लखनऊ कोचिंग आग हादसे में पुलिस ने चार को किया गिरफ्तार, चार अफसर सस्पेंड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके की एक इमारत में लगी आग से हुई जनहानि के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ताबड़तोड़ एक्शन के मूड में दिख रही है। इस प्रकरण में व्यावसायिक इमारत के मालिक सहित समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनको गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही नगर निगम के दो और ऊर्जा विभाग व फायर के एक-एक अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

अलीगंज पुलिस की ओर से देर रात को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद अलीगंज सेक्टर डी निवासी रामकृष्ण उपाध्याय, सीतापुर रोड निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, ठाकुरगंज का रहने वाला तूशॉक कृष्णा जयसवाल और मड़ियाव के केशवनगर निवासी सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। इधर, मुख्यमंत्री के निर्देश पर बिजली विभाग के जानकीपुरम एक्सेन कलेक्शन गौरव कुमार, एफएसएसओ फायर विभाग इंदिरानगर के प्रभारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण के ऐई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे को सस्पेंड ंकर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने पाँच कालीदास मार्ग स्थित अपने आवास पर हाईलेवल मीटिंग आयोजित की जिसमें सभी बड़े और प्रमुख अफसर शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, धर्मार्थ और संस्कृति विभाग व प्रवीण कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन के नेतृत्व में दो सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन का निर्देश दिया। विशेष जांच दल को सात दिनों के अंदर अपनी जांच पूरी करके मुख्यमंत्री को सौंपना है। जांच के दायरे में कई बड़े अफसरों के आने की आशंका है। वहीं, एलडीए वीसी ने जांच के लिए टीम गठित की है।

2016 में निरस्त किया गया था बिल्डिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश

अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब भवन से जुड़े पुराने दस्तावेज और प्राधिकरण की कार्रवाई गंभीर सवालों के घेरे में हैं। सोमवार को जिस भवन में आग लगने की यह दुःखद घटना हुई, उसके खिलाफ वर्ष 2016 में अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था, लेकिन दो माह से कम समय में ही उस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।

1980 में हुआ था आवंटन

अलीगंज योजना के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या एमएस/102/डी मूल रूप से 11 जुलाई 1980 को लॉटरी प्रणाली के तहत विजय कुमार को किराया-क्रय पद्धति पर आवंटित किया गया था। 4 नवंबर 1980 को अनुबंध निष्पादित होने के बाद भवन का कब्जा आवंटी को सौंप दिया गया। 2005 में यह भवन विक्रय विलेख के जरिए विजय कुमार और उनकी पत्नी उषा के नाम दर्ज हुआ। वहीं 19 जनवरी 2013 को इन लोगों ने यह भवन वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला और सुरेन्द्र प्रताप शुक्ला के नाम बेच दिया। 7 अगस्त 2014 को लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र व सुरेन्द्र के पक्ष में नामांतरण की प्रक्रिया पूरी की। करीब 1992 वर्गफीट क्षेत्रफल वाले इस भवन का मानचित्र 20 अगस्त 2014 को स्वतः मानचित्र योजना के तहत आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था।

ध्वस्तीकरण आदेश निरस्त होने पर उठे सवाल

हालांकि, बाद में भवन में अनधिकृत निर्माण की बात सामने आई। इसके बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने वीरेन्द्र प्रताप शुक्ला के खिलाफ मुकदमा संख्या-08/2016 दर्ज कराया। जांच के बाद विहित प्राधिकारी ने 10 मई 2016 को अनधिकृत निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया। लेकिन, ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के दो माह के अंदर ही 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को निरस्त भी कर दिया गया।
लखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में भीषण आग, धुएं से मची अफरा-तफरी, छात्र जान बचाकर भागे
लखनऊ । राजधानी के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में सोमवार को एक एनिमेशन सेंटर में भीषण आग लग गई। हादसे के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में हड़कंप मच गया। कई छात्रों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों और बाहर निकले छात्रों के अनुसार, अचानक क्लासरूम में घना धुआं भर गया। कुछ छात्र घबराकर बाथरूम की ओर भागे, जबकि कई खिड़कियों और सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। कुछ ने ऊंचाई से छलांग लगाकर अपनी जान बचाने का प्रयास किया, जिससे वे घायल हो गए।

एक छात्र ने बताया कि स्थिति इतनी भयावह थी कि कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि बाहर निकलने का रास्ता कहां है। बाहर निकलने के बाद भी कई छात्र अपने साथियों को ढूंढते और रोते नजर आए। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

बचाव कार्य के दौरान स्थानीय लोगों ने भी मदद की और जोखिम उठाकर छात्रों को बाहर निकालने का प्रयास किया। बगल की इमारत की छत से दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है और कई लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कई शव देखे हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं। इस हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है और परिजन अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।
लखनऊ अग्निकांड: कोचिंग संस्थान में भीषण आग, 15 की मौत; शव देखकर भावुक हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

-  सीएम योगी ने लिया जायजा, घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे

-  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना

लखनऊ। राजधानी में एक कोचिंग एवं एनीमेशन प्रशिक्षण संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे की भयावहता देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं। अंदर चारों तरफ धुआं ही धुआं भरा हुआ था। फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। एक-एक सामान हटाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर फंसा न हो।”
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एक एनीमेशन सेंटर में लगी। आग भड़कने के बाद छात्र-छात्राओं ने जान बचाने के लिए भवन के पिछले हिस्से की ओर भागने का प्रयास किया, लेकिन घने धुएं के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके। बताया जा रहा है कि भवन के अंदर बड़ी मात्रा में फर्नीचर और अन्य सामान रखा था, जिससे धुआं तेजी से फैल गया और स्थिति और गंभीर हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद वह घायलों का हालचाल जानने के लिए अस्पताल रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उधर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी नई दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। प्रशासन, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस हृदयविदारक घटना से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। शासन-प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: सीएम योगी ने किया घटनास्थल निरीक्षण, राहत-बचाव कार्यों की ली जानकारी
सीएम और पीएम ने जताया शोक, घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल

मायावती ने कोचिंग अग्निकांड पर संवेदनाएं व्यक्त की

लखनऊ । राजधानी के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद इमारत में तेजी से धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। कई छात्रों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि छात्रों को बाहर निकलने का सही रास्ता समझ नहीं आया।

कई छात्र बाथरूम और खिड़कियों की ओर भागे, जबकि कुछ ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दर्दनाक हादसे में 14 बच्चों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बगल की इमारत की छत से दीवार काटकर अंदर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया गया। अब तक लगभग 10 लोगों को रेस्क्यू कर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जबकि आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग अभी भी अंदर फंसे हो सकते हैं। मौके पर पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी  राजीव कृष्ण , प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक  ने भी घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से कई शव देखे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर तत्काल लखनऊ लौटते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पूरी घटना की जानकारी ली और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बचाव कार्य जारी है और केंद्र सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन से अचानक धुआं उठता देखा गया, जिसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई।

देखते ही देखते आग ने भयावह रूप ले लिया और पूरा परिसर जलने लगा। कई लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए अंदर फंसे छात्रों को बचाने का प्रयास किया। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। परिजन अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के चक्कर लगा रहे हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है और राहत-बचाव कार्य लगातार चल रहा है।बसपा सुप्रीमो मायावती ने कोचिंग अग्निकांड पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेन्टर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद। इस प्रकार की जानलेवा घटनाएं दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा।
लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलते ही अलीगढ़ दौरा छोड़ राजधानी लौटे मुख्यमंत्री, घटना पर जताया शोक
लखनऊ/अलीगढ़। राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री को अलीगढ़ में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हादसे की जानकारी मिली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा कार्यक्रम में बने रहने की थी, लेकिन लखनऊ में हुई दुखद दुर्घटना के कारण उन्हें तत्काल वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अग्निकांड की चपेट में आने से कुछ बच्चों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने तथा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटना की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस बीच अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। वहीं एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के करीब 40 मिनट बाद अग्निशमन विभाग की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए दो घंटे से अधिक समय तक अभियान जारी रहा।
घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री ने लखनऊ अग्निकांड पर जताया शोक, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की सहायता की घोषणा
नई दिल्ली/ लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई आग की घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि लखनऊ में आग की दुर्घटना में हुई जनहानि से प्रधानमंत्री व्यथित हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के निकटतम परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा हादसे में जख्मी हुए प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
UPSC-PCS कोचिंग के लिए अतिथि प्रवक्ता और मेंटरों के लिए आवेदन आमंत्रित

* अन्तिम तिथि 06 जुलाई निर्धारित

लखनऊ। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र, अलीगंज में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए अतिथि प्रवक्ता (गेस्ट फैकल्टी) एवं मेंटरों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थियों से 6 जुलाई, 2026 तक आवेदन मांगे गए हैं।
समाज कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर सामान्य अध्ययन के अन्तर्गत इतिहास, भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंध, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, एथिक्स, समसामयिकी, सामान्य हिन्दी, उत्तर प्रदेश विशेष तथा सी-सैट सहित विभिन्न विषयों के अध्यापन के लिए अनुभवी विषय विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जाएगा। अतिथि प्रवक्ता पद के लिए ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास निजी कोचिंग संस्थानों में कम से कम तीन वर्ष का अध्यापन अनुभव हो तथा उन्होंने संबंधित विषय में परास्नातक उपाधि प्राप्त की हो। नेट, जेआरएफ अथवा पीएचडी कर रहे अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। इसके अलावा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक तथा UPSC या UPPSC मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी आवेदन के पात्र होंगे। चयनित अतिथि प्रवक्ताओं को 90 मिनट के प्रत्येक व्याख्यान के लिए दो हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया में आवेदन पत्रों की जांच, विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन तथा ट्रायल लेक्चर शामिल होगा।
समाज कल्याण विभाग ने प्रशिक्षण केन्द्र में अध्ययनरत अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए मेंटरों के चयन की भी व्यवस्था की है। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने UPSC  की प्रारंभिक अथवा मुख्य परीक्षा या UPPSC मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की हो, मेंटर के रूप में आवेदन कर सकते हैं। चयनित मेंटरों को प्रशिक्षण केन्द्र परिसर में निःशुल्क आवास, भोजन तथा पुस्तकालय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्हें विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अध्ययन योजना, मूल्यांकन एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थी 6 जुलाई, 2026 तक अपना आवेदन ई-मेल पर भेज सकते हैं। आवेदन अलीगंज स्थित प्रशिक्षण केन्द्र कार्यालय में भी जमा किए जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा गूगल फॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिसका लिंक समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। समाज कल्याण विभाग ने योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों तथा सफल प्रतियोगी परीक्षार्थियों से आवेदन करने की अपील की है, ताकि प्रशिक्षण केन्द्र में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को उच्चस्तरीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश बना देश का नंबर-1 राज्य

* 32,348 मेगावाट की रिकॉर्ड विद्युत मांग पूरी, ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में रचाई इतिहास
लखनऊ । उत्तर प्रदेश ने विद्युत क्षेत्र में एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश में सर्वाधिक विद्युत मांग पूरी करने वाला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। प्रदेश में बढ़ती विद्युत आवश्यकता के बीच 21 जून 2026 को रात्रि 10:47 बजे उत्तर प्रदेश ने सफलतापूर्वक 32,348 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को पूरा किया।
इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र द्वारा 13 मई 2026 को स्थापित 32,317 मेगावाट की उच्चतम विद्युत मांग के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं, 21 जून को प्रदेश में 67.7 करोड़ यूनिट विद्युत ऊर्जा की खपत दर्ज की गई, जो उस दिन देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक रही।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इसका श्रेय मा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री जी के सक्षम नेतृत्व में उत्तर प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश न केवल देश की सबसे बड़ी आबादी की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है, बल्कि रिकॉर्ड स्तर की मांग को भी सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम हुआ है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली की मांग के बावजूद प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, राज्य लोड डिस्पैच केंद्र, उत्पादन निगम तथा विद्युत क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों एवं संविदा कर्मियों के समर्पण, दक्षता और अथक परिश्रम का परिणाम है।
ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था से जुड़े हजारों कार्मिक 24×7 सतत निगरानी एवं समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।श्री शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश भविष्य में भी ऊर्जा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा तथा प्रदेशवासियों को बेहतर, विश्वसनीय और आधुनिक विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी।
अलीगंज के कोचिंग सेंटर में भीषण आग, छात्रों में मची अफरा-तफरी; मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
लखनऊ। अलीगंज सेक्टर स्थित एक कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में सोमवार को भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भवन के भीतर कई छात्र फंस गए, जबकि जान बचाने के प्रयास में एक छात्र ने खिड़की से छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के बाद कुछ समय तक राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित रहा और एंबुलेंस के पहुंचने में देरी हुई। इस दौरान स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए ई-रिक्शा के माध्यम से कई छात्रों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाने और भवन में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
इस घटना का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने, राहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सहारनपुर में यूपी एसटीएफ की मुठभेड़ में सवा लाख का इनामी कुख्यात अपराधी ललन सिंह ढेर, एक साथी फरार
लखनऊ । बिहार के समस्तीपुर निवासी और कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से हत्या, डकैती, लूट और पुलिस पर हमले जैसे कई संगीन मामलों में फरार चल रहा था और उस पर इनाम भी घोषित था।

गैंग के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल था

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार ललन सिंह अपने भाइयों और गैंग के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में शामिल था, जिनमें वाराणसी में 08 नवंबर 2022 को एक उपनिरीक्षक को गोली मारकर उसकी सर्विस पिस्टल लूटने का मामला, चंदौली में 01 नवंबर 2022 को फायरिंग और लूट की घटना, बैंक डकैती, कैश वैन लूट तथा सरकारी हथियार लूट जैसे कई अपराध शामिल हैं। इन मामलों में वह कई जिलों की पुलिस के लिए वांछित था।उसकी गिरफ्तारी पर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट द्वारा ₹1 लाख और चंदौली पुलिस द्वारा ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

मुठभेड़ में घायल, अस्पताल में मौत

यह मुठभेड़ 21/22 जून 2026 की रात सहारनपुर जनपद के सरसावा–नकुर मार्ग पर उस समय हुई जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ललित प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी।मुठभेड़ के दौरान ललन सिंह को गोली लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में सीएचसी सरसावा ले जाया गया। वहां से उसे जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

एक साथी फरार, तलाश जारी

एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के अनुसार पुलिस कार्रवाई के दौरान उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश के लिए कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।