गया में महिला डायरेक्टर ने प्रेस वार्ता कर पार्टनरशिप पर लगाया जान से मरवाने आरोप, थाने में कराया प्राथमिकी दर्ज

गया। बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी की पार्टनरशिप को लेकर 65 लाख रुपये के निवेश और 2.82 करोड़ रुपये के भुगतान के दावे का विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। कंपनी की महिला डायरेक्टर नगमा ने रविवार को कटारी हिल रोड नंबर-9 स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने अपने बिजनेस पार्टनर और मौर्या हाइट्स के डायरेक्टर इकबाल हुसैन पर रकम लौटाने से इनकार करने, कंपनी में हिस्सेदारी से वंचित करने और जान से मरवा देने का धमकी देने का आरोप लगाया। मामले में महिला डायरेक्टर नगमा ने रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

महिला डायरेक्टर नगमा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि वर्ष 2014 में दोनों के बीच पार्टनरशिप शुरू हुई थी और कंपनी में उनकी 33.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उनका दावा है कि उन्होंने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों से रकम जुटाकर कारोबार में करीब 65 लाख रुपये निवेश किए। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में वर्ष 2020 का एग्रीमेंट, MOU, कंपनी के दस्तावेज, WhatsApp चैट और वॉइस मैसेज को साक्ष्य बताया। महिला डायरेक्टर नगमा ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 के एक वॉइस मैसेज में 2.82 करोड़ रुपये के भुगतान की बात कही गई थी। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया और ऊपर से जान से मरवा देने की धमकियां दी जा रही है जिसके बाद पूरा परिवार डरे और सहमे हुए हैं और मैं न्याय की गुहार लगा रहा हूं मैं मगध रेंज के आईजी विकास वैभव से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कर न्याय दिलाने की मैं मांग करती हूं और दोषियों पर अभिलंब कार्रवाई की मांग करता हूं।

गया में अपने घर का सपना होगा साकार? मेहता एस्टेट में 1, 2 और 3 बीएचके लग्जरी अपार्टमेंट 20 लाख कीमत में करा रहा है उपलब्ध

गया (धीरज सिन्हा)। गया जिले के मानपुर प्रखंड में रविवार को मेहता एस्टेट लग्जरी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट का भूमि पूजन किया है। मेहता एस्टेट 1, 2, और 3 BH लग्जरी अपार्टमेंट उपलब्ध करा रहा है। मेहता एस्टेट स्टार्टिंग 20 लाख रुपए से अपार्टमेंट उपलब्ध है। मगध इंफ्राटेक की ओर से विकसित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में 1, 2 और 3 बीएचके लग्जरी अपार्टमेंट उपलब्ध करा रहा है।

मानपुर स्थित यह प्रोजेक्ट मेहता पेट्रोल पंप के पास है। जिसका आज भूमि पूजन किया गया। प्रोजेक्ट की खासियत इसका 1, 2 और 3 बीएचके का विकल्प है। यानी अलग-अलग परिवारों और बजट के अनुसार घर ले सकते है। छोटे परिवारों के लिए 1 बीएचके, मध्यम परिवारों के लिए 2 बीएचके और बड़े परिवारों के लिए 3 बीएचके अपार्टमेंट उपलब्ध है।

प्रोजेक्ट को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। भूमि पूजन के अवसर पर ग्राहकों को विशेष अपार्टमेंट के खरीदारी पर छूट भी दिया जा रहा है इसलिए जीने भी अपार्टमेंट लेना है वह एक बार जरुर विजिट करें और अधिक जानकारी प्राप्त करके अपने घर को सपना को साकार करें।

गया जिला परिषद कार्यालय में शान से लहराया तिरंगा, देशभक्ति के रंग में रंगा परिसर

बैंड-बाजा और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच हुआ झंडोत्तोलन, स्वतंत्रता दिवस पर दिखा उत्साह

गया: गया शहर स्थित जिला परिषद कार्यालय में शनिवार को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। पूरे परिसर को देशभक्ति के माहौल में सजाया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, उपाध्यक्ष शीतल प्रसाद यादव एवं डीडीसी ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत की।

झंडोत्तोलन के दौरान बैंड-बाजा और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। राष्ट्रीय ध्वज के फहराते ही उपस्थित लोगों में उत्साह और गर्व का माहौल बन गया। सभी ने सम्मान के साथ तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प लिया। समारोह के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों को याद करने का दिन भी है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आजादी के बाद देश ने विकास के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां हासिल की हैं और आने वाली पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह देश की एकता, अखंडता और प्रगति को मजबूत बनाए।

जिला परिषद कार्यालय में आयोजित समारोह में मौजूद लोगों ने पूरे उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। बैंड-बाजा और ढोल-नगाड़ों के बीच हुआ झंडोत्तोलन समारोह आकर्षण का केंद्र रहा। तिरंगे की शान में पूरा परिसर देशभक्ति के नारों और उत्साह से गूंज उठा। समारोह ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत किया।

पितृपक्ष मेले में बाल श्रम पर सख्ती: नाबालिगों से टोटो चलवाया तो ई-रिक्शा मालिकों पर होगी कार्रवाई

गया। पितृपक्ष मेले से पहले गया में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को गया जिला अतिथि गृह में बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द सिंह एवं विधान पार्षद अनिल शर्मा की मौजूदगी में मगध प्रमंडल के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान “बाल श्रम मुक्त पंचायत” घोषित करने की कार्ययोजना के साथ-साथ पितृपक्ष मेले के दौरान बाल श्रमिकों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर रणनीति तैयार की गई।

उप श्रमायुक्त, मगध प्रमंडल पूनम कुमारी, सहायक श्रमायुक्त गया ऋतुराज, सहायक श्रमायुक्त औरंगाबाद प्रियंका कुमारी समेत गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा और औरंगाबाद के श्रम विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने पंचायत स्तर पर बाल श्रमिकों की पहचान, उन्हें श्रम से मुक्त कराने और पुनर्वास की दिशा में चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान अतरी की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुनैना कुमारी, शेरघाटी के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मुरली मणि, नीमचक बथानी के कर्पूर बावला, मदनपुर (औरंगाबाद) के संजीव कुमार तथा हुलासगंज के गौतम कुमार ने चिह्नित पंचायतों में बाल श्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया।

पितृपक्ष मेले में बच्चों से काम कराया तो होगी कड़ी कार्रवाई

प्रेस वार्ता के दौरान आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द सिंह ने अगले माह से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले को लेकर पंडों, दुकानदारों और नगर निगम के अंतर्गत कार्यरत सफाई कर्मियों से विशेष अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में बच्चों से काम न लें। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला धार्मिक और पवित्र आयोजन है। इसमें बच्चों से मजदूरी या अन्य कार्य कराना सामाजिक अपराध के समान है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि बाल श्रम कानून की अनदेखी करने वाले नियोजकों के खिलाफ श्रम विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी। विभाग ने बाल श्रम से जुड़े मामलों में निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।

नाबालिगों के हाथ में टोटो का हैंडल मिला तो मालिक भी फंसेंगे

बैठक के बाद प्रेस वार्ता में एक और गंभीर मुद्दा सामने आया। शहरी एवं मेला क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा ई-रिक्शा यानी टोटो चलाए जाने की शिकायतों पर भी अधिकारियों ने चिंता जताई। अधिकारियों के अनुसार, नाबालिगों द्वारा टोटो चलाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। आयोग के उपाध्यक्ष ने ई-रिक्शा मालिकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई बालक या किशोर ई-रिक्शा चलाते हुए पाया गया तो वाहन मालिक के खिलाफ भी बाल श्रम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को पितृपक्ष मेले से पहले गहन छापेमारी अभियान चलाने तथा बाल श्रम के खिलाफ व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विभाग की यह तैयारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मेले के दौरान किसी भी दुकान, प्रतिष्ठान या अन्य स्थान पर नाबालिगों से श्रम नहीं कराया जाए और बाल श्रमिकों को शिक्षा एवं पुनर्वास से जोड़ने की मुहिम को गति दी जाए।

बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन: माइंडफुल माइंड सेंटर एवं काउंसिल ऑफ मगध वूमेन एम्पावरमेंट के संयुक्त तत्वावधान हुआ


गया। मगध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गांधीजी नगर, कुजापी (गयाजी) में Mindful Mind Center एवं Council of Magadh Women Empowerment (COMWE) के संयुक्त तत्वावधान में बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं किशोरों को तनाव प्रबंधन, बेहतर नींद, सकारात्मक सोच तथा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता (Keynote Speaker) डॉ. श्वेता कुमारी ने बच्चों एवं किशोरों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पढ़ाई, प्रतियोगिता, सोशल मीडिया तथा बदलती जीवनशैली के कारण बच्चों में तनाव एवं भावनात्मक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने Stress Management, Sound Sleep एवं Positive Mindset पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने, पर्याप्त नींद लेने, नियमित दिनचर्या अपनाने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि असफलता को जीवन का अंत नहीं, बल्कि सीखने का अवसर समझना चाहिए। माता-पिता एवं शिक्षकों को भी बच्चों की बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए तथा उनकी भावनात्मक आवश्यकताओं को समझना चाहिए।

इस अवसर डॉ Sewta कुमारी को COMWE के Secretary श्री नवीन रंजन एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुधीर कुमार द्वारा संयुक्त रूप से अंगवस्त्र एवं पुष्प-पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

Code Orbit, USA के ऑनलाइन प्रशिक्षणार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान एक अन्य विशेष समारोह में Code Orbit, USA द्वारा आयोजित ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने वाले लगभग 50 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। अमेरिका से Code Orbit की Instructor आफिया खानम ने वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें निरंतर सीखने, तकनीकी ज्ञान विकसित करने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

ऑनलाइन कक्षाओं में उत्कृष्ट सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों में दीबा, अलीज़ा, मांडवी, सिट्टू, तनिष, यश सहित लगभग 50 विद्यार्थियों को उनके प्रयास एवं उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं मंच संचालन श्री दिवेश कुमार वर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं तकनीकी शिक्षा—दोनों कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जोड़ते हुए प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रवीण रंजन गांधी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी एवं संवेदनशील बनाना भी शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने Mindful Mind Center, COMWE तथा Code Orbit, USA की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के उज्ज्वल एवं संतुलित भविष्य की नींव मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम का समापन सकारात्मक सोच, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने के संदेश के साथ हुआ।

सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 74 वर्षीय दशरथ यादव की श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब, लालू यादव के पोता तनुज यादव समेत कई समाजसेवी हुए शामिल

गया: गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड के तेतरिया गांव निवासी 74 वर्षीय स्वर्गीय दशरथ यादव की श्रद्धांजलि सभा में शनिवार को क्षेत्र के कई नेता, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा में लोगों ने स्वर्गीय दशरथ यादव के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं सामाजिक योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि सभा में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के रिश्तेदार एवं पोता तनुज यादव भी पहुंचे। उन्होंने स्वर्गीय दशरथ यादव के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।

इस दौरान तनुज यादव ने कहा कि दशरथ यादव के परिवार से उनका पारिवारिक संबंध रहा है। दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ खड़े हैं, इसी पारिवारिक रिश्ते की वजह से श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने पहुंचे हैं। उन्होंने क्षेत्र के माहौल की भी सराहना करते हुए कहा कि बाराचट्टी क्षेत्र में आने के बाद काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां का वातावरण शांतिपूर्ण और बेहतर लगा।

सड़क हादसे में हुई थी दर्दनाक मौत

स्वर्गीय दशरथ यादव के पुत्र एवं बाराचट्टी प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि जगदीश यादव ने बताया कि उनके पिता का निधन 27 जुलाई को सड़क दुर्घटना में हो गया था। उन्होंने बताया कि दशरथ यादव बाइक से हाईवे पर जा रहे थे। इसी दौरान एक बड़े वाहन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई।

दशरथ यादव के निधन के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। श्रद्धांजलि सभा के दौरान भी परिवार के सदस्यों की आंखें नम नजर आईं। परिजनों ने बताया कि स्वर्गीय दशरथ यादव के सभी कर्मकांड पैतृक आवास बाराचट्टी प्रखंड के तेतरिया गांव में ही संपन्न कराए गए।

नेताओं और बुद्धिजीवियों ने दी श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा में विधायक प्रतिनिधि रामविलास प्रसाद, विधायक पुत्र सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, राजनीतिक कार्यकर्ता, समाजसेवी, बुद्धिजीवी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय दशरथ यादव के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि दशरथ यादव का निधन परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी अपूरणीय क्षति है। लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की कामना की।

गया में चमत्कार: जन्म के समय पेट के बाहर थी पूरी आंत, दो चरणों की जटिल सर्जरी से नवजात को मिला नया जीवन

गया। नवादा जिले के एक नवजात शिशु को गया के प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में नई जिंदगी मिली है। जन्म के समय शिशु गैस्ट्रोस्कीसिस नामक दुर्लभ जन्मजात विकृति से पीड़ित था, जिसमें पेट की दीवार पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण उसकी लगभग पूरी छोटी और बड़ी आंत पेट के बाहर थी। यह स्थिति नवजातों में सबसे गंभीर मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है।

अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह के नेतृत्व में नवजात का दो चरणों में सफल ऑपरेशन किया गया। पहले चरण में बाहर निकली आंतों को सावधानीपूर्वक पेट के भीतर स्थापित किया गया, जबकि दूसरे चरण में पेट की दीवार का सफल पुनर्निर्माण किया गया।

ऑपरेशन के बाद नवजात की देखभाल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वर्णलता की निगरानी में की गई। उनकी सतत निगरानी और बेहतर नवजात चिकित्सा के कारण शिशु अब पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। इस जटिल उपचार में एनेस्थीसिया टीम, ओटी स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ और पूरे चिकित्सा दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. जे. पी. सिंह ने कहा कि गैस्ट्रोस्कीसिस जैसी गंभीर बीमारी में समय पर विशेषज्ञ सर्जरी और उच्चस्तरीय नवजात देखभाल से शिशु का जीवन बचाया जा सकता है।

प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने कहा कि अस्पताल आधुनिक सुविधाओं और अनुभवी विशेषज्ञों की टीम के साथ मगध क्षेत्र के मरीजों को जटिल बीमारियों का उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

"50 लाख लौटाने की मांग पर रंगदारी का झूठा केस!" पीड़ित दंपती का बड़ा आरोप, एसएसपी और आईजी से उच्चस्तरीय जांच की मांग

गया। गया शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित गोड़िया मठ मोहल्ला निवासी अमित कुमार और उनकी पत्नी शिल्पा गुप्ता ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर बिल्डर विकास कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज 50 लाख रुपये की रंगदारी और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी का मामला पूरी तरह झूठा और साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। दंपती ने जिला पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

अमित कुमार ने बताया कि विकास कुमार उनके चचेरे भाई हैं। पारिवारिक रिश्ते पर भरोसा करते हुए उन्होंने "गजाधर टावर" नामक निर्माण परियोजना में अपनी पत्नी शिल्पा गुप्ता, सुमित कुमार, नीलम देवी और सुरेश प्रसाद के साथ मिलकर करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया था। समझौते के अनुसार, उन्हें 35 लाख रुपये में एक 2BHK फ्लैट दिया जाना था, साथ ही निवेश की गई राशि लौटाने की बात भी स्टांप पेपर पर लिखित रूप से दर्ज की गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब तय समय पर उन्होंने अपनी राशि की मांग की तो विकास कुमार लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में जब वह अपने पैसे की मांग करने उनके कार्यालय पहुंचे तो उनके खिलाफ रंगदारी मांगने और हथियार के बल पर धमकी देने का मामला दर्ज करा दिया गया। अमित कुमार का कहना है कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इस बात का प्रमाण है कि वे बिना किसी हथियार के सामान्य रूप से कार्यालय पहुंचे थे। ऐसे में रंगदारी और पिस्तौल दिखाने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

शिल्पा गुप्ता ने कहा कि उनके परिवार की मेहनत की कमाई वापस न करनी पड़े, इसलिए उनके पति को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कुमार पहले भी लोगों को बड़े-बड़े प्रोजेक्ट का लालच देकर पैसे लेते रहे हैं और बाद में रकम लौटाने से बचने के लिए विवाद खड़ा कर देते हैं। परिवार का सदस्य होने के कारण उन्होंने भी उन पर विश्वास किया, लेकिन बदले में धोखा मिला।

दंपती ने गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मगध रेंज के आईजी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि सीसीटीवी फुटेज, लिखित समझौते और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाकर उसे कानूनी विवाद में फंसाना न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

रिटायर्ड सैनिक की पत्नी ने न्याय के लिए लगा रही है थाने की चक्कर, उसके निजी जमीन पर अन्य व्यक्तियों द्वारा कब्जा कर मकान बनाने का लगाया आरोप

पीड़ित महिला ने सुनाई आप-बीती, कही पति कैंसर के इलाज के लिए हॉस्पिटल में है भर्ती, इधर दबंगों ने जमीन पर कब्जे का किया प्रयास

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के हरिगांव गांव के चुका बिगहा टोला की रहने वाली एक महिला ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर कथित अवैध कब्जा, जबरन निर्माण और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मध्य प्रक्षेत्र, गया से न्याय की गुहार लगाई है।पीड़िता का कहना है कि आईजी से मिलने के बाद भी थाना का चक्कर लगाना पड़ रहा है,और थाने की पुलिस कोई कार्रवाई नही कर रही है। पीड़िता ने बताया कि उनके पति रिटायर्ड सैनिक हैं और इस वक्त वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज कराने के लिए नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उनकी अनुपस्थिति का लाभ उठाकर मेरे निजी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया.

शिकायत पत्र के अनुसार, पीड़िता रिंकुमनी देवी ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी खरीदी हुई भूमि पर जबरन निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की। विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि दबंग प्रवृत्ति के लोग लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं ताकि वे अपनी जमीन छोड़ दें।

आवेदन में कई लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो किसी भी समय बड़ा विवाद या अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपितों का मनोबल बढ़ गया है।

महिला ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्ययालय में वाद लंबित रहने के बावजूद विपक्षी पक्ष कथित रूप से विवादित भूमि पर निर्माण कराने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया जारी होने के बावजूद कानून की अनदेखी कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

पीड़िता के अनुसार, उन्होंने पहले भी बेलागंज थाना में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक, मध्य प्रक्षेत्र, गया को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध निर्माण पर रोक लगाने तथा उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि दस्तावेज़ पर लगी प्राप्ति मुहर से होती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

इस संबंध में बेलागंज थाना अध्यक्ष से बात किया गया तो उनका कहना था कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, सीओ के दोबारा पुलिस प्रोटेक्शन मांगा जाएगा तो उपलब्ध कराया जाएगा यह जो मामला है सीओ से जुड़ा मामला है. मारपीट का भी और आरोप लगाया जा रहा है, इसकी जांच की जा रही है.

मगध मोटर्स में नई टाटा टियागो की भव्य लॉन्चिंग, पेट्रोल, CNG और EV विकल्पों के साथ ग्राहकों के लिए हुई पेश

गया: गया शहर के प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल शोरूम मगध मोटर्स में टाटा मोटर्स की लोकप्रिय हैचबैक नई टाटा टियागो की भव्य लॉन्चिंग की गई। इस अवसर पर ग्राहकों, शहर के गणमान्य लोगों, बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टाटा मोटर्स के रीजनल मैनेजर निमेष कुमार, डिप्टी रीजनल मैनेजर प्रभात कुमार, SBI के प्रतिनिधि, IMA के प्रेसिडेंट एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से नई टाटा टियागो का अनावरण कर इसे आधिकारिक रूप से ग्राहकों के लिए लॉन्च किया।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नई टाटा टियागो को आधुनिक ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आकर्षक एक्सटीरियर, प्रीमियम इंटीरियर, एडवांस इंफोटेनमेंट सिस्टम, बेहतर कनेक्टिविटी फीचर्स, दमदार सेफ्टी तकनीक और शानदार ड्राइविंग अनुभव इसे अपने सेगमेंट की एक बेहतरीन कार बनाते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह कार पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक (EV) तीनों विकल्पों में उपलब्ध है, जिससे ग्राहकों को अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

मगध मोटर्स के महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि नई टाटा टियागो के सभी वेरिएंट की बुकिंग शुरू हो चुकी है। ग्राहकों के लिए टेस्ट ड्राइव, आकर्षक फाइनेंस योजनाएं और एक्सचेंज ऑफर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने शहरवासियों से शोरूम पहुंचकर नई टियागो का अनुभव लेने और अपनी पसंद के मॉडल की बुकिंग कराने की अपील की।

कार्यक्रम में मगध मोटर्स के निदेशक सुधीर कुमार सिंह, शोरूम के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधि, शहर के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्राहक मौजूद रहे।