सोनभद्र में दर्दनाक हादसा: मोबाइल चार्ज करते समय करंट लगने से युवक की मौत, परिवार में कोहराम
विकास कुमार सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ मोबाइल चार्जिंग के दौरान करंट की चपेट में आने से एक 30 वर्षीय युवक की असमय मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

चार्जर लगाते ही दौड़ा करंट, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना शनिवार रात करीब 9 बजे कोन थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कचनरवा के टोला नरोईयादामर में घटित हुई। मृतक की पहचान अनुज गिरी (30 वर्ष), पुत्र श्यामलाल गिरी के रूप में हुई है। शनिवार की रात अनुज अपने घर में मोबाइल चार्ज करने के लिए जैसे ही चार्जर को बिजली के बोर्ड में लगा रहे थे, तभी वह अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए।

करंट का झटका लगते ही अनुज अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) विंढमगंज पहुँचाया। हालांकि, वहाँ के डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद अनुज को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने की मुआवजे की मांग, पुलिस की कार्रवाई जारी
हादसे की सूचना मिलते ही कोन थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की विधिक प्रक्रिया पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया "प्रथम दृष्टया युवक की मौत मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट लगने से हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"

मेहनत-मजदूरी कर चलाता था परिवार, ग्रामीणों ने जताई संवेदना
मृतक अनुज गिरी अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जो कड़ी मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी असामयिक मृत्यु के बाद उनकी पत्नी और चार छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। इस घटना से पूरे गाँव में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिजनों ने जिला प्रशासन से असहाय परिवार की स्थिति को देखते हुए तत्काल सरकारी आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिए जाने की गुहार लगाई है।
सोनभद्र: मानसून की पहली बारिश में उफनाया नाला, मां और 8 महीने का मासूम बहा; बच्चे का शव बरामद, मां की तलाश जारी

विकास कुमार सोनभद्र अनपरा। सोनभद्र जिले में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास अचानक उफनाए एक बरसाती नाले ने मां और उसके आठ महीने के मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई है, जिसका शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर बरामद किया गया। वहीं, लापता मां का अब तक सिर्फ कपड़ा ही मिल सका है, उसका कोई सुराग नहीं लगा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

अचानक बढ़े जलस्तर ने दोनों को आगोश में लिया
मिली जानकारी के अनुसार, अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास रहने वाली 25 वर्षीय सविता देर शाम अपने आठ महीने के मासूम बच्चे को लेकर घर से निकली थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला का घर नाले के बिल्कुल करीब है और वह संभवतः शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे बरसाती नाले का जलस्तर और बहाव पल भर में बेहद तेज हो गया। नाला पार करते समय मां और बेटा पानी के इस प्रचंड वेग को संभाल नहीं पाए और तेज धारा में बह गए।

सुबह शुरू हुआ रेस्क्यू, 3 किमी दूर मिला मासूम का शव
यह घटना देर रात की होने के कारण शुरुआत में किसी को इसकी भनक नहीं लगी। सुबह होते ही जब पुलिस को मामले की जानकारी मिली, तो तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद, घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर मासूम बच्चे का शव बरामद कर लिया गया। हालांकि, काफी खोजबीन के बाद भी मां सविता का कुछ पता नहीं चल सका है, पुलिस को नाले के पास से केवल उसके कपड़े बरामद हुए हैं।

पति था घर से बाहर, परिजनों को 'चमत्कार' की उम्मीद
बताया जा रहा है कि घटना के वक्त महिला का पति घर पर मौजूद नहीं था। जैसे ही उसे इस अनहोनी की सूचना मिली, वह बदहवास हालत में मौके पर पहुंचा। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

वर्तमान में पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें नाले और उसके आसपास के संभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

मासूम की मौत से जहां पूरे गांव की आंखें नम हैं, वहीं परिजन और ग्रामीण अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि काश सविता सकुशल मिल जाए। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नाले और थोड़ी सी भी लापरवाही पल भर में जिंदगी को खत्म कर सकती है।
सोनभद्र पुलिस का बड़ी कामयाबी 10.70 लाख की ठगी का पर्दाफाश, 500 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जांच शुरू
विकास कुमार सोनभद्र। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर मासूम और लालची निवेशकों को करोड़ों का चूना लगाने वाले एक हाईटेक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के तार दुबई से जुड़े होने की आशंका है, वहीं जांच के दौरान एक ही बैंक खाते से पिछले एक साल में करीब 500 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की बात सामने आने से पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए हैं। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने लखनऊ से चार एजेंटों को दबोचा है, जबकि मुख्य सरगना की तलाश तेज कर दी गई है।

8 से 10% मुनाफे का लालच और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म
पुलिस अधीक्षक (SP) अभिषेक वर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह ने ठगी के लिए बाकायदा Botbro, Crossmarket और Minecrypto नाम से तीन फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बना रखे थे। इन ऐप्स के जरिए लोगों को हर महीने 8 से 10 प्रतिशत तक के भारी मुनाफे का लालच दिया जाता था।

इसी झांसे में आकर सोनभद्र के चोपन निवासी दीपक कुमार वर्मा ने 10 लाख 70 हजार रुपये का निवेश कर दिया। जब दीपक ने अपना मुनाफा और मूल रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने अपनी वेबसाइट बंद कर दी और संपर्क तोड़ लिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में मुकदमा अपराध संख्या-16/2026 दर्ज किया गया। शुरुआत में धारा 318(4) BNS और 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(3), 338 और 340(2) भी जोड़ी गईं।

लखनऊ से धरे गए 4 एजेंट, क्रिप्टोकरेंसी में भेजते थे पैसा
सोनभद्र साइबर पुलिस ने मामले की तह तक जाते हुए राजधानी लखनऊ में छापेमारी कर गिरोह के चार सक्रिय एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुफियान,मोहम्मद दानिश, अरशद सिद्दीकी और तुफैल खान के रूप में हुई है।

पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा:
गिरफ्तार एजेंटों ने कुबूल किया कि वे जमीनी स्तर पर लोगों को जाल में फंसाते थे। जैसे ही कोई रकम निवेश करता, वे उस पैसे को अलग-अलग फर्जी बैंक खातों के जरिए तुरंत क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।

दुबई में बैठा है 'मास्टरमाइंड' लवि चौधरी
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक विवेचना में इस पूरे खेल का मुख्य सरगना लवि चौधरी सामने आया है। विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक, लवि मूल रूप से उत्तर प्रदेश का ही रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में वह दुबई में बैठकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा है। लवि चौधरी के खिलाफ देश के कई अन्य राज्यों में भी जांच चल रही है।

महंगी गाड़ियां और रील दिखाकर फंसाते थे शिकार
यह गिरोह सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, फेसबुक) का जमकर इस्तेमाल करता था। मुख्य आरोपी और उसके गुर्गे सोशल मीडिया पर महंगी स्पोर्ट्स कारों, आलीशान होटलों और लग्जरी लाइफस्टाइल की तस्वीरें और वीडियो (रील्स) पोस्ट करते थे। इसे देखकर लोग प्रभावित होते थे और सोचते थे कि ट्रेडिंग से इतनी कमाई मुमकिन है। गिरोह के जाल में आम जनता के साथ-साथ कई सरकारी कर्मचारी, पुलिसकर्मी और कॉर्पोरेट सेक्टर के लोग भी फंस चुके हैं।

एक साल में 500 करोड़ का लेन-देन, केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट
पुलिस की वित्तीय जांच (Financial Investigation) में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है, वह है एक बैंक खाते का ट्रांजैक्शन। पिछले महज एक साल के भीतर इस खाते से 500 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। इतनी बड़ी रकम के ट्रांजैक्शन को देखते हुए अब केंद्रीय जांच एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। संबंधित वित्तीय एजेंसियां इस पैसे के सोर्स और रूट की गहराई से जांच कर रही हैं।
सोनभद्र पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों और मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं और जल्द ही इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
सोनभद्र: खड़े वाहन में पीछे से घुसी बारात से लौट रही डीजे मैजिक, दो युवकों की दर्दनाक मौत, तीन घायल

विकास कुमार

सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के अंतर्गत वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर गुरमुरा स्थित जय गुरुदेव आश्रम के पास बृहस्पतिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दुद्धी के नगवा से बारात की बुकिंग निपटाकर रॉबर्ट्सगंज की तरफ वापस लौट रही डीजे (साउंड सिस्टम) लदी मैजिक गाड़ी सड़क किनारे खड़े एक अज्ञात वाहन में पीछे से जोरदार तरीके से भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में मैजिक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारात से वापस आ रही मैजिक जैसे ही गुरमुरा स्थित जय गुरुदेव आश्रम के समीप पहुंची, तभी वह सड़क किनारे खड़े एक अज्ञात वाहन में पीछे से जा घुसी। टक्कर के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पुलिस को दी।

केबिन काटकर निकाला गया शव:
घटना की सूचना मिलते ही चोपन थाने के उपनिरीक्षक विनोद यादव पुलिस बल और स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। मैजिक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण एक युवक का शव अंदर ही फंस गया था। पुलिस ने ट्रैक्टर की मदद से केबिन को खिंचवाया और काफी मशक्कत के बाद फंसे हुए शव को बाहर निकाला। वहीं दूसरे मृतक की मौत गंभीर चोटें आने की वजह से मौके पर ही हो गई थी।

परिजनों में मचा कोहराम, मासूमों के सिर से उठा साया:
हादसे की खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे रिश्तेदारों और परिचितों ने मृतकों की शिनाख्त की। मृतकों में मनोज कुमार मौर्या (32 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय रामध्यान मौर्या, निवासी लोढ़ी, आरटीओ ऑफिस के पास) शामिल हैं, जिनकी दो छोटी बेटियां हैं। दूसरे मृतक की पहचान श्याम बाबू (पुत्र रामदुलारे, निवासी छपका) के रूप में हुई है, जिनके तीन बच्चे हैं। दोनों युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।

घायलों का अस्पताल में इलाज:
पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से तीनों घायलों को तत्काल चोपन अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद चंदन (42 वर्ष, पुत्र राजकुमार, निवासी ग्राम चुर्क) की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, अन्य दो घायलों शिवा (21 वर्ष, पुत्र राजमन, निवासी छपका, रॉबर्ट्सगंज) और विनय कुमार (21 वर्ष, पुत्र शिव प्रसाद, निवासी ग्राम गडवाल) को हल्की चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

मौके पर पहुंची चोपन थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल और टक्कर मारकर फरार हुए अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।
सोनभद्र:चोपन क्षेत्र में अनियंत्रित होकर 15 फीट गहरी खाई में गिरी बाइक, एक युवक ने मौके पर ही तोड़ा दम,दूसरा घायल


विकास कुमार

गुरमुरा सोनभद्र।चोपन थाना क्षेत्र के अंतर्गत ज्वारीडांड-गुरमुरा मार्ग पर बृहस्पतिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां पेट्रोल भरवाने जा रहे दो बाइक सवार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे सांकेतिक बोर्ड (निशान बोर्ड) से टकराते हुए करीब 15 फीट गहरी खाई में जा गिरे। इस भीषण हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुद्धिलाल (पुत्र स्वर्गीय रामलाल, निवासी गुर्मा) अपने ससुराल गुरमुरा में रहता था। बृहस्पतिवार सुबह लगभग 11 बजे वह अपने साथी गुड्डू (पुत्र संतोष, निवासी जवारीडांड) के साथ बाइक से पेट्रोल डलवाने के लिए जवारीडांड से गुरमुरा की तरफ जा रहा था।
अभी उनकी बाइक गुरमुरा से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले ही पहुंची थी कि अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण अनियंत्रित हो गई। रफ्तार तेज होने की वजह से बाइक सड़क किनारे लगे लोहे के निशान बोर्ड के खंभे से टकराई और सीधे 15 फीट नीचे झाड़ियों में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बुद्धिलाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और राहगीर मौके पर जुट गए। सूचना पाकर पहुंची चोपन टोल प्लाजा की एम्बुलेंस की मदद से घायल गुड्डू को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) चोपन में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोनभद्र में ससुराल आए दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पति फंदे पर तो पत्नी चारपाई पर मृत मिली
कमरे में मिला चार साल का सहमा हुआ मासूम; महिला के मुंह से झाग निकलने की चर्चा, जांच में जुटी पुलिस

विकास कुमार सोनभद्र।थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब ससुराल आए एक युवा दंपति के शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के भीतर पाए गए। पति का शव कमरे में धरण (फंदे) से लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी का शव पास ही चारपाई पर बेसुध पड़ा मिला। इस दोहरी मौत की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। दिल दहला देने वाली इस घटना के वक्त घर में कोई अन्य बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।

कमरे में रोता मिला चार वर्षीय मासूम, मुंह से झाग निकलने की चर्चा
घटनास्थल का नजारा बेहद खौफनाक था। बदहवास कमरे के भीतर दंपति का चार साल का मासूम बेटा अकेले सदमे की हालत में मिला, जो माता-पिता की इस हालत से पूरी तरह अनजान और सहमा हुआ था। स्थानीय लोगों के बीच दबी जुबान में यह चर्चा है कि मृतका के मुंह और नाक से झाग निकल रहा था, जो किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की ओर इशारा करता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

पारिवारिक कलह या कुछ और? पुलिस हर एंगल से खंगाल रही है सुराग

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के पीछे पति-पत्नी के बीच हुआ कोई गहरा विवाद बताया जा रहा है। वारदात के समय घर के अन्य सदस्यों का बाहर होना और अचानक दोनों की मौत हो जाना कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती कयासों में इसे आपसी झगड़े के बाद आत्मघाती कदम (मर्डर और सुसाइड का एंगल) के रूप में देखा जा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद दोनों शवों को फंदे और चारपाई से नीचे उतारा और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। फॉरेंसिक टीम और पुलिस सभी पहलुओं और साक्ष्यों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मौत की असली वजह और घटनाक्रम की सटीक कड़ियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेंगी।
सोनभद्र: सोन नदी में नहाने गए दो मासूम डूबे, चीख-पुकार के बीच NDRF और पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी
विकास कुमार सोनभद्र। जनपद के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मीतापुर में बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परिवार की महिलाओं के साथ सोन नदी में नहाने गए दो मासूम बच्चों के गहरे पानी में डूब जाने से गांव में मातम पसर गया है। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पैर फिसलने से गहरे पानी में समाए मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह लगभग 9:30 बजे मीतापुर निवासी बोल बम केवट (16 वर्ष) पुत्र लोधी केवट तथा दीपक केवट (10 वर्ष) पुत्र भगवान दास केवट, परिवार की महिलाओं के साथ सोन नदी के मीतापुर घाट पर स्नान करने गए थे। नदी में नहाने के दौरान अचानक दोनों बच्चों का संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वे गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते दोनों बच्चे नदी की तेज धारा में लापता हो गए। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वे असफल रहीं। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और नदी में बच्चों की खोजबीन शुरू की।

परिजनों में कोहराम, गांव में पसरा सन्नाटा
जैसे ही यह खबर गांव में फैली, नदी किनारे सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने जिगर के टुकड़ों के डूबने की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता और सगे-संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मीतापुर गांव का माहौल गमगीन हो चुका है और हर कोई बच्चों की कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहा है।

पुलिस और NDRF की टीमें तलाश में जुटीं
स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर चोपन थाना पुलिस तत्काल बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया। मामले की संवेदनशीलता और पानी की गहराई को देखते हुए प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को भी तत्काल बुला लिया गया है।

समाचार लिखे जाने तक दोनों बच्चों का सुराग नहीं लग सका था। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की मदद से महा-सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बच्चों को ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
घने जंगल में जिंदगी और मौत के बीच फंसा था वाराणसी का चालक, पुलिस और समाजसेवियों ने बचाई जान
विकास कुमार


सोनभद्र।जनपद के हाथीनाला-हथवानी मुख्य मार्ग पर शनिवार, 20 जून 2026 को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेज रफ्तार भारी टैंकर और ट्रक के बीच सीधी और भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह पिचक गए। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक चालक केबिन के मलबे में ही जिंदगी और मौत के बीच फंस गया।
घने जंगल के बीच हुए इस हादसे में यदि समय पर मदद न मिलती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। लेकिन स्थानीय समाजसेवियों और हाथीनाला पुलिस ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दुर्घटना के फौरन बाद वहां से गुजर रहे स्थानीय राहगीरों ने इसकी सूचना सामाजिक कार्यकर्ताओं को दी। सूचना मिलते ही सेवादार बिना एक पल गंवाए रेणुकूट से 12 किलोमीटर दूर घने जंगली इलाके में स्थित दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए।

टीम ने रास्ते में ही स्थानीय हाथीनाला पुलिस को हादसे की सटीक जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस बल भी मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंच गया। मलबे में लहूलुहान हालत में फंसे चालक को पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाला। केबिन से रेस्क्यू किए गए गंभीर रूप से घायल ट्रक चालक की पहचान उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) जिले के निवासी के रूप में हुई है।
घायल चालक को एम्बुलेंस के जरिए पुलिस की मौजूदगी में तत्काल लोढ़ी जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उसकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही चालक के पास मिले नंबरों के आधार पर वाराणसी में उसके परिजनों को भी एक्सीडेंट की सूचना दे दी गई है।

इस सफल और जीवन रक्षक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद संस्था के प्रमुख संरक्षक विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने सोशल मीडिया पर क्षेत्रवासियों और डिजिटल मीडिया के साथियों से एक बेहद भावुक अपील की है। उन्होंने कहा "प्रिय साथियों, समाज के प्रति सही दिशा में लगातार निस्वार्थ सेवाभाव का कार्य चल रहा है। संकट की इस भीषण घड़ी में हमारी पूरी टीम ने मुस्तैदी से अपना मानवीय फर्ज निभाया है। यदि आपको हमारा यह प्रयास, दौड़-भाग और सेवाभाव सही लगता है, तो इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि समाज में अन्य लोग भी संकट में फंसे इंसानों की मदद के लिए प्रेरित हो सकें। मैं डब्लू सिंह, सदैव आपकी सेवा में तत्पर हूँ।"

आपको बताते चलें कि घने जंगल के बीच 12 किलोमीटर दूर दौड़कर पहुंचना और पुलिस के समन्वय से एक घायल की जान बचाना वाकई सराहनीय है। हाथीनाला पुलिस और स्थानीय समाजसेवियों के इस त्वरित कदम की क्षेत्र में हर कोई तारीफ कर रहा है।
सोनभद्र: आंधी-बारिश के बीच वज्रपात का कहर, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोग झुलसे

विकास कुमार दुद्धी सोनभद्र। प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। शाम करीब साढ़े चार बजे आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) के झटके से अलग-अलग गांवों में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है

अलग-अलग गांवों में ऐसे हुआ हादसा:
  ग्राम डुमरडीहा निवासी सुनीता देवी (38) पत्नी ओमप्रकाश अपने घर की खिड़की के पास बैठी थीं। इसी दौरान अचानक कड़कड़ाती हुई बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गईं।ग्राम बघाडू में बेबी देवी (32) पत्नी विनय अपने बच्चों के साथ घर के बाहरी कमरे में मौजूद थीं। बिजली के जोरदार झटके के असर से बेबी देवी मौके पर ही अचेत (बेहोश) हो गईं, हालांकि गनीमत रही कि उनके साथ मौजूद बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सबसे दुखद वाकया बरखोहरा गांव में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य वज्रपात का शिकार हो गए। अमरनाथ की पत्नी मनीषा देवी (28), पुत्री नंदनी (8) और माता शकुंतला देवी (45) घर के अंदर बैठकर भोजन कर रहे थे, तभी बिजली के तेज झटके ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।

सीएचसी दुद्धी में लाए गए सभी पांचों मरीजों का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है। डरने की कोई बात नहीं है, हमारी टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।"

प्रशासन व डॉक्टरों की अपील
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि तेज कड़क और तूफान के दौरान घरों से बाहर न निकलें। खिड़की-दरवाजों से दूर रहें और किसी भी हाल में खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरिक्षत पक्के मकानों में रहना ही बचाव का एकमात्र उपाय है।
वोर्टेक्स कप 2026 के सिर सजा ताज आर्यन बिल्ली ओबरा बना चैंपियन, फाइनल में सुपर किंग हार
विकास कुमार ओबरा

सोनभद्र।स्थानीय खेल मैदान पर दूधिया रोशनी (फ्लड लाइट्स) के बीच खेले गए प्रतिष्ठित 'वोर्टेक्स कप 2026' रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य और रोमांचक समापन हो गया। फाइनल के इस महामुकाबले में आर्यन बिल्ली ओबरा ने अपनी सटीक रणनीति और उत्कृष्ट खेल भावना के बूते सुपर किंग को 6 विकेट से करारी शिकस्त देकर खिताबी ट्रॉफी पर अपना नाम लिखवा लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही विजेता टीम और उसके प्रशंसकों में जश्न का माहौल है।

मुकाबले की शुरुआत टॉस से हुई, जिसे आर्यन बिल्ली ओबरा के कप्तान ने जीता और पिच की स्थिति को देखते हुए पहले गेंदबाजी करने का साहसिक निर्णय लिया। कप्तान का यह फैसला टीम के गेंदबाजों ने बिल्कुल सही साबित कर दिखाया।

धारदार गेंदबाजी के आगे पस्त हुई सुपर किंग, मिला आसान लक्ष्य
पहले बल्लेबाजी करने उतरी सुपर किंग की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। आर्यन बिल्ली ओबरा के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही कसी हुई और धारदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया और उन्हें खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। इस कड़े दबाव के आगे सुपर किंग के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। निर्धारित 8 ओवरों के इस सीमित मुकाबले में पूरी टीम महज 9 विकेट खोकर सिर्फ 42 रन ही बना सकी।

इस तरह आर्यन बिल्ली ओबरा के सामने जीत के लिए 43 रनों का बेहद साधारण लक्ष्य था। जवाब में, 43 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी आर्यन बिल्ली ओबरा की शुरुआत सधी हुई रही। हालांकि, सुपर किंग के गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर मैच में वापसी की पुरजोर कोशिश की, लेकिन आर्यन बिल्ली के बल्लेबाजों ने अपना धैर्य नहीं खोया। टीम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 7 ओवरों में मात्र 4 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया और 6 विकेट शेष रहते टूर्नामेंट के सरताज बन गए।

पुरस्कारों की बौछार: चंद्रप्रकाश बने 'मैन ऑफ द मैच', विजेता को मिले 51 हजार
मैच की समाप्ति के बाद आयोजित भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में खिलाड़ियों पर इनामों की भारी बारिश हुई। फाइनल मुकाबले में अपनी धारदार गेंदबाजी और शानदार प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने वाले आर्यन बिल्ली ओबरा के खिलाड़ी चंद्रप्रकाश को दलवीर समरा और मुजफ्फर खान की ओर से मैन ऑफ द मैच' के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।

विजेता टीम की हौसला अफजाई करते हुए मुख्य अतिथि रमेश सिंह की तरफ से ₹51,000 का बंपर नकद पुरस्कार दिया गया, जबकि उप-विजेता (सुपर किंग) को वोर्टेक्स की तरफ से ₹25,000 की नकद राशि सौंपी गई।

मुख्य और विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मान
इस रात्रिकालीन महामुकाबले का गवाह बनने के लिए मैदान पर भारी संख्या में खेल प्रेमी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश सिंह के प्रतिनिधि दीपक केशरी एवं तस्लीम खान ने मैदान पर पहुंचकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों की पीठ थपथपाई।

वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष (रेणुकूट) निशा बबलू सिंह, अजय प्रताप सिंह (ओबरा तापीय परियोजना), राष्ट्रीय खिलाड़ी रमेश सिंह यादव, अमरजीत कुमार, संतोष साहनी, समाजसेवी डब्लू सिंह (रेणुकूट) और गोविंदा जायसवाल ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के रात्रिकालीन आयोजनों से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखरने और आगे बढ़ने का एक बेहतरीन मंच मिलता है।

प्रतियोगिता को पूरी तरह निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आयोजन समिति की जमकर तारीफ हो रही है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान इन प्रमुख चेहरों ने मुख्य कमान संभाली नेतृत्व में राजेश पंडित (आयोजन अध्यक्ष) एवं प्रदीप शर्मा (आयोजन सचिव)।प्रचार-प्रसार: अजीत सिंह और विकास कुमार अग्रहरी (प्रतियोगिता मीडिया प्रभारी)।
प्रबंधन व सहयोग टीम: सोनू राय, विमलेश दीक्षित, फैजल खान, शुभम जायसवाल, आयुष माली, सिद्धार्थ गौतम, शुभम सिंह और आबिद खान।

मैच के सफल समापन के बाद आयोजन समिति ने टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आए हुए सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।