कन्नौज में बैंक मैनेजर और सोसायटी सचिव ने मिलकर किया सरकार के लाखों रुपए का किया गबन, मृतको के नाम पर निकाला फर्जी लोन, मामले में जांच टीम हुई ग
पंकज श्रीवास्तव/विवेक यादव
भले ही प्रदेश और देश में भाजपा सरकार हो लेकिन काला धन कमाने और सरकारी पैसों का गबन करने से अधिकारी और कर्मचारी बाज नही आ रहे है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले का है। जहाॅं ऋण देने के नाम पर फर्जी लोन करवाकर बैंक मैनेजर और सोसायटी सचिव ने मिलकर सरकारी पैसों का गबन कर लाखों रुपए डकार गये है। इस मामले में बैंक मैनेजर और सचिव की मिली भगत से फर्जी लोन करवाकर पैसों का गबन कर लिया गया है। मामले की शिकायत उपसभापति जिला सहकारी बैंक लिमिटेड फतेहगढ़ फर्रूखाबाद व जनपद कन्नौज राजेश त्रिपाठी ने एक लिखित प्रार्थनापत्र देकर जिला सहायक निबन्धक कन्नौज से की जिसके बाद पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश देते हुए एक जांच कमेटी बनाई गई, वहीं पूरे मामले में जिला मुुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि जो जांच कमेटी बनाई गई है उसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
पूरा मामला कन्नौज जिले के थाना इन्दरगढ़ क्षेत्र का है, जहाॅं बी0पैक्स विकास खण्ड हसेरन में स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लिमिटेड से जुड़े किसानों के साथ धोखाधड़ी करके उनके नाम से ऋण निकाला गया और उस ऋण के पैसों का समिति के सचिव ने को-आपरेटिव बैंक के मैनेजर के साथ गबन कर लिया। इस बात की जब जानकारी उपसभापति जिला सहकारी बैंक राजेश त्रिपाठी को हुई तो उन्होंने इसकी लिखित शिकायत जिला सहायक निबन्धक से की। जिसमें बैंक मैनेजर और समिति के सचिव पर आरोप है कि दोनों ने मिलकर सरकारी पैसों का गबन किया है। वीपैक्स इन्दरगढ़ ब्लाक हसेरन तहसील तिर्वा जनपद कन्नौज सोसायटी सचिव मोहित यादव एवं जिला सहकारी बैंक फर्रूखाबाद की ब्रांच इन्दरगढ़ के तत्कालीन शाखा प्रबन्धक की मिली भगत से फर्जी ऋण वितरण एवं गबन करने को लेकर जांच कराकर एफ0आई0आर0 दर्ज कराई जाये।
आरोप यह भी कि सोसायटी सचिव ने करीब 30 लोगों के नाम पर फर्जी ऋण करके पैसा निकाला है, जिसमें 5 लोगों की मृत्यु के बाद उनके नाम से ऋण स्वीकृत करके पैसा निकाल लिया गया है तथा 25 लोगों के नाम पर फर्जी ऋण लेकर उनके नाम से पैसा निकाला गया है, जिसमें कुछ लोगों के नाम जमीन तक नही है और कुछ लोगों के फर्जी हस्ताक्षर कर पत्रावली तैयार करके लोन का पैसा निकाल लिया गया है। सचिव ने स्वयं अपने नाम मोहित यादव पुत्र सूरज प्रसाद के नाम से 90,000/- तथा अपने पिता सूरज पुत्र नत्थू सिंह के नाम 90,000/- का ऋण निकाला गया है, जबकि उक्त लोग समिति क्षेत्र के निवासी भी नही है, बैलेंस सीट में सचिव ने अपने नाम से 7,00,000/- (सात लाख) रूपया डाल रखा है।
इस पूरे मामले में जिला मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार श्रीवास ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वीपैक्स ब्लाक हसेरन थाना इन्दरगढ़ तहसील तिर्वा में सोसायटी सचिव और जिला सहकारी की जो ब्रांच है उसमें गबन की शिकायत है। इसमे जांच कमेटी बना दी गई है, जिसमें दो यूजीसी और एक बैंक मैनेजर सामिल है और इसमें जांच करके उनसे रिपोर्ट देने को कहा गया है, जैसे ही जांच रिपोर्ट आती है, हमलोग तदनुसार अग्रिम कार्यवाही करेंगे।
Aug 03 2026, 14:08
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