प्रयागराज में खौफनाक ट्रिपल मर्डर: घर में घुसकर तीन लोगों को उतारा मौत के घाट, गांव में दहशत
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में अज्ञात हमलावरों ने एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात इतनी निर्मम थी कि घटनास्थल का मंजर देखकर ग्रामीणों की रूह कांप उठी।

पहले हथियारों से किया हमला फिर पीट पीटकर उतारा मौत के घाट

जानकारी के मुताबिक, सोमवार आधी रात के बाद बदमाश घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसके बाद उन्हें पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। मृतकों की पहचान श्यामलाल उर्फ कल्लू गुप्ता (65 वर्ष), उनकी पत्नी अमरावती देवी (55 वर्ष) और परिवार की एक अन्य महिला सदस्य इंद्रावती देवी (60 वर्ष) के रूप में हुई है।

दौड़ा-दौड़ाकर की गई हत्या!

मंगलवार सुबह जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटनास्थल की स्थिति देखकर आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने तीनों को घर और आंगन में दौड़ा-दौड़ाकर निशाना बनाया। खून से सना घटनास्थल वारदात की भयावहता बयां कर रहा था।

एक सप्ताह पहले मिली थी जान से मारने की धमकी

परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी ने करीब एक सप्ताह पहले पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी। इस खुलासे के बाद पुलिस जांच का फोकस उसी दिशा में बढ़ गया है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मौके पर पहुंची फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉड टीम

ट्रिपल मर्डर की सूचना मिलते ही मेजा थाना पुलिस, फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर डटे रहे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर Dr. Ajay Pal Sharma, Vivek Chandra Yadav और ACP Meja सहित कई अधिकारी मौजूद रहे और जांच का जायजा लिया।

पुलिस ने शुरू की कई एंगल से जांच

पुलिस जमीनी विवाद, पुरानी रंजिश, पारिवारिक दुश्मनी और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल  विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव - प्रोफेसर पुरोहित
मुक्त विश्वविद्यालय में 12 साल बेमिसाल पर व्याख्यानमाला का आयोजन


प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश राजर्षि  टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज द्वारा 12 साल बेमिसाल विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला के अंतर्गत सोमवार को प्रो. एच. सी. पुरोहित, डीन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण, दून विश्वविद्यालय, देहरादून ने आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं विकसित भारत  2047 विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और सामाजिक भागीदारी विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव हैं, यह मजबूत नींव 12 वर्षों के कालखंड में रखी गई है।
उन्होंने कहा कि भारत का विकास पथ केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, नवाचार, सामाजिक समावेशन और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने का राष्ट्रीय संकल्प है। प्रो. पुरोहित ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने अनेक चुनौतियों के बावजूद अपनी आर्थिक यात्रा में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए आज भारत सेवा क्षेत्र, उद्योग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कृषि विकास, मजबूत एमएसएमई क्षेत्र, आधुनिक अधोसंरचना, कौशल विकास, तकनीकी प्रगति और उद्यमिता को बढ़ावा देना आवश्यक है। युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि युवा ऊर्जा को कौशल, ज्ञान और अवसरों से जोड़कर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है और इन सबके विकास के लिए पिछले 12 वर्षों में देश में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रो. पुरोहित ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ दुनिया से अलग होना नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को विकसित करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी नवाचार भारत की आर्थिक मजबूती के प्रमुख आधार बन रहे हैं और देश पिछले 12 वर्षों में तेज गति से प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रोफेसर  सत्यकाम ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय में आर्थिक  नवाचार,  आर्थिक आत्म निर्भरता और रोजगार परक  पाठयक्रमों के विकास को रेखांकित किया । उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय का विस्तार सम्पूर्ण प्रदेश के सभी जिलों में है। हम सभी छात्रों को नवाचारी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा रोजगार परक कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं।कुलपति ने लघु कुटीर उद्योग  के महत्व को बताते हुए स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, वोकल फार लोकल के महत्व को समझाया। भारत आज इन्हीं के माध्यम से आर्थिक समृद्धि में आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह  ने अतिथियों का स्वागत एवं  विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुनील कुमार ने तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने अतिथियों, प्रतिभागी गणों के प्रति आभार व्यक्त किया । डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग को लेकर पांचवें दिन भी जारी रहेगा आंदोलन,
प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री को खून से लिखेंगे पत्र-युवा मंच

प्रयागराज, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 23,775 पदों पर विज्ञापन पुरानी नियमावली के अनुसार जारी कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने घोषणा की है कि अपनी मांगों के समर्थन में प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर भेजेंगे।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रतियोगी युवा आंदोलन में शामिल होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने सभी अभ्यर्थियों से सोमवार को अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन स्थल पर पहुंचकर सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।

अनिल सिंह ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की भर्ती में नई नियमावली लागू किए जाने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने बताया कि सहायक अध्यापक पदों पर प्राविधिक कला विषय के लाखों अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पाएगा। वहीं हिन्दी विषय में इंटरमीडिएट स्तर पर संस्कृत का अध्ययन न करने वाले अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। इसी प्रकार अंग्रेजी एवं संगीत विषयों में भी पात्रता संबंधी बदलाव किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर शिक्षकों के पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है तथा प्रवक्ता पदों पर गैर-बीएड अभ्यर्थियों को अवसर नहीं दिया जा रहा है। इन परिवर्तनों से प्रदेश के लगभग पाँच लाख से अधिक प्रतियोगी युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

युवा मंच ने मांग की है कि 23,775 रिक्त पदों का विज्ञापन तत्काल पुरानी नियमावली के अनुसार जारी किया जाए, जिससे सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर प्राप्त हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

इस अवसर पर एल.के. चौधरी, पी.एन. वर्मा, आलोक दूबे, अखिलेश वर्मा, अमित तिवारी,सुशोभित चौरसिया, बृजेश सिंह, योगेंद्र पाल, रोहित शाक्य, संजीव कुमार वर्मा, सरजू कुमार सोनी, रिंकी चौहान, रीता केशरवानी, ममता पटेल, अनीता यादव, आरती सिंह, प्रियंका मिश्रा, अंजू मिश्रा, तोशी वर्मा, नीलम यादव, अश्वनी कुमार, मोहम्मद आसिफ, विनोद कुमार, कपिल देव वर्मा, रामनरेश, राजकुमार यादव, भानु प्रताप शुक्ला, विपिन पाल तथा संगम वर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र उपस्थित रहे।
ठेकेदार की लापरवाही के कारण श्रमिक की मौत,मचा कोहराम

कार्रवाई एवं मुआवजा दिलाए जाने के लिए थाना ख़ुलदाबाद मे ठेकेदार के खिलाफ  F.I.R दर्ज

प्रयागराज|अजय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, निवासी भोपतपुर तारापुर करेहदा उपरहार, थाना एयरपोर्ट, जनपद प्रयागराज का निवासी है।
दिनांक 09.06.2026 को अजय का छोटा भाई विनय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, उम्र लगभग 35 वर्ष, जो शटरिंग मिस्त्री का कार्य करता था, प्रतिदिन की भांति अपने कार्य पर गया था। वह ठेकेदार असगर खान के साथ चकिया स्थित निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहा था, जो थाना खुल्दाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
दिनांक 09.06.2026 को लगभग शाम 4 बजे मृतक के साथ कार्य कर रहे अन्य श्रमिकों द्वारा परिवार को सूचना दी गई कि कार्यस्थल पर दुर्घटना हो गई है तथा विनय कुमार विश्वकर्मा को उपचार हेतु कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया है। सूचना प्राप्त होते ही अजय एवं अन्य परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे,जहां ज्ञात हुआ कि विनय कुमार विश्वकर्मा की मृत्यु हो चुकी है।
अजय  का आरोप है कि उक्त दुर्घटना कार्यस्थल पर ठेकेदार एवं संबंधित व्यक्तियों की घोर लापरवाही के कारण हुई है। निर्माण स्थल पर बिजली के तारों एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण यह दुखद घटना घटित हुई। यदि आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो अजय के भाई की जान बच सकती थी।
मृतक विनय कुमार विश्वकर्मा
अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे उसकी पत्नी एवं लगभग 2 वर्ष की एक पुत्री हैं, एवं माता पिता भी साथ रहते है, जिनका भरण-पोषण अब अत्यंत कठिन हो गया है। परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है।परिवार ने प्रशासन से पत्र के ज़रिये  निवेदन किया है कि उक्त घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराकर दोषी ठेकेदार एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शासन एवं श्रम कानूनों के अंतर्गत देय उचित मुआवजा एवं अन्य आर्थिक सहायता दिलाने की कृपा की जाए।
पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर तीसरे दिन भी जारी रहेगा आंदोलन

मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे सोमवार को रक्त-पत्र


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 23,775 पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस, प्रयागराज स्थित धरना स्थल पर युवा मंच के बैनर तले आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने घोषणा करते हुए कहा कि यदि सरकार ने लाखों बेरोजगार युवाओं की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार को प्रदेश भर के अभ्यर्थियों की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को  रक्त-पत्र भेजे जाएंगे, जिनके माध्यम से पुरानी नियमावली के आधार पर तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग की जाएगी।

श्री सिंह ने कहा कि नई नियमावली के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में अचानक किया गया बदलाव लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बिना किसी पूर्व सूचना के नई व्यवस्था में धकेलना पूरी तरह छात्र एवं युवा विरोधी कदम है। इससे लाखों अभ्यर्थियों के रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे और उनके सपने टूट जाएंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते युवाओं की आवाज नहीं सुनी तो प्रदेश भर में व्यापक जनआंदोलन खड़ा होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। युवा मंच किसी भी कीमत पर युवाओं के अधिकारों का हनन नहीं होने देगा तथा पुरानी नियमावली से विज्ञापन जारी होने तक संघर्ष जारी रहेगा रविवार को भी आन्दोलन जारी रखने व ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को आन्दोलन का हिस्सा बनने की अपील की है।

इस अवसर पर युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह, एल०के० चौधरी, पी०एन० वर्मा, अखिलेश वर्मा, बृजेश सिंह, रिंकी चौहान, रीता जायसवाल, आरती सिंह, अनीता यादव, सुमन यादव, अर्चना कुशवाहा, नेहा सिंह, ममता पटेल, प्रियंका मिश्रा, पीयूषिका यादव, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, अश्विनी कुमार, सूरज कुमार सोनी, ईश्वर कुमार, धर्मेंद्र त्रिपाठी, दिलीप वर्मा, दिनेश कुमार यादव, बृजेश पांडेय, गंगा प्रसाद सिंह सहित अनेक अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के 23123 रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग, आंदोलन रहेगा जारी -युवा मंच

प्रयागराज । अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के 23123 रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली से भर्ती की मांग को लेकर युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में पत्थर गिरजाघर सिविल लाइंस धरना स्थल पर आन्दोलन शुरू कर दिया है श्री सिंह का कहना है अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (TGT) एवं प्रवक्ता (PGT) के लगभग 23123 रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कराने की मांग को लेकर संघर्ष तेज कर दिया गया है।

युवा मंच द्वारा माननीय मुख्यमंत्री, माध्यमिक शिक्षा मंत्री एवं प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा  प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर मांग की गई है कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नई नियमावली लागू न की जाए तथा रिक्त पदों पर पूर्व प्रचलित नियमावली के अनुसार शीघ्र विज्ञापन जारी किया जाए। युवा मंच की संगीत पाल का कहना है कि अचानक नियमावली में बदलाव से लाखों युवाओं के रोजगार पर संकट उत्पन्न होगा तथा प्राविधिक कला, हिन्दी, अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों के नान-बीएड अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने  यह भी मांग की है कि प्रदेश के विद्यालयों में बढ़ती तकनीकी एवं डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता को देखते हुए कम्प्यूटर शिक्षकों के रिक्त पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि यदि अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी करते हुए नई व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया गया तो युवा मंच लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से व्यापक आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
इस अवसर पर अखिलेश वर्मा, बृजेश सिंह, शहजेव आलम, सुशोभित चौरसिया, सरजू कुमार सोनी, राजेंद्र वर्मा, कपिल देव वर्मा, अनिल कुमार सिंह, बृजेश पाण्डेय, गंगा प्रसाद सिंह, आरती सिंह, अनीता यादव, रिंकी चौहान, सुमन यादव, अर्चना कुशवाहा, नेहा सिंह, ममता पटेल, प्रियंका पांडे, जितेंद्र चतुर्वेदी, वीरेंद्र यादव, विपिन पाल, संदीप पाल सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
12 वर्षों में शिक्षा, नवाचार, डिजिटल एवं कौशल विकास में अभूतपूर्व उपलब्धि - प्रोफेसर सत्यकाम
प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुविवि में व्याख्यानमाला


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के सरस्वती परिसर स्थित तिलक शास्त्रार्थ सभागार में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के जनसेवा, सुशासन एवं राष्ट्र निर्माण के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  के के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार  व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।विश्वविद्यालय में दिनांक 11 जून से 21 जून, 2026 तक विभिन्न शैक्षिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन एक विशेष पर्व के रूप में किया जा रहा है।

इस श्रृंखला में कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने "राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 : शिक्षा जगत का एक क्रांतिकारी उद्घोष" विषय पर   प्रथम व्याख्यान देते हुए कहा कि विगत 12 वर्षों में भारत ने शिक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, डिजिटल सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने का एक दूरदर्शी दस्तावेज है, जो विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, नवाचार, अनुसंधान एवं नैतिक मूल्यों का समन्वित विकास सुनिश्चित करती है। कुलपति ने डिजिटल इंडिया अभियान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता,  मशीन लर्निंग, डिजिटल शिक्षण, ई-कंटेंट निर्माण, ऑनलाइन शिक्षा तथा तकनीक आधारित अधिगम के बढ़ते महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज भारत ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से अग्रसर है तथा शिक्षा संस्थानों की भूमिका इस परिवर्तन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के प्रसार तथा सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि के लिए मुक्त विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रभावी है। उन्होंने कहा कि "विकसित भारत-2047" के संकल्प को साकार करने में शिक्षा जगत की केंद्रीय भूमिका है। प्रत्येक शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी एवं नागरिक राष्ट्र निर्माण की इस महान यात्रा का सहभागी है। उन्होंने "मैं नहीं, हम" की भावना को विकसित भारत के निर्माण का मूल आधार बताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास, सहयोग, सहभागिता एवं सकारात्मक सोच से ही एक सशक्त राष्ट्र, सुदृढ़ समाज एवं उत्कृष्ट संस्थाओं का निर्माण संभव है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने उपस्थित जनसमुदाय का आह्वान किया कि वे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सशक्त बनाएं तथा "दिव्य भारत, भव्य भारत" एवं "विकसित भारत-2047" के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में सक्रिय योगदान दें।
नोडल अधिकारी प्रोफेसर संजय सिंह ने प्रारंभ में कुलपति, कुलसचिव एवं वित्त अधिकारी का स्वागत करते हुए विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री के विराट कृत्यों को रेखांकित करते हुए दिव्य भारत भव्य भारत की रूपरेखा  प्रस्तुत की। संचालन डॉ सुनील कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने किया। जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्र निर्माण, शिक्षा के उन्नयन तथा सामाजिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए आगामी 21 जून, 2026 तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। सम्पूर्ण वातावरण राष्ट्रभक्ति, प्रेरणा, सकारात्मक ऊर्जा एवं विकासोन्मुख चिंतन से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त विद्याशाखाओं के निदेशकगण, अधिकारीगण, शिक्षकगण, कर्मचारीगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय जुलाई से शुरू करेगा एआई एवं मशीन लर्निंग कौशल पाठ्यक्रम

मुक्त विश्वविद्यालय, आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के मध्य त्रिपक्षीय सहयोग पर विस्तृत चर्चा


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में मंगलवार को कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग कौशल विकास तथा उद्योग-आधारित तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय, ट्रांसन्यूरो आईबीएम तथा रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों के मध्य प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा, कौशल विकास,उद्योग- अकादमिक सहयोग, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, डिजिटल प्रौद्योगिकी तथा नवाचार आधारित पाठ्यक्रमों के विकास से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। तीनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान एवं भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम मेधा एवं मशीन लर्निंग विश्व स्तर पर शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, वित्त,प्रशासन तथा अनुसंधान के क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इन उभरती हुई तकनीकों से जोड़ना समय की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना भी है ।
प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि प्रस्तावित समझौते के अंतर्गत कृत्रिम मेधा (ए आई), मशीन लर्निंग (एम एल), डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल स्किल्स तथा उद्योगोन्मुख तकनीकी दक्षताओं से संबंधित अल्पकालिक एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी ।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सक्षम निकायों से अनुमोदन प्राप्त होने के उपरांत आगामी शैक्षिक सत्र जुलाई 2026 से इन कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ करने की योजना है । इन पाठ्यक्रमों में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण, स्नातक स्तर के विद्यार्थी तथा तकनीकी कौशल प्राप्त करने के इच्छुक अन्य शिक्षार्थी भी प्रवेश ले सकेंगे । विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को भी इन पाठ्यक्रमों का लाभ प्राप्त होगा ।
कुलपति ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय रोजगारपरक कौशल आधारित एवं उद्योग समर्थित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । यह पहल प्रदेश के हजारों युवाओं को उभरती तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी । बैठक में ट्रांसन्यूरो आईबीएम एवं रूट टू रूट्स के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान उद्योग अनुभव तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु विश्वविद्यालय के साथ दीर्घकालिक सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि यह त्रिपक्षीय सहयोग उच्च शिक्षा कौशल विकास एवं उद्योग जगत के मध्य एक सशक्त सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में दक्षता प्राप्त करने के साथ-साथ बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, शिक्षकों एवं दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की तथा प्रस्तावित सहयोग के विभिन्न आयामों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए ।
विश्व पर्यावरण दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण-अनुकूल शर्बत वितरण

प्रयागराज। विश्व पर्यावरण दिवस के क्रम में 6 जून को अथर्वन फाउंडेशन ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के सहयोग से भीषण गर्मी एवं उमस से राहत प्रदान करने हेतु शर्बत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।इस अवसर पर पूर्णतया स्वच्छता एवं स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए पर्यावरण-अनुकूल स्टील के गिलासों में शर्बत वितरण किया गया।यह पहल अथर्वन फाउंडेशन की सतत विकास की अवधारणा को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित की गई। वर्तमान समय में अनेक सामाजिक एवं धार्मिक संगठन गर्मी से राहत देने के लिए सड़कों पर शर्बत एवं शीतल पेय पदार्थ वितरित करते हैं, जो निस्संदेह एक अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय सेवा है। किंतु प्रायः इस सेवा में एकल-उपयोग प्लास्टिक के गिलासों का प्रयोग किया जाता है, जो पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करते हैं।अथर्वन फाउंडेशन का यह प्रयास इस सेवा भाव को पर्यावरण से जोड़ने और स्टील के गिलासों को उपलब्ध कराने की अनूठी पहल प्रारम्भ की है, ताकि शर्बत सेवा जैसे पुण्य कार्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज सेवा का भी आदर्श उदाहरण बन सकें।इस अवसर पर संस्था का उत्साहवर्धन हेतु राजापुर और सिविल लाइंस पार्षद भोला तिवारी और बबलू रघुवंशी की गरिमामयी उपस्थिति सहित इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की ओर से सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता उपस्थित रहे। अथर्वन फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष ब्रजेश मिश्रा, सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव, शैलेन्द्र सिंह सहित फाउंडेशन के अन्य सदस्य तथा एमएमए के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
चार लाशें, बंद मकान और रहस्यमयी संदेश! प्रयागराज हत्याकांड में 'बंटी-बबली' की एंट्री से उलझी जांच
प्रयागराज। शहर के साउथ मलाका इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। बंद मकान के भीतर कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी के खून से लथपथ शव मिलने के बाद अब घटनास्थल से मिला एक रहस्यमयी संदेश पुलिस जांच का केंद्र बन गया है। एक गत्ते पर लिखे शब्द— "बंटी बबली बहू ने मारा है"—ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है।

पुलिस को आशंका है कि यह संदेश असली सुराग भी हो सकता है और जांच को भटकाने की साजिश भी। यही वजह है कि फोरेंसिक विशेषज्ञ गत्ते पर लिखी लिखावट, फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रहे हैं।

बंद मकान में मिला था मौत का मंजर

साउथ मलाका के व्यस्त इलाके में स्थित मकान से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। जब पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पूरा दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। घर के अलग-अलग कमरों में 70 वर्षीय कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक के शव पड़े मिले। चारों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे साफ था कि हत्यारों ने बेहद बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया।

पुराना पारिवारिक विवाद जांच के घेरे में

जांच के दौरान पुलिस का ध्यान परिवार के छोटे बेटे अश्विनी और उसकी पत्नी रितु की ओर भी गया है। जानकारी के अनुसार, अश्विनी ने वर्षों पहले प्रेम विवाह किया था और बाद में पारिवारिक रिश्तों में तनाव बढ़ गया। बताया जा रहा है कि संपत्ति को लेकर मतभेद के चलते उसे परिवार से अलग कर दिया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अश्विनी और उसकी पत्नी पहले भी कथित धोखाधड़ी के मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी को इस हत्याकांड में आरोपी नहीं ठहराया है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

360 डिग्री कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस

वारदात स्थल के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरे जांच एजेंसियों के लिए अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस और एसओजी की टीमें घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात के समय कौन लोग इलाके में आए या गए थे।

इसके अलावा पुलिस स्थानीय दुकानदारों, किरायेदारों, पड़ोसियों, दूध सप्लाई करने वालों और अखबार वितरकों से भी पूछताछ कर रही है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि वारदात से पहले किसी संदिग्ध गतिविधि को किसी ने देखा था या नहीं।

संपत्ति, रंजिश या लूट? कई एंगल पर जांच

करीब 200 वर्ग गज में बने इस मकान के भूतल पर कई दुकानें हैं, जिनसे हर महीने अच्छी-खासी किराये की आय होती थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हाल के दिनों में कुछ दुकानों की बिक्री और संपत्ति से जुड़े लेन-देन का इस हत्याकांड से कोई संबंध तो नहीं है।

फिलहाल पुलिस किसी एक निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही हत्याकांड की असली वजह सामने आ सकेगी।

चार हत्याओं और रहस्यमयी संदेश ने प्रयागराज को झकझोर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे कौन है और "बंटी-बबली" वाला संदेश सच है या महज एक भटकाने वाली चाल।