डेयरी सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार, बरेली में ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’
![]()
- दुग्ध प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और कोल्ड चेन समेत पूरी वैल्यू चेन मजबूत करने पर जोर
बरेली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को आधुनिक और निवेशपरक बनाने के उद्देश्य से भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली में ‘डेयरी कॉन्क्लेव-स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंडलवार आयोजित हो रही इस कार्यशाला श्रृंखला का उद्देश्य नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल कृषि, पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि दुग्ध प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और डेयरी उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मंत्री ने कहा कि बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल भविष्य में प्रदेश के प्रमुख डेयरी हब बन सकते हैं और उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
- स्वदेशी नस्ल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने स्वदेशी नस्ल के गोपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्नत स्वदेशी गोवंश, निवेश और ग्रामीण रोजगार के माध्यम से पशुपालकों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने ‘स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य एवं खुशहाल उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है। सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कदम उठा रही है। नंद बाबा दुग्ध मिशन और दुग्ध नीति-2022 के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन, आधुनिक डेयरी विकास और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- 2200 लाभार्थियों को 1200 लाख से अधिक की सहायता
दुग्ध आयुक्त ने बताया कि नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल में करीब 2,200 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 1,200 लाख रुपये से अधिक की अनुदान राशि दी जा चुकी है। वहीं दुग्ध नीति-2022 के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए इन मंडलों में 1,100 लाख रुपये की अनुदान राशि अवमुक्त की गई है।
उन्होंने बताया कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत बरेली मंडल में 2,712 करोड़ रुपये, मुरादाबाद मंडल में 2,085 करोड़ रुपये और लखनऊ मंडल में 2,150 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से करीब 11 हजार नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
- डेयरी उद्योग में निवेश और नवाचार पर मंथन
कार्यशाला में नंद बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। बरेली डेयरी, आनंदा डेयरी, वाडीलाल इंडस्ट्रीज, डेयरी क्राफ्ट और शगुन डेयरी समेत विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने डेयरी क्षेत्र में निवेश, नवाचार और आधुनिक तकनीकों पर प्रस्तुतियां दीं।
विशेषज्ञों ने गोपालन से जैविक खेती, वर्मी कंपोस्ट और हरा चारा प्रबंधन समेत विभिन्न विषयों पर उपयोगी जानकारी दी। कार्यक्रम में पराग, डेयरी इंडिया, शगुन डेयरी, वरीशा डेयरी प्रोडक्ट्स, प्रीमियर डेयरी, वाडीलाल, डेयरी क्राफ्ट, पशुपालन विभाग, आईवीआरआई सहित विभिन्न निजी एवं सहकारी संस्थाओं ने स्टॉल लगाकर उत्पादों, तकनीकों और सेवाओं का प्रदर्शन किया।
- 1500 से अधिक पशुपालक और उद्यमी हुए शामिल
कार्यक्रम में बरेली, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल के विभिन्न जिलों से 1,500 से अधिक कृषक, गोपालक, दुग्ध उत्पादक, उद्यमी और निवेशक शामिल हुए। आईवीआरआई के वैज्ञानिकों, एनडीडीबी के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की।
वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों के गोपालकों और उद्यमियों को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया। विशेषज्ञों ने स्वदेशी नस्ल के गोपालन, नवीनतम तकनीक, डेयरी योजनाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के डेयरी कॉन्क्लेव से पशुपालकों, उद्यमियों, निवेशकों और डेयरी संस्थानों के बीच संवाद बढ़ेगा और प्रदेश में उत्पादन से प्रसंस्करण, विपणन और वैल्यू एडिशन तक डेयरी की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।![]()


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बहन की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली। फिलहाल, लखनऊ पुलिस इस हत्याकांड में आगे की तफ्तीश में जुटी है।
लखनऊ। मंगलवार को लोक संस्कृति एवं भारतीय सनातन परंपरा के वाहक भक्तशिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती लोकरंग फाउंडेशन एवं अवध भारती संस्थान के संयुक्त तत्त्वावधान में राजकीय बालिका इण्टर काॅलेज विकास नगर में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया । विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं सुविख्यात लोक गायिका कुसुम वर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर सूर्य प्रसाद दीक्षित तथा विशिष्ट अतिथि डाॅ.रामबहादुर मिश्र द्वारा सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के पश्चात् डाॅ. नुपुर त्रिपाठी ने सरस्वती वन्दना की । वही प्रो.सूर्य प्रसाद दीक्षित ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। कार्यक्रम की संयोजक प्रधानाचार्या कुसुम वर्मा ने तुलसीदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला तथा उनके नेतृत्व में छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने प्रोफेसर सूर्यप्रसाद दीक्षित एवं प्रधानाचार्या कुसुम वर्मा को अंगवस्त्र भेंट किया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं एवं बबिता वर्मा, शबनम नकवी, दीपा साहू, प्रियंका सिंह, कंचन सिंह शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी की सहभागिता रही। लोकरंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जयंती पखवाड़े के अंतर्गत गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य और विचारों से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से विद्यालय में छात्राओं के बीच यह कार्यक्रम किया जा रहा है । डाॅ. रामबहादुर मिश्र ने कहा कि तुलसी साहित्य में निहित लोकमंगल, समरसता, मानवीय मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करना इस आयोजन की प्रमुख भावना है।
- राष्ट्रपति से अनुमति के बाद लिया अवकाश, स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं
Aug 20 2026, 20:28
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.2k