राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय के इस्तीफे की अफवाह, आधिकारिक पुष्टि नहीं

- SIT जांच और चढ़ावा प्रकरण के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म, ट्रस्ट की ओर से कोई बयान या लिखित इस्तीफा सामने नहीं आया

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की खबरों ने शुक्रवार को अयोध्या से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। हालांकि, देर शाम तक ट्रस्ट या संबंधित पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।

सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने न तो कोई लिखित इस्तीफा दिया है और न ही उनके इस्तीफे का कोई अधिकृत एलान हुआ है। वहीं, ट्रस्ट की ओर से भी इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा के करीबियों द्वारा इस्तीफे की चर्चा फैलाए जाने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव में से किसी ने भी अब तक अपना लिखित इस्तीफा नहीं सौंपा है।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और एसआईटी जांच के बीच इस्तीफे की चर्चाओं ने अटकलों को और तेज कर दिया है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि के अभाव में इन दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती। फिलहाल सभी की नजरें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।

राम मंदिर भूमि खरीद मामले में AAP सांसद संजय सिंह ने SIT को सौंपे दस्तावेज, निष्पक्ष जांच की मांग
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को राम मंदिर भूमि खरीद और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज विशेष जांच दल (SIT) को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने लखनऊ में SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पन्त से मुलाकात कर विभिन्न भूमि सौदों और अन्य मामलों से संबंधित दस्तावेजों का संकलन उन्हें सौंपा।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे का उपयोग कुछ मामलों में बाजार मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर भूमि खरीदने में किया गया। उन्होंने दावा किया कि SIT को सौंपे गए दस्तावेजों में कई ऐसे भूमि सौदों का विवरण है, जिनकी जांच आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में जमीनों की खरीद-फरोख्त में वास्तविक मूल्य और खरीद मूल्य के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। साथ ही कुछ सौदों में भाजपा नेताओं और उनके रिश्तेदारों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की।
संजय सिंह ने वर्ष 2021 के एक भूमि सौदे का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ही दिन में जमीन के मूल्य में कई गुना वृद्धि दिखाकर उसे ट्रस्ट को बेचे जाने का मामला जांच का विषय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
AAP सांसद ने मंदिर परिसर से जुड़े दानपात्र, चांदी, पादुका तथा अन्य धार्मिक वस्तुओं की कथित चोरी के मामलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में भी जांच और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
संजय सिंह के अनुसार, SIT अध्यक्ष ने प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होगी और सत्य सामने आएगा। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता और नवाचार पर जोर, समीक्षा बैठक आयोजित

-  सचिव ओ.पी. त्रिपाठी की अध्यक्षता में प्रयागराज निरीक्षक व सभी मंडलीय उप निरीक्षकों ने की सहभागिता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ के सचिव ओ.पी. त्रिपाठी की अध्यक्षता में गुरुवार को परिषद कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निरीक्षक संस्कृत पाठशाला, प्रयागराज सहित प्रदेश के सभी मंडलीय उप निरीक्षकों ने सहभागिता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण को सुदृढ़ करना, स्कूल चलो अभियान को गति देना तथा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण-अधिगम सुनिश्चित करना रहा।

बैठक में सचिव ओ.पी. त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षिक वातावरण विकसित किया जाए तथा परिषद द्वारा उपलब्ध कराए गए शैक्षिक पंचांग के अनुसार नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने विद्यालयों के नियमित निरीक्षण और प्रभावी पर्यवेक्षण पर भी विशेष बल दिया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए कैरियर गाइडेंस पोर्टल ‘पंख’ पर उनका पंजीकरण कराकर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

-  'मिशन पहचान’ के तहत आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल

बैठक में मिशन पहचान कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास वृद्धि के लिए विशेष गतिविधियों पर चर्चा की गई। तय किया गया कि विद्यालयों की प्रार्थना सभा में प्रतिदिन एक विद्यार्थी संस्कृत भाषा में ‘आज का सुविचार’ लिखेगा और उसकी व्याख्या भी प्रस्तुत करेगा। इसके साथ ही छात्र-छात्राएं दैनिक समाचार पत्रों का वाचन कर समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। प्रत्येक माह सर्वश्रेष्ठ सुविचार प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थी को सम्मानित भी किया जाएगा।

-  फन डे के माध्यम से सीखने को बनाया जाएगा रोचक

विद्यार्थियों में सृजनात्मक कौशल, वैज्ञानिक सोच और अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को ‘फन डे’ (आनंदमय दिवस) आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज, निबंध लेखन, सांस्कृतिक गतिविधियां तथा स्थानीय भ्रमण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिगम प्रक्रिया अधिक प्रभावी और रोचक बन सके।

-  डिजिटल संसाधनों के उपयोग पर बल

बैठक में एनसीईआरटी के डिजिटल संसाधनों, मोबाइल एप, ई-पुस्तकों और क्यूआर कोड आधारित अध्ययन सामग्री के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को इन संसाधनों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही शिक्षकों को एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित ‘माध्यमिक स्तर पर सीखने के प्रतिफल’ पुस्तक का अध्ययन करने की सलाह दी गई, ताकि विद्यार्थियों में आवश्यक दक्षताओं के विकास को बेहतर ढंग से समझा और बढ़ावा दिया जा सके। इसके अतिरिक्त विद्यालयों से प्राप्त विभिन्न संशोधन प्रस्तावों के लिए निर्धारित प्रपत्रों के उपयोग को अनिवार्य बनाने तथा सभी प्रकरण नियमानुसार परिषद कार्यालय को भेजने के निर्देश भी जारी किए गए।
भाजपा ने घोषित की नई प्रदेश कार्यकारिणी, 19 उपाध्यक्ष और कई नए महामंत्री नियुक्त
-  पंकज चौधरी ने जारी की पदाधिकारियों की सूची, छह क्षेत्रों के नए क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश ने अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची में संगठन के विभिन्न पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। कार्यकारिणी में कई नए चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि अनुभवी नेताओं को भी संगठन में प्रमुख स्थान दिया गया है।
नई कार्यकारिणी में पूर्व मंत्री सुरेश राणा समेत 19 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश संगठन में कई नए नेताओं को मंत्री पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही छह क्षेत्रों के लिए नए क्षेत्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा की गई है। पश्चिम क्षेत्र की कमान नबाब सिंह नागर को सौंपी गई है, जबकि अवध क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में अवधेश द्विवेदी को जिम्मेदारी मिली है।
संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता तथा मनीष दीक्षित को मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। मोर्चों में भी बदलाव करते हुए रोहित मिश्रा को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष और सरोज कुशवाह को महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई कार्यकारिणी को आगामी चुनावों और संगठन विस्तार की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नई टीम प्रदेश में संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा जनाधार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आधार कार्ड केवल पहचान और पते का प्रमाण, पारिवारिक संबंधों का नहीं: निबंधन विभाग
-  UIDAI के निर्देश पर यूपी निबंधन विभाग का आदेश जारी, पिता-पति या अभिभावक का विवरण संबंध का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाएगा

लखनऊ। आधार कार्ड का उपयोग अब केवल व्यक्ति की पहचान और निवास स्थान के प्रमाण के रूप में ही किया जाएगा। उत्तर प्रदेश निबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड में दर्ज पिता, पति, अभिभावक अथवा अन्य पारिवारिक संबंधों का विवरण किसी रिश्ते या संबंध का अंतिम एवं वैधानिक प्रमाण नहीं माना जाएगा।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश निबंधन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आधार कार्ड को केवल पहचान और पते के सत्यापन के लिए स्वीकार किया जाए।
आदेश के अनुसार, आधार कार्ड में अंकित पारिवारिक विवरण केवल सूचना के उद्देश्य से होता है और इसे किसी व्यक्ति के पारिवारिक संबंधों के कानूनी प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में संबंध स्थापित करने के लिए अन्य वैध दस्तावेजों और प्रमाणों का सहारा लिया जाएगा।
निबंधन विभाग के इस फैसले से संपत्ति पंजीकरण एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर स्पष्टता आएगी तथा भविष्य में विवादों की संभावना भी कम होगी।
कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक से अश्वनी तिवारी की शिष्टाचार भेंट

लखनऊ। ज्येष्ठ मास के अंतिम मंगलवार को देवा रोड, मटियारी, लखनऊ में श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक से जौनपुर निवासी अश्वनी तिवारी ने शिष्टाचार भेंट की। इस आत्मीय मुलाकात के दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा तथा समसामयिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

इस अवसर पर अश्वनी तिवारी ने कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक को अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। वहीं कवि एवं एडीसीपी मध्य कमिश्नरेट लखनऊ जितेन्द्र कुमार दुबे ने दूरभाष पर उनका कुशलक्षेम जाना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन हेतु उनके नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।प्रो. मुरली मनोहर पाठक के कुशल नेतृत्व में श्री‌लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय,नई दिल्ली को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा सर्वोच्च श्रेणी ‘ए++’ मान्यता प्राप्त हुई है, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
लखनऊ अग्निकांड: धुएं में घुल गई दोस्ती, राख हो गए सपने—सूरज और संयम की अधूरी कहानी
लखनऊ । लखनऊ के अलीगंज की वह इमारत अब सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं रही। वह एक ऐसी याद बन चुकी है, जहां हर कोना किसी न किसी छात्र की आखिरी सांस का गवाह है। कोचिंग और एनीमेशन सेंटर में लगी आग ने न सिर्फ 15 जिंदगियां छीन लीं, बल्कि कई घरों की पूरी दुनिया उजाड़ दी।

इन 15 कहानियों में सबसे ज्यादा दिल को तोड़ देने वाली कहानी दो दोस्तों—सूरज और संयम—की है। कानपुर के गोविंदनगर और बर्रा के रहने वाले ये दोनों नाम अब सिर्फ एक हादसे के नहीं, बल्कि एक ऐसी दोस्ती के प्रतीक बन गए हैं जो जिंदगी से आगे जाकर भी साथ रही—लेकिन लौटकर कभी नहीं आई।

बचपन से शुरू हुई कहानी, जो आग में खत्म हो गई

सूरज और संयम की दोस्ती किसी कहानी जैसी नहीं थी, वह जिंदगी का हिस्सा थी। रतनलालनगर के दून स्कूल में दोनों ने साथ पढ़ाई की, साथ शरारतें कीं, साथ सपने देखे। टीचर उन्हें हमेशा एक जोड़ी की तरह याद रखते थे—जहां एक बोलता था, दूसरा समझ जाता था।

स्कूल के बाद भी यह साथ नहीं टूटा। दोनों ने एक ही एनीमेशन स्टूडियो में नौकरी जॉइन की। परिवारों को भरोसा था कि यह दोस्ती अब भविष्य की सफलता बनेगी। लेकिन किसे पता था कि यह साथ एक ही आग में खत्म होने वाला है।

वह दोपहर, जब धुआं किस्मत बन गया

अलीगंज स्थित उस इमारत में रोज़ की तरह क्लास चल रही थी। किसी को यह अहसास नहीं था कि ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद वेयरहाउस में उठती एक चिंगारी कुछ ही मिनटों में मौत का तूफान बन जाएगी।

दोपहर करीब ढाई बजे आग लगी। पहले किसी ने इसे मामूली समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं इतनी तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंचा कि तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र फंस गए। सीढ़ियों से उतरना मुश्किल हो गया, खिड़कियों से बाहर की हवा भी जहरीली हो चुकी थी।

कुछ छात्रों ने मदद के लिए चिल्लाया, कुछ ने फोन उठाए, कुछ ने खिड़कियों से झांककर आखिरी उम्मीद तलाशने की कोशिश की—लेकिन आग उम्मीदों से तेज थी।

आखिरी फैसला—साथ जिए, साथ मरेंगे

इसी अफरा-तफरी के बीच सूरज और संयम भी फंस गए। परिजनों के अनुसार, दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। शायद उसी पल दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा।

कहा जाता है कि दोनों ने किसी कमरे या बाथरूम में खुद को बंद कर लिया, यह सोचकर कि शायद वहां थोड़ी देर और सांस मिल जाए। लेकिन आग ने दीवारों तक को गर्म कर दिया था। दम घुटने से दोनों की मौत हो गई—लेकिन सबसे दर्दनाक बात यह थी कि वे आखिरी पल तक भी साथ थे।

यह सिर्फ मौत नहीं थी, यह उस दोस्ती का अंत था जो जिंदगी से बड़ी लगती थी।

घर पहुंचे तो टूट गया आसमान

जब संयम का शव गोविंदनगर पहुंचा, मां सोनिया की चीख ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। वह बार-बार बेटे को पकड़कर पूछती रहीं—“बोल क्यों नहीं रहा तू? अभी तो ठीक था ना तू…” हर शब्द जैसे किसी दिल पर हथौड़ा था।

पड़ोसी भी रो पड़े, क्योंकि संयम वही लड़का था जो हमेशा मुस्कुराकर मिलता था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि उसकी मुस्कान इतनी जल्दी खामोश हो जाएगी।

इधर सूरज के घर का हाल भी अलग नहीं था। मां मीरा बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं। कुछ घंटे पहले ही बेटा उन्हें फोन पर कहकर गया था कि वह ठीक है। लेकिन लौटकर वह खुद नहीं आया।

जिम्मेदारियों से भरा एक अधूरा सफर

सूरज सिर्फ एक छात्र या कर्मचारी नहीं था। वह अपने परिवार की रीढ़ था। पिता की मौत के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर आ गई थी। छोटे भाई और बहन की पढ़ाई, घर का खर्च, भविष्य की उम्मीदें—सब कुछ उसी के कंधों पर था।

वह हाल ही में शादी के लिए लड़की देखने भी गया था। घर में नई शुरुआत की बातें हो रही थीं। लेकिन अब वहां सिर्फ सन्नाटा है—और एक ऐसा खालीपन, जिसे कोई भर नहीं सकता।

रेस्क्यू, जो देर से पहुंचा

हादसे के बाद SDRF और दमकल विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया। दो घंटे के भीतर 15 शव बरामद किए गए और कई घायल अस्पताल पहुंचाए गए।

हर निकला हुआ शव एक कहानी खत्म कर रहा था, और हर घायल आंखें एक नई उम्मीद ढूंढ रही थीं।

अंतिम यात्रा—जहां दोस्ती भी जल उठी

सूरज और संयम का अंतिम संस्कार अलग-अलग स्थानों पर हुआ, लेकिन दोनों घरों की हालत एक जैसी थी—टूटा हुआ परिवार, सूनी आंखें और खत्म होते सपने।

मोहल्ले के लोग आज भी कहते हैं कि दोनों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर सकी। वे साथ जिए, साथ काम किया और साथ ही इस दुनिया से चले गए।

एक सवाल, जो हर दिल में रह गया

यह हादसा सिर्फ आग नहीं था। यह एक चेतावनी थी—उन लापरवाहियों की, जिनके बीच हम अपने बच्चों को छोड़ देते हैं।

क्या यह हादसा टल सकता था? क्या ये 15 जिंदगियां बच सकती थीं?

इन सवालों के जवाब शायद कभी न मिलें, लेकिन सूरज और संयम की कहानी हमेशा याद दिलाती रहेगी कि कुछ दोस्तियां इतनी सच्ची होती हैं कि वे मौत के बाद भी खत्म नहीं होतीं—बस खामोश हो जाती हैं।
मुजफ्फरनगर : एनकाउंटर में मारा गया छोटा राजन गैंग का गुर्गा सतपाल
—यूपी हरियाणा, पंजाब के राज्यों में दर्ज हैं अपराधिक मुकदमें, 25 हजार का था इनाम


लखनऊ /मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सोमवार की देर रात को सिविल लाइन थाना पुलिस, एसओजी टीम की इनामी बदमाश से मुठभेड़ हो गई। घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके खिलाफ यूपी, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। छोटी—छोटी लड़कियों का अपहरण कर उनसे दुष्कर्म करना उसका पेशा था। वह छोटा राजन गैंग का गुर्गा था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि 19 जून को कचहरी से एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस की 10 टीमों को लगाया गया था। सोमवार देर रात को पुलिस को उसकी लोकेशन इलाके में मिली थी। इसके बाद पुलिस और एसओजी की सयुंक्त टीम ने दो टीमों को बनाकर चेकिंग शुरू कर दी। पहली टीम रामपुर तिराहे से शहर की तरफ और दूसरी टीम मुजफ्फरनगर की तरफ से रामपुर तिराहे की तरफ आने जाने वाली सभी वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक कार रामपुर तिराहे की तरफ आती हुई दिखाई दी, जिसे पुलिस टीम ने रुकने का इशारा किया तो अभियुक्त ने वाहन को तेजी से मोड़कर बामनहेडी रेलवे स्टेशन की तरफ भागने लगा।

पुलिस टीम ने कार सवार का पीछा किया तो आगे चलकर घना जंगल होने की वजह से रास्ता बन्द हो गया। पुलिस टीम ने बदमाश की घेराबन्दी की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गये। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई और दोनों पैर में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर वेंटीलेटर पर रखा गया, जहां मंगलवार दोपहर को डॉक्टरों ने बदमाश को मृत घोषित कर दिया।

एसएसपी ने बताया कि बदमाश की पहचान चंडीगढ़ के रामदरबार निवासी सतपाल उर्फ सत्तू के रूप में हुई है। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल, तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है। अभियुक्त सतपाल उर्फ सत्तू अन्तराज्यीय अपराधी है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों पर हत्या, लूट, दुष्कर्म अपहरण जैसी गंभीर धाराओं में करीब 30 मुकदमें दर्ज है। वह चंडीगढ़ के थाने से हिस्ट्रीशीटर था। अभियुक्त के कुख्यात छोटा राजन गैंग से संबंध रहे हैं। अभियुक्त फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार था। फरार होने के उपरान्त अभियुक्त द्वारा पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नाबालिग किशोरियों का अपहरण व दुष्कर्म करने की घटनाएं कारित की गयी। सिविल लाइन थाना में दर्ज मुकदमें में उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों से मिलने केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव

कहा - पीड़ितों की सरकार करे मदद

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को अलीगंज इलाके में स्थित कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर में लगी भीषण अग्निकांड में घायल बच्चों और उनके अभिभावकों से मिलने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) पहुंचे।

सपा अध्यक्ष ने अस्पताल में उपचाराधीन बच्चों का हालचाल लिया और अभिभावकों से कार्रवाई को लेकर जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों की टीम से उपचार की भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बात कही।

अखिलेश यादव ने कोचिंग अग्निकांड के पीड़ित बच्चों और अभिभावकों से मुलाकात के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि घटना बहुत ही दुखद है। अगर सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता तो शायद इतना बड़ा हादसा ना होता और लोगों की जान नहीं गई होती। पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद होनी चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में भर्ती एक नौजवान से मेरी मुलाकात हुई है। जो वहां पर नौकरी करता था। उसने आग से बचने के लिए कूदकर अपनी जान बचाई। उसके शरीर और रीढ़ की हड्डी में चोट आईं हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, उसका काफी दिनों तक इलाज चलेगा, उसकी मां भी नहीं है। वह परिवार का इकलौता भरण पोषण करने वाला नवयुवक है। उसकी सरकार को पूरी मदद करनी चाहिए।

अखिलेश ने कहा कि जब तक इस हादसे के पीड़ित पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो जाते और उन्हें नौकरी दोबारा नहीं मिलती, तब तक सरकार उन्हें वेतन एवं उपचार की व्यवस्था करे। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिवारों की कम से कम 01 करोड़ रुपये की मदद किए जाने की बात कही।
यूपी में पीएम स्वनिधि योजना के लिए एक महीने का विशेष अभियान
-  30 जून तक चलेगा यह विशेष अभियान, 'सेंसस टाउन रिपोर्ट' के आधार पर तय होंगे लक्ष्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही 'पीएम स्वनिधि योजना' की रफ्तार बढ़ाने जा रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 1 जून से 30 जून 2026   तक एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम मे ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी द्वारा राज्य के सभी संबंधित मुख्य विकास अधिकारियों को एक आधिकारिक पत्र जारी कर इस अभियान को युद्धस्तर पर सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों के खण्ड विकास अधिकारियों को अपने स्तर से निर्देशित करें। इसका मुख्य उद्देश्य ‘सेंसस टाउन रिपोर्ट’ और विभाग द्वारा भेजी गई सूची के आधार पर तय लक्ष्यों को समय से पूरा करना है। राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक की अपेक्षा के क्रम में यह अभियान चलाया जा रहा है।
योजना के दायरे में आने वाले सभी पात्र लाभार्थियों की पहचान करना, उनसे आवश्यक समन्वय स्थापित करना और समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया को पूरा करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। निर्देश दिये गये हैं तय लक्ष्यों को पूरा करते हुए प्रगति रिपोर्ट से ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय को भी लगातार अवगत कराया जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो।
यह आदेश उत्तर प्रदेश के तमाम प्रमुख जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को भेजा गया है, जिनमें आगरा, अलीगढ़, अमेठी, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी, सीतापुर, और सुल्तानपुर सहित कई अन्य जिले शामिल हैं।
सरकार के इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि जून महीने के अंत तक हजारों नए छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण और अन्य सरकारी लाभ आसानी से मिल सकेंगे।