‘परंपरा से प्रगति की ओर भविष्य बुनती खादी’ विषय पर हुई बैठक, 63 संस्थाओं ने किया प्रतिभाग

- खादी को आधुनिक तकनीक, डिजाइनिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ने पर हुई चर्चा

- मंत्री राकेश सचान ने की अध्यक्षता, खादी को नई पीढ़ी में लोकप्रिय बनाने पर दिया जोर

लखनऊ, 18 अगस्त। डालीबाग, लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के सभागार में ‘खादी शोध, डिजाइन, मानकीकरण एवं प्रचार-प्रसार योजना’ के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में खादी को आधुनिकतम तकनीकों से जोड़ने तथा उसे नयी पीढ़ी के बीच अधिक लोकप्रिय एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान द्वारा की गयी, जिसमें खादी की 63 संस्थाओं द्वारा सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया गया।
इस अवसर पर “परंपरा से प्रगति की ओर भविष्य बुनती खादी” विषय पर एक पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें खादी की वर्तमान स्थिति का आकलन एवं सर्वेक्षण करते हुए उसे आधुनिक स्वरूप में विकसित करने तथा खादी के उत्थान हेतु उसकी मूल पहचान बनाये रखते हुए डिजाइनिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग व पैकेजिंग एवं गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर खादी संस्थाओं के साथ विस्तृत चर्चा की गयी।
मंत्री सचान द्वारा खादी में सतत विकास की सम्भावनायें, पर्यावरण अनुकूल उत्पादन, सतत आजीविकाओं के सृजन तथा उपभोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त खादी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिये खादी संस्थानों, युवाओं, कारीगरों तथा उद्योग से जुड़े लोगों के बीच व्यापक सहयोग की भावना विकसित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में खादी संस्थाओं द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों एवं सुझावों को भी साझा किया गया। उत्तर प्रदेश की खादी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया।
इस बैठक में प्रमुख सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग अनिल सागर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड शिशिर एवं बोर्ड के संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईटीआई और पॉलिटेक्निक में रिक्त पदों पर होगी अनुदेशकों की नियुक्ति :असीम अरुण

- राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलिटेक्निक, लखनऊ सहित विभिन्न जिलों में रिक्त पदों को भरने के दिए गए निर्देश

- तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार कटिबद्ध

लखनऊ। प्रदेश में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। समाज कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राजकीय आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अनुदेशकों (Instructors) के रिक्त पदों पर जल्द ही पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने तक रिटायर्ड शिक्षकों आदि को अनुदेशक के रूम में लगाया जा रहा है।

- 40 पद हैं खाली :
वर्तमान में  राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलिटेक्निक, मोहन रोड, लखनऊ में 07 पद, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), बख्शी का तालाब, लखनऊ  में 23 पद, राजकीय आईटीआई/पॉलिटेक्निक, गोरखपुर में 09 पद और राजकीय आईटीआई/पॉलिटेक्निक, प्रतापगढ़ में 01 पद रिक्त है।
- क्या बोले - मंत्री असीम अरुण ?
हमारी सरकार युवाओं के कौशल विकास और उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।अनुदेशकों की नियुक्ति होने से संस्थानों में शैक्षणिक स्तर मजबूत होगा और छात्रों को आधुनिक तकनीकों का बेहतर व्यावहारिक ज्ञान मिल सकेगा। पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए योग्य अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
मुजफ्फरनगर में दिव्यांगजनों के लिए बनेगा समेकित विद्यालय, सरकार ने मंजूर किए 24 करोड़

-  दिव्यांगजन और सरकार के बीच संवादहीनता खत्म करने पर जोर, 15-20 दिन में मंडल, जिला, तहसील व ब्लॉक स्तर पर लगेंगे शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर में दिव्यांगजनों के लिए समेकित विद्यालय के निर्माण को मंजूरी देते हुए 24 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। विद्यालय के लिए पांच एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी।
राज्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन और सरकार के बीच संवादहीनता को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। दिव्यांगजनों की ओर से प्राप्त आवेदनों और प्रपत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई करने के साथ ही आवेदक को भी की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। उन्होंने विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह को मंडल और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ नियमित वर्चुअल बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए।

- नियमित शिविर लगाकर योजनाओं का लाभ देने के निर्देश
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध कराने के लिए हर 15 से 20 दिन के अंतराल पर मंडल, जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएं। शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं से संबंधित आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाए।मुजफ्फरनगर में समेकित विद्यालय के लिए भूमि चिन्हांकन के संबंध में राज्यमंत्री ने जिलाधिकारी और एसडीएम से दूरभाष पर वार्ता कर शीघ्र पांच एकड़ सरकारी भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए।

- प्रचार-प्रसार पर खर्च का लिया जाए फीडबैक
राज्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर खर्च होने वाली धनराशि का प्रभावी फीडबैक लेने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि किस माध्यम और मद में कितनी धनराशि खर्च की जा रही है तथा उसका अपेक्षित परिणाम मिल रहा है या नहीं। उन्होंने सोशल मीडिया के लिए अलग नियमावली तैयार करने तथा फ्लैक्स, होर्डिंग, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया पर होने वाले प्रचार व्यय का अनुपात निर्धारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मंडल एवं जिला मुख्यालयों के साथ तहसील और ब्लॉक स्तर पर स्थायी एवं अस्थायी होर्डिंग लगाने को कहा। इन पर सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों, उपलब्धियों और सफलता की कहानियों को प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

- 10.44 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ
बैठक में दिव्यांग पेंशन योजना की भी समीक्षा की गई। राज्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में दिव्यांग पेंशन योजना के लिए 1,47,004.69 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। अब तक 10,44,022 लाभार्थियों को पेंशन भेजी जा चुकी है, जिस पर 31,210.57 लाख रुपये खर्च हुए हैं। यह कुल बजट प्रावधान का लगभग 21.23 प्रतिशत है। उन्होंने 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध दिव्यांगजनों को प्राथमिकता के आधार पर समय से पेंशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता और वृद्धावस्था के कारण पेंशन ही ऐसे लोगों का प्रमुख सहारा है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

- 75 जिलों में 1,125 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का लक्ष्य
दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना की भी समीक्षा की गई। योजना के तहत प्रत्येक जिले में 15 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, यानी प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 1,125 ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए तीन करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है। राज्यमंत्री के अनुसार एलिम्को, कानपुर नगर की ओर से 16 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। अब चिन्हित पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। समीक्षा बैठक में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक अमित सिंह एवं रणजीत सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
11 दिन में 1,559 दिव्यांगजनों को मिला रोजगार और स्वरोजगार

-  दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 में 1,021 को नौकरी, 538 को स्वरोजगार से जोड़ा गया, कानपुर नगर 149 चयन के साथ अव्वल

लखनऊ। योगी सरकार की दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से 3 से 13 अगस्त तक चलाए गए ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’ के तहत महज 11 दिनों में प्रदेश के सभी 75 जिलों के 1,559 दिव्यांगजन रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े। इनमें 1,021 दिव्यांगजनों को नौकरी के अवसर मिले, जबकि 538 दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से जोड़ा गया।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी दिव्यांगजन रोजगार से वंचित न रहे। अभियान का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांग युवाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है।

-  10 से 18 हजार रुपये तक का वेतन
अभियान के दौरान विभिन्न जिलों में रोजगार मेले, प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार कैंप लगाए गए। निजी क्षेत्र की कंपनियों ने इनमें भाग लेकर मौके पर ही अभ्यर्थियों का चयन किया और कई चयनित युवाओं को जॉइनिंग लेटर भी दिए। हेल्थकेयर, फाइनेंस, इंश्योरेंस और टेलीकॉम समेत विभिन्न क्षेत्रों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव, हेल्थकेयर असिस्टेंट, ड्रेसर, टेलीकॉलर, मशीन ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और हेल्पर जैसे पदों पर अवसर दिए गए। चयनित अभ्यर्थियों को 10,000 से 18,000 रुपये तक का मासिक वेतन ऑफर किया गया।

-  538 दिव्यांगजन बने स्वरोजगार की राह के लाभार्थी
अभियान में नौकरी के साथ स्वरोजगार पर भी विशेष जोर रहा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 538 से अधिक दिव्यांगजनों को जोड़ा गया। उन्हें मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिशियन, सिलाई-कढ़ाई, जनसेवा केंद्र, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में अपना काम शुरू करने के लिए ऋण एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की गई।

-  कानपुर नगर सबसे आगे
अभियान में कानपुर नगर 149 चयन के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा आजमगढ़ में 77, अमरोहा में 69, बरेली में 63 और सुलतानपुर में 56 दिव्यांगजन रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने जरूरत पड़ने पर लाभार्थियों के घर तक पहुंचकर व्यक्तिगत काउंसिलिंग की। मोबाइल बंद होने या संपर्क न हो पाने वाले दिव्यांगजनों से होम विजिट के जरिए संपर्क किया गया। उनकी रुचि, योग्यता और जरूरत के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के विकल्प बताए गए।

-  पुराने लाभार्थियों की भी हो रही ट्रैकिंग
कौशल विकास मिशन की ओर से दिव्यांगजन रोजगार अभियान के पहले और दूसरे चरण में रोजगार से जुड़े 2,000 से अधिक दिव्यांगजनों की वर्तमान स्थिति की भी ट्रैकिंग की जा रही है। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि अभियान 3.0 में 75 जिलों में 1,559 दिव्यांगजनों का रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ना बड़ी उपलब्धि है। मिशन का प्रयास है कि दिव्यांगजनों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
अभियान में MSME Promotional Council, V-Mart, Flipkart, Multi Skills Welfare Society, HDFC Finance, Global Manpower & Placement Service, Aarogya Hospital और RK Industries सहित विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों ने सहयोग किया।
जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : केशव प्रसाद मौर्य

-  जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सैकड़ों नागरिकों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को 7-कालिदास मार्ग स्थित अपने कैंप कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक फरियादी से आत्मीयता के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में भूमि एवं राजस्व विवाद, अवैध कब्जे, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली, पेयजल, पुलिस-प्रशासन, शिक्षा और रोजगार समेत विभिन्न विषयों से जुड़े मामले सामने आए। उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रकरण का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

-  शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न हो
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का मजबूत माध्यम है। जनता की समस्याओं को सुनना, उनका समाधान करना और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण महज औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप किया जाए। जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

-  कमजोर वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता
केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को महिलाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन ही सुशासन की पहचान है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और किसी पीड़ित नागरिक को न्याय के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

-  भूमि विवादों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़े मामलों पर उप मुख्यमंत्री ने गंभीर रुख अपनाते हुए संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों और कमजोर वर्गों का उत्पीड़न करने, अवैध कब्जा करने तथा दबंगई दिखाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान कर उसे न्याय दिलाना सरकार की प्रतिबद्धता है।” उन्होंने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
आलू किसानों के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, तीन योजनाओं का पोर्टल लॉन्च

- 1000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष से मिलेगा उचित मूल्य, शीतगृह भंडारण पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की छूट

लखनऊ। आलू उत्पादक किसानों को बाजार भाव में गिरावट, भंडारण लागत और महंगे बीज से राहत देने के लिए योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में तीन महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने सोमवार को उद्यान भवन, सप्रू मार्ग में इन योजनाओं के पारदर्शी एवं सुगम क्रियान्वयन के लिए नव विकसित ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया। तीनों योजनाओं से प्रदेश के 15 लाख से अधिक आलू किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

- भाव गिरने पर किसानों को मिलेगा मूल्य संरक्षण
आलू की बंपर पैदावार के कारण बाजार भाव में आने वाली गिरावट से किसानों को राहत देने के लिए 1000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की गई है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपये की टोकन धनराशि का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करेगी। किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर में से जो राशि कम होगी, वह अनुदान के रूप में दी जाएगी। एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर तथा प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 क्विंटल तक के आलू पर अनुदान अनुमन्य होगा। इससे करीब 12 से 14 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पात्र किसानों को अनुदान की राशि आधार-सीडेड डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना की क्रियान्वयन अवधि 1 जनवरी से 15 अप्रैल तथा 1 जुलाई से 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है। लाभ लेने के लिए क्रेता-विक्रेता सौदा प्रपत्र अनिवार्य होगा। किसान मंडी, उपमंडी, शीतगृह परिसर अथवा अपने खेत पर आलू बेचकर योजना का लाभ ले सकेंगे।

- शीतगृह में आलू रखने पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की राहत
निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले किसानों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रदेश के 2,363 निजी शीतगृहों में 173.03 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। भंडारण प्रभार में छूट के लिए 1000 करोड़ रुपये की योजना लागू की गई है, जिसमें 100 करोड़ रुपये की टोकन धनराशि रखी गई है।
इस योजना के तहत किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा। एक किसान को अधिकतम 20,000 रुपये तक की छूट दी जाएगी। इससे 15 लाख से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।

-  गुणवत्तापूर्ण बीज पर 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक छूट
किसानों को नवीन एवं उच्च गुणवत्ता वाली आलू प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने के लिए 5 करोड़ रुपये की बीज विक्रय दर छूट योजना भी लागू की गई है। इसके तहत विभागीय आधारीय आलू बीज खरीदने पर किसानों को अधिकतम 1000 रुपये प्रति क्विंटल की छूट मिलेगी। इससे किसानों की प्रति हेक्टेयर उत्पादन लागत कम होगी और करीब 15 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।

-  पोर्टल से होगा पारदर्शी क्रियान्वयन
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय, हित और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। तीनों योजनाओं का संचालन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम होगी। सरकार के इस कदम से आलू किसानों को बाजार भाव में गिरावट, भंडारण लागत और गुणवत्तापूर्ण बीज की लागत—तीनों स्तरों पर आर्थिक राहत मिलेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा, निदेशक उद्यान बीपी राम सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और आलू उत्पादक किसान मौजूद रहे।
पिछड़ा वर्ग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सरकार का विशेष जोर

-  छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, कंप्यूटर प्रशिक्षण, शादी अनुदान और छात्रावास निर्माण के लिए व्यापक बजट प्रावधान : नरेन्द्र कश्यप

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों, युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यापक बजट प्रावधान किए हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

-  शादी अनुदान के लिए 210 करोड़ का लक्ष्य

मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में शादी अनुदान योजना के लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष 106.65 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। अब तक 96,956 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 12,855 आवेदन निरस्त किए गए हैं। 30,466 लाभार्थियों को 60.93 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

-  31,704 युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण
युवाओं को तकनीकी ज्ञान से जोड़ने और उनकी रोजगारपरक क्षमता बढ़ाने के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘ओ’ लेवल और सीसीसी प्रशिक्षण के लिए 338 संस्थाओं का चयन किया गया है। ‘ओ’ लेवल में 24,242 और सीसीसी में 7,462 समेत कुल 31,704 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। 11 अगस्त से प्रशिक्षण शुरू हो चुका है और लगभग पूरा निर्धारित लक्ष्य प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहा है।

-  11 लाख विद्यार्थियों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति का प्रस्ताव
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के लिए 340 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से 300 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी हो चुकी है। योजना के तहत करीब 11 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का प्रस्ताव है। छात्रावासी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की अधिकतम मासिक दर 1,200 रुपये और दिवा विद्यार्थियों के लिए अधिकतम 550 रुपये निर्धारित है।
वहीं, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,720.50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है। इसके सापेक्ष 2,255 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इस योजना से करीब 27 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का प्रस्ताव है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 27.78 लाख विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला था और आवंटित धनराशि का करीब 98 प्रतिशत खर्च किया गया था।

-  छात्रावास निर्माण पर भी फोकस
मंत्री ने बताया कि पिछड़े वर्ग के निर्धन परिवारों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छात्रावास निर्माण योजना पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 102 निर्मित छात्रावास हैं, जिनमें करीब 5,400 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इनमें 2,013 छात्र-छात्राएं आवासित रहे। वर्ष 2026-27 में छात्रावास निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान प्रस्तावित है।
आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर जनपदवार स्थलों एवं परियोजनाओं का चयन किया जाएगा। स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के साथ निर्माण कार्य की नियमित निगरानी भी की जाएगी।

-  अंतिम पायदान तक पहुंचाएं योजनाओं का लाभ
नरेन्द्र कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाज कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मंडल, जिला और तहसील स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
उन्होंने तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सोशल मीडिया का प्रभावी इस्तेमाल करने और प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न मदों में व्यय का अनुपात निर्धारित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, निदेशक उमेश प्रताप सिंह, संयुक्त निदेशक विकास शर्मा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ पुलिस मित्र परिवार एवं ईश वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर
“एक हाथ तिरंगा, एक हाथ रक्तदान” के संकल्प के साथ 45  रक्तदाताओं ने किया  रक्तदान महादान

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर 16 अगस्त 2026 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) हॉस्पिटल, पार्क रोड, हजरतगंज, लखनऊ में लखनऊ पुलिस मित्र परिवार एवं ईश वेलफेयर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 16वें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
लखनऊ पुलिस मित्र परिवार पुलिस विभाग के कर्मियों एवं आम रक्तदाताओं का एक संयुक्त समूह है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों की जीवन रक्षा के लिए रक्तदान करना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जनजागरूकता पैदा करना है। समूह पुलिस एवं आमजन के बीच सेवा और मानवता की भावना को मजबूत करने का निरंतर प्रयास करता है।
शिविर में 100 से अधिक समाजसेवियों, युवाओं एवं जागरूक नागरिकों ने सहभागिता की, जिनमें45 रक्तदाताओं एवं रक्त वीरांगनाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर राष्ट्रहित एवं मानवता की सेवा का संकल्प निभाया। 05 रक्त दाताओं ने स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान करने मे असमर्थ रहे!
यह आयोजन लखनऊ पुलिस मित्र परिवार के संरक्षक एवं सेवानिवृत्त IPS श्री कविंद्र प्रताप सिंह की संरक्षता तथा संस्थापक एवं आयोजक श्री जितेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में उत्साहपूर्ण एवं भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। युवाओं को रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंदों का जीवन बचाने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर की सफलता में फाउंडर मेंबर सरिता सिंह, ज्योति खरे सिविल डिफेंस ,  फाउंडर मेम्बर नूतन वर्मा, प्रचार जंक्शन के डाइरेक्टर  सत्यम पांडेय,फाउंडर मेम्बर  प्रशांत बाजपेई  सिविल डिफेंस( ए डी सी) मनोज वर्मा, शैल वर्मा,वीरेश सिंह  सहित अश्वनी कुमार, आशीष सिंह,  पवन सिंह, संजय सिंह, अनुज श्रीवास्तव, एडवोकेट रिचा मिश्रा उपाध्यक्ष निर्मल एजूकेशन  वेलफेयर सोसाइटी , बी.के. सिन्हा, दीप्ति शर्मा स्वप्निल शुक्ला सुधा टंडन  एवं अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
C.M.S... डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी  हॉस्पिटल ने शिविर का उद्घाटन कर रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “आज आप केवल रक्त नहीं, बल्कि किसी के जीवन की आशा दान कर रहे हैं।”
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ संगीता टंडन  एवं  ब्लड बैंक के स्टाफ् का विशेष सहयोग रहा!
शिविर के प्रथम रक्तदाता श्री विपिन शुक्ला,दुतिय रक्तदाता शिवम सिंह  एवं तृतीय  रक्त वीरांगना श्रीमती नूतन वर्मा  रहीं।

उक्त रक्तदान शिविर मे रक्त वीरांगना सरिता सिंह, दीप्ति शर्मा, नूतन वर्मा, स्वप्निल शुक्ला, सिम्मी यादव, चित्रसेन सिंह, अमरेश कुमार,   धीरेंद्र मिश्रा, अविनाश पांडेय, गौरव, शाहू,  रतन सक्सेना,गौरव श्रीवास्तव, बी के सिन्हा, वीरेश सिंह, नीरज मिश्रा, राजेंद्र कुमार, मुरली ,अवधेश राजपूत,  अंकुल कुमार,आशीष कुमार,राजेश कुमार, सिविल डिफेंस से रजत द्विवेदी, विशाल चौरसिया, बाराबंकी से आयुष सिंह,अनिल कुमार गौरी शंकर, अमन गुप्ता,सहित कई रक्तवीरो  ने एक हाथ तिरंगा एक हाथ रक्तदान किये !
शिविर मे  वर्षा फाउंडेशन के फाउंडर अरविंद कुमार जी श्री ईष्ट नारायण चेरिटेबल  सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों  एवं मीडिया बंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति भी रही।
व्यापक प्रादेशिक मानसूनी सक्रियता से प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा के आसार
लखनऊ। निचले क्षोभमंडल में पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं उत्तरी हरियाणा पर बने अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरणों के साथ ही मानसूनी द्रोणी का पश्चिमी छोर अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में हिमालय की तराई की ओर खिसककर फिरोजपुर, मुज़फ्फरनगर, गोरखपुर, मुंगेर होते हुए उत्तरी-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जाने एवं मध्य क्षोभमंडलीय अपरूपण क्षेत्र की अनुकूल परिस्थितियों के प्रभाव से प्रदेश में आगामी 48 घंटो के दौरान प्रदेश में कहीं- कहीं भारी वर्षा के उपरान्त उत्तरी-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी एवं संलग्न पश्चिम बंगाल-उत्तरी उड़ीसा तट पर संकेद्रित अवदाब के आरम्भ में उत्तर- उत्तर- पश्चिमी तथा बाद में उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना के दृष्टिगत 19 अगस्त से प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 23 अगस्त तक भारी वर्षा के साथ 20-21 अगस्त के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन को फंडिंग के आरोप में एक गिरफ्तार

मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर आतंकी संगठन को भेजने का आरोप, पूर्णिया से मोहम्मद जफर गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को पैसे भेजने वाले एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वह पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर से प्रभावित था।

यूपी एटीएस ने इस संबंध में सोमवार को बताया कि सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा ले रहा है। उस चंदे के पैसे को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन को, भारत में जेहाद करने के उद्देश्य से भेज रहा है। इस पर एटीएस सक्रिय हुई और तमाम साक्ष्यों के आधार पर बिहार राज्य के पूर्णिया से मोहम्मद जफर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। एटीएस और जांच एजेंसियाें ने उससे पूछताछ की।

पूछताछ में जफर ने बताया कि उसने मेरठ में रहकर एक मदरसे से पढ़ाई की है। उसने पढ़ाई के समय जैश ए मुहम्मद के बारे में पढ़ा था। पढ़ाई में जिहाद व मुजाहिदों की शहादत के बारे में पढ़कर उसके अंदर ये जज्बा आया। आतंकी मसूद अजहर के प्रभाव में आकर जफर मुजाहिद बनना चाहता था। जफर के फोन में कई पाकिस्तानी जेहादी व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं जिसमें जफर द्वारा जिहाद के संबंध में की गई बात और चंदे के संबंध में की गई बात मौजूद है। जफर के सोशल मीडिया विश्लेषण से यह भी पुष्ट हुआ कि वह मसूद अजहर की भड़काऊ और जेहादी तकरीरें साझा कर लोगों को हिंसात्मक जेहाद के लिए प्रेरित कर रहा था।

एटीएस के अनुसार जफर अपनी फेसबुक आईडी के माध्यम से अपना चेहरा ढककर जेहाद और खिलाफत के बारे मे बयान देता था। इसी प्रकार यह जैश-ए-मुहम्मद के जिहादी ग्रुप में जुड़कर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया और अपनी तरफ से जिहाद में मदद करने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे एक पाकिस्तानी खाता दिया, जिसमें जफर ने पैसे भेजने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद जफर ने हैंडलर से बाइनेंस अकाउंट मांगा। उसने अन्य पाकिस्तानी संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़कर, बाइनेंस की मदद से कई बार पैसा भेजा। पूछताछ में जफर ने अपने सारे अपराध स्वीकार किए हैं।

एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद का प्रमुख मौलाना मसूद अजहर से प्रभावित है। मसूद अजहर के बयान साझा करके लोगों को भारत में हिसात्मक जेहाद के भड़काता था। एटीएस उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।