दारोगा की मौत मामले में हनीट्रैप का खुलासा, एक करोड़ की वसूली की थी साजिश
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- पुलिस का दावा- महिला समेत तीन हिरासत में, अंतरंग संबंधों के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप; दूसरे लोगों को भी फंसाने की जांच
बस्ती/ गोरखपुर। वाल्टरगंज थाने में तैनात दारोगा सूर्यप्रकाश सिंह (57) की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, दारोगा को एक महिला कथित तौर पर अंतरंग संबंधों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रही थी। उस पर करीब एक करोड़ रुपये वसूलने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। मामले में पुलिस ने प्रियंका चौधरी, उसके पिता और एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
डीआईजी संजीव त्यागी के मुताबिक, दारोगा और प्रियंका चौधरी के बीच करीबी संबंध थे। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो महिला से संपर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच बने संबंधों से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो महिला के पास थे, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर दारोगा को ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा था।
- आत्महत्या का वीडियो भेजकर बनाया दबाव
पुलिस के अनुसार, दारोगा पर पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था और उसे रकम लेकर बुलाया जा रहा था। दबाव बढ़ाने के लिए महिला की कथित आत्महत्या की कोशिश का वीडियो भी दारोगा को भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इसी दबाव के बीच दारोगा ने अपने कमरे में अंगोछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच के दौरान पुलिस को महिला की कथित आत्महत्या की कोशिश से संबंधित वीडियो और कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में अब तक कोई अश्लील वीडियो बरामद नहीं हुआ है।
- पिता और अधिवक्ता की भूमिका की भी जांच
डीआईजी के अनुसार, पुलिस को आशंका है कि कथित ब्लैकमेलिंग में महिला के पिता और एक अधिवक्ता भी शामिल थे। पुलिस का आरोप है कि अधिवक्ता कानूनी सलाह और संरक्षण देने के साथ कथित पीड़ितों से सौदेबाजी में भूमिका निभाता था। पुलिस अब तीनों से पूछताछ कर गिरोह की गतिविधियों और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
- दूसरे लोगों को भी जाल में फंसाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, जांच में ऐसे अन्य मामलों के संकेत भी मिले हैं, जिनमें महिला और उसके साथियों ने कथित तौर पर लोगों को इसी तरह फंसाकर वसूली का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक कारोबारी को कथित तौर पर जाल में फंसाकर करीब एक करोड़ रुपये वसूलने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा किराये के मकान के मालिक और एक ड्राइवर को भी कथित तौर पर ब्लैकमेल कर रकम वसूलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन मामलों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया।
- संपत्ति की भी होगी जांच
पुलिस के अनुसार, ब्लैकमेलिंग और कथित वसूली से अर्जित संपत्ति की भी जांच की जा रही है। जांच में यदि ऐसी संपत्ति की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले में डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो-वीडियो और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।


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Sep 07 2026, 15:37
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