सुप्रीम कोर्ट से राजा भैया को राहत, घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में नहीं होगी

-  शीर्ष अदालत ने क्षेत्राधिकार पर उठी आपत्ति स्वीकार की, मामले की सुनवाई उचित अदालत में कराने का रास्ता साफ

नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कुंडा से सात बार विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' को घरेलू हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट से अहम राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी पत्नी द्वारा दायर घरेलू हिंसा याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नहीं की जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के लिए नामित विशेष अदालत का दायरा मुख्य रूप से आपराधिक मामलों तक सीमित है। घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्यवाही की प्रकृति और क्षेत्राधिकार के संबंध में उठाए गए प्रश्नों पर अदालत ने राजा भैया की ओर से दी गई दलीलों पर विचार किया।
राजा भैया की ओर से अदालत में कहा गया कि सांसदों और विधायकों के लिए गठित विशेष अदालतों का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों से जुड़े आपराधिक मामलों का त्वरित निस्तारण करना है, जबकि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्यवाही मुख्य रूप से दीवानी प्रकृति की होती है।
साथ ही, घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 27 का हवाला देते हुए यह भी तर्क दिया गया कि मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार साकेत कोर्ट के पास है, न कि राउज एवेन्यू कोर्ट के पास। सुप्रीम कोर्ट ने इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए कहा कि राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आगे नहीं चलेगी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष (Merits) पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत का आदेश केवल यह स्पष्ट करता है कि मामले की सुनवाई उचित क्षेत्राधिकार वाली अदालत में होगी।
जौहर विश्वविद्यालय पर चलेगा बुलडोजर !

-  जौहर विवि के 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण का आदेश, बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण पर आरडीए की बड़ी कार्रवाई

-  रामपुर डीएम बोले- नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा 27(1) के तहत हुई कार्रवाई

लखनऊ/रामपुर। उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित भवनों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विस्तृत सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद प्राधिकरण ने 38 भवनों को अवैध निर्माण मानते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत की गई है।

-  विश्वविद्यालय प्रशासन को सुनवाई का दिया गया अवसर
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि अवैध निर्माण की जांच क्षेत्रीय अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 8 जुलाई को लिखित जवाब दाखिल किया, जबकि 15 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई हुई, जिसमें दोनों पक्षों के अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

-  विश्वविद्यालय ने क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि ग्राम सिंगनखेड़ा को 27 सितंबर 2024 से पहले रामपुर विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया था, इसलिए उस समय आरडीए से नक्शा स्वीकृत कराने की आवश्यकता नहीं थी। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि अधिकांश निर्माण पहले किए गए थे, इसलिए वर्तमान नियमों के आधार पर उन्हें अवैध नहीं माना जा सकता।

-  प्राधिकरण ने दलीलें कीं खारिज
रामपुर विकास प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया कि चाहे क्षेत्र बाद में विकास प्राधिकरण के अधीन आया हो, लेकिन निर्माण के समय संबंधित सक्षम प्राधिकारी से नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य था।
जांच के दौरान मिले अभिलेखों के अनुसार मेडिकल कॉलेज भवन और अकादमिक ब्लॉक के नक्शे ही विधिवत स्वीकृत पाए गए, जबकि शेष 38 भवनों के लिए कोई वैध स्वीकृति उपलब्ध नहीं मिली।

-  दो भवनों की अनुमति, बाकी बिना स्वीकृति
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्वयं दो भवनों के लिए जिला पंचायत से अनुमति ली थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्वीकृति की आवश्यकता से वह अवगत था। इसके बावजूद अन्य भवनों का निर्माण बिना अनुमोदन के किया गया, जिसे प्राधिकरण ने नियमों का उल्लंघन माना।
आदेश में यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा 59 के तहत ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा सकती है, भले ही संबंधित क्षेत्र बाद में विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल हुआ हो।
प्राधिकरण ने विश्वविद्यालय की ओर से मास्टर प्लान, जोनल प्लान और विभिन्न कानूनी प्रावधानों के आधार पर दी गई दलीलों का परीक्षण करते हुए उन्हें अस्वीकार कर दिया और स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण की वैधता का आधार निर्माण के समय सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त स्वीकृति ही होती है।
आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, बिजनौर के 16 सूचीबद्ध अस्पतालों पर गिरी गाज
-  6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस के साथ भुगतान पर रोक, 10 को कारण बताओ नोटिस; फर्जी भर्ती और मानकों की अनदेखी पर सख्ती

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) ने बिजनौर में बड़ा कार्रवाई अभियान चलाया। औचक निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर 20 में से 16 सूचीबद्ध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें 6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस जारी कर उनका भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया, जबकि 10 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

-  तीन सदस्यीय टीम ने किया औचक निरीक्षण
साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिना पूर्व सूचना के बिजनौर के 20 सूचीबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजों, रिकॉर्ड, क्लेम प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया।

-  गंभीर अनियमितताएं आईं सामने
निरीक्षण में कई अस्पताल स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (STG) और गुणवत्ता मानकों का पालन करते नहीं पाए गए। जांच में एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती दिखाने, बिना चिकित्सीय आवश्यकता के आईसीयू में भर्ती करने तथा क्लेम प्रक्रिया में अन्य गड़बड़ियां सामने आईं।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए 6 अस्पतालों का भुगतान रोकते हुए उन्हें निलंबन नोटिस जारी किया गया है। वहीं 10 अन्य अस्पतालों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद संबंधित अस्पतालों पर नियमों के तहत 10 गुना तक जुर्माना भी लगाया जाएगा।

-  ऑडिट एजेंसी और जिला समन्वयक भी कार्रवाई के दायरे में
साचीज ने मामले में संबंधित ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी किया है। साथ ही जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

-  अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
सीईओ अर्चना वर्मा ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए गुणवत्ता मानकों और शासन के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या लाभार्थियों के हितों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में सूचीबद्ध अस्पतालों की नियमित निगरानी और औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि योजना के पात्र लाभार्थियों को समय पर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
2017 से पहले सरकार ही सबसे बड़ा अपशगुन थी', युवा कौशल दिवस पर विपक्ष पर बरसे सीएम योगी

-  9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों और सवा तीन करोड़ रोजगार का दावा, बोले- युवाओं के दम पर बनेगा वन ट्रिलियन डॉलर का उत्तर प्रदेश

लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि "2017 से पहले तत्कालीन सरकार ही उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा अपशगुन थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में सरकारी नौकरियों पर एक परिवार का कब्जा था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से प्रभावित थीं तथा बिना पैसे कोई काम नहीं होता था।

गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई से प्रशिक्षित युवाओं के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि सवा तीन करोड़ से अधिक युवाओं और कारीगरों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे युवा राज्य है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को कौशल, आधुनिक तकनीक और रोजगार से जोड़कर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यूनेस्को द्वारा निर्धारित इस वर्ष की थीम "साझा भविष्य के लिए कौशल" प्रदेश सरकार की सोच से मेल खाती है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी से जुड़ी थी। प्रदेश के युवाओं को बाहर जाकर अपनी योग्यता साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियां योग्यता नहीं, बल्कि सिफारिश और धनबल के आधार पर मिलती थीं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार देश में अलग कौशल विकास मंत्रालय बनाया गया, जिससे युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में स्थापित ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना के लिए कोरोना काल में भी कार्य नहीं रुका। परियोजना के माध्यम से आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों से जुड़े 500 युवाओं को रोजगार मिला है, जिनमें प्रदेश के अनेक जिलों के युवा शामिल हैं।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। उन्होंने मुरादाबाद का पीतल उद्योग, फिरोजाबाद का ग्लास उद्योग, मेरठ का खेल उद्योग, भदोही का कालीन, लखनऊ की चिकनकारी, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और बनारसी साड़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई युवा जापान या अन्य देशों में रोजगार करना चाहता है तो उसे संबंधित देश की भाषा का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक प्रशिक्षित युवती का उल्लेख करते हुए कहा कि वह हर महीने 27 हजार रुपये कमाकर अपनी मां का इलाज करा रही है। उन्होंने कहा कि "ईमानदारी से कमाए गए 27 हजार रुपये कई लाख रुपये से अधिक मूल्यवान हैं।" मुख्यमंत्री ने युवती की मां के इलाज में हरसंभव सरकारी सहायता देने का भी आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी ने 11 युवा प्रतिभाओं को किया सम्मानित, बोले- कौशल विकास से आत्मनिर्भर बन रहा उत्तर प्रदेश

-  सम्मान पाकर भावुक हुए युवा, किसी ने कैंसर पीड़ित मां का इलाज संभाला तो किसी ने खड़ा किया लाखों का स्टार्टअप और स्वरोजगार

लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एवं आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त 11 युवाओं को सम्मानित किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में सम्मानित युवाओं ने अपनी सफलता की प्रेरक कहानियां साझा करते हुए कहा कि योगी सरकार की कौशल विकास योजनाओं ने उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया।

-  संघर्ष से सफलता तक पहुंचीं राजरानी
बरेली की राजरानी ने अपनी भावुक कहानी साझा करते हुए बताया कि पिता के निधन और मां के कैंसर से पीड़ित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें हरियाणा में नौकरी मिली और आज वह 27 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पाकर अपनी मां का इलाज कराने के साथ पूरे परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने युवतियों से सरकारी कौशल योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

-  आईटीआई से मिली सफलता, एक लाख की नौकरी
उन्नाव के कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें एनसीएल (कोल इंडिया की इकाई) में लगभग एक लाख रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी मिली। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में आईटीआई केंद्र खुलने से युवाओं को दूर-दराज नहीं जाना पड़ता।

-  फैशन डिजाइनिंग से बनीं सफल उद्यमी
चंदौली की भावना दुबे ने आईटीआई से फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण लेकर अपना स्वरोजगार शुरू किया। आज उनकी मासिक आय 70 हजार रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया।

- हेल्थकेयर स्टार्टअप से युवाओं को दे रहे रोजगार
लखनऊ के ज्ञान प्रकाश वर्मा ने बताया कि उन्होंने आईटीआई से प्रेरणा लेकर एआई आधारित हेल्थकेयर स्टार्टअप शुरू किया। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े समाधान विकसित करने वाली उनकी कंपनी कई युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रही है।

- पांच लाख मासिक आय वाली उद्यमी बनीं शुभ्रा
फर्रुखाबाद की शुभ्रा मिश्रा ने आईटीआई से प्रशिक्षण लेने के बाद अपना व्यवसाय शुरू किया। आज उनकी मासिक आय करीब पांच लाख रुपये है और उनके संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को 70 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिल रहा है।

-  सरकारी योजनाओं ने बदली जिंदगी
अयोध्या की शीतल कुमारी ने बताया कि कौशल प्रशिक्षण के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में नौकरी मिली, जहां वह 23 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पा रही हैं। वहीं गौतमबुद्ध नगर की संगीता वर्मा ने बताया कि उन्होंने आईटीआई प्रशिक्षण के बाद अपना व्यवसाय शुरू किया और अब आत्मनिर्भर हैं। लखनऊ की वर्तिका गुप्ता ने कॉस्मेटोलॉजी ट्रेड में ऑल इंडिया रैंक हासिल कर अपनी पहचान बनाई।
हमीरपुर की नेहा ने कहा कि सामान्य परिवार से होने के बावजूद आज वह 22,800 रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं और परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से सम्मान प्राप्त करना उनके जीवन का सबसे यादगार पल है।

-  11 युवाओं को मिला सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह में शीतल कुमारी, नेहा, फरदीन खान, मोहम्मद बिलाल, राजरानी, वर्तिका गुप्ता, अर्जुन पाल, संगीता वर्मा, शिवांग वर्मा, राजीव विश्वकर्मा और विनीता सहित कुल 11 प्रशिक्षित युवाओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
निर्माण श्रमिकों के लिए लॉन्च हुआ 'बीओसीडब्ल्यू डिजिटल लेबर चौक' ऐप

-  ओला-उबर की तर्ज पर श्रमिक और नियोक्ता एक मंच पर आएंगे, ऑनलाइन पंजीकरण और सीधा संपर्क होगा संभव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने निर्माण श्रमिकों को रोजगार के अवसरों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए "BOCW Digital Labour Chowk Mobile App" विकसित किया है। यह ऐप निर्माण श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच एक प्रभावी डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा, जिससे रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।

अपर श्रम आयुक्त, लखनऊ क्षेत्र कल्पना श्रीवास्तव ने बताया कि ऐप के माध्यम से निर्माण श्रमिक अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी कार्य उपलब्धता दर्ज करा सकेंगे। इसके साथ ही वे उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे।

उन्होंने बताया कि बिल्डर, ठेकेदार, निर्माण एजेंसियां और अन्य नियोक्ता भी इस ऐप पर पंजीकरण कर अपनी आवश्यकता के अनुरूप पंजीकृत श्रमिकों की खोज कर उनसे सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे। इससे श्रमिकों को रोजगार मिलने की प्रक्रिया तेज और आसान होगी।

अपर श्रम आयुक्त ने कहा कि यह ऐप ओला और उबर जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की तर्ज पर काम करेगा, जहां श्रमिक और नियोक्ता एक ही मंच पर उपलब्ध रहेंगे। इससे श्रम बाजार को डिजिटल स्वरूप मिलेगा और रोजगार के अवसरों का दायरा भी बढ़ेगा।

उन्होंने लखनऊ मंडल के सभी निर्माण श्रमिकों, बिल्डरों, ठेकेदारों, निर्माण एजेंसियों, श्रमिक संगठनों और आम नागरिकों से "BOCW Digital Labour Chowk Mobile App" का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने निर्माण एजेंसियों एवं नियोक्ताओं से स्वयं तथा अपने यहां कार्यरत श्रमिकों का ऐप पर पंजीकरण कराने और इस डिजिटल पहल को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।
किसानों की समृद्धि सर्वोच्च प्राथमिकता, आयोग के सुझावों को नीतियों में किया जाएगा शामिल : सूर्य प्रताप शाही

-  कृषक समृद्धि आयोग के साथ उच्चस्तरीय बैठक, एमएसपी पर अधिक खरीद और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश

-  एचसीएल फाउंडेशन के कृषि मॉडल की समीक्षा, किसानों को बीज से बाजार तक बेहतर सुविधाएं देने पर जोर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को विधान भवन के समिति कक्ष संख्या-8 में कृषक समृद्धि आयोग के सदस्यों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर किसानों की आय, आधुनिक खेती और कृषि सुधारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से मंथन किया। बैठक में मूल्य समर्थन योजना (एमएसपी) की समीक्षा के साथ-साथ एचसीएल फाउंडेशन द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों का भी अवलोकन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि और खुशहाली योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक हर स्तर पर आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषक समृद्धि आयोग से प्राप्त व्यावहारिक सुझावों को प्रभावी कार्ययोजना के माध्यम से धरातल पर उतारा जाए।
बैठक में विभिन्न जनपदों से आए आयोग के सदस्यों ने कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा, गोबर आधारित जैविक खाद का विस्तार, मृदा की उर्वरता बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं का विकास, पशुपालन, एकीकृत कृषि प्रणाली, फसल विविधीकरण, भंडारण क्षमता का विस्तार तथा खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहन प्रमुख रहे।
सदस्यों ने किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए स्थानीय स्तर पर सर्विस सेंटर स्थापित करने का भी सुझाव दिया। साथ ही खेती की लागत कम करने के लिए ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विपणन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं कृषक समृद्धि आयोग के सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों के जमीनी अनुभव साझा किए। कृषि मंत्री ने सभी सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि व्यावहारिक सुझावों को कृषि नीतियों में शामिल कर किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके बाद कृषि मंत्री ने मूल्य समर्थन योजना (एमएसपी) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिकतम खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एक अन्य समीक्षा बैठक में एचसीएल फाउंडेशन ने कृषि विभाग के सहयोग से संचालित अपने कृषि विकास मॉडल का प्रस्तुतीकरण किया। कृषि मंत्री ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों के हित में किए जा रहे प्रभावी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कृषि विभाग हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, आयुक्त सहकारिता योगेश कुमार, निदेशक कृषि पंकज त्रिपाठी, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य उपस्थित रहे।
मेरी पंचायत हरित पंचायत' अभियान को मिली रफ्तार, 3,673 ग्राम सभाओं में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
-  महराजगंज 99.89% उपलब्धि के साथ प्रदेश में अव्वल, मंत्री ओम प्रकाश राजभर बोले- हरित पंचायतों से समृद्ध होगा उत्तर प्रदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित 'मेरी पंचायत हरित पंचायत' विशेष अभियान तेजी से जन-आंदोलन का रूप ले रहा है। अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में पौधरोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और कचरा प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

14 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 5,667 ग्राम सभा बैठकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से 3,673 बैठकों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों को हरित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

-  महराजगंज बना प्रदेश का नंबर-1 जिला
अभियान के क्रियान्वयन में महराजगंज ने 99.89 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इसके बाद मिर्जापुर (96.54 प्रतिशत) दूसरे स्थान पर रहा। वहीं खीरी (80.07 प्रतिशत), कानपुर देहात (78.48 प्रतिशत) और सोनभद्र (76.01 प्रतिशत) भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हैं।

-  'हरित पंचायतें ही समृद्ध उत्तर प्रदेश की आधारशिला' : ओम प्रकाश राजभर
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप 'मेरी पंचायत हरित पंचायत' अभियान ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है। ग्राम सभाओं की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान जन-आंदोलन का स्वरूप ले रहा है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को बधाई देते हुए उन्होंने अन्य जनपदों से भी शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इसी उत्साह के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

-  धरातल पर हरित विकास योजनाओं पर विशेष जोर
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि विभाग की लगातार मॉनिटरिंग और मैदानी स्तर पर अधिकारियों की सक्रियता के कारण अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल ग्राम सभा बैठकों का आयोजन कराना नहीं, बल्कि उनके माध्यम से पौधरोपण, जल संरक्षण और हरित विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शेष ग्राम सभाओं का आयोजन भी पूरा कर लिया जाएगा, जिससे प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
भातखण्डे संस्कृति विवि के 16वें दीक्षांत समारोह में पर्यटन मंत्री ने 48 मेधावियों को प्रदान किए पदक

वर्ष 2047 तक विकासशील भारत से विकसित भारत बनाने में बेटियों की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : जयवीर सिंह

लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ के कला मण्डपम सभागार में बुधवार को आयोजित 16वें दीक्षांत समारोह में बेटियों ने सर्वाधिक पदक प्राप्त कर अपना परचम लहराया। कुल पदक में लगभग 60 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को पदक हासिल हुआ। एमपीए की छात्रा कुंवारी श्वेता गुप्ता को सर्वाधिक 07 पदक प्राप्त हुए। इस अवसर पर 03 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की। उन्होंने मेधावियों को पदक वितरित किया और पदक विजेताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

दीक्षांत समारोह में श्वेता गुप्ता के बाद रूनझुन सिंह एमपीए (कत्थक) में 02 पदक, स्पर्श कुमार कश्यप एमपीए (गायन) में 04 पदक, वल्लरी नारायण पाठक को बीपीए (कत्थक) में 02, तनिष्का सक्सेना बीपीए (कत्थक) में 02, गार्गीराज गंगा बीपीए (कत्थक) में 01, जितेन्द्र कुमार शर्मा बीपीए (कत्थक) में 01, प्रिया बीपीए (भरतनाट्यम) में 01, आलोक कुमार मिश्र बीपीए (तबला) में 04, प्रशांत पाण्डेय व नितीश श्रीवास्तव को गायन में 01-01, प्रिया दूबे बीपीए (गायन) में 04, सुनंदा सिंह व वैशाली आनंद बीपीए (गायन) में 01-01 तथा आकांक्षा राय एमपीए (तबला) में 02 पदक प्रदान किया गया।

इसी प्रकार खुशी तिवारी, अमन कुमार यादव, आर्यन रावत, शिया राय एमपीए (कत्थक) में 01-01 पदक, दीप्ति सिंह एमपीए (भरतनाट्यम) में 03, नेहा काजी गिटार में 05, सर्वेश मणि त्रिपाठी एमपीए (गिटार) में 01 तथा करतुम्म तरैया एमडीए में 01 पद प्राप्त हुआ। इस तरह कुल 48 पदक मा0 मंत्री जी ने प्रदान किये। इसमें 30 स्वर्ण, 09 रजत तथा 09 कास्य पदक शामिल थे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने शताब्दी वर्ष 1926 से वर्ष 2026 तक संगीत गायन, वादन, नृत्य एवं विभिन्न विधाओं में सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। इसका इतिहास मैरिज कॉलेज ऑफ म्यूजिक से भातखण्डे संगीत महाविद्यालय होते हुए वर्ष 2022 में राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा देकर इसका सम्मान बढ़ाया है। शीघ्र ही नये विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण 14 एकड़ भूमि पर लखनऊ के काकराबाद में किया जायेगा।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय सम्पूर्ण भारत का एकमात्र सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर है। विश्वविद्यालय में भारतीय कला, संस्कृति, शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, नृत्य, नाट्य, मानविकी को संरक्षित तथा सांस्कृतिक विरासत को युवा पीढ़ी को पहुंचाने का कार्य कर रहा है। दीक्षांत समारोह मेधावी छात्रों के जीवन में विशेषज्ञता के साथ ज्ञान एवं संस्कार का एक चरण है। भविष्य में व्यवहारिक जीवन में चुनौतियों और अवसर दोनों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विश्वविद्यालय से जो ज्ञान, कौशल और संस्कार प्राप्त किये हैं, वह आपको चुनौतियों से निपटने में दक्ष बनायेगें। समाज और राष्ट्र की सेवा में आपकी शिक्षा आपको वैभवशाली बनायेगी।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आज जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्राप्त हुए हैं। वह आगे चलकर भारत को विश्व गुरू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायंेगे। अपनी प्रतिभा से स्वयं की पहचान बनायेगे तथा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के साथ जुड़कर अहम भूमिका निभायेंगे तथा इस विश्वविद्यालय का नाम पूरी दुनिया में रोशन करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा यशस्वी मुख्यमंत्री योगी जी ने बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये हैं, जिसका परिणाम अब दिखाई देने लगा है। बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में पुरूषों से कंधे से कंधा मिलाकर देश का मान ऊॅचा कर रही हैं। देश मोदी जी के नेतृत्व में 11वीं अर्थव्यवस्था से निकलकर अब विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। साथ ही उ0प्र0 बीमारू राज्य की छवि तोड़कर देश का ग्रोथ इंजन बना है। आगे आने वाले समय में एक खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में उ0प्र0 का अहम योगदान होगा।

राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल के प्रतिनिधि एवं विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबड़े ने उनके आशीर्वचन को पढ़कर सुनाते हुए पदक हासिल करने वाले मेधावियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने दो तीन दिन पूर्व भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि जनभवन की अपेक्षा है कि विश्वविद्यालय अपनी विकास यात्रा निरंतर जारी रखते हुए पूरे देश में अपना नाम रोशन करे। साथ ही विद्यार्थियों को उच्चगुणवत्ता के संस्कार तथा शिक्षा प्रदान करे। जनभवन के निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक और पारस्परिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कठिंगरा, बेलवा, शक्कर खेड़ा, मलिहाबाद, काकोरी और सरोसा-भरोसा गांवों के स्कूलों में भी कक्षा-3 से कक्षा-12 तक के विजयी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

विश्वविद्यालय की कुलपति मांडवी सिंह ने विश्वविद्यालय के पठन-पाठन की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पदमश्री पं. कुंवर बोस ने पदक विजेताओं को अपने संस्कृति से जुड़े रहने तथा हिन्दुस्तानी संगीत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, कुल सचिव एसपी सिंह, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पं. साजन मिश्रा, प्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी तथा बड़ी संख्या में सम्मानित कलाकार छात्र-छात्रायें तथा उनके परिजन उपस्थित थे।
सत्ता के लिए राजनीति नहीं समाज के लिए संघर्ष चाहिए : सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने   कहा कि एससीएसटी एक्ट व आरक्षण की इतनी प्रताड़ना के बाद भी सवर्ण समाज के बहुत सारे लोग विभिन्न दलों में अपने बच्चों का व सवर्ण समाज का सुनहरा भविष्य तलाश रहे हैं। वे यातो मूरख है या फिर मानसिक रूप से पागल हो गए हैं बंद करो भाजपा सपा बसपा कांग्रेस की चाटुकारिता ताकि इन राजनीतिक दलों की सवर्ण समाज की एकजुटता और राजनीतिक ताग़त का एहसास हो सके भाजपा के जो सवर्ण नेता यूजीसी पर नहीं बोले उनको वोट दे कर क्या समझते हो यह नेता तुम्हारे लिए मुसीबत में खड़े होगे कभी नहीं सभी सवर्ण को बताना चाहता हु।

सवर्ण अभी भी नहीं जागे तो आप के बच्चों का भविष्य खत्म हो जाएगा सवर्ण अभी कहते थे कि विकल्प क्या है राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सवर्ण का विकल्प ही नहीं सभी समस्या का समाधान है ग्वालियर उच्चन्यालय वार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष है पूर्व न्यायधीश चंद्रभूषण पांडेय राष्ट्रीय संयोजक है उत्तर प्रदेश के प्रभारी एक प्रदेश अध्यक्ष पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक IPS जुगल किशोर तिवारी जी है जिनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 के विधान सभा चुनाव में राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो कोई शेर कहता है, कोई महाशेर लेकिन समाज पूछ रहा है _जब सवर्ण समाज पर संकट था तब आप कहा थे? क्या कभी भी UGC जैसे गंभीर मुद्दे पर बोले ? क्या भारत भूषण तिवारी हत्या कांड पर श्रद्धांजलि देवे गए क्या भरत तिवारी हत्या पर कुछ बोले क्या समाज के दर्द मे कभी खड़े दिखाई दिए? सच तो यह है कि कुछ लोग सिर्फ जय_जयकार करने में लगे हैं।

आज जब सत्ता ने धक्का दे दिया तब मगर मक्छ की आशु बहा रहे हैं नम्बर सबका आयेगे यह तो ट्रेलर है पूरी पिक्चर बाकी है सत्ता के लिए राजनीत नहीं समाज के लिए संघर्ष चाहिए जो समाज के UGC मुद्दे पर एससीएसटी एक्ट के तहत उत्पीड़न होने पर,युवाओ और शाहिद भरत तिवारी की हत्या पर कभी नहीं बोला पत्रकार श्री राम शुक्ला एवं तारा शुक्ला के गांव कान्हौरा में शोकाकुल परिवार से मिलने आए थे उनके साथ पंकज शुक्ला जिला अध्यक्ष सोनभद,अकित शुक्ल जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा,शुभम चौबे जिला महासचिव ,धीरज पाठक जिला उपाध्यक्ष साथ थे।