यूपी के छह जिलों में राष्ट्रनायकों और महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित, संस्कृति विभाग की पहल

-  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह बोले— महापुरुषों के आदर्श नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छह जनपदों में राष्ट्रनायकों, महापुरुषों, साहित्यकारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित कराई हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन प्रतिमाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के महान व्यक्तित्वों के योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराना है।
संस्कृति विभाग द्वारा अयोध्या के सूर्यकुंड में भगवान सूर्य नारायण की छह फीट ऊंची सैंड स्टोन प्रतिमा, गणेश कुंड में भगवान गणेश की 10 फीट प्रतिमा तथा महर्षि वाल्मीकि की छह फीट कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा एटा (कासगंज रेलवे पुल के पास शहीद स्थल) पर बाबू कल्याण सिंह, सीतापुर के महमूदाबाद में महंत अवैद्यनाथ, प्रयागराज में कमला बहुगुणा तथा फर्रुखाबाद के जहानगंज रोड स्थित क्षत्रिय भवन में महाराणा प्रताप की अश्वारोही कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
जयवीर सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा बांदा के कालों कुआं चौराहे पर रानी अवंतीबाई की अश्वारोही कांस्य प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं बांदा के बड़ा चौराहा और लखनऊ के चौक चौराहे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारोही प्रतिमाएं स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा बांदा में महाराजा छत्रसाल की अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि बुलंदशहर के नरौरा स्थित समाधि स्थल पर बाबू कल्याण सिंह की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के आदर्श सदियों तक समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। संस्कृति विभाग का उद्देश्य इन प्रतिमाओं के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और प्रेरणा का भाव जागृत करना है।
हज-2027 के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक बढ़ी

-  30 जुलाई को होगा डिजिटल कुर्रा, चयनित यात्रियों को 10 अगस्त तक जमा करनी होगी ₹1.52 लाख की अग्रिम राशि

लखनऊ। हज-2027 पर जाने के इच्छुक लोगों के लिए राहत भरी खबर है। हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई से बढ़ाकर अब 24 जुलाई, 2026 कर दी है। ऐसे में जो आवेदक अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं या जिनका आवेदन अधूरा है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
हज कमेटी ने बताया कि इच्छुक आवेदक हज कमेटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करें। जिन अभ्यर्थियों ने केवल पंजीकरण कराया है लेकिन आवेदन पूरा नहीं किया है, वे भी 24 जुलाई तक आवेदन पूर्ण कर लें, अन्यथा हज-2027 की प्रक्रिया से वंचित रह जाएंगे।
कमेटी ने यह भी कहा है कि जिन आवेदकों का भारतीय अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है, वे तत्काल संबंधित पासपोर्ट कार्यालय से संपर्क कर पासपोर्ट प्राप्त करें, ताकि अंतिम तिथि से पहले आवेदन पूरा किया जा सके।
हज यात्रियों के चयन के लिए 30 जुलाई, 2026 को मुंबई स्थित हज हाउस में डिजिटल रैंडम सेलेक्शन (ऑनलाइन कुर्रा) किया जाएगा। चयनित यात्रियों की सूची हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जारी की जाएगी तथा उन्हें एसएमएस के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी।
चयनित हज यात्रियों को 10 अगस्त, 2026 तक ₹1,52,300 की अग्रिम धनराशि हज कमेटी ऑफ इंडिया के खाते में जमा करनी होगी।
योगी सरकार कारागार सुधार को दे रही नई दिशा, दीक्षांत परेड में 91 प्रशिक्षु हुए पासआउट
-  कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने उत्कृष्ट 31 प्रशिक्षुओं को किया सम्मानित, अनुशासन, मानवाधिकार और पुनर्वास आधारित कारागार व्यवस्था पर दिया जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कारागारों को आधुनिक, सुरक्षित और सुधारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। बंदियों के पुनर्वास, नैतिक मूल्यों के विकास, व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को कारागार मुख्यालय स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कारागार अधिकारी संवर्ग (123वां सत्र) एवं जेल वार्डर संवर्ग (179वां सत्र) के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मंत्री ने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। समारोह में कुल 91 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ के नौ अधिकारी, उत्तर प्रदेश के तीन डिप्टी जेलर तथा 79 जेल वार्डर शामिल रहे।
कारागार मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित, अनुशासित और संवेदनशील कारागार कर्मी ही सुरक्षित एवं प्रभावी जेल व्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन, मानवाधिकार संरक्षण, आधुनिक तकनीक के उपयोग और बंदियों के पुनर्वास से जुड़े सिद्धांतों को सेवा में पूरी निष्ठा से लागू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रशिक्षुओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई।
दीक्षांत समारोह में अधिकारी संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार छत्तीसगढ़ के जिला कारागार गरियाबंद के जेल अधीक्षक टामन को तथा जेल वार्डर संवर्ग का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी पुरस्कार उत्तर प्रदेश के जिला कारागार बागपत के अतुल यादव को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने कहा कि लखनऊ स्थित डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान देश ही नहीं, बल्कि एशिया का पहला कारागार प्रशिक्षण संस्थान है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों के कारागार अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक संस्थान में 1,681 अधिकारियों और 13,266 जेल वार्डरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
समारोह में पुलिस उपमहानिरीक्षक कारागार एस.सी. शाक्य, प्रदीप गुप्ता, उपमहानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय, पी.एन. पांडेय, सहायक महानिरीक्षक कारागार (छत्तीसगढ़) अमित शांडिल्य, वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल, वित्त नियंत्रक आबिद अली अंसारी सहित अनेक अधिकारी एवं प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित रहे।
स्कूल वैन ड्राइवर ने बच्ची से किया दुष्कर्म, गिरफ्तार , तालकटोरा थाना इलाके का मामला -

अस्पताल पहुंचने  पर हुई दरिंदगी की जानकारी

लखनऊ। राजधानी के तालकटोरा इलाके में नर्सरी में पढ़ने वाली चार साल की बच्ची से स्कूल वैन ड्राइवर ने दुष्कर्म किया। शनिवार को बच्ची की तबीयत खराब हो गई। माता-पिता अस्पताल पहुंचे तो जांच में दरिंदगी का पता चला।मां ने मासूम से पूछा तो उसने आरोपी की हरकतों के बारे में बताया। परिवार बच्ची को लेकर थाने पहुंचा। पूरी बात बताई। पुलिस तुरंत आरोपी को पकड़कर थाने ले आई। उसे देखते ही बच्ची सहम गई और रोने लगी। आरोपी की तरफ इशारा करते हुए बताया कि अंकल ने गंदी हरकत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी गिरीश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक बच्ची के माता-पिता राजाजीपुरम में रहते हैं। प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां ने बताया- बेटी को उसके पापा स्कूल भेजने जाते थे। लौटते समय वह वैन से घर आती थी। वैन उन्नाव का गिरीश मिश्रा चलाता था। शुक्रवार को बेटी स्कूल से घर आई तो काफी डरी-सहमी थी। उसकी तबीयत भी ठीक नहीं थी। उस समय मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। शनिवार को बच्ची की तबीयत खराब हो गई। उसे बुखार के साथ-साथ पेट दर्द हो रहा था। मैं पति के साथ बेटी को अस्पताल ले गई। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि बच्ची के साथ रेप हुआ है। यह सुनकर हम लोगों के होश उड़ गए। पूछने पर बेटी ने वैन ड्राइवर के बारे में बताया।आरोपी ने पुलिस से पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि बच्चों को वैन में बैठाने-उतारने के दौरान बच्ची के साथ गलत हरकत की थी। वह 20 साल से ड्राइवरी का काम कर रहा है। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग संस्थानों के लिए गाड़ी चला चुका है। बच्ची के स्कूल में कब से गाड़ी चला रहा। यह उसने नहीं बताया। डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित ने बताया कि तालकटोरा   थाना क्षेत्र में नर्सरी में पढ़ने वाली 4 साल की बच्ची को उसके पिता रोज स्कूल छोड़ने जाते थे। बच्ची स्कूल से वैन से लौटती थी। 17 तारीख को वैन ड्राइवर ने उसके साथ छेड़खानी और दुराचार की कोशिश की। यह जानकारी उसने घर आकर दी। घरवालों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। बच्ची का मेडिकल कराया गया और आरोपी गिरीश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। जरूरी कार्रवाई की जा रही है। पिछले साल 2025 में भी जुलाई में ही एक 4 साल की बच्ची का स्कूल वैन ड्राइवर ने रेप किया था। बच्ची रोते हुए घर पहुंची। मां के पूछने पर मासूम ने बताया- स्कूल से लौटते समय वैन वाले अंकल ने गंदी हरकत की। परिजन ने तुरंत स्कूल में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वारदात के बाद आरोपी ड्राइवर ने मां-बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी थी। मां की शिकायत के बाद पुलिस ने बच्ची का मेडिकल कराया, जिसमें रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 18 जुलाई को पुलिस ने आरोपी वैन ड्राइवर मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया गया है।
योगी सरकार का बड़ा फैसला: पहली बार 826 ब्लॉक प्रमुख बने प्रशासक

-  प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों को भी मिली प्रशासक की जिम्मेदारी

-  उत्तर प्रदेश में पहली बार तीनों स्तरों के जनप्रतिनिधि एक साथ बने प्रशासक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पंचायत व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए राज्य के सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों को पहली बार प्रशासक नियुक्त कर दिया है।
इससे पहले सरकार ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर चुकी थी। अब ब्लॉक प्रमुखों को भी यह जिम्मेदारी दिए जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष—तीनों स्तरों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को एक साथ प्रशासक बनाया गया है।
सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेश की पंचायत व्यवस्था के तीनों प्रमुख स्तरों पर प्रशासकीय कार्यों का संचालन संबंधित निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से किया जाएगा। यह फैसला आगामी पंचायत चुनावों तक प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी बेहद गंभीर, 'अनगिनत पत्रकारों' को रोकने के लिए सिस्टम बनाने की मांग

Lucknow News: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने यूट्यूब (YouTube) के स्वतंत्र पत्रकारों पर हमला करने के आरोपितों को जमानत देते हुए तल्ख टिप्पणियां कीं हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र का स्तंभ है, लेकिन इसका उपयोग गैर-जिम्मेदाराना पत्रकारिता, डराने-धमकाने और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने की ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
कोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद रविवार को जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एसोसिएशन की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोर्ट की टिप्पणी का स्वागत किया गया और केंद्र सरकार से 'पत्रकारिता करने के लिए न्यूनतम मानदंड व शैक्षिक अर्हता तय करने' की मांग की गई।

'स्वयंभू' पत्रकारों की बाढ़: दिल्ली हाईकोर्ट

जेपीए की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी से पत्रकारों को अवगत कराया गया। बताया गया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मीडिया के लिए एक नियामक ढांचे (regulatory framework) की आवश्यकता पर बल दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि 'आज मोबाइल फोन और माइक लेकर कोई भी खुद को 'रिपोर्टर' घोषित कर सकता है, भले ही उनके पास कोई पत्रकारिता प्रशिक्षण, नैतिक आधार या जवाबदेही न हो।' बिना औपचारिक प्रशिक्षण के लोग 'भ्रामक नैरेटिव' बनाने के लिए लोगों से आक्रामक तरीके से सवाल पूछते हैं।

कानून की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने विधायिका से एक ऐसा ढांचा तैयार करने का आग्रह किया जो प्रेस की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखते हुए नैतिक मानकों और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे। एक मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान कथित पत्रकारों ने स्थानीय निवासियों को उकसाया, जिससे सामाजिक विभाजन और वैमनस्य बढ़ने का खतरा पैदा होता है।

कोर्ट की टिप्पणी के आधार पर पीएम को भेजा जाएगा पत्र

जेपीए बैठक में निर्णय लिया गया कि  सामूहिक हस्ताक्षर का एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारिता के लिए 'न्यूनतम शैक्षिक अर्हता' और अधिमानी 'प्रशिक्षित अर्हता' निर्धारित की जाए। ताकि पत्रकारिता की नैतिकता व सम्मान बचा रह सके। शिवपुरी कालोनी कमता स्थित संगठन के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैठक में संगठन के 17 दिसंबर के वार्षिक अधिवेशन पर भी चर्चा की गई। इस दौरान जेपीए चीफ विवेक प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडे, संगठन मंत्री राम लायक यादव, कार्यकारी संगठन मंत्री प्रवीण सिंह, जिला अध्यक्ष सनी शाह, संरक्षक सदस्य संरक्षक सदस्य विवेक विश्व पांडे, उप प्रचार मंत्री सैयद फैजान उर्फ इकबाल, सह मीडिया प्रभारी सौरभ निगम, सदस्य रणजीत सिंह, संजय श्रीवास्तव, धनीष श्रीवास्तव, जिला सचिव फरहान इराकी समेत कई जर्नलिस्ट उपस्थित रहे।
इलाहाबाद गेस्ट हाउस एसोसिएशन व मेदांता हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में “ निशुल्क स्वास्थ परीक्षण शिविर” का आयोजन


Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,यह आयोजन शहरी क्षेत्र में वंचित व आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं के पहुँचाने का एक सफल प्रयास रहा जिसमे मेदांता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों  द्वारा निःशुल्क रूप सामान्य रोग परामर्श और जांच कराया गया ।

इस अवसर पर ECG, ब्लड टेस्ट , बी पी चेक , सुगर चेक , बोनस बैलेंसिंग , आँखों की जाँच जैसी कई जांचें निशुल्क रूप से गई एवं उसके उपरांत विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को उसके उपचार भी बताये गए। भारी संख्या में लोगों ने इस शिविर का लाभ उठाया।

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ के प्रसिद्ध डॉक्टर अमित शांडिल्य जी ने अपनी टीम अलका सिंह, ज्योतिर्मय रॉय, शीतल, मार्केटिंग हेड राहुल त्रिपाठी जी ने शिविर को संचालित किया।

इस अवसर पर प्रयाग व्यापार मंडल अध्यक्ष राणा चावला,इलाहाबाद गेस्ट हाउस असोसिएशन के अध्यक्ष गुफरान अहमद, उपाध्यक्ष विद्यासागर केशरी, प्रकाशन सचिव शाहिद कमाल, रवि जायसवाल ,अतिन गुप्ता,ओम प्रकाश जायसवाल, अकरम शगुन,विकास सिंह, आकाश जायसवाल, मोहम्मद आजम, दीपक केशरी , जतिंदर सिंह बब्बू जी , महमूद अहमद ख़ान , युवा अध्यक्ष साहिल अरोड़ा, युवा महामंत्री शुभम केसरवानी, प्रदीप सचदेवा, संदीप गुलाटी उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमाशीष राय को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें निराधार: राष्ट्रीय लोकदल
* किसी अन्य दल में जाने की खबरों का RLD ने किया खंडन, कहा- पूर्व निर्धारित संगठनात्मक दौरे जारी


लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमाशीष राय के किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने अथवा इस संबंध में बातचीत चलने की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कुछ समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इस प्रकार की खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल इन सभी खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन करता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. रमाशीष राय पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं तथा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उनके सभी पूर्व निर्धारित संगठनात्मक कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो रहे हैं।
मयंक त्रिवेदी के अनुसार, वर्तमान में डॉ. रमाशीष राय का देवरिया सहित पूर्वांचल क्षेत्र का संगठनात्मक दौरा जारी है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्यांचल के विभिन्न जिलों में भी उनके कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लगातार आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में 25 जुलाई को आजमगढ़ में उनका एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

प्रदेश मीडिया प्रभारी ने मीडिया संस्थानों और आमजन से अपील की कि वे अपुष्ट एवं भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा केवल राष्ट्रीय लोकदल द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही प्रमाणिक मानें।
युवाओं और किसानों को फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण, स्वरोजगार के साथ बढ़ेगी आय

* यूपी के राजकीय प्रशिक्षण केंद्रों पर डिप्लोमा व अल्पकालिक पाठ्यक्रम संचालित, प्रशिक्षित युवाओं को यूनिट स्थापित करने के लिए अनुदान व सरकारी सुविधाओं का मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार का उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग युवाओं, युवतियों और किसानों को खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों और सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशिक्षण की नियमित निगरानी करने और प्रशिक्षित युवाओं व किसानों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रभावी प्रयास सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवक-युवतियां और किसान फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में स्वयं का उद्यम स्थापित कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
विभाग ने आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों के प्रधानाचार्यों तथा मिर्जापुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, सहारनपुर, चित्रकूट धाम के खाद्य प्रसंस्करण अधिकारियों एवं लखनऊ के फल संरक्षण अधिकारी को निर्धारित रोस्टर के अनुसार समयबद्ध प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश जारी किए हैं।
विभाग की ओर से **बेकरी एवं कन्फेक्शनरी** तथा **कुकरी (पाक-कला)** में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा इन्हीं विषयों में एक माह के अंशकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं। वहीं मंडल एवं जनपद स्तर पर संचालित राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्रों में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में 15 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाता है।
सरकार का उद्देश्य आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों से युवाओं और किसानों को दक्ष बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है।
यूपी एएनटीएफ का बड़ा एक्शन! 1.30 करोड़ का प्रतिबंधित रसायन बरामद, चार तस्कर गिरफ्तार
लखनऊ /बरेली। उत्तर प्रदेश एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की बरेली यूनिट ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 498.35 किलोग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड प्रीकर्सर रसायन बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा दो वाहन, पांच मोबाइल फोन और 1,080 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के नेतृत्व में की गई।

चार तस्कर गिरफ्तार

एएनटीएफ ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है—

जोगेश उर्फ पिंकू निवासी मंडी धनौरा, अमरोहा
वासिद निवासी सहसवान, बदायूं
तेजपाल सिंह निवासी डिडौली, अमरोहा
अरुण कुमार निवासी जोया, अमरोहा

चारों आरोपियों को 18 जुलाई 2026 को बरेली के थाना शाही क्षेत्र में ग्राम जुनहाई बिजलीघर के सामने से गिरफ्तार किया गया।

मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होता है रसायन

बरामद एसिटिक एनहाइड्राइड एक ऐसा प्रीकर्सर रसायन है, जिसका इस्तेमाल अवैध मादक पदार्थों के निर्माण में किया जाता है। इसकी तस्करी पर कानून के तहत सख्त प्रतिबंध है। एएनटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से दो वाहन, पांच मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की है।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी जोगेश ने बताया कि चारों आरोपी हरियाणा के मेवात क्षेत्र से यह रसायन खरीदकर लाए थे। जोगेश और वासिद एक कार से गए थे, जबकि अरुण और तेजपाल पिकअप वाहन लेकर पहुंचे थे। मेवात के एक व्यक्ति से रसायन लेकर उसे पिकअप में लादा गया और बदायूं में एक व्यक्ति को सौंपा जाना था। वहां से इसे पश्चिम बंगाल की एक पार्टी को भेजने की योजना थी।आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को वे आपस में बांट लेते थे।

एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

इस मामले में थाना शाही, बरेली में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, रसायन के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई को एएनटीएफ बरेली यूनिट ने थाना शाही पुलिस और एएनटीएफ मुख्यालय की सर्विलांस टीम के सहयोग से अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में मादक पदार्थों और उनसे जुड़े प्रीकर्सर रसायनों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।