सत्ता के लिए राजनीति नहीं समाज के लिए संघर्ष चाहिए : सूरज प्रसाद चौबे

लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने   कहा कि एससीएसटी एक्ट व आरक्षण की इतनी प्रताड़ना के बाद भी सवर्ण समाज के बहुत सारे लोग विभिन्न दलों में अपने बच्चों का व सवर्ण समाज का सुनहरा भविष्य तलाश रहे हैं। वे यातो मूरख है या फिर मानसिक रूप से पागल हो गए हैं बंद करो भाजपा सपा बसपा कांग्रेस की चाटुकारिता ताकि इन राजनीतिक दलों की सवर्ण समाज की एकजुटता और राजनीतिक ताग़त का एहसास हो सके भाजपा के जो सवर्ण नेता यूजीसी पर नहीं बोले उनको वोट दे कर क्या समझते हो यह नेता तुम्हारे लिए मुसीबत में खड़े होगे कभी नहीं सभी सवर्ण को बताना चाहता हु।

सवर्ण अभी भी नहीं जागे तो आप के बच्चों का भविष्य खत्म हो जाएगा सवर्ण अभी कहते थे कि विकल्प क्या है राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सवर्ण का विकल्प ही नहीं सभी समस्या का समाधान है ग्वालियर उच्चन्यालय वार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष है पूर्व न्यायधीश चंद्रभूषण पांडेय राष्ट्रीय संयोजक है उत्तर प्रदेश के प्रभारी एक प्रदेश अध्यक्ष पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक IPS जुगल किशोर तिवारी जी है जिनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 के विधान सभा चुनाव में राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो कोई शेर कहता है, कोई महाशेर लेकिन समाज पूछ रहा है _जब सवर्ण समाज पर संकट था तब आप कहा थे? क्या कभी भी UGC जैसे गंभीर मुद्दे पर बोले ? क्या भारत भूषण तिवारी हत्या कांड पर श्रद्धांजलि देवे गए क्या भरत तिवारी हत्या पर कुछ बोले क्या समाज के दर्द मे कभी खड़े दिखाई दिए? सच तो यह है कि कुछ लोग सिर्फ जय_जयकार करने में लगे हैं।

आज जब सत्ता ने धक्का दे दिया तब मगर मक्छ की आशु बहा रहे हैं नम्बर सबका आयेगे यह तो ट्रेलर है पूरी पिक्चर बाकी है सत्ता के लिए राजनीत नहीं समाज के लिए संघर्ष चाहिए जो समाज के UGC मुद्दे पर एससीएसटी एक्ट के तहत उत्पीड़न होने पर,युवाओ और शाहिद भरत तिवारी की हत्या पर कभी नहीं बोला पत्रकार श्री राम शुक्ला एवं तारा शुक्ला के गांव कान्हौरा में शोकाकुल परिवार से मिलने आए थे उनके साथ पंकज शुक्ला जिला अध्यक्ष सोनभद,अकित शुक्ल जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा,शुभम चौबे जिला महासचिव ,धीरज पाठक जिला उपाध्यक्ष साथ थे।
एसटीएफ का बड़ा अभियान: 580 संरक्षित पक्षियों के साथ अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्कर गिरफ्तार, कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोरखपुर से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 380 रोज रिंग्ड पैराकीट (तोते) और 200 लाल मुनिया समेत कुल 580 संरक्षित एवं प्रतिबंधित पक्षी बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पक्षियों को रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सात लोहे के पिंजरे भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी उत्तर प्रदेश के जंगलों से इन पक्षियों को पकड़वाकर बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली सहित कई राज्यों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था।

एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि प्रदेश में संरक्षित वन्यजीवों और प्रतिबंधित पक्षियों की अवैध तस्करी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को अभिसूचना संकलन और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में टीम गोरखपुर में लगातार निगरानी कर रही थी।

इसी दौरान एसटीएफ को सूचना मिली कि सेराज अहमद, निवासी रायगंज उत्तरी, थाना राजघाट, जनपद गोरखपुर, अपने घर पर भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्रजाति के पक्षियों को छिपाकर रखा हुआ है। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और वन विभाग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर छापा मारा।

छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से 380 रोज रिंग्ड पैराकीट, 200 लाल मुनिया तथा सात लोहे के पिंजरे बरामद किए गए। इसके बाद आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक संगठित गिरोह का सदस्य है, जो संरक्षित एवं प्रतिबंधित पक्षियों की अवैध तस्करी करता है। गिरोह के सदस्य बलरामपुर और लखीमपुर के जंगलों से इन पक्षियों को पकड़वाते हैं। इसके बाद इन्हें बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और अन्य राज्यों के तस्करों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता है। एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ गोरखपुर मुख्यालय रेंज में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई वन विभाग द्वारा की जा रही है।

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों और संरक्षित पक्षियों की अवैध तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गिरोह के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य राज्यों के संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
घर बैठे फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस का खेल बेनकाब, STF ने साइबर ट्रिक से लाइसेंस बनाने वाले मास्टरमाइंड को दबोचा
बिजनौर: यूपी समेत कई राज्यों के फर्जी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, STF ने आरोपी को किया गिरफ्तार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े साइबर फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बिजनौर से ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल समेत कई राज्यों के लोगों के फर्जी तरीके से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कर रहा था। आरोपी ऑनलाइन परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली को जावा स्क्रिप्ट और ब्राउजर एक्सटेंशन की मदद से बायपास कर घर बैठे लाइसेंस जारी करवा देता था।

STF के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को बिजनौर के थाना नहटौर क्षेत्र के ग्राम फुलसंदा हीरा स्थित उसके घर से इब्राहिम अंसारी पुत्र जाहिद हुसैन को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से दो लैपटॉप, एक स्मार्टफोन, चार कूटरचित आधार कार्ड, चार एटीएम कार्ड, वाई-फाई राउटर और तीन चेकबुक बरामद की गईं।

कई राज्यों में फैला था फर्जीवाड़े का नेटवर्क

एसटीएफ को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल समेत कई राज्यों के लोगों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी तरीके से बनाए जा रहे हैं। इसी सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक STF फील्ड यूनिट बरेली अब्दुल कादिर के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक अजीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की।सूचना पुख्ता होने पर STF टीम ने आरोपी के घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे करता था ऑनलाइन परीक्षा में बड़ा खेल

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने घर से लैपटॉप और इंटरनेट की मदद से लोगों के लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करता था। जिन लोगों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती थी, उनसे पैसे लेकर पूरा काम खुद करता था।सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि लर्निंग लाइसेंस के लिए होने वाली ऑनलाइन परीक्षा भी वह खुद देता था।

फीस यूपीआई के माध्यम से अपने खाते में लेता था

इसके लिए वह ब्राउजर में Tampermonkey एक्सटेंशन इंस्टॉल कर उसमें विशेष JavaScript कोड जोड़ता था। यह कोड परिवहन विभाग की सारथी वेबसाइट पर परीक्षा के दौरान वीडियो सत्यापन (Video Verification) को बायपास कर देता था। इसके बाद आधार ई-केवाईसी से प्राप्त फोटो के आधार पर परीक्षा का एक्सेस मिल जाता था और आरोपी स्वयं परीक्षा पास कर आवेदनकर्ता का लर्निंग लाइसेंस तैयार कर देता था।बाद में लाइसेंस की पीडीएफ व्हाट्सएप पर भेजकर उसकी फीस यूपीआई के माध्यम से अपने खाते में लेता था।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

आरोपी के खिलाफ थाना नहटौर, जनपद बिजनौर में मु0अ0सं0 231/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 337, 340(2), आधार अधिनियम-2016 की धारा 36 तथा आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई थाना नहटौर पुलिस द्वारा की जा रही है।
प्रो.उमापति दीक्षित व कवि जितेन्द्र कुमार दुबे की साहित्यिक मुलाकात
लखनऊ। केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा शिक्षा मंत्रालय,भारत सरकार के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमापति दीक्षित डी.लिट्. का बुधवार 15 जुलाई 2026 प्रातः कवि एवं एडीसीपी जितेन्द्र कुमार दुबे के लखनऊ स्थित आवास पर आगमन हुआ।जहां जितेन्द्र कुमार दुबे ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तत्पश्चात साहित्यिक परिचर्चा हुई। कविगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें प्रोफेसर उमापति दीक्षित ने अपनी ओजस्वी एवं भावपूर्ण रचनाओं का सस्वर काव्यपाठ कर उपस्थित साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गोष्ठी में साहित्य, भाषा पर सार्थक चर्चा हुई।इस अवसर पर आशीष मौर्य 'पिन्टू', आशुतोष पाण्डेय, संतोष गुप्त, अश्वनी तिवारी तथा सोनू कश्यप सहित अन्य साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
बिहार से आगरा तक फैला था चरस तस्करी का नेटवर्क, एएनटीएफ ने 20 लाख की चरस के साथ चार तस्करों को दबोचा
लखनऊ । उत्तर प्रदेश एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की ऑपरेशनल यूनिट आगरा ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 6.781 किलोग्राम चरस, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है, बरामद की गई। इसके अलावा एक स्कूटी, चार मोबाइल फोन और 2,900 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था), अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध) तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ के निर्देशन में की गई। एएनटीएफ आगरा यूनिट ने थाना रसूलपुर पुलिस के सहयोग से फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन आउटर के पास घेराबंदी कर चारों तस्करों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बबलू कुमार निवासी बेगूसराय (बिहार), अरविंद साहनी निवासी आगरा (मूल निवासी बेगूसराय, बिहार), विजय कुमार निवासी समस्तीपुर (बिहार) तथा मनोज कुमार निवासी आगरा के रूप में हुई है।

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पिछले चार से पांच वर्षों से संगठित तरीके से चरस की तस्करी कर रहे थे। वे बिहार से चरस लाकर आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसकी सप्लाई करते थे। इस बार भी वे बिहार से चरस लेकर आए थे और विभिन्न स्थानों पर इसकी खेप पहुंचाने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही एएनटीएफ ने उन्हें दबोच लिया।पुलिस के अनुसार बरामद चरस की कुल मात्रा 6.781 किलोग्राम है। इसके अलावा आरोपियों के पास से तस्करी में प्रयुक्त एक स्कूटी, चार मोबाइल फोन तथा 2,900 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

इस संबंध में थाना रसूलपुर, जनपद फिरोजाबाद में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20/60 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिहार से संचालित इस गिरोह का सरगना कौन है, चरस की आपूर्ति किस स्रोत से की जा रही थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है। साथ ही गिरोह की वित्तीय गतिविधियों और अन्य राज्यों तक फैले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
लखनऊ में दो युवकों की मौत से सनसनी, एक ने किराए के कमरे में फांसी लगाई, दूसरे की होटल में संदिग्ध मौत
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत से सनसनी फैल गई। चिनहट क्षेत्र में एक युवक ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि गोमतीनगर स्थित नोवोटेल होटल के एक कमरे में ठहरे युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला बीटेक पास युवक चिनहट थाना क्षेत्र के ग्राम शाहपुर स्थित कौशल विहार कॉलोनी में मंगलवार रात करीब आठ बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची। जांच में मृतक की पहचान जितेश सिंह उर्फ अमन सिंह (27) पुत्र जयप्रकाश सिंह निवासी सराय दुनौली, थाना टिकैतनगर, जनपद बाराबंकी के रूप में हुई। वह अपने मित्र शिवम मौर्य के साथ शाहपुर स्थित किराए के मकान में रह रहा था। शिवम निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जितेश ने कमरे में चादर के सहारे पंखे से फांसी लगा ली। वह बीटेक उत्तीर्ण था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है। नोवोटेल होटल के कमरे में अचेत मिला युवक, अस्पताल में मृत घोषित दूसरी घटना में पुलिस को सूचना मिली कि नोवोटेल होटल के एक कमरे में ठहरा युवक दरवाजा नहीं खोल रहा है और फोन भी रिसीव नहीं कर रहा। सूचना पर डायल-112 और स्थानीय पुलिस तत्काल होटल पहुंची। होटल कर्मचारियों की मदद से कमरा खोला गया तो युवक अचेत अवस्था में मिला। युवक की पहचान राहुल सिंह (22) पुत्र संजय सिंह निवासी असमन छपरा, बीजापार, जनपद महराजगंज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार राहुल 13 जुलाई को होटल में ठहरा था और ड्रोन इनोवेशन एवं वैज्ञानिक कार्य से जुड़ा हुआ था। राहुल के भाई ने फोन का जवाब न मिलने पर चिंता जताई थी। इसके बाद परिजन होटल पहुंचे और कमरे का दरवाजा खुलवाया गया। युवक को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फॉरेंसिक जांच के बाद सामने आएगी मौत की वजह दोनों घटनाओं में पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। दोनों मामलों में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
चित्रकूट मंडी घोटाले में ईओडब्ल्यू का बड़ा एक्शन, ₹8 करोड़ गबन के दो मुख्य आरोपी अफसर गिरफ्तार
लखनऊ। चित्रकूट जनपद के कर्वी स्थित विशिष्ट मंडी परिषद के निर्माण कार्य में लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के कथित गबन के बहुचर्चित मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), उत्तर प्रदेश ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे और उन पर सरकारी धन के दुरुपयोग तथा अनियमित भुगतान कराने का आरोप है।

निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्यदायी संस्था का चयन किया गया था

ईओडब्ल्यू के अनुसार, वर्ष 2014 में चित्रकूट के कर्वी स्थित विशिष्ट मंडी के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्यदायी संस्था का चयन किया गया था। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान तत्कालीन उपनिदेशक (निर्माण) और सहायक लेखाधिकारी ने कार्यदायी संस्था मेसर्स ग्लेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, गाजियाबाद के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं।

जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने निर्माण कार्य का वास्तविक सत्यापन और वित्तीय परीक्षण किए बिना नियमों के विपरीत अधिक माप (ओवर मेजरमेंट), अनुचित मूल्यांकन तथा अनधिकृत भुगतान को स्वीकृति दी। इसके चलते कार्यदायी संस्था को लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई

इस मामले में वर्ष 2019 में चित्रकूट के कोतवाली नगर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में 22 जून 2021 के शासनादेश के अनुसार मामले की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई।

ईओडब्ल्यू ने दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों, तकनीकी परीक्षण तथा वित्तीय अभिलेखों की गहन जांच के बाद दोनों अधिकारियों की भूमिका प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई, लेकिन दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फरार चल रहे थे।

दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही

ईओडब्ल्यू की टीम ने तकनीकी विश्लेषण, खुफिया सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर 13 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अशोक कुमार, तत्कालीन उपनिदेशक (निर्माण), राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, बांदा तथा सतीश कुमार यादव, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, बांदा शामिल हैं।

ईओडब्ल्यू ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। यदि जांच में अन्य अधिकारियों या संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा पर डीजीपी का बड़ा एक्शन प्लान, अपराधियों के 100 प्रतिशत सत्यापन और जीरो हादसों का दिया लक्ष्य
अपराधियों के 100 प्रतिशत सत्यापन और जीरो हादसों का दिया लक्ष्य

मिशन शक्ति केन्द्रो की स्थापना से महिला सम्बन्धी अपराधो में कमी

लखनऊ। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने आगामी कांवड़ यात्रा एवं अन्य प्रमुख पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और दुर्घटनारहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे करने होंगे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।

मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित ऑनलाइन अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश के सभी अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। बैठक में कांवड़ यात्रा, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, अपराधियों के सत्यापन, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी तथा थानों में खड़े वाहनों के निस्तारण सहित अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। कांवड़ मार्गों, शिविरों, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के साथ-साथ बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात संचालन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शांति समितियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखा जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कांवड़ यात्रा में प्रयुक्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ऊंचाई और ध्वनि का स्तर निर्धारित मानकों के अनुसार रखा जाए। इसके अलावा ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी कैमरों तथा सामाजिक माध्यमों की निगरानी के जरिए प्रत्येक गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए। सीमावर्ती जनपदों और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए पुलिस महानिदेशक ने हत्या, डकैती, लूट, चेन स्नैचिंग सहित अन्य गंभीर अपराधों के लंबित मामलों का शीघ्र खुलासा करने और सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर अधिनियम, गुंडा अधिनियम तथा अन्य प्रभावी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई में तेजी लाई जाए।

बैठक में बीट व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बीट संबंधी सूचनाएं पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए। यदि सत्यापन के दौरान कोई अपराधी अपने पते पर नहीं मिलता है तो उसकी तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, धार्मिक मतांतरण तथा अन्य संवेदनशील गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी नियमित रूप से दर्ज कराई जाएं।

थानों में लंबे समय से खड़े वाहनों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान अलीगढ़ और रायबरेली पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई। सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि वे डंपिंग यार्ड विकसित कर थानों में खड़े वाहनों को वहां स्थानांतरित कराएं, जिससे थानों में अनावश्यक रूप से वाहनों का जमाव न रहे।

बैठक में लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए विकसित नए निगरानी पोर्टल की भी जानकारी दी गई। इस व्यवस्था के माध्यम से विवेचकों और पर्यवेक्षण अधिकारियों को किसी भी विवेचना की समय-सीमा पूरी होने से 15 दिन पहले सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते कार्रवाई कर मामलों का निस्तारण किया जा सकेगा।

महिला सुरक्षा के संबंध में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मिशन शक्ति केंद्रों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। समीक्षा में पाया गया है कि इन केंद्रों की स्थापना के बाद दहेज हत्या के मामलों में लगभग 43 प्रतिशत तथा दहेज प्रताड़ना के मामलों में करीब 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने अधिकारियों को इन केंद्रों की नियमित समीक्षा करने और इनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा अभियानों की समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इस वर्ष एक जनवरी से 30 जून तक की अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में नौ प्रतिशत तथा दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में दस प्रतिशत की कमी आई है। इससे 800 से अधिक लोगों का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका है। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियानों को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की सही एवं समयबद्ध जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। सामाजिक माध्यमों पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। गुमशुदा व्यक्तियों, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करते हुए विशेष अभियान चलाकर गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने सेवा संबंधी विवरण निर्धारित पोर्टल पर समय से अद्यतन करने के भी निर्देश दिए।
पुलिस ने नकली करेंसी के साथ युवक काे पकड़ा
अभियुक्त के पास से 700 रुपये की नकली भारतीय मुद्रा एवं 4,110 रुपये की वास्तविक मुद्रा बरामद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में भारतीय नकली मुद्रा की तस्करी के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के पास से 700 रुपये की नकली भारतीय मुद्रा एवं 4,110 रुपये की वास्तविक मुद्रा बरामद हुआ है।

प्रभारी निरीक्षक श्रीकान्त राय ने मंगलवार काे बताया कि थाना दुबग्गा पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा के अवैध कारोबार में संलिप्त एक वांछित ठाकुरगंज निवासी सुधीर यादव को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से 500 रुपये का एक एवं 100 रुपये के दो, कुल 700 रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद हुए। नकली नोटों को बाजार में खपाकर अर्जित की गई 4,110 रुपये की वास्तविक भारतीय मुद्रा भी बरामद की गई।

गिरफ्तार अभियुक्त से की गई पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह नकली भारतीय मुद्रा को विभिन्न स्थानों पर कम कीमत पर लोगों को उपलब्ध कराता था। बाजार, दुकानों एवं शराब की दुकानों सहित अन्य स्थानों पर भी अवसर मिलने पर नकली नोटों को असली मुद्रा के रूप में चलाता था।

अभियुक्त ने यह भी बताया कि नकली नोटों के प्रचलन से प्राप्त वास्तविक धनराशि से वह अपना एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 4,110 रुपये की वास्तविक भारतीय मुद्रा, जिसे अभियुक्त ने नकली नोट चलाकर प्राप्त करना स्वीकार किया, भी बरामद कर नियमानुसार सील कर सुरक्षित कर लिया गया। अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच किया जा रहा है।
रबी फसलों के समर्थन मूल्य पर मंथन, गेहूं समेत छह फसलों की MSP बढ़ाने की सिफारिश केंद्र को भेजेगा यूपी
-  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में राज्य मूल्य परामर्शदात्री परिषद की बैठक, किसानों के हित में लिया गया अहम फैसला


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित कक्ष संख्या-8 में राज्य मूल्य परामर्शदात्री परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में रबी 2026-27 (विपणन वर्ष 2027-28) की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के संबंध में भारत सरकार को सिफारिश भेजने का निर्णय लिया गया।

बैठक में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर तथा लाही-सरसों के समर्थन मूल्य की संस्तुति कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP), भारत सरकार को भेजने पर सहमति बनी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विभिन्न फसलों के समर्थन मूल्य के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
बैठक में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे, कुशीनगर के सांसद, कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र, सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला, खाद्य एवं रसद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति, कृषि निदेशक, कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा विभाग के निदेशक तथा विभिन्न विभागों और कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में रबी फसलों के लागत मूल्य, उत्पादन, बाजार की स्थिति और किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।