बलिया:शहीद शिक्षामित्रों की याद में बलिया में श्रद्धांजलि सभा, जिलाधिकारी को सौंपा मुख्यमंत्री को ज्ञापन, समायोजन-मानदेय व सेवा-आयु बढ़ानेकीमांग
संजीव सिंह बलिया, 25 जुलाई 2026 — को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में आज प्रदेश कमेटी के आव्हान पर बलिया जिला मुख्यालय पर विशाल श्रद्धांजलि सभा और प्रदर्शन आयोजित किया गया। सभा में 25 जुलाई 2017 के उस सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का जिक्र कर शहीद हुए शिक्षामित्रों को श्रद्धांजलि दी गई, जिसका असर अब भी शिक्षामित्र परिवारों पर गहरा है और जिसका असरकारण कई शिक्षामित्रों का असामयिक निधन भी हुआ है। कार्यक्रम के बाद शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित लंबा ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से कार्यरत शिक्षामित्रों की बकाया समस्याओं को तत्काल हल करने की मांग की गई है। संघ ने मुख्यतः निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया: शासनादेश 03 जनवरी 2025 के बावजूद अधिकांश जनपदों में मूल विद्यालय वापसी व महिला शिक्षामित्रों का पति के निवास के निकट समायोजन कार्य पूरा नहीं हुआ; इससे कई शिक्षामित्र प्रतिदिन 80–90 किमी दूर से विद्यालय जा रहे हैं। इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराने की अपील। लगभग 60 हजार शिक्षामित्र जो टीईटी/एनसीटीई अर्हता रखते हैं, उन्हें सुपर टीईटी से छूट देकर सीधे शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए। सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। वर्तमान में 11 माह के स्थान पर 12 माह का मानदेय दिया जाए। भविष्य में आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए। दिवंगत शिक्षामित्रों के आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और पात्रता के अनुसार परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रांतीय संयुक्त मंत्री अखिलेश पांडेय, जिला प्रवक्ता निर्भय नारायण राय, श्याम नन्दन मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी परवेज अहमद सहित अनेक जिला व ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में अध्यक्षों व नेताओं की सूची में हरेराम यादव, सत्येंद्र मौर्य, अजय सिंह, मंजूर हुसैन, इन्द्रकेश चौहान, अखिलेश वर्मा, भृगुनाथ शर्मा, लाल जी वर्मा, फैसल अजीज, शिवकुमार सिंह, सुग्रीव साहनी सहित दर्जनों शिक्षामित्र मौजूद रहे। संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री से अपेक्षा है कि वे शिक्षामित्रों की व्यावहारिक समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कराएँ। वहीं, यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला तो संघ आगामी दिनों में और तीव्र संघर्ष के संकेत दे चुका है।
Jul 28 2026, 21:55
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