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो महिला के पास थे, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर दारोगा को ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा था।

- आत्महत्या का वीडियो भेजकर बनाया दबाव

पुलिस के अनुसार, दारोगा पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था और उसे रकम लेकर बुलाया जा रहा था। दबाव बढ़ाने के लिए महिला की कथित आत्महत्या की कोशिश का वीडियो भी दारोगा को भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इसी दबाव के बीच दारोगा ने अपने कमरे में अंगोछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच के दौरान पुलिस को महिला की कथित आत्महत्या की कोशिश से संबंधित वीडियो और कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में अब तक कोई अश्लील वीडियो बरामद नहीं हुआ है।

- पिता और अधिवक्ता की भूमिका की भी जांच

डीआईजी के अनुसार, पुलिस को आशंका है कि कथित ब्लैकमेलिंग में महिला के पिता और एक अधिवक्ता भी शामिल थे। पुलिस का आरोप है कि अधिवक्ता कानूनी सलाह और संरक्षण देने के साथ कथित पीड़ितों से सौदेबाजी में भूमिका निभाता था। पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर गिरोह की गतिविधियों और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

- दूसरे लोगों को भी जाल में फंसाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, जांच में ऐसे अन्य मामलों के संकेत भी मिले हैं, जिनमें महिला और उसके साथियों ने कथित तौर पर लोगों को इसी तरह फंसाकर वसूली का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक कारोबारी को कथित तौर पर जाल में फंसाकर करीब एक करोड़ रुपये वसूलने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा किराये के मकान के मालिक और एक ड्राइवर को भी कथित तौर पर ब्लैकमेल कर रकम वसूलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया।

- संपत्ति की भी होगी जांच

पुलिस के अनुसार, ब्लैकमेलिंग और कथित वसूली से अर्जित संपत्ति की भी जांच की जा रही है। जांच में यदि ऐसी संपत्ति की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले में डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो-वीडियो और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।

अंतरिक्ष विज्ञान में करियर की राह बताएंगे पूर्व इसरो वैज्ञानिक जयंत जोशी

- आज निःशुल्क ऑनलाइन वेबिनार, छात्रों-शिक्षकों को स्पेस साइंस और इसरो के मिशनों पर मिलेगा मार्गदर्शन

गोरखपुर। अंतरिक्ष विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों और युवाओं के लिए 3 सितंबर को विशेष ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किया जा रहा है। डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन और सहयोगी संस्थानों की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में इसरो के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं इंजीनियर जयंत पी. जोशी मुख्य वक्ता होंगे।
यह कार्यक्रम तृतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 के तहत आयोजित 15 दिवसीय डिजिटल भारत स्पेस यात्रा अभियान के समापन अवसर पर होगा। निःशुल्क वेबिनार दोपहर 12:10 बजे शुरू होगा। इसका उद्देश्य युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी देना है।
पूर्व इसरो वैज्ञानिक जयंत जोशी अपने अनुभवों के आधार पर प्रतिभागियों को अंतरिक्ष विज्ञान के मूल सिद्धांतों, इसरो के प्रमुख अंतरिक्ष अभियानों और स्पेस सेक्टर में भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा इसरो समेत देश-विदेश की विभिन्न अंतरिक्ष एजेंसियों में करियर बनाने के लिए जरूरी शैक्षिक और व्यावहारिक तैयारियों पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

- शिक्षकों के लिए भी उपयोगी होगा सत्र
वेबिनार में शिक्षकों को भी विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक सोच विकसित करने और STEM यानी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
व्याख्यान के बाद सीधा प्रश्नोत्तर सत्र होगा, जिसमें प्रतिभागी पूर्व इसरो वैज्ञानिक से अपने सवाल पूछ सकेंगे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में विद्यालयी छात्र, शिक्षक, शोधार्थी, अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले युवा और आम नागरिक शामिल हो सकते हैं।

- Google Meet पर होगा आयोजन
ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को दोपहर 12:05 बजे तक Google Meet के माध्यम से जुड़ना होगा। आयोजकों ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर प्रतिभागियों की संख्या सीमित होने के कारण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इसलिए इच्छुक प्रतिभागियों से समय से पहले जुड़ने की अपील की गई है।
गोरखनाथ मंदिर में CM योगी का जनता दरबार, 200 फरियादियों की सुनी समस्याएं

- तहसील-थाना स्तर पर मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश, गंभीर मरीजों की मदद के लिए अफसरों को दिए आदेश

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दरबार लगाकर करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। गोरखपुर प्रवास के तीसरे दिन आयोजित इस जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी के पास जाकर उनकी बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर सुबह से ही फरियादियों की भीड़ जुटने लगी थी। मुख्यमंत्री ने लोगों के प्रार्थना पत्र लिए और उनकी समस्याओं की जानकारी हासिल की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

- स्थानीय स्तर पर ही निपटाएं मामले
मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील और थाना स्तर पर आने वाली शिकायतों का समाधान वहीं समयबद्ध तरीके से किया जाए। राजस्व से जुड़े मामलों को भी लंबित न रखा जाए। दूसरे जिलों से संबंधित शिकायतों के प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को भेजकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

- रास्ते और जमीन से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं
जनता दर्शन में गोंडा से पहुंची एक महिला ने राजस्व संबंधी मामले में लेखपाल और नायब तहसीलदार पर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, कुशीनगर से आई एक महिला ने रास्ते पर अवरोध और अतिक्रमण की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने संबंधित कमिश्नर को कार्रवाई करते हुए रास्ता उपलब्ध कराने तथा अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।

- इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों से पात्र लोगों के उपचार का अनुमानित खर्च तैयार कराने और नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने को कहा।

- बच्चों से मिले, चॉकलेट देकर पढ़ाई के बारे में पूछा
जनता दर्शन के दौरान महिलाओं के साथ आए बच्चों पर भी मुख्यमंत्री का ध्यान गया। उन्होंने बच्चों को अपने पास बुलाकर दुलारा, चॉकलेट दी और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का यह सहज संवाद वहां मौजूद लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।

- गौशाला पहुंचे CM, गायों को खिलाया गुड़-रोटी
जनता दर्शन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की गौशाला का भी दौरा किया। उन्होंने गायों को गुड़ और रोटी खिलाई तथा उनकी देखभाल की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गौशाला में साफ-सफाई, चारे और पशुओं की उचित देखभाल को लेकर संबंधित लोगों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
महाराजगंज से शुरू हुई ‘भारत विज्ञान यात्रा’, विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प


- राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर हुआ शुभारंभ, विद्यार्थियों ने खगोलीय गतिविधियों और वैज्ञानिक प्रयोगों से समझे विज्ञान के नए आयाम

महाराजगंज/गोरखपुर। विज्ञान को सरल, रोचक और आमजन के जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से ‘भारत विज्ञान यात्रा’ का शुभारंभ राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर महाराजगंज से किया गया। यात्रा के माध्यम से विद्यार्थियों और आम लोगों के बीच वैज्ञानिक सोच, नवाचार और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, आगामी चरणों में देश के विभिन्न हिस्सों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भारत विज्ञान यात्रा के संस्थापक एस.टी. अली और सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल के पहले कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विज्ञान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए प्रयोगों और गतिविधियों के जरिए समझाने पर जोर दिया गया।

- तारामंडल से लेकर अंतरिक्ष मॉडल तक दिखा विज्ञान
कार्यक्रम में गोरखपुर नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह मुख्य वक्ता रहे। हरियाणा से आए वरिष्ठ विज्ञान संचारक एवं लैब सॉल्यूशन्स के निदेशक संजीव कुमार ने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया।
डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया। विशेष दूरबीनों और सोलर गॉगल्स के माध्यम से प्रतिभागियों को आकाश दर्शन कराया गया। इसके अलावा वीआर तकनीक, थ्री-डी प्रिंटर, रॉकेट मॉडल और हाइड्रा रॉकेट जैसी गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक की जानकारी दी गई।

- विज्ञान को जीवन से जोड़ना जरूरी
संस्थापक एस.टी. अली ने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उसे सरल और व्यवहारिक भाषा में प्रस्तुत करना जरूरी है। उनका कहना था कि विज्ञान केवल किताबों या प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों और आम लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि यात्रा का एक उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
सह-संस्थापक दिशांक श्रीवास्तव ने कहा कि ‘विज्ञान सभी के लिए’ की सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है। वैज्ञानिक विषयों को रोचक तरीके से लोगों तक पहुंचाना और समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करना यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

- अंतरिक्ष विज्ञान विद्यार्थियों के लिए संभावनाओं का क्षेत्र
खगोलविद अमर पाल सिंह ने विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की संभावनाओं से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने की जिज्ञासा वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाती है। अंतरिक्ष विज्ञान युवाओं को नए सवाल पूछने और उनके वैज्ञानिक समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करता है।
विज्ञान संचारक संजीव कुमार ने प्रयोगों के जरिए विद्यार्थियों को विज्ञान के पीछे काम करने वाले सिद्धांत समझाए। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और अंधविश्वास से दूर रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से कठिन वैज्ञानिक अवधारणाओं को भी आसानी से समझा जा सकता है।

- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और युवा विज्ञान प्रेमियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। अन्य प्रतिभागियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
आयोजकों के अनुसार, ‘भारत विज्ञान रत्न’ सम्मान मनीष पटेल, ‘भारत विज्ञान गौरव’ सम्मान मोहम्मद कयूम और ‘भारत विज्ञान प्रतिभा’ सम्मान युवराज को प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार के लिए भी विद्यार्थियों का चयन किया गया।
ब्रजेश यादव ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण समाज को नई दिशा देने और समस्याओं के समाधान के लिए नए तरीके विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने समाज में विज्ञान आधारित सकारात्मक वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

- गणमान्य लोगों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में आरपीआईसी के चेयरमैन डॉ. पंकज तिवारी, ग्रीन माउंट एकेडमी के संस्थापक जियावुल्लाह, कलावती देवी इंटर कॉलेज के अखिलेश मिश्रा, ग्रीन माउंट एकेडमी की शीतल पटेल और ज्योति विश्वकर्मा, डे एंड नाइट फाउंडेशन के एडवाइजर मुस्तान शेरुल्लाह, अमरेश कुमार समेत भारत विज्ञान यात्रा की टीम से जुड़े सदस्य और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अतिथियों और प्रतिभागियों ने भारत विज्ञान यात्रा के पहले आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की निरंतर आवश्यकता है।
महाराजगंज से शुरू हुई यह यात्रा अब देश के अन्य हिस्सों तक विज्ञान, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का संदेश पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। आयोजकों का लक्ष्य विज्ञान को किताबों और प्रयोगशालाओं से बाहर निकालकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति के अनुभव और दैनिक जीवन से जोड़ना है।
रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो : सीएम योगी
-  जनता दर्शन में महिला की पीड़ा पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, भूमि विवादों में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

-  करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि संबंधी मामलों में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में एक महिला ने दबंगों द्वारा रास्ता रोके जाने की शिकायत की। महिला की पीड़ा सुनकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल रास्ता दिलाने के निर्देश दिए और सख्त लहजे में कहा, “रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो।”
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भूमि संबंधी प्रकरण के निस्तारण में किसी भी स्तर पर हीलाहवाली या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रकरण की गंभीरता के अनुसार निलंबन की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

- करीब 200 फरियादियों से मिले सीएम
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। वह एक-एक फरियादी के पास पहुंचे और उनके प्रार्थना पत्र लेकर शिकायतों का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का प्रतिबद्धता के साथ समाधान कराया जाएगा।
जनता दर्शन में कई लोगों ने भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों में कर्मचारियों की ओर से लापरवाही की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को मामलों की जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

-  इलाज के लिए मदद का दिया भरोसा
जनता दर्शन में आर्थिक रूप से कमजोर लोग इलाज के लिए सहायता की गुहार लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इलाज में हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र जरूरतमंदों के आयुष्मान कार्ड तत्काल बनवाए जाएं, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आयुष्मान कार्ड की सुविधा के बाद भी किसी जरूरतमंद को उपचार के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता हो तो मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
पीआरडी जवानों को सीएम योगी की बड़ी सौगात, अब मिलेगा 600 रुपये दैनिक ड्यूटी भत्ता
- सपरिवार पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा, मुख्यमंत्री ने ‘पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का किया शुभारंभ


गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों को बड़ी सौगात देते हुए दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की। साथ ही पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया।
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित पीआरडी स्वयंसेवकों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड वितरित किए। इसके साथ ही रिमोट का बटन दबाकर लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी किया।

-  आठ वर्षों में 250 से 600 रुपये हुआ ड्यूटी भत्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1948 में गठित पीआरडी के स्वयंसेवकों को वर्ष 2019 तक महज 250 रुपये प्रतिदिन ड्यूटी भत्ता मिलता था। उनकी सरकार ने 2019 में इसे बढ़ाकर 375 रुपये, 2022 में 395 रुपये और 2025 में बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन किया। अब इसे 500 से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पीआरडी के 75 वर्षों के इतिहास में दैनिक भत्ता जहां 250 रुपये तक ही पहुंच पाया था, वहीं पिछले आठ वर्षों में यह 250 से बढ़कर 600 रुपये होने जा रहा है। यह वृद्धि 100 प्रतिशत से भी अधिक है।

-  कानून-व्यवस्था से लेकर महाकुंभ तक निभाई अहम भूमिका
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने में पुलिस और प्रशासन के सहयोगी के रूप में पीआरडी स्वयंसेवक समर्पण और सेवाभाव से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आपदा प्रबंधन, महाकुंभ, दीपोत्सव, रंगोत्सव, यातायात संचालन, चुनाव ड्यूटी और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में पीआरडी जवानों ने अनुशासन के साथ अपनी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले पीआरडी स्वयंसेवकों को पर्याप्त ड्यूटी तक नहीं मिलती थी, जबकि आज उनकी उपयोगिता को देखते हुए ड्यूटी के लिए जवान कम पड़ रहे हैं।

-  31 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवकों के प्रदेश की प्रगति में योगदान और सेवाभाव को देखते हुए राज्य सरकार उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है। योजना के तहत 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों को सरकारी और सरकार से इम्पैनल्ड अस्पतालों में प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
परिवार को शामिल करने पर इस योजना से 1.55 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।

-  पीआरडी का बजट 23 करोड़ से बढ़कर 543 करोड़
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवक शांति, सुरक्षा और जनसेवा के मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले पीआरडी का बजट महज 23 करोड़ रुपये था, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बढ़कर अब 543 करोड़ रुपये हो गया है।

-  दस स्वयंसेवकों को मिले कैशलेस चिकित्सा कार्ड
सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीकात्मक रूप से दस पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड प्रदान किए। इनमें गोरखपुर के अजय, भीमसेन, धीरेंद्र और उमेश कुमार, लखनऊ की स्नेहलता रावत व अनामिका वर्मा, कुशीनगर की चंदा भारती, मऊ के जय सिंह, चंदौली के मो. शाकिर और वाराणसी के किशन गुप्ता शामिल रहे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत की प्रशासक साधना सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, पीआरडी विभाग के सचिव सुहास एलवाई, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता और पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
नागपंचमी पर गोरखनाथ मंदिर में सजेगा कुश्ती का अखाड़ा
-  उत्तर प्रदेश केसरी, कुमार और वीर अभिमन्यु के विजेताओं को 1.01-1.01 लाख रुपये व गदा

-  फाइनल और पुरस्कार वितरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे पहलवानों का उत्साहवर्धन

गोरखपुर। नागपंचमी के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर परिसर एक बार फिर पारंपरिक कुश्ती के रोमांच का गवाह बनेगा। यहां 16 और 17 अगस्त को दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों और पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहकर पहलवानों का उत्साहवर्धन करेंगे।
प्रदेश शासन के खेल विभाग और जिला कुश्ती संघ के संयुक्त तत्वावधान में होने वाली प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश केसरी, उत्तर प्रदेश कुमार और वीर अभिमन्यु के खिताब के लिए पहलवान दांव-पेंच आजमाएंगे। तीनों खिताबों के विजेताओं को 1.01 लाख रुपये नकद और गदा प्रदान की जाएगी।

-  325 पहलवान दिखाएंगे दमखम
जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय पहलवान दिनेश सिंह के अनुसार, प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न स्पोर्ट्स कॉलेजों, स्पोर्ट्स छात्रावासों, मंडलों और जिलों से करीब 325 पहलवान प्रतिभाग करेंगे। नागपंचमी पर देशज खेलों की प्राचीन परंपरा में कुश्ती का विशेष महत्व रहा है और गोरखनाथ मंदिर का इससे गहरा जुड़ाव है।
उन्होंने बताया कि गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पिछले कुछ वर्षों में मंदिर की पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता को प्रदेश स्तरीय स्वरूप दिया गया है।
उत्तर प्रदेश केसरी, उत्तर प्रदेश कुमार और वीर अभिमन्यु के तीनों विजेताओं को 1.01 लाख रुपये नकद और गदा दी जाएगी। वहीं तीनों खिताबों के उपविजेताओं को 51-51 हजार रुपये और प्रत्येक खिताब में तीसरे स्थान पर रहने वाले दो-दो पहलवानों को 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी पहलवानों को खेल विभाग की ओर से प्रत्येक कुश्ती बाउट के लिए 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

-  16 अगस्त को उद्घाटन, 17 को पुरस्कार वितरण
प्रतियोगिता का उद्घाटन 16 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे होगा। वहीं फाइनल मुकाबलों के बाद 17 अगस्त को दोपहर बाद 3 बजे समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वह विजेता पहलवानों को पुरस्कृत करने के साथ उनका उत्साहवर्धन भी करेंगे। गोरखनाथ मंदिर की यह प्रतियोगिता पारंपरिक भारतीय कुश्ती को बढ़ावा देने और प्रदेश के युवा पहलवानों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करेगी।