दिन 5/UP–जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026
UP–जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के पांचवें दिन उत्तर प्रदेश और जापान के बीच गर्मजोशी भरी बातचीत हुई। वाराणसी की यात्रा के दौरान,यामानाशी प्रान्त के गवर्नर महामहिम कोतारो नागासाकी और यामानाशी प्रान्त के वाइस गवर्नर महामहिम जुनिची इशिडेरा, जापानी प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों के साथ सुल्तानपुर में कुछ देर के लिए रुके। सुल्तानपुर के जिलाधिकारी श्री इंद्रजीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी मेहमाननवाज़ी की। इस संक्षिप्त मुलाकात में दोस्ती,मेहमाननवाज़ी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की भावना दिखी। जो उत्तर प्रदेश और जापान के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करती है।
लेखपालों ने एसीओ की कार्रवाई के विरोध में खोला मोर्चा, एसडीएम सदर को सौंपा ज्ञापन*
तहसील अध्यक्ष सुनील सिंह के अध्यक्षता में 22 अगस्त को थाना समाधान दिवस का बहिष्कार, तहसील मुख्यालयों पर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक धरना देने का ऐलान।

सुल्तानपुर,भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) की कथित अनुचित एवं दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आंदोलन का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ सुलतानपुर की ओर से जारी पत्र में मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से आवश्यक पहल करते हुए लेखपाल संवर्ग के लिए भयमुक्त एवं निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।संघ ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा की जा रही कार्रवाई से लेखपाल संवर्ग में असंतोष और भय का माहौल है। पत्र में कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई से पहले तथ्यों की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के पत्र के क्रम में जिले की सभी तहसीलों के लेखपाल 22 अगस्त, शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस का बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित तहसील मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। संघ ने इसे भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अनुचित एवं दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन बताया है।लेखपाल संघ ने प्रशासन से प्रकरण में आवश्यक हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई तथा लेखपालों के लिए सुरक्षित एवं निष्पक्ष कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की है। आंदोलन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। ज्ञापन देने वालों में सुनील कुमार मिश्रा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अमित कुमार सिंह कनिष्ठ उपाध्यक्ष, पंकज कुमार यादव उप मंत्री, संदीप कुमार कोषाध्यक्ष, राहुल यादव ऑडिटर, नीलेश सिंह समेत पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
काशी जाते समय सुल्तानपुर में रुके जापानी राजदूत ओनो केइची, डीएम इंद्रजीत सिंह से करेंगे मुलाकात*
सुल्तानपुर को जापान से जोड़ने की संभावनाओं पर होगी चर्चा, निवेश और विकास के मुद्दों पर भी मंथन* सुल्तानपुर। काशी जा रहे जापान के राजदूत ओनो केइची शनिवार सुबह सुल्तानपुर पहुंचेंगे। यहां वह जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह से मुलाकात करेंगे। इस दौरान सुल्तानपुर को जापान से जोड़ने, जिले में निवेश की संभावनाओं तथा विकास के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत होने की उम्मीद है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के काशी दौरे के बीच सुल्तानपुर में राजदूत का रुकना जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में स्थानीय उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, पर्यटन, कृषि एवं तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है। जिलाधिकारी के साथ प्रस्तावित मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जापान उत्तर प्रदेश में निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने में रुचि दिखा रहा है। ऐसे में सुल्तानपुर को इस संभावित सहयोग की कड़ी से जोड़ने की दिशा में बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है।
स्मार्ट मीटर फटा,महिला-बच्ची समेत तीन झुलसे
सुलतानपुर ।नगर कोतवाली क्षेत्र के बधरजापुर आवास विकास कॉलोनी में स्मार्ट मीटर फटने से घर में आग लग गई।हादसे में महिला,तीन साल की बच्ची समेत परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए।घायलों को जिला अस्पताल से निजी अस्पताल रेफर किया गया,जहां उनका इलाज चल रहा है।स्मार्ट मीटर में धमाके के बाद घर में शॉर्ट सर्किट और आग से काफी नुकसान हुआ।
प्रमोशन एरियर को लेकर KNIT में विरोध के सुर तेज,काली पट्टी बांधकर प्रोफेसर ने जताया आक्रोश

सुलतानपुर।कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KNIT) में प्रमोशन के बाद देय एरियर को लेकर विवाद थमने के बजाय तूल पकड़ता नजर आ रहा है। एरियर भुगतान की मांग को लेकर प्रोफेसर अरुणी सिंह ने काली पट्टी बांधकर संस्थान में कार्य किया, जिससे संस्थान की वित्तीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामला अब संस्थान की चारदीवारी से निकलकर उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुका है।

*12 अगस्त को भेजे ई-मेल से मचा हड़कंप*

प्रोफेसर अरुणी सिंह की ओर से 12 अगस्त 2026 को भेजे गए ई-मेल में प्रमोशन एरियर का भुगतान कराने की मांग की गई है। शिकायत में KNIT निदेशक डॉ. आरके उपाध्याय को पद से हटाने का अनुरोध भी किया गया है। पत्र की प्रतिलिपि KNIT के रजिस्ट्रार, तकनीकी शिक्षा विभाग और AKTU के कुलपति कार्यालय को भेजे जाने की बात कही गई है।

*वेतन संशोधित तो एरियर क्यों लंबित?*

पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल प्रमोशन के बाद देय एरियर को लेकर है। यदि संबंधित कर्मचारी की पदोन्नति की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और संशोधित वेतनमान के अनुसार भुगतान किया जा रहा है, तो पिछली अवधि का देय एरियर किस वजह से लंबित है, इसका जवाब संस्थान को देना होगा।
एरियर वेतन का ही बकाया हिस्सा होता है। ऐसे में भुगतान प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाए जाने अथवा फाइल लंबित रहने की स्थिति वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करती है। हालांकि, शिकायत के आधार पर किसी वित्तीय अनियमितता या हेराफेरी का निष्कर्ष निकालना जांच के बिना उचित नहीं होगा।

*काली पट्टी ने बढ़ाई बेचैनी*

एरियर भुगतान को लेकर प्रोफेसर अरुणी सिंह का काली पट्टी बांधकर कार्य करना विरोध का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। खास बात यह है कि विरोध के साथ संस्थान में कार्य भी जारी रखा गया। इससे संकेत मिलता है कि मामला अब केवल पत्राचार तक सीमित नहीं है, बल्कि संबंधित शिक्षक की ओर से इसे लेकर सार्वजनिक रूप से असहमति दर्ज कराई जा रही है।

*फाइल खोली जाए तो सामने आएगी असली तस्वीर*

मामले में यह जांच का विषय है कि प्रमोशन किस तारीख से प्रभावी हुआ, संशोधित वेतन कब लागू हुआ, एरियर की कुल राशि कितनी है, भुगतान में देरी का कारण क्या है और फाइल किन-किन अधिकारियों के स्तर पर लंबित रही। वित्तीय अभिलेखों की जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

*निदेशक की भूमिका पर भी सवाल*

शिकायत में निदेशक डॉ. आरके उपाध्याय की पात्रता और भूमिका को लेकर भी सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में KNIT प्रशासन का पक्ष सामने आना बेहद जरूरी है।

*अब उच्चाधिकारियों की परीक्षा*

शिकायत की प्रतियां तकनीकी शिक्षा विभाग और AKTU स्तर तक पहुंचने के बाद अब निगाहें उच्चाधिकारियों पर हैं। सवाल सीधा है—यदि एरियर नियमानुसार देय है तो भुगतान में देरी क्यों और यदि देय नहीं है तो उसका स्पष्ट कारण क्या है?
KNIT जैसे तकनीकी संस्थान में शिक्षकों के वित्तीय मामलों को लेकर उठे सवालों का जवाब फाइलों, नियमों और पारदर्शी जांच के आधार पर मिलना चाहिए। काली पट्टी बांधकर किया गया विरोध इस बात का संकेत है कि विवाद अब दबा हुआ प्रशासनिक मामला नहीं रह गया है।
राहुल गाँधी मामले में अब 3 सितम्बर को होगी सुनवाई*
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले में सुल्तानपुर दीवानी में चल रहे केस में अब 3 सितंबर को सुनवाई होगी। दरअसल आज सुनवाई के दौरान वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता दौरान कोर्ट से राहुल की वास्तविक और आवाज और जमा की गई सीडी की वॉयस मिलान को लेकर हाईकोर्ट जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने उन्हें अंतिम बार मौका दिया है। गौरतलब हो कि लोअर कोर्ट और रिवीजनल कोर्ट से वॉयस मिलान का मामला खारिज किया जा चुका है, इसी के विरोध में वादी पक्ष और उनके अधिवक्ता हाईकोर्ट जाना चाहते हैं। 

बताते चलें कि ये मामला है करीब 8 वर्ष पहले का। जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता में तत्कालीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह पर एक अपत्तिजनक बयान दिया था। इसी बयान से आहत होकर सुल्तानपुर के बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने दीवानी के एमपी एमएलए कोर्ट में एक परिवाद दाखिल किया था। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी बीते वर्ष 20 फरवरी 2025 से जमानत पर हैं वहीं 26 जुलाई 2025 को उन्होंने कोर्ट पहुंचकर अपना बयान भी दर्ज करवा चुके हैं। कोर्ट के आदेश पर पुनः बीते 20 फरवरी 2026 को भी राहुल गांधी कोर्ट में पहुंच अपना बयान दर्ज करवाया था, जिसमें उन्होंने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए अपने ऊपर लगाए गए आरोप को निराधार बताया था। वहीं पिछले दिनों सुनवाई के दौरान बीजेपी नेता के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने साक्ष्य के रूप में अपने द्वारा पूर्व में प्रस्तुत की गई प्रेस वार्ता की सीडी के ऑडियो वीडियो की वॉयस और राहुल गांधी की वास्तविक वॉयस से मिलान करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, सुनवाई के दौरान लोअर कोर्ट और एडीजे 5th की कोर्ट द्वारा वॉयस मिलान की निगरानी डाली गई थी, जिसे कोर्ट द्वारा   खारिज किया जा चुका है। आज सुनवाई के दौरान वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने लोअर और रिवीजनल कोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट जाने के लिए एमपी एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए उन्हें अंतिम मौका दिया है। बहरहाल अब इस मामले में 3 सितंबर को सुनवाई की तिथि नियत की गई है।

बाइट-संतोष पांडेय - बीजेपी नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता

बाइट-काशी प्रसाद शुक्ला,राहुल गांधी के अधिवक्ता ( सर पर पूरे सफेद बाल हैं)
सुल्तानपुर में कृषि यंत्रीकरण की ई-लॉटरी आज,DM की अध्यक्षता में चयन*
किसानों को मिलेगा अनुदान पर ट्रैक्टर-रोटावेटर,विकास भवन में ई-लॉटरी*

कृषि विभाग की यंत्रीकरण योजना 2026-27 की लॉटरी आज* सुल्तानपुर,कृषि विभाग की यंत्रीकरण योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-2027 हेतु लाभार्थियों के चयन के लिए ई-लॉटरी का आयोजन आज किया जा रहा है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष यह ई-लॉटरी आज दिनांक 21.08.2026 को सुबह 10 बजे, प्रेरणा सभागार, विकास भवन - सुलतानपुर में हो रही है। इस योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर, सुपर सीडर, रोटावेटर सहित अन्य कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है।
पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। आयोजक - कृषि विभाग, सुलतानपुर (उ0प्र0)
सुल्तानपुर आदि गंगा माँ गोमती उफान पर,सीताकुण्ड धाम जलमग्न,मंडराया बाढ़ का खतरा,कॉरिडोर का निर्माण कार्य ठप*
सुल्तानपुर में आदि गंगा माँ गोमती का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के बाद सीताकुण्ड धाम स्थल पर पानी घुस गया है,जिससे निर्माण कार्य और श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने पानी और घाट देखते हुए, तस्वीरों में आप देख सकते हैं सीताकुण्ड धाम पर गोमती का पानी घाट तक आ गया है। जहां नया निर्माण हो रहा था वहां सरिये के पिलर पानी में डूब गए हैं। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने जलस्तर का जायजा लिया। घाट पर लगी बांस की बैरिकेटिंग पानी में डूब चुकी है। नावें पानी में बंधी हैं। पूरा घाट पानी में,मंदिर के पास पानी,बीते 24 घंटे में गोमती के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। सीताकुण्ड धाम का पूरा परिसर जलमग्न हो गया है। स्थानीय पुजारियों का कहना है कि अगर जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो मंदिर तक पानी पहुंच सकता है। 
*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई आयोजित।*

सुलतानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता व मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
      
बैठक में समीक्षा के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री मत्स्य योजनान्तर्गत 167 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया तथा जनपद उक्त योजना में सीएम डैशबोर्ड पर प्रथम स्थान पर है। उन्होंने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की पट्टे की जमीन को  आवंटित किया जाता है इससे मछली के बच्चों को बड़ा किया जाता है। उन्होंने बताया कि 14.32 हे0 का लक्ष्य प्रस्तावित है। 120 आवेदनों के सापेक्ष 111 आवेदन पात्र पाये गये हैं। निषादराज बोट सब्सिडी योजना के अन्तर्गत 05 आवेदन प्राप्त हुए है, जिसमें 04 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 01 आवेदन अपात्र पाया गया। इसमें लक्ष्य एक यूनिट का है तथा पिछले तीन वर्षों में अब तक कुल -03 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है।
       
मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि कुल-06 आवेदन प्राप्त हुए हैं सभी आवेदन पात्र पाये गये हैं तथा जनपद का प्रस्तावित लक्ष्य भी 06 का है। मोती संवर्धन योजनान्तर्गत अवगत कराया गया कि कुल 03 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए है, जिसमें 02 पात्र व 01 अपात्र पाये गये। रिवर रैचिंग की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि निदेशालय स्तर से 50000 मत्स्य अंगुलिका गोमती नदी में संचय किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि समीक्षा बैठक में जिन योजनाओं पर अनुमोदन अपेक्षित है उन पर आज ही अनुमोदन प्राप्त कर योजनाओं को जल्द पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं व   एसपीसीए की समीक्षा बैठक हुई आयोजित
सुलतानपुर जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता व मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उक्त बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
    
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि 31 जुलाई, 2026 तक एसपीसीए के पंजीयन का नवीनीकरण करा दिया गया है तथा इसमें गैर सदस्यों को नामित किया गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि एआरटीओ द्वारा संज्ञान में लाये गये प्रकरण राज्य मार्गों पर अवैध पशुओं के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा रही है।
        
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि राज्यमर्गों पर सतत निगरानी रखकर उनको अवैध पशुओं से मुक्त रखा जाय, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि नीलगाय द्वारा फसलों का किये जा रहे नुकसान के सम्बन्ध मंे विस्तृत कार्य योजना बनाकर फसलों को नुकसान से बचायें। जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि नगर क्षेत्र में मॉस की दुकानों को व्यवस्थित किया जाय। उन्होंने निर्देशित किया कि पशुओं के उपचार हेतु चिकित्सालयों पर चिकित्सक उपलब्ध रहे। जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि अगली बैठक में समस्त वेटनरी ऑफिसर्स उपस्थित हों तथा उनके द्वारा किये गये निरीक्षण एवं चिकित्सा का पूर्ण विवरण फोटो के साथ लेकर उपस्थित रहे। 
         
तत्पश्चात राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम में एफएमडी टीकाकरण के सम्बन्ध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि टीकाकरण पर विशेष ध्यान दें तथा पशुओं की सतत निगरानी कर समय पर टीकाकरण करें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि पशु आरोग्य मेला माह सितम्बर/अक्टूबर में गाइड लाइन आने के पश्चात संचालित किया जायेगा। उन्होंने अवगत कराया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अन्तर्गत कृत्रिम गर्भाधान योजना जनपद मण्डल में द्वितीय स्थान पर है तथा कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ाने के लिये तेजी से कार्य किया जा रहा है। कुक्कुट विकास नीति के अन्तर्गत अंडा उत्पादन में वृद्धि लाने हेतु कई पोल्ट्री फार्मों से सम्पर्क किया जा रहा है तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अंडा उत्पादन में वृद्धि लाई जा रही है। पशुधन बीमा योजनान्तर्गत अवगत कराया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में कोई लक्ष्य आवंटित नहीं है। पिछले वित्तीय वर्ष में 1624 पशुओं का बीमा किया गया था। उन्होंने अवगत कराया कि नन्दबाबा दुग्ध मिशन योजना में लक्ष्य पूर्ण हैं।
 
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि अगली बैठक में वेटनरी ऑफिसर्स अपने-अपने ब्लाकों का ऑकड़ा प्रस्तुत करते हुए यह बतायें कि उन्होंने क्या किया, क्या कर रहे हैं तथा क्या करेंगे तथा फील्ड मोबाइल वैन सहित कार्य करना सुनिश्चित करें।