कूटरचित दस्तावेजों से जमीन बेचने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। थाना मड़ियांव पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर स्वयं को भूमि का मालिक बताकर जमीन बेचने के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि पर अपना स्वामित्व दर्शाता था और उसे बेचकर आर्थिक लाभ अर्जित करने का प्रयास करता था।

पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर 2024 को डाक पैड के माध्यम से आवेदक विमल चन्द्र जैन पुत्र स्वर्गीय हरक चन्द्र जैन, निवासी डालीगंज, थाना हसनगंज, लखनऊ की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था। इसमें आरोप लगाया गया था कि विपक्षीगण ने आवेदकगण की भूमि के संबंध में धोखाधड़ी एवं कूटरचना करते हुए फर्जी बैनामा तैयार किया और स्वयं को भूमि का वास्तविक मालिक बताते हुए उसे विक्रय करने का प्रयास किया।

फर्जी बैनामा तैयार कर जमीन बेचने का आरोप

प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना मड़ियांव में मु0अ0सं0 624/2024 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत ज्ञान सिंह पुत्र स्वर्गीय गुरु प्रसाद आदि के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई।

विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त महेन्द्र प्रताप की मामले में संलिप्तता प्रकाश में आई और वह मुकदमे में वांछित चल रहा था।

मास्टरबाग ऑटो सेल्स से गिरफ्तारी

थाना मड़ियांव पुलिस टीम ने वांछित अभियुक्त की तलाश में कार्रवाई करते हुए 11 अगस्त 2026 को शाम करीब 5 बजे उसे मास्टरबाग ऑटो सेल्स, मास्टरबाग से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तारी का कारण बताते हुए नियमानुसार हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

साथियों के साथ मिलकर करता था फर्जीवाड़ा

पुलिस के अनुसार पूछताछ एवं विवेचना में सामने आया कि अभियुक्त अपने साथियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आवेदकगण की भूमि को बेचने की योजना में शामिल था। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भूमि पर अपना अधिकार दर्शाकर उसे विक्रय कर आर्थिक लाभ अर्जित करना इस पूरे मामले में अपनाया गया तरीका बताया गया है।

पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और फर्जी दस्तावेज तैयार करने एवं भूमि के लेनदेन से संबंधित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण

महेन्द्र प्रताप, पुत्र सुखदेव, निवासी ग्राम कनकपुर, पोस्ट दहावा, थाना रामपुर कलां, जनपद सीतापुर, उम्र करीब 29 वर्ष। पुलिस के अनुसार अभियुक्त मास्टरबाग ऑटो सेल्स में कार्य करता है।

अभियुक्त के अन्य आपराधिक इतिहास के संबंध में थाना स्तर के साथ-साथ अन्य जनपदों से भी जानकारी एवं सत्यापन कराया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की विवेचना जारी है और प्रकरण में सामने आने वाले अन्य आरोपियों एवं तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस पर जनभवन के आसपास बदलेगा यातायात, कई रास्तों पर डायवर्जन
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को जनभवन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसे देखते हुए लखनऊ यातायात पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए डायवर्जन व्यवस्था लागू की है। जनभवन में सुबह 8 बजे झंडारोहण और शाम 4 बजे स्वल्पाहार कार्यक्रम प्रस्तावित है। इन कार्यक्रमों के दौरान जनभवन और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात के आवागमन में बदलाव रहेगा।

यातायात पुलिस के मुताबिक, बंदरियाबाग चौराहे से सामान्य यातायात जनभवन, डीएसओ चौराहा और हजरतगंज की ओर नहीं जा सकेगा। इस दिशा में जाने वाले वाहन गोल्फ क्लब चौराहा या एसएन ओवरब्रिज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

इसी तरह लालबत्ती चौराहे से प्रेरणा केन्द्र तिराहा, एनेक्सी तिराहा और सिसेण्डी तिराहा की ओर जाने वाले सामान्य यातायात को प्रतिबंधित किया गया है। वाहन चालक बंदरियाबाग चौराहा, गोल्फ क्लब चौराहा अथवा एसएन ओवरब्रिज होकर आगे जा सकेंगे।

हजरतगंज चौराहे से डीएसओ चौराहा और बंदरियाबाग चौराहा की ओर भी सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा। इस मार्ग के वाहन पार्क रोड चौराहा होकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

वहीं रॉयल होटल चौराहे से सिसेण्डी तिराहा, डीएसओ चौराहा, एनेक्सी तिराहा और प्रेरणा केन्द्र तिराहा की तरफ सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। यहां से वाहन हजरतगंज चौराहा या बलिग्टन चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

इसके अलावा 15 अगस्त को डीएसओ चौराहा से पार्क रोड चौराहा और पार्क रोड चौराहा से हजरतगंज चौराहा तक एकल मार्ग निलंबित रहेगा। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्गों का प्रयोग करें और कार्यक्रम स्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ से बचें।

आपात स्थिति में एम्बुलेंस को मिलेगी अनुमति

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति को चिकित्सकीय आपात स्थिति होने पर और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में एम्बुलेंस आदि को प्रतिबंधित मार्ग से जाने की अनुमति दी जा सकेगी। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा।

आमजन किसी भी तरह की यातायात संबंधी सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।

यातायात पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान आम लोगों से सहयोग करने और निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है, ताकि कार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
स्मार्ट क्लास से स्मार्ट भविष्य की ओर बढ़े सर्वोदय विद्यालय

-  5 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शुरू हुए स्मार्ट क्लासरूम, ₹35 करोड़ की CSR परियोजना का पहला चरण

-  मंत्री असीम अरुण ने किया शुभारंभ, स्मार्ट बोर्ड से एसी तक आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यार्थी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब डिजिटल और आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। समाज कल्याण विभाग ने 5 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की है। FIRST ORIGIN NextGen Edutech Pvt. Ltd. के सहयोग से CSR के तहत संचालित इस परियोजना पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित उद्घाटन एवं संवाद कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने दीप प्रज्ज्वलित कर परियोजना के पहले चरण का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव, निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह, उपनिदेशक जे. राम और FIRST ORIGIN के प्रबंध निदेशक अनुज कुमार वर्मा मौजूद रहे।

-  5 विद्यालयों में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत निडोरी (गाजियाबाद), बदनौरा (बुलंदशहर), हस्तिनापुर (मेरठ), बरेली और पीलीभीत के एक-एक विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए गए हैं।
इन स्मार्ट क्लासरूम को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट पैनल, दो एयर कंडीशनर और वुडेन फ्लोरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल माध्यम से भी विषयों को समझने और सीखने का अवसर मिलेगा।

-  'तकनीक से प्रतिभा को मिलेगा अवसर’
राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम सिर्फ पढ़ाई का तरीका बदलने की पहल नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है। सरकार का उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े तथा भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए खुद को तैयार कर सके।
उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को भी शिक्षा के ऐसे संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करेंगे।

-  दूसरे चरण में बढ़ेगा स्मार्ट शिक्षा का दायरा
FIRST ORIGIN के प्रबंध निदेशक अनुज कुमार वर्मा ने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में शेष चयनित सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। इससे अधिक संख्या में विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
समाज कल्याण विभाग की इस पहल का उद्देश्य सर्वोदय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें डिजिटल युग की जरूरतों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
रक्षाबंधन पर बहनों की राह होगी आसान, यूपी में चलेंगी अतिरिक्त बसें

-  26 से 31 अगस्त तक विशेष बस संचालन, परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसें रहेंगी ऑनरोड

-  दिल्ली से पूर्वांचल तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी, 24 घंटे कंट्रोल रूम से होगी निगरानी


लखनऊ। रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए योगी सरकार ने प्रदेश में विशेष परिवहन व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों के लिए अतिरिक्त बसों के संचालन के निर्देश दिए हैं। इस दौरान परिवहन निगम की अधिकतम, यानी शत-प्रतिशत बसें ऑनरोड रखने पर जोर दिया गया है।
त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस दिशा में परिवहन सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। लखनऊ, कानपुर समेत प्रमुख गंतव्यों के लिए यात्रियों की मांग के अनुसार अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।

-  दिल्ली से पूर्वांचल तक बढ़ेगी बस कनेक्टिविटी
रक्षाबंधन के दौरान दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। दिल्ली-मुरादाबाद-बरेली होते हुए पूर्वी क्षेत्रों तथा दिल्ली-अलीगढ़-कानपुर होते हुए पूर्वांचल की ओर बस संचालन संबंधी मौजूदा प्रतिबंधों में जरूरत के अनुसार छूट देने का प्रावधान किया गया है।
परिवहन निगम के एमडी प्रभु एन. सिंह ने क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को यात्री मांग के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य है कि प्रमुख मार्गों पर यात्रियों को लंबे समय तक बस का इंतजार न करना पड़े।

-  बस अड्डों पर साफ-सफाई और पेयजल की विशेष व्यवस्था
सरकार ने बसों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया है। सभी बसों और बस स्टेशनों पर साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त रोशनी और पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बस संचालन की जानकारी यात्रियों तक लगातार पहुंचाने के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। भीड़ वाले बस स्टेशनों पर पर्यवेक्षकों की तैनाती रहेगी और डिपो एवं क्षेत्रीय अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

-  त्योहार के दौरान कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक
विशेष बस संचालन के दौरान पर्याप्त चालक-परिचालक और तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए त्योहार अवधि में छुट्टियों पर रोक रहेगी। लगातार सेवा देने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

छह दिनों में निर्धारित शर्तों के साथ 1,800 किलोमीटर बस संचालन पूरा करने वाले पात्र चालक-परिचालकों को 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। संविदा चालक-परिचालकों को 1,800 किलोमीटर से अधिक संचालन पर अतिरिक्त दूरी के लिए 55 पैसे प्रति किलोमीटर की अतिरिक्त राशि मिलेगी।
डिपो और क्षेत्रीय कार्यशालाओं में छह दिनों तक प्रतिदिन उपस्थित रहने वाले पात्र तकनीकी कर्मचारियों को 500 रुपये एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। चालक-परिचालकों की प्रोत्साहन योजना में 64 प्रतिशत से अधिक लोड फैक्टर की शर्त भी रखी गई है।
चिन्हित बस स्टेशनों पर बेहतर व्यवस्था बनाए रखने वाले कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के प्रोत्साहन के लिए भी 90 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर बहनों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए बसों की उपलब्धता से लेकर बस अड्डों की व्यवस्थाओं और यात्रियों की सहायता तक हर स्तर पर निगरानी की जाएगी।
ग्रामसभा की जमीन खुर्द-बुर्द करने की कोशिश पर होगी एफआईआर

-  चकबंदी आयुक्त ने आदेशों की समीक्षा के बाद कड़ा रुख अपनाया, ग्रामसभा भूमि से जुड़े मामलों में डीएम की लिखित अनुमति अनिवार्य


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामसभा की बेशकीमती भूमि को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर खुर्द-बुर्द करने के प्रयासों पर अब सख्ती होगी। चकबंदी आयुक्त डा. हृषिकेश भास्कर यशोद ने चकबंदी प्राधिकारियों द्वारा निस्तारित किए जा रहे वादों में पारित आदेशों की समीक्षा कराई। समीक्षा में सामने आया कि कुछ मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ग्रामसभा की भूमि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया और कथित रूप से कूटरचित आदेशों के आधार पर वादों का निस्तारण किया गया।
स्थिति को रोकने के लिए प्रदेश के जिलाधिकारियों, जिला उप संचालक चकबंदी और अन्य चकबंदी प्राधिकारियों को नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब ऐसे स्थानांतरण प्रार्थना पत्र अथवा पत्रावलियां, जिनमें ग्रामसभा का हित जुड़ा हो, और जिनमें वाद को किसी अन्य जनपद में स्थानांतरित करना जरूरी हो, तो इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी अथवा जिला उप संचालक चकबंदी की पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

-  अमलदरामद से पहले भी लेनी होगी अनुमति
ग्रामसभा की भूमि से संबंधित किसी आदेश की अमलदरामद करने से पहले भी जिलाधिकारी अथवा जिला उप संचालक चकबंदी की लिखित पूर्व अनुमति जरूरी कर दी गई है। इसका उद्देश्य ग्रामसभा की भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।
चकबंदी आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी मामले में ग्रामसभा की भूमि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास दिखाई देता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। साथ ही दोषी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई का प्रस्ताव चकबंदी निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

-  महराजगंज के 18 वनटांगिया गांव चकबंदी से बाहर
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में महराजगंज के 18 वनटांगिया ग्रामों को चकबंदी प्रक्रिया से पृथक कर दिया गया है। जिलाधिकारी महराजगंज ने इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया संभव नहीं होने के कारण उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम की धारा 6(1) के तहत इन्हें चकबंदी से अलग करने का प्रस्ताव भेजा था।
जनहित को ध्यान में रखते हुए इन सभी 18 वनटांगिया ग्रामों को 12 अगस्त 2026 को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से चकबंदी प्रक्रिया से पृथक कर दिया गया। इससे इन गांवों के निवासियों को चकबंदी प्रक्रिया से संबंधित लंबित समस्याओं के समाधान में राहत मिलने की उम्मीद है।
फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल से ठगी करने वाला नाइजीरियाई गिरफ्तार

-  यूपी STF ने दिल्ली से पकड़ा अंतरराष्ट्रीय फेक प्रोफाइलिंग गैंग का सदस्य, लखनऊ के युवक से 68 लाख की ठगी का मामला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिकों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय युवक-युवतियों को दोस्ती के जाल में फंसाने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के एक सदस्य को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान नाइजीरियाई नागरिक NWOGU OBED OSINACHI के रूप में हुई है। एसटीएफ ने उसे दिल्ली के कमल विहार, बुराड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह के सदस्य विदेशी नागरिकों के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसके बाद भारतीय युवक-युवतियों से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर उन्हें भरोसे में लिया जाता था। जाल में फंसने के बाद पीड़ितों को महंगे गिफ्ट, डॉलर और पाउंड भेजने का झांसा दिया जाता था।
गिरोह की ओर से पीड़ितों को बताया जाता था कि विदेश से भेजे गए गिफ्ट या विदेशी मुद्रा कस्टम में फंस गई है। इसके बाद आरोपी कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बनकर पीड़ितों से विभिन्न शुल्क और टैक्स के नाम पर रकम वसूलते थे।

-  लखनऊ के युवक से 68 लाख की ठगी
जांच में लखनऊ के एक युवक से करीब 68 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ लखनऊ के मड़ियांव थाने में बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड और लैपटॉप समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। एसटीएफ अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के जरिए गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

-  कई राज्यों में फैला है नेटवर्क
एसटीएफ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में इसी तरीके से ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया और ठगी की कुल रकम कितनी है।
30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की समीक्षा करें
-  गोवंश के लिए हरा चारा, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश; 70 फीसदी टीकाकरण पूरा कराने का लक्ष्य
लखनऊ। प्रदेश में गोसंरक्षण, पशु स्वास्थ्य और दुग्ध विकास योजनाओं को गति देने के लिए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की मंडलवार समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। गौशालाओं में गोवंश के लिए हरा चारा, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।

विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में गोसंरक्षण, हरा चारा, संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान और दुग्ध समितियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

-  30 अगस्त तक 70 फीसदी टीकाकरण
धर्मपाल सिंह ने संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे पशु टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 30 अगस्त तक कम से कम 70 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने अभियान की नियमित निगरानी करते हुए लक्षित पशुओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण की दिशा में तेजी से काम करने को कहा।

-  किसानों से अनुबंध कर गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा हरा चारा
मंत्री ने गौशालाओं में हरे चारे की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ अनुबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे गौशालाओं को लगातार हरा चारा मिल सकेगा और किसानों को भी इसका आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने जुलाई 2026 में विभागीय अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण में सामने आई कमियों का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा। निरीक्षण में कई गो-आश्रय स्थलों पर जलभराव और कीचड़, खड़ंजा-पंडना, हरे चारे व पशु आहार, शेड एवं बाउंड्रीवाल तथा अभिलेखीकरण और टैगिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। गोंडा, बहराइच, मुरादाबाद, अमरोहा, वाराणसी, जालौन, संत कबीर नगर, उन्नाव, अयोध्या, गोरखपुर, रामपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर समेत कई जिलों में इन कमियों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।

-  बाढ़ प्रभावित जिलों में पहले से हो पुख्ता इंतजाम
मंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशुओं के लिए चारा, भूसा, दवाएं और पेयजल समेत सभी आवश्यक संसाधनों की पहले से व्यवस्था करने को कहा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा परिस्थितियों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पशुपालकों और गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

-  हर गांव में दुग्ध समिति बनाने पर जोर
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा में धर्मपाल सिंह ने हर गांव में दुग्ध समिति गठित करने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को समितियों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके दूध का बेहतर मूल्य और लाभ मिल सके। मंत्री ने पराग उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि दुग्ध विकास से जुड़ी योजनाओं में तेजी लाई जाए और उत्पादों की बाजार में बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जाए।
अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को मंत्री के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशु चिकित्साधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा हरे चारे-भूसे की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा। साथ ही एफएमडी टीकाकरण, गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध समितियों के गठन की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की समीक्षा करें
-  गोवंश के लिए हरा चारा, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश; 70 फीसदी टीकाकरण पूरा कराने का लक्ष्य
लखनऊ। प्रदेश में गोसंरक्षण, पशु स्वास्थ्य और दुग्ध विकास योजनाओं को गति देने के लिए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 30 अगस्त तक प्रदेश की सभी गौशालाओं की मंडलवार समीक्षा कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। गौशालाओं में गोवंश के लिए हरा चारा, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।

विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में गोसंरक्षण, हरा चारा, संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान और दुग्ध समितियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

-  30 अगस्त तक 70 फीसदी टीकाकरण
धर्मपाल सिंह ने संचारी रोगों से बचाव के लिए चल रहे पशु टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 30 अगस्त तक कम से कम 70 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने अभियान की नियमित निगरानी करते हुए लक्षित पशुओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण की दिशा में तेजी से काम करने को कहा।

-  किसानों से अनुबंध कर गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा हरा चारा
मंत्री ने गौशालाओं में हरे चारे की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ अनुबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे गौशालाओं को लगातार हरा चारा मिल सकेगा और किसानों को भी इसका आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने जुलाई 2026 में विभागीय अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण में सामने आई कमियों का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा। निरीक्षण में कई गो-आश्रय स्थलों पर जलभराव और कीचड़, खड़ंजा-पंडना, हरे चारे व पशु आहार, शेड एवं बाउंड्रीवाल तथा अभिलेखीकरण और टैगिंग से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। गोंडा, बहराइच, मुरादाबाद, अमरोहा, वाराणसी, जालौन, संत कबीर नगर, उन्नाव, अयोध्या, गोरखपुर, रामपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर समेत कई जिलों में इन कमियों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।

-  बाढ़ प्रभावित जिलों में पहले से हो पुख्ता इंतजाम
मंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशुओं के लिए चारा, भूसा, दवाएं और पेयजल समेत सभी आवश्यक संसाधनों की पहले से व्यवस्था करने को कहा। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरतने तथा परिस्थितियों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पशुपालकों और गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

-  हर गांव में दुग्ध समिति बनाने पर जोर
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा में धर्मपाल सिंह ने हर गांव में दुग्ध समिति गठित करने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को समितियों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके दूध का बेहतर मूल्य और लाभ मिल सके। मंत्री ने पराग उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि दुग्ध विकास से जुड़ी योजनाओं में तेजी लाई जाए और उत्पादों की बाजार में बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जाए।
अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को मंत्री के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों में पशु चिकित्साधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा हरे चारे-भूसे की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा। साथ ही एफएमडी टीकाकरण, गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध समितियों के गठन की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया।
‘दुग्ध शक्ति’ से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तकदीर
-  यूपी की 3.25 लाख महिला दुग्ध उत्पादक बनीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत, 31 जिलों में महिला नेतृत्व वाला दुग्ध मॉडल
-  98 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’, रोजाना 12.5 लाख लीटर दूध का संग्रहण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महिला नेतृत्व वाली मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां नई मिसाल कायम कर रही हैं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल और मार्गदर्शन में संचालित इस मॉडल से प्रदेश के 31 जिलों की करीब 3.25 लाख महिला दुग्ध उत्पादक संगठित रूप से जुड़ी हैं। इन कंपनियों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 12.5 लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। खास बात यह है कि अब तक 1.12 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को दुग्ध उत्पादन से जोड़कर उन्हें बेहतर बाजार, पारदर्शी मूल्य और नियमित आय का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाएं महज दुग्ध उत्पादक नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक गतिविधियों की सक्रिय भागीदार और उद्यमी के रूप में आगे बढ़ रही हैं।

-  पांच कंपनियां, 3.25 लाख महिला किसान
प्रदेश में महिला नेतृत्व वाली पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां इस बदलाव की प्रमुख आधार बनी हैं।

बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बुंदेलखंड के सात जिलों के 1,217 गांवों में कार्यरत है। इससे 98,010 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 3.20 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। कंपनी का अब तक करीब 2,447 करोड़ रुपये का कारोबार और 53.43 करोड़ रुपये का लाभ रहा है। इससे जुड़ी 49,571 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी पूर्वांचल के सात जिलों के 1,014 गांवों में संचालित है। इससे 49,317 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 2 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। कंपनी का अब तक करीब 749.80 करोड़ रुपये का कारोबार और 21.77 करोड़ रुपये का लाभ रहा है। इसके साथ 11,715 महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।

सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी मध्य क्षेत्र के सात जिलों के 1,555 गांवों में कार्यरत है। इससे 1,12,508 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 3.75 लाख लीटर दूध खरीदा जाता है। कंपनी ने अब तक करीब 1,783.80 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और 43.60 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। इससे जुड़ी 32,848 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी गोरखपुर क्षेत्र के चार जिलों के 1,087 गांवों में संचालित है। इससे 66,057 महिला किसान जुड़ी हैं और प्रतिदिन करीब 1.55 लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। कंपनी का अब तक करीब 320.24 करोड़ रुपये का कारोबार और 5.18 करोड़ रुपये का लाभ रहा है। यहां 10,546 महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं।

सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी तराई क्षेत्र के छह जिलों के 1,685 गांवों में काम कर रही है। इससे 60,122 महिला किसान जुड़ी हैं और करीब 2 लाख लीटर दूध प्रतिदिन खरीदा जाता है। कंपनी ने अब तक करीब 415.42 करोड़ रुपये का कारोबार और 8.97 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। इससे जुड़ी 7,932 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

-  सीधे बैंक खाते में भुगतान, हर 10 दिन में पैसा
महिला दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का पारदर्शी मूल्य दिलाने के लिए फैट और एसएनएफ आधारित मूल्य निर्धारण प्रणाली लागू है। दूध का भुगतान सीधे महिलाओं के बैंक खातों में किया जाता है। कंपनियों की ओर से प्रत्येक माह की 3, 13 और 23 तारीख को भुगतान की व्यवस्था की गई है। इससे महिलाओं को अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिलने के साथ नियमित और सुनिश्चित आय का आधार मिला है।

-  दूध से घी-पनीर तक महिलाओं की भागीदारी
बलिनी और सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां दूध खरीदने के साथ घी और पनीर जैसे उत्पादों का प्रसंस्करण भी कर रही हैं। वहीं काशी, श्री बाबा गोरखनाथ कृपा और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां दूध का संग्रहण कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत मदर डेयरी को उपलब्ध करा रही हैं।

इससे दूध उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और गांवों में स्थानीय आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला यह दुग्ध मूल्य श्रृंखला मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन तक संगठित आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि नियमित बैंक भुगतान, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और संगठित दुग्ध बाजार ने इस मॉडल को ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाया है। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
यूपी में अब 8 कमरों तक का होम-स्टे, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

-  बीएंडबी एवं होम-स्टे नीति-2025 की एसओपी में संशोधन, भवन स्वामी 16 शैय्या तक कर सकेंगे किराए पर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए आय एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से ब्रेड एण्ड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम-स्टे नीति-2025 की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब भवन स्वामी अपने आवासीय भवन के अधिकतम 8 कमरे यानी 16 शैय्या तक पर्यटकों को किराए पर दे सकेंगे। पहले यह सीमा अधिकतम 6 कमरे और 12 शैय्या थी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधित व्यवस्था का उद्देश्य देशी-विदेशी पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश में ठहरने, स्थानीय भोजन और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही अधिक से अधिक भवन स्वामियों को होम-स्टे योजना से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
संशोधित एसओपी के अनुसार, योजना के तहत भवन स्वामी अपने आवासीय भवन के कम से कम एक और अधिकतम आठ कमरों को किराए पर दे सकेंगे। इन कमरों में अधिकतम 16 शैय्या की व्यवस्था की जा सकेगी। रूरल होम-स्टे में स्नानागार, शौचालय, पानी, बिजली और सामान्य फर्नीचर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
मंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था नगर निगम की सीमा से बाहर आने वाली इकाइयों के लिए लागू होगी। यानी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पात्र आवासीय इकाइयां इस श्रेणी में आवेदन कर सकेंगी। आवेदन प्रक्रिया में पुलिस विभाग द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार चरित्र संबंधी स्व-प्रमाणन की व्यवस्था भी की गई है।

-  6 से बढ़ाकर 8 हुई कमरों की सीमा
सरकार ने पहले भवन स्वामियों को अधिकतम 6 कमरे (12 शैय्या) तक किराए पर देने की अनुमति दी थी। संशोधन के बाद अब यह सीमा बढ़ाकर 8 कमरे (16 शैय्या) कर दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक संख्या में आवासीय इकाइयों के होम-स्टे के रूप में विकसित होने का रास्ता साफ होगा।
जयवीर सिंह ने कहा कि एसओपी में किए गए संशोधन से अधिक से अधिक भवन स्वामी बीएंडबी एवं होम-स्टे योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे एक ओर भवन स्वामियों को अतिरिक्त आमदनी का स्रोत मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।