छात्रों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं राजनीतिक दल - झामुमो

गढ़वा : विभिन्न परीक्षाओं में भ्रष्टाचार एवं इसके विरुद्ध सरकार की करवाई पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का रुख बिल्कुल साफ है। झारखंड सरकार पूरी तरह से छात्रों के साथ है एवं छात्रों के हित में हर कार्य कर रही है। परंतु यहां कुछ राजनीतिक दल के लोग छात्रों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं। यह कार्य किसी भी स्थिति में छात्र हित में नहीं है, झामुमो जिला कमिटी व केंद्रीय सदस्य ने शनिवार को प्रेस वार्ता में ये बाते कही !!

झामुमो केंद्रीय सदस्य जवाहर पासवान ने कहा कि राज्य में जो छात्र आंदोलन चल रहा है। इस पर हेमंत सरकार ने छात्रों की सारी बातें मान ली है। सिर्फ सीबीआई जांच को छोड़ कर सरकार ने आंदोलन पर पूर्ण विराम लगा दिया था। सीबीआई को जेपीएससी एक और दो का जांच दिया गया था, परंतु आज तक कोई बंद लिफाफा नहीं मिला। उसका नतीजा शून्य रहा। सीबीआई जांच में यही होता है। जबकि राज्य सरकार ने सीआईडी से जांच शुरू कराया है। सीआईडी तीव्र गति से जांच कर रही है। अब तक दो दर्जन से अधिक लोग शिकंजे में डाले जा चुके हैं।सरकार के फैसले के विरुद्ध छात्र कोर्ट गए थे, न्यायालय ने सरकार के फैसले पर स्टे लगा दिया। जब न्यायालय ने ही सरकार के फैसले को रोक दिया तो इसमें सरकार कहां से आ गई। इसमें सरकार कैसे दोषी है ? फिर भी राजनीतिक दलों एवं कोचिंग माफिया के उकसावे पर लोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर रहे हैं। यह कहीं से भी उचित नहीं है। यह बहुत ही शर्मनाक बात है। यह कार्य राजनीति से प्रेरित है। इस पर यदि राजनीति ही करना है तो लोग खुलकर राजनीतिक करें। भाजपा के लोग छात्रों को उकसा रहे हैं। झामुमो नेताओं ने कहा कि भाजपा के लोग कहीं भी हेमंत सरकार को घेर नहीं पा रहे हैं, तो उन्हें लग रहा है कि छात्र आंदोलन बहुत अच्छा मौका है। इसी पर वे अपना राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं !!

इन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार के समय में दो बार सीबीआई जांच दिया गया है, परंतु वह अब जांच कहां है। जांच रिपोर्ट का किसी को पता नहीं है। देश के कई राज्यों में सीबीआई जांच दिया गया था, कहीं भी कोई रिजल्ट नहीं आया। आज तक सीबीआई ने रिपोर्ट जमा नहीं किया। झामुमो नेताओं ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि इस भ्रष्टाचार की आंच हमारे चौखट पर भी आती है तो हम सीआईडी को नहीं रोकेंगे। वह मेरे घर में भी जांच कर सकता है। जो मुख्यमंत्री इतना खुला दिल से बात करें उस पर शंका करना कहीं से भी उचित नहीं है।

मौके पर केंद्रीय सदस्य तनवीर आलम,केंद्रीय सदस्य मनोज ठाकुर,झामुमों जिला सचिव शरीफ अंसारी, उपाध्यक्ष फरीद खान, जिला कोषाध्यक्ष चन्दन जायसवाल, वरिष्ठ नेता मनोज तिवारी, उपाध्यक्ष संजय काँस्यकर, उपस्थित थे !!

हेमन्त सोरेन की सरकार ने आपातकाल के मंजर की दिला दी याद : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने राज्य भर में छात्रों पर झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा हुए हमले एवं बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की भर्त्सना करते हुए झारखंड में पिछले 6 वर्षों में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल सहित सभी आयोजित भर्ती परीक्षा की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में श्री सेठ ने कहा कि जिस प्रकार से निर्दोष छात्रों पर रांची, हज़ारीबाग़, गिरिडीह, गढ़वा में झामुमो के गुंडों के द्वारा मारपीट, छेड़छाड़ और पुलिस के द्वारा लाठियां बरसाई गयी। उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। बच्चे जब इलाज के लिए अस्पताल गए तो वहां भी छात्रों को पीटा गया और वहां से भगाया गया। अस्पताल के निदेशक और सिविल सर्जन पर घायल छात्रों को बिना इलाज के ही छोड़ देने का दबाव बनाया गया। हमने ऐसा मंजर आपातकाल के समय ही देखा था जिसे कल हेमन्त सोरेन की सरकार ने याद दिला दी।

श्री सेठ ने कहा कि हेमन्त जी ये कोई बाहर के बच्चे नहीं है हमारे और आपके बच्चे हैं। वे बेचारे संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से बिना उपद्रव, बिना किसी के मुर्दाबाद, बिना किसी की आजादी की मांग और बिना किसी सार्वजनिक सम्पति की नुकसान किये, किसी पर ढेला पत्थर फेंके बिना पिछले 25 दिनों से अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आपसे गुहार करते रहे और आमरण अनशन पर रहे। लेकिन आपने उनकी एक न सुनी। जब पूरे देश में इस आंदोलन को समर्थन मिलने लगा तो आपकी सरकार ने फूट डालो और राज करो की नीति को अपनाते हुए छात्रों को धोखा दिया। एक षड्यंत्र के तहत आपने परीक्षा को रद्द किया लेकिन उसके बचाव में कोर्ट में दलील देने हेतु राज्य के महाधिवक्ता को कोर्ट नहीं भेजकर एक जूनियर वकील को भेज दिया। आपकी इस चाल को राज्य की जनता भलीभांति समझ चुकी है।

श्री सेठ ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि झारखंड में खून बहा है, यहां भी छात्रों के हाथ पैर टूटे है, लेकिन आपके मुंह से उफ तक न निकला। उन्होंने राहुल गांधी को मौकापरस्त बतलाते हुए कहा कि आपको छात्र आंदोलन से केवल राजनीतिक लाभ लेना है। इसलिये आप दिल्ली तो गए लेकिन झारखंड जहां आपकी सरकार है वहां आप नहीं आये। आप अगर इतने ही छात्र हितैषी हैं तो राँची आकर झारखंड के छात्रों के आंदोलन के साथ खड़े होइये और हेमन्त सोरेन सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कीजिए। अन्यथा तत्काल अपना समर्थन वापस लीजिए। लेकिन आप ऐसा नहीं करेंगे, आपके दोहरे चरित्र से पूरा देश वाकिफ हो चुका है। इसलिये आपको और आपकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता है।

पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के पत्र का क्या हुआ

रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने पूछा कि पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष नीलिमा केरकेटा के द्वारा 2024 में सरकार को जेपीएससी में व्याप्त घोटाले एवं खामियों को लेकर जो पत्र लिखकर आगाह किया गया था, सरकार उस पत्र को क्यों दबा कर बैठी हुई है। सरकार की क्या मजबूरी है और किसका दबाव है। नीलिमा केरकेट्टा के पत्र का सच झारखंड की जनता जानना चाहती है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान जेपीएससी में पूर्व मंत्री, मुख्यमंत्री और झामुमो के महासचिव की रिश्तेदार सदस्य रह चुकी हैं। कहीं सरकार इन्हें बचाने की कोशिश तो नहीं कर रही है। आखिर इस मामले की जांच सीबीआई से कराने पर क्या आपत्ति है या डर क्यों हैं। सीआईडी की जांच पर यहां के बच्चों को भरोसा नहीं है। बिनसिस के निदेशक अरुण कुमार पर 2022 में नौकरी बेचने का आरोप लगा और सीआईडी जांच में उनके खिलाफ सबूत भी पाए गए लेकिन सीआईडी के द्वारा अरुण कुमार पर चार सालों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिर कैसे यहां के बच्चे सीआईडी जांच पर भरोसा करें।

श्री सेठ ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में नौकरी को बेच कर सत्ता में शामिल लोगों ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को झारखंड से बाहर पटना और नेपाल ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाये गए थे। इसकी जांच पूर्ण रूप से सीबीआई ही कर सकती है, सीआईडी नहीं। सीआईडी की जांच पर यहां के बच्चों को भरोसा नहीं है।

आज की प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा उपस्थित रहे।

राँची में 23 अगस्त को होगा झारखंड रेरा का एक दिवसीय सेमिनार, रेडिसन ब्लू में जुटेंगे रियल एस्टेट सेक्टर के हितधारक

राँची:झारखंड रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (झारखंड रेरा) द्वारा रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यावहारिक पहलुओं पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन 23 अगस्त 2026 को किया जाएगा। यह कार्यक्रम राँची के रेडिसन ब्लू होटल में प्रातः 11:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आयोजित होगा।

सेमिनार में रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, परियोजना पंजीकरण, प्रमोटर एवं आवंटियों के अधिकार एवं दायित्व, अनुपालन प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन, शिकायत निवारण व्यवस्था एवं अन्य नियामकीय पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा उठाए जाने वाले व्यावहारिक प्रश्नों एवं जिज्ञाशाओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा।

झारखंड रेरा ने सभी बिल्डरों, प्रमोटरों, भूमि स्वामियों, होमबायर्स, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों तथा अन्य हितधारकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक सहभागिता करने की अपील की है, ताकि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता एवं विश्वास को और मजबूत किया जा सके।

HEC के पुनरुद्धार पर बड़ी चर्चा - मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिली 6 सदस्यीय संसदीय उप-समिति

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) लिमिटेड रांची के पुनरुद्धार (रिवाइवल) हेतु गठित 6 सदस्यीय केंद्रीय संसदीय उप-समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय उप-संसदीय समिति के सदस्यों के बीच हेवी

इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचईसी), रांची की वर्तमान परिस्थिति एवं पुनरुद्धार से संबंधित भविष्य की कार्य योजनाओं से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई।

इस मौके पर सांसद श्री विजय हांसदा, केंद्रीय संसदीय उप-समिति के अध्यक्ष-सह-सांसद, राज्यसभा श्री तिरुची शिवा सहित सांसद, राज्यसभा श्रीमती सुलता देव, सांसद श्री कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी, सांसद श्री हँसमुखभाई सोमाभाई पटेल, सांसद श्री चंदन चौहान उपस्थित रहे।

22-23 अगस्त को रांची के सभी मतदान केंद्रों पर लगेगा SIR 2026 का विशेष शिविर, फॉर्म-6 और फॉर्म-8 भरे जाएंगे

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 अंतर्गत मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा परिवार के सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र पर स्थानांतरित कराने के लिए रांची जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 22 एवं 23 अगस्त 2026 को द्वितीय एवं अंतिम विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर का आयोजन सुबह 10:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक किया जाएगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर आवश्यक प्रपत्र भरें और मतदाता सूची में अपने नाम से संबंधित प्रक्रिया पूर्ण कराएं।

फॉर्म-6 : मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु

फॉर्म-6 उन पात्र भारतीय नागरिकों द्वारा भरा जा सकता है :-

- जो भारतीय नागरिक हैं।

- जिनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है अथवा 01.10.2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले हैं।

- जो झारखंड के किसी मतदान केंद्र क्षेत्र के सामान्य निवासी हैं।

ऐसे पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने हेतु फॉर्म-6 एवं घोषणा पत्र भर सकते हैं।

फॉर्म-8 : परिवार के सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र पर लाने हेतु

यदि किसी परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों/मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में दर्ज हैं तथा वे वर्तमान में एक ही स्थान पर निवास करते हैं, तो परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही मतदान केंद्र पर स्थानांतरित कराने हेतु फॉर्म-8 भरा जा सकता है।

ऑनलाइन भी भर सकते हैं फॉर्म

फॉर्म-6 एवं फॉर्म-8 ऑनलाइन भरने के लिए मतदाता ECINET App डाउनलोड कर सकते हैं अथवा भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।

जिला प्रशासन ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस द्वितीय एवं अंतिम शिविर का लाभ उठाते हुए निर्धारित अवधि में मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया अवश्य पूरी करें।

गढ़वा जिला मे अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न, दिए गये आवश्यक निर्देश।

गढ़वा :- गढ़वा जिला मुख्यालय मे गढ़वा जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम हेतु गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध खनन, उसके परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई एवं आगे की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

वही उपायुक्त मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन पर कड़ाई से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि एनजीटी द्वारा 15 अक्टूबर 2026 तक खनन कार्यों पर रोक है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध बीएनएसएस की संबंधित धाराओं, भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 तथा एनजीटी के निर्देशों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों की जब्ती, प्राथमिकी दर्ज करने तथा दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

वही इसके लिए नियमित रूप से संयुक्त छापामारी दल सक्रिय रहेंगे। साथ ही अवैध खनन से संबंधित शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सख्त कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा एवं दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वही जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, जन प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय समुदायों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें। किसी भी प्रकार की अवैध बालू खनन अथवा परिवहन की सूचना तत्काल प्रशासन अथवा निकटतम थाना को उपलब्ध कराएं, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

वही उक्त बैठक में मौके पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी एबिन बेनी अब्राहम, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) यशोधरा जिला, परिवहन पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा कुमार मयंक भूषण, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य संबंधित उपस्थित थें, जबकि अन्य सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी गढ़वा जिला, जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी आदि वर्चुअल रूप से ऑनलाइन उपस्थित थें।

झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को दी राहत, सरकार के फ़ैसले लगाई रोक

झारखंड सरकार के विशेष मंत्रिमंडल द्वारा जारी जेपीएससी परीक्षा को रद्द करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। हेमंत सरकार ने अपने एक फैसले में 22 नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। सरकार के इस फैसले से सफल अभ्यर्थियों के बीच हड़कंप मच गया था। सरकार की ओर से परीक्षाओं को रद करने के फैसले को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की गई थी।

हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ-साथ सीडीपीओ की नियुक्ति को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद रोक लगा दी है। जेपीएससी से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। इससे पहले सरकार को काउंटर एफिडेविट फाइल करना है।

हाईकोर्ट के अधिवक्ता कुमार हर्ष और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा रद की गई थी, उन्हें अब एक शपथपत्र (Affidavit) दाखिल करना होगा। इसमें सफल अभ्यर्थियों को यह बताना होगा कि यदि भविष्य में जांच होती है और किसी भी प्रकार की संलिप्तता सामने आती है, तो वे उससे संबंधित आदेश को स्वीकार करने के लिए बाध्य होंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पाकुड़ एवं लिट्टीपाड़ा के सीमावर्ती मतदान केंद्रों का निरीक्षण

पाकुड़। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने बुधवार को पाकुड़ जिले के पाकुड़ एवं लिट्टीपाड़ा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सीमावर्ती इलाकों में स्थित विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली तथा स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर मतदाता सूची में दर्ज विवरणों एवं बीएलओ द्वारा किए जा रहे घर-घर सत्यापन के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों एवं बीएलओ को निर्देश दिया कि घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी गंभीरता एवं सावधानी से की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि यथासंभव एक परिवार के सभी मतदाता एक ही मतदान केंद्र पर सूचीबद्ध हों तथा कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर सत्यापन अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रिया एवं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से तैयार मतदाता सूची को परमानेंट डॉक्यूमेंट के रूप में संरक्षित किया जाएगा। मतदाता सूची में दर्ज प्रमाणित एवं सही विवरण भविष्य में मतदाता तथा उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण अभिलेख के रूप में उपयोगी होगा। इसलिए प्रत्येक मतदाता अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के विवरण की जांच अवश्य करें और किसी प्रकार के सुधार, नाम जोड़ने अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्धारित प्रपत्र एवं आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के प्रावधानों के अनुरूप केवल भारतीय नागरिक ही निर्वाचक के रूप में पंजीकृत होने के पात्र हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए-2 तथा आम नागरिकों से अपील की कि यदि उनके संज्ञान में किसी विदेशी नागरिक द्वारा मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास करने अथवा ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी विदेशी नागरिक का नाम दर्ज होने का मामला आता है, तो निर्धारित फॉर्म-7 के माध्यम से अपनी आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। प्राप्त आपत्ति पर संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों एवं तथ्यों की जांच करते हुए नियमानुसार आदेश पारित किया जाएगा।

श्री के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी विदेशी नागरिक को मतदाता सूची में पंजीकरण कराने में किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी परिवार में विवाह अथवा किसी अन्य कारण से कोई विदेशी नागरिक निवास कर रहा है, तो मतदाता के रूप में पंजीकरण की पात्रता के लिए उसे पहले विधि के अनुसार भारतीय नागरिकता प्राप्त करनी होगी। भारतीय नागरिकता प्राप्त किए बिना मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए गलत घोषणा अथवा मिथ्या विवरण के आधार पर आवेदन करना कानून के तहत दंडनीय हो सकता है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मूल उद्देश्य शुद्ध, त्रुटिरहित एवं समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है। इसके लिए यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से न छूटे और किसी भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों, बीएलओ, राजनीतिक दलों एवं नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की।

इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती मेघा भारद्वाज सहित लिट्टीपाड़ा एवं पाकुड़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के ईआरओ एईआरओ अतिरिक्त एईआरओ उप निर्वाचन पदाधिकारी सहित जिला निर्वाचन कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अमित शाह से की मुलाक़ात, मिला मार्गदर्शन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झारखंड भाजपा के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान झारखंड के कई सम-सामयिक विषयों पर गृह मंत्री से सार्थक चर्चा हुई। गृह मंत्री द्वारा भाजपा नेताओं को कई आवश्यक निर्देश और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह शामिल थे।

UPSC सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा 2026: रांची के परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में 5 दिन धारा 163 लागू

संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा, 2026 कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची, श्री राकेश रंजन के संयुक्तादेश

द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा में संलग्न छात्र, उनके अभिभावक अथवा असामाजिक तत्व परीक्षा केन्द्रों पर भीड लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर) ।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे-लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक-21.08.2026, 22.08.2026, 23.08.2026, 29.08.2026 एवं 30.08.2026 के प्रातः 06.00 बजे से अपराह्न 08.30 बजे तक प्रभावी रहेगा।