बलिया में जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में वीर लोरिक स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा, हर घरभव्य तिरंगा यात्रा, लोगों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
संजीव सिंह बलिया, 11 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के तहत जिले में आयोजित "हर घर तिरंगा अभियान 2026" के अंतर्गत आज वीर लोरिक स्टेडियम से एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह व पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा बलों, स्कूली बच्चों व जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और राष्ट्रभक्ति की जोशीली झलक पेश की। कार्यक्रम क्रम: सुबह 9:00 बजे वीर लोरिक स्टेडियम पर समायोजन एवं ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों व नागरिकों को संबोधित किया और अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। जिसके बाद स्टेडियम से यात्रा शुरू होकर कुवर सिंह चौराहा होते हुए चौक बाजार तक पैदल व वाहन रैली के रूप में मार्ग निकाला गया। मार्ग पर कई स्थानों पर तख्तियों व बैनरों के साथ नागरिकों ने देशभक्ति के गीत गायन और नारेबाजी की। यात्रा के समापन पर चौक बाजार में एक संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुति व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधि व संगठन: यात्रा में मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम, समस्त प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारी, थानाध्यक्ष, शांति समिति के सदस्य, सुरक्षा सखियाँ, पुलिस मित्र, सेवानिवृत्त सैनिक, होमगार्ड्स, NCC कैडेट्स, स्काउट–गाइड्स, महिला स्वयं सहायता समूह, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा प्रबुद्धजन सक्रिय रूप से शामिल रहे। स्कूली बच्चों की बड़ी संख्या ने कार्यक्रम में जान डाल दी और तिरंगे हाथों में लेकर मार्च में शामिल हुए। मुख्य वक्तव्य: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा, "हर घर तिरंगा अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं है, यह देश के प्रति हमारे कर्त्तव्य और सम्मान की अभिव्यक्ति है। हम चाहेंगे कि 15 अगस्त को प्रत्येक घर में तिरंगा लहराए और बच्चे भी इसमें भाग लें।" पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा, "तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक है। इस रूट मार्च का मकसद नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना और हर घर तक तिरंगा पहुँचाना है।" कार्यक्रम संयोजक (नाम जोड़ें यदि उपलब्ध हो) ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रशासन व पुलिस की साझेदारी से यह अभियान क्षेत्र में सफल होगा। दृश्य और माहौल: रैली के दौरान राष्ट्रगान और देशभक्ति गीतों की गूँज सुनने को मिली। युवा व बुजुर्ग, पढ़े-लिखे तथा आम नागरिक एक स्वर में "जय हिंद" व "वंदे मातरम" के नारे लगा रहे थे। कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने भी अपने-अपने स्थानों पर तिरंगे लगाया और निकलती रैली का स्वागत किया। कुछ स्थानों पर स्थानीय कलाकारों ने छोटे-छोटे नाट्य और गीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए, जिससे आसपास का माहौल और भक्तिमय बन गया। सुरक्षा व व्यवस्थाएँ: आयोजन के दौरान पुलिस व होमगार्ड्स द्वारा ट्रैफिक नियंत्रित किया गया तथा कोविड-19 सम्बन्धी अभी प्रासंगिक गाइडलाइंस का ध्यान रखते हुए भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया गया। एंबुलेंस व आपातकालीन वाहन तैनात रहे। आयोजन का उद्देश्य व आगे की योजना: "हर घर तिरंगा अभियान 2026" का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रभक्ति का भाव प्रबल करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना है। जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे 15 अगस्त 2026 को अपने-अपने घरों पर तिरंगा अवश्य फहराएं। जिले भर में आगामी दिनों में और भी फ्लैग मार्च, व्याख्यान, और स्कूली गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। आयोजन ने जनमानस में राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और प्रबल किया, जबकि प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं।

संजीव सिंह बलिया, 11 अगस्त 2026। 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के तहत जिले में आयोजित "हर घर तिरंगा अभियान 2026" के अंतर्गत आज वीर लोरिक स्टेडियम से एक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह व पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के नेतृत्व में हुए इस आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा बलों, स्कूली बच्चों व जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और राष्ट्रभक्ति की जोशीली झलक पेश की। कार्यक्रम क्रम: सुबह 9:00 बजे वीर लोरिक स्टेडियम पर समायोजन एवं ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों व नागरिकों को संबोधित किया और अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। जिसके बाद स्टेडियम से यात्रा शुरू होकर कुवर सिंह चौराहा होते हुए चौक बाजार तक पैदल व वाहन रैली के रूप में मार्ग निकाला गया। मार्ग पर कई स्थानों पर तख्तियों व बैनरों के साथ नागरिकों ने देशभक्ति के गीत गायन और नारेबाजी की। यात्रा के समापन पर चौक बाजार में एक संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुति व सम्मान समारोह आयोजित किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधि व संगठन: यात्रा में मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम, समस्त प्रशासनिक अधिकारी/कर्मचारी, थानाध्यक्ष, शांति समिति के सदस्य, सुरक्षा सखियाँ, पुलिस मित्र, सेवानिवृत्त सैनिक, होमगार्ड्स, NCC कैडेट्स, स्काउट–गाइड्स, महिला स्वयं सहायता समूह, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा प्रबुद्धजन सक्रिय रूप से शामिल रहे। स्कूली बच्चों की बड़ी संख्या ने कार्यक्रम में जान डाल दी और तिरंगे हाथों में लेकर मार्च में शामिल हुए। मुख्य वक्तव्य: जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कहा, "हर घर तिरंगा अभियान केवल प्रतीकात्मक नहीं है, यह देश के प्रति हमारे कर्त्तव्य और सम्मान की अभिव्यक्ति है। हम चाहेंगे कि 15 अगस्त को प्रत्येक घर में तिरंगा लहराए और बच्चे भी इसमें भाग लें।" पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा, "तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक है। इस रूट मार्च का मकसद नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना और हर घर तक तिरंगा पहुँचाना है।" कार्यक्रम संयोजक (नाम जोड़ें यदि उपलब्ध हो) ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रशासन व पुलिस की साझेदारी से यह अभियान क्षेत्र में सफल होगा। दृश्य और माहौल: रैली के दौरान राष्ट्रगान और देशभक्ति गीतों की गूँज सुनने को मिली। युवा व बुजुर्ग, पढ़े-लिखे तथा आम नागरिक एक स्वर में "जय हिंद" व "वंदे मातरम" के नारे लगा रहे थे। कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने भी अपने-अपने स्थानों पर तिरंगे लगाया और निकलती रैली का स्वागत किया। कुछ स्थानों पर स्थानीय कलाकारों ने छोटे-छोटे नाट्य और गीत कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए, जिससे आसपास का माहौल और भक्तिमय बन गया। सुरक्षा व व्यवस्थाएँ: आयोजन के दौरान पुलिस व होमगार्ड्स द्वारा ट्रैफिक नियंत्रित किया गया तथा कोविड-19 सम्बन्धी अभी प्रासंगिक गाइडलाइंस का ध्यान रखते हुए भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया गया। एंबुलेंस व आपातकालीन वाहन तैनात रहे। आयोजन का उद्देश्य व आगे की योजना: "हर घर तिरंगा अभियान 2026" का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रभक्ति का भाव प्रबल करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना है। जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे 15 अगस्त 2026 को अपने-अपने घरों पर तिरंगा अवश्य फहराएं। जिले भर में आगामी दिनों में और भी फ्लैग मार्च, व्याख्यान, और स्कूली गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। आयोजन ने जनमानस में राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और प्रबल किया, जबकि प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं।

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चार्य ओमप्रकाश वर्मा नगरा बलिया: नगर पंचायत नगरा के विद्युत उपकेंद्र के समीप बासफोर समुदाय के कई परिवार पिछले करीब पचास वर्षों से झुग्गी-झोपड़ी में जीवन यापन करने पर मजबूर हैं। समय के साथ सरकारें बदलीं और विकास के दावे भी सुनने को मिले, लेकिन इन परिवारों की दशा आज भी जस की तस बनी हुई है। इन परिवारों के पास न पक्की छत है न स्थिर आवास; बरसात, गर्मी व सर्दी में उन्हें हर बार जोखिम भरे हालात का सामना करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह परिवार दशकों से उसी स्थान पर रहते आ रहे हैं, फिर भी प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य लाभकारी योजनाओं का लाभ इन्हें अभी तक नहीं मिल पाया। झोपड़ियों में पानी घुसना, आग का खतरा और सुरक्षा का अभाव उनकी रोजमर्रा की चिंता बनी रहती है। बावजूद इसके नगर पंचायत और संबंधित अधिकारियों की ओर से इनकी समस्या पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि यदि पात्र परिवारों का सर्वे कराकर उन्हें योजनाओं के अनुसार आवास और अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाएँ तो इनके जीवन में बड़ा बदलाव आ सकता है। यहाँ रहने वाले ज्यादातर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं — कन्हैया लाल, गुलाबी देवी, धर्मू, बबलू, जद्दू, आकाश बासफोर, लाल बाबू, टिघुरी देवी, गुड़िया, उषा, प्रीति, मीरा, सुनील तथा विनोद बासफोर प्रमुख नाम हैं जो इस पीड़ा की जीवंत मिसाल हैं। बासफोर समाज के प्रतिनिधियों ने नगर पंचायत एवं जिला प्रशासन से अपील की है कि वे स्थलीय सत्यापन कराकर इन परिवारों की वास्तविक स्थिति का आकलन करें और पात्रता मिलने पर उन्हें शीघ्र आवास उपलब्ध कराया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास तभी सार्थक होगा जब समाज के सबसे कमजोर तबके के सिर पर भी सुरक्षित छत होगी। नगर पंचायत के अधिकारी इस मामले पर आधिकारिक टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। हम प्रशासन से उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय समाजसेवी और विकास कार्यकर्ता भी मामले को उठाने और स्थायी समाधान दिलाने के लिए तैयार हैं।
संजीव सिंह रसड़ा बलिया । प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के सदस्यों को परिचय पत्र वितरित करने का कार्यक्रम रविवार को स्टेशन रोड स्थित संगठन के कार्यालय पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष मतलूब अहमद ने की। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह, मंडल प्रभारी दिग्विजय सिंह और वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत पाठक मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता कठिन दौर से गुजर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद जनता की समस्याओं और प्रशासन की खामियों को प्रमुखता से उठाते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बनने के बजाय निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ अपनी लेखनी चलानी चाहिए। वक्ताओं ने बलिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध से संबंधित जारी परिपत्र पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों के विरुद्ध लिए गए ऐसे निर्णय का संगठन एकजुट होकर विरोध करेगा। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को पूर्वाग्रह और चाटुकारिता से दूर रहकर जनता के सवालों को मजबूती से उठाना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकारों को अपने अधिकारों और समस्याओं के लिए स्वयं संगठित होकर संघर्ष करना होगा। बड़े मीडिया समूह अक्सर ग्रामीण पत्रकारों की परेशानियों और संघर्षों में अपेक्षित सहयोग नहीं करते। ऐसे में पत्रकारों को आपसी एकता बनाए रखने के साथ ही जनता से निरंतर संवाद और संपर्क कायम रखना चाहिए। कार्यक्रम में हरिंदर वर्मा, श्यामकृष्ण गोयल, कृष्णा शर्मा, सीताराम शर्मा, डॉ. जीसी शर्मा, भगवान पांडेय, शकील अहमद अंसारी, गोपाल जी, कमलेश यादव, विकास वर्मा, अजीत कुमार, पिंटू पांडेय, मनोज कुमार गुप्ता, ओमप्रकाश वर्मा और संजय शर्मा सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।
संजीव सिंह रसड़ा बलिया। रसड़ा के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर रविवार को खनवर स्थित उनके आवास पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र नेताओं, पत्रकारों और रसड़ा के नागरिकों ने शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। श्रद्धांजलि देने वालों में सुषमा शेखर, यशपाल सिंह, सुजीत सिंह, विश्राम यादव, मृगेंद्र राम त्रिपाठी, प्रत्युष प्रधान, आकाश सिंह सनी, वशिष्ठ नारायण सोनी, इंदु देवी, अजय राजभर, आदित्य राजभर, मान सिंह सेंगर, अनिल सिंह, अरविंद सिंह, पवन सिंह, सतवीर सिंह मंटू, संजय यादव, कमलेश सिंह सुखन, सतीश मद्धेसिया, संजय उपाध्याय, पप्पू सिंह, शेषनाथ राय, उपेंद्र सिंह, सच्चिता सिंह, विजय सिंह बागी, अरविंद राय और सूर्य प्रताप सिंह सहित अनेक लोग शामिल रहे। इस दौरान दैनिक जागरण के पत्रकार पिंटू पाण्डेय, हिंदुस्तान टाइम्स के बसंत पाण्डेय, बसपा प्रत्याशी जेके आजाद तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे वरिष्ठ नागरिकों और सम्मानित छात्र नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के लोगों ने कहा कि उमाशंकर सिंह ने अपना पूरा जीवन जनसेवा, समाजहित और रसड़ा की जनता के सुख-दुःख में समर्पित कर दिया। उनके प्रति लोगों का स्नेह और सम्मान यह प्रमाणित करता है कि उनका व्यक्तित्व केवल परिवार तक सीमित नहीं था, बल्कि वह जन-जन के हृदय में बसे हुए थे। उनकी स्मृतियां, विचार और जनसेवा का आदर्श सदैव परिवार तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। परिजनों ने शोक की इस घड़ी में आवास पर पहुंचकर संवेदना व्यक्त करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
संजीव सिंह बलिया!पडरौना (कुशीनगर): पंडित मातादीन शर्मा सारस्वत की 95वीं जयंती पर हनुमान इण्टर कॉलेज, पडरौना में आयोजित भव्य संगोष्ठी व विद्वत् सम्मान समारोह में बलिया के प्रख्यात दार्शनिक व लेखक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को प्रतिष्ठित "पंडित मातादीन शर्मा सारस्वत दार्शनिक-चूड़ामणि सम्मान-2026" से सम्मानित किया गया। समारोह में हजारों विशिष्टजन, विद्वान और समाजसेवी उपस्थित रहे। समारोह के आयोजक मंडल ने डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को 24 उच्चकोटि ग्रंथों के लेखन, भारतीय दर्शन व ज्ञान-परम्परा के प्रचार-प्रसार तथा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके विद्वत् योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया। मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित डॉ. उपाध्याय ने अपना सारगर्भित बौद्धिक उद्बोधन प्रस्तुत किया जिसे उपस्थितजन ने बड़ी श्रद्धा से सुना। सम्मान प्रदान करते हुए पडरौना के विधायक मनीष जायसवाल, भाजपा कुशीनगर के जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, उ.प्र. प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष व शास्त्रज्ञ डॉ. मणिशंकर तिवारी, कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. के. पी. गौड़, और आयोजक मनेोज शर्मा सारस्वत ने डॉ. विद्यासागर की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के संयोजक व प्रधानाचार्य शैलेन्द्र दत्त शुक्ल ने आयोजन की सफलता के लिए आयोजक टीम का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. अभिषेक शुक्ला, डॉ. कमलेश वर्मा, डॉ. राजीव मिश्र, डॉ. सिद्धार्थ पाण्डेय, डॉ. पल्लवी सिंह, डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव, डॉ. संजीव सुमन तथा डॉ. प्रवीण राव सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। बलिया के विद्वत्समाज, साहित्यकारों व शिक्षाविदों ने इस सम्मान पर गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए डॉ. विद्यासागर को बधाई दी। इस अवसर पर अनेक संतों व विद्वानों—महामण्डलेश्वर सुमनानन्दन गिरि जी महाराज, स्वामी आनन्द स्वरूप जी महाराज, महामण्डलेश्वर कौशलेन्द्र गिरि जी महाराज, महामण्डलेश्वर सुधाकर पुरी जी महाराज, डॉ. जनार्दन राय, नवचन्द तिवारी, शिवजी पाण्डेय 'रसराज', नन्द जी नन्दा इत्यादि ने भी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। आयोजन ने पंडित मातादीन शर्मा सारस्वत की स्मृति को सम्मानित करते हुए भारतीय ज्ञान-परम्परा के संरक्षण व संवर्धन की प्रेरणा दी।
संजीव सिंह बलिया — जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने जनपद-बलिया के समस्त परिषदीय विद्यालयों में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश तत्काल प्रभाव से वर्जित कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति, यू-ट्यूबर या सोशल मीडिया से जुड़ा कोई भी व्यक्ति अधोहस्ताक्षरी या सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना विद्यालयों में प्रवेश कर फोटो या वीडियोग्राफी नहीं करेगा। यह आदेश तुरंत लागू होगा। बीएसए ने आदेश में उल्लेख किया है कि कुछ बाहरी व्यक्ति और यू-ट्यूबर अनाधिकृत रूप से परिषदीय स्कूलों में प्रवेश कर विद्यालय भवन, शिक्षक व स्टाफ के फोटो व वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इस वजह से विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हो रही है तथा शिक्षक पद की गरिमा और विभाग की साख को झकझोरने वाले प्रसंग सामने आ रहे हैं। आदेश में यह भी बताया गया है कि शासन-प्रशासन द्वारा विद्यालयों के निरीक्षण हेतु पहले से विभागीय तथा जनपदीय अधिकारी नामित किए जा चुके हैं, और वे समय-समय पर निरीक्षण व अनुश्रवण कर रहे हैं। इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए तथा पठन-पाठन की निर्बाधता और शिक्षक प्रतिष्ठा की रक्षा हेतु यह कदम उठाया गया है। बीएसए ने स्कूल प्रधानाचार्यों और संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें तथा अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकें। किसी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा स्कूल में प्रवेश या फोटो-वीडियो बनाते हुए पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी। प्रशासन ने अभिभावकों और समुदाय से भी अपील की है कि वे विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बनाए रखने के लिए सहयोग करें और सोशल मीडिया पर अनधिकृत रूप से विद्यालयों से जुड़ी सामग्री साझा करने से बचें।
संजीव सिंह बलिया, 4 अगस्त। समाजवादी विचारधारा के प्रखर स्तंभ, ‘छोटे लोहिया’ स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र जी की 5 अगस्त को लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क में होने वाली जयंती सभा को अनुमति न मिलने पर समाजवादी पार्टी ने सरकार के निर्णय को निंदनीय बताया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अब यह कार्यक्रम पार्टी के प्रदेश कार्यालय, लखनऊ में तय समय पर आयोजित किया जाएगा। सरकार पर हमला समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाओं और स्मृति स्थलों का उद्देश्य उनके अनुयायियों को जयंती और पुण्यतिथि पर एकत्र होकर उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और विचारों को याद करने का अवसर देना है। उनके अनुसार, कार्यक्रम की अनुमति न देना लोकतांत्रिक मूल्यों और महापुरुषों के सम्मान की भावना के विपरीत है। प्रदेशभर से जुटेंगे समर्थक विज्ञप्ति में बताया गया कि अब यह आयोजन सपा के प्रदेश कार्यालय में होगा, जहां प्रदेश भर से जनेश्वर मिश्र के अनुयायी और समाजवादी विचारधारा के समर्थक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। वहां श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और सरकार के निर्णय के खिलाफ लोकतांत्रिक ढंग से संघर्ष का संकल्प लिया जाएगा। सनातन पाण्डेय की भूमिका प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम के संयोजक और बलिया सांसद सनातन पाण्डेय ने पूरे प्रदेश का भ्रमण कर जनेश्वर मिश्र जी के अनुयायियों और डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों में आस्था रखने वाले लोगों से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। समाचार रिपोर्टों में भी 5 अगस्त को लखनऊ में सपा के बड़े आयोजन और ब्राह्मण समाज के व्यापक जुटान की जानकारी सामने आई है। अखिलेश यादव का संदर्भ कान्हजी ने यह भी कहा कि समाजवादी सरकार के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र के नाम पर भव्य जनेश्वर मिश्रा पार्क बनवाकर बलिया और समाजवादी विचारधारा का सम्मान बढ़ाया था। उनका कहना है कि बलिया की जनता इस सम्मान को हमेशा याद रखेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय भविष्य में देगी।
संजीव सिंह बलिया! बलिया जनपद के रसड़ा कस्बे में बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें कंपोजिट विद्यालय नादौली के प्रभारी प्रधानाध्यापक गोपाल राम से उचक्कों ने रुपयों से भरा बैग छीन लिया। जानकारी के अनुसार प्रधानाध्यापक यूनियन बैंक, रसड़ा से मध्याह्न भोजन (एमडीएम) मद के लिए ₹40,000 नकद निकालकर विद्यालय लौट रहे थे। इसी दौरान प्यारेलाल चौराहे के पास बाइक सवार उचक्कों ने उनका बैग छीन कर फरार हो गए। बांग्लादेश घटना में बताए गए अनुसार बैग में लगभग ₹40,000 नकद के साथ-साथ प्रधानाध्यापक की चेकबुक और विद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी रखे थे। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस और स्थानीय पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने बैंक से प्यारेलाल चौराहे तक लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी बाइक पर सवार थे और घटनास्थल से तेज रफ्तार में भाग निकले। पुलिस अब सीसीटीवी व मोबाइल फुटप्रिंट के जरिए उचक्कों की पहचान कर धरपकड़ के प्रयास कर रही है। प्राथमिक जांच में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी जल्द हिरासत की संभावना बताई जा रही है। प्रभारी प्रधानाध्यापक गोपाल राम ने बताया कि घटना के समय वे अकेले थे और राहगीरों से मदद की गुहार भी लगाई, पर उचक्के भाग गए। उन्होंने पुलिस से शीघ्र कार्रवाई और धन व आवश्यक दस्तावेजों की वापसी की मांग की है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और स्थानीय व्यापारियों व बैंक अधिकारियों को भी सजग रहने की चेतावनी दी है। घटना के बाद विद्यालय प्रशासन ने परिवार और कर्मचारियों को मामले की जानकारी दी है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए निकासी व परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर विचार शुरू कर दिया है।
बांसडीह। कूटरचित दस्तावेज के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने के आरोप में प्राथमिक विद्यालय रामपुर नौबरार में तैनात सहायक अध्यापक जितेन्द्र राम को बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बर्खास्त कर दिया है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी, बांसडीह को निर्देश दिया है कि बर्खास्त अध्यापक से विद्यालय के शासकीय अभिलेख तथा कार्यभार तत्काल अपने कब्जे में लें और संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराकर मामलों की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। बीएसए ने वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को भी तत्काल प्रभाव से जितेन्द्र का वेतन रोकने तथा यदि कोई अतिरिक्त वेतन भुगतान हुआ हो तो उसकी वसूली कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए की इस कड़ी कार्रवाई से विभागीय गलियारे में हड़कम्प मच गया है। किस्से का खुलासा आदेश के अनुसार रत्तोपुर निवासी त्रिभुवन नारायण सिंह ने जिलाधिकारी, बलिया के समक्ष जनसुनवाई के दौरान शिकायत दाखिल की थी कि रत्तोपुर निवासी जितेन्द्र राम ने अपने जाति प्रमाण-पत्र में फर्जीवाड़ा कर खरवार (अनुसूचित जनजाति) का प्रमाण-पत्र बनवाया है और इसी दस्तावेज के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाई है। शिकायत में दावा किया गया था कि वास्तव में जितेन्द्र राम कमकर जाति से संबंधित हैं। जांच में सच्चाई शिकायत के अनुक्रम में बीएसए ने जितेन्द्र के जाति प्रमाण-पत्र संख्या-63310500725 का सत्यापन तहसीलदार-मजिस्ट्रेट, तहसील रसड़ा को भेजा। तहसील कार्यालय से प्राप्त सत्यापन आख्या में उल्लेख है कि जांच के बाद जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी, बलिया ने जितेन्द्र के भाई अरविन्द कमकर के खरवार जाति प्रमाण-पत्र को निरस्त कर दिया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जितेन्द्र राम खरवार नहीं, बल्कि कमकर जाति से संबंध रखते हैं। पक्ष-प्रतिक्रिया और बर्खास्तगी बीएसए ने जितेन्द्र को अपने पक्ष में स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया था, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण को तथ्यहीन पाया गया। आदेश में कहा गया है कि जितेन्द्र ने वास्तविक जाति कमकर को छिपाकर खरवार जाति का प्रमाण-पत्र में कूटरचना कर विभाग व जनसरोकारियों को गुमराह किया। इसलिए विभाग ने उसकी नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से शून्य मानते हुए सेवा समाप्त कर दी है। प्रभाव व आगे की कार्रवाई स्थानीय शिक्षा महकमे में इस मामले ने चिंता बढ़ा दी है। बीएसए द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया तथा वेतन व दस्तावेजों की रिकवरी को प्राथमिकता दी जा रही है। इस मामले में संबंधित थाना और विभागीय जांच अभी जारी है।
Aug 11 2026, 23:59
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